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23-Jan-2021 7:45 PM 23

नई दिल्ली, 23 जनवरी | भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड के खिलाफ फरवरी-मार्च में खेली जाने वाली चार मैचों की टेस्ट सीरीज में चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव को उतार सकती है। कुलदीप को आस्ट्रेलिया दौरे पर एक भी टेस्ट मैच खेलने का मौका नहीं मिला था।

कुलदीप ने अपना आखिरी टेस्ट मैच भारत के पिछले आस्ट्रेलियाई दौर पर 2018-19 में खेला था।

बीसीसीआई ने शनिवार को एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें अजिंक्य रहाणे कह रहे हैं, "आपके लिए यह काफी मुश्किल रहा। आप यहां एक भी मैच नहीं खेले लेकिन आपका व्यवहार काफी अच्छा था। अब हम भारत जा रहे हैं, आपका समय आएगा। इसलिए कड़ी मेहनत करते रहिए।"

भारत के गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने भी कहा है कि कुलदीप भारत में खेलेंगे।

भारत के गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने भी कहा है कि कुलदीप भारत में खेलेंगे। उन्होंने कहा कि कुलदीप आस्ट्रेलिया में इसलिए नहीं खेले क्योंकि टीम प्रबंधन ने मैदान के हिसाब से खिलाड़ी चुनने की रणनीति अपनाई थी।

अरुण ने कहा, "अगर वह नहीं खेले तो ठीक है। वह कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वह शानदार रहे हैं। हमने पिच के हिसाब से खिलाड़ी चुनने की रणनीति अपनाई थी। ध्यान रखिए, कुलदीप को जब खेलने का मौका मिलेगा तो वह बता देंगे कि वह क्या कर सकते हैं क्योंकि वह नेट्स में शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे। भारत में जब हम चार टेस्ट मैच खेलेंगे तब उनका समय होगा।"

उन्होंने कहा, "कुलदीप जब भी भारत के लिए खेले उन्होंने शानदार काम किया। टी-20 मैच में उन्हें मौका मिला था उन्होंने बेहतरीन गेंदबाजी की थी। इस टीम में हर खिलाड़ी जानता है कि उनका समय आएगा।"  (आईएएनएस)

 


23-Jan-2021 7:29 PM 26

खुर्रम हबीब 

नई दिल्ली, 23 जनवरी | इंग्लैंड के स्पिनरों को इस समय श्रीलंका के साथ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में एक भी विकेट नहीं मिला और इसने उनकी भारत में विकेट लेने की क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इंग्लैंड को भारत में चार मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी हैं।

इंग्लैंड को पहले टेस्ट मैच में मिली जीत में डॉम बेस और जैक लीच ने मिलकर 14 विकेट लिए थे। दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में श्रीलंका ने 381 रन बनाए और इंग्लैंड के स्पिनर ज्यादा प्रभावी नहीं रही।

इंग्लैंड ने आखिरी बार जब भारत का दौरा किया था तो भारत ने 4-0 से जीत हासिल की थी। उस पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में भारतीय स्पिनरों ने 30.35 की औसत से 68 विकेट लिए थे। वहीं इंग्लैंड के स्पिनरों ने 48.1 की औसत से 40 विकेट लिए थे।

इंग्लैंड तीन स्पिनर-मोइन अली, बेस और लीच को लेकर भारत आ रही है। इनमें से बेस और लीच ने पहले भारत का दौरा नहीं किया है।

भारत के पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह ने कहा है कि इंग्लैंड के स्पिनर भारत में सफल होंगे इसे लेकर वे आश्वास्त नहीं हैं।

मनिंदर ने आईएएनएस से कहा, "मुझे संदेह है कि वह भारतीय बल्लेबाजों को परेशान कर पाएं। यहां जिस तरह की विकेट हैं उन पर गेंदबाजी करने के आदि इंग्लैंड के स्पिनर नहीं हैं। वह अच्छी विकेटों पर गेंदबाजी करते हैं। टनिर्ंग पिचों पर गेंदबाजी करने कि लिए अलग तरह की काबिलियत की जरूरत है और यह एक कला भी है।"

उन्होंने कहा, "भारतीय पिचों पर स्पिनरों की लाइन और लैंग्थ अलग होती हैं और उसे लेकर तालमेल बिठाना आसान नहीं हैं।"

भारत और इंग्लैंड शुरुआती दो टेस्ट मैच चेन्नई में खेलेंगी और इसके बाद बाकी के दो टेस्ट मैच अहमदाबाद में। भारत में मौसम गर्म रहेगा और इसका मतलब है कि विकेट भी सूखी होंगी।

मनिंदर ने कहा, "उदाहरण के तौर पर, एक बाएं हाथ के स्पिनर के तौर पर एक अच्छी विकेट पर आपकी लाइन ऑफ स्टम्प की होगी जबकि टनिर्ंग विकेट पर उनकी लाइन लेग स्टम्प की होगी। अच्छी विकेट पर जैसी इंग्लैंड में हैं, अगर आप लेग स्टम्प पर गेंदबाजी करेंगे तो आपको मार पड़ेगी।"

बेस और लीच ने कुल 12 टेस्ट मैच खेले हैं लीच ने 40 विकेट लिए हैं और बेस ने 27।

अली श्रीलंका पहुंचने पर पहले टेस्ट मैच से पहले कोविड-19 पॉजिटिव निकले थे। दूसरे टेस्ट मैच में उन्हें चुना नहीं गया क्योंकि टीम विजयी संयोजन के साथ गई है। (आईएएनएस)

 


23-Jan-2021 7:27 PM 22

रोहित मुंडेयुर 

नई दिल्ली, 23 जनवरी | पूर्व राष्ट्रीय चैम्पियन और कोच यू. विमल कुमार ने कहा है कि लंदन ओलम्पिक की कांस्य पदक विजेता सायना नेहवाल अपने करियर के मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। विमल ने कहा कि सायना और ज्यादा मैच न हरें इसके लिए जरूरी है कि वह अपना ख्याल रखें।

इस समय विश्व की नंबर-20 खिलाड़ी सायना इस समय जारी टोयोटा थाईलैंड ओपन के दूसरे दौर में ही हार कर बाहर हो गई थीं। इससे पहले वे योनेक्स थाईलैंड ओपन में भी दूसरे दौर में बाहर हो गई थीं।।

कुमार ने आईएएनएस से कहा, "उनके लिए वापसी करना आसान नहीं होगा। मैंने हमेशा कहा है कि अगर उन्हें दर्द नहीं होगा तो वह हमेशा अच्छा खेलेंगी। दर्द से ज्यादा वो पूरी तरह से फिट नहीं लग रही थीं। हो सकता है कि इसका कारण कोविड हो और अब वह इससे उबर रही हों।"

दो बार के राष्ट्रीय चैम्पियन कुमार ने कहा कि सायना अपने करियर के मुश्किल दौर से गुजर रही हैं।

उन्होंने कहा, "मुझे भी लगता है। बीते कुछ वर्षों से चीजें उनके लिए सही नहीं रही हैं। उन्हें आात्मविश्वास की जरूरत है। आखिरी बार इंडोनेशिया मास्टर्स में उन्होंने अच्छा खेला था।"

उन्होंने कहा, "वर्कआउट, फिजिकल ट्रेनिंग और बाकी की चीजें काफी अहम हैं। उन्हें इन सभी चीजों को लेकर अच्छी प्लानिंग करनी होगी। यही एक तरीका है जिससे वो बाहर निकल सकती हैं। इसी तरह ज्यादा मैच हराने से उनके आत्मविश्वास पर असर पड़ेगा। सिर्फ शारीरिक तौर पर नहीं बल्कि मानसिक तौर पर भी। वह मजबूत लड़की हैं लेकिन इस तरह के परिणाम उन्हें प्रभावित क सकते हैं।"

सायना ने कुमार के साथ अपने शुरुआती करियर में काम किया था इसके बाद वह 2014 से 2017 तक फिर एक बार कुमार के पास लौटी थीं। इसी दौरान वह विश्व की नंबर-1 खिलाड़ी भी बनी थीं।

