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25-May-2020

आइसोलेशन वार्ड में भर्ती युवक ने लगाई फांसी
रैपिड टेस्ट में निगेटिव, आरटी-पीसीआर जांच की रिपोर्ट नहीं मिली थी

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

अम्बिकापुर, 25 मई। सरगुजा जिला के लुंड्रा विकासखंड अंतर्गत क्वॉरंटीन सेंटर में रहे एक 25 वर्षीय युवक जिसे संदिग्ध मानकर स्वास्थ्य अमला व प्रशासन द्वारा अंबिकापुर कोविड-19 अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया था, उसने आज फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। फांसी के कारणों का भी पता नहीं चला सका था। उसे 23 मई को लुंड्रा क्वॉरंटीन सेंटर से लाकर भर्ती किया गया था। उसकी कोरोना जांच की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है।

जानकारी के मुताबिक लुंड्रा निवासी 25 वर्षीय युवक जो दिल्ली से गत दिनों पूर्व अपने घर लौटा था। दिल्ली से लौटने के कारण उसे लुंड्रा के क्वॉरंटीन सेंटर में रखा गया था। सर्दी-खांसी की शिकायत होने पर उसका रैपिड टेस्ट किया गया, इसमें रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद एहतियातन उसे 23 मई को कोविड-19 अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में रखा गया था। उसका सैंपल लेकर अस्पताल प्रबंधन द्वारा आरटी-पीसीआर जांच हेतु रायपुर भेजा गया था। उसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई थी। इसी बीच सोमवार की दोपहर करीब 2 बजे से लेकर 4 बजे के बीच उसने आइसोलेशन वार्ड में वार्ड ब्वाय शाम करीब 4 बजे चाय-नाश्ता लेकर पहुंचा और कई बार दरवाजा खटखटाया, पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देने के बाद उसने रोशनदान से झांक कर देखा तो युवक फांसी पर लटका हुआ था। 

अंदेशा जताया जा रहा है कि युवक मानसिक रूप से परेशान था जिसके चलते उसने यह कदम उठाया है। फांसी लगाने की सूचना पर स्वास्थ्य, पुलिस व प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच जांच पड़ताल में जुटी हुई थी।


25-May-2020

मुंबई में मजदूरों के मसीहा सोनू सूद आखिर ये सब क्यों कर रहे हैं? उन्हीं की जुबानी...

एक इंटरव्यू में सोनू सूद ने कहा : इन लोगों की मदद करना कोई आइडिया नहीं है, ज़रूरत है। ये वो लोग हैं जिन्होंने हमारे घर बनाए हैं, हमारी सड़कें बनाई हैं। इनको घर पहुंचाना बहुत ज़रूरी है।

मेरी मां से मुझे सीख मिली है कि अगर दाएं हाथ से दो तो बाएं हाथ को भी पता न चले। जब आप किसी ज़रूरतमंद की मदद करते हैं, तभी आप कामयाब हैं।

अगर आप घर पर बैठकर शिकायत कर सकते हो इस लॉकडाउन की या इन समस्याओं की तो इस कामयाबी का कोई मतलब नहीं है।

वो बच्चा 500 किलोमीटर पैदल चलकर अपने घर तो पहुंच जाएगा लेकिन कल को जब वो बड़ा होगा तो 500 किलोमीटर का ये सफर पूरी जि़ंदगी उसके जेहन में रहेगा। उस चीज़ को मिटाने के लिए या फिर उसे ये कभी याद ही न रखना पड़े, इसके लिए मैं आगे आया।

मुझे डर लगता है कि कहीं मैं किसी ज़रूरतमंद का ट्वीट मिस न कर दूं तो रात को भी जब दो-तीन बजे मेरी नींद खुलती है तो मैं फोन उठाकर देखता हूं कि कहीं कोई बहुत ज़रूरतमंद इंसान तो नहीं। कल हमने बहुत सारे लोग गोंडा, बस्ती, मधुबनी, सीतामढ़ी, प्रतापगढ़, बहुत जगह भेजे। उसमें से 8-10 लोग रह गए क्योंकि वो देर से पहुंचे तो रात को पौने बारह बजे हमने अरेंजमेंट किया और खुद मेरे दोस्त टैंपो चलाकर उन्हें वहां पहुंचाकर आए जहां उन्हें जाना था। हमारे परिवारवाले कहीं फंसे हों और अगर हम उनके लिए हम जितनी मेहनत करें, उतनी ही मेहनत हमें इनके लिए करनी पड़ेगी, तभी ये घर पहुंच पाएंगे।

