विशेष रिपोर्ट

राजनांदगांव, 7 इनामी नक्सली के सफाए से एमएमसी जोन को तगड़ा झटका, बस्तर के रास्ते नांदगांव से अमरकंटक तक ‘लाल गलियारा’ बनाने की नक्सल कोशिशें ध्वस्त
राजनांदगांव, 7 इनामी नक्सली के सफाए से एमएमसी जोन को तगड़ा झटका, बस्तर के रास्ते नांदगांव से अमरकंटक तक ‘लाल गलियारा’ बनाने की नक्सल कोशिशें ध्वस्त
Date : 04-Aug-2019

7 इनामी नक्सली के सफाए से एमएमसी जोन को तगड़ा झटका

बस्तर के रास्ते नांदगांव से अमरकंटक तक ‘लाल गलियारा’ बनाने की नक्सल कोशिशें ध्वस्त

प्रदीप मेश्राम
राजनांदगांव, 4 अगस्त (छत्तीसगढ़)।
नक्सल मोर्चे में राजनांदगांव पुलिस के हाथ शनिवार को मिली एक बड़ी नक्सल कामयाबी ने बस्तर के रास्ते राजनांदगांव से अमरकंटक तक ‘लाल गलियारा’ बनाने की नक्सल कोशिशों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। बागनदी की सीमा पर विपरीत मौसम के बावजूद 50 लाख के  7 नक्सलियों को एकमुश्त ढ़ेर कर पुलिस ने नक्सलियों के एमएमसी जोन को भी जोरदार झटका दिया है। बस्तर से लगातार ‘पलायन’ कर रहे नक्सलियों के लिए यह इलाका एक सुरक्षित मार्ग के रूप में बन गया था। पुलिस की मुस्तैदी से मिली सफलता के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अब इस रास्ते से बेखौफ नक्सल आवाजाही पर विराम लगेगा। 

बताया जाता है कि नक्सलियों ने बस्तर से बड़ी पैमाने पर राजनांदगांव, बालाघाट और कवर्धा की सीमा पर  नक्सलियों को शिफ्ट किया है। लंबे समय से नक्सलियों के शीर्ष नेताओं की एमएमसी जोन में आवाजाही हो रही है। छत्तीसगढ़ की गुप्तचर एजेंसियों को नक्सलियों के बड़े नेताओं के समय-बे-समय पहुंचने की पुख्ता जानकारी भी है। एमएमसी जोन को संगठित कर नक्सली पुलिस को पीछे ढक़ेलने की लंबे समय से नापाक कोशिश कर रहे हैं। बताया जाता है कि कल घटनास्थल पर किसी शीर्ष नेता की अगुवानी करने के लिए दर्रेकसा दलम और विस्तार दलम के 25 से अधिक नक्सली मौजूद थे। नक्सली लगातार सीमावर्ती इलाकों में मूवमेंट करते हुए पुलिस को चुनौती दे रहे थे। कल हुए मुठभेड़ से यह बात भी पुख्ता हुई है कि नक्सली  घातक हथियारों से लैस है। 

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने  मौके से एके-47 समेत कुछ अत्याधुनिक हथियार बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि इस मुठभेड़ के साथ ही दर्रेकसा दलम का अस्तित्व भी खतरे में है। यह भी चर्चा है कि मारे गए नक्सलियों में अधिकांश दर्रेकसा दलम से है। वहीं  2 महिला नक्सली विस्तार दलम से जुड़े हुए थे। इस बीच मारे गए नक्सलियों पर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में 50 लाख से अधिक का ईनाम घोषित था। अकेले राजनांदगांव पुलिस ने सभी पर 34 लाख का ईनाम तय किया था। 

हाल ही के कुछ महीनों में नक्सली लगातार पुलिस के हाथों मारे जा रहे हैं। बीते कुछ दिनों में राजनांदगांव पुलिस ने अपने बूते नक्सलियों को करारा जवाब दिया है। राजनांदगांव पुलिस ने दो माह पहले टाडा दलम की महिला कमांडर जमुना को मार गिराया था। इस घटना के बाद टाडा दलम की नींव हिल गई। लंबे समय से राजनांदगांव पुलिस नक्सलियों के बड़े ठिकाने पर धावा बोलने की योजना पर काम कर रही थी। आखिरकार पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी सफलता के साथ 7 नक्सलियों को मार गिराया। राजनांदगांव पुलिस के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस बीच कल की घटना के बाद पुलिस उम्मीद कर रही है कि अब बागनदी के रास्ते नक्सलियों की बढ़ती रफ्तार कम होगी। माना जाता है कि मुठभेड़ के जरिए नांदगांव पुलिस ने सुरक्षित माने जाने वाले इस नक्सल मार्ग को पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है। साथ ही राजनांदगांव जिले से लेकर कवर्धा सीमा तक पुलिस ने सख्त पहरा भी बिठा दिया है।

रेड कारीडोर बनाने के भुलावे में न रहें नक्सली - डीआईजी डांगी
राजनांदगांव रेंज डीआईजी आरएल डांगी ने कल की कामयाबी को नक्सल मोर्चे पर ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि रेड कारीडोर बनाने के स्वप्र देख रहे नक्सलियों का मंसूबा कभी भी पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस नक्सलियों को मुख्यधारा में वापस लाने की लगातार कोशिश कर रही है। इसके बावजूद नक्सली ढीडपन में अपने हरकतों के कारण पुलिस के हाथों मारे जा रहे हैं। पुलिस इंसानियत के तकाजे को देखते हुए नक्सलियों की घर वापसी कराने की कोशिश कर रही है। श्री डांगी ने कहा कि रेड कारीडोर बनाने का सपना रात ढलने के साथ ही खत्म होने जैसा है। श्री डांगी ने नक्सलियों के दोहरे मुखौटे को लेकर भी कटाक्ष किया है। उनका कहना है कि स्थानीय नक्सलियों के साथ भेदभाव कर शीर्ष नेतृत्व दीगर राज्यों के नक्सलियों को महत्व देता है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ में अब स्थानीय बाशिंदे दल में शामिल नहीं हो रहे हैं। जिससे नक्सल संगठन डगमगा रहा है। श्री डांगी ने एक बार फिर जनता को संदेश देते अपील करते कहा कि नक्सली किसी के हितैषी नहीं है। वह सिर्फ स्थानीय मुद्दों को जरिए लोगों का इस्तेमाल कर रहे हैं। डीआईजी ने मुठभेड़ में शामिल गातापार के थाना प्रभारी लक्ष्मण केंवट समेत अन्य जवानों को बधाई देते इनाम देने की घोषणा की है।

 

Related Post

Comments