राजनीति

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22-Jan-2021 7:38 PM 26

गांधीनगर, 22 जनवरी | गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने शुक्रवार को घोषणा की कि राज्य पुलिस के रैपिड रिस्पांस (आरआर) सेल को समाप्त कर दिया जाएगा।

साल 1995 से सक्रिय आरआर सेल का मुख्य कार्य राज्य में संगठित अपराध के कार्य पर नजर रखना था।

रूपाणी ने कहा, "हमने आज से पुलिस विभाग के आरआर सेल को खत्म करने का फैसला किया है। यह निर्णय इसलिए लिया गया है, क्योंकि प्रौद्योगिकी और गतिशीलता के नए युग में इस तरह के सेट-अप की कोई आवश्यकता नहीं है।"

वहीं एक प्रश्न के जवाब में गृह राज्य मंत्री (एमओएस) प्रदीप सिंह जडेजा ने कहा, "आरआर सेल को समाप्त करने का निर्णय हाल की घटना से संबंधित नहीं है, जिसमें एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने आरआर सेल के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) को 50 लाख रुपये रिश्वत लेने के लिए पकड़ा था।"

गौरतलब है कि 31 दिसंबर, 2020 को आनंदनगर के विद्यानगर में एक भोजनालय में रिश्वत लेते हुए एएसआई प्रकाशसिंह रावल को एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा था।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरआर सेल का काम राज्य में संदिग्ध अवैध गतिविधियों पर नजर रखना था।

यह राज्य के सात रेंज डिवीजनों में कार्यात्मक था।

लेकिन सूत्रों के अनुसार, यह सेल अपने मूल उद्देश्य से भटक गया था और इसका उपयोग पुलिसकर्मियों के बीच और भ्रष्टाचार के लिए व्यक्तिगत लाभ के लिए अधिक किया जाने लगा था।

मुख्यमंत्री ने कहा, "अब हम जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) को और शक्तियां देंगे, ताकि वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें।"  (आईएएनएस)

 


21-Jan-2021 8:13 PM 24

जयपुर, 21 जनवरी | राजस्थान में टीकाकरण अभियान 16 जनवरी से शुरू होने के बाद से अब तक धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, जिसपर राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चिंता जताई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, 16 जनवरी को, रेगिस्तान राज्य में टीकाकरण अभियान की कुल दर 73.79 प्रतिशत थी, जबकि 18 जनवरी को यह घटकर 68.72 प्रतिशत पर आ गई और 19 जनवरी को, दर और घटकर 54 प्रतिशत हो गई।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दवा कंपनियों भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के बीच विवाद को घटते टीकाकरण दर के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

बुधवार को अपने ट्वीट में, गहलोत ने टीकाकरण की धीमी दर पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "कुछ संख्या में स्वास्थ्य कार्यकर्ता टीकाकरण के लिए आए हैं। कम संख्या वाणिज्यिक कारणों के लिए दो टीका निर्माताओं के बीच बयानबाजी के कारण भी है। कल, भारत बायोटेक ने अपने वैक्सीन के बारे में दिशानिर्देश जारी किए हैं। यदि ये दिशानिर्देश पहले ही जारी किए गए होते, तो लोगों को वैक्सीन पर अधिक भरोसा होता।"

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य कर्मियों को टीकाकरण के लिए आगे आने का आह्वान भी किया।

उन्होंने कहा, "मैं स्वास्थ्य कर्मचारियों से अपील करता हूं कि वे टीका लगवाने के लिए आगे आएं।"

गहलोत गुरुवार को अपने निवास पर शाम 7:30 बजे कोविड -19 की समीक्षा और टीकाकरण के संबंध में एक बैठक करेंगे।

(आईएएनएस)

 


18-Jan-2021 8:53 PM 20

भोपाल, 18 जनवरी | मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) को राममंदिर के लिए पूर्व में जुटाए गए चंदे का हिसाब देने के लिए बाध्य करने का आग्रह किया है। सिंह ने खुद एक लाख 11 हजार 111 रुपये का चेक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भेजा है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि विहिप द्वारा 15 जनवरी, 2021 से अयोध्या में भगवान राम के मंदिर निर्माण के लिए 44 दिनों के राष्ट्रव्यापी चंदा अभियान की शुरुआत की गई है। इसके पहले से भी भगवान राम के मंदिर निर्माण के लिए अनेक ज्ञात और अज्ञात लोगों द्वारा देश के अनेक स्थानों पर चंदा एकत्रित करने का कार्य प्रारंभ किया जा चुका है।

उन्होंने कहा, "भगवान राम, भारत सहित विश्व में कहीं भी रहने वाले प्रत्येक सनातनधर्मी की आस्था के केंद्र हैं और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद हम सब अयोध्या में शीघ्र ही भव्य राममंदिर देखना चाहते हैं।"

पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने धर्म को निजी आस्था का विषय बताते हुए लिखा है कि "मध्यप्रदेश के राघौगढ़ में मेरे घर में 400 वर्षो से भगवान राम (राघौजी महाराज) का मंदिर है, जहां प्रतिदिन उनकी सेवा होती है। राम मेरे रक्त के कण-कण में मौजूद होने के बावजूद मैंने उनके नाम को अपनी राजनीति में कभी मिश्रित नहीं किया।"

प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है, "मैं आपको यह भी अवगत कराना चाहता हूं कि कुछ संगठन बहुत बड़े पैमाने पर लाठी, बल्लम, तलवारें लेकर मंदिर निर्माण के लिए चंदा वसूल कर रहे हैं। सांप्रदायिक भावना भड़काने में लगे हैं। मध्यप्रदेश में इसकी वजह से तीन अप्रिय घटनाएं हो चुकी हैं तथा इससे सामाजिक ताने-बाने को क्षति हुई है।"

पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा है, "आप देश के प्रधानमंत्री है। आप भलीभांति जानते हैं कि राममंदिर के निर्माण कार्य में अन्य धर्म के लोगों का कोई विरोध नहीं है। यह आपकी जिम्मेदारी है कि भगवान राम के मंदिर निर्माण के नाम पर चंदा एकत्रित करने का जो कार्य हो रहा है, वह सौहार्दपूर्ण वातावरण में हो। आप ऐसे संगठनों को मंदिर निर्माण का चंदा एकत्रित करने से तत्काल रोकें, जो अन्य धर्म के लोगों के खिलाफ नारेबाजी करके हथियारों को लेकर चंदा एकत्रित कर रहे हैं। देश की सभी राज्य सरकारों को भी यह निर्देश दें कि वे इस तरह की अप्रिय घटनाओं को अपने राज्य में होने से रोकें।"

"पूर्व में राममंदिर निर्माण के लिए हुए चंदा संग्रह का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा है कि पूर्व में भी विहिप द्वारा राममंदिर के नाम से चंदा एकत्रित किया गया था। मैं आपसे यह भी अनुरोध करूंगा कि आप विश्व हिंदू परिषद को पूर्व में एकत्रित किए गए चंदे का लेखा-जोखा आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए बाध्य करें।" (आईएएनएस)

 


17-Jan-2021 7:47 PM 16

रजनीश सिंह

नई दिल्ली, 17 जनवरी | राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान क्षेत्रीय भाषाओं के उपयोग में पांच गुना से अधिक की वृद्धि हुई है और सांसदों ने 2018-20 के दौरान पहली बार 22 अनुसूचित भाषाओं में से 10 में बात की, जिसमें संस्कृत उच्च सदन में पांचवीं सबसे अधिक उपयोग में लाई जाने वाली भारतीय भाषा के तौर पर उभरी है।

संस्कृत में 12 इन्टर्वेन्शन के साथ, 2019-20 के दौरान, यह हिंदी, तेलुगु, उर्दू और तमिल के बाद 22 अनुसूचित भाषाओं में से राज्यसभा में पांचवीं सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली भाषा के रूप में उभरी।

163 कार्यवाहियों के साथ 2018-20 के दौरान, क्षेत्रीय भाषाओं का उपयोग 135 बार किया गया, जिसमें बहस में 66 इन्टर्वेन्शन, 62 शून्य काल में और सात विशेष उल्लेख शामिल हैं। 1952 के बाद से उच्च सदन में पहली बार 22 अनुसूचित भाषाओं में से डोगरी, कश्मीरी, कोंकणी और संथाली जैसी चार भाषाओं का इस्तेमाल किया गया। 2018 में राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू के कहने पर इन चार भाषाओं और सिंधी भाषा में एक साथ व्याख्यात्मक सेवा की शुरुआत की गई।

इसके अलावा, असमिया, बोडो, गुजराती, मैथिली, मणिपुरी और नेपाली जैसी छह भाषाओं का उपयोग एक लंबे अंतराल के बाद किया गया है। राज्यसभा के एक दस्तावेज से यह खुलासा हुआ है।

राज्यसभा के सभापति नायडू के प्रयासों से क्षेत्रीय भाषाओं के अधिक विविध उपयोग के परिणाम मिले, जब से उन्होंने सदन के सदस्यों से अपनी मातृभाषा में बोलने के लिए सदन की संघीय प्रकृति की भावना से बोलने का आग्रह किया।

जुलाई 2018 में सभी 22 अनुसूचित भाषाओं में एक साथ व्याख्यात्मक सुविधाओं की उपलब्धता की घोषणा करते हुए, राज्यसभा सभापति ने 10 भाषाओं में सदन में बात की।

जबकि हिंदी और अंग्रेजी सदन की कार्यवाही के दौरान व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली भाषाएं हैं, 21 अन्य अनुसूचित भारतीय भाषाओं (हिंदी के अलावा) का उपयोग 2020 में 14 वर्ष की अवधि 2004-2017 की तुलना में 2020 में पांच गुना (512 प्रतिशत) से अधिक हो गया है।

राज्यसभा सदस्यों ने 2004 से 2017 के बीच 269 मौकों पर 10 अनुसूचित भाषाओं (हिंदी के अलावा) में 0.291 प्रति बैठक की दर से 2004-2017 के बीच 923 बैठकें कीं।

2020 में, क्षेत्रीय भाषाओं में 49 इन्र्टवेंशन 1.49 प्रति बैठक की दर से 33 बैठकों के दौरान किए गए थे, जो 512 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाते हैं।

दस्तावेज में कहा गया है कि 2013-17 के दौरान 329 से अधिक बैठकें हुईं, ऊपरी सदन के सदस्यों ने 96 बार केवल 10 क्षेत्रीय भाषाओं (हिंदी के अलावा) में बात की। (आईएएनएस)

 


17-Jan-2021 7:40 PM 18

भोपाल, 17 जनवरी | देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को विभिन्न हिस्सों से केवड़िया को जोड़ने वाली रेल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। एक रेल मध्य प्रदेश के रीवा से केवड़िया रवाना की गई। इस मौके पर वीडियो कॉफ्रेंसिंग से राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी जुड़े। चौहान ने रीवा से केवड़िया के बीच रेल चलाए जाने पर प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया। मुख्यमंत्री चौहान ने देश के विभिन्न स्थानो से केवड़िया के बीच रेल चलाए जाने की परियोजना के संबंध में कहा कि केवड़िया में भारत को एक करने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की विश्व प्रसिद्ध प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी स्थापित की गई है। यहां लाखों श्रद्धालु एवं पर्यटक आते हैं। यह केवल पर्यटन स्थल ही नहीं बल्कि प्रेरणा स्थल बन गया है, जो कि हमें देश की एकता एवं अखंडता की प्रेरणा दे रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि केवड़िया के लिए प्रदेश के रीवा से डायरेक्ट रेल कनेक्टीविटी से प्रदेशवासियों, विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र के लोगों को केवड़िया जाने में विशेष सुविधा होगी। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अभिनंदन तथा आभार प्रगट करता हूं।

मुख्यमंत्री निवास पर अपर मुख्य सचिव गृह एस.एन. मिश्रा, डीआरएम उदय बोरवणकर, प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी आदि उपस्थित थे। (आईएएनएस)

 


