खेल

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Date : 20-Feb-2020

नई दिल्ली, 20 फरवरी । अहमदाबाद के मोटेरा स्थित सरदार पटेल स्टेडियम जल्द ही दुनिया का सबसे बड़ा स्टेडियम बन जाएगा। इसमें 1 लाख 10 हजार लोगों के बैठने की क्षमता है। इस स्टेडियम का उद्घाटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हाथों किया जा सकता है।
हिटमैन रोहित शर्मा इस स्टेडियम के विहंगम दृश्य को देखकर रोमांचित हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा- आश्चर्यजनक...स्टेडियम के बारे में इतना सुनने के बाद वहां खेलने के लिए और इंतजार नहीं कर सकता।
इस स्टेडियम से बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली भी काफी प्रभावित दिखे। गांगुली ने ट्वीट कर लिखा, अहमदाबाद में इतना बड़ा और शानदार स्टेडियम देखकर खुशी हुई... एक खिलाड़ी, कप्तान के तौर पर इस मैदान से मेरी कई यादें जुड़ी हुई हैं। ईडन में हजारों लोगों की तादाद को देखकर बड़ा हुआ.. इस स्टेडियम को 24 तारीख को देखने के लिए बेसब्र हूं।
टीम इंडिया के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने लिखा- शानदार लग रहा है। हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी के लिए संजोने वाला पल। विश्व स्तरीय सुविधा- 110,000 से अधिक की क्षमता। दरअसल, इस स्टेडियम का पुनर्निर्माण किया गया है। सबसे पहले यह स्टेडियम 1982 में बना था। इसके लिए गुजरात सरकार ने 50 एकड़ जमीन दी थी। 1983 से इस स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन किया जाने लगा। अब तक मोटेरा में एक टी-20 इंटरनेशनल, 12 टेस्ट मैच और 24 वनडे इंटरनेशनल मुकाबले आयोजित किए जा चुके हैं।(आजतक)

 

 


Date : 20-Feb-2020

नई दिल्ली, 20 फरवरी। लगातार तीन गेंदों पर तीन विकेट लेकर हैट्रिक जमाना किसी भी गेंदबाज का सपना होता है। अगर वह हैट्रिक प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू करते ही हासिल हो जाए, तो इससे बेहतर शुरुआत और क्या हो सकती है। इतना ही नहीं, अगर वह हैट्रिक फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू करते हुए पहले ही ओवर में बन जाए तो इसे क्या कहेंगे..?
ये सच है। हाल ही में मौजूदा रणजी ट्रॉफी सीजन के दौरान एक अनजान गेंदबाज ने यह करिश्मा कर दिखाया है। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण करते हुए पहले ही ओवर में हैट्रिक जमाने का यह एकमात्र उदाहरण है। यानी यह वर्ल्ड रिकॉर्ड हैं। 
ऐसा कारनामा करने वाला यह गेंदबाज उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के रहने वाले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज रवि यादव ने 28 साल की उम्र में मध्य प्रदेश की ओर से रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया। मजे की बात यह है कि रवि ने अपने गृहराज्य उत्तर प्रदेश की टीम के विरुद्ध ही यह असाधारण उपलब्धि अपने नाम की।
 इंदौर में मुकाबले के पहले ही दिन ढलती शाम रवि को 7वें ओवर में आक्रमण पर लगाया गया। फिर क्या था उन्होंने उस ओवर की तीसरी गेंद पर यूपी के आर्यन जुयाल को विकेटकीपर के हाथों लपकवाया और इसके बाद अगली दो गेंदों पर अंकित राजपूत (0) और समीर रिजवी (0) को बोल्ड कर इतिहास रच दिया।
अब जरा रिकॉर्ड बुक खंगालते हैं। दरअसल, 80 साल पहले साउथ अफ्रीका के रिकी फिलिप्स ने भी फर्स्ट क्लास क्रिकेट के अपने पहले ही ओवर में हैट्रिक (1939-40) ली थी, लेकिन इससे पहले उन्हें चार मैचों में गेंदबाजी का मौका नहीं मिला था। यानी जब उन्होंने हैट्रिक ली, तो वह अपना पांचवां मैच खेल रहे थे, भले ही उन्होंने अपने पहले ओवर में हैट्रिक ली हो।
भारतीय गेंदबाजों की बात करें, तो 7 और गेंदबाजों ने अपने फर्स्ट क्लास डेब्यू में हैट्रिक ली है, जिनमें जवागल श्रीनाथ, सलिल अंकोला, अभिमन्यु मिथुन जैसे नाम शामिल हैं। लेकिन रवि यादव की हैट्रिक सबसे अलग है क्योंकि उन्होंने अपने पहले ही ओवर में ऐसा कर दिखाया।
पिछले तीन साल तक नेट बॉलर के तौर पर मध्य प्रदेश से जुड़े रहने के बाद आखिरकार रवि यादव का 28 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी खेलने का सपना सच हुआ। यूपी के लिए जूनियर क्रिकेट खेल चुके रवि ने अंडर-19 वीनू मांकड़ ट्रॉफी में डेब्यू किया था और उनका वह पदार्पण मैच मध्य प्रदेश के खिलाफ था। और अब 11 साल बाद उसी मध्य प्रदेश की ओर से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया।
रवि कहते हैं कि फिरोजाबाद में क्रिकेट का माहौल नहीं था। उनका चयन स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ के लिए हो गया, जहां वह 2004 से 2008 तक रहे। यहीं से आरपी सिंह और सुरेश रैना जैसे क्रिकेटर निकले हैं। हालांकि वह इसके बाद 2010 से 2014 के दौरान पीठ और घुटने की चोट के कारण इस खेल से दूर रहे।
दरअसल, रवि पर क्रिकेट का जुनून सवार था। इसके लिए रेलवे की नौकरी भी उन्हें स्वीकार नहीं थी। रवि ने कहा, घर का बिजनेस नहीं चल रहा था। मैंने जॉब का ऑफर ठुकरा दिया था, यह पता चलने पर घरवाले बहुत नाराज हुए थे। लेकिन मैं कर दिखाऊंगा।। ये जिद थी। ऊपर वाले पर भरोसा था...एक मौका तो जरूर मिलेगा।
एक दोस्त के कहने पर रवि 2016 में मुरैना (एमपी) चले गए और मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) के तहत डिस्ट्रिक्ट ट्रायल्स में खुद को आजमाया। उन्होंने स्थानीय टूर्नामेंट में विकेट चटकाए और इसी प्रदर्शन ने उन्हें मध्य प्रदेश टीम का नेट गेंदबाज बना दिया। रवि ने सफलता हासिल करने के बाद कहा, फिट रहा और टीम के लिए विकेट लेता रहा, तो मौके मिलते रहेंगे। (आजतक)

 

 


