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साल में 100 रुपये महँगा हुआ सब्सिडी वाला सिलिंडर
साल में 100 रुपये महँगा हुआ सब्सिडी वाला सिलिंडर
26-Jul-2020 11:46 AM

नयी दिल्ली 26 जुलाई (वार्ता)। रसोई गैस सिलिंडर पर सब्सिडी में पिछले एक साल में लगातार कटौती किये जाने से इस दौरान सब्सिडी वाला सिलिंडर 100 रुपये महँगा हो गया है और अब सब्सिडी शून्य हो गई है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले साल जुलाई में 14.2 किलोग्राम वाले रसोई गैस सिलिंडर का बाजार मूल्य यानी बिना सब्सिडी वाले सिलिंडर की कीमत 637 रुपये थी जो अब घटकर 594 रुपये रह गई है। इसके बावजूद इस दौरान सब्सिडी वाला सिलिंडर 100 रुपये महँगा हुआ और इसकी कीमत 494.35 रुपये से बढक़र 594 रुपये हो गई।

सरकार द्वारा सब्सिडी में लगातार की गई कटौती से इस साल मई से ही सब्सिडी और बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलिंडर की कीमत एक हो गई है। इस साल मई, जून और जुलाई में ग्राहकों को कोई सब्सिडी नहीं मिली है।

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में ही ऐसी खबरें आई थीं कि सरकार की योजना धीरे-धीरे रसोई गैस सिलिंडर पर सब्सिडी समाप्त करने की है, लेकिन इस संबंध में पूछे जाने पर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान हर बार इस बात से इनकार करते रहे। दूसरी तरफ सरकार ने पिछले एक साल में सब्सिडी में लगातार कटौती की। जुलाई 2019 में सब्सिडी वाला रसोई गैस सिलिंडर 494.35 रुपये का और सब्सिडी वाला सिलिंडर 637 रुपये का था। अक्टूबर 2019 में सब्सिडी वाला 517.95 रुपये का और बिना सब्सिडी वाला 605 रुपये का हो गया। इस साल जनवरी में सब्सिडी वाले सिलिंडर की कीमत बढक़र 535.14 रुपये और बिना सब्सिडी वाले सिलिंडर की कीमत 714 रुपये हो गई। अप्रैल में सब्सिडी वाले सिलिडर का मूल्य 581.57 रुपये और बिना सब्सिडी वाले का मूल्य 744 रुपये हो गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में अप्रैल में एलपीजी की कीमतों में भारी गिरावट के बाद मई में घरेलू सिलिंडर का बाजार मूल्य 162.50 रुपये घटाकर 581.50 रुपये कर दिया गया जिससे सब्सिडी और बिना सब्सिडी वाले सिलिंडर की कीमत एक हो गई। जून और जुलाई में बिना सब्सिडी वाले सिलिंडर के साथ सब्सिडी वाले सिलिंडर की कीमत में भी समान वृद्धि की गई है।

देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने अपनी वेबसाइट पर सब्सिडी वाले सिलिंडर की कीमत के बारे में जानकारी देनी बंद कर दी है। एक साल पहले तक उसकी वेबसाइट पर इसकी जानकारी उपलब्ध होती थी। सब्सिडी वाले सिलिंडर की कीमतों में पिछले साल जनवरी से अब तक हुई वृद्धि और इसका कारण जानने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी को 07 जुलाई को लिखे गये ई-मेल का उसकी ओर से अब तक कोई जवाब नहीं आया है।

 

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