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विश्व पुस्तक मेले के मंच पर इस बार रहेगा 'नन्हें लेखकों' का बोलबाला
02-Dec-2021 4:00 PM (82)
विश्व पुस्तक मेले के मंच पर इस बार रहेगा 'नन्हें लेखकों' का बोलबाला

 

New Delhi World Book Fair 2022 News: ‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2022’ के आयोजन का काउंटडाउन शुरू हो गया है. 8 जनवरी, 2022 से दिल्ली के प्रगति मैदान में देश-दुनिया के साहित्यकार, प्रकाशक और पुस्तक प्रेमियों का ‘साहित्य-महाकुंभ’ शुरू होने जा रहा है. इस बार का पुस्तक मेला कई मायनों में बहुत खास है. ‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले’ का आयोजन सर्वप्रथम वर्ष 1972 में किया गया था और इस तरह 2022 में यह मेला अपनी 50 वर्षगांठ मनाएगा. इसके लिए मेले में एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी.

विश्व पुस्तक मेले का दूसरा आकर्षण चिल्ड्रंस ऑथर पवेलियन रहेगा. यह पवेलियन बाल लेखकों को समर्पित रहेगा.

पुस्तक मेला के आयोजन को लेकर हमने ‘विश्व पुस्तक मेला 2022’ के आयोजक ‘राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत’ के निदेशक युवराज मलिक से लंबी बातचीत की.

युवराज मलिकने बताया कि नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला का आयोजन नेशनल बुक ट्रस्ट करता है. पहला नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 18 मार्च से 4 अप्रैल, 1972 तक आयोजित किया गया था. तभी से यह मेला प्रगति मैदान में आयोजित किया जाता है. 2021 में कोरोना महामारी के चलते मेले का आयोजन वर्चुअल माध्यम से हुआ था.

पहले विश्व पुस्तक मेला के बारे में उन्होंने बताया कि पहली बार इस मेले में देश के विभिन्न क्षेत्रों से 200 प्रतिभागियों ने शिरकत की थी. कोलकाता पुस्तक मेले के बाद यह भारत का सबसे पुराना पुस्तक मेला है. पहले नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले का उद्घाटन भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति वीवी गिरी ने किया था.

पुस्तक मेले का खास आकर्षण
विश्व पुस्तक मेला अपने आयोजन का अर्धशतक पूरा कर रहा है. इस बार पुस्तक मेले के खास आकर्षण के सवाल पर एनबीटी के डायरेक्टर युवराज मलिक ने बताया कि पूरा देश आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है. इसलिए इस बार पुस्तक मेले की थीम भी आज़ादी का अमृत महोत्सव है. अमृत महोत्सव पर एक अलग से पवेलियन बनाया जाएगा. इस बार का अतिथि देश फ्रांस है.

बाल साहित्यकार पवेलियन 
अलगे वर्ष जनवरी में आयोजित होने वाले पुस्तक मेले का सबसे खास आकर्षण रहेगा चिल्ड्रंस ऑथर पवेलियन. युवराज मलिक ने बताया कि इस बार एनबीटी बाल लेखकों पर फोकस कर रहा है. देशभर से नन्हें लेखकों को आमंत्रित किया जा रहा है. उन्हें एक अलग मंच प्रदान किया जाएगा. इस मंच पर बाल साहित्य से जुड़ी गतिविधियां होंगी. नन्हें लेखकों की पुस्तकों का लोकार्पण किया जाएगा. बाल साहित्य पर चर्चाओं का आयोजन होगा. नन्हें लेखकों को सम्मानित भी किया जाएगा.

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साहित्य के प्रचार-प्रसार में पुस्तक मेले की भूमिका के प्रश्न पर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के निदेशक युवराज मलिक ने बताया कि पुस्तक मेले में क्षेत्रीय भाषाओं के प्रकाशकों को मंच मिलता है. एक ही प्लेटफॉर्म पर देश-विदेश के प्रकाशक जुटते हैं. भारतीय भाषाओं के साथ-साथ विदेशी साहित्य से भी लोगों को रू-ब-रू होने का मौका मिलता है.

डिजिटल होती दुनिया में किताबों के महत्व पर उन्होंने कहा कि नेशनल बुक ट्रस्ट ने हमेशा पुस्तक पढ़ने को बढ़ावा दिया है. प्रत्यक्ष किताबें पढ़ने वालों की संख्या अभी भी काफी है और निरतंर इसमें वृद्धि हो रही है.

युवराज मलिक कहते हैं कि किताबें ज्ञान का वो संग्रह हैं जो आप अपने पास हमेशा रख सकते हैं. उन्होंने बताया कि पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने के लिए एनबीटी रीडर्स क्लब मूवमेंट भी चलाता जाता है.

नए लेखकों को प्रोत्साहन
लेखन की दुनिया में ज्यादा से ज्यादा लोग आएं, इसके लिए एनबीटी ने प्रकाशन पाठ्यक्रम शुरू किया है. पुस्तक प्रकाशन से जुड़े कोर्स भी शुरू किए गए हैं. युवा योजना शुरू की गई है, जिसमे कई युवा लेखकों को मंच देने का काम किया जा रहा है.

नेशनल बुक ट्रस्ट की अन्य गतिविधियों के बारे में एनबीटी के निदेशक ने बताया कि एनबीटी विभिन्न गतिविधियों जैसे रीडिंग सेशन, कहानी सुनाना आदि का आयोजन करता रहता है. अलग-अलग भाषाओं में अनुवाद कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाता है. देशभर में अलग-अलग जगहों पर पुस्तक प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाता है.

युवराज मलिक कहते हैं ‘साहित्य प्रत्येक लेखक के लिए अभिव्यक्ति के रूप में कार्य करता है. साहित्य मानवता का प्रतिबिंब है और हमारे लिए एक-दूसरे को समझने का एक तरीका है. किताबें पढ़ने-पढ़ाने से शब्दावली और भाषा कौशल बढ़ाता है.’

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत 
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन स्वायत्त प्रकाशन समूह है. एनबीटी की स्थापना वर्ष 1957 में हुई थी. ट्रस्ट द्वारा अब तक 37,420 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित की जा चुकी हैं. 4350 अनुवाद प्रकाशित हो चुके हैं. एनबीटी द्वारा 58 भारतीय भाषाओं में पुस्तकें प्रकाशित की जाती हैं. इसके अलावा छह विदेशी भाषाओं में भी पुस्तकों का प्रकाशन होता है.

एनबीटी की मोबाइल प्रदर्शनी वैन भी हैं. ये चलती-फिरती लाइब्रेरी हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों में ये मोबाइल प्रदर्शनी वैन घूम-घूम कर साहित्य का प्रचार-प्रसार का काम करती हैं. इनमें लोग पुस्तकें देख व खरीद सकते हैं. पुस्तकों की खरीद पर आकर्षक छूट दी जाती है. (news18.com)

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