सेहत / फिटनेस

अब आधा कप जूस पीना भी हुआ जानलेवा, हो जाइए सावधान!

Posted Date : 31-Jan-2019



ज्यादा शुगर और कम पोषक तत्वों की वजह से पहले ही लोग पैकेटबंद जूस से दूरी बनाने लगे हैं लेकिन अब एक और वजह है जिसे जानकर शायद कोई भी पैरेंट्स अपने बच्चों को पैकेटबंद जूस पिलाए. पैकेटबंद जूस को लेकर हुई नई स्टडी में चिंताजनक खुलासे हुए हैं.
बुधवार को कंज्यूमर रिपोर्ट्स द्वारा जारी की गई स्टडी के मुताबिक, 45 ब्रैन्ड्स के जूस के परीक्षण में कैडमियम, इनऑर्गैनिक आर्सेनिक, मर्करी और लेड की मात्रा पाई गई. इनमें से आधे प्रोडक्ट्स में धातुओं की मात्रा चिंताजनक थी जबकि 7 प्रोडक्ट्स के जूस में भारी धातुओं की मात्रा इतनी ज्यादा थी कि अगर बच्चे दिन में आधा कप जूस भी पिएं तो उनकी सेहत को नुकसान पहुंच सकता है.
कंज्यूमर रिपोर्ट्स के चीफ साइंटिफिक ऑफिसर जेम्स डिकरसन ने बताया, हमने जिन खतरों की जांच की, वे सभी क्रोनिक एक्सपोजर की वजह से थे. चाहे आप वयस्क हो या बच्चे, बेहतर होगा कि आप रेडी टु ड्रिंक जूस की मात्रा में कमी करें और ताजे फलों का जूस पिएं.
डिकरसन ने कहा, अगर हम सच-सच कहें तो यह नामुमकिन है कि हम खाने-पीने की चीजों से भारी धातुओं को पूरी तरह निकाल सकें क्योंकि कुछ भारी धातुएं प्राकृतिक रूप से मौजूद होती हैं. खाने में जहरीले पदार्थ पानी, हवा और मिट्टी के जरिए पहुंच सकते हैं या फिर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स और प्रोडक्ट पैकेजिंग के वक्त अनजाने में भी हो प्रवेश कर सकते हैं. रिपोर्ट में कहा गया कि जूसों के परीक्षण में किसी एक धातु का होना चिंताजनक नहीं है लेकिन एक साथ कई धातुओं की मौजूदगी बच्चों के दिमाग के विकास और नर्वस सिस्टम पर बुरा असर डाल सकती है.
ऑर्गैनिक जूस या बच्चों के लिए खास तौर पर बनाए गए जूस भी अनिवार्य तौर पर सुरक्षित नहीं है. किसी भी जूस उत्पाद ने बहुत बेहतर प्रदर्शन नहीं किया. रिपोर्ट के मुताबिक, अंगूर जूस और मिक्स जूस में भारी धातुओं की सबसे ज्यादा मात्रा मौजूद होती है.
Minute Maid, R.W. Knudsen, Gerber, Welch’s, Mott’s और Juicy Juice के कई जूसों के एक कप या आधा कप के स्तर पर भी खतरनाक माना गया. हालांकि, इन्हीं कंपनियों के कुछ उत्पाद बेहतर विकल्प की सूची में शामिल किए गए.
Welch’s के एक वरिष्ठ अधिकारी जैकी ली ने कहा, वेल्क के सभी उत्पाद सुरक्षित है और कंपनी जूस के लिए निर्धारित किए गए सभी सुरक्षा नियमों का पालन बेहद कड़ाई से करती है. लेड और आर्सेनिक हवा, पानी और मिट्टी में मौजूद होते हैं इसलिए कई फलों और सब्जियों में थोड़ी मात्रा में पाए जाते हैं. हालिया परीक्षण में भारी धातुओं की जो मात्रा पाई गई है, वह फेडरल लिमिट से बहुत कम है.
असोसिएशन ने कहा, जूस उत्पादक सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता में रखते हैं और सभी FDA की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए उत्पाद बनाए जाते हैं. इसलिए उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया जा सकता है कि जूस का सेवन सुरक्षित है.
कंज्यूमर रिपोर्ट के मुताबिक, समस्या यही है कि FDA ने जूस में कैडमियम की तय सीमा प्रस्तावित ही नहीं की है. वहीं, सेब के जूस के लिए प्रस्तावित की जा रही इनऑर्गैनिक आर्सेनिक की मात्रा पर अभी तक अंतिम फैसला नहीं किया जा सका है. कंज्यूमर रिपोर्ट का यह भी कहना है कि FDA की गाइडलाइन में निर्धारित की गई लेड की मात्रा बहुत ज्यादा है.
FDA ने एक बयान में कहा कि वह कंज्यूमर रिपोर्ट के डेटा का स्वागत करती है और वह जहरीले पदार्थों को कम करने के प्रयास करने के लिए इसका रिव्यू करेगी. एंजेसी ने कहा, हम जानते हैं कि अभी खाद्य पदार्थों में विषैले तत्वों की संख्या कम करने की दिशा में बहुत से काम किए जाने हैं. बच्चे और शिशु हमारी प्राथमिकता में हैं क्योंकि उनकी सेहत पर इन जहरीले पदार्थों का सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ता है.
पिछले कई वर्षों में अमेरिका में जूस के सेवन में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है. जूस में ज्यादा शुगर होती है और इसमें ताजे फल में पाया जाने वाला लाभकारी फाइबर भी मौजूद नहीं होता है. (aajtak)




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