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तब्लिगी जमात केस में कोर्ट ने कहा- कोई भी खास जुर्म बताने में फेल रहे डीसीपी
11-Apr-2021 8:55 AM (37)
तब्लिगी जमात केस में कोर्ट ने कहा- कोई भी खास जुर्म बताने में फेल रहे डीसीपी

 

नई दिल्‍ली. तबलीगी जमात के मामले की सुनवाई दिल्‍ली की कोर्ट में हो रही है. इसमें निजामुद्दीन मरकज के बैंक खातों को अनफ्रीज करने संबंधी मामले की केस डायरी लिए बिना कोर्ट पहुंचे दिल्‍ली पुलिस के डीसीपी (क्राइम ब्रांच) की अदालत ने खिंचाई की है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि केवल मनोरंजन के लिए उनकी उपस्थिति की आवश्‍यकता नहीं है.

मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अरुण कुमार गर्ग ने डीसीपी जॉय तिर्की को सात दिनों के भीतर कारण बताने के लिए कहा कि क्यों न उनके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अवमानना का संदर्भ दिया जाए. डीसीपी इस केस की सुनवाई के स्‍थगित होने का प्रयास कर रहे थे. कोर्ट ने कहा कि उसने सरकार की ओर से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में 10,000 रुपये जमा करने संबंधित आवेदक की अर्जी पर अनुमति दी थी. इसके लिए आवेदक मुर्सलीन सैफी ने 19 दिसंबर, 2020 को अर्जी दाखिल की थी.

इस मामले ने कोर्ट ने यह पाया कि यह अर्जी अब तक लंबित है. ऐसा इंवेस्टिगेटिंग ऑफिसर के साथ-साथ डीसीपी (क्राइम ब्रांच) की ओर से इस ओर सहयोग न करने के कारण हुआ है. कोर्ट ने क्राइम ब्रांच के जेसीपी को पत्र पर प्रतिक्रिया देने का आदेश दिया है.

कोर्ट ने कहा कि वो इस तथ्य से बेखबर नहीं थे कि यह जुर्माना सरकारी खजाने से ही काटा जाएगा. इसके साथ ही कोर्ट ने विशेष पुलिस आयुक्त, क्राइम ब्रांच को आदेश दिया गया था कि वह जिम्‍मेदार व्‍यक्ति के वेतन से नुकसान की भरपाई करने की जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच करें.
तबलीगी जमात के कई सदस्‍य पिछले साल मार्च में कोरोना पॉजिटिव मिले थे. इस मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच ने निजामुद्दीन मरकज का दौरा किया था. उस दौरान मदरसा काशिफुल उलूम इस्‍लामिया अरब से संबंधित कई दस्‍तावेज भी जब्‍त किए गए थे. इस मामले में वकील फहीम खान ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और कोर्ट से कहा गया था कि वो पुलिस को आदेश दे कि सभी दस्‍तावेज लौटाए जाएं और हमदर्द दवाखाना शाखा के बिजली, गैस समेत अन्‍य खर्च के लिए बैंक अकाउंट को अनफ्रीज किया जाए.

कोर्ट ने साफतौर पर कहा कि डीसीपी टिर्की किसी भी खास जुर्म को सामने लाने में विफल रहे हैं. डीसीपी ने कोर्ट में यह जानकारी दी थी कि कुछ केस की जांच प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है. कोर्ट ने इस पर पूछा कि बैंक अकाउंट किसके कहने पर फ्रीज किए गए थे. डीसीपी ने बताया कि ऐसा इंवेस्टिगेटिंग ऑफिसर के कहने पर किया गया था.

इसके बाद कोर्ट ने उनसे यह बताने को कहा कि किस अपराध के कारण बैंक अकाउंट फ्रीज किए गए थे. इस पर डीसीपी ने कहा कि वह अभी सबके सामने यह नहीं बता सकते. लेकिन वह कोर्ट में अपना जवाब सीलबंद लिफाफे में देंगे. (news18.com)

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