17-Jan-2021 7:38 PM 20

अगरतला, 17 जनवरी | त्रिपुरा में विपक्षी कांग्रेस ने पार्टी के राज्य अध्यक्ष पीयूष बिस्वास पर कथित हमले के विरोध में सोमवार को 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है। कांग्रेस का आरोप है, "भाजपा के गुंडों ने हमला किया।" सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हमले की निंदा की, और कांग्रेस से अपना आंदोलन वापस लेने का आग्रह किया।

कांग्रेस के त्रिपुरा के उपाध्यक्ष तापस डे ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने 'कुख्यात गुंडों' के साथ शनिवार देर शाम बिशालगढ़ के सिपहीजाला जिले में हमला किया। जबकि राज्य पार्टी प्रमुख बाल-बाल से बच गए, पार्टी के कई कार्यकर्ता घायल हो गए।

राज्य महासचिव हरेकृष्ण भौमिक, बापू चक्रवर्ती और तेजेन दास के साथ डे ने मीडिया को बताया, "हमला बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस की मौजूदगी में गुंडों द्वारा किया गया था। राज्य के पार्टी प्रमुख पर भाजपा के हमले का विरोध करने के लिए, हमने सोमवार को राज्यव्यापी 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है।"

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हमले के तुरंत बाद शनिवार रात को एफआईआर दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने अभी तक हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए कोई कदम नहीं उठाया।

जाने-माने वकील बिस्वास ने बाद में मीडिया से कहा, "भाजपा के गुंडों ' ने मेरी हत्या करने के लिए हमला किया और मेरी कार को लोहे की छड़ों और लाठियों से बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।"

उन्होंने कहा, "त्रिपुरा में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार न केवल अलोकतांत्रिक है, बल्कि शासन भी बर्बर तरीके से चला रही है। लोगों को भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करना चाहिए।"

उधर, भाजपा के राज्य मुख्य प्रवक्ता सुब्रत चक्रवर्ती ने सच्चाई का खुलासा करने के लिए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

उन्होंने कहा, "हम पुलिस से हमलावरों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह करते हैं। जांच से पता चलेगा कि यह हमला है या कांग्रेस के आंतरिक झगड़े का नतीजा। कांग्रेस को बंद के आह्वान को वापस लेना चाहिए, क्योंकि इससे शांति और प्रगति में बाधा होगी।" (आईएएनएस)

 


17-Jan-2021 7:37 PM 16

बगलकोट, 17 । जनवरी कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की सरदार वल्लभभाई पटेल के साथ तुलना की, जो स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद देश के पहले उपप्रधानमंत्री भी थे। कर्नाटक के बगलकोट शहर में एक सार्वजनिक रैली में येदियुरप्पा ने कहा, "शाह एकमात्र ऐसे नेता हैं, जो सरदार पटेल के कद के साथ बड़े हुए हैं। पटेल की तरह, शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्रांति की शुरुआत कर रहे हैं और देश को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।

पटेल (1875-1950) देश के पहले केंद्रीय गृहमंत्री भी थे और शाह और मोदी की तरह, गुजरात राज्य से थे।

मुख्यमंत्री ने कहा, "मोदी और शाह के नेतृत्व में, सत्तारूढ़ भाजपा 2023 में राज्य के अगले विधानसभा चुनावों में 150 से अधिक सीटों पर जीत हासिल करेगी, क्योंकि हमारी सरकार कोविड महामारी के बावजूद, विशेष रूप से किसानों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रही है।"

शनिवार को बेंगलुरु में एक आधिकारिक कार्यक्रम में शाह ने जोर देते हुए कहा कि येदियुरप्पा के नेतृत्व में राज्य की भाजपा सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी और अगले विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। (आईएएनएस) 

 


17-Jan-2021 7:34 PM 15

पटना, 17 जनवरी | बिहार मूल के नन-रेजिडेंट इडियंस (एनआरआई) को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार-झारखंड एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (बीजेएएनए) के सदस्यों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बातचीत की। नीतीश ने शनिवार शाम को बीजेएएनए के सदस्यों को बिहार का दौरा करने और यह खुद देखने के लिए आमंत्रित किया कि उन्होंने पिछले 15 वर्षों में राज्य में विकास के लिए क्या किया है। उन्होंने बिहार में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण और अन्य आवश्यक अवसंरचना विकास पर हर संभव मदद का वादा भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पिछले 15 वर्षों में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ प्रमुख शहरों के साथ हर गांव और कस्बों तक सड़क संपर्क विकसित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, "हमने छह घंटे में किसी भी दूरस्थ स्थान से पटना तक पहुंचने का लक्ष्य प्राप्त किया है और अब समय को केवल पांच घंटे तक कम करने का काम कर रहे हैं। दो लेन वाली सड़कों को चार लेन वाली और चार लेन वाली छह लेन वाली सड़कों में परिवर्तित किया गया है।

नीतीश कुमार ने कहा, "इसके अलावा, कई नए पुल और सड़कें पूरी हो चुकी हैं या 80 से 90 फीसदी पूरी हो चुकी हैं।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "बिहार सरकार ने 'हर घर नल का जल' कार्यक्रम के साथ-साथ 'स्वच्छ भारत अभियान' पहल के तहत पीने के पानी की आपूर्ति का 90 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है और ये दोनों कार्यक्रम 'साथ निश्चय पार्ट -2' के तहत पूरे किए जाएंगे।"

बिहार सरकार घरेलू और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्यटन क्षेत्र पर भी काम कर रही है।

उन्होंने कहा, "हमने पटना, गया, नालंदा, राजगीर, भागलपुर आदि में कई इको पार्क का निर्माण किया है। हमने कुछ दिनों पहले राजगीर में 'वेणु वन' का उद्घाटन किया था और अगले कुछ हफ्तों में प्रकृति सफारी, चिड़ियाघर और 'ग्लास वॉकवे' बनेंगे।

कुमार ने कहा, "पर्यावरण की रक्षा के लिए, माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने 2019 में हमें वित्तीय सहायता दी थी, जिससे इस क्षेत्र में काम करने में बहुत मदद मिल रही है।"

बीजेएएनए के अध्यक्ष अविनाश गुप्ता ने कहा कि उन्हें आने वाले महीनों में बिहार के विकास का हिस्सा बनने की उम्मीद है।

