सामान्य ज्ञान

राफेल विमान
27-Sep-2020 12:00 PM 6
राफेल विमान

भारत-फ्रांस के बीच 36 राफेल विमानों की खरीदी के लिए करीब 59 हजार करोड़ के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।  
भारतीय वायुसेना की पहली पसंद राफेल विमान  दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है। यह हर तरह के मिशन पर जा सकता है। राफेल हवा से हवा और हवा से जमीन में मार करने में सक्षम है।
इसकी अधिकतम स्पीड 2,130 किमी/ घंटा है।  चीन के पास भी इसकी टक्कर का कोई विमान नहीं है।  यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। राफेल लड़ाकू विमानों को फ्रांस की डसाल्ट एविएशन कंपनी बनाती है।  एक राफेल की कीमत हथियार के सहित करीब 1600 करोड़ रुपये की होगी।  राफेल विमान मिटीयोर मिसाइल और बियॉन्ड विजुअल रेंज मिसाइल जिसकी क्षमता 150 किलीमीटर से भी सुसज्जित है।
हवा से जमीन में मार करने वाली स्कैल्प मिसाइलें होंगी। कारगिल दौरान भारतीय लड़ाकू विमानों के पास बियॉन्ड विजुअल रेंज वाले मिसाइल की रेंज 60 किलोमीटर तक थी। डसाल्ट वायुसेना को मुफ्त में प्रशिक्षण भी देगी।  राफेल की स्पीड 2250-2500 किमी प्रति घंटे तथा फ्यूल कैपिसिटी 4700 लीटर है।  राफेल एयरक्राफ्ट कैरियर से भी उड़ान भर सकता है।  राफेल की ब्रह्मोस जैसी 6 एटमी हथियार वाली मिसाइल आसानी से ले जाने की क्षमता है।  3 लेजर गाइडेड बम हवा से जमीन पर मार करने वाली 6 मिसाइल। लगातार 10 घंटे तक उडऩे की क्षमता है।
 

लोकतंत्रीय केंद्रवाद
लोकतंत्रीय केंद्रवाद का सिद्घांत सोवियत संघ के संस्थापक नेता एवं विचारक वी.आई. लेनिन ने निरुपित किया था। यह सिद्घांत सोवियत संघ तथा जनवादी चीन के साम्यवादी दल के संगठन के आधार पर था। 
इसका अर्थ यह था कि साम्यवादी दल के निम्नस्तरीय संगठन अपनी ऊपरी संस्थाओं का चुनाव करेंगे, उनके आदेशों का पालन करेंगे और उनके प्रति उत्तरदायी होंगे, लेकिन ऊपर (राष्टï्रीय) संगठन की संस्थाएं जनसाधारण के प्रति उत्तरदायी होंगी।
 स्पष्टï है कि स्थानीय या निम्र स्तर पर सार्वजनिक निर्णय लेने का अधिकार प्रदान नहीं किया जाता है। शक्ति राष्टï्रीय (केंद्रीय) संस्था में केंद्रीयकृत कर दी जाती है, जो कि सार्वजनिक निर्णय लेेने के लिए स्वतंत्र होती है।

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