विचार / लेख

जनकवि बल्ली सिंह चीमा
जनकवि बल्ली सिंह चीमा
Date : 03-Sep-2019

बल्ली सिंह चीमा उत्तराखंड राज्य के प्रमुख कवियों में गिने जाते हैं। उनकी लिखी कविताएं अंधेरे में मशाल की भांति कार्य करती हैं। बल्ली सिंह की कविताएं पुस्तकालय की शोभा नहीं बनती, अपितु अन्याय और जुल्म के खिलाफ सडक़ पर उतर आती हुई प्रतीत होती हैं। जीवन संघर्षों और जन आंदोलनों में बल्ली सिंह चीमा ने अपनी जि़न्दगी का अधिकांश समय व्यतीत किया है।
बल्ली सिंह चीमा का जन्म 2 सितम्बर, 1952 में चीमाखुर्द गांव, अमृतसर जि़ला, पंजाब में हुआ था। इनकी माता का नाम सेवा कौर था। इन्होंने स्नातक के समकक्ष प्रभाकर की डिग्री गुरु नानक विश्वविद्यालय, अमृतसर से प्राप्त की थी। चाहे उत्तराखंड आंदोलन रहा हो या फिर राज्य बनने से पूर्व शराब विरोधी आंदोलन, सभी में बल्ली सिंह अपनी कविताओं के साथ जनता के मध्य उपस्थित रहे। बल्ली सिंह चीमा अपनी जमीन से जुड़े हुए जनकवि हैं। कृषि एवं फ्रीलांस  पत्रकारिता दोनों को ही इन्होंने समान रूप से अपनाया है।
देश भर के कविता मंचों और विश्वविद्यालयों में कविता पाठ करने के साथ-साथ बल्ली सिंह चीमा देश की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में भी अपनी रचनाओं सहित उपस्थित रहते हैं। सुंदरलाल बहुगुणा, बाबा आम्टे और मेधा पाटेकर जैसे सक्रिय समाज सेवियों ने बल्ली सिंह की कविताओं और जन गीतों को अपनाया है। इन गीतों की गतिशीलता और त्वरा से इन लोगों ने अपने आंदोलन को एक नई धार दी है द्य प्रस्तुत है उनकी एक कविता -
मैं अमरीका का पिठ्ठू और तू अमरीकी लाला है
आजा मिलकर लूटे-खाएं कौन देखने वाला है
मैं विकास की चाबी हूँ और तू विकास का ताला है
सेज़ बनाएं, मौज़ उड़ाएं कौन पूछने वाला है

बरगर-पीजा खाना है और शान से जीना-मरना
ऐसी-तैसी लस्सी की, अब पेप्सी कोला पीना है
डॉलर सबका बाप है और रुपया सबका साला है
आजा मिलकर लूटे, खाएं कौन देखने वाला है

फॉरेन कपड़े पहनेंगे हम, फॉरेन खाना खाएंगे
फॉरेन धुन पर डांस करेंगे, फॉरेन गाना गाएंगे
एनआरआई बहनोई है, एनआरआई साला है
आजा मिलकर लूट मचाएं, कौन देखने वाला है

गंदा पानी पी लेते हैं, सचमुच भारतवासी हैं
भूखे रहकर जी लेते हैं, सचमुच के सन्यासी हैं
क्या जानें ये भूखे-नंगे, क्या गड़बड़-घोटाला है
आजा मिलकर राज करें, कौन देखने वाला है

रंग बदलते कम्युनिस्टों को अपने रंग में ढालेंगे
बाक़ी को आतंकी कहकर कि़स्सा ख़तम कर डालेंगे
संसद में हर कॉमरेड जपता पूंजी की माला है
आजा मिलकर राज करें, कौन देखने वाला है

पर्वत, नदिया, जंगल, धरती जो मेरा वो तेरा है
भूखा भारत भूखों का है, शाइनिंग इंडिया मेरा है
पूंजी के इस लोकतंत्र में अपना बोलम-बाला है
आजा मिलकर राज करें, कौन देखने वाला है

तेरी सेना, मेरी सेना मिलकर ये अभ्यास करें
हक़-इन्साफ़ की बात करे जो उसका सत्यानाश करें
एक कऱार की बात ही क्या सब नाम तेरा कर डाला है
आजा मिलकर राज करें, कौन देखने वाला है

मैं अमरीका का पिठ्ठू और तू अमरीकी लाला है
आजा मिलकर लूटे-खाएं कौन देखने वाला है
मैं विकास की चाबी हूँ और तू विकास का ताला है
सेज़ बनाएं, मौज़ उड़ाएं कौन पूछने वाला है

मैं अमरीका का पिठ्ठू और तू अमरीकी लाला है
आजा मिलकर लूटे-खाएं कौन देखने वाला है
मैं विकास की चाबी हूँ और तू विकास का ताला है
सेज़ बनाएं, मौज़ उड़ाएं कौन पूछने वाला है

बरगर-पीजा खाना है और शान से जीना-मरना
ऐसी-तैसी लस्सी की, अब पेप्सी कोला पीना है
डॉलर सबका बाप है और रुपया सबका साला है
आजा मिलकर लूटे-खाए कौन देखने वाला है

फॉरेन कपड़े पहनेंगे हम, फॉरेन खाना खाएंगे
फॉरेन धुन पर डांस करेंगे, फॉरेन गाने गाएंगे
एनआरआई बहनोई है, एनआरआई साला है
आजा मिलकर लूट मचाएँ, कौन देखने वाला है। 
(गोपाल राठी ने इसे फेसबुक पर पोस्ट किया है।)

Related Post

Comments