खेल

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03-Aug-2021 8:09 PM (68)

नई दिल्ली, 3 अगस्त: वह जमाना गया, जब भारत में सिर्फ क्रिकेटरों के यहां ही चांदी बरसती थी! पिछले कुछ साल में बाकी दूसरे खेलों में भी खिलाड़ियों को स्टारडम मिला, तो इन खिलाड़ियों को भी विज्ञापन की दुनिया ने हाथों-हाथ लिया. ये सितारे भी साल भर के भीतर किसी स्थापित क्रिकेटरों से अच्छी खासी रकम कमाते हैं. और इनमें पीवी सिंधु (PV Sindhu) तो बहुत ही ज्यादा आगे हैं.  देखते ही देखते पीवी सिंधु ने अपना कद बहुत ही ऊंचा कर लिया है. और यह भी साफ है कि हाल ही में ओलिंपिक में एक और पदक जीतने के बाद उनकी ब्रांड वेल्यू बहुत ही ज्यादा बढ़ने जा रही है. जब बाजार कोविड से उबरकर सामान्य होगा, तो यह पदक पीवी सिंधु को बहुत ही ज्यादा फायदा देगा. चलिए हम आपको बताते हैं कि पीवी सिंधु की नेटवर्थ (कुल संपत्ति=कुल देनदारी=नेटवर्थ) कितनी है और वह फिलहाल साल भर के भीतर कितना  पैसा कमा रही हैं. इसके लिए हमने अलग-अलग बेवसाइटों और स्रोतों का सहारा लिया है. 

पीवी सिंधु की साल 2021 में नेटवर्थ (कुल संपत्ति-कुल देनदारी=कुल नेटवर्थ)

पिछले साल तक सिंधु की नेटवर्थ 72 करोड़ रुपये थी. साल 2018 और 2019 में दुनिया की अग्रणी मैगजीन फोर्ब्स ने सिंधु को दुनिया की सर्वाधिक कमाई करने वाली महिला खिलाड़ियों में जगह थी. फोर्ब्स के हिसाब से  2018 में उनकी नेटवर्थ करीब 60 करोड़ और 2019 में करीब 40 करोड़ रुपये थी. मतलब तब एक साल के भीतर उनकी नटवर्थ में काफी कमी आयी थी. बहरहाल आज के समय यह नेटवर्थ करीब 72 करोड़ रुपये हो गयी है. 

सिंधु के मोटे अनुबंध
साल 2019 में सिंधु ने चीन के एक ब्रांड लि निंग के साथ चार साल के लिए 50 करोड़ रुपये का करार किया था. यह बैडमिंटन खेल के सबसे बड़े व्यक्तिगत करारों में से एक था. इसमें से करीब 40 करोड़ की रकम प्रायोजन की थी, जबकि शेष पैसा उपकरणों के लिए था. इससे पहले सिंधु ने योनेक्स कंपनी के साथ साल 2016 से लेकर 2018 तक 35 करोड़ रुपये का करार किया था. अब जबकि सिंधु ने कांस्य पदक जीता है, तो उनके सालाना करार की  रकम बढ़ना या नए अनुबंध मिलना पक्का है.

बड़े ब्रांड  हैं सिंधु के पास

वर्तमान में सिंधु के पास 13 से ज्यादा बड़े और मशहूर ब्रांड हैं, जिनके लिए वह विज्ञापन  करती हैं. सिंधु जेबीएल, ब्रिजस्टोन, टायर्स, बैंक ऑफ बड़ौदा, गैटोरेड, मूव, मिंत्रा, फ्लिपकार्ट, नोकिया, पैनासोनिक, स्टेफ्री शामिल हैं. साल 2017 में एक बड़े अखबार ने छापा था कि सिंधु प्रति ब्रांड कमाई में विराट कोहली से कुछ ही पीछे हैं. पीवी प्रति विज्ञापन के लिए सालाना 1 से लेकर 1.50 करोड़ रुपये तक वसूलती हैं और इस रकम में भी अब इजाफा हो सकता है. मतलब यह है कि सिंधु टीम इंडिया के कई नामी-गिरामी क्रिकेटरों से ज्यादा प्रति विज्ञापन की रकम वसूल रही हैं.

सिंधु की सालाना कमाई 
एक अग्रणी  वेबसाइट paycheck.in के हिसाब से सिंधु की हफ्ते भर की ही कमाई कई लाख रुपये है, जो करोड़ रुपये से कुछ ही कम है. चलिए नजर दौड़ा लें कि स्टार खिलाड़ी साल और हफ्ते में कितना कमाती हैं. कुल मिलाकर सिंधु की सालाना कमायी करोड़ों रुपये में है, जो टीम इंडिया के कई सितारा क्रिकेटरों से कहीं ज्यादा है. स्रोतों के अनुसार सिंधु की वर्तमान में सालना कमाई लगभग 41 करोड़ रुपये है. मतलब यह सितारा खिलाड़ी महीने में तकरीबन तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई करती हैं, जबकि कई भारतीय खिलाड़ी ऐसे हैं, जो साल भर में भी इतना पैसा नहीं कमा पाते. और अब जबकि सिंधु ने फिर से कांस्य पदक झटक लिया है, तो साफ है कि उनकी ब्रांड वेल्यू और सालाना कमाई में और भी इजाफा होना तय है. (ndtv.in)

 


03-Aug-2021 7:25 PM (38)

नई दिल्ली, 3 अगस्त | टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु का मंगलवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। हवाई अड्डे पर सैकड़ों की संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए और सिंधु का ढोल बाजों के साथ स्वागत किया।

सिंधु ने टोक्यो में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा। वह पहली भारतीय महिला बनीं जिन्होंने ओलंपिक में भारत के लिए दो बार पदक जीते हैं।

आंध्र प्रदेश सरकार ने सिंधु को 30 लाख रूपये की ईनामी राशि देने की घोषणा की है। सिंधु ने इससे पहले 2016 रियो ओलंपिक में रजत पदक जीता था।

सिंधु ने यहां पहुंचने पर कहा, "मैं बहुत खुश और उत्साहित हूं। कई लोगों ने मुझे बधाई दी। मैं बैडमिंटन संघ और सभी लोगों का प्यार और समर्थन देने के लिए धन्यवाद देती हूं।" (आईएएनएस)


03-Aug-2021 7:22 PM (50)

 टोक्यो, 3 अगस्त | भारतीय महिला हॉकी टीम पहली बार ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुंचकर पहले ही इतिहास रच चुकी है और अब उसका सामना बुधवार को अर्जेटीना से होना है, जहां उसकी नजरें फाइनल में पहुंचने पर होगी। क्वार्टर फाइनल में विश्व की नंबर-2 टीम ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद भारतीय टीम का मनोबल अर्जेटीना के खिलाफ बढ़ा है। उन्होंने उम्मीद से ज्यादा प्रदर्शन किया है और उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं है और शीर्ष टीमों के खिलाफ उसे खेलने का अनुभव हासिल हुआ है। हालांकि, वह ओलंपिक खेलों के फाइनल में जाने के इस मौके को गंवाना नहीं चाहेगी।