इस अवसर पर बीजेएएनए सदस्य अजय झा, संजय राय, अशोक रामशरण, अजय सिंह और न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्यदूत रणधीर जायसवाल उपस्थित थे। (आईएएनएस)

 


17-Jan-2021 7:31 PM 11

 नई दिल्ली/लंदन, 17 जनवरी | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इस साल जून में ब्रिटेन में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। यह शिखर सम्मेलन 11 से 13 जून तक इंग्लैंड के कॉर्नवॉल क्षेत्र में होगा।

पिछले साल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर चर्चा करने के लिए जी7 बैठक के लिए प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित किया था।

नई दिल्ली में रविवार को ब्रिटिश उच्चायोग द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि, "प्रधानमंत्री जॉनसन जी7 प्रेसीडेंसी का इस्तेमाल करेंगे, ताकि कोरोनावायरस से दुनिया को बेहतर बनाने में मदद मिल सके और हरित, निष्पक्ष और अधिक समृद्ध भविष्य का निर्माण हो सके।"

जी7 में शामिल देश यानी, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, अमेरिका - यूरोपीय संघ के साथ एकमात्र मंच है, जहां दुनिया के सबसे प्रभावशाली और खुले समाज और उन्नत अर्थव्यवस्थाएं आपसी सद्भाव से चर्चा के लिए एक साथ आती हैं।

ब्रिटेन ने ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया के प्रमुखों को भी अतिथि देशों के रूप में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है।

बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री जॉनसन की महत्वाकांक्षा जी7 का उपयोग दुनिया के लोकतांत्रिक और तकनीकी रूप से उन्नत राष्ट्रों के बीच सहयोग को तेज करना है। उनमें से 10 नेता दुनियाभर के लोकतंत्रों में रहने वाले 60 प्रतिशत से अधिक लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

जी7 को लोकतांत्रिक देशों का सबसे प्रमुख समूह बताते हुए जॉनसन ने कहा, "हमारे द्वारा सामना किए गए बड़ी चुनौतियों में यह लंबे समय से निर्णायक अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई के लिए उत्प्रेरक है।"

उन्होंने कहा, "रूस के क्रीमिया के विनाश की हमारी वैश्विक निंदा करने के लिए विकासशील विश्व ऋण को रद्द करने से दुनिया ने हमारे साझा मूल्यों को लागू करने के लिए जी7 पर ध्यान दिया है और राजनयिक एक अधिक खुले और समृद्ध ग्रह का निर्माण कर सकते हैं।"

कोरोनावायरस को लेकर उन्होंने कहा, "निस्संदेह सबसे विनाशकारी है और आधुनिक विश्व व्यवस्था का सबसे बड़ा परीक्षण जो हमने अनुभव किया है। इससे निपटने का एक ही तरीका है कि हम बेहतर भविष्य बनाने के लिए खुलेपन की भावना के साथ एकजुट होकर बेहतर निर्माण की चुनौती का सामना करते हैं।"

बयान में कहा गया है कि "वैश्विक फार्मेसी के रूप में भारत पहले से ही दुनिया के 50 प्रतिशत से अधिक वैक्सीन की आपूर्ति करता है, और ब्रिटेन और भारत ने पूरे महामारी में एक साथ मिलकर काम किया है।"

यह याद करते हुए कि ब्रिटेन, भारत के लिए यूएनएससी में स्थायी सदस्यता का समर्थन करने वाला पहला पी5 सदस्य और 2005 में जी7 शिखर सम्मेलन में भारत को आमंत्रित करने वाला पहला जी7 सदस्य था, ब्रिटेन सरकार ने कहा कि 2023 में वर्तमान ब्रिक्स अध्यक्ष और जी20 अध्यक्ष के रूप में, भारत दुनियाभर में बहुपक्षीय सहयोग स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। (आईएएनएस)


16-Jan-2021 8:32 PM 24

कार्तिकेय शर्मा 

नई दिल्ली, 16 जनवरी | कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस सांसदों के लिए अपनी रसोई में पकाया हुआ भोजन भेजा। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी बहन प्रियंका के साथ प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे।

जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने वाले ज्यादातर सांसद और विधायक कांग्रेस की पंजाब इकाई से हैं। जब आईएएनएस ने पंजाब के खडूर साहिब से कांग्रेस सांसद जसबीर सिंह गिल से बात की, तो उन्होंने कहा, "हम शुक्रवार को प्रियंका गांधी वाड्रा से मिले थे और एक लंबी बातचीत की थी। ऐसा लगता है कि वह हमारे द्वारा किए गए काम की सराहना करना चाहती हैं और इसके लिए उन्होंने खाना भेजा है।"

प्रियंका ने विरोध जता रहे सांसदों एवं विधायकों के लिए पनीर, राजमा, चावल, रोटी और गजरेला भेजा। जसबीर सिंह गिल ने आईएएनएस को बताया कि ज्यादातर तो उन्हें स्थानीय गुरुद्वारों और कभी-कभी लोगों के घरों से भोजन मिलता है।

कांग्रेस नेता पिछले 52 दिनों से तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में अपना विरोध जता रहे हैं। गिल ने यह भी कहा कि वे तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रखेंगे, जब तक कि कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाता।

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल नए कृषि कानूनों के कार्यान्वयन पर रोक लगा दी है और विवाद सुलझाने के लिए चार सदस्यीय समिति की घोषणा की है। हालांकि किसान इसके बाद भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और उनका विरोध प्रदर्शन जारी है। (आईएएनएस)

 


15-Jan-2021 8:43 PM 20

पटना, 15 जनवरी | बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश ने कुमार शुक्रवार को नए साल के मौके पर पटनावासियों को आर ब्लॉक-दीघा पथ (अटल पथ ) की सौगात दी। इस पथ का निर्माण 397.57 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। अटल पथ परियोजना की परिकल्पना वर्ष 2009-10 में की गई थी। पटना-दीघा रेलवे लाइन की भूमि राज्य सरकार को हस्तांतरित करने के बाद सड़क का निर्माण कराया गया।

