सामान्य ज्ञान

दुनिया के सबसे बड़े ब्रांड
08-Mar-2021 12:11 PM 28
दुनिया के सबसे बड़े ब्रांड

* गूगल - इंटरनेट की दिग्गज कंपनी गूगल हमेशा सबसे आगे की पंक्ति में रहती है। इस साल तो इसने ब्रांडिंग के मामले में भी बाजी मार ली है।  गूगल ग्लास और कुछ अहम साझीदारी की बदौलत इसकी ब्रांड वैल्यू 158 अरब डॉलर से ज्यादा की हो गई।
* एप्पल- स्टीव जॉ़ब्स के सपनों की कंपनी एप्पल को लगातार तीन साल टॉप पर रहने के बाद दूसरी सीढ़ी पर उतरना पड़ा है। इसकी ब्रांड वैल्यू पिछले साल 20 फीसदी गिर गई, जिसका यह नतीजा निकला।
 * आईबीएम- लगभग 108 अरब डॉलर की ब्रैंडिंग के साथ आईबीएम तीसरे नंबर पर है। इस सर्वे में ग्राहकों की भी राय ली जाती है।
* माइक्रोसॉफ्ट - बिल गेट्स की कंपनी अभी भी सबसे आगे की पांत में खड़ी है। पिछले साल इसके मूल्य में 30 फीसदी का इजाफा हुआ और यह लगभग 90 अरब डॉलर का ब्रांड बन गया है।
* मैकडोनाल्ड -अमेरिकी फास्ट फूड कंपनी मैकडोनाल्ड का स्वाद कैसा होता है, यह तो हमेशा विवाद का विषय रहेगा, लेकिन सर्वे में पाया गया कि इसका मूल्य 85 अरब डॉलर है और यह पांचवें नंबर पर है।
* कोका कोला-सिर्फ भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में ठंडा मतलब कोका कोला ही होता है। अपनी प्रतिद्वंद्वी कोल्ड ड्रिंक कंपनियों को कोसों पीछे छोडऩे वाली कोका कोला की बाजार में कीमत 80 अरब डॉलर है।
* एसएपी -जहां इंटरनेट में अमेरिका और भारत की धूम है, वहीं जर्मन प्रोग्राम एसएपी ने अलग जगह बनाई है। जर्मनी की मशहूर टेलीकॉम, मर्सिडीज और सीमेंस के साथ यह भी शीर्ष 100 कंपनियों में है।
* फेसबुक- धमाकेदार कामयाबी हासिल करने के मामले में फेसबुक का जवाब नहीं। करीब 68 फीसदी विकास के साथ यह सबसे ज्यादा मूल्य वाली कंपनियों में शामिल हो गई है।
* ट्विटर- जब फेसबुक का नाम लिया जाता है, तो जुबान से ट्विटर भी खुद ब खुद निकल जाता है। 19 अरब डॉलर के साथ यह भी फेसबुक के पीछे चल रहा है।

यूनानी चिकित्सा पद्धति
यूनानी चिकित्सा पद्धति भारत में आज तिब्ब, यूनानी-अरबी चिकित्सा या यूनानी पद्धति के नाम से प्रचलित है। इसका मूल स्थान यद्यपि आयोनिया-यूनान है, किंतु आज का तिब्ब हिप्पोक्रोटिक तथा गैलेइया के सिद्धांतों पर आधारित है। उसे विकसित कर तर्कसंगत और वैज्ञानिक स्वरुप प्रदान कर व्यावहारिक बनान का काम अरबों ने किया।
चूंकि यूनानी ज्ञान के संपूर्ण दस्तावेज़ों का रुपांतरण $खली$फाओं के ज़माने में उस समय की संपर्क भाषा, अरबी, में किया गया था। इसे अरबी या इस्लामी चिकित्सा पद्धति भी कहा जाता है।  इसे यूनानी-अरबी चिकित्सा पद्धति भी कहा जाता है।
 

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