Date : 19-Feb-2020

नई दिल्ली, 19 फरवरी। पहलवान सुनील कुमार ने ग्रीको रोमन वर्ग में भारत का 27 साल का सूखा खत्म कर दिया है। दिल्ली में हो रही एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप के पहले दिन उन्होंने 87 किलो भार वर्ग में किर्गिस्तान के अजत सलीदिनोचव को 5-0 से हराया। सुनील कुमार ग्रीको रोमन में स्वर्ण जीतने वाले तीसरे भारतीय बन गए हैं। 2019 में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। तब चीन में हुई एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप के फाइनल में उन्हें ईरान के हुसैन अहमद नौरी ने हरा दिया था। लेकिन इस बार उन्होंने स्वर्ण जीतने में कामयाबी पाई।
सुनील कुमार के अलावा मंगलवार को अर्जुन हालाकुर्की ने ग्रीको रोमन में 55 किलो भार वर्ग में कांस्यक पदक जीता। अर्जुन पहली बार सीनियर नेशनल चैम्पियनशिप में उतरे थे और पहली बार में ही उन्होंने पदक अपने नाम कर लिया।(सत्याग्रह)


Date : 19-Feb-2020

वेलिंग्टन, 19 फरवरी । न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उतरने से पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली ने इस बात के संकेत दे दिए हैं कि मयंक अग्रवाल के साथ पारी की शुरुआत शुभमन गिल नहीं, बल्कि पृथ्वी शॉ करेंगे। ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि रेगुलर ओपनर रोहित शर्मा टेस्ट सीरीज से बाहर हैं और उनकी जगह पृथ्वी शॉ को टेस्ट टीम में बतौर सलामी बल्लेबाज शामिल किया गया था।
बुधवार को विराट कोहली ने पृथ्वी शॉ की तारीफ करते हुए कहा है कि टीम चाहती है कि वे अपना नेचुरल गेम खेलें। विराट कोहली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है, पृथ्वी शॉ एक बहुत की प्रतिभावान खिलाड़ी है, उसके पास अपना खुद का गेम है और हम उसी चीज को फॉलो करना चाहता हैं जिस तरह से वह खेलता है। मैं सोचता हूं कि मयंक अग्रवाल ने ऑस्ट्रेलिया में जो प्रदर्शन किया था, उम्मीद है कि पृथ्वी न्यूजीलैंड के खिलाफ ऐसा करेगा और मयंक अपनी फॉर्म को जारी रखेंगे।
युवा सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ के बारे में कोहली के इस बयान के बाद साफ है कि पृथ्वी शॉ वेलिंग्टन टेस्ट में पहली बार विदेशी सरजमीं पर कोई टेस्ट मैच खेलेंगे। अपने पहले ही टेस्ट मैच में शतक जडऩे वाले पृथ्वी शॉ पिछले कुछ समय से टीम से बाहर थे, क्योंकि टीम ने उन पर बैन लगाया था। इसके अलावा चोट भी एक बड़ा कारण थी। पृथ्वी शॉ ने अभी तक भारतीय टीम के लिए दो टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें 1 शतक और 1 अर्धशतक जड़ा है।
कोहली ने कहा है, मेरा मानना है कि आप पृथ्वी शॉ को कम अनुभवी बोल सकता हैं, लेकिन मयंक अग्रवाल को हम अनुभवी कहेंगे, क्योंकि उन्होंने पिछले साल काफी रन बनाए हैं। इसलिए, हम समझते हैं कि टेस्ट क्रिकेट में उनका गेम कैसा है। व्हाइट बॉल क्रिकेट में आप कुछ अतिरिक्त करने की सोचते हैं और अपना विकेट गंवा देते हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में आपको अनुशासन दिखाना होता है।
भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली के इस बयान से साफ है कि न्यूजीलैंड ए के खिलाफ इंडिया ए के लिए एक दोहरा शतक और एक शतक लगाने वाले बल्लेबाज शुभमन गिल को अभी टेस्ट क्रिकेट में मौका नहीं मिलेगा। शुभमन गिल पिछले कई टेस्ट सीरीज से टीम के साथ बने हुए हैं, लेकिन एक भी मैच में उनको मौका नहीं मिला है। यहां भी विराट कोहली शुभमन गिल की जगह पृथ्वी शॉ को मौका देना चाहते हैं तो टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू कर चुके हैं।(एएनआई)

 

 


Date : 19-Feb-2020

नई दिल्ली, 19 फरवरी । न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज शेन बॉन्ड ने कहा कि उनकी टीम ने जिस तरह से भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का सामना किया उससे दूसरी टीमें सीख लेंगी।
बुमराह न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में एक भी विकेट नहीं ले सके थे। सीरीज में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहने पर बुमराह को आलोचना का सामना करना पड़ा था, लेकिन बॉन्ड ने उनका बचाव किया।
बॉन्ड ने कहा, ‘जब आपके पास जसप्रीत बुमराह की तरह का गेंदबाज हो तो जाहिर है उससे काफी उम्मीदें होंगी।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि न्यूजीलैंड ने उन्हें खतरा माना और उनका सामना सही तरीके से किया।
उन्होंने कहा, ‘बुमराह के साथ टीम में अनुभवहीन गेंदबाज (नवदीव सैनी और शार्दुल ठाकुर) थे जिसका फायदा न्यूजीलैंड को हुआ।’ 
बॉन्ड ने कहा, ‘अब हर टीम उन्हें खतरे की तरह देखेगी और दूसरे गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाएंगी।’
बॉन्ड ने हालांकि कहा कि भारतीय टीम सीरीज 0-3 से हार गई, लेकिन बुमराह की गेंदबाजी बुरी नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘आप मैच में अच्छा करना चाहते हैं। उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन कई बार आपको विकेट नहीं मिलता।’ 
आईपीएल में मुंबई इंडियंस के गेंदबाजी कोच के तौर पर बुमराह के साथ समय बिताने वाले बॉन्ड ने कहा कि यह भारतीय गेंदबाज दो टेस्ट की सीरीज में ‘काफी प्रभाव’ डालेगा।
शेन बॉन्ड ने कहा, ‘जब आप खराब प्रदर्शन से वापसी करते हैं तब लय हासिल करना हमेशा मुश्किल होता है। उन्हें इस सीरीज से पहले ज्यादा मैचों में खेलने का मौका नहीं मिला। न्यूजीलैंड ने वनडे सीरीज में अच्छे से उनका सामना किया, लेकिन टेस्ट मैचों में उनका काफी प्रभाव होगा। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है।’ 
न्यूजीलैंड को उनके घरेलू मैदान में हराना काफी मुश्किल होता है और बॉन्ड को उम्मीद है कि विलियमसन पांच तेज गेंदबाजों के साथ मैच में जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘न्यूजीलैंड की विकेट के बारे में सबसे बड़ी बात यह है कि यहां गेंद स्पिन नहीं होती है। जो भी टॉस जीतता है वह पहले गेंदबाजी करना चाहता है, क्योंकि पहले दिन पिच से सबसे ज्यादा मदद मिलती है।’ 
शेन बॉन्ड ने कहा, ‘अगर न्यूजीलैंड की टीम बिना किसी स्पिनर के मैच में उतरे तो भी मुझे आश्चर्य नहीं होगा। मैं भी स्पिनर को टीम में नहीं रखना चाहूंगा क्योंकि उसका काम सिर्फ रनगति पर अंकुश लगाना होता है।’(आज तक)