मुख्यमंत्री ने उद्धाटन के मौके पर कहा कि इस पथ का नमााकरण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर अटल पथ रखा गया है। यह पथ भी अटल होगा।

उन्होंने कहा कि रास्ते के आसपास के इलाके के लोगों को इधर से उधर जाने में असुविधा न हो इसके लिए रोड ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है।

उद्घाटन समाारोह के पश्चात पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि, "आर ब्लॉक से दीघा तक हमलोगों की पथ निर्माण की इच्छा पहले से थी। इसके लिए रेलवे से जमीन प्राप्त करने की मंजूरी ली गई, उसके बाद सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया। इस पथ के एक हिस्से का कार्य पूरा हो गया।"

उन्होंने कहा, "इस पथ को गंगा पथ से और जेपी सेतु से जोड़ने का काम चल रहा है, वह भी कुछ ही महीनों के अंदर पूर्ण हो जाएगा। अटल पथ के निर्माण से लोगों को काफी सुविधा होगी। पटना से उत्तर बिहार के साथ -साथ अन्य जगहों से आने जाने में सहूलियत होगी।"(आईएएनएस)

 


15-Jan-2021 7:45 PM 21

लखनऊ, 15 जनवरी| आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक दिल्ली के विकास के मॉडल का प्रचार-प्रसार करने के लिए राज्य के विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। जिन आप विधायकों को दौरे के लिए कहा गया है, उनमें राज्य से संबंध रखने वाले या उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के मतदाताओं के बीच आधार रखने वाले नेता सबसे अधिक हैं।

आप प्रवक्ता वैभव माहेश्वरी ने कहा, "करीब 40 विधायकों को कई निर्वाचन क्षेत्र सौंपे गए हैं, जिन्हें यात्रा करने, सदस्यों के साथ बातचीत करने, उन्हें मार्गदर्शन देने और वहां पार्टी की ताकत और कमजोरियों का आकलन करने के लिए कहा गया है। फिर वे इस सूचना को पार्टी नेतृत्व के साथ साझा करेंगे।"

पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती का अमेठी और रायबरेली का दौरा इसी रणनीति का हिस्सा है।

आप ने दिसंबर में 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की थी, जिसके बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया लखनऊ पहुंचे थे।

पार्टी ने राज्य में अपने अभियान के आधार के रूप में स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में अपने काम का उपयोग करने का इरादा रखा है।

माहेश्वरी ने कहा, "आप ने पूर्वाचल के मतदाताओं की उच्च आबादी वाली सभी सीटें जीतीं हैं। इनमें से अधिकांश पूर्वी दिल्ली के क्षेत्रों जैसे शाहदरा, मयूर विहार, पटपड़गंज आदि में स्थित हैं। इन क्षेत्रों के विधायकों का उत्तर प्रदेश के उन लोगों से गहरा जुड़ाव है।"

उन्होंने कहा, "अगले कुछ महीनों में उत्तर प्रदेश में काम करने वालों में मनीष सिसोदिया, नितिन त्यागी, अखिलेशपति त्रिपाठी, राजेंद्र गौतम, राखी बिड़ला, पवन शर्मा, अजेश यादव, नरेश यादव आदि शामिल हैं।"

जब विधायक अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंप देंगे तब पार्टी अभियान के अगले चरण के लिए कार्य योजना पर फैसला करेगी। (आईएएनएस)

 


15-Jan-2021 7:44 PM 19

तिरुवनंतपुरम, 15 जनवरी | केरल के वित्त मंत्री टीएम थॉमस इसाक ने शुक्रवार को विधानसभा में राज्य का बजट पेश करते हुए 3 घंटे और 17 मिनट में मैराथन भाषण देकर इतिहास रच दिया। 2 घंटे और 54 मिनट के सबसे लंबे बजट भाषण के लिए पहले का रिकॉर्ड दिवंगत केरल कांग्रेस के नेता और तत्कालीन वित्त मंत्री केएम मणि के नाम पर था।

इसाक ने अपने बजट भाषण की शुरुआत पलक्कड़ जिले के कुझलमंडम स्कूल में कक्षा 7 की छात्रा स्नेहा द्वारा लिखी एक कविता से की।

यह विधानसभा चुनाव से पहले पिनराई विजयन सरकार द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला छठा और इसाक का 12 वां बजट है। (आईएएनएस)

 


14-Jan-2021 8:51 PM 24

मुंबई, 14 जनवरी | महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने प्रदेश के सामाजिक न्याय मंत्री धनंजय मुंडे पर दुष्कर्म का आरोप लगने के बाद पहली प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'पारिवारिक मामला' बताया। मंत्री पर एक महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है, उसके बाद से राज्य की राजनीति में तूफान खड़ा हो गया है। राकांपा के राज्य प्रमुख जयंत पाटिल ने स्पष्ट किया कि मुंडे के इस्तीफे या राज्य मंत्रिमंडल में किसी भी तरह के 'बदलाव' का कोई सवाल ही नहीं है।


उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने भी पाटिल के रुख का समर्थन किया। लेकिन सहयोगी शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने किसी के 'निजी मामलों में हस्तक्षेप करने और राजनीतिकरण करने' के लिए भाजपा पर जम कर निशाना साधा।

पाटिल ने यह भी कहा कि मुंबई पुलिस को मुंडे के खिलाफ आरोपों की 'निष्पक्ष जांच' करनी चाहिए। मुंडे ने बुधवार देर शाम राकांपा अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकात की थी और उन्हें घटनाक्रम से अवगत कराया था।

बुधवार को भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने चुनाव आयोग (ईसी) को पत्र लिखकर मुंडे के खिलाफ उनके 2019 के विधानसभा हलफनामे में दो पत्नियां रखने और बच्चों और संपत्तियों के बारे में कथित रूप से जानकारी छुपाने का आरोप लगाया।

गुरुवार सुबह सोमैया ओशिवारा पुलिस स्टेशन पहुंचे और मांग की कि पुलिस मुंडे के खिलाफ कथित दुष्कर्म-पीड़िता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करे।

