विशेष रिपोर्ट

 रामचंद्रपुर विखं ओडीएफ घोषित पर ऐसा कोई गांव नहीं जहां शौचालय पूर्ण हो
रामचंद्रपुर विखं ओडीएफ घोषित पर ऐसा कोई गांव नहीं जहां शौचालय पूर्ण हो
Date : 28-Apr-2019

कई बार हो चुकी है शिकायत, कार्रवाई शून्य

रामानुजगंज, 28 अप्रैल। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत रामचंद्रपुर विकासखंड में 22 करोड़ 85 लाख 85 हजार रुपए खर्च कर 24 हजार 792 शौचालय बनाए गए हैं।जिले के विकासखंड को गत 29 सितंबर 2017 को ओडीएफ घोषित किया गया है परंतु जमीनी हकीकत इससे परे है। विकासखंड के 82 ग्राम पंचायतों में ऐसा कोई ग्राम पंचायत नहीं है जो खुले में शौचमुक्त हो। अभी भी हजारों शौचालय अपूर्ण है वहीं बने शौचालयों के अधिकांश दरवाजे टूट गए। वहीं कईयों के छप्पर भी उजड़ गए हैं।स्थिति ऐसी है कि शौचालयों के लिए बने ढक्कन आज भी गांव गांव में सैकड़ों की संख्या में जहां तहां पड़े हुए हैं जो ओडीएफ घोषित होने के डेढ़ वर्ष बाद भी नहीं लग पाए है। रामचंद्रपुर विकासखंड में शौचालय निर्माण में बरती गई अनियमितता एवं फर्जीवाड़े की शिकायत कई बार उच्च अधिकारियों एवं मुख्यमंत्री तक की गई  है।                                     
गौरतलब है कि रामचंद्रपुर विकासखंड के 82 ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत शौचालय का निर्माण कराया गया जिसमें 12 ग्राम पंचायतों में 12 हजार प्रति शौचालय राशि भुगतान की गई।ग्राम पंचायत विजयनगर,चेरा, सुंदरपुर,जामवंतपुर, कमलपुर, मेघुली,सलवाही,मरमा,डिंडो,बगरा है। विकासखंड के करीब-करीब सभी ग्राम पंचायतों में प्रशासन के दबाव में तो ओडीएफ घोषित कर दिया गया परंतु स्थिति यह है कि कोई भी ऐसा ग्राम पंचायत नहीं है जो पूर्णत: खुले में शौच मुक्त हो। ओडीएफ ग्राम पंचायत के नाम से पूरे विकासखंड में शासकीय रुपयों का बंदरबांट किए जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। हजारों ऐसे हितग्राही हैं जिनके नाम से तो शौचालय कागजों में पूर्ण कर लिया गया परंतु आज भी उनके शौचालय पूर्ण नहीं हो पाए हैं। विकासखंड का ऐसा कोई भी गांव नहीं होगा जहां से शौचालयों में हुए अनियमितता की शिकायत उच्च अधिकारियों से नहीं की गई हो परंतु आज तक किसी भी ग्राम पंचायत में इसकी जांच नहीं हो पाई है।                            
भूपेश बघेल ने जांच कराने की कही थी बात 
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विधानसभा चुनाव के पूर्व रामानुजगंज के लरंग साय कम्युनिटी हॉल में कांग्रेस के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे तब इनके सामने कई ग्राम पंचायतों के लोगों द्वारा शौचालयों में हुए अनियमितता की शिकायत की थी। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने पर शौचालयों में हुई गड़बड़ी की जांच की बात मंच से भूपेश बघेल द्वारा कही गई थी।                                                                  
टीएस सिंह देव ने भी कहा था जांच कराएंगे- पंचायत मंत्री टीएस सिंह देव भी विधानसभा चुनाव के पूर्व ग्राम पंचायत महावीरगंज में कांग्रेसी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे तब उनके सामने भी शौचालय निर्माण में हुए अनियमितता की शिकायत हुई थी तो उन्होंने कहा था कि यदि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनती है तो हम इसकी जांच अवश्य कराएंगे।                         

 जांच ठंडे बस्ते में डाला
रामचंद्रपुर विकासखंड में शौचालय निर्माण के नाम पर हुए फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद जनपद सीईओ द्वारा जांच कमेटी गठित की गई थी परंतु उक्त जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।                                       

 मनरेगा पीओ ने दिया इस्तीफा 
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत हुए शौचालय निर्माण में बड़ी फर्जीवाड़े के उच्च स्तरीय जांच की सुगबुगाहट के बीच तत्कालिक मनरेगा पीओ द्वारा व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया गया है। विकासखंड में अभी भी हजारों शौचालय अपूर्ण हैं उन्हें कब पूर्ण किया जाएगा यह भी एक बड़ा प्रश्न बना हुआ है।

Related Post

Comments