 


Date : 19-Feb-2020

वेलिंगटन, 19 फरवरी। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट ने फिटनेस हासिल करने के लिए जल्दबाजी नहीं दिखाई लेकिन शुक्रवार से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के दौरान वह भारतीय कप्तान विराट कोहली का विकेट चटकाकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी को यादगार बनाना चाहते हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉक्सिंग डे टेस्ट में उनका हाथ फैक्चर हो गया था जिसके बाद वह भारत के खिलाफ लिमिटेड ओवरों की सीरीज में टीम का हिस्सा नहीं थे। 
छह सप्ताह तक टीम से बाहर रहने के बाद वापसी करने वाले इस तेज गेंदबाज ने शुरुआती टेस्ट से पहले अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। पहले टेस्ट के लिए यहां पहुंचने के बाद उन्होंने भारतीय कप्तान को चेतावनी भरे लहजे में कहा, ‘जब भी मैं खेलता हूं तो मेरी कोशिश उनके (कोहली) जैसे बल्लेबाज को आउट कर खुद को साबित करने की होती है। मैं उनको आउट करने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। लेकिन वह कमाल के खिलाड़ी हैं। सभी को पता है कि वह महान खिलाड़ी हैं।’ 
भारतीय टीम है मजबूत 
न्यूजीलैंड को पिछली टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने 3-0 से हराया था और उनके लिए भारत भी कठिन चुनौती पेश करेगा। बोल्ट ने कहा, ‘वे मजबूत टीम हैं और आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में शीर्ष पर हैं। वे इस बात को लेकर स्पष्ट हैं कि उन्हें कैसे खेल खेलना है।’ 
21 फरवरी से शुरू होगी टेस्ट सीरीज 
भारत और न्यूजीलैंड के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच 21 फरवरी से वेलिंग्टन में खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच हुई सीमित ओवरों की सीरीज में मुकाबला बराबरी पर ही छूटा। भारत ने टी20 इंटरनेशनल सीरीज में 5-0 से जीत हासिल की वहीं न्यूजीलैंड ने 3-0 से वनडे इंटरनेशनल सीरीज जीतकर हिसाब बराबर कर लिया। (नवभारत टाईम्स)

 


Date : 19-Feb-2020

छत्तीसगढ़ संवाददाता
दुर्ग, 19 फरवरी।
शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय  की कला संकाय की छात्रा लक्ष्मी तिवारी ने नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में 9 से 13 फरवरी तक आयोजित इंटरनेशनल किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त कर सिल्वर मेडल प्राप्त किया। 
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरएन सिंह एवं क्रीडा अधिकारी अब्दुल महमूद द्वारा दी गयी। जानकारी के अनुसार लक्ष्मी तिवारी ने इससे पूर्व भी राष्ट्रीय स्तर की अनेक स्पर्धाओं में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर गोल्ड एवं सिल्वर मेडल प्राप्त किए है। महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ. आरएन सिंह, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. राजेन्द्र चौबे, डॉ. एके खान, डॉ. जगजीत कौर सलूजा, डॉ. लक्ष्मीकांत भारती, डॉ. अनिल पाण्डेय, डॉ. ज्योति धारकर, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने लक्ष्मी तिवारी को प्राचार्य कक्ष में सम्मानित किया। 
क्रीड़ा अधिकारी अब्दुल महमूद के अनुसार लक्ष्मी तिवारी ने 1-2 फरवरी को डोंगरगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय वुशु चैम्पियनशिप में स्वर्ण एवं रजत पदक जीतकर महाविद्यालय का नाम रोशन किया। 
लक्ष्मी तिवारी ने बताया कि इसी वर्ष 11 एवं 12 जनवरी को रायपुर में आयोजित नेशनल पावर लिफ्टिंग चैम्पिनशिप में उसे एक स्वर्ण तथा एक रजत पदक प्राप्त हुआ। लक्ष्मी तिवारी अब महाविद्यालय एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश की ओर से वुशु चैम्पियनशिप की राष्ट्रीय स्पर्धा में हिस्सा लेंगी।

 


Date : 19-Feb-2020

बेंगलुरु, 19 फरवरी । राहुल द्रविड़ के बेटे समित द्रविड़ अपने पिता के पदचिह्नों पर चल पड़े हैं। समित ने दो महीने के अंदर दो दोहरे शतक जड़ दिये हैं। हाल ही में उन्होंने बेंगलुरु में अपने स्कूल माल्या अदिति इंटरनेशनल का प्रतिनिधित्व करते हुए अंडर-14 क्रिकेट में दोहरा शतक जमाया। बीटीआर शील्ड अंडर-14 ग्रुप -1, डिवीजन दो टूर्नामेंट के दौरान समित द्रविड़ ने सिर्फ 144 गेंदों में नाबाद 211 रनों की जोरदार पारी खेली, जिसमें उनके 24 चौके के अलावा एक छक्का भी शामिल है।
समित द्रविड़ के दोहरे शतक की बदौलत उनकी टीम ने निर्धारित 50 ओवरों 3 विकेट के नुकसान पर 386 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया। जवाब में बीजीएस नेशनल पब्लिक स्कूल की टीम 254/3 रन ही बना पाई और एमएआई को 132 रनों से जीत मिली। समित द्रविड़ ने इससे पहले 20 दिसंबर 2019 को अंडर-14 इंटर जोनल टूर्नामेंट में वाइस प्रेसिडेंट के इलेवन की ओर से खेलते हुए धारवाड़ जोन के खिलाफ 201 रन बनाकर सुर्खियां बटोरी थीं।
समित द्रविड़ पिछले साल के अंत में अपने हरफनमौला प्रदर्शन से तब चर्चा में आए, जब उन्होंने इंटर जोनल टूर्नामेंट में 3 विकेट के साथ 2 पारियों में कुल 295 रन बनाए थे।
इससे पहले समित 2016 में भी खबरों में रहे, जब उन्होंने बेंगलुरु यूनाइटेड क्रिकेट क्लब की ओर खेलते हुए फै्रंक एंथोनी पब्लिक स्कूल के खिलाफ 125 रन बनाए थे। समित ने प्रत्यूषजी (143) के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 213 रन जोड़े। उनकी टीम ने 30 ओवरों के खेल में लोयोला स्कूल के मैदान पर 246 रन की शानदार जीत दर्ज की थी।
ऐसा लग रहा है कि समित अपने पिता के नक्शेकदम पर चल पड़े हैं। राहुल द्रविड़ का विश्व के बड़े बल्लेबाजों में शुमार होता है। 16 साल के शानदार करियर में द्रविड़ ने 13288 टेस्ट और 10889 वनडे रन बनाए थे।(आज तक)

