विशेष रिपोर्ट

राजनांदगांव, दो नेताओं पर कार्रवाई से भाजपा सकते में डेढ़ दशक सत्ता में रहे नेता अब शासन के निशाने पर
राजनांदगांव, दो नेताओं पर कार्रवाई से भाजपा सकते में डेढ़ दशक सत्ता में रहे नेता अब शासन के निशाने पर
Date : 15-Jul-2019

दो नेताओं पर कार्रवाई से भाजपा सकते में डेढ़ दशक सत्ता में रहे नेता अब शासन के निशाने पर

राजनांदगांव, 15 जुलाई (छत्तीसगढ़)। हाल ही में राजनांदगांव जिले में राज्य सरकार ने कथित गड़बडिय़ों का हवाला देकर दो भाजपा नेताओं के खिलाफ सख्त कदम उठाकर भाजपा में खलबली पैदा कर दी है। बताया जाता है कि राज्य सरकार के पास भाजपा नेताओं की कारगुजारियों का पुलिंदा है। लिहाजा सरकार के पास कार्रवाई के लिए पुख्ता आधार है। 

राजनांदगांव जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष सचिन बघेल को निलंबित कर सरकार ने कार्रवाई का आगाज किया है। भाजपा के कोषाध्यक्ष सौरभ कोठारी दूसरे भाजपा नेता हैं। जिनके प्रतिष्ठान पर नियम विरूद्ध कृषि उत्पाद की बिक्री किए जाने का आरोप है। राज्य सरकार ने कोठारी के गोदाम और दुकानों को सील कर दिया है। 

बताया जाता है कि भाजपा नेताओं के कथित आर्थिक कारनामों को लेकर सरकार के पास कई अहम दस्तावेज हैं। बताया जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में जिला भाजपा से जुड़े एक प्रमुख नेता पर भी शिकंजा कसा जा सकता है। यह पहला मौका है जब राज्य में सत्तासीन होने के बाद कांग्रेस ने जिला स्तर के भाजपा नेताओं को निशाने में रखा है। सिलसिलेवार हो रही कार्रवाई के बाद कई भाजपा नेता अपने ऊपर कार्रवाई की आशंका मात्र से हड़बड़ाए हुए हैं। बताया जाता है कि सरकार के मिजाज को भांपते हुए कुछ नेताओं ने प्रदेश संगठन से भी मदद के लिए गुहार लगाई है। 

सचिन बघेल और कोठारी से पहले राज्य सरकार ने जिले के ही पूर्व विधायक रामजी भारती को अनुसूचित जाति आयोग पद से हटाने का फरमान जारी किया था। हाईकोर्ट से स्थगन मिलने के बाद भारती अपने पद को बचाने में कामयाब रहे। जबकि बघेल को जवाब देने के लिए 15 दिन की मोहलत मिली है। कोठारी के निजी प्रतिष्ठान में सील लगाकर सरकार ने सीधे उनके कारोबार को एक तरह से चौपट किया है। बताया जाता है कि कोठारी के दुकान में कार्रवाई करने के लिए राज्य कृषि विभाग के अफसरों ने दबिश दी थी। इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य सरकार भाजपा नेताओं के साथ किसी भी तरह की ढील देने के पक्ष में नहीं है। 

उधर दोनों भाजपा नेताओं पर हुए कार्रवाई पर संगठन में ही मतभेद है। विरोधी खेमे में इस कार्रवाई से खुशी की लहर है। भाजपा के कुछ असंतुष्ट नेताओं ने पूरे मामले में राज्य सरकार की कार्रवाई का दबे स्वर स्वागत किया है। माना जा रहा है कि सत्ता में काबिज रहे ऐसे नेताओं को उनके ही संगठन से समर्थन नहीं है। फिलहाल बघेल और कोठारी पर हुई सरकार की सख्ती ने दूसरे भाजपा नेताओं की नींद उड़ा दी है।

बाक्स में ... कृषि विभाग के एक अफसर पर टेड़ी हुई सरकार की नजर
भाजपा कोषाध्यक्ष सौरभ कोठारी के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई के बाद अब कृषि विभाग के एक अफसर की भाजपा नेताओं के साथ बने रिश्तों की भी जांच हो रही है। बताया जा रहा है कि उक्त अफसर ने कृषि उत्पाद में गोपनीय साझेदार बनकर कृषि केंद्रों के संचालकों के साथ लंबी कमाई की है। चर्चा है कि किसानों को मिलने वाली सब्सिडी में भी उक्त अफसर ने खुलकर घालमेल किया है। बताया जा रहा है कि किसानों को कीटनाशक दवाईयों एवं अन्य कृषि दवाओं पर मिलने वाली सब्सिडी को भाजपा नेताओं के साथ मिलकर हजम कर लिया है। बात यह भी है कि किसान आमतौर पर सामान खरीदी के बाद बिल नहीं मांगते हैं। इसी की आड़ में उक्त अफसर ने  सब्सिडी दर्शाते हुए दुकानदारों के साथ अपनी जेब भरी है। यह खबर राज्य सरकार के कानों तक पहुंच गई है। माना जा रहा है कि सब्सिडी में हुए घोटाले की जांच भी हो सकती है। भाजपा सरकार में उक्त अफसर का राजनांदगांव जिले में कार्यकाल लंबा रहा है। समझा जाता है कि सरकार विभागीय जांच के अलावा उक्त अफसर को राजनांदगांव जिले से बाहर का रास्ता दिखा सकती है।

 

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