ओलंपिक शुरू होने से पहले विश्व रैंकिंग में नौंवें स्थान पर रही भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर नया मानक तय किया है।

भारतीय डिफेंडर और गोलकीपर सविता पुनिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया था और उनपर अर्जेटीना के विरूद्ध इस प्रदर्शन को दोहराने का जिम्मा रहेगा। हालांकि, अर्जेटीना की टीम ऑस्ट्रेलिया से काफी अलग है। वह काफी फिट टीम है।

अर्जेटीना के पास अगुसटीना गोरजेलानी के रूप में शॉट कॉर्नर विशेषज्ञ मौजूद हैं जबकि फॉरवर्ड अगुसटीना अल्बर्टारिओ ने दो मैदानी गोल किए हैं।

भारतीय टीम को अर्जेटीना की टीम का कुछ हद तक आईडिया है। उसने इस साल जनवरी में इनके खिलाफ मुकाबला खेला था। हालांकि, वो दोस्ताना मैच था और खिलाड़ी वहां ओलंपिक के अनुरुप गंभीर नहीं थे।

कप्तान रानी रामपाल के नेतृत्व वाली महिला टीम को ग्रुप चरण में विश्व की नंबर-1 टीम नीदरलैंड के खिलाफ 1-5 से, जर्मनी के खिलाफ 0-2 से और ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ 1-4 से हार का सामना करना पड़ा था।

हालांकि, उसने आयरलैंड के खिलाफ 1-0 से जीत दर्ज की और फिर दक्षिण अफ्रीका को 4-3 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जाने की उम्मीद बरकरार रखी। फिर ग्रेट ब्रिटेन ने आयरलैंड को हराया और भारतीय टीम क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई कर गई।

अर्जेटीना के खिलाफ भारतीय टीम को अधिक आक्रामक होने और मौके भुनाने के साथ ही बेहतर तरीके से डिफेंड करने की जरूरत है।

भारतीय टीम के पास खोने को कुछ नहीं है और उसे इस मैच में खुलकर खेलने की जरूरत है।(आईएएनएस)


03-Aug-2021 7:19 PM (33)

नॉटिंघम, 3 अगस्त | भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने मंगलवार को कहा है कि पिछले दौरों के तुलना में इस बार इंग्लैंड दौरे के लिए टीम की तैयारी बेहतर है। कोहली ने कहा कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले के बाद पांच मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले डेढ़ महीने से अधिक का फासला था जिससे इंग्लैंड में बदलते मौसम में टीम ढल गई।

कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ मैच की पूर्व संध्या पर कहा, "हमने अतीत के मुकाबले इस बार बेहतर तैयारी की है। ब्रेक मिलने से स्थिति ने हमें मौसम में ढलने का समय दिया क्योंकि यहां जल्द ही मौसम बदल जाता है।"(आईएएनएस)


03-Aug-2021 7:00 PM (18)

हॉकी: पुरुष हॉकी के दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने जर्मनी को 3-1 से हरा दिया है. पहले सेमीफाइनल में भारतीय टीम को बेल्जियम ने 5-2 से मात दी थी. अब कांस्य पदक के लिए भारत का मुकाबला जर्मनी से होगा.


03-Aug-2021 6:44 PM (37)

 

नई दिल्ली. टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह अकसर अपनी बेबाक राय, बेखौफ अंदाज में रखते हैं. युवराज सिंह ने इशारों ही इशारों में भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया की रणनीति पर सवाल खड़े किये हैं. युवराज सिंह ने कहा कि भारतीय टीम इंग्लैंड में तेज गेंदबाज ले गई है लेकिन भुवनेश्वर कुमार जैसा स्विंग गेंदबाज इंग्लैंड गया ही नहीं. युवराज सिंह ने कहा कि भुवनेश्वर जैसे गेंदबाज को इंग्लैंड सीरीज में खेलना चाहिए था क्योंकि वहां स्विंग गेंदबाज ही ज्यादा असरदार साबित होते हैं.

युवराज सिंह ने टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ खास बातचीत में कहा, ‘हमारे पास कई मैच विनर खिलाड़ी हैं. लेकिन इंग्लैंड में हालात काफी मुश्किल हैं. मुझे लगता है कि भारत को इंग्लैंड में स्विंग गेंदबाज चाहिए, उसे पता होना चाहिए कि ड्यूक गेंद कैसे स्विंग होती है. आपके पास तेज गेंदबाज हैं. मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, इशांत शर्मा. हमें भुवनेश्वर कुमार जैसे गेंदबाज की जरूरत है.’

भुवनेश्वर के पास अनुभव भी है-युवराज
युवराज सिंह ने ये भी कहा कि चूंकि भुवनेश्वर कुमार के पास इंग्लैंड में खेलने का अनुभव भी है इसलिए वो टीम के लिए और अहम खिलाड़ी होते. युवराज बोले, ‘भुवनेश्वर वो खिलाड़ी हैं जो गेंद को स्विंग कराते हैं. उनके पास अनुभव है. और अगर वो फिट हैं तो उन्हें इंग्लैंड में टीम इंडिया का हिस्सा होना चाहिए और मौका मिलना चाहिए. भारत को इंग्लैंड में भुवनेश्वर कुमार जैसे खिलाड़ी के अनुभव की जरूरत है.’ बता दें भारतीय टेस्ट टीम का जब ऐलान हुआ था तो भुवनेश्वर का नाम उसमें नहीं होने से काफी सवाल उठे थे. उस वक्त खबर आई थी कि भुवी टेस्ट क्रिकेट के लिए फिट नहीं हैं. लेकिन भुवनेश्वर कुमार ने श्रीलंका दौरे पर साफ कहा था कि वो पूरी तरह फिट हैं और उन्हें जहां मौका मिलेगा वो खेलेंगे.

बता दें भुवनेश्वर कुमार ने इंग्लैंड में 5 टेस्ट मैचों में 19 विकेट अपने नाम किये हैं. भुवनेशअवर कुमार 2 बार एक पारी में पांच विकेट चटकाने का कारनामा कर चुके हैं. 2014 में लॉर्ड्स में उन्होंने 82 रन देकर 6 विकेट लेने का कारनामा किया था जो कि टेस्ट में उनका बेस्ट प्रदर्शन भी है. (news18.com)


03-Aug-2021 6:44 PM (26)

 

नई दिल्ली. टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय शटलर पीवी सिंधु दिल्ली पहुंच चुकी हैं. भारत लौटने पर सिंधु ने दिल्ली एयरपोर्ट पर कहा कि वह जीत से बेहद खुश और उत्साहित हैं. सिंधु ने बैडमिंटन एसोसिएशन सहित समर्थन करने वाले सभी लोगों का आभार जताया. ‘टोक्य में सिंधु ने चीन बिंग जियाओ को हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया है. पीवी सिंधु लगातार 2 ओलंपिक मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी हैं. भारतीय स्टार शटलर ने इससे पहले 2016 में रियो ओलंपिक में रजत पदक जीता था.

