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'बजट लाल कपड़े में बंधा था, यानी इसमें बैंकों का खास ख्याल रखा गया है, खासकर हिंदू वोट बैंक का'
'बजट लाल कपड़े में बंधा था, यानी इसमें बैंकों का खास ख्याल रखा गया है, खासकर हिंदू वोट बैंक का'
Date : 06-Jul-2019

आज मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश हुआ है और सोशल मीडिया पर इसकी दोपहर से ही सबसे ज्यादा चर्चा है। इसके चलते ट्विटर पर बजट 2019 लगातार टॉप ट्रेंडिंग टॉपिक में बना हुआ है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने जो भी खास बजट प्रस्ताव संसद में पेश किए, सोशल मीडिया में ज्यादातर पर सरकार समर्थक और विरोधी पक्षों के बीच बहस देखी जा रही है। अगर आयकर में आंशिक राहत को छोड़ दें तो फेसबुक और ट्विटर पर मध्यवर्ग के ज्यादातर लोगों ने इस बजट को निराशाजनक बताया है।

इस बीच आज यहां बजट भाषण से इतर बजट दस्तावेजों के 'कवर' ने भी काफी सुर्खियां बटोरी हैं। अब से पहले वित्तमंत्री अमूमन बजट दस्तावेज ब्रीफकेस में संसद लाते रहे हैं। लेकिन आज निर्मला सीतारमण बही-खाते वाले लाल कपड़े में बांधकर ये दस्तावेज लाई थीं। इस हवाले से मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने कहा है कि यह भारतीय परंपरा का हिस्सा है और पश्चिमी विचारों की गुलामी से निकलने का प्रतीक है। सोशल मीडिया में जहां एक तरफ लोगों ने इस 'बदलाव' का समर्थन किया है, वहीं एक बड़े तबके ने इसको लेकर एक से बढ़कर एक मजेदार टिप्पणियां की हैं और सरकार पर तंज भी कसे हैं। ऐसी ही कुछ प्रतिक्रियाएं :
द मंक...- एक छोटी सी जानकारी - मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन शिकागो यूनिवर्सिटी में पढ़े हैं। निर्मला सीतारमण की बेटी ने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से मास्टर की डिग्री हासिल की है... पश्चिमी विचारों की गुलामी से निकलने के लिए अभी बहुत कुछ बचा है!
पन्स्टर- निर्मला सीतारमण ब्रीफेकेस के बजाय लाल रंग के कपड़े की चार तहों के बीच बजट भाषण को ले गई थीं। यानी साफ है कि बजट में बैंकों के लिए बहुत कुछ है, खासकर हिंदू वोट बैंक के लिए।
उमाशंकर सिंह- जिस देश में आर्यभट जैसे गणितज्ञ पैदा हुए उस देश की सरकार ने अपने 'बही-खाते' में 'पांच ट्रिलियन डॉलर' के बजाय उसे रुपये में बदलकर और उसमें लगने वाले शून्यों को गिनकर बताने तक की जरूरत नहीं समझी! ये आर्यभट का अपमान हुआ...
कीर्तीश भट्ट- मोदी जी 70 साल से पेश हो रहे 'बजट' की 'हिंदी (बही-खाता)' करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने।
दीपांकर पटेल- ब्रीफकेस गुलामी का प्रतीक है! और अंग्रेजी?
रिटायर्ड वसूली भाई- यह कहना बंद कीजिए कि मध्यवर्ग, जिसने भाजपा को वोट दिया उसे इस बार के बजट में कुछ नहीं मिला। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से उनको तारीफ (वित्तमंत्री ने बजट पेश करते हुए आयकरदाताओं को धन्यवाद दिया था) तो मिली है! (सत्याग्रह)

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