सायना इस समय टोक्यो ओलम्पिक की रैंकिंग में 15वें स्थान पर हैं। पीवी सिंधु सातवें पर हैं इसलिए सायना को ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई करने के लिए आठवां स्थान हासिल करना होगा। थाईलैंड के टूर्नार्मेंट ओलम्पिक क्वालीफिकेशन का हिस्सा नहीं हैं।

कुमार ने कहा, "अगले एक से डेढ़ महीना उनके उनकी ओलिम्पक की संभवना का फैसला करेंगे। अगरे पांच छह सप्ताह काफी अहम हैं और इससे हमें पता चल जाएगा।"

कुमार ने कहा कि मार्च में कोविड के कारण लगे लॉकडाउन के बाद भारतीय खिलाड़ी अब पहली बार खेल रहे हैं जबकि उनके विपक्षी पहले से खेलते आ रहे हैं।

कुमार ने कहा, "उनको मैच प्रैक्टिस की कमी है। सभी खिलाड़ी 10 महीने के बाद खेल रहे हैं। जो अच्छा नहीं है। सिंधु को ज्यादा मैचों की जरूरत है। यही एक तरीका है जिससे वे वापसी कर सकती हैं। हमें देखना होगा कि मार्च में किस तरह से चीजें होती हैं।" (आईएएनएस)

 


23-Jan-2021 7:25 PM 24

गॉल, 23 जनवरी | इंग्लैंड के अनुभवी तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने टेस्ट करियर में 30वीं बार पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने की उपलब्धि हासिल कर ली है। एंडरसन श्रीलंका के साथ गॉल में जारी दूसरे टेस्ट मैच से पहले करियर में 29 बार पांच या उससे ज्यादा विकेट लेकर ग्लैन मैक्ग्रा के साथ संयुक्त रूप से छठे नंबर पर थे।

उन्होंने श्रीलंका के साथ दूसरे टेस्ट में श्रीलंका की पहली पारी के दौरान निरोशन डिकवेला को आउट करके टेस्ट में 30वीं बार पांच विकेट अपने नाम किया। इसके बाद उन्होंने सुरंगा लकमल को आउट करके पारी में अपना छठा विकेट पूरा किया।

पहले दिन श्रीलंका के जो चार विकेट थे, उनमें से एंडरसन ने तीन विकेट अपने नाम किए थे।

एंडरसन टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में चौथे स्थान पर है। उन्होंने अब तक 606 विकेट चटकाए हैं। वह टेस्ट इतिहास के सबसे सफल तेज गेंदबाज हैं।

38 वषीॅय एंडरसन को एंडरसन टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर पहुंचने के लिए और 14 विकेट चाहिए और इसके बाद वह पूर्व लेग स्पिनर अनिल कुंबले से आगे निकल जाएंगे।


23-Jan-2021 6:23 PM 27

अहमदाबाद, 23 जनवरी | सैयद मुश्ताक अली ट्राफी के क्वार्टर फाइनल मुकाबलों से पहले सभी आठ टीमों के खिलाड़ियों का क्वारंटीन अवधि समाप्त होने के बाद उनका कोविड-19 टेस्ट किया गया। सभी टीमें अब रविवार से अपना अभ्यास शुरू करेंगी। कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, बड़ौदा, बिहार और राजस्थान ने सैयद मुश्ताक अली के क्वार्टर फाइनल मुकाबलों के लिए क्वलीफाई किया है। बड़ौदा और हिमाचल की टीमें पहले ही यहां पहुंच चुकी है। कोविड-19 टेस्ट से गुजरने के बाद ही उन्हें अभ्यास की अनुमति दी गई है।

एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "सभी आठ टीमों के खिलाड़ियों का क्वारंटीन अवधि समाप्त होने के बाद उनका कोविड-19 टेस्ट किया गया। सभी टीमें अब रविवार से अपना अभ्यास शुरू करेंगी।"

पहले क्वार्टर फाइनल में कर्नाटक का सामना पंजाब से जबकि दूसरे क्वार्टर में तमिलनाडु का सामना हिमाचल प्रदेश से 26 जनवरी को होगा।

वहीं, 27 जनवरी को पहले क्वार्टर में हरियाणा और बड़ौदा तथा दूसरे क्वार्टर में बिहार और राजस्थान का मुकाबला होगा। सभी मैच अहमदाबाद के सरदार पटेल मोटेरा स्टेडियम में खेला जाएगा।

--आईएएनएस


23-Jan-2021 6:23 PM 32

नई दिल्ली, 23 जनवरी | आस्ट्रेलिया ने पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी ब्रैड हॉग ने कहा है कि भारतीय चयनकर्ताओं को ऋषभ पंत को सीमित ओवरों की टीम में शामिल करना चाहिए। उनका कहना है कि पंत जिस तरह के शॉट खेलते हैं उसके कारण उन्हें गेंदबाजी करना मुश्किल हो जाता है। हॉग ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, "मैं उन्हें वहां रखूंगा क्योंकि उनके पास आत्मविश्वास है। टेस्ट सीरीज में दो मैच विजेता पारियां खेल उन्होंने अपने आप को साबित किया है। भारत के लिए खेलते हुए आपको आस्ट्रेलियाई जमीन पर इससे बेहतर कुछ नहीं मिल सकता। मैं उन्हें अय्यर के स्थान पर टीम में रखता। आप बल्लेबाजी और गेंदबाजी में गहराई रखने के लिए एक ऑलराउंडर खेला सकते हैं। उन्हें अय्यर या संजू सैमसन के स्थान पर टीम में होना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "उनको गेंदबाजी करना मुश्किल है, क्योंकि वह काफी अलग-अलग शॉट खेलते हैं जो बाकी बल्लेबाजों से अलग होते हैं। उनको टीम में होना चाहिए।"

चाइनामैन गेंदबाज ने हालांकि विराट कोहली को कप्तान बनाए रखने की पैरवी की है।

उन्होंने कहा, "कोहली जब कप्तान होते हैं तो वह बल्लेबाजी अच्छी करते हैं। मुझे लगता है कि अगर आप उन्हें हटा दोगे तो इससे भारतीय टीम के कल्चर पर प्रभाव पड़ेगा। इससे कोहली की बल्लेबाजी पर भी प्रभाव पड़ सकता है। वह नहीं चाहते कि ऐसा हो, लेकिन ऐसा होगा।"

आस्ट्रेलिया दौरे पर एडिलेड में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच में मिली हार के बाद कोहली अपने पहले बच्चे के जन्म के लिए स्वदेश लौट आए थे। बाकी के तीन मैचों में अजिंक्य रहाणे ने टीम की कप्तानी की थी और टीम को ऐतिहासिक सीरीज जिताई। इसके बाद से इस बात की चर्चा जोरों पर है कि कोहली के स्थान पर रहाणे को टीम का कप्तान बनाया जाए।

--आईएएनएस


23-Jan-2021 6:22 PM 30

बैंकॉक, 23 जनवरी | भारत के सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी को शनिवार को टोयोटा थाईलैंड ओपन के पुरुष युगल के क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। दोनों को आठवीं सीड मलेशिया के आरोन चिया और सोह वूइ यिक से हार मिली। मलेशियाई जोड़ी ने 35 मिनट तक चले मुकाबले में भारतीय जोड़ी को 21-18 21-18 से पराजित किया।

एकल वर्ग में पहले ही भारत की चुनौती समाप्त हो चुकी है और युगल वर्ग में भी सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और अश्विनी पोनप्पा की मिश्रित युगल जोड़ी ही बची है। भारतीय जोड़ी सेमीफाइनल में जगह बना चुकी है, जहां उसका सामना अभी थाईलैंड के डेचापोल पुआवारानुक्रो- सापसिरे ताएराटानाचाई से होना है।

--आईएएनएस


23-Jan-2021 6:04 PM 44

नई दिल्ली,23 जनवरी | दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज बल्लेबाज और मिस्टर 360 डिग्री के नाम से मशहूर एबी डिविलियर्स ने  इंडियन प्रीमियर लीग(IPL) में इतिहास रच दिया है. हाल में ही रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) ने इस विस्फोटक बल्लेबाज को आईपीएल 2021 के लिए रिटेन किया है. इसके साथ ही डिविलियर्स आईपीएल से 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई करने वाले पहले विदेशी क्रिकेटर बन गए हैं.