 


Date : 19-Feb-2020

छत्तीसगढ़ संवाददाता
राजनांदगांव, 19 फरवरी।
खिलाड़ी मीत ठाकुर द्वारा किए गए 3 गोल की बदौलत बीईजी पुणे ने स्पोटर्स कॉलेज इटावा को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 4-2 गोल से हराकर 78वीं महंत राजा सर्वेश्वरदास स्मृति अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता से बाहर कर दिया। दूसरे मैच में हरियाणा इलेवन ने काफी मशक्कत के बाद सांई हॉस्टल भोपाल पर 3-2 गोल से जीत दर्ज की।
स्टेडियम समिति राजनांदगांव द्वारा अंतर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में आयोजित की जा रही 78वीं महंत राजा सर्वेश्वरदास स्मृति अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता के तीसरे दिन खेले गए पहले मैच में बीईजी  पुणे ने स्पोटर्स कॉलेज इटावा पर 4-2 गोल की संघर्षपूर्ण जीत दर्ज की। बीईजी ने चौथे ही मिनट में मीत ठाकुर के मैदानी गोल से 1-0 गोल की बढ़त बना ली थी, लेकिन 24वें मिनट में इटावा के कप्तान मोहित कुशवाहा ने गोल कर अपनी टीम को 1-1 गोल की बराबरी पर ला खड़ा किया था। मैच के तीसरे क्वार्टर में एक बार फिर पूना ने 42वें मिनट में पेनाल्टी कार्नर बनाया, जिसे लवप्रीत सिंह ने गोल कर मैच 2-1 गोल पर ला खड़ा किया था। वहीं 48वें मिनट में इटावा को पेनाल्टी कार्नर मिला, जिस पर नीरज यादव ने गोल कर मैच 2-2 गोल की बराबरी पर ला दिया था। इसके बाद मीत कुमार ने 56वें व 59वें मिनट में एक के बाद एक 2 मैदानी गोल कर अपनी टीम को 4-2 गोल से जीत दिला दी।
अब तक का प्रतियोगिता मेें सबसे संघर्षपूर्ण तेज गति से खेले गए मैच में देश की ख्यातिनाम टीम हरियाणा इलेवन को सांई हॉस्टल भोपाल पर जीत दर्ज करने मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि हरियाणा ने यह मैच दो के मुकाबले तीन गोल से जीत कर स्पर्धा में दूसरी जीत दर्ज की। मैच प्रारंभ के पहले क्वार्टर में भोपाल ने दूसरे ही मिनट में पेलान्टी कार्नर से दीपक ने गोल कर बढ़त 1-0 गोल से बना ली थी।
 सांई की ओर से दूसरा गोल दूसरें क्वार्टर के 17वें मिनट में रोहित ने मैदानी गोल के जरिए भोपाल को 2-0 गोल से आगे कर दिया था, लेकिन इसके बाद हरियाणा के खिलाडिय़ों ने अपनी रणनीति बदली और 27वें मिनट में अभिमन्यु के गोल से 2-1 गोल पर स्थिति आ गयी थी। इसके बाद तो हरियाणा के खिलाड़ी और आक्रमक हो गए और 38वें मिनट में गुरमुख ने मैदानी गोल कर अपनी टीम को 2-2 गोल की बराबरी पर ला दिया। मैच के अंतिम क्वार्टर में हरियाणा ने 51वें मिनट में पेलान्टी कार्नर प्राप्त किया, जिस पर पंकज ने गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचाकर 3-2 गोल से अपनी टीम को आगे कर दिया यह स्थिति मैच समाप्ति तक बनी रही।
पहले मैच में बीईजी पूना के मीत ठाकुर व दूसरे मैच में सांई हॉस्टल भोपाल के गोलकीपर रवि को राजेश जैन सीए द्वारा प्रदत्त मैन ऑफ  द मैच का पुरस्कार मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायधीश अनुराग श्रीवास्तव व आयोजन समिति के अध्यक्ष महापौर हेमा देशमुख व राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष विवेक वासनिक के हाथों प्रदान किया गया। 

 


Date : 18-Feb-2020

नई दिल्ली, 18 फरवरी। भारत ने 2008 से पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है। वहीं, पाकिस्तान ने वनडे और टी-20 सीरीज के लिए आखिरी बार 2012 में भारत का दौरा किया था। इस दोनों देशों ने पिछले 8 साल से एक दूसरे के साथ कोई बाइलेटरल सीरीज नहीं खेली है।
हालांकि आईसीसी टूर्नामेंट्स और एशिया कप में ये दोनों देश आमने-सामने होते रहे हैं। बीसीसीआई पहले ही साफ कर चुका है कि जब तक भारत सरकार से कोई अनुमति नहीं मिलती पाकिस्तान से बाइलेटरल क्रिकेट सीरीज खेलनी मुश्किल है। 
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर से बाइलेटरल क्रिकेट सीरीज होते देखना चाहते हैं। शोएब अख्तर ने आगे कहा कि वीरेंद्र सहवाग, सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर से पूछकर देखें कि हम उन्हें कितना पसंद करते हैं। हमारे बीच चल रहे राजनीतिक मतभेदों का क्रिकेट पर असर नहीं पडऩा चाहिए। शोएब अख्तर ने कहा, हमारे यहां दुनिया में बेहतरीन मेहमाननवाजी होती है और भारत को भी यह बहुत अच्छी तरह पता है।
अख्तर ने कहा कि सिर्फ क्रिकेट को ही भारत और पाकिस्तान के खराब संबंधों का असर क्यों झेलना पड़ता है। अगर भारत और पाकिस्तान बाइलेटरल क्रिकेट सीरीज नहीं खेलना चाहते तो दोनों देशों को व्यापार सहित अन्य सभी संबंधों को खत्म कर देना चाहिए। भारत और पाकिस्तान व्यापार कर सकते हैं, कबड्डी खेल सकते हैं, डेविस कप खेल सकते हैं, लेकिन हम क्रिकेट क्यों नहीं खेल सकते। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट होने से पैसा के साथ दर्शकों की संख्या भी बढ़ती है। शोएब अख्तर ने कहा, भारत, पाकिस्तान नहीं आना चाहता है और पाकिस्तान, भारत नहीं जाना चाहता है तो बाइलेटरल क्रिकेट सीरीज एशिया के तटस्थ स्थान पर खेली जा सकती है।
इस साल सितंबर में एशिया कप 2020 का आयोजन पाकिस्तान में होना है और बीसीसीआई पहले ही साफ कर चुका है कि भारतीय क्रिकेट टीम एशिया कप खेलने पाकिस्तान नहीं जाएगी। कुछ जानकारों का मानना है कि एशिया कप की मेजबानी पाकिस्तान के लिए मुमकिन नहीं होगी, क्योंकि भारत सुरक्षा कारणों से यहां खेलने के लिए तैयार नहीं होगा। (आजतक)

