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आबकारी कर्मी से मारपीट के आरोपी गिरफ्तार
27-Oct-2021 4:06 PM (76)
आबकारी कर्मी से मारपीट के आरोपी गिरफ्तार

 

  कर्मचारी संघ नाराज, साहू समाज भी विरोध में उतरा   

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 27 अक्टूबर।
महासमुंद में आबकारी कर्मचारी लीलाराम साहू से दफ्तर में घुसकर मारपीट  करने वाले विधायक के करीबी दो समर्थकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घायल कर्मचारी लीलाराम का रायपुर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस घटना का कर्मचारी संगठनों ने  कड़ा विरोध किया है। आज दोपहर तहसील साहू संघ व तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने कलेक्टोरेट में कार्रवाई की मांग को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है।

तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विजय कुमार झा ने कहा कि विधायक बृहस्पत सिंह द्वारा पहले अधिकारी-कर्मचारियों के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। फिर नारायणपुर एसपी द्वारा ड्राइवर की पिटाई की घटना सार्वजनिक हुई है। उन्होंने कहा कि अब आबकारी कर्मचारी के साथ मारपीट हुई है।

कर्मचारी नेता ने कहा कि जनप्रतिनिधि सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के साथ मारपीट पर उतारू हैं। उन्होंने कहा कि महासमुंद पुलिस रात्रि 8 बजे तक एफआईआर दर्ज नहीं की थी। उन्होंने कहा कि घटना का महासमुंद, और रायपुर में इसका विरोध किया जाएगा। महासमुंद कोतवाली में कल आबकारी विभाग में पदस्थ लीलाराम साहू से दफ्तर में घुसकर मारपीट मामले में निरीक्षक शेर सिंह बांदे ने विधायक समर्थक बबलू हरपाल और दीपक ठाकुर पर अप क्रमांक 401-21, धारा 294, 325, 353, 506-34 भादवि के तहत मामला दर्ज किया है।

शहर में कल दिन भर इसी विषय पर जगह-जगह चर्चा होती रही और आज सुबह भी इसी घटना को लेकर चौक-चौराहों पर चर्चा जारी है। हालांकि शहर में चर्चा है कि विधायक की उपस्थिति में और उन्हीं के इशारे पर इस घटना को अंजाम दिया गया है।  विधायक विनोद चंद्राकर ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि यह सच है कि घटना के वक्त मैं वहां पहुंचा। वहां उपस्थित सभी गवाह हैं कि मैंने बीच बचाव किया। जबकि इस घटना से मेरा कोई संबंध नहीं है। उनका पहले से कोई आपसी विवाद रहा होगा।

बहरहाल आबकारी विभाग के तमाम कर्मचारी अधिकारी अन्य दिनों की तरह ही काम पर दफ्तर पहुंच रहे हैं। घटना को लेकर कर्मचारियों में आंदोलन वगैरह की स्थिति नहीं बनी है। इस घटना को लेकर न तो कलेक्टर फोन उठा उठा रहे हैं, न आबकारी अधिकारी ही कुछ क ह रहे हैं, न एसपी, न डीएसपी, न थानेदार। सभी मौन हैं। एक खबर मिली है कि मुलाहिजा के दौरान प्रार्थी के माथे पर गंभीर चोट को देखते हुए जिला अस्पताल महासमुंद ने उसे रायपुर अस्पताल भेज दिया। इस वक्त रायपुर के एक अस्पताल में उसका इलाज जारी है।    

चर्चा है कि घटना के बाद मौके पर मौजूद सहायक जिला आबकारी अधिकारी रविकांत जायसवाल और सहायक आयुक्त आबकारी विजय सेन शर्मा मौके पर पहुंचे। इसके बाद हमला करने वाले लोगों से कर्मचारी को बचाया गया। घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेघा टेंभुरकर को मामले की जानकारी दी गई। उन्होंने मुलाहिजा के लिए प्रार्थी को जिला अस्पताल भेजा और गंभीर चोट को देखते हुए लीलाराम को रायपुर रेफ र कर दिया गया है। इस मामले को लेकर आबकारी विभाग के किसी भी अफसर का अब तक कोई बयान सामने नहीं आया है। मामले को लेकर असिस्टेंट कमिश्नर आबकारी विजय सेन शर्मा भी मोबाइल नहीं उठा रहे हैं।

कांग्रेस नेता सरकारी विभागों में दहशतगर्दी फैला रहे-प्रकाश
इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के अपने ही विधायक इन दिनों सरकारी विभागों में दहशतगर्दी मचाने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण है कि विधायक के समर्थक दिनदहाड़े आबकारी विभाग के दफ्तर में एक निजी कर्मचारी को विधायक समर्थक के द्वारा बेदर्दी से पीटा जा रहा था और विधायक समर्थक इस पूरी घटना को मूकदर्शक बनकर देख रहे हैं। कांग्रेसी आम जनता व अफसरों में दहशत फैला कर क्या संदेश देना चाहते हैं?

कर्मचारी की पिटाई शर्मनाक-रूपकुमारी
भारतीय जनता पार्टी की जिलाध्यक्ष व पूर्व संसदीय सचिव रूपकुमारी चौधरी ने जिला मुख्यालय स्थित आबकारी विभाग के परिसर में कतिपय तत्वों द्वारा तीन विभागीय कर्मचारियों के साथ की गई मारपीट की घटना को लज्जाजनक और सत्तावादी अहंकार का परिचायक बताया है। उन्होंने कहा कि शराब और नशे के गोरखधंधे से जुड़े बताए गए आरोपियों ने कांग्रेस के एक प्रमुख जनप्रतिनिधि की मौजूदगी में इस घटना को अंजाम देकर यह आईने की तरह साफ कर दिया है कि सत्ता के मद में चूर कांग्रेस के लोग सत्ता के संरक्षण में अपनी सारी हदें लांघकर शर्मनाक आचरण का सिलसिला चलाए हुए हैं।

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