सामान्य ज्ञान

बेनीटोइट
25-Nov-2020 12:09 PM 38
बेनीटोइट
बेनीटोइट एक उपरत्न है, जिसकी खोज वर्ष 1906 में हुई ।  यह अत्यंत ही दुर्लभ उपरत्न  है। यह उपरत्न  सारे विश्व में केवल सैन बेनिटो में बेनिटो नदी के किनारे, कैलीफोर्निया में पाया गया था।  इसलिए इसका नाम बेनीटोइट पड़ गया। वर्तमान समय में इस उपरत्न  की वन खान बन्द हो गई है। जब इस उपरत्न को सर्वप्रथम देखा गया था तो इसे देखते ही सभी को नीलम रत्न का आभास हुआ लेकिन इसे कैलीफोर्निया यूनिवर्सिटी में टैस्ट के लिए भेजा गया और अत्यंत परिश्रम के पश्चात यह देखा गया कि यह एक नया उपरत्न  है।
यह छोटे-छोटे क्रिस्टल में उपलब्ध था। 1 कैरेट में इस उपरत्न का मिलना बहुत ही दुर्लभ बात थी।  यह उपरत्न  नीले और जामुनी रंगों में पाया जाता ह।  गुलाबी रंग में भी यह उपरत्न  पाया जाता है लेकिन वह बहुत अधिक दुर्लभ होता है। यह उपरत्न  एक साथ दो रंगों की आभा रखता है। यह अधिकतर नीलम जैसी आभा और जामुनी रंग की आभा में भी उपलब्ध होता है, लेकिन इस उपरत्न को जब एक विशेष कोण से देखा जाता है तब यह रंगहीन और कई बार यह गुलाबी तथा संतरी रंग की चमक लिए दिखाई देता है। यह उपरत्न  जिस भी रंग में पाया जाता है उसी में यह राजसी लगता है। यह पिरामिड की आकृति में पाया जाता है। कई बार यह नीले रंग में होता है तो ऊपर की ओर से सफेद दिखाई देता है जैसे सफेद रंग की बफऱ् से यह ढंका हुआ हो।   वर्तमान समय में कुछ उपरत्न  लुप्त हो गए हैं। 
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह एक अद्भुत तथा चमत्कारिक उपरत्न है। किसी बात का उच्च स्तर पर संचार करने के लिए यह अनुकूल माना गया है अर्थात इस उपरत्न को धारण करने से व्यक्ति के संचार माध्यम की गुणवत्ता में वृद्धि होती है। यह उपरत्न  धारणकर्ता का संपर्क अलौकिक प्राणियों के साथ सुविधाजनक तरीके से जोड़ता है। मानव मन को एक-दूसरे से जोडऩे में सहायता करता है। एक-दूसरे को टेलीपैथिक सम्पर्क के द्वारा भी जोडऩे में अहम भूमिका निभाता है। 
 
 
वायुमंडल का गैसों का प्रतिशत
गैस आयतन के अनुसार प्रतिशत
नाइट्रोजन 78.08
ऑक्सीजन 20.9
ऑर्गन 0.93
कार्बन डाईऑक्साइड 0.03
नियॉन 0.0018
हीलियम 0.0005
ओजोन 0.00006
हाइड्रोजन 0.00005
मीथेन अल्प मात्रा
क्रिप्टॉन अल्प मात्रा
जीनॉन अल्प मात्रा
 

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