ताजा खबर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 20 अक्टूबर। राजभवन ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के प्रस्ताव पर सरकार से जानकारी मांगी है। बताया गया कि राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने पूछा है कि सत्र के दौरान कौन-कौन से शासकीय विधि विषयक कार्य होंगे? सरकार देर शाम तक राजभवन को जवाब भेज देगी। बाद में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साफ किया कि पूर्ण बहुमत की सरकार है, और राज्यपाल विधानसभा का सत्र बुलाने से नहीं रोक सकते।
श्री बघेल ने यह भी कहा कि राज्यपाल ने कुछ बिंदुओं पर जानकारी मांगी है, वह उन्हें मंगलवार की शाम तक भेज दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राजभवन को राजनीतिक अखाड़े का केन्द्र नहीं बनने देंगे। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर भी निशाना साधा और कहा कि बैकडोर से सरकार चलाने की कोशिश न करें।
सरकार कृषि और श्रम कानूनों में कुछ बदलाव कर रही है। इस सिलसिले में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। सत्र 26 और 27 अक्टूबर को प्रस्तावित है। सत्र बुलाने के लिए संसदीय कार्य विभाग ने राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके को फाइल भेजी थी। इसमें शासकीय विधि विषयक कार्य के चलते विधानसभा का सत्र बुलाने की जरूरत बताई गई थी।
राज्यपाल ने पूछा है कि सत्र के दौरान कौन-कौन से विधि विषयक कार्य होंगे? इस पर संसदीय कार्यमंत्री रविन्द्र चौबे ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में बताया कि राज्यपाल ने विस्तृत जानकारी चाही है, यह जानकारी आज ही राजभवन भेज दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार ने नए कृषि कानून के चलते किसानों और श्रमिकों के हित प्रभावित होने की आशंका जताई है। इस वजह से राज्य में कुछ संशोधन कर सकती है।
बताया गया कि यह संशोधन निजी मंडियों की स्थापना, आवश्यक वस्तु संशोधन अधिनियम और श्रम कानूनों को लेकर हो सकता है। विशेष सत्र में कम से कम चार विधेयक पेश किए जा सकते हैं। इसकी तैयारी चल रही है। पंजाब सरकार ने भी कृषि कानूनों को लेकर कुछ संशोधन किए हैं। राज्य सरकार इसकी भी जानकारी ले रही है।