शब्द नहीं होते आपके पास। मैं जिस दौर से गुजर रहा हूं कि आज मेरे मदर-फादर होते तो बहुत खुश होते। लेकिन मुझे लगता है कि इन सब लोगों की दुआएं ऊपर उन तक पहुंच रही होंगी और वो कह रहे होंगे कि सोनू जो तू कर रहा है, बिल्कुल ठीक कर रहा है। ऐसे ही करता रह। इस समय खाना ज़रूरी नहीं है, सोना ज़रूरी नहीं है। इस समय इनकी मदद करना ज़रूरी है। कल मैं खाना खाते-खाते मैसेज के जवाब दे रहा था। मेरा खाना बनाने वाला बोला कि पहले खाना खा लीजिए तो मैंने कहा कि जब तक ये लोग घर नहीं पहुंच जाते तब तक खाना कैसे खा खाएंगे। इनको घर भेज लूं पहले।

जब तक किसी की नब्ज़ नहीं पकड़ते, तब तक आपको पता नहीं चलता कि उसे कितना बुखार है।

इस पूरे प्रॉसेस में मेरे इतने सारे दोस्त बन गए हैं, इतने ब्यूरोक्रेट्स, इतने ऑफिसर्स से मैं बात करता हूं। मुंबई के कितने बड़े-बड़े ऑफिसर्स जो बड़े व्यस्त रहते हैं, जब मैं उनको फोन करता हूं उनको पता होता है कि मैं जानता नहीं कि जाने वाला किस धर्म का है, कहां जा रहा है, पर ये उन लोगों के लिए फ़ॉलोअप कर रहा है, और वो भी फटाफट मुझे लाइनअप करके देते हैं।

मैं बसें रवाना करने से पहले बस में चढ़कर उनसे पूछता हूं, दोस्त वापस तो आओगे न? वो कहते हैं, हम पक्का वापस आएंगे। आपसे नहीं मिलते तो शायद वापस नहीं आते मगर आपने जिस प्यार से हमें भेजा है, तो अब हम वापस ज़रूर आएंगे। मैं भी कहता हूं कि वापस आकर पक्का मुझसे मिलना। जब हम इनका हाथ थामते हैं तो जो विश्वास की कड़ी है वो न सिफऱ् इन तक बल्कि पूरे हिंदुस्तान तक पहुंचती है। इनका वापस आना बहुत ज़रूरी है क्योंकि अगर ये लोग वापस नहीं आए तो शहर भी गांव ही बन जाएंगे क्योंकि जब तक धड़कन शरीर के अंदर नहीं आएगी तो दिल धड़केगा कैसे।

अगर एक इंसान को मैं परमिशन लेकर बाहर भेजता हूं तो पहले तो उसका मेडिकल करवाना होता है, फिर लोकल पुलिस स्टेशन से ओके होता है, फिर वो डीसीपी ऑफिस जाता है, डीसीपी ऑफिस से उस स्टेट में डीएम के ऑफिस जाता है, जहां उस आदमी को जाना है। फिर वहां उसे डीएम साइन करता है। वहां से वो डीसीपी ऑफिस वापस आता है। वहां से वापस पुलिस स्टेशन और फिर वो ओके होता है। तब उस इंसान को बाहर ट्रैवल करने के लिए परमिशन मिलती है। तो जब ये सब लोग जिनको फ़ॉर्म भरना नहीं आता, वो कहां से ये सब प्रॉसेस करेंगे। तो ये बहुत लंबा प्रॉसेस है। तो चलो मैंने तो किया। मैं तो चलो उसको ऑर्गनाइज़ कर पाया। मैं ये जानता हूं कि कहना बहुत आसान है। जब आप एक सिस्टम चलाते हैं तो उसके कुछ रूल होते हैं, कुछ बाधाएं होती हैं लेकिन आपको ये समझना चाहिए कि हम जिस दौर में रह रहे हैं, जिस माहौल में रह रहे हैं, वहां पर कोई रूल्स और रेगुलेशन नहीं रहे। अगर आप इन्हें घर नहीं जाने देंगे तो या तो ये पैदल चले जाएंगे या तो ये सड़कों पर बैठ जाएंगे। या ये ट्रक्स पर बैठकर चले जाएंगे ये लेकिन ये घर जाएंगे ज़रूर। तो इन्हें रोकना नहीं चाहिए घर जाने से, इन्हें मौका देना चाहिए, ताकि ये घर जा सकें।

