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जाहिलों के चक्कर में फंसे हिंदू और मुस्लिम
जाहिलों के चक्कर में फंसे हिंदू और मुस्लिम
Date : 21-Mar-2020

कृष्णकांत

मुजफ्फरनगर में कोई मदरसा है रोजातुल कुरान। वहां कल एक जलसा हुआ। वहां मौलानाओं ने कहा, कोरोना से सारी दुनिया कांप रही है, मगर मुसलमानों को इससे डरने की जरूरत नहीं है। पवित्र कुरान में हर बीमारी का इलाज है। हमें दीन की राह पर चलना है और ईमान मजबूत रखना है।

यह बातें उसी गोमूत्र और गोबर कैटेगरी की हैं। मौलाना हसन कांधलवी ने व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से ज्ञान लिया और कहा कि 29 अप्रैल को दुनिया खत्म होने की बात कही जा रही है, लेकिन मुसलमान चिंता न करें। यह दुनिया खत्म होने वाला मामला अफवाह है। मौलाना अफवाह में फंस गए।

मामला यह है कि नासा के मुताबिक, 52768 (1998 ओआर) नाम का एक क्षुद्र यानी छोटा ग्रह 29 अप्रैल, 2020 को पृथ्वी के करीब से गुजरेगा। लेकिन इस ग्रह और पृथ्वी के बीच की दूरी करीब 4 मिलियन मील होगी। नासा से जुड़े संस्थान सेंटर फॉर नियर अर्थ ऑब्जेक्ट स्टडीज (सीईएनओएस की वेबसाइट पर इस बारे में सूचनाएं उपलब्ध हैं। आजतक की फैक्ट चेक टीम ने इस पर स्टोरी छापी है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह है कि 29 अप्रैल को दुनिया खत्म हो जाएगी। मौलाना का ज्ञान इतना ही है। दुर्भाग्य उन मुसलमानों का है, जो इन लोगों को सुनते हैं।

जाहिल धार्मिकों के चक्कर में फंसे हिंदू और मुसलमानों से मुझे बेहद सहानुभूति है। मैं सिर्फ यह सलाह ही दे सकता हूं कि इनके जाल से बाहर आइए। किसी भी धर्म के अनुयायियों को ऐसे धर्मगुरुओं से खतरा है जो आपके बच्चों को मध्ययुग में ले जाते हों। इनसे भी सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखिए।

मुझे यह भी समझ में नहीं आया कि जब चारों तरफ सब कुछ बंद किया जा रहा है, तब मुजफ्फरनगर में बकवास करने के लिए यह जलसा करने की इजाजत क्यों दी गई?

दैनिक जागरण और नवभारत टाइम्स ने यह खबर छापी है लेकिन एक भी शब्द इसकी निंदा में नहीं लिखा है। क्या मीडिया की भी जवाबदेही नहीं है कि वह दकियानूसी चीजों और अंधविश्वासों को हतोत्साहित करे?

हे भगवान! अगर तुम सच में कहीं पर हो तो हमारे भारत की रक्षा करो। यहां बहुत जाहिल हैं।

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