अंतरराष्ट्रीय

ब्रिटेन ने लंदन के सीवेज नमूनों में पोलियो वायरस का पता लगाया
23-Jun-2022 1:01 PM
ब्रिटेन ने लंदन के सीवेज नमूनों में पोलियो वायरस का पता लगाया

लंदन, 23 जून | ब्रिटेन में स्वास्थ्य अधिकारियों ने लंदन में सीवेज के नमूनों में पोलियो वायरस पाया है। यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (यूकेएचएसए) के अनुसार, लंदन बेकटन सीवेज ट्रीटमेंट वर्क्‍स से एकत्र किए गए सीवेज के नमूनों में पोलियोवायरस संभवत: किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा लंदन में आयात किया गया था जिसे हाल ही में वायरस के एक जीवित रूप के साथ विदेशों में टीका लगाया गया था।


वायरस का विकास जारी है और अब इसे 'वैक्सीन-ड्राइव्ड' पोलियोवायरस टाइप 2 (वीडीपीवी2) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह दुर्लभ अवसरों पर उन लोगों में गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है, जैसे कि लकवा, जिन्होंने पूरी से टीकाकरण नहीं करवाया है।

यूकेएचएसए ने कहा कि हालांकि, वायरस केवल सीवेज के नमूनों में पाया गया है और देश में पक्षाघात का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। 

इसमें कहा गया है कि यह स्थापित करने के लिए आगे की जांच चल रही है कि क्या कोई सामुदायिक प्रसारण हो रहा है।

फिर भी अधिकारियों ने कहा कि वैक्सीन-ड्राइव्ड पोलियोवायरस दुर्लभ है और समग्र रूप से जनता के लिए जोखिम बेहद कम है।

यूकेएचएसए में सलाहकार महामारी विशेषज्ञ वैनेसा सलीबा ने एक बयान में कहा, "वैक्सीन-ड्राइव्ड पोलियोवायरस में फैलने की क्षमता होती है, खासकर उन समुदायों में जहां टीके का सेवन कम होता है। दुर्लभ अवसरों पर यह उन लोगों में पक्षाघात का कारण बन सकता है, जिन्हें पूरी तरह से टीका नहीं लगाया गया है।"

उन्होंने लोगों से पोलियो के टीके के बारे में अप टू डेट रहने का भी आग्रह किया, खासकर छोटे बच्चों के माता-पिता, जो शायद टीकाकरण का अवसर चूक गए हैं।

फरवरी से मई के बीच लिए गए सीवेज के नमूनों में कई करीबी वायरस भी पाए गए।

2003 में यूके को पोलियो मुक्त घोषित किया गया था। यूके में अनुबंधित वाइल्ड पोलियो के अंतिम मामले की पुष्टि 1984 में हुई थी। (आईएएनएस)

अन्य पोस्ट

Comments

chhattisgarh news

cg news

english newspaper in raipur

hindi newspaper in raipur
hindi news