एक दूसरे इंटरव्यू में...
सोनू से जब पूछा गया कि आपने लोगों के लिए बसों का इंतजाम करवाया, उन्हें घर पहुंचाया। अपको क्यों लगा कि आपको ऐसा करना चाहिए? सोनू ने जवाब में कहा कि मैं इंजीनियरिंग का छात्र रह चुका हूं। नागपुर में मैं जब पढ़ता था तो बच्चें ऐसे ही जुगाड़ कर के बसों पर चढ़ते थे। पैसे इक_ा करना मुश्किल होता था, तो मैंने वो जिंदगी देखी है इसलिए मुझे पता है पैसों के बिना इंसान क्या महसूस करता है। 

सोनू आगे कहते हैं- जब दिहाड़ी मजदूर लाचार होकर अपने परिवार के साथ सड़कों पर भटक रहे होते हैं और उनके पास पैसे नहीं होते हैं। तो मुझे पता है कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जब इस मुश्किल घड़ी में उनका हाथ थामने वाला कोई ना हो तो उनका हर चीज से विश्वास टूट जाता है।

सोनू ने कहा जिन लोगों ने हमारे लिए घर बनाया...
सोनू ने आगे कहा कि जिन लोगों ने हमारे लिए घर बनाया, सड़कें बनाईं, इतनी मेहनत की। ऐसे में अगर वो लोग निराश हो गए तो हम जवाब किसको देंगे। मुझे लगा कि मुझे आगे आना चाहिए। ये लोग मेरे परिवार का हिस्सा हैं, जितनी मेहनत मैं अपने परिवार के लोगों की लिए करता हूं, वो मैं इनके लिए भी कर रहा हूं और आगे भी करूंगा। 

एक तीसरे इंटरव्यू में..
सोनू सूद ने बताया कि उन्होंने मजदूरों को घर भेजने का फैसला आखिर कैसे लिया और फिर कैसे इसका इन्तजाम किया. उन्होंने कहा- मुझे मजदूरों के एक्सीडेंट्स से दुख हुआ था. मैंने जब सुना कि इस जगह इतने मजदूरों की मौत हो गई और उस जगह उतने तो सोचा कि हमें इनके नाम पता होने चाहिए थे, इसकी मदद करनी चाहिए थी. तब मैंने अपनी दोस्त से बात करके उनकी हेल्प करने की कोशिश की. अलग-अलग राज्य की सरकारों से परमिशन ली और फिर लोगों को उनके घर भेजा.

सोनू ने आगे कहा- मैंने पुलिस से बात की और वो भी मदद करना चाहते हैं. मैं मानता हूं कि किसी भी बात को ठान लो तो खुद से रास्ते खुल जाते हैं. हम उस दौर से गुजर रहे हैं जिसका कोई एक्सपीरियंस किसी को नहीं है. ऐसे में जरूरत है एक हाथ को दूसरे हाथ की. आप सब्जी वाले की मदद कर सकते हैं. हर किसी को किसी न किसी की जरूरत है और बहुत जरूरी है लोगों को वो मदद पहुंचाना.

सोनू सूद ने ये भी बताया कि वो नहीं चाहते थे कि मजदूरों के बच्चे बुरी यादें लेकर बड़े हों. वो बोले- मुझे पता था कि ये वो लोग हैं जिनका कोई हाथ नहीं थाम रहा. इन मजदूरों का सबसे विश्वास उठ चुका था. मैं नहीं चाहता था कि उनके छोटे-छोटे बच्चे अपने मां बाप को मुश्किलों से गुजरते हुए याद रखें. मैंने जिन लोगों की मदद की मैंने उनको जनता भी नहीं था, बस चाहता था कि वो अपने घर पहुंचे. इसमें पुलिस ने भी मेरी हेल्प की.
(ये इंटरव्यू जी न्यूज, पंजाब केसरी, और आजतक के हैं)


25-May-2020

आज 40 और कोरोना पॉजिटिव
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 24 मई (रात 8.28 बजे)।
छत्तीसगढ़ में आज शाम-रात तक 40 नए कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।  जांच रिपोर्ट के आधार पर, मुंगेली में 30 नए कोरोना मरीज मिले हैं। कांकेर 3, धमतरी 2, कोरिया, बिलासपुर, नांदगांव और बलरामपुर में 1-1 कोरोनाग्रस्त पाए गए हैं। रायपुर के देवेन्द्र नगर में एक मरीज मिला है। नए मरीजों को मिलाकर कोराना मरीजों की संख्या बढ़कर 225 हो गई है। 

तकरीबन सभी कोरोना पीडि़त मजदूर हैं और दूसरे राज्यों से हाल ही में आए थे। ये सभी क्वारांटीन में थे। मुंगेली के मरीजों को बिलासपुर में दाखिल कराया जा रहा है। राजनांदगांव के मरीज को रायपुर लाया जा रहा है।


