ताजा खबर

‘खराब चरित्र’ घोषित करने के खिलाफ आप विधायक की याचिका पर उच्च न्यायालय ने आदेश सुरक्षित रखा
07-Oct-2022 9:26 PM
‘खराब चरित्र’ घोषित करने के खिलाफ आप विधायक की याचिका पर उच्च न्यायालय ने आदेश सुरक्षित रखा

नयी दिल्ली, सात अक्टूबर। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को विधायक अमानतुल्ला खान की उस याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया, जिसमें दिल्ली पुलिस ने उन्हें ‘‘खराब चरित्र’’ वाला घोषित किया था। आप नेता का दावा है कि दिल्ली पुलिस का यह निर्णय दुर्भावनापूर्ण था और यांत्रिक ढंग से जारी किया गया था।

दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने दलील दी कि चुनौती के तहत निर्णय पर पहुंचने के लिए सक्षम अधिकारियों द्वारा उचित प्रक्रिया का पालन किया गया था और उनकी ओर से किसी भी दुर्भावना को साबित करने के लिए अदालत के सामने कोई ‘‘पर्याप्त सामग्री’’ नहीं रखी गई थी।

न्यायमूर्ति सुधीर कुमार जैन ने पक्षकारों की दलीलें सुनने के बाद कहा, ‘‘दलीलें सुनी गईं। फैसला सुरक्षित।’’ याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील एम सुफियान सिद्दीकी ने दावा किया कि अधिकारियों ने ‘‘बिल्कुल दुर्भावनापूर्ण तरीके से काम किया और वृतांत पत्र की प्रतिकृति, जो एक गोपनीय दस्तावेज है, को एक प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दल के प्रवक्ता द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया गया था। खान को बदनाम किया गया है।’’

उन्होंने दलील दी, ‘‘यह (वृतांत पत्र) आपकी (पुलिस की) निगरानी में था। यह एक सार्वजनिक दस्तावेज नहीं है। यह उनके द्वेषपूर्ण आचरण को साबित करता है। वे जांच (लीक मामले में) से क्यों कतरा रहे हैं?’’

उन्होंने कहा, ‘‘पूरा वृतांत पत्र सामग्री से रहित है।’’ खान के वकील ने कहा कि ऐसा निर्णय उस व्यक्ति के लिए ‘‘एहतियाती आदेश’’ होना चाहिए जो ‘‘आदतन अपराध का आदी’’ हो।

उन्होंने कहा, ‘‘कुल 18 मामले हैं (याचिकाकर्ता के खिलाफ)। इन 18 मामलों में से 14 में याचिकाकर्ता को बरी कर दिया गया है या आरोप मुक्त कर दिया गया है या मामलों को संयोजित कर दिया गया है। ये 14 मामले आधार नहीं बन सकते, शेष चार मामले विचाराधीन हैं।’’

दिल्ली पुलिस की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने दलील दी कि मामले में सक्षम अधिकारियों द्वारा लागू नियमों का विधिवत पालन किया गया था और रिकॉर्ड पर सामग्री तथा याचिका को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया था। अदालत ने कहा कि वह आदेश देने से पहले चुनौती के तहत फैसले से संबंधित आधिकारिक फाइल को पढ़ेगी।

इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने कहा था कि अनुमोदन प्राधिकारी द्वारा दर्ज किए गए कारण गोपनीय प्रकृति के हैं और याचिकाकर्ता के साथ साझा नहीं किए जा सकते। एक आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने इस साल की शुरुआत में खान को ‘खराब चरित्र’ वाला घोषित किया था। (भाषा)

अन्य पोस्ट

Comments

chhattisgarh news

cg news

english newspaper in raipur

hindi newspaper in raipur
hindi news