साहित्य/मीडिया

'कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ...' पढ़ें परवीन शाकिर के क्लासिक शेर
25-Nov-2021 12:43 PM (49)
'कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ...' पढ़ें परवीन शाकिर के क्लासिक शेर

Parveen Shakir Shayari: परवीन शाकिर का जन्म 24 नवंबर 1952 को कराची में हुआ था. उनका मूल स्थान बिहार का ज़िला दरभंगा में स्थित लहरियासराय है. उनके पिता शाकिर हुसैन साक़िब विभाजन के बाद कराची में रहने लगे थे. परवीन कम उम्र से ही शायरी करने लगी थीं. परवीन ने मैट्रिक रिज़विया गर्ल्स स्कूल कराची से और बी.ए सर सय्यद गर्ल्स कॉलेज से की. साल 1972 में उन्होंने कराची यूनीवर्सिटी से एम.ए इंग्लिश की डिग्री हासिल की. इसके बाग भाषा विज्ञान में भी एम.ए किया. बाद में उन्होंने अबदुल्लाह गर्ल्स कॉलेज कराची में बतौर टीचर पढ़ाया. परवीन महिला शायरों में अपने अनोखे लब-ओ-लहजे के लिए मशहूर रहीं. पढ़ें उनके लिखे कुछ मशहूर शेर 

हुस्न के समझने को उम्र चाहिए जानाँदो घड़ी की चाहत में लड़कियाँ नहीं खुलतीं.

चलने का हौसला नहीं रुकना मुहाल कर दियाइश्क़ के इस सफ़र ने तो मुझ को निढाल कर दिया.

कैसे कह दूँ कि मुझे छोड़ दिया है उस नेबात तो सच है मगर बात है रुस्वाई की.

अब तो इस राह से वो शख़्स गुज़रता भी नहींअब किस उम्मीद पे दरवाज़े से झाँके कोई.

कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ था तिरा ख़याल भीदिल को ख़ुशी के साथ साथ होता रहा मलाल भी.

वो तो ख़ुश-बू है हवाओं में बिखर जाएगामसअला फूल का है फूल किधर जाएगा.

(news18.com)

अन्य पोस्ट

Comments