'इनसाइडस्पोर्ट' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डिविलियर्स से पहले चार भारतीय खिलाड़ी इस लिस्ट में पहले से शामिल हैं. भारतीय खिलाड़ियों में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, आरसीबी के कप्तान विराट कोहली, मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा और चेन्नई के सुरेश रैना 100 करोड़ से ज्यादा कमाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हैं. आईपीएल में एक सीजन के लिए आरसीबी डिविलियर्स को 11 करोड़ रुपये भुगतान करती है. डिविलियर्स अब तक 102.5 करोड़ रुपये कमा चुके हैं.

आईपीएल के इतिहास में डिविलियर्स सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में चौथे नंबर पर हैं. उन्होंने 169 मैचों में 40 की औसत से 4849 रन बनाए हैं. इस विस्फोटक बल्लेबाज ने तीन शतक और 38 अर्धशतक जड़ा है. वह क्रिस गेल के बाद आईपीएल में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी भी हैं. आईपीएल 2020 में उनके बल्ले से 45.40 की शानदार औसत से 454 निकले थे. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 158.74 का रहा था. हालांकि आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विराट कोहली और एबी डिविलियर्स अभी तक आरसीबी को खिताब दिलाने में नाकाम रहे हैं. इस बार उम्मीद है कि डिविलियर्स कोहली के साथ मिलकर आईपीएल खिताब का सूखा खत्म करेंगे.

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर:

रिटेन खिलाड़ी: विराट कोहली, एबी डिविलियर्स, युजवेंद्र चहल, देवदत्‍त पडिक्‍कल, वाशिंगटन सुंदर, मोहम्‍मद सिराज, नवदीप सैनी, एडम जम्‍पा, शहबाज अहमद, जोश फिलिप, केन रिचर्ड्सन और पवन देशपांडे.

रिलीज खिलाड़ी: मोईन अली, शिवम दुबे, उमेश यादव, एरोन फिंच, क्रिस मॉरिस.(https://hindi.news18.com/)


23-Jan-2021 4:49 PM 31

नई दिल्ली. क्रिकेट की दुनिया में कई महान खिलाड़ी हुए, जिन्‍होंने 22 गज में काफी कमाल किए. इतिहास रचा, कई विश्‍व रिकॉर्ड बनाए और तोड़े, मगर क्रिकेट इतिहास में सिर्फ एक ही ऐसा क्रिकेटर है, जिनसे माउंट एवरेस्‍ट पर परचम लहाराया. बात कर रहे हैं न्‍यूजीलैंड के पूर्व विकेटकीपर एडम परोरे की, जो आज अपना 50वां जन्‍मदिन मना रहे हैं. ऑकलैंड में जन्‍में परोरे ने 78 टेस्‍ट, 179 वनडे मैच में अपने देश का प्रतिनिधित्‍व किया. उन्‍होंने 2002 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था और इसके 9 साल बाद ही उन्‍होंने इतिहास रच दिया. परोरे ने 2011 में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्‍ट फतह की थी और वह इसके साथ ही एवरेस्‍ट पर चढ़ने वाले दुनिया के इकलौते क्रिकेटर बन गए.

दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचने के अपने सफर के बारे में एक इंटरव्‍यू में परोरे ने बताया था कि उन्‍होंने मई में एवरेस्‍ट फतह की, मगर वह मार्च 2011 को ही नेपाल पहुंच गए थे, ताकि वहां के मौसम में खुद को ढ़ाल सके.

आवाज तक हो गई थी बंद
एवरेस्‍ट पर चढ़ना परोरे के लिए कतई आसान नहीं था, मगर अपने इस सपने को हकीकत बनाने के लिए उन्‍होंने जान की बाजी तक लगा डाली दी. इंटरव्‍यू में उन्‍होंने ही इसका खुलासा किया था कि जह वह चढ़ाई कर रहे थे तो उनका ऑक्‍सीजन खत्‍म हो गया था. ऐसे में साथ चल रहे शेरपा की वजह से वह जिंदा बच पाए पाए.

उन्‍होंने चोटी पर करीब 20 मिनट का समय बिताया. वहां पर तस्‍वीरें खींची और नीचे उतरने लग गए. परोरे के अनुसार नीचे उतरने के बाद उनकी तबीयत काफी खराब हो गई थी, उनकी आवाज तक बंद हो गई थी. हालांकि उपचार के कुछ देर बाद उन्‍हें राहत मिली. परोरे ने 1990 में इंग्‍लैंड के खिलाफ टेस्‍ट क्रिकेट में डेब्‍यू किया था. वहीं इसके दो साल बाद 1992 में जिम्‍बाब्‍वे के खिलाफ वनडे क्रिकेट से डेब्‍यू किया.  (news18.com)
 


23-Jan-2021 1:35 PM 15

लंबी कूद की खिलाड़ी शैली सिंह भविष्य के लिए उम्मीद जगाती हैं. अंडर-18 श्रेणी में वो दुनिया की शीर्ष 20 खिलाड़ियों में रह चुकी हैं. उत्तर प्रदेश की 17 साल की शैली लंबी कूद की जानीमानी खिलाड़ी अंजू बॉबी जॉर्ज और उनके कोच पति रॉबर्ट बॉबी जॉर्ज से ट्रेनिंग ले रही हैं.

शैली सिंह के नाम पर जूनियर नेशनल रिकॉर्ड है और वो लंबी कूद की श्रेणी में लगातार छह मीटर से अधिक जंप कर बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं. अक्सर उनकी तुलना उनकी मेंटर अंजू के साथ की जाती है. वो पहली ऐसी भारतीय एथलीट हैं जिन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीता है.

जब वो महज 14 साल की थी तब उन्होंने लंबी कूद में नेशनल जूनियर रिकॉर्ड को तोड़ डाला था. रांची में हुए इस नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 5.94 मीटर की छलांग लगाकर रिकॉर्ड बनाया था.

इसके एक साल के बाद उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ते हुए अंडर-18 की श्रेणी में नया रिकॉर्ड बनाया. आंध्र प्रदेश के गुंटूर में 2019 में आयोजित नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 6.15 मीटर की छलांग लगाकर यह रिकॉर्ड बनाया.

भारतीय खेल मंत्री किरण रिजिजू ने अंडर-16 और अंडर-18 की श्रेणी में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उनकी तारीफ की थी. उनकी छलांग 2020 में आईएएएफ़ अंडर-20 चैंपियनशिप में भागीदारी के लिए क्वालीफाइंग सीमा से बेहतर थी.

कठिन फ़ैसला
शैली सिंह की परवरिश उनकी मां विनीता सिंह ने अकेले ही की है. उनका जन्म 7 जनवरी 2004 में उत्तर प्रदेश के झांसी में हुआ था.

उनकी मां विनीता कपड़े सिलने का काम करती हैं. उन्हें उस वक्त बहुत ताज्जुब हुआ था जब उनकी बेटी शैली ने उनसे एक एथलीट के तौर पर करियर बनाने की इच्छा जाहिर की थी.

वो जिस इलाक़े में रहती थीं, वो ट्रेनिंग और कोचिंग के लिहाज से एक बेहद पिछड़ा हुआ इलाक़ा था. ऐसे में उन्होंने एथलीट बनने का विकल्प चुनकर एक कठिन फ़ैसला लिया था.

हालांकि उनकी मां ने शैली के जुनून और काबिलियत को देखते हुए अपनी बेटी का साथ देने का फैसला किया.

शुक्र है कि इस उभरते हुए एथलीट पर शुरुआत में ही रॉबर्ट बॉबी जॉर्ज की नज़र पड़ गई और इस जोड़े ने शैली को अपने प्रशिक्षण के अंदर लेने का फैसला कर लिया.

