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कलिंगा विवि में हिन्दी भाषा और संस्कृति पर संवाद गोष्ठी संपन्न
15-Sep-2020 5:44 PM 5
कलिंगा विवि में हिन्दी भाषा और संस्कृति पर संवाद गोष्ठी संपन्न

रायपुर, 15 सितंबर। कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर में कला एवं मानविकी संकाय के अंतर्गत हिन्दी विभाग के द्वारा 14 सितम्बर को हिन्दी भाषा और संस्कृति विषय पर संवाद गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध बाल साहित्यकार रमेश द्विवेदी और विशिष्ट वक्ता देश के सुप्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार प्रभुनारायण वर्मा उपस्थित थे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना से प्रारंभ हुआ। संवाद गोष्ठी कार्यक्रम में मुख्य वक्ता श्री द्विवेदी ने भाषा और संस्कृति विषय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि हिन्दी भाषा की विविध बोलियों के शब्दों से  भाषा पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। भाषा के माध्यम से सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकीकरण है, जो आज प्रयोग में स्पष्ट दिखलाई पड़ता है।

श्री द्विवेदी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि आज हिन्दी वैश्विक भाषा बन चुकी है। संचार क्रांति ने पहली बार भाषा विशेष के वर्चस्व की विदाई की घोषणा कर दी है। आज साइबर युग में बीस साल पहले की हिन्दी भाषा की स्थिति और आज की स्थिति में जमीन-आसमान का अंतर दिखलाई पड़ता है।

सुप्रसिद्ध साहित्यिकार प्रभुनारायण वर्मा ने हिन्दी भाषा के स्वरूप और वर्तमान स्थिति पर विस्तार से भाषा विकास पर प्रकाश डाला।  उन्होंने कहा कि भाषा अभिव्यक्ति और संचार में बाधक नहीं बन सकती और कोई व्यक्ति यदि मातृभाषा में सोचता, समझता और सीखता है तो उसका दूसरी भाषा में अंतरण आत्मा से कर सकता है और चिरकाल तक वह उसके मनोमष्तिष्क पर छायी रहती है।

उक्त कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. आशा अंबईकर, कला एवं मानविकी संकाय के अधिष्ठाता डॉ.एमएस मिश्रा, हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. अजय शुक्ल, अरुण जायसवाल, डॉ.शिल्पी भट्टाचार्य, डॉ. अनिता सामल, डॉ.नम्रता श्रीवास्तव, एके कौल, स्वरुपा पंडित, सुश्री खुशबू सिंह, सुश्री मेरिटा, चंदन सिंह राजपूत, मुकेश रावत, श्रीमती स्मिता प्रेमानंद, शैलेश देशमुख, ए.विजय आनंद आदि प्राध्यापक एवं भाषा के जानकार विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अरुण जायसवाल और आभार प्रदर्शन डॉ.एमएस मिश्रा ने किया।

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