दिल्ली एयरपोर्ट पर पीवी सिंधु और उनके कोच पार्क तेइ-सांग का स्वागत भारतीय बैडमिंटन संघ के महासचिव अजय सिंघानिया ने किया. एक दिन पहले सिंधु से जब पदक जीतने के एहसास के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ”मैच जीतने के बाद पांच से 10 सेकेंड तक मैं सब कुछ भूल गई थी. इसके बाद मैंने खुद को संभाला और जश्न मनाते हुए चिल्लाई.’’ सिंधु से जब रियो ओलंपिक से टोक्यो ओलंपिक के बीच के पांच साल के सफर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने इस दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखे, जीत मिली तो हार का भी सामना करना पड़ा लेकिन वह मजबूत बनकर उभरी.

कोच पार्क ने बढ़ाया सिंधु का हौसला
सिंधु ने कहा कि सेमीफाइनल में हार के बाद वह निराश थी, लेकिन कोच पार्क तेइ-सांग ने उन्हें प्रेरित किया कि अभी सब कुछ खत्म नहीं हुआ है. सिंधु को सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की ताइ जू यिंग के खिलाफ 18-21, 12-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी. उन्होंने कहा, ‘‘सेमीफाइनल में हार के बाद मैं निराश थी क्योंकि मैं स्वर्ण पदक के लिए चुनौती पेश नहीं कर पाई. कोच पार्क ने इसके बाद मुझे समझाया कि अगले मैच पर ध्यान दो. चौथे स्थान पर रहकर खाली हाथ स्वदेश लौटने से बेहतर है कि कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन करो करो.”

(news18.com)


03-Aug-2021 6:34 PM (24)

 

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे भारतीय ओलंपिक दल को विशेष अतिथि के रूप में 15 अगस्त को यानी स्वतंत्रता दिवस अवसर पर लाल किले पर आमंत्रित करेंगे. भारतीय ओलंपिक दल को पीएम विशिष्ट अतिथि के तौर पर निमंत्रण देंगे. पीएम उस समय सभी से व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे और बातचीत भी करेंगे. भारत का 228 सदस्यीय दल ओलंपिक में भाग ले रहा है जिसमें 119 खिलाड़ी शामिल है.बता दें भारतीय ओलंपिक दल में पीवी सिंधु, मनु भाकर, एमसी मैरिकॉम, मीराबाई चानू,विनेश फोगाट,दीपिका कुमार शामिल हैं.

इससे पहले मोदी ने ओलंपिक में खेल रहे भारतीय खिलाड़ियों के लिए अहम संदेश दिया था. पीएम ने कहा था कि भारतीय खिलाड़ियों को ऐसा जोश-जुनून तब आता है जब सही टैलेंट को प्रोत्साहन मिलता है. उन्होंने कहा- ‘हमारे खिलाड़ी हर खेल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं. इस ओलंपिक में नए भारत का बुलंद आत्मविश्वास हर खेल में दिख रहा है. हमारे खिलाड़ी अपने से बेहतर खिलाड़ियों और टीमों को चुनौती दे रहे हैं.’

फिलहाल 63वें नंबर पर है भारत
प्रधानमंत्री ने कहा था, ‘भारतीय खिलाड़ियों का जोश, जुनून और जज़्बा आज सर्वोच्च स्तर पर है. ये आत्मविश्वास तब आता है जब सही टैलेंट की पहचान होती है, उसको प्रोत्साहन मिलता है. ये आत्मविश्वास तब आता है जब व्यवस्थाएं बदलती हैं, पारदर्शी होती हैं. ये नया आत्मविश्वास न्यू इंडिया की पहचान बन रहा है.’

गौरतलब है कि वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू ने सिल्वर और बैडमिंटन में पीवी सिंधू ब्रॉन्ज जीत चुकी है. फिलहाल दो मेडल्स के साथ भारत देशों की लिस्ट में 63वें नंबर पर है.  उधर, टोक्यो ओलंपिक खेलों की पुरुष हॉकी स्पर्धा में भारत की हार के बाद मोदी ने कहा था कि हार और जीत जीवन का हिस्सा है. भविष्य के लिए टीम को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और यही मायने रखता है. भारतीय पुरुष हॉकी टीम अंतिम 11 मिनट के अंदर तीन गोल गंवाने के कारण टोक्यो ओलंपिक खेलों के सेमीफाइनल में विश्व चैंपियन बेल्जियम से 2-5 से हार गई. (news18.com)


03-Aug-2021 6:09 PM (22)

राज्य स्तरीय ऑनलाइन एमेच्योर शतरंज स्पर्धा का समापन

रायपुर , 3 अगस्त। छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय ऑनलाइन बिलो 1700 शतरंज स्पर्धा  का समापन हुआ ।  इस अवसर पर महासमुंद जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष डॉ डी एन साहू बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कोरबा जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष दिनेश लांबा ने की।

 जिला शतरंज संघ दुर्ग के अध्यक्ष ईश्वर सिंह राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया की मुख्य अतिथि  श्री साहू ने खेल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए खेलकूद जरूरी है  । खेलकूद हमारे अंदर उर्जा ,चुस्ती व  स्फूर्ति लाता है । इसलिये इसे दैनिक दिनचर्या में शामिल रखे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे  दिनेश लांबा ने खिलाडिय़ों  को संबोधित करते हुए कहा कि खिलाड़ी  रोजाना शतरंज  अभ्यास  के लिए 5 से 7 घंटे का समय निकाले । खिलाडिय़ों के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए हम कृत संकल्पित है। इसके लिए हम  बड़े-बड़े आयोजनों के साथ कोचिंग केम्प की व्यवस्था भी करेंगे ।

 कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन  आयोजन सचिव हेमन्त खुटे  ने किया ।  प्रतियोगिता को सफल बनाने में अंतराष्ट्रीय निर्णायक अलंकार भिवगड़े, फीडे आर्बिटर रवि कुमार,फीडे आर्बिटर रोहित यादव,नेशनल आर्बिटर अनीश अंसारी ,टेक्नीशियन आशुतोष साहू,जूम आर्बिटर मयंक,राकी देवांगन व आयोजन समिति के सरोज वैष्णव का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

