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वाकई खतरनाक है 'ओमिक्रॉन'? अलर्ट करने वाली दक्षिण अफ्रीकी डॉक्टर ने बताई कैसी थी शुरुआती मरीजों की हालत
29-Nov-2021 8:54 AM (185)
वाकई खतरनाक है 'ओमिक्रॉन'? अलर्ट करने वाली दक्षिण अफ्रीकी डॉक्टर ने बताई कैसी थी शुरुआती मरीजों की हालत

प्रिटोरिया. कोरोना वायरस के ‘ओमिक्रॉन’ वेरिएंट को लेकर सावधान करने वाली दक्षिण अफ्रीका की एक डॉक्टर ने रविवार को कहा कि उसके दर्जनों मरीजों को इस नए वेरिएंट से संक्रमित होने का संदेह था, लेकिन उनमें केवल हल्के लक्षण ही दिखे और अस्पताल में भर्ती हुए बिना ही वे पूरी तरह से ठीक हो गए.

साउथ अफ्रीकन मेडिकल एसोसिएशन की अध्यक्ष एंजेलिक कोएत्ज़ी ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि उन्होंने पिछले 10 दिनों में लगभग 30 मरीजों को देखा है जिनकी कोविड-19 जांच रिपोर्ट पॉजिटिव थी, लेकिन उनमें बेहद अलग तरह लक्षण थे. उन्होंने कहा कि यह सब कुछ युवा रोगियों के लिए असामान्य था.

‘संदिग्ध मरीजों में थे हल्के लक्षण’
एंजेलिक कोएत्ज़ी ने कहा कि अधिकांश मरीज 40 वर्ष से कम आयु के पुरुष थे, जिनमें से केवल आधे से कम को ही टीका लगाया गया था. उन्होंने कहा, “उन्हें हल्की मांसपेशियों में दर्द, ‘गले पर खरोंच के निशान’ और सूखी खांसी भी थी. केवल कुछ का तापमान थोड़ा अधिक था. ये बहुत ही हल्के लक्षण थे, जो कि उन वेरिएंटेस से काफी अलग थे, जिनके संक्रमण से शरीर में अधिक गंभीर लक्षण नजर आते हैं.

‘ओमिक्रॉन’ को लेकर कोएत्ज़ी ने सबसे पहले किया था अलर्ट
कोएत्ज़ी ने ही सबसे पहले 18 नवबंर को उस वक्त स्वास्थ्य अधिकारियों को सावधान करते हुए एक “नैदानिक ​​​​तस्वीर के बारे में बताया जो डेल्टा वेरिएंट में फिट नहीं हो रही थी” जब उन्हें अपने 30 रोगियों में से पहले सात संदिग्ध मिले. उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीकी वैज्ञानिकों ने तब तक पहले ही नए वेरिएंट को जान लिया था, जिसे तब बी.1.1.529 के नाम से जाना जाता था, जिसकी घोषणा उन्होंने 25 नवंबर को की थी.

‘ओमिक्रॉन’ को बेहद खतरनाक बताने पर कोएत्ज़ी हैरान
कोएत्ज़ी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ‘ओमिक्रॉन’ को कई उत्परिवर्तन के साथ ‘बेहद खतरनाक वायरस वेरिएंट’ बता दिया गया था, जबकि इसके विषाणु को लेकर कोई जानकारी नहीं थी.

पहली बार 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका में हुई नए वेरिएंट की पहचान
वैज्ञानिकों का कहना है कि ‘ओमिक्रॉन’ वेरिएंट कई बार उत्परिवर्तन का नतीजा है. कोविड के अधिक संक्रामक स्वरूप बी.1.1.1.529 के बारे में पहली बार 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका की ओर से विश्व स्वास्थ्य संगठन को सूचित किया गया था. इसके बाद बोत्सवाना, बेल्जियम, हांगकांग, इजरायल, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क और नीदरलैंड में भी इसकी पहचान की गई है.

WHO ने ‘ओमिक्रॉन’ को बताया ‘चिंताजनक स्वरूप’
डब्ल्यूएचओ ने 26 नवंबर को इसे ‘चिंताजनक’ स्वरूप बताते हुए ओमिक्रॉन नाम दिया. ‘चिंताजनक स्वरूप’ डब्ल्यूएचओ की कोरोना वायरस के ज्यादा खतरनाक स्वरूपों की शीर्ष श्रेणी है. कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट को भी इसी श्रेणी में रखा गया था. (news18.com)

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