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विदेशी फंडिंग के मामले में PFI के खिलाफ ED ने केरल की चार ठिकानों पर मारा छापा
08-Dec-2021 12:06 PM (69)
विदेशी फंडिंग के मामले में PFI के खिलाफ ED ने केरल की चार ठिकानों पर मारा छापा

नई दिल्ली.  केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की स्टूडेंट विंग कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया के खिलाफ तफ्तीश के दौरान मिले कई इनपुट के आधार पर कार्रवाई को अंजाम देते हुए बुधवार सुबह सात बजे ही केरल के चार लोकेशन पर छापेमारी शुरू कर दी. छापेमारी के दौरान ED की टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और सबूतों को इकट्ठा किया. ED के केरल स्थित वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक पिछले काफी समय से ऐसे तीन से चार युवक जांच एजेंसी के रडार पर थे , जो विदेश में काम करते थे और वहां से लौटने के बाद उनके संपर्क के माध्यम द्वारा लाखों-करोड़ों रुपये इस संस्था को प्रदान करवाया गया. इनकी भूमिका बेहद संदिग्ध है ,लिहाजा उन युवकों से संबंधित इनपुट को खंगालने के बाद उन युवकों के विदेश से केरल में आने के बाद उस सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है.

PFI के खिलाफ कुछ महीने पहले ही ED ने लखनऊ में दायर किया था आरोपपत्र
ED के दिल्ली मुख्यालय में पीएफआई से संबंधित एक मामले को पिछले साल दर्ज किया गया था , उसके बाद उस मामले में ही तफ्तीश के दौरान यूपी में पीएफआई और उसकी स्टूडेंट विंग CFI से संबंधित इनपुट मिले थे ,जिसके बाद तमाम कार्रवाई शुरू हुई थी , फरवरी महीने में CFI से जुड़े आरोपपत्र लखनऊ स्थित ED की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में दायर की गई थी.ED के अधिकारियों के मुताबिक इस आरोपपत्र में पीएफआई और उसकी स्टूडेंट विंग कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया के पांच सदस्यों के बारे में विस्तार से उसके खिलाफ लगे आरोप और उससे जुड़ी तमाम सबूतों के बारे में जानकारी कोर्ट को दी गई थी.

आरोपपत्र के मुताबिक CFI के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अतिकुर रहमान, CFI के जनरल सेक्रेटरी मसूद अहमद, पत्रकार और PFI/CFI सदस्य सिद्धिकी कप्पन और मोहम्मद आलम इस मामले में आरोपी है. ED की तफ्तीश में जांचकर्ताओं को ये पता चला कि उन चारों को जो फंड के.ए.रऊफ शेरिफ के द्वारा मुहैया कराया गया था. के.ए.रऊफ शरीफ CFI के नेशनल जनरल सेक्रेटरी होने के साथ साथ पीएफआई के भी सदस्य हैं. जिसे इसी मसले में ED द्वारा पिछले साल 12 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था. ED के मुताबिक के.ए.रऊफ शेरिफ को उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब वो देश छोड़कर भागने की तैयारी में जुटा हुआ था.

राज्य सरकार के खिलाफ माहौल खराब करने की एक साजिश रची गई!
ED के अधिकारी के मुताबिक पीएफआई और उसकी सहयोगी संस्था CFI के सदस्यों को दिल्ली दंगा के वक्त करीब एक करोड़ 36 लाख रुपये प्रदान करने के बाद उससे ही CAA के मसले पर उस वक्त हो रहे विरोध प्रदर्शन , दिल्ली दंगा, उसके बाद हाथरस में साम्प्रदायिक तनाव सहित यूपी के अंदर राज्य सरकार के खिलाफ माहौल खराब करने की एक साजिश रची गई थी.

इसके साथ ही कोर्ट में दायर चार्जशीट के मुताबिक इस बात का भी जिक्र है की पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और उसकी सहयोगी संस्थाओं द्वारा विदेशों से खासतौर पर गल्फ कंट्री यानी खाड़ी के देशों से भारत देश के अंदर इस तरीके के देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए चंदा के नाम पर पैसे इकट्ठा किया गया. जिसकी विस्तार से अभी भी ED और एनआईए की टीम तफ्तीश कर रही है.

इस तफ्तीश के दौरान रेहाब इंडिया फाउंडेशन नाम की संस्था और उसके तमाम लेनदेन आज भी भारतीय जांच एजेंसियों के राडार पर है. जिसकी तफ्तीश करवाई जा रही है. जिसपे आरोप है कि एफसीआरए के उल्लंघन करके विदेश से पैसे मंगवाए गए और देश विरोधी गतिविधियों में उसका प्रयोग किया गया. (hindi.news18)
 

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