स्पर्धा के परिणाम इस प्रकार है : ओपन केटेगरी में-प्रभमन सिंह मल्होत्रा कोरबा ( 4 अंक),  गौतम केसरी अम्बिकापुर( 4 अंक), 3 निश्चय तिवारी कोरबा (4 अंक),  विश्वजीत सिंह दुर्ग (3 अंक), अर्नव ड्रोलिया रायपुर (3 अंक),  शुभम बसोने रायपुर (3 अंक), ईशान सैनी दुर्ग(3 अंक),  प्रांजल बिसवाल रायगढ़ (3 अंक), अर्पित सिंह रायपुर (2.5अंक), अलंकृत सिंह रायपुर(2.5 अंक)। वूमेन केटेगरी में :  यशस्वी उपाध्याय  रायपुर (3 अंक),  सौम्या अग्रवाल रायपुर (2 अंक), जसमन कौर कोरबा( 2 अंक), परी तिवारी कोरबा (1  अंक),  तनीषा ड्रोलिया रायपुर( 1 अंक), अनुष्का  जैन रायपुर( 1 अंक)।


03-Aug-2021 4:08 PM (30)

-प्रदीप कुमार

भारत और बेल्जियम के बीच हॉकी का सेमी फ़ाइनल मुक़ाबले में पिछड़ने के बाद भारत की शुरुआत ठीक रही थी और आधे समय तक दोनों टीमें बराबरी पर थीं.

बावजूद इसके बाद भारत ये मैच 2-5 के बड़े अंतर से गंवा बैठा. इस हार के लिए बेल्जियम का इकलौता शख़्स ज़िम्मेदार रहा जिसका नाम है एलेक्ज़ेंडर हेंड्रिक्स.

हेंड्रिक्स ने इस मैच में पेनल्टी स्ट्रोक्स को गोल में तब्दील करते हुए हैट-ट्रिक जमाई.

हेंड्रिक्स किस तबीयत के खिलाड़ी हैं, इसका अंदाज़ा इसी ओलंपिक में रविवार को भी दिखा था जब वे क्वॉर्टर फ़ाइनल में स्पेन के ख़िलाफ़ खेलने उतरे थे. बेल्जियम ने ये मुक़ाबला 3-1 से जीता और इसमें दो गोल एलेक्ज़ेडर ने किए थे.

लेकिन ये पूरी कहानी नहीं है. कहानी ये है कि क्वॉर्टर फ़ाइनल मुक़ाबले से ठीक दो दिन पहले ग्रेट ब्रिटेन के साथ मुक़ाबले में एलेक्ज़ेंडर हेंड्रिक्स चोटिल हो गए थे. ब्रिटिश खिलाड़ी की स्टिक से उनके माथे पर चोट लगी थी, इस चोट के चलते उनके सिर से खून की धार निकल आई थी.

डॉक्टरों को उन्हें ठीक करने के लिए छह टांके लगाने पड़े थे, तीन बाहर से और तीन अंदर की तरफ़. अगले दिन शनिवार को उन्होंने अपना एमआरआई कराया, जिससे पता चला कि कोई अंदरूनी चोट नहीं है.

टीम के प्रमुख कोच शेन मेकलियॉड को चिंता ज़रूर थी, लेकिन हेंड्रिक्स ने पांच छह रेडियोलॉजिस्ट से क्लीयरेंस हासिल करके कोच ही नहीं अपनी टीम को भी चिंताओं से मुक्त रखा.

अगर इससे भी आप उनके खेल के प्रति जज़्बे को नहीं माप पा रहे हों तो टोक्यो ओलंपिक में उनका स्कोर कार्ड देख लीजिए.

सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले तक वे सात मुक़ाबलों में 14 गोल कर चुके हैं, टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा गोल उनके स्टिक से निकले हैं.

वरिष्ठ खेल पत्रकार सौरभ दुग्गल हेंड्रिक्स के इस प्रदर्शन पर बताते हैं, "अगर कोई खिलाड़ी ओलंपिक जैसे विश्वस्तरीय टूर्नामेंट में लगातार स्कोर कर रहा है तो आप ये तो यक़ीन मानिए कि वो अपने फ़न में सर्वश्रेष्ठ है."

रिज़र्व खिलाड़ी से स्टार खिलाड़ी तक का सफ़र
दरअसल, पांच साल पहले रियो ओलंपिक के दौरान बेल्जियम का प्रदर्शन शानदार रहा था. टीम गोल्ड मेडल नहीं जीत पाई थी, लेकिन अर्जेंटीना के हाथों फ़ाइनल हारने तक बेल्जियम का प्रदर्शन लाजवाब था और इस बेमिसाल प्रदर्शन में एलेक्जेंडर हेंड्रिक्स का कोई योगदान नहीं था क्योंकि वे टीम के रिर्ज़व खिलाड़ी थे और पूरे टूर्नामेंट के दौरान उन्हें बेंच पर बैठना पड़ा था.

उन्हें अपनी टीम के प्रदर्शन पर गर्व तो हो रहा था, लेकिन उन्होंने उस वक्त तय कर लिया था कि अपने सपनों को साकार करने के लिए वे और ज़्यादा मेहनत करेंगे ताकि टीम प्रबंधन उन्हें रिज़र्व खिलाड़ी ना बना पाए.

जिन लोगों को 2018 में भुवनेश्वर में खेले गए वर्ल्ड चैम्पियनशिप की याद होगी, उन्हें एलेक्ज़ेंडर हेंड्रिक्स ज़रूर याद होंगे. हेंड्रिक्स उस टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी थे और उनके सात गोलों की बदौलत ही बेल्जियम की टीम वर्ल्ड चैम्पियन बनने में कामयाब हुई थी.

ओलंपिक में गाँजा अब भी क्यों प्रतिबंधित है
टोक्यो ओलंपिक: भारतीय निशानेबाज़ों के साथ आख़िर हो क्या रहा है?
सौरभ दुग्गल बताते हैं, "देखिए हेंड्रिक्स की कामयाबी में उनका अपना कौशल तो है ही साथ में उनकी टीम का भी योगदान है, टीम के बाक़ी खिलाड़ी पेनल्टी कॉर्नर हासिल करके उनके लिए मौका बनाते हैं और उनकी ख़ासियत ये है कि वे मौके को भुना लेते हैं."

आधुनिक हॉकी की तेज़ रफ़्तार और बड़े टूर्नामेंटों का दबाव इतना ज़्यादा होता है कि मौके को भुना पाना इतना आसान भी नहीं होता, लेकिन हेंड्रिक्स इस काम को बखूबी निभा रहे हैं कि क्योंकि महज़ पांच साल की उम्र से ही उन्होंने हॉकी को अपना लिया था.

संयोग ये था कि उनके माता-पिता जहां रह रहे थे, वहां से दो गली की दूरी पर ही एक हॉकी क्लब था, जहां एलेक्ज़ेंडर पांच साल की उम्र में पहुंच गए और 14 साल की उम्र तक उनका नाम बेल्जियम की नेशनल हॉकी सर्किट में फैलने लगा था.

लेकिन उन्हें रातों रात कामयाबी नहीं मिली, बल्कि सीढ़ी दर सीढ़ी उन्होंने ख़ुद को साबित किया. पहले अंडर 16 टीम में आए, फिर अंडर 18 और उसके बाद अंडर 21 की टीम में उन्होंने ख़ुद को निखारा.

