विशेष रिपोर्ट

बेंगलुरु सेना ट्रेनिंग सेंटर में फंसे 36गढ़ के 8 पूर्व जवान, सीएम-गृहमंत्री से मांगी मदद
बेंगलुरु सेना ट्रेनिंग सेंटर में फंसे 36गढ़ के 8 पूर्व जवान, सीएम-गृहमंत्री से मांगी मदद
02-May-2020

कहा-ईपास ब्लॉक, नहीं हो पा रही घर वापसी ‘छत्तीसगढ़’ को जवान ने बताई समस्या

अमन सिंह भदौरिया

दोरनापाल, 2 मई (‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता)। बेंगलुरु के आर्मी ट्रेनिंग सेंटर में फंसे सेवानिवृत्त आठ जवानों ने ‘छत्तीसगढ़’ के माध्यम से सरकार से मदद मांगी है। सभी आठ जवान 31 मार्च को ही सेवानिवृत्त हुए थे।

मामला बेंगलुरु के सेना सेवा कोर ट्रेनिंग सेंटर का है, जहां छत्तीसगढ़ के सात अलग-अलग जिले के 8 जवान बीते 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो गए थे जिसके बाद से लॉक डाउन के चलते वह घर वापस नहीं जा पा रहे हैं। घर वापसी के लिए इन्होंने ई-पास में भी अप्लाई करने की कोशिश की मगर छत्तीसगढ़ का ई-पास ब्लॉक होने की वजह से उन्हें पास भी नहीं मिल पा रहा है।

जवानों ने च्छत्तीसगढ़’ को बताया कि उन्होंने इंस्टाग्राम के माध्यम से मुख्यमंत्री व गृहमंत्री को भी अपनी समस्या बता कर मदद मांगी मगर संपर्क नहीं हो पाया। जवानों ने बताया कि ना केवल छत्तीसगढ़ के 8 जवान बल्कि यूपी बिहार झारखंड व अन्य कई राज्यों के सेवानिवृत्त जवान भी ट्रेनिंग सेंटर में फंसे हुए हैं जो अपने घर वापस जाना चाहते हैं मगर शासन तक बात नहीं पहुंच पा रही।

जवानों ने कहा ना तो हम स्कूल कॉलेज के छात्र हैं और ना ही मजदूर, सरकार इन सभी की घर वापसी करवा रही है। अब हम सेना से भी सेवानिवृत्त हो चुके हैं इस वजह से घर वापसी के लिए सेना से भी मदद नहीं मिल पा रही है। सरकार जिस तरह बाहर राज्यों में फंसे मजदूरों व छात्रों को निकालकर घर वापसी करवा रही है इसी तरह हम जवानों की भी मदद करें या ई पास दिलवा दे ताकि हम अपने परिवार तक पहुंच सकें।

कर्नाटक राज्य के बेंगलुरु के ट्रेनिंग सेंटर में बीते माह सेवानिवृत्त हो चुके छत्तीसगढ़ के जवानों ने अब घर वापसी की इच्छा जताई है। जवान धर्मेंद्र सिंह राठौर ने फोन के माध्यम से छत्तीसगढ़ संवाददाता से संपर्क कर अपनी समस्या बताते कहा कि शासन स्तर तक उनकी बात नहीं पहुंच पा रही है। परिवार भी परेशान है। ऐसे में बगैर पास और अनुमति के वे घर नहीं लौट सकते। ई-पास के लिए भी अप्लाई करने की कोशिश की गई, मगर ई-पास ब्लॉक होने की वजह से उन्हें यह सुविधा नहीं मिल पा रही है।

ऐसे में शासन की मदद से ही वे घर लौट सकते हैं क्योंकि लॉकडाउन का तीसरा चरण जल्द ही लागू होगा जिसके बाद निकल पाना मुश्किल होगा। सभी 8 जवानों ने मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू से मदद की अपील की है कि उन्हें कर्नाटक से घर वापसी करवाई जाए।

जवानों ने मुख्यमंत्री व गृहमंत्री को इंस्टाग्राम में भेजा संदेश

बेंगलुरु के ट्रेनिंग सेंटर में फंसे सेना के जवानों ने शासन प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की का माध्यम ना होने से मुख्यमंत्री भुपेश बघेल व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के इंस्टाग्राम में उन्हें संदेश देकर अपनी समस्या रख मदद मांगी। एक जवान ने इंस्टा के माध्यम से मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को लिखा-मैं भारतीय सेना के ट्रेनिंग सेंटर एएससी सेना सेवा कोर से आपको अनुरोध कर रहा हूं। हम छत्तीसगढ़ के 8 सैनिक 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो चुके हैं और अभी तक हमारे घर वापसी की किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। अनुरोध है कि हमें हमारे घर तक पहुंचाने की व्यवस्था करवाएं या फिर ई-पास दिलवाने की कृपा करें जिससे हम सब सेवानिवृत्त जवान आसानी से अपने परिवार तक पहुंच सकें। इस कृतज्ञ कार्य के लिए हम सभी जवान और हमारा परिवार आपका हमेशा आभारी रहेगा।

सेवानिवृत्त जवान धर्मेन्द्र सिंह राठौर का कहना है कि हमारे साथ 7 अन्य जवान छत्तीसगढ़ के हैं इसके अलावा यूपी बिहार अन्य राज्यों के जवान हैं जो 31 मार्च को सेवानिवृत्त होने के बाद से लाकडाउन के चलते घर नहीं लौट पा रहे हैं। हमने काफी कोशिश की शासन के लोगों से संपर्क कर अपनी समस्या रखने की मगर संपर्क नहीं हो पाया जिसके बाद आखरी रास्ता मीडिया ही दिखा उन तक सीधी बात रखने का । मैं छत्तीसगढ़ के माध्यम से मुख्यमंत्री व गृहमंत्री से अपील करता हूं कि हमारी मदद करें ताकि हम अपने परिवार तक पहुंच सकें इसके लिए हम सदैव आपके आभारी रहेंगे।

31 मार्च 2020 को सेवानिवृत्त हुए छत्तीसगढ़ के 8 जवानों की लिस्ट नाम व गृह जिलों समेत

- जिला बिलासपुर से प्रणव तिवारी

- जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही से धर्मेंद्र सिंह राठौर

- जिला दुर्ग से छत्रपाल

- जिला रायगढ़ से नायक लव  कुमार बारिक, रजनीश बारा, नायक जितेंद्र राठौर

- भाटापारा से हेमलाल

- अंबिकापुर से एस सी मंडल

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