सामान्य ज्ञान

युक्सिनाउ
20-Apr-2021 12:33 PM (35)
युक्सिनाउ

दुनिया के कुछ सबसे लंबे रेल रास्तों में से एक है युक्सिनाउ। यह एशिया और यूरोप के बीच यातायात को तेज और आसान बनाकर दोनों महाद्वीपों के बीच व्यापार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
 इसे  आधुनिक युग का सिल्क रूट  कहना गलत नहीं होगा। कुल 11 हजार  किलोमीटर की दूरी तय करने वाला  युक्सिनाउ  रेल मार्ग चीन के चोंगक्विंग शहर से जर्मनी के एक प्रमुख व्यवसायिक केन्द्र डुइसबुर्ग को जोड़ता है। राइन और रूअर नदियों के संगम पर स्थित जर्मनी का डुइसबुर्ग शहर स्टील निर्माण के लिए जाना जाता है। यहां दुनिया का सबसे बड़ा नदी बंदरगाह भी है। इसीलिए यातायात और व्यवसाय के लिहाज से यह शहर जर्मनी का महत्वपूर्ण केन्द्र माना जाता है। 
 2011 में कुछ रेल कंपनियों ने मिलकर  युक्सिनाउ  रेल शुरू की जो दुनिया की सबसे बड़ी रेल लाइन से केवल 2 हजार  किलोमीटर छोटी है। इस रूट से चोंगक्विंग शहर को बहुत फायदा पहुंच रहा है, जहां कार पार्ट्स और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी चीजें बनाने वाली कई फैक्ट्रियां है। चीन के प्रमुख बंदरगाह से यह शहर करीब 1,500 किलोमीटर दूर है। पूरे एशिया में चीन के साथ जर्मनी का सबसे ज्यादा व्यापार होता है और चीन के लिए भी जर्मनी ही यूरोप में उसका सबसे बड़ा पार्टनर है। पिछले साल दोनों देशों के बीच 161.5 अरब डॉलर से भी ज्यादा का कारोबार हुआ।
 चीन और जर्मनी के इन शहरों के बीच की ये लंबी दूरी तय करने में इस ट्रेन को सिर्फ सोलह दिन लगते हैं। चोंगक्विंग एक मेट्रोपॉलिटन शहर है जो तेजी से उभरते हुए चीन की पहचान बन रहा है। चीन से जर्मनी पहुंचने के सफर में लैपटॉप और कई दूसरी इलेक्ट्रॉनिक चीजें लेकर आ रही यह मालगाड़ी मध्य एशिया, रूस, बेलारूस और पोलैंड से होकर गुजरती है।
 सदियों पहले एशिया और यूरोप के बीच समुद्री रास्ते से होने वाले भारी व्यापार के चलते ही सिल्क रूट इतना महत्वपूर्ण बन गया। अभी भी इन दोनों महाद्वीपों के बीच 95 फीसदी से ज्यादा चीजें समुद्री रास्ते से ही जाती हैं। 
 

कारोबार सलाहकार समिति
संसद की कारोबार सलाहकार समिति में लोकसभा  अध्यक्ष व 14 अन्य सदस्य होते हैं। लोकसभा अध्यक्ष समिति का पदेन अध्यक्ष होता है तथा वहीं अन्य सदस्यों की नियुक्ति भी करता है। सदन के लिए समय सारणी तैयार करना तथा सदन का कार्य सुचारु रूप से संचालित करना इस समिति के मुख्य कार्य हैं। कभी-कभी समिति अपने विवेक से विशेष सार्वजनिक महत्व के विषय पर सदन में चर्चा कराने के लिए सरकार को परामर्श भी देती है।
 

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