इसके बाद वो आख़िरकार अंजू बॉबी स्पोर्ट्स फाउंडेशन में ट्रेनिंग लेने बेंगलुरू पहुँची. उस वक्त वो महज 14 साल की थीं.

भारतीय एथलीट की उभरता सितारा
शैली सिंह अंडर-18 श्रेणी में शीर्ष 20 खिलाड़ियों में रह चुकी हैं. वो भारतीय एथलेटिक्स की नई सितारा हो सकती हैं. ट्रैक पर वो अंजू बॉबी जॉर्ज की याद दिलाती हैं.

अंजू के पति रॉबर्ट बॉबी जॉर्ज ने एक बार कहा था कि शैली सिंह जल्दी ही भारत में होने वाले आयोजनों में ट्रैक पर छाने वाली हैं. वो यह भी कहते हैं कि शैली 2024 में होने वाले ओलंपिक में मेडल जीतने की एक मजबूत दावेदार होंगी.

शैली सिंह को अभिनव बिंद्रा स्पोर्ट्स सेंटर से भी मदद हासिल हुई है. हालांकि रॉबर्ट जॉर्ज का कहना है कि शैली सिंह जैसी विलक्षण प्रतिभा को निखारने के लिए और काम करने की जरूरत है.

हर कामयाबी के बाद शैली झांसी में अपनी मां को फोन करती हैं. शैली उम्मीद करती हैं कि वो अपनी मां के सामने झांसी और लखनऊ में किसी दिन किसी प्रतिस्पर्धा में कामयाब होंगी.

शैली सिंह कड़ी मेहनत जारी रखते हुए अपने प्रदर्शन को बेहतर करना चाहती हैं. वो चाहती हैं कि किसी दिन उनकी मां उन पर फख़्र करें.

(यह लेख बीबीसी को ईमेल के ज़रिए शैली सिंह के भेजे जवाबों पर आधारित है.)  (bbc.com)


23-Jan-2021 1:35 PM 20

सुश्री दिब्यदर्शिनी प्रधान ओडिशा से आती हैं, एक ऐसा राज्य जिसकी गिनती देश के क्रिकेट पावर हाउस में नहीं की जाती. लेकिन उन्होंने अपनी दृढ़ता और धीरज से सीमित सुविधाओं में ही क्रिकेट सीखा.

दाएं हाथ की ऑफ़ स्पिन गेंदबाज़, प्रधान ओडिशा स्टेट टीम के लिए खेलती हैं. उन्होंने घरेलू चैलेंजर्स ट्रॉफ़ी महिला अंडर -23 टूर्नामेंट में इंडिया ग्रीन टीम की कप्तानी की थी, जिसमें वो 2019 में अपनी टीम को फाइनल तक लेकर गईं.

वो 2020 के दौरान यूएई में महिला टी20 चैलेंज में अनुभवी भारतीय क्रिकेटर मिताली राज की कप्तानी में फ्रैंचाइज़ी वेलोसिटी क्रिकेट टीम के लिए खेली थीं. इस टूर्नामेंट का आयोजन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने किया था.

विनम्र शुरुआत
क्रिकेट में दिलचस्पी रखने वाली किसी भी अन्य लड़की की तरह ही प्रधान ने भी अपने मोहल्ले के लड़को के साथ क्रिकेट खेलना शुरू किया था. तब उनकी उम्र सात साल थी.

उस वक़्त उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि ये खेल उनकी ज़िंदगी का जुनून और एक करियर ऑप्शन बन जाएगा.

उन्हें तो ये भी नहीं पता था कि भारत की अपनी एक महिला क्रिकेट टीम है और लड़कियां भी पेशेवर रूप से क्रिकेट खेल सकती हैं.

उनके पिता ने उन्हें एथलेटिक्स जैसे किसी अन्य खेल को ज्वाइन करने के लिए मनाने की कोशिश की. लेकिन प्रधान क्रिकेट खेलने के लिए अपना मन बना चुकी थीं.

उन्होंने स्थानीय जागृति क्रिकेट क्लब ज्वाइन कर लिया और कोच खिरोड़ बेहेरा से ट्रेनिंग लेने लगीं.

प्रधान बताती हैं कि अपने करियर के शुरुआती वक़्त में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि क्रिकेट एक महंगा खेल है. वहीं क्रिकेट कल्चर और बुनियादी ढांचे के मामले में भी ओडिशा, महाराष्ट्र या कर्नाटक जैसे राज्यों से पीछे है.

हालांकि जैसे ही प्रधान गंभीरता के साथ क्रिकेट खेलने लगीं तो उनके माता-पिता ने भी उन्हें सपोर्ट करना शुरू कर दिया.

उन्होंने आख़िरकार 2012 में ईस्ट ज़ोन की अंडर -19 महिला क्रिकेट टीम में जगह बनाई.

वो ओडिशा की सीनियर टीम के लिए भी खेलती हैं और टी20 क्रिकेट टूर्नामेंट में राज्य की अंडर -23 टीम का नेतृत्व करती हैं.

बढ़ते कदम
प्रधान को बड़ा ब्रेक 2019 में मिला, जब उन्हें घरेलू चैलेंजर्स ट्रॉफ़ी महिला अंडर -23 टूर्नामेंट में इंडिया ग्रीन टीम की कप्तानी के लिए चुना गया.

अपने उल्लेखनीय प्रदर्शन के साथ, उन्होंने अपनी टीम को टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचाया जहां टीम, इंडिया ब्लू टीम से हार गई.

फिर उन्हें एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के वूमेंस इमर्जिंग एशिया कप 2019 में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया, इस टूर्नामेंट को भारतीय टीम ने जीत लिया.

भारत के लिए सबसे ज़्यादा विकेट लेकर प्रधान ने उस सफलता में अहम भूमिका निभाई.

उसके बाद वेलोसिटी फ्रैंचाइज़ी टीम की ओर से उन्हें 2020 के दौरान यूएई में महिला टी20 चैलेंज में खेलने के लिए चुना गया.

हालांकि प्रधान की टीम उस शॉर्ट टूर्नामेंट में हार गईं. लेकिन वो कहती हैं कि उन्हें टीम के साथ और कुछ शीर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेटर्स के ख़िलाफ़ खेलने का बहुत फायदा मिला.

प्रधान अब अपने क्रिकेट करियर को अगले स्तर पर ले जाकर भारतीय महिला सीनियर टीम में शामिल होने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं. वो एक दिन भारत के लिए क्रिकेट विश्व कप को उठाने का सपना देखती हैं.

प्रधान के लक्ष्य बड़े हैं, लेकिन वो आर्थिक सुरक्षा के मौलिक मसले को लेकर चिंतित भी रहती हैं.

वो कहती हैं कि केंद्र और राज्य सरकार को देश की प्रतिभाशाली महिला खिलाड़ियों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए.

प्रधान उदाहरण देकर कहती हैं, पूर्वी रेलवे को ओडिशा जैसे पूर्वी राज्यों की और अधिक महिला खिलाड़ियों को नौकरी देनी चाहिए, ताकि वो आजीविका की चिंता किए बगैर अपने खेल पर फोकस कर सकें.

(ये प्रोफाइल सुश्री दिब्यदर्शिनी प्रधानको ईमेल के ज़रिए भेजे गए बीबीसी के सवालों के जवाब के आधार पर तैयार किया गया है)  (bbc.com)
 


23-Jan-2021 1:34 PM 19

खेल सिर्फ़ मनोरंजन का एक तरीक़ा भर नहीं है, ये एक करियर विकल्प और आत्म अभिव्यक्ति का ज़रिया भी हो सकता है.

तमिलनाडु की संध्या रंगनाथन एक सामान्य बचपन से महरूम रहीं. छोटी उम्र में ही एक सरकारी हॉस्टल में रह कर पली-बढ़ी, लेकिन उन्होंने फु़टबॉल में ही अपने परिवार को तलाश लिया और देश का नाम भी रोशन किया.

