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पायलट और बैज हटेंगे? नए अध्यक्ष की तलाश शुरू
22-Jun-2024 5:55 PM
पायलट और बैज हटेंगे? नए अध्यक्ष की तलाश शुरू

  ‘छत्तीसगढ़’ की विशेष रिपोर्ट  

नई दिल्ली/रायपुर, 22 जून (‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता)। लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस हाईकमान ने छत्तीसगढ़ के प्रभारी, और अध्यक्ष को बदलने का फैसला ले लिया है। खबर है कि प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की जगह नए नाम की तलाश भी शुरू हो गई है। चर्चा है कि नया अध्यक्ष भी आदिवासी वर्ग से हो सकता है। 

कांग्रेस हाईकमान ने छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, और गुजरात समेत उन राज्यों के प्रभारी को बदलने का फैसला लिया है जहां हाल के चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत खराब रहा है। हार के कारणों का पता लगाने के लिए पार्टी ने कमेटी भी बनाई है। छत्तीसगढ़ की जांच कमेटी में कर्नाटक के पूर्व सीएम वीरप्पा मोइली, और राजस्थान के पूर्व मंत्री हरीश चौधरी हैं। 

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट को विधानसभा चुनाव में हार के बाद शैलजा की जगह कमान सौंपी गई थी। वो खुद छत्तीसगढ़ में काम करने के इच्छुक नहीं थे। अब जब छत्तीसगढ़ में पार्टी का प्रदर्शन खराब रहा है तो उनका हटना तय हो गया है। 

दूसरी तरफ, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की जगह नए अध्यक्ष की तलाश भी शुरू हो गई है। भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक पार्टी जब भी मुश्किल में रहती है, परंपरागत रूप से डॉ.चरणदास महंत का नाम उभरकर सामने आ जाता है। चर्चा है कि डॉ.महंत को टटोलने की कोशिश भी हुई है। कहा जा रहा है कि महंत ने एक तरह से अपनी अनिच्छा जाहिर की है, और कहा है कि वो अलग-अलग समय में छह बार प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। 

सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में सबसे ज्यादा आदिवासी आबादी को देखते हुए इसी वर्ग से अध्यक्ष बनाने पर विचार चल रहा है। बैज इसी वर्ग से आते हैं लेकिन विधानसभा चुनाव में हार के बाद से उन्हें हटाने की चर्चा चल रही है। भाजपा ने आदिवासी सीएम बनाया है तो कांग्रेस भी इसी वर्ग से अध्यक्ष बनाने पर विचार कर रही है। इनमें कई नामों की चर्चा चल रही है। राज्यसभा सदस्य फूलोदेवी नेताम का नाम प्रमुखता से उभरा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक खुद पूर्व सीएम भूपेश बघेल उनके पक्ष में हैं, और चर्चा है कि फूलोदेवी नेताम ने हाल के दिनों में पार्टी के कई राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात की है।

हालांकि फूलोदेवी खुद भी बहुत ज्यादा उत्सुक नहीं दिख रही हैं। इससे परे मानपुर-मोहला के विधायक इन्दर शाह मंडावी का नाम चर्चा में है। इन्दर शाह मंडावी दूसरी बार विधायक बने हैं, और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को सबसे ज्यादा 40 हजार की बढ़त उन्हीं के विधानसभा क्षेत्र से मिली थी। मंडावी आबकारी अधिकारी रह चुके हैं। 

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम का नाम भी चर्चा में है। इसके अलावा लखेश्वर बघेल, और सरगुजा से डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम सहित कई और आदिवासी नेताओं के नाम पर चर्चा हो रही है। आदिवासी नेताओं से परे खबर यह भी है कि पूर्व डिप्टी सीएम टी.एस.सिंहदेव भी प्रदेश अध्यक्ष बनने की दौड़ में हैं। हालांकि उन्होंने खुद होकर इच्छा जाहिर नहीं की है। चर्चा है कि पार्टी हाईकमान पूर्व सीएम भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरणदास महंत और पूर्व नेता प्रतिपक्ष टी.एस.सिंहदेव के बीच सहमति बनाकर अध्यक्ष बनाने की कोशिश भी कर रही है ताकि पार्टी में गुटबाजी खत्म हो। 

हारे हुए नेताओं से बात करेंगे मोइली
हार की जांच के लिए बनी वीरप्पा मोइली कमेटी जल्द ही प्रदेश दौरे पर आने वाली है। मोइली और सदस्य हरीश चौधरी लोकसभा और विधानसभा चुनाव हारे हुए नेताओं से अलग-अलग चर्चा भी करेंगे। 

कहा जा रहा है कि वीरप्पा मोइली कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही प्रदेश में प्रभारी और अध्यक्ष की नियुक्ति हो सकती है। 

विधानसभा चुनाव में हार के बाद से विस्तार से चर्चा नहीं हो पाई है। हारे हुए नेता पार्टी के कई नेताओं पर भीतरघात का आरोप लगा चुके हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि हारे हुए नेता मोइली कमेटी के आगे अपनी बात रख सकते हैं। 

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