महिला ने मुंडे पर शादी के बहाने और बॉलीवुड में काम दिलाने का झांसा देकर कई वर्षों तक दुष्कर्म किए जाने की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद से राकांपा की काफी किरकिरी हो रही है।

भाजपा के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे के भतीजे धनंजय मुंडे के खिलाफ पुलिस ने अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया है। मुंडे 2013 में भाजपा छोड़कर राकांपा में आ गए थे।

मुंडे ने हालांकि सभी आरोपों को झूठा बताया। उन्होंने दावा किया कि महिला ने उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए अपने मोबाइल फोन से कॉल किया था, पैसे की मांग की। इस काम में महिला की बहन और भाई भी मददगार थे। उन्होंने सबूत के तौर पर इस बावत एसएमएस होने का भी दावा किया।

हालांकि, उन्होंने यह बात मानी कि 2003 से वह एक महिला के साथ रिश्ते में हैं। उससे एक बेटा और एक बेटी भी है। वह उनका पालन-पोषण करते हैं और ये बात उनकी पत्नी को भी मालूम है।

मुंडे ने दावा किया, "2019 से उसने और उसकी बहन ने मुझे ब्लैकमेल किया और पैसे की मांग करने लगे। 12 नवंबर, 2020 को इस मामले को लेकर पुलिस में एक शिकायत भी दर्ज कराई गई।"

उन्होंने कहा कि उन्हें महिला के भाई ने धमकी दी थी, और नवंबर 2020 में उनकी बड़ी बहन ने सोशल मीडिया पर उनसे संबंधित कुछ व्यक्तिगत और निजी सामग्री प्रकाशित की और उन्हें ब्लैकमेल किया।

मुंडे ने कहा, "इसलिए मैं इस मामले में न्याय पाने की कोशिश कर रहा हूं। उसके खिलाफ उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है। उच्च न्यायालय ने उसे इस तरह की सामग्री के प्रकाशन पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए हैं। याचिका आगे की सुनवाई के लिए लंबित है। इस बीच, दोनों पक्षों के वकीलों द्वारा सुलह की प्रक्रिया भी चल रही है।"

महिला की बहन ने 12 जनवरी को सोशल मीडिया पर कहा कि वह पहले पुलिस के पास गई थी, लेकिन उसकी शिकायत सुनी नहीं गई।

उसने आगे दावा किया कि मुंडे - जो कथित तौर पर महिला के देवर हैं और उसने 1998 में उसकी बहन से शादी की थी - पहली बार 2006 में उसके साथ दुष्कर्म किया, जब वह घर पर अकेली थी और फिर पिछले कुछ वर्षों में कई बार इस कृत्य को दोहराया। (आईएएनएस)

 


14-Jan-2021 8:48 PM 34

मुंबई, 14 जनवरी | राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार ने गुरुवार को मंत्री धनंजय मुंडे पर लगे आरोपों को गंभीर बताया। हालांकि पवार ने मंत्री नवाब मलिक को यह कहकर क्लीन चिट दे दी कि उनके खिलाफ कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं है। मीडिया में पवार की प्रतिक्रिया उस समय सामने आई है, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी विवादों में घिरी हुई है, क्योंकि मुंडे पर एक महिला ने दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं मंत्री मलिक के दामाद को ड्रग्स मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा गिरफ्तार किया गया है।

पवार ने कहा, "मुंडे सामने आए और उन्होंने घटना को लेकर अपना वर्जन दिया है। आरोप गंभीर प्रकृति के लगते हैं। मैं पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को इसके बारे में अवगत कराऊंगा। इस मामले में जल्द ही फैसला लिया जाएगा।"

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, "मलिक के खिलाफ कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं हैं। वह स्वच्छ छवि वाले वरिष्ठ नेता हैं। हमें पूरा विश्वास है कि केंद्रीय एजेंसी इस मामले में उचित जांच करेगी। हम आगे के कदम उठाने से पहले इसकी रिपोर्ट का इंतजार करेंगे।"

वहीं राकांपा के राज्य अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा है कि महिला ने मुंडे को धमकी दी और ब्लैकमेल किया है, जिन्होंने मुंबई पुलिस और बॉम्बे हाईकोर्ट में भी इसकी शिकायत की है।

पाटिल ने कहा, "हालांकि आरोप गंभीर हैं और मामले के तथ्यों पर भी विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने एक साल पहले पार्टी को इस बारे में सूचित किया था। पुलिस अपना काम करेगी। मुंडे के इस्तीफे पर कोई चर्चा नहीं हुई है।"

मुंडे का कहना है वह पार्टी और उसके अध्यक्ष (पवार) के किसी भी निर्णय का पालन करने को तैयार हैं।

अपनी टिप्पणियों के कुछ ही समय बाद पवार ने प्रफुल्ल पटेल और राज्य अध्यक्ष जयंत पाटिल जैसे शीर्ष राकांपा नेताओं के साथ हालिया घमासान पर चर्चा की, जिसने सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी सरकार को शर्मिदा किया है। (आईएएनएस)

 


10-Jan-2021 9:22 PM 21

चेन्नई, 10 जनवरी | दक्षिण भारत के सुपरस्टार रजनीकांत के समर्थकों ने राजनीति में उनके आने की मांग रखते हुए यहां रविवार को शांतिपूर्ण ढंग से अपना प्रदर्शन किया। धरना दे रहे उनके प्रशंसकों ने वा थलाइवा वा (आओ लीडर आओ) और इप्पो इल्लिइना, एप्पोवम इल्लई (अगर अभी नहीं तो कभी नहीं) जैसे बैनरों को थामे हुए राज्य की राजनीति में डटे रहने का उनसे आग्रह किया, जिसके बारे में अभिनेता ने पहले बता रखा था।

रजनीकांत के फैन क्लब रजनी मक्कल मंद्रम द्वारा ऐसा न करने के लिए कहे जाने के बाद भी समर्थकों ने यहां प्रदर्शन किया।

29 दिसंबर, 2020 को रजनीकांत ने कोविड-19 महामारी का हवाला देते हुए तमिलनाडु की राजनीति में न आने के अपने फैसले का ऐलान किया, क्योंकि इससे उनकी सेहत को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