ज़िंदगी की पहली किक
20 मई 1998 के दिन रंगनाथन का जन्म तमिलनाडु के कुडलूर ज़िले में हुआ था. वो बहुत छोटी थी जब उन्हें एक सरकारी हॉस्टल में डाल दिया गया क्योंकि उनके माता-पिता अलग हो गए थे.

उनके पिता उन्हें छोड़कर चले गए थे और माँ के पास उनके पालन-पोषण के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं थे.

हॉस्टल में रंगनाथन फु़टबॉल खेलने वाले अपने कुछ सीनियर्स से बहुत प्रभावित हुईं. वो सीनियर टूर्नामेंट खेलने के लिए अलग-अलग जगह जा पाते थे. रंगनाथन भी उनकी तरह बनना चाहती थीं और अलग-अलग जगह देखना चाहती थीं.

यहीं से उन्हें बॉल को किक करने की प्रेरणा मिली. उस वक़्त वो छठी कक्षा में पढ़ रही थीं.

शुरुआती वक़्त मुश्किल था और संसाधनों की कमी थी. फ़ुटबॉल के अभ्यास के लिए कुडलूर में घास का कोई अच्छा मैदान नहीं था, लेकिन ज़मीन के खुरदुरेपन को कोचों की विनम्रता ने कम कर दिया, जिन्होंने रंगनाथन और उनके खेल का पूरी तरह ख़याल रखा.

हालाँकि, इसका मतलब ये नहीं था कि उन्हें माता-पिता के साथ रहने वाले किसी आम बच्चे की तरह, बचपन जीने की कमी नहीं खल रही थी. उनकी माँ कभी-कभी उनसे मिलने के लिए हॉस्टल आया करती थीं, लेकिन निश्चित रूप से ये एक सामान्य माँ-बेटी जैसा रिश्ता नहीं था.

रंगनाथन को ये कमी भी खलती थी कि वो अपनी उम्र के दूसरे बच्चों की तरह ज़िंदगी के शौक और खेल-कूद के सभी मज़े नहीं ले पा रही हैं, खेल-कूद में वो सिर्फ़ फ़ुटबॉल खेलती थीं. बाक़ी के टाइम वो पढ़ाई करती रहती थीं.

उन्होंने तिरुवल्लुवर विश्वविद्यालय से कॉमर्स में मास्टर्स डिग्री हासिल की. अब वो कुडलूर के सेंट जोसेफ़ कॉलेज से मास्टर ऑफ़ सोशल वर्क्स (एएसडब्ल्यू) कर रही हैं.

फिर किया ज़िंदगी का गोल
व्यक्तिगत स्तर पर तमाम चुनौतियों के बावजूद फ़ुटबॉलर रंगनाथन के लिए हॉस्टल लाइफ़ एक वरदान थी. वो बिना किसी रोकटोक के खेल सकती थीं. वो कहती हैं कि उनकी माँ ने उन्हें अपना पैशन फॉलो करने से नहीं रोका.

तिरुवल्लुवर विश्वविद्यालय में एस मारियाप्पन जैसे कोचों ने उन्हें तैयार किया और कुडलूर में इंदिरा गाँधी एकेडमी फ़ॉर स्पोर्ट्स एंड एजुकेशन ने भी रंगनाथन को एक अटैकिंग फॉरवर्ड खिलाड़ी बनाने में अहम भूमिका निभाई.

अपने फोकस और कोचों के मार्गदर्शन के साथ, रंगनाथन ने फ़ुटबॉल के मैदान में दर्शकों का ध्यान खींचना शुरू किया.

2019 में एक अहम पल आया जब उन्हें इंडियन वीमन लीग (आईडब्ल्यूएल) के तीसरे सीज़न में टूर्नामेंट का सबसे वेल्यूएबल खिलाड़ी (एमवीपी) चुना गया. अच्छे प्रदर्शन और इससे तुरंत मिली पहचान ने इस युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास को बढ़ा दिया.

खेल में तेज़ी से कदम बढ़ाती रंगनाथन ने नेपाल के काठमांडू में एसएएफ़एफ़ महिला चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने न सिर्फ़ भारतीय टीम ने ख़िताब जीता, बल्कि वो भारत के लिए सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों में से एक रहीं.

नेपाल उनके लिए एक तरह से लकी रहा, जहाँ पोखरा में हुए 13वें दक्षिण एशियाई खेलों में उन्होंने दो बार स्कोर किया और भारत ने ख़िताब अपने नाम कर लिया.

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2019 में देश को कामयाबी दिलाने वाली रंगनाथन ने 2020 की धमाकेदार शुरुआत की और आइडब्ल्यूएल के चौथे सीज़न में दूसरी सबसे ज़्यादा गोल करने वाली फ़ुटबॉलर रहीं.

फ़ुटबॉल के अपने सफ़र को अगले स्तर पर ले जाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहीं रंगनाथन कहती हैं कि महिला ख़िलाड़ियों के लिए आर्थिक सुरक्षा एक अहम फैक्टर है.

वे कहती हैं कि आजीविका सुनिश्चित होने से महिला खिलाड़ी मैदान पर फुल-टाइम फोकस कर सकती हैं.

इसलिए रंगनाथन कहती हैं कि महिलाओं के लिए खेलों में कामयाब होने के लिए ज़रूरी है कि उन्हें सरकारी या प्राइवेट सेक्टर में पक्की नौकरियाँ मिलें. 

(ये प्रोफाइल संध्या रंगनाथन को ईमेल के ज़रिए भेजे गए बीबीसी के सवालों के जवाब के आधार पर तैयार किया गया है) (bbc.com)


23-Jan-2021 1:12 PM 15

ब्यूनस आयर्स, 23 जनवरी | भारतीय महिला हॉकी टीम को अर्जेटीना-बी टीम के हाथों 2-1 से हार का सामना करना पड़ा है। विजेता टीम के लिए सोल पागेला ने 11वें मिनट में और अगस्टीना गोरजेलानी ने 57वें मिनट में गोल किया। भारत के लिए सलिमा टेटे ने 54वें मिनट में गोल किया।

इससे पहले मैच में भारतीय टीम ने अर्जेटीना की जूनियर टीम के साथ 2-2 और 1-1 से ड्रॉ खेला था।

मुख्य कोच शुअर्ड मरेन ने कहा, "आज हमने मजबूत अर्जेटीना टीम का सामना किया, जिसमें उनकी कई सीनियर टीम की कई खिलाड़ी थीं। अगले सप्ताह सीनियर टीम के खिलाफ खेलने से पहले यह हमारे लिए सबसे सभी अभ्यास मैच था। दुर्भाग्यवश हमने आखिरी मिनटों में पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल खा लिया। हमें इसी चीज पर ध्यान देने की जरूरत है।"

मेजबान टीम शुरू से ही आक्रामक हॉकी खेल रही थी, जिसने भारत को बैकफुट पर धकेल दिया था। अर्जेटीना-बी टीम को छह मिनट में लगातार दो पेनाल्टी कॉर्नर मिले, जिसने मेहमान टीम पर दबाव डाल दिया। भारतीय गोलकीपर रजनी ने गोल बचा शानदार काम किया। 11वें मिनट में, सोल ने भारतीय घेरे में घुसकर शानदार शॉट खेलेत हुए अर्जेटीना को 1-0 से आगे कर दिया।

मेजबान टीम के मजबूत डिफेंस के सामने भारत के लिए पेनाल्टी कॉर्नर हासिल करना मुश्किल हो रहा था। भारत को हालांकि 23वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर मिला लेकिन गुरजीत कौर के प्रयास को विपक्षी टीम की गोलकीपर ने रोक लिया।

43वें और 51वें मिनट में अर्जेटीना को दो और पेनाल्टी कॉर्नर मिले। लेकिन भारत के डिफेंस ने यह सुनिश्चित किया कि अर्जेटीना गोल नहीं कर पाए।

54वें मिनट में भारत को पेनाल्टी कॉर्नर मिला, जिस पर सलिमा ने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। अर्जेटीना को आगे निकलने का एक और मौका मिला। 57वें मिनट में उसके हिस्से एक और पेनाल्टी कॉर्नर आया जिस पर गोरजेलानी ने गोल कर टीम को जीत दिला दी।(आईएएनएस)


