सेहत / फिटनेस

हर्बल दवाओं और बॉडी बनाने वाले प्रोटीन से जा सकती है जान!

Posted Date : 06-May-2019



कई बार ओरिजनल कंपाउंड की दावा न होने पर मेडिकल स्टोर वाले अल्टरनेटिव मेडिसिन और हर्बल दवाओं के सेवन की सलाह देते हैं. लोग बचत करने और साइड इफेक्ट  से बचने के लिए बिना सोचे-समझे और सलाह लिए इन दवाओं का अंधाधुन्द प्रयोग करने लगते हैं. लेकिन डॉक्टर्स का मानना है कि बिना परामर्श के इन दवाओं का सेवन सेहत के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है. साथ ही प्रोटीन सप्लिमेंट्स और ट्यूबरक्यूलोसिस के दौरान शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए इस्तेमाल की गईं हर्बल दवाएं लिवर के लिए घातक साबित हो सकती हैं. अगर आपको लिवर से संबधित कोई बीमारी न रही हो तब भी इस दवाओं के सेवन से पहले आपको डॉक्टर से परामर्श ले लेना चाहिए.

डॉक्टर्स का कहना है कि अगर आप लंबे समय से किसी दवा का इलाज कर रहे हैं तो आपको इसे लेकर सावधान रहना चाहिए. ज्यादातर लिवर ही इन मेडिसिन को कॉन्सनट्रेट करने और इन्हें पचाने का काम करता है. इसलिए अगर ये दवाएं नुक्सान पहुंचाती हैं तो सबसे पहले लिवर पर ही असर प?ता है. ऐसी दवाओं का सेवन करने वाले मरीजों को रोज अपना हेल्थ चेकअप कराते रहना चाहिए. शोध में इस बात का खुलासा हुआ था कि अगर इन दवाओं का  साइड इफेक्ट  होता है तो लिवर ही पहले प्रभावित होता है.
हालांकि इस समस्या के लिए ऐल्कॉहॉल और हेपेटाइटिस, क्च या श्व के वायरस भी जिम्मेदार हो सकते हैं. लेकिन शोध में यह बात सामने आई कि जिन लोगों की लिवर फेल होने से मौत हुई थी उनमें से 46.5 प्रतिशत दवाओं की वजह से ही बीमार थे .
इस सिलसिले में इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर ऐंड बाइलरी साइंसेज के डायरेक्टर डॉक्टर सरीन ने जानकारी दी कि हर सप्ताह उनके पास ऐसे एक या दो मरीज आते हैं जिन्हें गलत दवा के सेवन की वजह से लिवर फेल होने की शिकायत रहती है. उनके मुताबिक, अधिकतर ऐसे मामले सामने आए हैं जब लिवर फेल होने के पीछे हर्बल दवाएं जिम्मेदार थीं, इसके बाद ऐंटी-टीबी मेडिसिन, बॉडी बिल्डिंग प्रोटीन सप्लिमेंट्स, पेनकिलर्स और ऐंटीबायॉटिक्स दवाएं हैं.

--------------




Related Post

Comments