इन सबके बाद 2010 में सिंगापुर में खेले गए यूथ ओलंपिक खेलों में बेल्जियम को कांस्य पदक दिलाने में उन्होंने टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा 11 गोल दागे थे. 2012 में महज़ 18 साल की उम्र में वे बेल्जियम की नेशनल टीम में शामिल हो गए. अगले साल उन्हें बेल्जियम का सबसे उभरता खिलाड़ी चुना गया.

बावजूद इसके 2016 के रियो ओलंपिक में उन्हें बेंच पर बैठना पड़ा. सौरभ दुग्गल बताते हैं, "पिछले कुछ सालों में बेल्जियम की हॉकी में इतना सुधार हुआ है कि हेंड्रिक्स जैसी प्रतिभाओं को भी मौका हासिल करने के लिए इंतज़ार करना पड़ा है."

मौजूदा समय में एलेक्ज़ेंडर हेंड्रिक्स की गिनती दुनिया के सबसे ख़तरनाक ड्रैग फ़्लिकरों में तो होती है, पर विपक्षी टीमों पर उनका ख़ौफ़ उस तरह का नहीं दिखता जैसा पाकिस्तान के सोहेल अब्बास, ब्रिटेन के कैलम जाइल्स, नीदरलैंड्स के टेएके टेकेमा, ऑस्ट्रेलिया के ट्रॉय एल्डर या फिर भारत के संदीप सिंह का दिखता रहा था.

इस बारे में सौरभ दुग्गल कहते हैं, "देखिए हैंड्रिक्स की ब्रैंडिंग उस तरह से नहीं हो पाई हो, लेकिन वे इन सबसे कम भी नहीं हैं. ब्रैंडिंग नहीं होने की एक वजह यह है कि हेंड्रिक्स का कर्न्वजन रेट औसत जैसा ही है, बहुत शानदार नहीं है. लेकिन उनकी ख़ासियत ये है कि वे अपनी रिस्ट का मूवमेंट भी प्रभावी तरीके से करते हैं."

वैसे आपको ये जानकर और भी अचरज हो सकता है कि 27 साल के हेंड्रिक्स काफ़ी पढ़े-लिखे हॉकी खिलाड़ी हैं. एंटवर्प यूनिवर्सिटी से ऑनर्स ग्रेजुएट होने के बाद वो एप्लाइड इकॉनोमिक साइंसेज़ में मास्टर्स डिग्री हासिल कर चुके हैं. (bbc.com)

 


03-Aug-2021 3:29 PM (48)

टोक्यो, 3 अगस्त | भारतीय हॉकी टीम के पास 1980 के मास्को ओलंपिक के बाद पहली बार ओलंपिक फाइनल खेलने और गोल्ड मेडल जीतने का मौका था लेकिन उसने बेल्जियम के हाथों सेमीफाइनल मैच 2-5 से गंवाते हुए ये मौके गंवा दिए। अब भारतीय टीम कांस्य जीतने का प्रयास करेगी, जो उसने अंतिम बार 1972 के म्यूनिख ओलंपिक में जीता था। ओई हॉकी स्टेडियम नॉर्थ पिच पर खेले गए इस मैच में एक समय भारत 2-1 से आगे था लेकिन दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रैक फ्लिकरों में से एक एलेक्सजेंडर हेंडरिक्स (19वें, 49वें, 53वें) की शानदार हैट्रिक के दम पर मौजूदा वर्ल्ड चैम्पियन बेल्जियम ने भारत को एकतरफा हार को मजबूर कर दिया।

बेल्जियम की टीम लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंची है। वह हालांकि अब तक स्वर्ण नहीं जीत सकी है। साल 2016 के रियो ओलंपिक खेलों के फाइनल में उसे अर्जेटीना के हाथों 2-4 से हार मिली थी।

साल 1980 में अपने ओलंपिक इतिहास का आठवां स्वर्ण जीतने वाली भारतीय टीम को अब कांस्य के लिए प्रयास करना होगा। भारत का यह मैच किससे होगा, इसका फैसला जर्मनी और आस्ट्रेलिया के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के बाद हो जाएगा। वहीं इस मैच के विजेता से बेल्जियम भिड़ेगा।

बहरहाल, मैच का पहला गोल बेल्जियम की ओर से हुआ। यह गोल लोइक फेनी लुपर्ट ने दूसरे मिनट में हासिल पेनाल्टी कार्नर पर किया। मैच शुरु होने के साथ ही भारत पीछे हो चुका था।

भारतीय टीम दबाव में थी। लेकिन इस दबाव से निकलकर सातवें मिनट में गोल कर हरमनप्रीत सिंह ने मैच में रोमांच ला लिया। हरमनप्रीत ने यह गोल पेनाल्टी कार्नर पर किया। अब स्कोर 1-1 हो चुका था।

इसके बाद कप्तान मंदीप सिंह खुद मोर्चा सम्भाला और नौवें मिनट में एक बेहतरीन फील्ड गोल के जरिए भात को 2-1 से आगे कर दिया।

पहले ही क्वार्टर में पिछड़ने के बाद बेल्जियम ने बराबरी के लिए हमला तेज कर दिया। इस क्रम में उसे 19वें मिनट में सफलता मिली। एलेक्सजेंडर रॉबी हेंडरिक ने पेनाल्टी कार्नर पर गोल कर स्कोर 2-2 कर दिया।

तीसरे क्वार्टर में कोई गोल नहीं हुआ। चौथे क्वार्टर में बेल्जियम ने अचानक ही रफ्तार पकड़ी और 49वें मिनट में हासिल पेनाल्टी कार्नर पर हेंडरिक्स ने गोल कर 3-2 की लीड दिला दी। तीसरे क्वार्टर और चौथे क्वार्टर की शुरुआत तक बेल्जियम ने 7 पेनाल्टी कार्नर हासिल किए।

अंतिम समय में भारत की रक्षापंक्ति में सेंध लग चुकी थी। बेल्जियम को लगातार पेनाल्टी कार्नर मिल रहे थे। इसी क्रम में उसने 53वें मिनट में पेनाल्टी स्ट्रोक हासिल किया, जिस पर गोल कर हेंडरिक्स ने अपनी टीम को 4-2 से आगे कर उसकी जीत पक्की कर दी।

बेल्जियम की टीम इसके बाद भी नहीं रुकी और अंतिम मिनट में एक और गोल करते हुए 5-2 की लीड ले ली। बेल्जियम के लिए यह गोल डोमिनिक डॉहमैन ने 60वें मिनट में किया।

