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ज्योतिरादित्य-शिवराज की राह में ‘महाराज’ फूल या कांटे
ज्योतिरादित्य-शिवराज की राह में ‘महाराज’ फूल या कांटे
Date : 20-Mar-2020

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की राज्यपाल लालजी टंडन से शिकायत बावजूद कांग्रेस के 19 विधायक शुक्रवार देर रात तक भोपाल नहीं लाए जा सके।

वहीं सम्मान की तलाश में कांग्रेस से बीजेपी का रुख करने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया को मालाओं के साथ-साथ भरी सभा में ‘विभीषण’ के अलंकरण से भी नवाज़ा गया।

पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘रावण की लंका अगर पूरी तरह जलानी है तो विभीषण की तो ज़रूरत होती है मेरे भाई और अब सिंधिया जी हमारे साथ हैं।’ भोपाल में इस तुलना का अर्थ ‘घर का भेदी लंका ढहाए’ जैसे मुहावरे से लेकर ‘कुछ सीन में प्रकट हुए किरदार’ और ‘धोखेबाज़’ जैसे शब्द तक में ढूंढे जा रहे हैं।

सिंधिया परिवार को कभी ‘ग़द्दार’ कहने वाले शिवराज सिंह चौहान का पुराना बयान फिर से कई जगहों पर फैलाया जा रहा है और राज्य बीजेपी का वो इश्तिहार भी जिसका नारा था- ‘माफ़ करो महाराज, हमारा नेता तो शिवराज।’

मध्य प्रदेश कांग्रेस ईकाई ने एक ट्वीट करके कहा है, अब सिंधिया परिवार का इतना भी अपमान मत करो, 18 सालों से हमने बड़े नाज़ों से रखा था। मगर गुरुवार को बीजेपी कार्यालय में दिए गए शिवराज सिंह चौहान के विभीषण वाले भाषण पर कुछ लोगों का यह भी कहना है कि शिवराज ये न भूलें कि राम की लंका पर विजय के बाद वहां राज्याभिषेक विभीषण का हुआ था।

लोग कह रहे हैं कि कहीं सिंधिया पर निशाना दागऩे और ख़ुद के किरदार को राम जैसा बताने के चक्कर में शिवराज लटके न रह जाएं और गद्दी चली जाए ‘महाराज’ के हाथ।

इस बीच शुक्रवार को बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर राज्यसभा के लिए नामांकन दाख़िल करने के बाद ग्वालियर के पूर्व राजघराने के वारिस और मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया दिल्ली रवाना हो गए। उधर, पिछले छह दिनों से 275 एकड़ में फैले प्रेस्टिज गोल्फ़शायर रिसॉर्ट में ‘रह रहे’ मध्य प्रदेश के 19 कांग्रेस विधायक भोपाल रवाना होने के लिए तैयार खड़े दो चार्टर्ड प्लेन्स पर सवार होने को शुक्रवार दोपहर बेंगलुरु हवाई अड्डे पहुंचे लेकिन फिर उन्हें वापस जाना पड़ा।

विधायकों को भोपाल लाए जाने में हुई देरी को बीजेपी खेमे में भरोसे की कमी बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि 19 में से कई लोग अब भी पाला बदलकर कांग्रेस खेमे में वापस जा सकते हैं। कहा जा रहा है कि इनमें से बहुत सारे सिंधिया के कहने पर कमलनाथ सरकार के खिलाफ जाने को तो तैयार हो गए लेकिन अब बीजेपी जॉइन करने के पक्ष में नहीं हैं।

विधायकों के फिर से चुनाव होने की स्थिति में दोबारा टिकट न पाने का डर भी सता रहा है क्योंकि उनके क्षेत्र में पहले से टिकट के प्रबल दावेदार बीजेपी की तरफ़ से मौजूद हैं। कांग्रेस ने एक विधायक मनोज चौधरी के पिता नारायण चौधरी को बेंगलुरु में बेटे से न मिलने और धमकी दिए जाने की शिकायत पुलिस से की है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल से मिलकर बेंगलुरु में बंधक बनाकर रखे गए 19 विधायकों को रिहा करवाने और शक्ति परीक्षण की बात की है।

मध्य प्रदेश विधानसभा का सत्र 16 मार्च से शुरू हो रहा है और अध्यक्ष के ज़रिए सदस्यता से त्यागपत्र देने वाले 19 विधायकों को उनके सामने पेश करने की तारीख़ निकल चुकी है।

इस बीच शुक्रवार दिन में एक ट्वीट के ज़रिए सूचना आई कि विधानसभा सत्र को कोरोना वायरस की वजह से 19 के बदले 26 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। लेकिन बाद में अध्यक्ष ने इस ग़लत बताया और इसे लेकर भोपाल साइबर पुलिस ने एक केस दर्ज किया है। (बीबीसी)

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