सामान्य ज्ञान

हर्यक वंश
हर्यक वंश
20-May-2020

बिम्बिसार ने हर्यक वंश की स्थापना 544 ई. पू. में की । इसके साथ ही राजनीतिक शक्ति के रूप में बिहार का सर्वप्रथम उदय हुआ । बिम्बिसार को मगध साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक राजा माना जाता है । बिम्बिसार ने गिरिव्रज (राजगीर) को अपनी राजधानी बनाई । इसके वैवाहिक सम्बन्धों (कौशल, वैशाली एवं पंजाब) की नीति अपनाकर अपने साम्राज्य का विस्तार किया ।
महावग्ग के अनुसार बिम्बिसार की 500 रानियां थीं । उसने अवंति के शक्तिशाली राजा चन्द्र प्रद्योत के साथ दोस्ताना सम्बन्ध बनाया । सिन्ध के शासक रूद्रायन तथा गांधार के मुक्कु रगति से भी उसका दोस्ताना सम्बन्ध था । उसने अंग राज्य को जीतकर अपने साम्राज्य में मिला लिया था वहां अपने पुत्र अजातशत्रु को उपराजा नियुक्त किया था । बिम्बिसार महात्मा बुद्ध का मित्र और संरक्षक था । बौद्ध और जैन ग्रन्थानुसार उसके पुत्र अजातशत्रु ने उसे बन्दी बनाकर कारागार में डाल दिया था जहां उसका 492 ई. पू. में निधन हो गया । बिम्बिसार ने अपने बड़े पुत्र दर्शक को उत्तराधिकारी घोषित किया था । हर्यक वंश का अन्त और शिशुनाग वंश की स्थापना 412 ई.पू. हुई।
 

 

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