भारत ने म्यूनिख ओलंपिक में पाकिस्तान के हाथों सेमीफाइनल मुकाबला 0-2 से गंवाने के बाद कांस्य पदक के मुकाबल में नीदरलैंडस को 2-1 से हराया था। इसके बाद भारत ने सीधे मास्को में गोल्ड जीता लेकिन बीते 41 साल से भारत की झोली खाली है। अब देखने वाली बात यह है कि इस झोली में कांस्य भी आती है या नहीं।  (आईएएनएस)
 


03-Aug-2021 3:20 PM (21)

अमरावती, 3 अगस्त | आंध्र प्रदेश सरकार ने बैडमिंटन सुपरस्टार पी.वी. सिंधु को मौजूदा टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने की उपलब्धि पर पुरस्कृत करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने अधिकारियों को राज्य की खेल नीति के तहत सोमवार देर रात नकद पुरस्कार देने का निर्देश दिया।

इस पॉलिसी में स्वर्ण पदक विजेताओं को 75 लाख रुपये, रजत पदक के लिए 50 लाख रुपये और कांस्य पदक के लिए 30 लाख रुपये का नकद इनाम दिया जाता है।

मुख्यमंत्री ने जापान की राजधानी के लिए रवाना होने से पहले तीन खिलाड़ियों सिंधु, आर सात्विकसाईराज और महिला हॉकी खिलाड़ी रजनी एतिमारपू में से सभी को 5 लाख रुपये का नकद प्रोत्साहन दिया था।

उस दौरान मुख्यमंत्री ने बंदरगाह शहर विशाखापत्तनम में बैडमिंटन अकादमी स्थापित करने के लिए सिंधु को दो एकड़ जमीन आवंटित करने के सरकारी आदेश की प्रति भी दी।

सिंधु आंध्र प्रदेश सरकार की कर्मचारी हैं। 2016 में उनके रियो ओलंपिक के कारनामों के बाद, एपी के पूर्व मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू ने उन्हें डिप्टी कलेक्टर की नौकरी दी।

नकद प्रोत्साहन की बात करें तो, 2016 के ओलंपिक में रजत पदक जीतने के बाद मिलने वाले नकद प्रोत्साहन की तुलना में वर्तमान एपी सरकार द्वारा दिए गए 30 लाख रुपये अब कम हो गए हैं।

इसके बाद, तेलंगाना सरकार ने सिंधु को 5 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया, जबकि एपी सरकार ने 3 करोड़ रुपये और एक सरकारी नौकरी भी दी। (आईएएनएस)
 


03-Aug-2021 3:07 PM (59)

जयपुर, 3 अगस्त | टोक्यो ओलंपिक में महिला हॉकी टीम ने वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हरा कर सेमीफाइनल में जगह बना ली है, तब से राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की रहने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की गोलकीपर सविता पुनिया के पैतृक गांव जश्न का माहौल है। पुनिया शानदार प्रदर्शन करते हुए विरोधी टीम के नौ शॉट्स को रोकने में कामयाब रही। उसके बाद से गोलकीपर के इस प्रदर्शन को खूब सराहा जा रहा है।

पुनिया के चाचा ओम ्रपकाश पुनिया ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "उनके पिताजी, दादाजी समेत पूरा परिवार इसी गावं में जन्में है। 2019 में जब सविता यहां आई थी तो गावं वालो ने उसे सिल्वर हॉकी से नवाजा था।"

झांसल के सरपंच, ओप प्रकाश पुनिया ने आगे बात करते हुए कहा कि "सविता के पिता यहीं जन्मे और यहीं बड़े हुए हैं। वे 25 साल पहले हरियाणा जा कर बस गए पर सविता को जब भी मौका मिलता है वह यहां जरुर आती हैं और हम सबसे मिलकर हमारा प्यार और आशिर्वाद लेती हैं।"

पुनिया ने ऑस्ट्रेलिया के हर प्रहार को नाकाम करते हुए भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। (आईएएनएस)
 


03-Aug-2021 1:57 PM (32)

नई दिल्ली. इंग्लैंड दौरे पर गई टीम इंडिया के लिए अच्छी खबर है. सूर्यकुमार यादव और पृथ्वी शॉ ने कोलंबो से इंग्लैंड के लिए उड़ान भर ली है. सूर्यकुमार ने ट्वीट कर इंग्लैंड रवाना होने की जानकारी फैन्स के साथ शेयर की. उन्होंने अपनी तस्वीर के साथ लिखा-अगला पड़ाव इंग्लैंड, भगवान का शुक्रिया!. दोनों बल्लेबाजों को तीन दिन पहले ही श्रीलंका से रवाना होना था. लेकिन वीजा से जुड़े दस्तावेज तैयार नहीं होने की वजह से उन्हें श्रीलंका में ही रूकना पड़ा. इन दोनों खिलाड़ियों को चोटिल शुभमन गिल और वॉशिंगटन सुंदर  के रिप्लेसमेंट के तौर पर टेस्ट सीरीज की टीम में शामिल किया है.

दोनों बल्लेबाजों के कल सुबह तक इंग्लैंड पहुंचने की उम्मीद है. हालांकि, वहां पहुंचने के बाद भी दोनों को कोरोना प्रोटोकॉल के तहत कम से कम 10 दिन क्वारंटीन में रहना होगा. उसके बाद ही टेस्ट खेलने के लिए उपलब्ध हो पाएंगे. श्रीलंका दौरे पर गई टीम इंडिया का हिस्सा रहे पृथ्वी और सूर्यकुमार सीरीज के आखिरी दो टी20 मैच नहीं खेल पाए थे. क्योंकि यह दोनों कोरोना पॉजिटिव पाए गए क्रुणाल पंड्या के संपर्क में थे. इसी वजह से इन्हें आइसोलेशन में जाना पड़ा था.

सूर्यकुमार और पृथ्वी ने हालिया श्रीलंका दौरे पर अच्छी बल्लेबाजी की थी. शॉ ने जहां तीन मैच में 35 के औसत से 105 रन बनाए थे. वहीं, सूर्यकुमार ने इतने ही मैच में 62 के औसत से 124 रन जोड़े थे. उन्होंने एक फिफ्टी भी जड़ी थी. हालांकि, टी20 सीरीज में सूर्यकुमार एक ही मैच खेल पाए और उसमें उन्होंने 50 रन बनाए थे.

सूर्यकुमार अब तक टेस्ट नहीं खेल पाए
पृथ्वी शॉ के उलट, सूर्यकुमार ने अभी तक टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है. उन्होंने इस साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया है. लेकिन फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड बेमिसाल है. उन्होंने 77 मैच में 44 से ज्यादा के औसत से 5326 रन बनाए हैं. उनके बल्ले से 14 शतक भी निकले हैं. वहीं, शॉ ने 5 टेस्ट में 42 से ज्यादा के औसत से 339 रन बनाए हैं. मुंबई का यह बल्लेबाज टेस्ट डेब्यू पर शतक लगा चुका है.

