सामान्य ज्ञान

अंगुत्तरनिकाय
13-Sep-2020 12:24 PM 12
 अंगुत्तरनिकाय

अंगुत्तरनिकाय महत्वपूर्ण बौद्ध ग्रंथ है। इसके लेखक महंत आनंद कौसलायन हैं। महाबोधि सभा, कलकत्ता द्वारा इसको वर्तमान समय में प्रकाशित किया गया है।   बौद्ध ग्रन्थ-बौद्धमतावल्बियों ने जिस साहित्य का सृजन किया, उसमें भारतीय इतिहास की जानकारी के लिए प्रचुर सामग्रियाँ उपलब्ध हैं।
बौद्ध संघ, भिक्षुओं तथा भिक्षुणियों के लिये आचरणीय नियम विधान विनय पिटक में प्राप्त होते हैं।  अंगुत्तरनिकाय की अपनी एक विशेषता है। इसमें सुत्तों का संग्रह एक व्यवस्था के अनुसार किया गया है। इस में ऐसे सुत्त हैं जिनमें बुद्ध भगवान के एक संख्यात्मक पदार्थों विषयक उपदेश संग्रह है, तत्पश्चात दो पदार्थों विषयक सुत्तों का और फिर तीन, चार आदि। इसी क्रम से इस निकाय के भीतर एकनिपात, दुकनिपात एवं तिक, चतुवक, पंचक, छक्क, सत्तक, अ_क, नवक, दशक और एकादशक इन नामों के ग्यारह निपातों का संकलन है। ये निपात पुन: वर्गों में विभाजित हैं, जिनकी संख्या निपात क्रम से 21, 16, 16, 26, 12, 9, 9, 9, 22 और 3 है। इस प्रकार 11 निपातों में कुल वर्गों की संख्या 169 है। प्रत्येक वर्ग के भीतर अनेक सुत्त हैं जिनकी संख्या एक वर्ग में कम से कम 7 और अधिक से अधिक 262 है।  इस प्रकार अंगुत्तरनिकाय से सुत्तों की संख्या 2308 है। 
 

कारदेखो डॉट कॉम 
कारदेखो गिरनार सॉफ्ट की एक सहायक कंपनी है, जो कारदेखो, बाइकदेखो, प्राइसदेखो और गाड़ी डॉट कॉम जैसी साइटों का संचालन करती है। आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र अमित और अनुराग जैन ने वर्ष 2008 में कारदेखो पोर्टल की शुरुआत की।  कंपनी ने नवंबर 2013 में सिकोइया से 15 लाख अमेरिकी डालर का फंड प्राप्त किया.
जयपुर स्थित ऑटो पोर्टल ‘कारदेखो डॉट कॉम’ ने  11 सितंबर 2015 को टाइम्स इंटरनेट के स्वामित्व वाले ऑटो पोर्टल जिगव्हील्स  का अधिग्रहण किया है।  कारदेखो, गाड़ी डॉट कॉम और जिगव्हील्स की संयुक्त इकाई कारट्रेड डॉट कॉम और कारवाले डॉट कॉम के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे। अधिग्रहण के पूरा होने के बाद, जिगव्हील्स इस समूह के अतंर्गत एक स्वतंत्र इकाई के रूप में काम करेंगा।
 

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