 


Date : 18-Feb-2020

बर्लिन, 18 फरवरी । भारत के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को सोमवार को पिछले 20 सालों में सर्वश्रेष्ठ खेल पल के लिए लॉरियस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। महान टेनिस खिलाड़ी बोरिस बेकर ने विजेता के नाम की घोषणा की और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने ट्रॉफी सचिन तेंदुलकर को सौंपी। 2011 विश्व कप जीतने के बाद तेंदुलकर को विराट कोहली, यूसुफ पठान, सुरेश रैना, हरभजन सिंह और अन्य टीम साथियों ने अपने कंधें पर बैठाकर पूरे वानखेड़े स्टेडियम का चक्कर लगाया था। भारत ने 2 अप्रैल 2011 को विश्व कप के फाइनल में श्रीलंका को 6 विकेट से मात देकर खिताब जीता था।

प्रतिष्ठित ट्रॉफी लेने के बाद तेंदुलकर भावुक हो गए। उन्होंने अपने भाषण में कहा, मैं लॉरियस अवॉर्ड सदस्यों को यह याद देने के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा। मेरे ख्याल से यह बहुत विशेष है। साथ ही जिन लोगों ने वोट किया और माना कि स्क्रीन पर दिखने वाले इस पल को वोट करना चाहिए, उन सभी का शुक्रिया। यह अतुल्नीय है। विश्व कप जीतने की खुशी का एहसास शब्दों में बयां करने से कम है। कितनी बार आपको ऐसा इवेंट मिलता है जहां कोई मिश्रित विचार नहीं होते। बहुत ही कम पूरा देश इसका जश्न मना रहा होता है।
उन्होंने आगे कहा, बहुत दुर्लभ जब कोई विचार नहीं होते। हर कोई साथ बैठकर जश्न मना रहा है। यह ध्यान दिलाता है कि खेल कितना शक्तिशाली है और यह हमारी जिंदगी पर क्या जादू चला सकता है। हमने खेल की ताकत का अनुभव किया है। अब भी जब मैं यह देखता हूं तो यह मेरे साथ रहता है। मगर मुझे कहीं अंदाजा था कि देश के लिए कुछ विशेष हुआ है और मैं इसे एक दिन अनुभव करूंगा। इस तरह मेरी यात्रा शुरू हुई। यह मेरी जिंदगी का सबसे गौरवशाली पल रहा, 22 साल पीछा करने के बाद ट्रॉफी हाथ में उठाई। मगर मैंने कभी उम्मीद नहीं हारी थी। मैंने वह ट्रॉफी अपने देशवासियों की जगह उठाई थी।
जब तेंदुलकर ने मंडेला को किया याद
सचिन तेंदुलकर ने इस दौरान दक्षिण अफ्रीका दौरे पर नेल्सन मंडेला के साथ बैठक की यादें साझा की। सुपरस्टार एथलीट्स के सामने भाषण देते समय तेंदुलकर ने कहा कि उनका अवॉर्ड उन सभी युवा प्रेरणादायी दिमागों के लिए हैं, जो अपना करियर खेल में बनाना चाहते हैं। 
तेंदुलकर ने कहा, मुझे दक्षिण अफ्रीका में महान व्यक्ति से मिलने का सम्मान प्राप्त हुआ। प्रेसिडेंट नेल्?सन मंडेला से जब मैं मिला, तब महज 19 साल का था। उनकी कठिनाइयां कभी भी उनकी लीडरशिप पर प्रभाव डालती नहीं दिखीं। उन्होंने हमारे साथ कई संदेश छोड़े, लेकिन मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण जो है, वो यह है कि खेल में हमें एकजुट और एकता कायम रखने की ताकत है।
46 वर्षीय तेंदुलकर ने कहा, इस कमरे में कई महान एथलीट्स के बीच बैठा हूं। इनमें से कुछ को सबकुछ नहीं मिला, लेकिन इनके पास जो भी है, उससे सर्वश्रेष्ठ निकाला। यह आगे चलकर चैंपियन एथलीट्स बने। मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने युवाओं को खेल में करियर बनाने के लिए प्रेरणा दी और सपने के पीछे भागना सिखाया। मुझे महसूस होता है कि यह ट्रॉफी सिर्फ मेरे लिए नहीं बल्कि हम सभी के लिए है युवाओं को प्रेरित करने के लिए।
कभी हिम्मत नहीं हारो, कभी उम्मीद मत छोड़ों
महान टेनिस खिलाड़ी बोरिस बेकर ने सचिन तेंदुलकर से पूछा कि विश्व कप ट्रॉफी हाथ में लेने के लिए दो दशक से ज्यादा इंतजार करना पड़ा तो कैसा महसूस हुआ। इस पर जवाब देते हुए तेंदुलकर ने कहा कि इंतजार ने उन्हें हिम्मत नहीं हारने को उम्मीद नहीं छोडऩा सिखाया।
महान बल्लेबाज ने कहा, मेरी यात्री 1983 से शुरू हुई जब मैं 10 साल का था। जो क्रिकेट नहीं फॉलो करते थे, तब भारत ने विश्व कप जीता था। 10 साल की उम्र में मुझे नहीं समझ आया कि हुआ क्या और क्यों हर कोई जश्न मना रहा है। मैं भी इसमें शामिल था। मगर कहीं मुझे महसूस हुआ कि देश के लिए कुछ विशेष हुआ है। मैं भी ऐसा एक दिन करना चाहूंगा और इस तरह मेरी यात्रा शुरू हुई।
उन्होंने आगे कहा, ट्रॉफी दिमाग में थी। हमने यह फोटो देखी। मेरे हाथ में झंडा था। यह मेरी जिंदगी का सबसे गौरवशाली पल है, उस ट्रॉफी का पीछा करना, जिसका मैंने किया। मगर सबसे अच्छी चीज यही रही कि मैंने कभी हिम्मत नहीं हारी। कभी उम्मीद नहीं छोड़ी। मैंने अपने देशवासियों की तरफ से वह ट्रॉफी उठाई।(टाईम्स नाउ)

 

 