वो पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में हुए पहले टेस्ट के बाद से ही इस फॉर्मेट में नहीं खेले हैं. उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में भी मौका नहीं मिला था. इसके बाद शॉ ने विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 8 मैच में 165 से ज्यादा के औसत से 827 रन ठोके है. इस दौरान उन्होंने 4 शतक लगाए थे. (news18.com)


03-Aug-2021 1:53 PM (21)

टोक्यो ओलंपिक में भारत की बेटियों का दबदबा कायम है. भारत ने अबतक दो मेडल अपने नाम किए हैं. वहीं महिला बॉक्सिंग में भारतीय बॉक्सर लवलीना ने तीसरा मेडल भी पक्का कर दिया है. ओलंपिक के पहले ही दिन भारत की बेटी मीराबाई चानू ने वेट लिफ्टिंग में रजत पदक जीता, और फिर इस रविवार को पीवी सिंधू ने बैडमिंटन में ब्रान्ज मेडल अपने नाम किया. स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी  सिंधु रविवार को ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत के लिए इतिहास रच दिया है. पीवी सिंधु लगातार दो ओलंपिक में मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं. सिंधु ने 2016 रियो ओलंपिक में भी सिल्वर मेडल अपने नाम किया था.  

रविवार को ब्रॉन्ज मेडल के लिए हुए मुकाबले में पीवी सिंधु ने चीन की खिलाड़ी बिंगजियाओ को 21-13, 21-15 से सीधे सेटों में मात दी थी. पीवी सिंधु के इस जीत के साथ ही पूरे देश में जश्न मन रहा है. उनकी इस उपलब्धि पर देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर समेत कई बड़े नेताओं और सितारों ने अपनी शुभकामनाएं दी.

इनामों की बारिश शुरू
सिंधु के इस जीत के बाद उनपर इनामों की बारिश भी शुरू हो गई है. दरअसल भारतीय ओलंपिक संघ ने पहले ही यह ऐलान किया था कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले को 75 लाख, रजत पदक वाले को 40 लाख और कांस्य पदक जीतने वाले को 25 लाख रुपये इनाम स्वरूप देगा. अब IOA भारत की स्टार महिला शटलर पीवी सिंधु को 25 लाख रुपये की इनामी राशि प्रदान करेगा. IOA के अलावा सिंधु को भारत सरकार और कई राज्य सरकारें भी पीवी सिंधु को इनाम देने की घोषणा कर सकती है. (abplive.com)
 


03-Aug-2021 1:29 PM (27)

 

टोक्यो. भारतीय पुरुष हॉकी टीम को पहले सेमीफाइनल में हार मिली. वर्ल्ड चैंपियन बेल्जियम ने भारत को 5-2 से हराया. हार के बाद भी भारत के मेडल की उम्मीद खत्म नहीं हुई है. ब्रॉन्ज मेडल का मुकाबला 5 अगस्त को होना है. दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी की टीमें भिड़ेंगी. इस मैच में हारने वाली टीम भारत के खिलाफ उतरेगी. भारत को 1980 के बाद पहले मेडल का इंतजार है.

पुरुष वर्ग के पहले सेमीफाइनल में बेल्जियम से शानदार शुरुआत की. दूसरे मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर लॉक लुइपर्ट ने गोल करके बेल्जियम को 1-0 की बढ़त दिलाई. इसके बाद भारतीय टीम ने वापसी की. 7वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर हमरमनप्रीत सिंह ने गोल करके स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया. 8वें मिनट में मनदीप सिंह ने गोल करके भारत को 2-1 से आगे कर दिया. दूसरे क्वार्टर में बेल्जियम ने एक बार फिर वापसी की. 19वें मिनट में कॉर्नर पर एलेक्जेंडर हेन्ड्रिक्स ने गोल करके स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया. हाफ टाइम तक स्कोर 2-2 से बराबर रहा.

हेन्ड्रिक्स ने हैट्रिक लगाकर दिलाई जीत

मैच के तीसरे क्वार्टर में हालांकि दोनों टीमों की तेजी में कमी आई और कोई गोल नहीं हुआ. 49वें मिनट में हेन्ड्रिक्स ने पेनल्टी कॉर्नर पर दूसरा गोल करके बेल्जियम को 3-2 की बढ़त दिलाई. फिर 53वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक पर एलेक्जेंडर हेन्ड्रिक्स ने हैट्रिक पूरी करते हुए बेल्जियम को 4-2 की बढ़त दिलाई. 60वें मिनट में डोहमेन ने गोल करके बेल्जियम को 5-2 से जीत दिला दी. भारत ने लगातार 4 मैच जीते थे, लेकिन सेमीफाइनल में टीम इस प्रदर्शन को नहीं दोहरा सकी. बेल्जियम को पहले ओलंपिक गोल्ड मेडल का इंतजार है.

अंतिम बार भारत ने गोल्ड मेडल जीता था

भारतीय हाॅकी टीम ने अंतिम बार 1980 में मेडल जीता था. तब टीम को गोल्ड मेडल मिला था. लेकिन अब टोक्यो में टीम को अधिक से अधिक ब्रॉन्ज मेडल ही मिल सकता है. इससे पहले टीम ने 1928, 1932, 1936, 1948, 1952, 1956, 1964 और 1980 में गोल्ड मेडल जीता. 1960 में सिल्वर जबकि 1968 और 1972 में ब्रॉन्ज मेडल मिला. (news18.com)


03-Aug-2021 1:28 PM (25)

 

मुंबई. महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने दबाव का सामना कर रहे चेतेश्वर पुजारा का इंग्लैंड के खिलाफ एक छोर पर डटे रहने के लिए समर्थन किया है, लेकिन कहा कि अगर भारतीय टीम को लगता है कि उनका खेलने का तरीका काम नहीं कर रहा है तो वह ‘किसी और’ को आजमा सकते हैं. मजबूत डिफेंस और तकनीक के लिए पहचाने जाने वाले पुजारा को खराब गेंदों पर रन नहीं बना पाने के कारण हाल के वर्षों में आलोचना का सामना करना पड़ा है. उन्हें हाल में न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के दौरान भी आलोचना की सामना करना पड़ा था.

सुनील गावस्कर ने सोमवार को एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, ”पुजारा ने एक निश्चित तरीके से खेलने के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जगह बनाई है, उसे उस तरीके पर विश्वास रखना होगा. अगर टीम को उसके तरीके पर भरोसा नहीं है तो वे किसी और को आजमाने की सोच सकते हैं.” पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, ”लेकिन इस तरीके ने उसके लिए काम किया है, भारत के काम आया है. वह एक छोर पर डटा रहता है जबकि शॉट खेलने वाले खिलाड़ी के पास दूसरे छोर पर शॉट खेलने का मौका होता है, क्योंकि उसे पता है कि एक छोर पर मजबूत खिलाड़ी खड़ा है.”