इससे पहले अभिनेता ने कहा था कि वह एक नई राजनीतिक पार्टी का गठन कर तमिलनाडु विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे, हालांकि बाद में अपनी सेहत के चलते उन्हें मजबूरन अपना यह फैसला बदलना पड़ा। (आईएएनएस)

 


09-Jan-2021 10:14 PM 52

अर्चना शर्मा 
जयपुर, 9 जनवरी
| राजस्थान में कांग्रेस के बाद अब भाजपा में भी सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। राजस्थान भाजपा में घमासान जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। 

प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समर्थकों ने एक नया राजनीतिक मंच बना लिया है। इस एकल इकाई 'टीम वसुंधरा राजे' के तहत 25 जिला अध्यक्षों की घोषणा की गई है और इसकी सूची को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया है।

यह घटनाक्रम तब सामने आया, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा द्वारा राजस्थान के तीन वरिष्ठ नेताओं के साथ दिल्ली में शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई थी। इन नेताओं में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौर शामिल थे। 

हालांकि राजे को इस बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया था।

राज्य में बन रहे नए समीकरण पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। स्पष्ट रूप से राजस्थान में उभर रहे नए राजनीतिक समीकरणों से यह संकेत मिल रहा है कि 'रानी' यानी राजे को चुपचाप दरकिनार किया जा रहा है।

आखिरकार राजे के समर्थकों ने शुक्रवार को 'टीम वसुंधरा राजे' के बैनर तले नवनियुक्त जिला अध्यक्षों की सूची जारी कर प्रदेशभर के पार्टी कार्यकर्ताओं को चौंका दिया है।

सूची के लेटरहेड में वसुंधरा की मां विजयाराजे सिंधिया की तस्वीर दिखाई दे रही है और उन्हें जनता के बीच राष्ट्रवाद की भावना को बढ़ावा देने की प्रेरक के रूप में उद्धृत किया गया है।

यह आश्चर्यजनक घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब राज्य के नेता प्रदेश के तीन जिलों में होने वाले उपचुनावों से पहले पार्टी की रणनीति पर चर्चा करने के लिए दिल्ली में एक बैठक की।

वसुंधरा इस बैठक का हिस्सा नहीं थीं, जिसकी चहुंओर चर्चा हो रही है। पिछले कई महीनों से वसुंधरा की पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ दूरी और मतभेद राजनीतिक गलियारों में चर्चा का प्रमुख विषय रहे हैं।

इस संदर्भ में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया ने कहा, "वसुंधरा राजे के समर्थकों ने कई जिलों में अपनी टीमों को खड़ा किया है। केंद्रीय नेतृत्व इस तथ्य से अवगत है और हम इस दिशा में हमारे पार्टी नेतृत्व द्वारा लिए गए निर्णय का पालन करेंगे।"

हालांकि वसुंधरा राजे समर्थक राजस्थान मंच के संयोजक विजय भारद्वाज ने आईएएनएस से कहा कि नई इकाई का गठन दिसंबर 2020 में किया गया था। उन्होंने कहा कि राजे द्वारा लोगों के लिए बनाई गई नीतियों और परियोजनाओं के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से इसका गठन किया गया है।

उन्होंने कहा कि वह भाजपा के एक आदर्श कार्यकर्ता हैं और वह 2023 में भाजपा को सत्ता में लाने और राजे को मुख्यमंत्री बनाने के लिए एक साथ काम करना चाहते हैं।

इस बीच पुनिया ने आगे कहा, "हम यह पता लगा रहे हैं कि क्या ये सदस्य गंभीर भाजपा कार्यकर्ता हैं। हम सभी तथ्यों के साथ एक पूरी रिपोर्ट संकलित करेंगे और फिर मैं इस मामले में बोलने की स्थिति में रहूंगा। अभी तो यह बस सोशल मीडिया पर है।" 

उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व जो भी दिशानिर्देश देगा, वह उसका पालन करेंगे। (आईएएनएस)


09-Jan-2021 8:29 PM 42

चंडीगढ़, 9 जनवरी | आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को कांग्रेस नेता और पंजाब के मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा की सिखों के सर्वोच्च निर्वाचित निकाय (एसजीपीसी) के फैसले का विरोध करने के लिए आलोचना की। एसजीपीसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुरु तेग बहादुर की 400 वीं जयंती समारोह आमंत्रित नहीं किया है। आप के पंजाब के सह-प्रभारी राघव चड्ढा ने यहां मीडिया को बताया कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता को आधिकारिक रूप से भाजपा में शामिल होने की सलाह दी है।


उन्होंने कहा कि किसानों के आंदोलन के कारण पूरा देश प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ है, लेकिन पंजाब में अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार एसजीपीसी की आगामी शताब्दी आयोजनों में मोदी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने की वकालत कर रही है।

चड्ढा ने कहा कि अमरिंदर सिंह असहाय हो गए हैं और मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को खुश रखने के लिए बाध्य हैं।

चड्ढा ने एक बयान में कहा, "अमरिंदर सिंह असहाय हैं और मोदी और शाह को खुश करने के लिए बाध्य हैं क्योंकि वह अपने आकाओं को परेशान नहीं कर सकते, जो उनके बेटे रणिंदर सिंह की प्रवर्तन निदेशालय की फाइलें अपने पास रखते हैं।"

उन्होंने कहा कि अमरिंदर सिंह एक धार्मिक संस्था के मामलों में हस्तक्षेप करने की कोशिश करने के लिए मजबूर हैं, जो इसके निर्णय लेने की प्रक्रिया में स्वतंत्र हैं।

चड्ढा ने कहा कि अमरिंदर सिंह शाह से मिलने दिल्ली गए थे, लेकिन उन्होंने प्रदर्शनकारी किसानों से मिलने के लिए कुछ अतिरिक्त किलोमीटर की यात्रा करने की जहमत नहीं उठाई। (आईएएनएस)

 


09-Jan-2021 2:00 PM 35

मनोज पाठक 

पटना, 9 जनवरी | अरुणाचल प्रदेश में जनता दल (युनाइटेड) के छह विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद दोनों दलों के बीच जमी बर्फ दोनों पार्टी के नेताओं के मिलने के बाद भले ही पिघल गई हो लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अभी भी पेंच फंसा हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तो मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होने के लिए इशारों ही इशारों में भाजपा को जिम्मेदार बता रहे हैं। इसके बाद भाजपा के नेता फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर समाधान की बात कर रहे हैं, लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अब तक तस्वीर नहीं साफ होना राजग के लिए अच्छे संकेत नहीं माने जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को स्पष्ट कर दिया कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर गुरुवार को भाजपा नेताओं से कोई बात नहीं हुई है।

मुख्यमंत्री ने तो यहां तक कहा, "पहले मंत्रिमंडल विस्तार में इतनी देर कहां होती थी?"