Date : 18-Feb-2020

बर्लिन, 18 फरवरी । नामी लॉरियस वर्ल्ड स्पॉर्ट्स अवॉर्ड की घोषणा हो गई है। इसमें मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर को भी अवॉर्ड मिला है। वहीं एफ1 रेसर लुइस हैमिल्टन और फुटबॉलर लियोनेल मेसी को संयुक्त रूप से वर्ल्ड स्पॉर्ट्समैन ऑफ द इयर अवॉर्ड दिया गया है। यहां सचिन को स्पॉर्टिंग मोमेंट्स 2000-2020 अवॉर्ड मिला। 
आपको वर्ल्ड कप 2011 याद है? भारत की जीत के बाद टीम इंडिया ने सचिन तेंडुलकर को कंधो पर उठाकर स्टेडियम के चक्कर लगवाए थे। बस यही फोटो सबको भा गई। वोटिंग में इस तस्वीर को स्पॉर्टिंग मोमेंट्स 2000-2020 चुना गया है। 
अवॉर्ड जीतने के बाद सचिन स्टेज पर आए। उन्होंने अवॉर्ड जीतने पर खुशी जाहिर की। वह बोले कि यह दिखाता है कि खेल कितने शक्तिशाली हैं और कैसे लोगों के जीवन पर असर डालते हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, मेसी और हैमिल्टन को बराबर संख्या में वोट मिले थे। पिछले 20 साल से ये अवॉर्ड दिए जा रहे हैं, पहली बार संयुक्त रूप से किसी को अवॉर्ड दिया गया। हालांकि, मेसी अवॉर्ड फंक्शन में पहुंच नहीं पाए, उन्होंने विडियो संदेश जारी किया था। (नवभारत टाईम्स)

 

 


Date : 18-Feb-2020

नई दिल्ली, 18 फरवरी। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) अध्यक्ष सौरव गांगुली की दोस्ती काफी पुरानी है। दोनों ने मिलकर टीम इंडिया को कई खास जीत दिलाई हैं और अब इन दोनों के बीच सोशल मीडिया पर मजेदार नोक झोंक देखने को मिलती रहती है। सचिन तेंदुलकर को बर्लिन में आयोजित लॉरेस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स इवेंट में स्पोर्टिंग मूमेंट 2000-2020 का अवॉर्ड दिया गया। इसको लेकर सचिन तेंदुलकर ने एक पोस्ट इंस्टाग्राम पर शेयर की और सौरव गांगुली ने उन्हें ट्रोल कर दिया। तेंदुलकर की पोस्ट पर गांगुली का कमेंट वायरल हो गया है।

तेंदुलकर ने एक फोटो शेयर की, जिसमें वो बर्लिन में हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा, लॉरेस स्पोर्ट वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स के लिए बर्लिन में रहकर खुश हूं। तेंदुलकर की इस फोटो पर गांगुली ने कमेंट में लिखा, तेंदुलकर मैं गलत नहीं था। इससे पहले तेंदुलकर ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न से एक फोटो शेयर की थी, जिस पर गांगुली ने उन्हें ट्रोल किया था। तेंदुलकर ने मेलबर्न की फोटो शेयर करते हुए लिखा था, धूप का मजा लेते हुए। जिस पर गांगुली ने कमेंट में लिखा था, किसी किसी का किस्मत अच्छा है... छुट्टी मनाते रहो।
तेंदुलकर इस महीने ऑस्ट्रेलिया में बुशफायर चैरिटी मैच में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे। वो इस मैच में रिकी पोंटिंग इलेवन टीम के कोच थे। तेंदुलकर ने भी गांगुली को उनके कमेंट का जवाब दिया था। तेंदुलकर ने लिखा था, वर्थवाइल हॉलीडे दादी... हम 10 मिलियन डॉलर जुटा सके। बर्लिन में आयोजित लॉरेस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स इवेंट में तेंदुलकर के नाम का ऐलान किया गया। सचिन तेंदुलकर का नाम बेस्ट स्पोर्टिंग मूमेंट कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया था।  (लाइव हिन्दुस्तान)

 


Date : 18-Feb-2020

हरियाणा ने स्पोटर्स कॉलेज लखनऊ को 5-3 किया पराजित

छत्तीसगढ़ संवाददाता
राजनांदगांव, 18 फरवरी।
मेजबान हॉकी इलेवन को सोमवार को दूसरे मैच में मध्यप्रदेश अकादमी के हाथों 9-0 गोल से करारी हार का सामना करते 78वीं महंत राजा सर्वेश्वरदास स्मृति अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता में बाहर होना पड़ा। दूसरे खेले गए संघर्षपूर्ण मैच में हरियाणा इलेवन ने स्पोटर्स कॉलेज लखनऊ को 3 के मुकाबले 5 गोल से पराजित करते अपना विजय अभियान प्रारंभ किया।
स्टेडियम समिति राजनांदगांव द्वारा अंतर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में आयोजित की जा रही 78वीं महंत राजा सर्वेश्वरदास स्मृति अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए पहले मैच में मेजबान राजनांदगांव हॉकी इलेवन को मध्यप्रदेश अकादमी ने 9-0 गोल से करारी शिकस्त देते प्रतियोगिता से बाहर का रास्ता दिखा दिया। मध्यप्रदेश ने पहले ही क्वार्टर के 7वें व 13वें मिनट में हिमांशु सैनिक के 2 गोल और 11वें मिनट में सुंदराम रजावत के मैदानी गोल के जरिये 3-0 गोल की बढ़त बना ली थी। दूसरे क्वार्टर में भी मध्यप्रदेश के किशोर खिलाडिय़ों ने ताल-मेल बनाए रखा और 19वें व 21वें मिनट में सुंदराम रजावत के 2 गोल 28वें व 30वें मिनट में दीपक कुमार द्वारा 2 मैदानी गोल कर 7-0 गोल से अपनी टीम को आगे कर लिया था। मैच के तीसरे क्वार्टर में दोनों ही टीमें एक-दूसरे पर गोल नहीं कर सकी थी। चौथे क्वार्टर में मध्यप्रदेश के मुद्स्सर कुरैशी ने 48वें मिनट और सुंदराम रजावत ने 51वें मिनट में मैदानी गोल करते 9-0 गोल से मेजबान राजनांदगांव इलेवन पर जीत प्राप्त कर ली। इस मैच में मध्यप्रदेश के सुंदराम रजावत ने अपनी टीम के लिए 5 गोल किया।
दूसरे मुकाबले में हरियाणा इलेवन ने स्पोटर्स कॉलेज लखनऊ को 3 के मुकाबले 5 गोल से पराजित किया। खेल के 12वें व 19वें मिनट में अंकुश काला ने 2 मैदानी गोल व 20वें मिनट में शाहिल शर्मा ने गोल कर 3-0 गोल से हरियाणा को आगे कर दिया था। 28वें मिनट में लखनऊ के जाहिद खान ने गोल कर मैच 3-1 गोल पर ला दिया था, लेकिन इसके तुरंत बाद ही 29वें मिनट में हरियाणा के दीपक व 32वें मिनट में शाहिल शर्मा ने एक के बाद एक 2 और गोल कर हरियाणा को 5-1 से आगे कर दिया था, लेकिन मैच के अंतिम क्वार्टर में लखनऊ के खिलाडिय़ों ने अच्छे तालमेल से खेलते 53वें मिनट में अजय यादव और 57वें मिनट में सौरव आनंद ने गोल कर अपनी टीम के हार के अंतर को 5-3 गोल पर मैच ला खड़ा किया।
खेले गए पहले मैच में मध्यप्रदेश अकादमी के सुंदराम रजावत व दूसरे मैच में हरियाणा इलेवन के अंकुश काला को राजेश जैन सीए द्वारा प्रदत्त मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार प्रदान किया गया।

