विचार / लेख

सुर (। ) की नदियाँ हर दिशा में
सुर (। ) की नदियाँ हर दिशा में
10-May-2020

प्रकाश दुबे

सुर की नदिया जब बहे, हर दिल को भिगो दे। सात सरिताओं के जल में कुछ भी मिलाओ, रहेगा अमृत ही। कृष्णा, गोदावरी के तट ने सुर और सुरा उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभाई। गंगा, जमुना, सरयू के जल के मिलन से सुर और सुरा दोनों मोक्षदायी प्रभाव रखते हैं। मदिरा बिक्री खुलते ही यमुना तट पर बसी दिल्ली में भक्तों की कतार लगी। दिल्ली के निर्मम मुख्यमंत्री ने सुरा के दाम 70 प्रतिशत तक बढ़ा दिए। संतों और साधुओं की भूमि में ऐसा अत्याचार नहीं हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईंधन यानी डीजल  पेट्रोल पर करीब दो रुपए कर बढ़ाया।मदिरा- भक्तों  की भावना का ध्यान रखते हुए शराब की कीमत मात्र पांच रुपए बढ़ाई। सच्चा योगी अपने-पराए का भेद नहीं करता। उत्तर प्रदेश के अनेक नेता इस कल्याणकारी निर्णय से पुलकित हैं।

आकाशवाणी की वाणी

दूरदर्शन और आकाशवाणी पर इन दिनों सबसे अधिक किसके श्रीमुख और संवाद का जलवा है? किसी राजनीतिक प्राणी का नाम लेकर मर्यादा घटाएंगे। गच्चा खाएंगे। प्रसार भारती धर्म से स्वायत्त और कर्म से सरकारी है। प्रसार भारती की दत्तक संतानों दूरदर्शन और आकाशवाणी के अनुसार रामानंद सागर की रामायण के प्रभु श्री राम ने सारे पुराने कीर्तिमान ध्वस्त किए। एक कीर्तिमान और जोड़ लें।  रामायण और महाभारत धारावाहिक का विज्ञापन की तरह निरंतर प्रचार  प्रधानमंत्री के कार्यक्रम और संबोधन को पीछे छोड़ रहा है। आकाशवाणी को वाणी देने वाले कलाकार  इसकी भरपाई के भरसक प्रयास करते हैं। इंटरव्यू के दौरान उद्घोषक अपनी तरफ से यह पूछना नहीं भूलते-प्रधानमंत्री जी के बारे में आप कुछ कहना चाहेंगे या चाहेंगी? हमें पक्का भरोसा है कि सूचना-प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर इस तरह के निर्देश नहीं दिया करते। जावड़ेकर पत्रकार पहले बने। मंत्री बाद में।  

गुणी गोपीचंद

गोपीचंद की पात्रता का बखान करते हैं। सुनहू वीर पाठक वर्ग। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में महाराष्ट्र के  सांगली जिले से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार थे। पराजित होने के बाद युवा शाखा की जिला शाखा का काम संभाला। अकस्मात उन्हें रानी अहल्याबाई की याद आई। प्रण किया कि धनगर यानी पशुपालक समुदाय को अनुसूचित जनजाति में शामिल कराने तक चैन की सांस नहीं लेंगे। इसलिए लोकसभा चुनाव से पहले उडऩ खटोले पर उडक़र ऊंचाई पर प्राणवायु प्राप्त करते रहे। ऐन लोकसभा चुनाव के समय प्रकाश आम्बेडकर की वंचित आघाड़ी में शामिल हुए। प्रधानमंत्री की सभा का विरोध किया।

प्रधानमंत्री को काले झंडे दिखाने समर्थक सभा स्थल जा पहुंचे। वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव के समय कीचड़ धोकर वापस कमल पार्टी में शामिल हुए। अजीत पवार और उनके शरद  काका का बारामती किला फतह करने अखाड़े में उतरे। अजीत पवार मात्र एक लाख 65 हजार मतों से विजयी हुए। भाजपा के गोपीचंद परडकर ने तीस हजार मत पाकर जमानत गंवाई। दोनों ने रिकार्ड बनाया। इस शौर्य के लिए गोपीचंद को विधान परिषद की उम्मीदवारी मिली। शक की सुई महाराष्ट्र के दबंग उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की तरफ क्यों घूम रही है, भई?     

दो गज का अंतर

चलते चलते मन की बात करें। कोरोना संकट के कारण   बेमन से मंदिर यानी घर में रहने वाले मानव नाप तौल की मीट्रिक प्रणाली अपनाते हैं।( हम यह ज्ञान बांटने के लिए उतावले नहीं हैं कि घर के लिए मंदिर शब्द का प्रयोग किया जाता था।) अमेरिका और म्यांमार के सिवा सर्वथा अपरिचित देश लाइबेरिया ही तीन देश हैं जहां मीट्रिक प्रणाली लागू नहीं है। सेंटीमीटर, मीटर, ग्राम आदि का प्रयोग न करने पर देश में सब्जी और परचून दुकानदार पर जुर्माना ठोंकने का कानून है। प्रधान सेवक बार बार मीटर के बजाय दो गज दूरी कहते रहे। नागरिक आपूर्ति मंत्री राम विलास पासवान ने एक बार भी याद दिलाने की जहमत नहीं उठाई। विद्यार्थी आंदोलन के दौरान गाया जाने वाला गीत याद आया-हमारे पांव पांव, तुम्हारे पांव चरण। यही होता है सत्ता का आचरण।

रास्ते अलग अलग हैं

दिल्ली में दारू खोलने का भाजपा ने विरोध किया। उ प्र में शराब बिक्री के विरोध में कांग्रेसी खड़े हुए। पंजाब में शराब ठेके का आम आदमी पार्टी विरोध कर रही है। राजनीति निहायत गंदी चीज है।

  -प्रेषक देवभूमि भारत का निवासी है।

 

 

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