25-May-2020

ईद की खुशियां 
मातम में बदली

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
राजनांदगांव, 25 मई।
डोंगरगढ़ के एक  मुसलिम परिवार में ईद मनाने की खुशी उस वक्त मातम में बदल गई जब घर के एक होनहार बेटे की पानी में डूबने की खबर पहुंची।
 
मिली जानकारी के अनुसार डोंगरगढ के भगतसिंह चौक के वाहिद खान का बेटा तौकीफ कल रविवार को कुछ दोस्तो के साथ गोंदिया जिलें के दरेकसा इलाके के देवटोला बांध में पिकनिक मनाने गया था। बांध में अपने साथियों को पानी में उतरते देखकर तौफि़क भी नहाने लगा। पानी की गहराई का अंदाजा नही होने के कारण वह पानी में डूब गया। 

घटना की पुष्टि करते सालेकसा थाना प्रभारी राजकुमार डूनगे ने  'छत्तीसगढ़' को बताया कि पानी में युवक की डूबने की खबर के बाद सोमवार सुबह से शव की तलाश शुरू की गई। करीब 10 घंटे के बाद गोताखोरों की मदद से युवक का शव बरामद किया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। 

बताया जाता है कि घर की माली हालत ठीक होने की वजह से मृत युवक बोरतालाब में चिकन का कारोबार करता था। सालेकसा पुलिस का कहना है कि तैरना नहीं आने के कारण युवक खुद को बचाने में नाकाम रहा ईद मनाने जुटे परिवार को इस हादसे ने हिलाकर रख दिया। वही डोंगरगढ़ शहर भी शोक में डूब गया।r


25-May-2020

आज 31 और कोरोना पॉजिटिव
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 24 मई (7.00 बजे)।
छत्तीसगढ़ में आज शाम तक 31 नए कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।  जांच रिपोर्ट के आधार पर, मुंगेली में 26 नए कोरोना मरीज मिले हैं। धमतरी 2, बिलासपुर, नांदगांव और बलरामपुर में 1-1-1 कोरोनाग्रस्त पाए गए हैं। प्रदेश में अब 216 एक्टिव केस हो गए हैं।


25-May-2020

ट्रैक्टर-बाइक भिड़ंत, 3 मौतें, 1 घायल

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
कोरबा, 25 मई।
एक तेज रफ्तार बाइक और ट्रैक्टर की भिड़ंत होने से दो की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं गंभीर रूप से घायल दो लोगों में से एक की मौत उपचार के दौरान हो गई। एक घायल का उपचार बिलासपुर सिम्स में चल रहा है। हादसा सोमवार की सुबह 10 बजे पाली थाना के चैतुरगढ़ मार्ग में लाफा के निकट हुआ।
 
पुलिस के अनुसार दादर (लाफा) निवासी दिनेश सिंह (18), अशोक सिंह (32) जेमरा चैतुरगढ़ के तरफ से ट्रैक्टर पर सवार होकर दादर आ रहे थे। वहीं नगोई भाठा निवासी अमृतलाल सिंह (30), रामप्रसाद सिंह (28) लाफा से नगोई (भाटा) जा रहे थे। लाफा से कुछ दूर आगे चैतुरगढ़ मार्ग में एक मोड़ पर ट्रैक्टर और बाइक की आमने सामने जोरदार टक्कर हो गई जिसमें ट्रैक्टर का इंजन पलट गया और इसमें सवार दादर निवासी दोनों युवक की घटना स्थल में ही मौत हो गई। वहीं बाइक सवार नगोई निवासी दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह देखकर ग्रामीणों ने इसकी सूचना पाली पुलिस के साथ 112 को दिया। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तथा घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली में भर्ती कराया गया। प्रथम उपचार उपरांत उन दोनों की गंभीर अवस्था को देखते हुए तत्काल बिलासपुर सिम्स भेज दिया गया। सिम्स में डॉक्टरों ने अमृत लाल को देखते ही मृत घोषित कर दिया जबकि दूसरे युवक का उपचार जारी है। 


25-May-2020

सुप्रीम कोर्ट की केंद्र को फटकार-आपको केवल एयर इंडिया की चिंता है, हमें देश की चिंता है

नई दिल्ली, 25 मई। एयर इंडिया के विमानों में बीच वाली सीट की बुकिंग न रोकने की याचिका पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने आज केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि आपको केवल एयर इंडिया की चिंता हैं पर हमें देश की चिंता है। बॉम्बे हाईकोर्ट के मिडिल सीट खाली छोडऩे के आदेश को एयर इंडिया और केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

