विशेष रिपोर्ट

खडग़वां पीएचसी में सीमित संसाधन, फिर भी नंबर वन
खडग़वां पीएचसी में सीमित संसाधन, फिर भी नंबर वन
Date : 03-Mar-2020

खडग़वां पीएचसी में सीमित संसाधन, फिर भी नंबर वन
चंद्रकांत पारगीर
बैकुंठपुर, 3 मार्च (छत्तीसगढ़)।
कोरिया जिले के जनपद मुख्यालय खडग़वां में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सीमित संसाधनों के बीच जिले में नम्बर वन बना है। यहां तक कि जिला मुख्यालय में स्थित जिले के सबसे बड़े जिला चिकित्सालय को भी व्यवस्था व स्वच्छता के मामले में पीछे छोड़ दिया है। यही कारण कि खडग़वां जनपद मुख्यालय में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को राज्य भर में पहला कायाकल्प का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा और भी कई पुरस्कार हासिल किये है। 

खडगवां को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एक निजी अस्पताल की तरह दिखता है। सफाई के मामले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आगे है। 

खडग़वां स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए शासन स्तर पर 10 बेड की स्वीकृति ही दी गई है लेकिन बीएमओ डॉ. कुजूर की पहल से यहां पर 6 0 बेड लगाये गये हैं। आंकड़ों के अनुसार यहां प्रतिवर्ष लगभग 5000 आईपीडी देखी जाती है। 
दो चिकित्सकों के भरोसे स्वास्थ्य केंद्र
जनपद मुख्यालय होने के बावजूद खडग़वां में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ही संचालित हो रहा है। यहां दो चिकित्सक ही पदस्थ किये गये हैं। कोरिया जिले का यह एक मात्र जनपद मुख्यालय है जहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहा है जबकि जिले के शेष जनपद मुख्यालयों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहे हैं। जबकि जिले के पटना ग्राम पंचायत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है। जनपद मुख्यालय होने के कारण खडग़वां स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सभी क्षेत्रों के मरीज बेहतर उपचार हेतु आते है लेकिन सीमित व्यवस्था के बावजूद बीएमओ डॉ. कुजूर के प्रयासों से अधिक से अधिक सुविधा देने की कोशिश की गई है। 

बिना सर्जन के प्रतिदिन प्रसव
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कोई भी सर्जन नहीं है इसके बाजवूद यहां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन पांच से छ: की संख्या में प्रसव सुरक्षित तरीके से करा लिया जा रहा है। वर्ष 2019 में 6 58  प्रसव इस अस्पताल में हुए हैं। ज्ञात हो कि बीएमओ डॉ. कुजूर को निश्चेतना का प्रशिक्षण प्राप्त है यदि यहां एक सर्जन की नियुक्ति कर दी जाती है तो सिजेरियन की सुविधा मिल सकेगी। सर्जन नहीं होने के कारण ही कई बार ऐसे मरीजों को जिला अस्पताल भेजना मजबूरी बन जाती है। 

प्रतिदिन 100 से अधिक ओपीडी और 50 से अधिक जांच
कोरिया जिले का खडग़वां स्थित एकमात्र प्राथमिक स्वास्थ्य ऐसा है जहां प्रतिदिन 100 से 150 की संख्या में ओपीडी में मरीज पहुंचते हंै। यह अपने आप में बड़ी बात है कि एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दिन में इतने मरीज पहुंचते हैं जिनमें से 70 से 8 0 की संख्या में पैथोलॉजी जांच की जाती है। 

फूलों व सब्जियों के साथ हर्बल गार्डन भी
खडग़वां स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सीमित क्षेत्र में संचालित है लेकिन अस्पताल परिसर के सभी क्षेत्रों की खाली भूमि का यहां बखूबी उपयोग किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में जिस ओर भी खाली भूमि पड़ी है वहां पर विभिन्न तरह के फूलों की क्यारियां लगाई गई है। यहां पर खाली भूमि पर सब्जियां भी सीमित मात्रा में लगायी गयी हैं। इसके अलावा छोटा हर्बल गार्डन भी है जो जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के साथ जिला चिकित्सालय परिसर में भी देखने को नहीं मिलेगा। जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में कई तरह के फूलों के अलावा एलोवेरा, तुलसी, स्टीविया, सहित अन्य तरह के औषधीय पौधे लगाये गये है। जिससे कि पूरा परिसर महक उठता है और मरीजों को बाहर का सुन्दर नजारा देखकर नहीं लगता है कि वे किसी अस्पताल में हैं।

कायाकल्प सहित आधा दर्जन से अधिक पुरस्कार
खडग़वां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अपनी कई खूबियों के कारण ही स्वास्थ्य विभाग को प्रदान किये जाने वाले महत्वपूर्ण कायाकल्प पुरस्कार प्राप्त करने के साथ ही कई तरह के आधा दर्जन से अधिक पुरस्कार अपने नाम किये हैं जो कोरिया जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल को इतने पुरस्कार नहीं मिले हैं जितने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खडग़वां को मिले हैं यहां तक कि जिला अस्पताल भी इससे काफी पीछे है।

पार्किंग में व्यवस्थित वाहन
जिले के कई अस्पताल परिसरों में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है लेकिन खडग़वां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पार्किंग स्थल बनाया गया है जहां सभी गाडिय़ां व्यवस्थित खड़ी की जाती हैं। दो पहिया वाहन एक लाईन से एक ओर तथा चार पहिया वाहनों के लिए अलग व्यवस्था है। नियम का पालन यहां कर कोई करता है यहां तक कि अस्पताल स्टाफ भी नियम अनुसार निर्धारित स्थान पर ही  वाहन पार्क करते हैं। 

बढिय़ा कचरा प्रबंधन
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खडग़वां में कचरा प्रबंधन के लिए अस्पताल के पीछे अलग-अलग कचरे के सोकपिट हैं, इसके अलावा अस्पताल से निकलने वाले प्लास्टिक को मशीन द्वारा तोड़कर उसे बेचा जाता है, इसके अलावा जगह जगह कूड़ादान बनाया गया है, बाहर से आने वाले मरीजो को इसके बारे में जागरूक किया जाता है। ताकि वो कचरा सही स्थान पर फेंके, वही अस्पताल के कई स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया गया है, जिससे अस्पताल से निकलने वाला पानी उसे आसानी से चला जाए।

डॉ. रामेश्वर शर्मा,सीएमएचओ का कहना है कि खडग़वां प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की वजह से हमें बीते वर्ष मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित किया गया है। खडग़वां में मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। खडगवां के आधार पर अन्य पीएससी को भी बेहतर करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। खडग़वां को सीएससी करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, हमें भी उम्मीद है कि खडग़वां प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जल्द की सीएससी हो पाएगा।

डॉ. एस कुजूर,बीएमओ ने बताया कि पूरे स्टाफ के साथ जनप्रतिनिधियों व आम लोगों के सहयोग से हम इस प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को राज्य में प्रथम लाने में कामयाब हो सके हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र होते हुए यहां सालाना 18  हजार ओपीडी, 700 डिलीवरी, लगभग 5 हजार आईपीडी सेवाएं दी जा रही हैं। हर सरकारी योजनाओं का लाभ मरीजों को मिले इसका पूरा ध्यान के साथ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हमारे अस्पताल का मुआयना करने जल्द केन्द्रीय दल भी आने वाली है। हमें उम्मीद है कि हमारा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जल्द ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बन पाएगा।

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