23-Jan-2021 1:08 PM 25

नई दिल्ली, 23 जनवरी | भारतीय टीम अगले महीने से शुरू हो रही इंग्लैंड सीरीज से पहले एक सप्ताह तक क्वारंटीन रहेगी। इस दौरान वह सीरीज के लिए रणनीति पर काम करेगी। टीम के स्टाफ एक सदस्य ने इस बात की जानकारी दी। टीम के गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने बताया, "आस्ट्रेलिया में हमने शानदार काम किया है। हमने हर एक पल का लुत्फ लिया है, हमारी सफलता के हर हिस्से का। लेकिन हमें यह भूलने की जरूरत है, इसे पीछे छोड़ने की जरूरत है और आगे इंग्लैंड सीरीज की तरफ देखना है। हमारे पास इसके लिए प्लान होने चाहिए। हमारे पास समय है। सीरीज से पहले हमें क्वारंटीन रहना होगा और तभी प्लानिंग की जाएगी।"

भारत इंग्लैंड के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगा जिसकी शुरुआत पांच फरवरी से चेन्नई में होगी। दूसरा टेस्ट मैच भी चेन्नई में ही खेला जाएगा जो 13 से 17 फरवरी के बीच चलेगा। इसके बाद अहमदाबाद में आखिरी के दो टेस्ट 24 फरवरी और चार मार्च से शुरू होंगे।

इसके बाद पांच मैचों की टी-20 सीरीज खेली जाएगी। सीरीज के शुरुआती दो मैच अहमदाबाद में होंगे और बाकी के तीन मैच पुणे में होंगे।

अरुण ने कहा, "हम इस बात को जानते हैं कि इंग्लैंड की टीम काफी मजबूत है। उन्हें हराने के लिए हमें अपना सर्वश्रेष्ठ करना होगा।"

उन्होंने कहा, "हमारे लिए हर मैच एक चुनौती है। पक्के तौर पर नहीं कह सकता कि इंग्लैंड की बल्लेबाजी आस्ट्रेलिया से बेहतर है। आस्ट्रेलिया के खिलाफ हमने उनके घर में खेला था। श्रीधर ने जो कहा था वो मैं कहना चाहता हूं। 36 पर ऑल आउट होने की बात भूलने में हमें दो दिन लगे। हां, हम तनाव में थे, लेकिन हमें उसे भूलना पड़ा और आगे की तरफ काम करना पड़ा। इंग्लैंड के खिलाफ भी हम यही करेंगे।" (आईएएनएस)
 


23-Jan-2021 1:07 PM 35

कराची. विराट कोहली, मोहम्‍मद शमी, उमेश यादव जैसे सीनियर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में भारत ने ऑस्‍ट्रेलिया पर सीरीज दर्ज करके इतिहास रच दिया. चार टेस्‍ट मैचों की सीरीज भारत ने 2-1 से अपने नाम की. इस जीत का उदाहरण देकर पाकिस्तान के महान बल्लेबाज जहीर अब्बास ने अपने बोर्ड को काफी सुनाया और कहा कि ऑस्‍ट्रेलिया पर भारत की जीत से तो पाकिस्‍तान बोर्ड सबक लें और इस खेल के ढांचे में निवेश करें. अब्‍बास का मानना है कि पिछले एक दशक में क्रिकेट के ढांचे मे निवेश का फल भारत को मिल रहा है और इसकी बानगी ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज में ऐतिहासिक जीत से मिली.

अब्बास ने कहा कि देखो भारतीय टीम कहां तक आ गई. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में तीन साल में दूसरी बार श्रृंखला जीती. उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि भारत ने अपने क्रिकेट के ढांचे में पिछले एक दशक में काफी निवेश किया. उस कड़ी मेहनत का फल अब मिल रहा है. अब्बास ने पाकिस्तान क्रिकेट के पतन की आलोचना करते हुए कहा कि सफलता की कुंजी सिर्फ कड़ी मेहनत है.

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कोचिंग या सलाह से नहीं बन सकते बड़े खिलाड़ी
उन्होंने कहा कि क्रिकेट में मेरा हमेशा मानना रहा है कि सबसे अहम बात यह है कि कोई खिलाड़ी कितनी मेहनत कर रहा है और कितना समय खेल को दे रहा है. किसी भी कोचिंग या सलाह से आप आला दर्जे के खिलाड़ी नहीं बन सकते जब तक कि खुद मेहनत ना करें. एशिया के ब्रैडमेन कहे जाने वाले अब्बास ने कहा कि भारत की ऑस्ट्रेलिया में जीत इसलिए भी अहम है, क्योंकि वह विराट कोहली और कई सीनियर खिलाड़ियों के बिना मिली. उन्होंने पाकिस्तानी क्रिकेटरों से भी अपने खेल पर और मेहनत करने को कहा. (भाषा इनपुट के साथ )


23-Jan-2021 12:22 PM 16

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी ने ओलंपिक खेलों को रद्द किए जाने की अटकलों को खारिज कर दिया है. आईओसी अध्यक्ष टोमास बाख और जापान की राजधानी टोक्यो स्थित स्थानीय आयोजकों का कहना है ओलंपिक खेल निर्धारित तारीख पर होंगे.

   (dw.com)

ओलंपिक खेल यूं तो पिछले साल मार्च में ही हो जाने थे लेकिन कोरोना के चलते इन्हें इस साल 23 जुलाई तक के लिए टाल दिया गया था. लेकिन अब इस खेल आयोजन पर फिर से खतरे के बादल मंडराने लगे हैं. ब्रिटिश अखबार द टाइम्स ने सरकारी सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि ओलंपिक खेल रद्द करने पड़ेंगे. सत्तारूढ़ गठबंधन के एक वरिष्ठ सदस्य का नाम लिए बगैर उनका बयान रिपोर्ट में प्रकाशित किया गया है. इस सदस्य का कहना है, 'कोई खुद पहले बोलना नहीं चाहता लेकिन इस बात पर सब सहमत हैं कि आयोजन कराना बहुत मुश्किल है. निजी तौर पर मुझे तो नहीं लगता कि खेल हो पाएंगें.'
स्थानीय आयोजन कमेटी ने एक बयान में द टाइम्स की खबर पर तो सीधे प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन ये जरूर कहा कि ओलंपिक खेल जरूर होंगे और प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा ने भी इस बात का समर्थन किया है. "देश की सरकार, टोक्यो महानगर प्रशासन, टोक्यो-2020 की आयोजन समिति, आईओसी (अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी) और आईपीसी (अंतरराष्ट्रीय पैरालिम्पिक कमेटी) समेत हमारे सभी साझेदारों का पूरा ध्यान इन गर्मियों में ओलंपिक खेल कराने पर है.' बयान में ये भी कहा गया है, "हमें उम्मीद है कि जल्द से जल्द, रोजमर्रा की जिंदगी ढर्रे पर लौटेगी. इसलिए हम बचाव और सुरक्षा के साथ खेलों के आयोजन की हर मुमकिन तैयारी करते रहेंगे.'

प्रधानमंत्री के सहयोगी और डिप्टी मुख्य कैबिनेट सचिव मागागु सकाई ने भी ओलंपिक रद्द होने की खबरों का पुरजोर खंडन किया. उन्होंने कहा, "ऐसी कुछ भी बात नहीं है और हम इसे (रिपोर्ट को) पूरी तरह खारिज करते हैं.” टोक्यो की गवर्नर युरिको कोइके ने शुक्रवार को अपनी नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, "मैंने तो ऐसा कुछ नहीं सुना.' उन्होंने आगे बढ़कर ये भी कहा कि ब्रिटिश अखबार के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने कहा, "हमें शायद अपना विरोध दर्ज कराना चाहिए.'