इस अर्जेंट पिटिशन की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने एयर इंडिया को निर्देश दिया कि वह अगले 10 दिनों तक नॉन शेड्यूल विदेशी उड़ानों के लिए मिडिल सीट बुक कर सकती है। लेकिन 10 दिनों के बाद उसे बाम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश का पालन करना होगा ।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने लगाई फटकार 
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को लगाई फटकार लगाते हुए कहा, आपको केवल अपने एयर इंडिया की चिंता है, आपको अपने लोगों की (जनता ) की सेहत की चिंता होनी चाहिए। हमे लोंगों की चिंता है। चीफ जस्टिस ने कहा कि डीजीसीए के महानिदेशक और एयर इंडिया अगर जरूरी समझते हैं तो नियमों छूट ले सकते हैं। 

बॉम्बे हाई कोर्ट का है आदेश 
गौरतलब है कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने एयर इंडिया को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बीच की सीटें खाली रखने का निर्देश दिया था। हाई कोर्ट ने एयर इंडिया को डीजीसीए के महानिदेशक को सोशल डिस्टेंसिंग सर्कुलर का पालन करने के लिए भी कहा था, जिसके लिए बीच की सीटों को इंटरनेशनल फ्लाइट्स के दौरान खाली रखने की जरूरत थी। 

हाईकोर्ट के जस्टिस आर डी धानुका और जस्टिस अभय आहूजा की एक पीठ ने वीडियो कॉन्फे्रंस के माध्यम से मामले की सुनवाई करते हुए यह भी कहा था कि नए सर्कुलर में यह नहीं लिखा है कि यह अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को कवर करता है। (navbharattimes.indiatimes.com)


25-May-2020

कुछ खास लोगों को क्वारंटाइन से छूट-केन्द्रीय मंत्री

नई दिल्ली, 25 मई। कोरोना लॉकडाउन के बीच घरेलू विमान सेवाएं देशभर में आज से शुरू हो गई हैं। हालांकि, कुछ राज्यों ने विमान यात्रा कर आए लोगों को अनिवार्य तौर पर क्वारंटाइन में रहने का दिशा निर्देश जारी किया है। इस बीच, केन्द्रीय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने ये कहा कि कुछ खास पदों पर काम कर रहे लोगों को क्वारंटाइन के दिशा निर्देशों से छूट दी गई है। उन्होंने इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन पर बोलते हुए कहा कि जैसै अगर डॉक्टर, नर्स और जरूरी दवाओं की सप्लाई करने वालों को क्वारंटाइन कर दिया जाएगा तो क्या हम कोरोना को रोक पाएंगे।

कई राज्यों ने हवाई यात्रियों के लिए क्वारंटाइन किया अनिवार्य
गौरतलब है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार (24 मई) को गाइडलाइन जारी कर कहा कि राज्य यात्रियों को क्वारंटाइन करने के नियम खुद तय कर सकते हैं। मंत्रालय ने घरेलू उड़ानों, ट्रेन और बस यात्रा के लिए क्वारंटीन गाइडलाइन जारी कर राज्यों और हवाई यात्रियों की मुश्किलें काफी हद तक दूर कर दीं। इसमें कहा गया है कि यात्रा की समाप्ति पर अगर यात्रियों में कोरोना के लक्षण मिलते हैं तभी उन्हें क्वारंटाइन किया जाए। लेकिन राज्य चाहें तो इसमें बदलाव कर स्वयं निर्णय ले सकते हैं किन्हें क्वारंटाइन करना है, किन्हें नहीं या फिर सभी यात्रियों को क्वारंटाइन करना है। राज्य सरकारें अपनी जरूरत के हिसाब से क्वारंटाइन और आइसोलेशन के प्रोटोकाल तय कर सकती है।

अंतरराष्ट्रीय विमानों से आए यात्रियों के लिए 14 दिनों का अनिवार्य क्वारंटाइन किया गया है। इनमें 7 दिन इंस्टीट्यूशन क्वारंटाइन में रहना होगा जबकि 7 दिन होम आइसोलेशन में रहना होगा। नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा है कि अगस्त से पहले अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाएं शुरू हो सकती है।

उच्चतम न्यायालय ने केन्द्र और एयर इंडिया को अगले दस दिन के लिये अपनी निर्धारित उड़ानों में विमान की बीच की सीट पर भी यात्रियों को बिठाने की सोमवार को अनुमति प्रदान कर दी। यह अनुमति देते हुये न्यायालय ने टिप्पणी की कि सरकार को वाणिज्यिक विमान सेवाओं की सेहत की बजाये नागरिकों की सेहत के लिये अधिक चिंतित होना चाहिए। प्रधान न्ययाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय की पीठ ने ईद के अवसर पर अवकाश होने के बावजूद वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से केन्द्र की अपील पर सुनवाई की और एयर इंडिया को दस दिन तक बीच वाली सीट पर भी यात्री बिठाने की अनुमति दी।