 

 


Date : 18-Feb-2020

छत्तीसगढ़ संवाददाता
मनेन्द्रगढ़, 18 फरवरी।
विकासखंड अंतर्गत ग्राम बहेराटोला में युवा स्टार क्रिकेट क्लब द्वारा आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल मैच डुगला और बहेराटोला की टीम के मध्य खेला गया। फाइनल मैच के मुख्य अतिथि सविप्रा उपाध्यक्ष गुलाब कमरो एवं विशिष्ट अतिथि व्यवसायी पवन फरमानिया, जनपद अध्यक्ष डॉ. विनय शंकर सिंह, नपा उपाध्यक्ष कृष्णमुरारी तिवारी, जिला महामंत्री रामनरेश पटेल, जनपद सदस्य मकसूद आलम, रामलाल, पूर्व जनपद सदस्य शैलजा सिंह, विवेक चतुर्वेदी, अमर सिंह, अहमद हुसैन  व राजा पांडेय रहे।
ज्ञात हो कि प्रतियोगिता का शुभारंभ 21 जनवरी को हुआ था। प्रतियोगिता में 29 टीमों ने भाग लिया। रविवार को फाइनल मैच डुगला और बहेराटोला की टीम के मध्य खेला गया। डुगला की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। बहेराटोला की टीम निर्धारित 12 ओवर में 62 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। वहीं डुगला की टीम ने 8.3 ओवर में 7 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।  मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार 3 विकेट लेकर महत्वपूर्ण 14 रन बनाने वाले विजयी टीम के खिलाड़ी गंगाराम को दिया गया। बेस्ट बल्लेबाज बहेराटोला के रूपसाय व बेस्ट गेंदबाज गंगाराम रहे। वहीं मेन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार डुगला के खिलाड़ी मुकेश को दिया गया।  गुलाब कमरो ने कहा कि हर शख्स को लक्ष्य निर्धारित कर उसका पीछा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी लक्ष्य का पीछा किया, जिसकी वजह से आज इस मुकाम पर हैं। साथ ही कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने पिछले 15 सालों में खेलों को कोई महत्व नहीं दिया, लेकिन प्रदेश में हमारी सरकार आने के बाद तेजी से छत्तीसगढ़ का विकास हुआ है। इस अवसर पर उन्होंने 2 लाख की लागत से मंच व खेल मैदान के समतलीकरण की घोषणा की।

 

 


Date : 17-Feb-2020

नई दिल्ली, 17 फरवरी। खेल जगत के लिए यह साल काफी खास है। ओलिंपिक ईयर होने के कारण हर खिलाड़ी का पूरा ध्यान सिर्फ अपने खेल पर ही है, मगर ओलिंपिक से पहले भारतीय उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। 400 मीटर की वल्र्ड जूनियर चैंपियन और एशियन गेम्स की सिल्वर मेडलिस्ट हिमा दास साल भर के लिए अपनी पसंदीदा स्पर्धा (400 मीटर) से दूर जा रही हैं और अब वह अपना पूरा ध्यान 200 मीटर पर लगाएंगी। हालांकि इसके बाद व्यक्तिगत स्पर्धा में ओलिंपिक का टिकट हासिल करने की उनकी संभावना लगभग खत्म सी हो गई है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार हिमा अपना पसंदीदा रेस में अगले साल वापसी करेंगी।
दरअसल चोट और फिर बुखार के कारण उनकी स्पीड और ताकत पर भी फर्क पड़ा है जिसे वह वापस हासिल करना चाहती हैं और इसीलिए वह 200 मीटर रेस पर अपना ध्यान लगाना चाहती हैं। दो सौ मीटर में हिमा का सर्वश्रेष्ठ 23.10 सेकंड है। साल 2018 में एशियन गेम्स में सिल्वर जीतने के बाद से ही वह चोटों से जूझ रही थीं।
भारतीय एथलेटिक्स फेडरेशन के हाइ परफॉर्मेंस डायरेक्टर वोल्कर हेरमैन ने कहा कि हिमा दास 400 मीटर के लिए अभी पूरी  तरह से तैयार नहीं हैं। जरूरत के हिसाब से उनकी अभी वह कंडीशनिंग नहीं है और 400 मीटर में आपको अच्छी ट्रेनिंग और ताकत की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि हम पिछले सत्र की तरह कोई गलती नहीं करना चाहते। साथ ही हम किसी को मजबूर नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि यदि हम हिमा को 400 मीटर में प्रतियोगिता के लिए कहते हैं तो उन पर काफी दबाव आ जाएगा। वह अभी युवा हैं और हम कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहते।
कोच को भी उम्मीद है कि 200 मीटर से हिमा दास को स्पीड बढ़ाने में मदद मिलेगी, जब वह 2021 में 400 मीटर में वापसी करेंगी तो उनके लिए थोड़ा आसान हो जाएगा। पिछले सीजन में 200 मीटर में हिमा ने चार गोल्ड मेडल जीते थे। हेरमैन ने कहा कि पिछले साल वह बैक इंजरी से जूझ रही थीं। जिससे उबरने के बाद उन्हें बुखार हो गया और वह सही से ट्रेनिंग नहीं कर पाईं। इसीलिए अपनी पुरानी लय को हासिल करने के लिए उन्हें 200 मीटर पर ध्यान लगाने के लिए कहा गया है। हालांकि इसकी संभावना कम है कि हिमा 4 गुणा 400 मीटर रिले स्क्वॉड का हिस्सा होंगी। हालांकि फेडरेशन मई में टीम फाइनल करेगी। (एनडीटीवी)
 