ओलंपिक आयोजन पर संदेह के बीज
द टाइम्स ने कहा है कि जापान 2032 के ओलंपिक आयोजन की दावेदारी की उम्मीद कर रहा था. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी 2024 ओलंपिक की मेजबानी, पेरिस को सौंप चुकी है, 2028 का ओलंपिक लॉस एंजेलिस के खाते में जा चुका है. ओलंपिक खेलों से जुड़े तमाम स्थलों की देखरेख, नये ठेकों और समझौतों और दूसरे बहुत से खर्चों की अनुमानित लागत को देखते हुए जापान का एक दशक के इंतजार का ख्याल असंभव सा लगता है. जापान ओलंपिक से जुड़े कामों पर पहले ही 25 अरब डॉलर खर्च कर चुका है. और ये अधिकांश पैसा जनता की जेब से गया है.

ओलंपिक रद्द होने की कई रिपोर्टें इधर सामने आने लगी थीं. कोविड-19 के मामलों में आती तेजी पर काबू पाने के लिए इसी महीने जापान की सरकार ने टोक्यो और अन्य प्रांतों में इमरजेंसी लगा दी थी. आईओसी अध्यक्ष थोमस बाख ने जापानी समाचार एजेंसी क्योदो को बताया, "इस समय हमारे सामने ये मानने का कोई भी कारण नहीं है कि टोक्यो के स्टेडियम में 23 जुलाई को ओलंपिक खेलों की विधिवत शुरुआत नहीं होगी.” उन्होंने ये भी कहा कि "कोई प्लान बी नहीं है. आईओसी के वरिष्ठ सदस्य रिचर्ड पाउंड ने इस सप्ताह के शुरू में कहा था कि ओलंपिक खेल मोटे तौर पर दर्शकों के बिना ही होंगे और ज्यादातर दर्शक टीवी पर ही खेलों का मजा ले पाएंगे.

आईओसी के लिए कमाई का मामला
स्विट्जरलैंड स्थित आईओसी की 73 प्रतिशत कमाई, प्रसारण अधिकारों को बेचकर ही होती है. ओलंपिक स्थगित हुए थे तो उसकी कमाई का मुख्य स्रोत भी रुक गया था. इसीलिए उसके लिए यही अच्छा है कि भले ही उसका आयोजन टीवी इवेंट के रूप में हो लेकिन ओलंपिक किसी तरह हो जाए, रद्द न करना पड़े. सैकड़ों खेलों का आयोजन करने वाले अन्य दूसरे खेल व्यापारों से अलग, आईओसी के पास बेचने को दो ही बड़े इवेंट हैं, ग्रीष्मकालीन ओलंपिक और शीतकालीन ओलंपिक.

थोमस बाख ने इशारा किया कि टोक्यो ओलंपिक का आगाज कराने के लिए सोच में बड़े बदलावों की जरूरत है. इन खेलों में 11 हजार एथलीट, हजारों हजार कोच, अधिकारी, जज, वीआईपी, मीडिया और प्रसारण कंपनियों के शामिल होने का अनुमान है. 24 अगस्त को होने वाले पैरालंपिक में करीब 4400 एथलीट भाग लेंगे. बाख ने कहा, "ये बात आपको पसंद नहीं आएगी लेकिन कुरबानियों की जरूरत पड़ेगी.' "इसीलिए मैं कह रहा हूं, सुरक्षा और बचाव पहले है और वो सुनिश्चित करने के लिए बातचीत में किसी किस्म का टैबू नहीं चाहिए."

महामारी से निबटने में कामयाब जापान
कोरोना वायरस से जापान में करीब 5000 लोगों की मौत हो चुकी है. दुनिया के बहुत से देशों की अपेक्षा महामारी से वह बेहतर ढंग से निपटने में सफल रहा है. लेकिन साढ़े तीन करोड़ की आबादी वाले फैलते हुए महानगर टोक्यो में संक्रमित लोगों की संख्या में कमी नहीं आयी है. जापान में जनमत भी ओलंपिक खेलों के खिलाफ आया है. कई सर्वेक्षणों में 80 प्रतिशत लोगों का कहना है कि ओलंपिक या तो फिर से टाल दिए जाएं या पूरी तरह रद्द ही कर दिए जाएं. बाख का कहना है कि स्थगित होने के दस महीने बाद, आज की तारीख में ओलंपिक कराने के लिए आयोजक ज्यादा अच्छी स्थिति में हैं.

आईओसी प्रमुख थोमस बाख का कहना है, "आप मार्च 2021 की तुलना मार्च 2020 से नहीं कर सकते हैं क्योंकि विज्ञान, चिकित्सा, टीकाकरण और वायरस के परीक्षणों में इतनी तरक्की हो चुकी है." मार्च 2020 में सारी दुनिया कोरोना महामारी की चपेट में आ रही थी और किसी को पता नहीं था कि इस महामारी से कैसे निबटा जाए. जापान में टीकाकरण की प्रक्रिया धीमी चल रही है. उधर आईओसी ने कहा है कि कोरोना के खिलाफ अपने उपायों के तहत उसने टेस्टिंग, क्वारंटीन, सोशल डिस्टैंसिंग और एथलीटों को मोटे तौर पर अलग अलग रखने पर ध्यान केंद्रित किया है. खिलाड़ियों को टीका लगाने के लिए प्रोत्साहित तो किया गया है लेकिन ये जरूरी नहीं होगा.
एसजे/एमजे (एएफपी)


23-Jan-2021 11:44 AM 24

बोम्बोलिम (गोवा), 23 जनवरी | केरला ब्लास्टर्स हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के सातवें सीजन के दूसरे चरण में अपने बेहतर प्रदर्शन का आनंद ले रही है। अपने पिछले मैच में पूर्व चैम्पियन बेंगलुरु एफसी को अंतिम समय में हरा चुकी कोच किबु विकुना की टीम पिछले तीन मैचों से सात अंक हासिल कर चुकी है जबकि सीजन के शुरूआती नौ मैचों में वह केवल छह अंक ही अपने खाते में जोड़ पाई थी। हालांकि केरला को अब अपने अगले मैच में शनिवार को बोम्बोलिम के जीएमसी स्टेडियम में एफसी गोवा की मुश्किल चुनौती का सामना करना है और कोच यह स्वीकार भी कर चुके हैं।

शुरूआत में गोल करने के लिए संघर्ष करने वाली केरला पिछले चार मैचों में बेहतर अटैक कर रही है। टीम ने पिछले चार मैचों में आठ गोल किए हैं और करीब 87 शॉट लगाए हैं और टीम ने पर मैच औसतन छह शॉट टारगेट पर लिए हैं।

विकुना ने कहा, "हम प्रत्येक मैच में अंत तक प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। पिछले तीन मैचों में हमने अच्छी प्रतिस्पर्धा की है। हमने बेहतर प्रदर्शन किया है और अंक बटोरे हैं।"

हालांकि आज टीम को गोवा की एक ऐसी टीम से भिड़ना है, जो अधिकतम समय तक बॉल पजेशन में हावी रहा है और वह पिछले पांच मैचों से अजेय चल रही है। केरला ने गोवा के खिलाफ अब तक 21 गोल खाएं है, जोकि आईएसएल के चौथे सीजन के बाद से किसी भी टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा गोल है।

विकुना ने कहा, "यह सच है कि कल का मैच अलग होगा। यह एक अलग टीम है, जोकि बहुत अच्छा फुटबाल खेलती है। लेकिन हम खिलाड़ियों को रिकवर कर रहे हैं और अगले मैच के लिए अधिक से अधिक तैयारी कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "वे एक अच्छी टीम है और अपने बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ अच्छी तैयारी की है। वे अच्छा खेल रहे हैं। उनके पास बहुत खतरनाक खिलाड़ी है। इगोर एंगुलो, जॉर्ज ओर्टिज और रोमारियो जेसुराज अच्छा खेल रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि कल का मैच हमारे लिए बेहतर होगा।"

केरला की टीम फिलहाल नौवें नंबर पर है और वह चौथे स्थान पर पहुंचने से केवल चार ही अंक दूर है।

गोवा शानदार प्रदर्शन कर रही है और वे टॉप तीन में है। जुआन फेरांडो की टीम को वापसी करने में माहिर माना जाता है। पहला अंक गंवाने के बाद टीम ने 10 अंक बटोरे हैं।

