सामान्य ज्ञान

क्या है जी-सेक
क्या है जी-सेक
Date : 14-Jan-2020

सरकार अपने खर्च की फंडिंग के लिए नियमित तौर पर बॉन्ड नीलाम करती है। इसकी घोषणा आरबीआई करता है। इन्हें जी-सेक कहा जाता है। इन बॉन्ड्स पर इंटरेस्ट मिलता है और मैच्योरिटी 2 से लेकर 30 साल तक की होती है। नीलामी में लगभग 5 फीसदी इंडिविजुअल इनवेस्टर्स सहित नॉम-कॉम्पिटिटिव बिडर्स के लिए रिजर्व रखा जाता है। जी-सेक के साथ सॉवरेन गारंटी मिलती है और इन पर मिलने वाला इंटरेस्ट टैक्सेबल होता है। 
 व्यक्ति, एनआरआई, पीआईओ, एचयूएफ, सोसाइटीज, एसोसिएशंस, ट्रस्ट्स और कुछ अन्य ऐसी संस्थाएं नॉन-कॉम्पिटिटिव बिडर्स के तौर पर जी-सेक के लिए अप्लाई कर सकते हैं।  जी-सेक खरीदने के लिए एक इनवेस्टर को अपने बैंक के पास कंस्टीट्युएंट सिक्योरिटी जनरल लेजर (सीएसजीएल) खोलना पड़ता है या उसके पास डीमैट एकाउंट होना चाहिए। जी-सेक को बैंकों के जरिए खरीदना होता है, जो इनवेस्टर्स की बोली आरबीआई के पास जमा करते हैं। भुगतान बैंक एकाउंट से किया जाता है और सिक्योरिटीज सीएसजीएल या डीमैट एकाउंट में क्रेडिट हो जाती हैं।  जी-सेक खरीदने के लिए एप्लिकेशन बैंक देता है। बिड नॉन-कॉम्पिटिटिव होने से इनवेस्टर से कॉम्पिटिटिटव बिडिंग जैसे प्राइस या यील्ड के लिए बिड करने की उम्मीद नहीं की जाती। 
 

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