Date : 17-Feb-2020

बेंगलुरु, 17 फरवरी। बेंगलुरु ओपन के रूप में घरेलू सरजमीं पर अपना अंतिम एटीपी टूर्नामेंट खेल रहे भारत के महान टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस को रविवार को केएसएलटीए स्टेडियम में पूर्व ओलिंपियन और खिलाडिय़ों ने सम्मानित किया।
बेंगलुरु ओपन के रूप में घरेलू सरजमीं पर अपना अंतिम एटीपी टूर्नामेंट खेल रहे भारत के महान टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस को रविवार को केएसएलटीए स्टेडियम में पूर्व ओलिंपियन और खिलाडिय़ों ने सम्मानित किया।
पेशेवर टेनिस में अंतिम सीजन में खेल रहे पेस और ऑस्ट्रेलिया के उनके जोड़ीदार मैथ्यू एबडेन को शनिवार को पुरुष युगल फाइनल में पूरव राजा और रामकुमार रामनाथन की भारतीय जोड़ी के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी।
उनके नाम से 'द लास्ट रोर' का एक पोस्टर भी दिया गया। रविवार को एकल फाइनल से पहले 46 साल के पेस को गर्मजोशी से विदाई दी गई। इस दौरान विभिन्न खेलों के स्टार खिलाड़ी मौजूद रहे जिसमें पूर्व हॉकी खिलाड़ी ज्यूड फेलिक्स, वीआर रघुनाथ, अर्जुन हलप्पा, पूर्व ट्रैक ऐंड फील्ड ऐथलीट अश्विनी नचप्पा, डेविस कप खिलाड़ी प्रह्लाद श्रीनाथ आदि शामिल हैं।
46 साल के लिएंडर पेस जब यह पोस्टर देख रहे थे, तब वह इमोशनल हो गए। पूर्व ओलिंपिक मेडलिस्ट पेस ने राजधानी एक्सप्रेस फिल्म में भी काम किया है। दिग्गज लिएंडर पेस ने जो टीशर्ट पहन रखी थी उसके पीछे लिखा था कि कब और कहां उन्होंने मेडल जीता। इस मौके पर पूर्व तैराक रेश्मा और निशा मिलेट, पूर्व एथलीट प्रमिला अयप्पा और रीत अब्राहम भी मौजूद रहे।
दर्शकों से पूर्व खिलाडिय़ों का खड़े होकर अभिवादन करने का आग्रह करते हुए पेस ने कहा, ‘आप सभी ने मुझे सिखाया कि कैसे खेलों के प्रति जज्बे, प्रतिबद्धता और कड़ी मेहनत से हमें सफलता हासिल करने में मदद मिलती है।’ इसके बाद वह भावुक भी हो गए। (नवभारत टाईम्स)

 

 


Date : 17-Feb-2020

कोलकाता, 17 फरवरी। चेन्नैयिन एफसी ने एटीके के चार जीत के क्रम पर विराम लगाते हुए इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) मैच में रविवार को यहां 3-1 से जीत दर्ज करके प्लेऑफ में जगह बनाने की उम्मीदों को जीवंत रखा। एटीके की टीम प्लेऑफ के लिए क्वॉलिफाइ कर चुकी है लेकिन इस हार से टीम की एएफसी चैंपियंस लीग के लिए क्वॉलिफाइ करने की उम्मीदों को झटका लगा है। 

एफसी गोवा की टीम ने शीर्ष पर तीन अंक की बढ़त बना रखी है जबकि सिर्फ एक लीग मैच बचा है। चेन्नै टीम की ओर से राफेल क्रिवेलारो, आंद्रे शेमबरी और नेरिजस वाल्सकिस ने गोल दागे। वहीं, एटीके की ओर से एकमात्र गोल राय कृष्णा ने किया। इस जीत से चेन्नै की टीम अंकतालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गई है जबकि उसके दो मैच बचे हैं। (नवभारत टाईम्स)

 


Date : 17-Feb-2020

रांची, 17 फरवरी। मणिपुर के सनाबम दमन सिंह ने रविवार को यहां राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दूसरे और अंतिम दिन 50 किमी पैदल चाल में पुरुष वर्ग का खिताब जीत लिया। 30 साल के दमन सिंह ने चार घंटे आठ मिनट और 10 सेकंड के समय के साथ खिताब जीता। वह हालांकि तीन घंटे और 50 मिनट के ओलिंपिक क्वॉलिफिकेशन से काफी दूर रहे। 

पंजाब के गुरप्रीत सिंह (चार घंटे नौ मिनट और 44 सेकंड) दूसरे जबकि उत्तर प्रदेश के अंजनी सिंह (चार घंटे 22 मिनट और 37 सेकंड) तीसरे स्थान पर रहे। पुरुष अंडर-20 की 10 किमी पैदल चाल स्पर्धा में हरियाणा के अमित ने 40 मिनट और 28 सेकंड के राष्ट्रीय रेकॉर्ड के साथ खिताब जीता।
लड़कियों की अंडर-20 की 10 किमी पैदल चाल स्पर्धा में 18 साल की मुनिता प्रजापति ने बलजीत कौर बाजवा को पछाडक़र खिताब जीता। मुनिता ने 50 मिनट और 15 सेकंड के समय के साथ 50 मिनट और 30 सेकंड का विश्व जूनियर ऐथलेटिक्स चैंपियनशिप क्वॉलिफाइंग स्तर भी हासिल किया। बलजीत ने क्वॉलिफाइंग स्तर से एक सेकंड अधिक समय लिया। (नवभारत टाईम्स)

 


Date : 17-Feb-2020

सेंचुरियन, 17 फरवरी। इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच सेंचुरियन में खेले गए टी-20 मैच में रनों की ऐसी बरसात हुई कि कई रिकॉर्ड्स टूट गए। इस मैच में कुल 448 रन बने और गेंदबाजों की खूब पिटाई हुई।
इस मैच में पहले बैटिंग करते हुए साउथ अफ्रीका ने इंग्लैंड को जीत के लिए 223 रनों का टारगेट दिया था। इसके जवाब में इंग्लैंड ने 19.1 ओवर में 5 विकेट गंवा कर लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस मैच में जिस बल्लेबाज ने हैरान किया वो थे इंग्लैंड के कप्तान इयोन मॉर्गन। मॉर्गन ने 22 गेंदों में नाबाद 57 रनों की तूफानी पारी खेल इंग्लैंड को जीत दिला दी। मॉर्गन ने अपनी पारी में 7 छक्के लगाए, उनके बल्ले से एक भी चौका नहीं निकला।
इयोन मॉर्गन ने इंग्लैंड के लिए एक बार फिर से सबसे तेज अर्धशतकीय पारी खेली। इयोन मॉर्गन ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपना अर्धशतक सिर्फ 21 गेंदों पर पूरा किया।
इससे पहले मोर्गन ने साल 2019 में नेपियर में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी 21 गेंदों पर अर्धशतक लगाया था। यह दूसरा मौका था जब उन्होंने इंग्लैंड की तरफ से टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में दो बार सबसे तेज अर्धशतक लगाया। 
मोर्गन के अलावा इंग्लैंड के लिए सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज जोस बटलर हैं, जिन्होंने 22 गेंदों पर जबकि जेसन रॉय ने भी 22 गेंदों पर ये कमाल किया था।
इंग्लैंड ने इस मैच में दक्षिण अफ्रीका को 5 विकेट से हराया। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।  इंग्लैंड ने अपने टी-20 इतिहास में दूसरी बार 200+ रन का लक्ष्य हासिल किया। दोनों ही बार विरोधी टीम दक्षिण अफ्रीका ही रही। इससे पहले 2016 में मुंबई में उसने 230 रन बनाए थे। टी-20 में यह चौथा सबसे बड़ा रनचेज है। 
इससे पहले 2018 में ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 244 रन, वेस्टइंडीज ने 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 232 रन और इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2016 में 230 रन बनाए थे। (आजतक)

 

 


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