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साबुन या सैनिटाइजर, कोरोना वायरस से बचने के लिए दोनों में से क्या है बेहतर
साबुन या सैनिटाइजर, कोरोना वायरस से बचने के लिए दोनों में से क्या है बेहतर
27-Mar-2020

भारत में तेजी से कोरोना वायरस (Coronavirus) अपने पैर पसार रहा है। कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में समय-समय पर अपने हाथों को साबुन या सैनिटाइजर से धोकर इस वायरस के खतरे को कम किया जा सकता है। लेकिन उससे पहले ये जानना जरूरी है कि साबुन या सैनिटाइजर में से कोरोना से लड़ने के लिए सबसे मजबूत हथियार क्या है?

चीन के वुहान शहर में पैदा हुआ कोरोना वायरस अब तक से भी दुनियाभर के कई देशों को अपना शिकार बना चुका है। भारत में भी कोरोना वायरस तेजी से अपने पैर पसार रहा है। देश के चारों कोनों में जारी लॉकडाउन के बीच भी कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब तक देश में संक्रमण के 724 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से 19 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, दुनियाभर में जानलेवा कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की तादाद बढ़कर पांच लाख से अधिक हो गई है और 22,000 से अधिक लोग इस महामारी के चलते दम तोड़ चुके हैं।

इस जानलेवा वायरस के फैलने के बाद शुरुआत से ही लोगों को साबुन या सैनिटाइजर से हाथ धोने की सलाह दे रहे हैं। COVID-19 से बचने के लिए कुछ लोगों का मानना है कि हैंड सैनिटाइजर-साबुन से बेहतर है। कुछ स्वास्थ्य-विशेषज्ञों का कहना कि कोरोना वायरस से बचने के लिए हाथों का बैक्टीरिया फ्री होना बेहद जरूरी है। इतना ही नहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि अपने हाथों को समय-समय पर साबुन से धोकर या हैंड सैनिटाइज़र का इस्तेमाल कर वायरस के खतरे को कम किया जा सकता है। (ये भी पढ़ें: Coronavirus And Asthama : कोरोना वायरस से अस्थमा के मरीजों को कितना खतरा, जानें क्या है डॉक्टरों की सलाह)

यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ वेल्स के प्रोफेसर पॉल थॉर्डर्सन के अनुसार, कोरोना वायरस से बचने के लिए साबुन को ज्यादा बेहतर विकल्प बताया गया है। वायरस में मौजूद लिपिड को साबुन आसानी से खत्म कर सकता है। आपको बता दें साबुन में फैटी एसिड और सॉल्ट जैसे तत्व होते हैं जिन्हें एम्फिफाइल्स कहा जाता है। साबुन में छिपे ये तत्व वायरस की बाहरी परत को निष्क्रिय कर देते हैं। जिससे संक्रमित होने का खतरा न के बराबर हो जाता है।

हैंड सैनिटाइज़र और साबुन दोनों में ही वायरस को मारने के सक्षम गुण हैं। लेकिन कोरोना वायरस के बढ़ते कहर से बचने के लिए सैनिटाइज़र से बेहतर साबुन है। क्योंकि साबुन में सैनिटाइज़र के मुकाबले वायरस को तेजी से मारने की क्षमता है।

हम में से ज्यादातर लोग दिन में कई बार मुंह को छूते हैं, ऐसी स्थिति में वायरस का जड़ से खात्मा होना बेहद जरूरी है। सैनिटाइज़र आपको वायरस से लड़ने के लिए तैयार तो करेगा लेकिन उसको जड़ से खत्म करने के लिए साबुन बेहतरीन विकल्प है।

यदि आप टॉयलेट या बाहर से कहीं से आकर अपने हाथों को सिर्फ पानी से धो लेते हैं तो ये बिल्कुल गलत तरीका है। वायरस चिपचिपा होता है, जो केवल पानी से हाथ धो लेने के बाद भी नहीं जाता है। इसलिए आप जब भी बाहर से आएं या किसी चीज को छुएं तो अपने हाथों को साबुन से धुलें। साबुन में फैटी एसिड और सॉल्ट जैसे पदार्थ होते हैं जो वायरस से लड़ने में अधिक सक्षम हैं।

आपने कई बार महसूस किया होगा कि साबुन से हाथ धोते-धोते आपकी स्किन थोड़ी ड्राइ हो गई है। दरअसल ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि साबुन काफी गहराई में जाकर कीटाणुओं को मार गिराने की शक्ति होती है। वहीं, हैंड सैनिटाइज़र केवल हाथ को गहराई से साफ़ करता है कीटाणुओं को जड़ से खत्म करने में ये इतना असरदार नहीं है।

सैनिटाइजर क्यों साबुन जितना प्रभावशाली नहीं है

जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी की एक शोध के अनुसार, लिक्विड या क्रीम के रूप में मौजूद सैनिटाइजर कोरोना वायरस से लड़ने में साबुन जितना बेहतर नहीं है। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सिर्फ और सिर्फ वही सैनिटाइजर काम करेगा जिसमें एल्कोहल की मात्रा अधिक होगी। इसके अलावा घरों में इस्तेमाल होने वाला साबुन ज्यादा बेहतर है। इसलिए कोशिश करें कि अपनी उंगुलियों के बीच और नाखूनों के अंदर ठीक से साबुन लगाकर हाथ धोने की, क्योंकि तभी हम इस जानलेवा बीमारी को मात दे सकते हैं।

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