साथ ही पीठ ने बंबई उच्च न्यायालय से कहा कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के सर्कुलर के खिलाफ दायर याचिका पर यथाशीघ्र निर्णय लिया जाये। पीठ ने कहा कि एयर इंडिया और दूसरी विमान कंपनियों को विमान के भीतर दो यात्रियों के बीच की सीट रिक्त रखकर सामाजिक दूरी के नियम का पालन करने सहित सुरक्षा उपायों के बारे में उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करना होगा। पीठ ने बंबई उच्च न्यायालय के 22 मई के आदेश के खिलाफ केन्द्र और एयर इंडिया की अपील पर सुनवाई करते हुए सालिसीटर जनरल तुषार मेहता से कहा, आपको नागरिकों की सेहत के बारे में ज्यादा चिंतित होना चाहिए न कि वाणिज्यिक विमान सेवाओं की सेहत के बारे में।

उच्च न्यायालय ने एयर इंडिया के एक पायलट की याचिका पर एयर इंडिया और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से जवाब मांगा था। इस याचिका में दावा किया गया है कि विमान कंपनी विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों को भारत लाते समय कोविड-19 से संबंधित उपायों का पालन नहीं कर रही हैं। उच्च न्यायालय ने एयर इंडिया और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश देते हुये इस मामले को दो जून के लिये सूचीबद्ध कर दिया था।

पायलट देवेन कनानी ने अपनी याचिका में दावा किया था कि कोरोना महामारी की वजह से विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने के संबंध में भारत सरकार के 23 मार्च के सर्कुलर में कोविड-19 संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिये कुछ शर्ते निर्धारित की गई थीं।हालांकि, विमान में दो यात्रियों के बीच की सीट खाली रखने वाली शर्त का एयर इंडिया पालन नहीं कर रही है। कनानी ने अपने दावे के समर्थन में सैन फ्रांसिस्को और मुंबई के बीच एयर इंडिया की उड़ान की तस्वीर भी पेश की जिसमे सारी सीटें भरी हुई थीं।

एयर इंडिया ने पायलट की याचिका का विरोध किया था और उच्च न्यायालय को बताया था कि 23 मार्च के सकुलर के बाद सरकार ने 22 मई को एक नया सर्कुलर जारी किया है जिसमें 25 मई से घरेलू उड़ानों की अनुमति दी गयी है। एयर इंडिया ने कहा कि नये सर्कुलर में यह नहीं कहा गया है कि बीच की सीट खाली रखनी होगी। उच्च न्यायालय ने एयर इंडिया और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश देते हुये याचिका दो जून के लिये सूचीबद्ध कर दी थी। साथ ही अदालत ने कनानी को अपनी याचिका में संशोधन कर 22 मई के सर्कुलर को चुनौती देने की अनुमति प्रदान कर दी थी। (livehindustan.com)


25-May-2020

राजस्थान, एमपी के बाद यूपी की तरफ बढ़ा खतरनाक टिड्डी दल, कई जिलों में अलर्ट

जयपुर, 25 मई। पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में फसलों को तबाह करने के बाद  टिड्डियों का दल राजस्थान के जयपुर पहुंच गया है। सोमवार सुबह टिड्डियों का एक बडा झुंड जयपुर के परकोटा क्षेत्र में बड़ी चैपड़ और आस-पास के इलाकों जैसे मुरलीपुरा, जवाहर नगर विद्याधर नगर और कई अन्य क्षेत्रों में देखा गया। इस दल के हमले को देखकर लोग अपने घरों में पेड़ पौधों को बचाने में लग गए।

लगभग 28 साल बाद टिड्डी दल ने जयपुर जिले में दस्तक दी है। इससे पहले 1993 में टिड्डियों ने जयपुर जिले में फसलों को चट कर दिया था। राजस्थान में नुकसान पहुंचाने के बाद टिड्डी दल मध्यप्रदेश की सीमा की तरफ बढ़ गया। इनके उत्तर प्रदेश के आगरा सहित कई शहरों में पहुंचने की संभावना है। इसे लेकर प्रशासन ने अलर्ट कर दिया है।  

