राजनीति

येदियुरप्पा फिर बने कर्नाटक किंग चौथी बार ली सीएम की शपथ
येदियुरप्पा फिर बने कर्नाटक किंग चौथी बार ली सीएम की शपथ
Date : 26-Jul-2019

नई दिल्ली, 26 जुलाई। कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस की गठबंधन सरकार गिरने के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा एक बार फिर राज्य के मुख्यमंत्री बन गए हैं। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष येदियुरप्पा को राज्यपाल वजुभाई वाला ने मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। हालांकि बीएस येदियुरप्पा के मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होगा, यह अभी साफ नहीं हो पाया है। बीएस येदियुरप्पा  ने कहा कि मंत्रिमंडल में किसे शामिल किया जाएगा, इसके बारे में मैं हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष से चर्चा करुंगा और उन्हें सूचित करुंगा। इससे पहले येदियुरप्पा ने सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राज्यपाल से मुलाकात की थी और उनसे आज ही पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा था कि चूंकि वह पहले ही विपक्ष के नेता हैं तो नेता चुनने के लिए विधायक दल की बैठक बुलाने की जरुरत है।  
बीएस येदियुरप्पा मंगलवार को शक्ति परीक्षण के बाद कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन सरकार गिरने के बाद सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए पार्टी आलाकमान के निर्देशों का इंतजार कर रहे थे। जगदीश शेट्टार, अरविंद लिम्बावली, जे सी मधुस्वामी, बासवराज बोम्मई और येदियुरप्पा के बेटी वियजेंद्र समेत कर्नाटक भाजपा नेताओं के एक समूह ने बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली में पार्टी प्रमुख अमित शाह से मुलाकात की और सरकार गठन पर चर्चा की थी। दरअसल, कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली 14 महीने पुरानी कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार विधानसभा में विश्वास मत हारने के बाद मंगलवार को गिर गई थी। इसी के साथ राज्य में तीन सप्ताह से चल रहे सत्ता संघर्ष पर विराम लग गया। 
पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 222 सीटों में से 104 सीटों पर कब्जा जमाया था। सबसे बड़ी पार्टी बनते ही बीजेपी की ओर से शपथ ग्रहण की घोषणा कर दी गई। बीएस येदियुरप्पा बीजेपी विधायक दल के नेता चुने गए। 16 मई 2018 को बीजेपी ने कहा कि 17 मई की सुबह 9.30 बजे मुख्यमंत्री के रूप में बीएस येदियुरप्पा शपथ लेंगे। हालांकि कांग्रेस और जेडीएस शपथ ग्रहण को रोकने की अर्जी के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, लेकिन कोर्ट ने शपथ ग्रहण रोकने से इनकार कर दिया। इसके बाद येदियुरप्पा ने सीएम पद की शपथ ली। इसके बाद 19 मई को फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले ही येदियुरप्पा ने इस्तीफा दे दिया था।  
गौरतलब है कि कुमारस्वामी द्वारा पेश विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 99 और विरोध में 105 मत पड़े थे।  इस तरह कुमारस्वामी सरकार के विश्वासमत हारने के बाद तीन सप्ताह से चले आ रहे सियासी नाटक का पटाक्षेप हो गया था। कांग्रेस और जद (एस) की अयोग्यता की मांग वाली याचिकाओं और विधायकों के इस्तीफे पर कुमार के फैसले को अन्य बागियों को कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अन्य बागी विधायक अब भी मुंबई में डेरा डाले हुए हैं और उनका कहना है कि वे विधानसभा सदस्यता छोडऩे के अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगे। 
कांग्रेस के बागी विधायकों रमेश जारकीहोली, महेश कुमातल्ली और शंकर को स्पीकर के कड़े फैसले का सामना करना पड़ा।  (एनडीटीवी)

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