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चेतावनी: iPhone यूजर कब क्या करते हैं, सब जानता है फेसबुक! बचना मुश्किल
27-Oct-2021 4:20 PM (69)
चेतावनी: iPhone यूजर कब क्या करते हैं, सब जानता है फेसबुक! बचना मुश्किल

नई दिल्ली. यदि आपको पता चले कि फेसबुक हर समय आपके फोन के इस्तेमाल किए जाने के तरीके समेत आपकी लोकेशन को भी ट्रैक कर रहा है तो आपको कैसा लगेगा? और तो और यदि आपने अपनी लोकेशन का एक्सेस नहीं भी देते हैं, तब भी फेसबुक आपकी एकदम सही लोकेशन का अनुमान लगा सकता है. इतना ही नहीं, इसके बाद आपके पैटर्न को पढ़ने के बाद आपको उसी वाइव्रेशन पैटर्न से मेल खाने वाले यूजर्स के ग्रुप में डाल सकता है. जाहिर है, ये जानकर आप खुश नहीं होंगे. ये तमाम जानकारियां एक्सेलेरोमीटर के माध्मय से रिकॉर्ड की जाती हैं.

ऐसा कहना है साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर तलाल हज बेकरी और टॉमी माइस्क का. रिसर्चर ने फोर्ब्स को दिए एक बयान में iPhone यूजर्स के लिए ये चौंकाने वाली बातें कही हैं. कहा गया है कि अभी के लिए तो फेसबुक द्वारा एक्सेलेरोमीटर ट्रैकिंग को बंद करने का कोई तरीका नहीं है. हालांकि एक तरीका ये जरूर हो सकता है कि आप ऐप को डिलीट करके फेसबुक की जासूसी को फिलहाल के लिए रोक सकते हैं.

कैसे काम करता है एक्सेलेरोमीटर?
बता दें कि एक्सेलेरोमीटर आपकी गतिविधियों के आधार पर आपके लोकेशन डेटा को रिकॉर्ड करता है और इस तरह फेसबुक ट्रैक कर सकता है कि आप दिन के एक निश्चित समय में कहां हैं और कब हैं? इस तरह से फेसबुक आपके व्यवहार और आदतों का पता लगा सकता है.

डेटा की मदद से Facebook कथित तौर पर आपको अपने आस-पास के लोगों से भी जोड़ सकता है, फिर चाहें वो कोई अजनबी ही क्यों न हो. इतना ही नहीं, एक्सेलेरोमीटर डेटा कथित तौर पर फेसबुक को यह जानने में भी मदद कर सकता है कि क्या आप किसी ऐप का उपयोग करते हुए लेट रहे हैं, बैठे हैं या फिर चल-घूम रहे हैं.

iPhone यूजर्स के लिए चेतावनी
साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर तलाल हज बेकरी और टॉमी माइस्क ने फोर्ब्स को दिए एक बयान में ये चेतावनी दी है कि ‘फेसबुक हर समय एक्सेलेरोमीटर डेटा पढ़ता रहता है. यदि आप फेसबुक को अपनी लोकशन तक पहुंचने की अनुमति नहीं देते हैं, तब भी ऐप कभी भी आपकी सटीक लोकेशन का अनुमान लगा सकता है, जो आपको उसी वाइव्रेशन पैटर्न से मेल खाने वाले यूजर्स के साथ जोड़ सकता है, जो आपका फ़ोन एक्सेलेरोमीटर रिकॉर्ड करता है.

उन्होंने ये भी बताया कि यह समस्या फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप को प्रभावित करती है, हालांकि, वॉट्सऐप के साथ, इस सुविधा को डिसेबल करना संभव है. टॉमी माइस्क ने रिपोर्ट में यह भी कहा है कि उन्होंने टिकटॉक, वीचैट, आईमैसेज , टेलीग्राम और सिग्नल का भी टेस्ट किया और इसमें ये पाया कि वे उपयोगकर्ता की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए एक्सेलेरोमीटर का उपयोग नहीं करते हैं. (news18.com)

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