अधिकारियों के मुतबिक, पाकिस्तान से टिड्डियों का दल राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और मध्यप्रदेश में प्रवेश कर चुका है। इससे कपास की फसल और सब्जियों को भारी नुकसान का अंदेशा है। राजस्थान सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है। इस साल टिड्डियों का दल जल्दी आया है। आम तौर पर ये जून-जुलाई में आता है।  

अधिकारियों का कहना है कि हवा के रूख के कारण इस बार टिड्डी दल इतने अंदर तक आ गए हैं। इनपर नियंत्रण की कोशिश की जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि अधिकारियों को इसपर नियंत्रण के लिए कार्रवाई करने को कहा गया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बारे में पत्र लिखा गया है। 

राजस्थान के बाद अब ये टिड्डी दल यूपी के आगरा जिले की तरफ बढ़ रहा है। सोमवार को आगरा की सीमा में टिड्डी दल प्रवेश कर सकता है। यह दल राजस्थान के करौली होते हुए जगनेर के रास्ते आगरा आ सकता है। कृषि विभाग ने किसानों को अलर्ट किया है। सीमावर्ती क्षेत्र में छिड़काव के लिए 205 ट्रैक्टर भी तैनात किए गए हैं। जिला कृषि अधिकारी डॉ. रामप्रवेश वर्मा ने बताया कि सोमवार को टिड्डी दल के आगरा में प्रवेश करने की आशंका है। अगर टिड्डी दल दिखे तो 0522-2732063 पर फोन कर जानकारी दे सकते हैं। टिड्डी दल शाम को छह-सात बजे जमीन पर बैठता है, इसी वक्त कीटनाशक का छिड़काव कर दें।

लखीमपुर खीरी
कोरोना महामारी के बीच टिड्डियों का दल किसानों की फसल निगलना चाह रहा है, जो बुंदेलखंड क्षेत्र में दस्तक दे चुका है। इससे बचाव को लेकर कृषि विभाग ने किसानों के लिए अलर्ट जारी किया है कि अपनी फसलों को टिड्डी दल के हमले से बचाने के लिए सतर्क हो जाएं। कृषि विभाग ने टिड्डी दल का प्रकोप होने पर टिन के खाली डिब्बे या थाली बजाते हुए शोर मचाने की सलाह दी है।

जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ इंद्रेषु कुमार गौतम ने बताया है कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए टिड्डी दल उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। टिड्डी दल के आक्रमण की निगरानी के लिए सभी किसान जागरूक रहें, जिससे समय रहते नियंत्रण किया जा सकता है। टिड्डी दल के नियंत्रण के लिए ग्राम प्रधान, प्राविधिक सहायकों, लेखपालों और ग्राम विकास अधिकारियों के माध्यम से जिला प्रशासन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

मेरठ
राजस्थान और मध्य प्रदेश में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाने के बाद पाकिस्तानी टिड्डी दल ने उत्तर प्रदेश में भी दस्तक दे दी है। इसे देखते हुए डीएम अनिल ढींगरा ने रविवार को अलर्ट जारी कर किसानों को चौकन्ना रहने की सलाह दी है। डीएम ने बताया कि टिड्डी दल के राजस्थान और मध्य प्रदेश के रास्ते होते हुए झांसी, ललितपुर, जालौन आदि जनपदों में पहुंचने की सूचना मिली है। विशेषज्ञों के अनुसार टिड्डी कीट का आकार 2 से 2.5 इंच का होता है। यह 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से एक दिन में 200 किलोमीटर तक उडऩे की क्षमता रखता है। यह लाखों करोड़ों की संख्या में झुंड के रूप में 3 से 5 किलोमीटर में एक साथ उड़ते हैं। ये जहां से गुजरते हैं वहां बादल की तरह अंधेरा छा जाता है और लगभग 15 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैल जाता है। टिड्डी अपने वजन से अधिक भोजन खाती है। हरी पत्तियां एवं उस पर लगे फूल, फसल के बीज आदि टिड्डी के पसंदीदा हैं।
 
बदायूं 
वहीं, बदायूं जनपद में जिला कृषि अधिकारी ने कंट्रोल रूम खोल दिया है। यहां शिफ्ट के अनुसार तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है जो किसानों को टिड्डी से बचाव की पूरी जानकारी देंगे।  
 
प्रतापगढ़
टिड्डी दल को लेकर कृषि विभाग अलर्ट हो गया है। झुंड में चलने वाला यह दल हरी फसलों की हरी पत्तियां को चंद मिनटों में चट कर जाता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश के साथ टिड्टी दल यूपी के ललितपुर तक दस्तक दे दी है। कृषि विशेषज्ञ इसकी रोकथाम को लेकर अब किसानों से सीधा संवाद कर रहे हैं।

