राजनीति

कांग्रेस विधायकों का राजभवन में धरना खत्म, अब आज रात होगी कैबिनेट बैठक
कांग्रेस विधायकों का राजभवन में धरना खत्म, अब आज रात होगी कैबिनेट बैठक
24-Jul-2020 9:19 PM

जयपुर, 24 जुलाई। राजस्थान में सियासी घमासान तेज हो गया है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद सीएम अशोक गहलोत अपने समर्थकों के साथ राजभवन पहुंचे। अब विधायकों का राजभवन में धरना खत्म हो गया है। विधायक बसों के जरिए होटल फेर मोंट के लिए रवाना हो रहे हैं। आगे की रणनीति तय करने के लिए अब आज रात 9.30 बजे गहलोत कैबिनेट की एक अहम बैठक रखी गई है। राज्यपाल से चर्चा के बाद कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि सीएम गहलोत बहुमत साबित करना चाहते हैं, कोरोना संकट पर विधानसभा सत्र बुलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि गवर्नर ने हमें बताया कि वह संविधान का पालन करेंगे। सुरजेवाला ने कहा, हम राज्यपाल को मानते हैं। आज 9.30 बजे राज्य कैबिनेट की बैठक होगी। राज्यपाल के नोट पर गौर किया जाएगा और आज ही राज्यपाल को जवाब भेजा जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, गहलोत कैबिनेट की बैठक आज रात करीब 9.30 बजे होगी। सीएम अशोक गहलोत बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बताया जा रहा है कि सीएम निवास पर होने वाली इस बैठक में विधानसभा सत्र बुलाने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा। आज ही कैबिनेट का प्रस्ताव राज्यपाल को भेजा जाएगा।

विपक्ष पर साधा निशाना
वहीं, राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए सीएम गहलोत ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री गहलोत ने सभी विधायकों से कहा, गांधीवादी तरीके से पेश आना है। ये हमारे राजप्रमुख हैं संविधान के हैड हैं। हम कोई टकराव नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि ऐसा देश के इतिहास में कभी नहीं हुआ कि राज्यपाल महोदय ने विधानसभा सेशन आहूत करने के लिए मंजूरी न दी हो। राज्यपाल महोदय कैबिनेट के निर्णयों से बाउंड होते हैं। लगता है कि ऊपर से दबाव के कारण विधानसभा सत्र बुलाने के कैबिनेट के प्रस्ताव को अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।


सीएम गहलोत ने लगाया बड़ा आरोप
सीएम अशोक गहलोत ने कहा, हमने विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की है। विधानसभा में हम बहुमत सिद्ध करेंगे। कोरोना पर चर्चा भी करेंगे। हमने गुरुवार रात को ही राज्यपाल से सत्र को लेकर निवेदन किया था। आज हमने फिर कहा है कि राज्यपाल सत्र बुलाने पर फैसला करें। उन्होंने कहा कि राज्यपाल को बोल्ड डिसीजन लेना चाहिए। उम्मीद करते हैं कि जल्दी राज्यपाल अपना फैसला सुनाएंगे। फैसला आने तक हम धरना देंगे। उन्होंने कहा हमेशा विपक्ष विधानसभा सत्र बुलाने की मांग करता है। यहां सत्ता पक्ष विधानसभा सत्र बुलाने की मांग कर रहा है। ऐसा क्या षड्यंत्र है कि विधानसभा सत्र बुलाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। वहीं, राजभवन घेराव बयान पर सीएम अशोक गहलोत ने कहा, यह बयान राजनीतिक बयान था। भैरोंसिंह शेखावत ने भी राजभवन में धरना दिया था। बीजेपी के नए नेताओं को इसकी जानकारी नहीं होगी।

भाजपा द्वारा राजस्थान में लोकतंत्र की हत्या के षडय़ंत्र के खिलाफ कल सुबह 11 बजे सभी जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा धरना प्रदर्शन किया जायेगा। 

बीजेपी ने बताया पॉलिटिकल ड्रामा
इधर, कांग्रेस की पूरी कवायद को बीजेपी ने पॉलिटिकल ड्रामा करार दिया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री में जिस भाषा का इस्तेमाल किया है वो नैतिकता और पद के आधार पर नहीं बोली जा सकती। उन्होंने जनता को उकसाने का काम किया है। पूनिया ने कहा कि मुख्यमंत्री और गृह मंत्री ने आपराधिक कृत्य किया है। राजभवन में धरने का नाटक चल रहा है। हाउस का फ्लोर हो तय करेगा कि सरकार के पास बहुमत है या नहीं। वहीं, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि राजभवन का दृश्य अमरूदों का बाग जैसा हो गया है। संविधान के प्रावधानों के प्रतिकूल है जल्द सत्र बुलाने की मांग। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते परीक्षाएं तक स्थगित हो गई हैं। आखिर इतनी बौखलाहट क्यों?

सचिन पायलट का आरोपों से इंकार
इधर, सचिन पायलट समूह का दावा है कि हमारे ऊपर केन्द्र को पार्टी बनाने का आरोप गलत है। ये आपत्ति महेश जोशी के वकील ने कोर्ट में दर्ज की थी कि ये संविधान में बदलाव का मामला है। यदि इसमें केन्द्र पार्टी नहीं है तो याचिका डिफेक्टिव है, इसलिए हमें केंद्र को पार्टी बनाना पड़ा बार-बार केंद्र और बीजेपी के साथ नाम जोडक़र हमें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। हमारा बीजेपी से कोई संबंध नहीं, हम कांग्रेस में हैं और रहेंगे।

सीएम गहलोत का दावा- हमारे पास स्पष्ट बहुमत
सीएम गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अभी राज्यपाल से फोन पर बात की है। उन्होंने कहा कि सोमवार से हम विधानसभा सत्र चाहते हैं। हरियाणा में मौजूद विधायकों की बात करते हुए उन्होंने कहा कि किस तरह का दबाव उन पर पड़ रहा है? किस कारण से रोका गया?  हमारे पास स्पष्ठ बहुमत है। हमारे साथी बीजेपी की देखरेख में बंधक है, जोकि वहां से छूटना चाहते हैं। कईयों की आँखों में आंसू आ रहे हैं, वो वापस आना चाहते है। (hindi.news18.com)

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