गुरुवार को भाजपा के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव सहित कई अन्य नेताओं के मुख्यमंत्री से मिलने के बाद कयास लगाए जाने लगे थे, अब जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार कर लिया जाएगा।

इससे पहले भी मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भाजपा को जिम्मेदार बताते हुए कह चुके हैं कि अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं आया है। वैसे मुख्यमंत्री के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दिए गए इस बयान के बाद भाजपा बहुत ज्यादा कुछ नहीं बोल रही है, लेकिन भाजपा के प्रवक्ता प्रेमरंजन पटेल इतना जरूर कहते हैं कि प्रदेश नेतृत्व व आलाकमान जल्द इस मसले को लेकर मुख्यमंत्री से बात भी करेगा। मुख्यमंत्री ने जो चिंता जताई है, उसका जल्द समाधान कर लिया जाएगा।

वैसे, सूत्रों का भी कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार में बंटवारा अब केवल भाजपा और जदयू के बीच ही होना है। बिहार सरकार में चार दल शामिल हैं, जिसमें से हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) तथा विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को एक-एक मंत्री पद मिल चुका है।

बिहार विधानसभा चुनाव में राजग को बहुमत मिलने के बाद 16 दिसंबर को 14 मंत्रियों के साथ नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसमें से एक मेवालाल चौधरी का इस्तीफा हो चुका है।

इस बीच, सहयोगी हम के अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने एक और मंत्री पद की मांग करके अपनी महत्वाकांक्षा जता दी। बिहार विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 है। फिलहाल विधानसभा में राजग के पास 125 का आंकड़ा है। लेकिन गौर करने वाली बात हैं कि हम व वीआइपी की चार-चार सीटें हैं। ऐसे में मांझी की महत्वकांक्षा ने भी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दुविधा बढ़ा दी है। सूत्र हालांकि फिलहाल ऐसी किसी स्थिति से इनकार का दावा कर रहे हैं लेकिन मांझी की अपनी महत्वंकाक्षा ने तो भविष्य के लिए राजग को सतर्क तो कर ही दिया है।

भाजपा और जदयू के नेता खुलकर तो नहीं, लेकिन सरकार के कार्यकाल को पूरा करने को लेकर संशय जरूर व्यक्त करते हैं।

बहरहाल, फिलहाल राजग में मंत्रिमंडल को लेकर पेंच फंसा हुआ है ओर विपक्ष भी इसे लेकर 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में है। राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी भी कहते हैं कि सत्ता में बने रहने के लिए यह गठबंधन किया गया है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार में ही जब इतना विलंब हो रहा है तो समझा जा सकता है कि सरकार पांच साल कैसे चलेगी। (आईएएनएस)
 


08-Jan-2021 9:11 PM 24

पटना, 8 जनवरी | राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव नए साल में पहली बार बिहार पहुंचते ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) पर जमकर सियासी हमला बोला। उन्होंने शुक्रवार को नीतीश कुमार की चल रही सरकार को बिहार के लिए अभिशाप बताते हुए कहा कि हमने पहले ही कहा कि था कि बिहार में राजग की सरकार गिरेगी। मध्यावधि चुनाव के लिए महागठबंधन पहले से ही तैयार है।


नए साल में राजद नेता शुक्रवार को पहली बार पटना पहुंचे। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि राजग की वर्तमान सरकार गिरेगी। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने जदयू को चौथे नंबर की पार्टी बना दिया है, लेकिन चुनाव आयोग ने उसे तीसरे नंबर की पार्टी बनाया है।

तेजस्वी यादव ने 16 साल से चल रही नीतीश सरकार को बिहार के लिए अभिशाप बताते हुए कहा, "बिहार सबसे नौजवान प्रदेश है लेकिन इन लोगों ने बिहार को बेरोजगार और मजबूर प्रदेश बना दिया है। हमलोग बार बार कहते रहे हैं कि यह जनादेश की चोरी करके सत्ता में आए हैं।"

उन्होंने कहा कि इस सरकार से छात्र, किसान, मजदूर, जिविका दीदी, सरकारी कर्मचारी सभी लोग त्रस्त हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह सरकार सत्ता की लोभी है और सत्ता के लोभ में बिहार को बर्बाद कर दिया है।

पत्रकारों द्वारा राजद नेताओं द्वारा नीतीश को महागठबंधन में आने के ऑफर दिए जाने के संबंध में पूछे जाने पर विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, "ऑफर कोई नहीं दे सकता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष से पहले ही हम मिलकर आए थे। हमने कई बार कहा है कि बिहार के लोग नीतीश कुमार के खिलाफ हैं। कोई दरवाजा खोलने और बंद करने की बात नहीं है। यह सवाल ही गलत है।"

उन्होंने स्पष्ट कहते हुए कहा कि कोई आपसी तालमेल की बात नहीं है। कोरोना वैक्सीन को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन को लेकर भाजपा के नेता ऐसे बयान दे रहे हैं जैसे उन्होंने एक कोरोना की वैक्सीन तैयार की है।

उन्होंने कहा कि वैक्सीन का निर्माण डक्टरों और वैज्ञानिकों ने किया है। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि पहले वैक्सीन आ तो जाए, अभी तो कई तरह की प्रक्रिया चल रही है।

उल्लेखनीय है कि तेजस्वी कई दिनों से बिहार से बाहर थे, जिसे लेकर विरोधी उनपर लगातार निशाना साध रहे थे।(आईएएनएस)

 


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