उन्होंने कहा, ”मुझे लगता है कि उन्हें अपने ऊपर विश्वास रखना होगा और उस तरीके से खेलना जारी रखना होगा, जिसे वह सर्वश्रेष्ठ समझते हैं क्योंकि वर्षों से उन्होंने भारत के लिए शानदार काम किया है.” पुजारा डब्ल्यूटीसी के दो साल के पिछले चक्र के दौरान एक भी शतक नहीं जड़ा पाए और इस दौरान 30 से कम की औसत से रन बनाए. पुजारा बुधवार (4 अगस्त) से इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम में शुरू हो रही पांच मैचों की सीरीज के दौरान खेलते नजर आएंगे.

वहीं, पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि भारतीय बल्लेबाजों के लिए ड्यूक गेंद के खिलाफ उतरना एक बेहतरीन परीक्षा होगी. भारत इंग्लैंड में अपनी पिछली तीन टेस्ट मैचों की सीरीज हारा है, जिसकी वजह उनके द्वारा लाया गया औसत से कम बल्लेबाजी प्रदर्शन रहा. इसी संदर्भ में लक्ष्मण चाहते हैं कि भारतीय बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन करें. वह चाहते हैं कि चेतेश्वर पुजारा बढ़त बनाए, जो खराब दौर से गुजर रहे हैं. पुजारा ऑस्ट्रेलिया में एक सीरीज के बाद लगातार स्कोर कर पाने में नाकाम रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद पुजारा ने सिर्फ एक अर्धशतक बनाया, जो इस साल फरवरी में इंग्लैंड सीरीज में था.

लक्ष्मण ने स्टार स्पोर्ट्स पर बातचीत में कहा, ”इसमें कोई शक नहीं कि पुजारा इस वक्त जिस दौर से गुजर रहे हैं, वह उसके बारे में सचेत होंगे. जहां तक ​​उन बड़े अर्धशतकों को बनाने या उन शतकों को बनाने की बात है और आप पुजारा से नंबर 3 की स्थिति में बहुत उम्मीद करते हैं, क्योंकि दोनों सलामी बल्लेबाजों के साथ यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थिति है.”

लक्ष्मण का मानना ​​​​है कि अगर पुजारा राहुल द्रविड़ के उस परफॉर्मेंस को दोहरा सकते हैं, तो भारत अजेय होगा. हालांकि, मौजूदा समय में पुजारा के परफॉर्मेंस को देखते हुए, यह कहना मुश्किल होगा कि क्या वह 2007 के द्रविड़ को दोहराने में सक्षम होंगे या नहीं.

(भाषा के इनपुट के साथ) (news18.com)


03-Aug-2021 10:58 AM (22)

पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने भारतीय पुरुष हॉकी टीम का उत्‍साह बढ़ाया है. पीएम ने टीम के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए ब्रॉन्‍ज मेडल मैच के लिए शुभकामनाएं दी है 

टोक्यो ओलंपिक खेलों की पुरुष हॉकी स्पर्धा में भारत की हार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हार और जीत जीवन का हिस्सा है. भविष्य के लिए टीम को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और यही मायने रखता है. (news18.com)


03-Aug-2021 10:53 AM (29)

टोक्यो, 3 अगस्त| भारत की महिला पहलवान सोनम को मंगलवार को 62 किग्रा महिला फ्रीस्टाइल वर्ग के अपने पहले ही मुकाबले में हार कर टोक्यो ओलंपिक से बाहर हो गईं। माकुहारी मेसे हॉल-ए के मैट बी पर राउंड ऑफ-8 मुकाबले में सोनम का सामना मंगोलिया की बोलोरतुया से हुआ, जिसे बोलोरतुया ने जीता।

अंतिम समय तक स्कोर 2-2 था लेकिन बोलोरतुया को सेकेंड पीरियड में एक साथ हासिल दो अंकों के आधार पर विजेता घोषित किया गया। सोनम ने पहले पीरियड की समाप्ति तक 1-0 की लीड ले रखी थी। दूसरे पीरियड में भी सोनम ने एक अकं हासिल किया और 2-0 की लीड हासिल कर ली।

बोलोरतुया ने हालांकि दूसरे पीरियड में एक साथ दो अंक लेकर बाजी मार ली। हार के बावजूद सोनम के लिए पदक की आस बची थी क्योंकि बोलोरतुया अगर फाइनल में पहुंच जातीं तो सोनम को रेपेचेज खेलने का मौका मिल जाता।

बोलोरतुया हालांकि अपना अगला मुकाबला मात्र 50 सेकेंड में हार गईं। और इसी के साथ सोनम के लिए टोक्यो ओलंपिक का सफर समाप्त हो गया।

रियो ओलंपिक में भारत की साक्षी मलिक अपना क्वार्टर फाइनल मैच हार गईं थीं लेकिन इसके बावजूद उन्हें रेपेचेज खेलने का मौका मिला था। इसका कारण यह था कि क्वार्टर फाइनल में रूस की फाइनलिस्ट वेलेरिया कोब्लोवा से हारने के बाद, उन्होंने रेपेचेज राउंड के लिए क्वालीफाई किया।

रेपेचेज राउंड में उन्होंने अपने पहले मुकाबले में मंगोलिया के पुरेवदोर्जिन ओरखोन को हराया। उन्होंने रेपेचेज मेडल प्लेऑफ में एक चरण में 0-5 से पिछड़ने के बावजूद, किर्गिस्तान के मौजूदा एशियाई चैंपियन ऐसुलु टाइनीबेकोवा पर 8-5 की जीत के बाद कांस्य पदक जीता और ओलंपिक पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बनीं। (आईएएनएस)


03-Aug-2021 10:49 AM (22)

टोक्यो, 3 अगस्त| भारत की महिला भाला फेंक एथलीट अनु रानी ने मंगलवार को अपने प्रदर्शन से निराश किया। वह अपने ग्रुप में सबसे नीचे रहीं। ओलंपिक स्टेडियम में मंगलवार को आयोजित क्वालीफाईंग के लिए अनु को ग्रुप-ए में रखा गया था। इस ग्रुप में 15 और एथलीट थीं।

इन सबके बीच अनु को 14वां स्थान मिला। क्रोएशिया की सारा कोलाक के डिस्क्वालीफाई होने के बाद कुल 14 प्रतिभागी ही बचीं थी।

अनु ने अपने तीन प्रयोसों में 50.35, 53.19 और 54.04 मीटर की दूरी नापी, जो फाइनल के लिए क्वालीफाई करने के लिए पर्याप्त नहीं था।

अनु ने साल 2019 में कतर में आयोजति विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के दौरान 61.12 मीटर दूरी के साथ ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था। यह उनका पर्सनल बेस्ट भी है।

इस इवेंट के लिए ऑटोमेटिक क्वालीफाईंग मार्क 65 मीटर था। अनु के ग्रुप से पोलैंड की मारिया एंड्रेजिक ने 65.24 मीटर के साथ इसे हासिल किया। (आईएएनएस)


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