फेरांडो ने कहा, "हम एक टीम के रूप में खेलते हैं। हम अंतिम मिनट तक लड़ते है। प्रत्येक खिलाड़ी को संघर्ष करना पड़ता है। वे जानते हैं कि अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो वे टीम में नहीं होंगे। आप कभी जीतेंगे या कभी हारेंगे, लेकिन लड़ना सबसे महत्वपूर्ण है।"

उन्होंने कहा, " यह एक बहुत ही कठिन मैच होगा (केरला के खिलाफ)। वे अच्छा फुटबॉल खेलने की कोशिश कर रहे हैं। उनके पास अलग-अलग प्लान हैं और उनके पास एक अच्छी टीम है।"
(आईएएनएस)


23-Jan-2021 9:19 AM 19

हैदराबाद, 23 जनवरी | आस्ट्रेलिया दौरे की खोज कहे जाने वाले भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने अपने लिए बीएमडब्ल्यू कार खरीदी है। सिराज ने शुक्रवार को अपने इंस्टाग्राम पेज पर नई कार का वीडियो साझा किया।

सिराज गुरुवार को गृहनगर हैदराबाद लौटे थे और सबसे पहले अपने पिता की कब्र पर गए थे, जिनका कि बीते महीने इंतकाल हो गया था। उस समय सिराज आस्ट्रेलिया में थे और कठिन कोरोना प्रोटोकॉल्स के कारण स्वदेश नहीं लौट सके थे।

ब्रिस्बेन में खेले गए अंतिम टेस्ट मैच की शुरुआत से पहले जब राष्ट्रगान बजा था तब वह गमगीन हो गए थे। इसी मैच में सिराज ने जब पांच विकेट लिए तब भी उन्होंने हाथ ऊपर करते हुए अपने पिता को याद किया।

सिराज के पिता मोहम्मद गौस पेशे से ऑटोरिक्शा चालक थे। अपने बेटे को एक सफल क्रिकेटर बनाने के लिए गौस ने काफी मेहनत और त्याग किया था लेकिन जब उनका बेटा देश के लिए शीर्ष स्तर पर खेला तब वह इस दुनिया में नहीं थे।

अपने पिता को खुद का सबसे बड़ा सपोर्ट बताते हुए कहा, "मेरे पिता की हमेशा से ही यही इच्छा थी कि मेरे बेटे देश का नाम रोशन करना और वो मैं जरूर करूंगा। यह मेरे लिए बहुत बड़ा झटका है। मैंने अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा सपोर्ट खो दिया है। यह उनका सपना था कि मैं देश के लिए खेलूं और मैं खुश हूं कि मैंने इस बात को समझा और उनको खुश होने का मौका दिया।"

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने शुक्रवार को सिराज की जमकर तारीफ की और कहा कि सिराज आस्ट्रेलिया दौरे की खोज हैं।

शास्त्री ने ट्वीट करते हुए लिखा, "बॉलिंग अटैक की जिम्मेदारी सिराज ने जिस तरह से निभाई, उस लिहाज से वह आस्ट्रेलिया दौरे पर भारत के लिए खोज हैं। सिराज ने पिता को खोया, नस्लीय फब्तियां झेलीं लेकिन इन सबके बावजूद वह टीम की धुरी बने रहे।"

सिराज ने आस्ट्रेलिया के साथ आयोजित चार मैचों की टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 13 विकेट हासिल किए। ब्रिस्बेन में खेले गए निर्णायक टेस्ट में सिराज ने एक पारी में पांच विकेट हासिल किए। सिराज एवं दूसरे युवा भारतीयों के शानदार प्रदर्शन के बूते भारतीय टीम 2-1 से सीरीज अपने नाम कर इतिहास रचने में सफल रही।

--आईएएनएस


23-Jan-2021 9:14 AM 17

नई दिल्‍ली. मोहम्‍मद सिराज को ऑस्‍ट्रेलिया दौरे की खोज बताया जा रहा है. भारत की ऑस्‍ट्रेलिया पर टेस्‍ट सीरीज में 21 से एतिहासिक जीत में सिराज ने अहम योगदान दिया. उन्‍होंनेऑस्ट्रेलिया (Australia) के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारत के लिए सबसे ज्यादा 13 विकेट लिए. ब्रिस्‍बेन में ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा भी किया.ऐतिहासिक जीत के बाद जैसे ही सिराज भारत लौटे, वह एयरपोर्ट से उतरकर सीधे अपने पिता के कब्र पर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे.

दरअसल सिराज के पिता मोहम्मद गौस का 20 नवंबर को निधन हो गया था. इसके एक सप्ताह पहले ही भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया पहुंची थी और कोरोना प्रोटोकॉल के कारण सिराज अंतिम संस्कार के लिए लौट भी नहीं सके. अब भारतीय टीम के फील्डिंग कोच आर श्रीधर ने खुलासा किया कि कैसे टीम इंडिया ने सिराज को ऑस्‍ट्रेलिया में संभाला, क्‍योंकि उस समय सभी क्‍वारंटीन थे और कोई किसी ने नहीं मिल सकता था.

काफी मजबूत हैं भारतीय

स्‍पोर्ट्स टुडे से बातचीत में श्रीधर ने खुलासा किया कि सिराज ने अपने पिता को खोया, उस समय हम क्‍वारंटीन थे. हमें किसी से मिलने और कमरे से बाहर जाने की अनुमति नहीं थी. इसीलिए हम लोग सिराज को लगातार वीडियो कॉल कर रहे थे. श्रीधर ने बताया कि एक बार जब उन्‍होंने सिराज को कॉल किया तो वह फूट फूटकर रोने लगे, लेकिन सिराज ने दूसरी पारी में जैसे गेंदबाजी की, उसने दिखाया कि भारतीय कितने मजबूत हैं.

सिराज एक हफ्ते हैदराबाद में रहने के बाद 27 जनवरी को चेन्नई जाएंगे. भारत और इंग्लैंड के बीच चार टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले दो टेस्ट मैच चेन्नई में खेले जाएंगे. सिराज को इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो टेस्ट मैचों के लिए भारत की 18 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है. वह जसप्रीत बुमराह और इशांत शर्मा के साथ भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभालेंगे (news18)


22-Jan-2021 7:41 PM 17

बैंकॉक, 22 जनवरी | भारत के सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और अश्विनी पोनप्पा ने शुक्रवार को टोयोटा थाईलैंड ओपन के मिश्रित युगल वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बना ली है लेकिन पुरुष एकल वर्ग के क्वार्टर फाइनल में समीर वर्मा को हार का सामना करना पड़ा है। समीर को डेनमार्क के आंद्रेस एंटोनसेन ने 21-13, 19-21, 22-20 से मात दी।

एंटोनसेन ने पहला गेम आसानी से अपने नाम किया। दूसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने वापसी की और 11-9 की बढ़त ले ली। एंटोनसेन ने ब्रेक के बाद वापसी की और 16-14 से आगे हो गए। समीर हालांकि पीछे नहीं हटे और कड़ी मेहनत करते हुए 21-19 से गेम जीत मैच को निर्णायक गेम में ले गए।

तीसरे और अंतिम गेम में भारतीय खिलाड़ी ने एक बार फिर बढ़त ली और 11-8 की बढ़त के साथ ब्रेक में गए। एंटोनसेन ने इस बार समीर के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा की और 22-20 से गेम अपने नाम करते हुए मैच जीत लिया।

इससे पहले अश्विनी और रैंकीरेड्डी की जोड़ी ने मलेशिया की पेंग सून चान और लियू यिंग गोह की जोड़ी को मात दे सेमीफाइनल में जगह बनाई।

एक घंटे 15 मिनट तक चले इस मैच में भारतीय जोड़ी ने 18-21, 24-22, 22-20 से जीत हासिल की।

रैंकीरेड्डी और पोनप्पा सेमीफाइनल में टॉप सीड थाईलैंड के डेचापोल पुआवारानुक्रो-सापसिरे ताएराटानाचाई से भिड़ेंगी। (आईएएनएस)


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