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देखिए अब से कितनी अलग थी फेसबुक की शक्ल, जब 17 साल पहले ये पैदा हुआ था
10-Apr-2021 8:20 AM (49)
देखिए अब से कितनी अलग थी फेसबुक की शक्ल, जब 17 साल पहले ये पैदा हुआ था

क्या आपको मालूम है कि वर्ष 2004 में फेसबुक का जन्म हुआ तो इसका होमपेज या स्टार्ट पेज या मुख्य वेबपेज मौजूदा फेसबुक से तो एकदम ही अलग था. तब और अब के फेसबुक में कुछ भी वैसा नहीं है. सबकुछ बदल चुका है. फरवरी 2004 में जब मार्क जुकरबर्ग ने इसे लांच किया तो केवल हार्वर्ड स्टूडेंट्स के लिए ही था, जहां उनके प्रोफाइल्स होते थे. ये हार्वर्ड स्टूडेंट्स की डायरेक्ट्री की तरह इस्तेमाल किया जाता था. फेसबुक पर जो पहला चेहरा आया, वो गील्स बैंड के लीड सिंगर पीटर वोल्फ थे. तब इसका नाम द फेसबुक था.

वर्ष 2005 में फेसबुक के लांच होने के एक साल बाद इसके होमपेज का चेहरा कुछ यूं हो गया. अब इसे अमेरिका की अन्य यूनिर्सिटीज के स्टूडेंट्स के लिए खोल दिया गया. अब इसके होमपेज पर स्टूडेंट की प्रोफाइल उनकी फोटो के साथ खुलने लगी थी. फेसबुक पर आने वाले स्टूडेंट्स भी बढने लगे थे. हालांकि वर्ष 2004 में लांच के एक हफ्ते बाद ही इसके फाउंडर मार्क जुकरबर्ग तब विवादों में आ गए जबकि हार्वर्ड के ही उनके तीन सीनियर्स ने आरोप लगाया कि ये पूरा आइडिया उनका था, जिसे जुकरबर्ग ने चुराया है.

वर्ष 2006 से फेसबुक को और विस्तार दिया गया. अब ये केवल हार्वर्ड और अमेरिकी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स के लिए ही सोशल मीडिया वेबसाइट नहीं थी बल्कि कोई भी इसका मेंबर बन सकता था. बस उसकी उम्र कम से कम 13 साल की होनी चाहिए थी. संदेशों के आदान प्रदान के साथ अब इसमें फ्रेंड्स बनाने का विकल्प भी ज्यादा आसान हो गया था. वर्ष 2006 के फेसबुक का ये पेज मार्क जुकरबर्ग की तस्वीर के साथ उनकी प्रोफाइल दिखा रहा है.

वर्ष 2007 तक फेसबुक के फीचर्स में कई बदलाव और आ गए,जो लोगों को कहीं ज्यादा इस प्लेटफार्म से जुडऩे के लिए आकर्षित करने लगे थे. फेसबुक अब एक बड़ी कंपनी में तब्दील होने लगी थी. अब ये साइट स्टेट्स अपडेट के साथ फोटो शेयरिंग की सुविधा देने लगी थी.  अब तक इसके एक लाख बिजनेस पेज हो चुके थे. इन्हें ग्रुप पेज के तौर पर शुरू किया गया था. बाद में उन्हें कंपनी पेज के तौर पर प्रोमोट किया गया.

वर्ष 2009 में फेसबुक का होमपेज अपने यूजर्स के लिए फिर बदला हुआ था. हालांकि कंपनी को एक विवाद से छुटकारा मिल गया था. मार्क जुकरबर्ग ने हार्वर्ड के उन तीन सीनियर्स के साथ विवाद सुलझा लिया था, जिन्होंने अदालत में जाकर उनके खिलाफ प्रोजेक्ट को चुराने का आरोप लगाया था. हांलाकि इसके बदले जुकरबर्ग को मोटी रकम चुकानी पड़ी. अक्टूबर 2008 में फेसबुक ने अपना इंटरनेशनल हेडक्वार्टर आयरलैंड के डब्लिन में स्थापित किया. सितंबर 2009 में उसने आमदनी शुरू हो जाने की घोषणा की, ये आमदनी एड रेवन्यू से हो रही थी. फेसबुक के ट्रैफिक में असली तेजी वर्ष 2009 के बाद आनी शुरू हुई.

ये फेसबुक का वर्ष 2010 में बदला हुआ रूप है. जब टेक्स्ट मैसेज के साथ फोटो भी पोस्ट होने लगीं थीं. जुलाई 2010 में कंपनी ने घोषणा की कि उसके 500 मिलियन यूजर्स हो चुके हैं. कंपनी डेटा के अनुसार आधे मेंबर रोज फेसबुक का इस्तेमाल कर रहे थे.

वर्ष 2011 में फेसबुक. 2011 की शुरुआत में फेसबुक ने हेडक्वार्टर को कैलिफोर्निया ले जाने की घोषणा की. उसी दौरान ये भी पता लगा कि नियमों के उल्लंघन की वजह से फेसबुक रोज तकरीबन 20 हजार यूजर्स की प्रोफाइल हटा रहा है. जून 2011 में फेसबुक के पेज व्यूज एक ट्रिलियन तक पहुंच गए. गूगल के बाद ये अमेरिका की दूसरी सबसे ज्यादा विजिट की जाने वाली साइट बन गई.

वर्ष 2012 में फेसबुक में एक बड़ा बदलाव हुआ. होमपेज के साथ यूजर्स का एक पर्सनल पेज भी क्रिएट किया गया. जिसमें उसे कवर फोटो लगाने की सुविधा दी गई. इस पेज का लुक इस तरह था. वर्ष 2012 में फेसबुक का आईपीओ बाजार में आया. जो काफी हिट रहा. इसकी मार्केट पूंजी 104 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई. फेसबुक अपना रेवेन्यू ज्यादातर एड से हासिल करता है, जो इसके स्क्रीन पर आते हैं.

ये फेसबुक का मौजूदा रूप है. लेकिन पिछले दिनों करोड़ों लोगों के पर्सनल डेटा लीक होने के बाद इस साइट में बड़े पैमाने पर बदलाव की बात कही जा रही है. इसका असर शायद हम आने वाले दिनों में देखेंगे.

फेसबुक विजिट के मामले में गूगल के बाद अब दूसरे नंबर की साइट है. इसके एक्टिव यूजर्स 2.6 बिलियन (वर्ष 2020 तक) के ऊपर हो चुके हैं. ये 140 भाषाओं में है. इसका रेवन्यू 85,965 मिलियन डॉलर से कहीं ज्यादा का है जबकि शुद्ध मुनाफा 29,146 मिलियन डॉलर. दुनियाभर में इसके 58,604 (वर्ष 2020 तक) कर्मचारी हैं. फेसबुक ने पिछले दिनों कई कंपनियों को टेकओवर किया है. (news18.com)

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