जिले में साढ़े चार लाख पंजीकृत किसान हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों के अुनसार जिले में 98 हजार हेक्टेअर में धान की खेती होती है। जिले के लालगंज, पट्टी, कुंडा, रानीगंज व सदर सहित  सभी तहसीलों में धान की खेती किसान प्रमुख रूप से करते हैं। इस बार गेहूं की फसल में किसानों को ओला, बारिश व तूफान की मार झेलनी पड़ी।

शाहजहांपुर
कोरोना महामारी संकट काल में सब्जियों की खेती में हो रहे घाटे से किसान पहले से परेशान हैं। इस हालात में कृषि पर टिड्डियों के मंडराते खतरे ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के रास्ते टिड्डियों का दल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपदों में हमला कर सकता है। इन जिलों में शाहजहांपुर भी शामिल है। इसे देखते हुए कृषि रक्षा विभाग ने टिड्डियों से बचाव के लिए किसानों के गाइडलाइन जारी करने के साथ टिड्डियों के सफाए के लिए कई सुझाव दिए हैं। टिड्डी दल के आने की सूचना देने के लिए ब्लॉक स्तर की कृषि रक्षा इकाइयों पर कंट्रोल रूम खोलकर कनिष्ठ प्राविधिक सहायकों को प्रभारी नियुक्त कर दिया है।

फिरोज़ाबाद
जिला कृषि विभाग ने टिड्डी दल को लेकर एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने कहा है किसी भी समय टिड्डी दल आगरा में प्रवेश कर सकता है। आगरा से लगा हुआ जनपद फिरोजाबाद है, इसलिए यहां भी टिड्डी के प्रकोप की संभावना है। जनपद फिरोजाबाद में टिड्डी दल के आक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। यह भारतपुर या करौली जनपद के रास्ते आगरा होते हुए जनपद फिरोजाबाद में प्रवेश कर सकता है।

झांसी 
अगले दो दिनों के भीतर करोड़ों टिड्डियों के दो दल झांसी में प्रवेश कर सकते हैं। दोनों दलों के अलग-अलग दिशाओं से यहां दाखिल होने की संभावना जताई जा रही है। ये दोनों दल बीते शुक्रवार को झांसी पहुंचे टिड्डी दल से कहीं अधिक बड़े हैं। इसे लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। शुक्रवार की शाम तकरीबन पांच बजे अचानक महानगर के आसमान में करोड़ों की संख्या में कीट मंडराने लगे थे। ग्वालियर रोड दिशा से आगे बढ़ता हुआ टिड्डियों का दल महानगर में प्रवेश कर गया था। महानगर से होता हुआ ओरछा की ओर आगे बढ़ गया था। ओरछा के पास आजादपुरा में रात में ये हरियाली में अपना डेरा डाले रहा। शनिवार की सुबह यहां से टिड्डी दल बरुआसागर, रानीपुर, कटेरा, बंगरा होते हुए टीकमगढ़ की ओर बढ़ गया। लेकिन, खतरा अब भी टला नहीं है। टिड्डियों के दो बड़े दलों के झांसी आने की संभावना जताई जा रही है।

कानपुर देहात
जिले में उर्द, मूंग व मक्का की फसलों पर टिड्डियों का हमला हो सकता है। उप कृषि निदेशक विनोद कुमार यादव ने किसानों को सचेत किया है। सलाह दी है कि किसान फसल बचाने के उपाय करें। उन्होंने बताया कि बचाव नहीं किया तो टिड्डी घंटे भर में फसलों को चट कर सकती हैं। फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. अभिमन्यु यादव ने बताया कि टिड्डी दल राजस्थान से होकर झांसी पहुंच गया है। यह कीट शाम छह से आठ बजे के बीच खेतों में पहुंचकर फसलों के हरे पत्तों को नुकसान पहुंचाते हैं। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से आवाज करके कीट से बचा जा सकता है। खेतों में कल्टीवेटर या रोटावेटर चलाकर टिड्डी व उनके अंडों को नष्ट किया जा सकता है। 

इस तरह फसलों के लिए घातक बनता है टिड्डी दल

टिड्डे की एक प्रजाति रेगिस्तानी टिड्डा सामान्यत: सुनसान इलाकों में पाया जाता है। ये एक अंडे से पैदा होकर पंखों वाले टिड्डे में तब्दील होता है, लेकिन कभी-कभी रेगिस्तानी टिड्डा खतरनाक रूप ले लेता है। जब हरे-भरे घास के मैदानों पर कई सारे रेगिस्तानी टिड्डे इक_े होते हैं तो ये निर्जन स्थानों में रहने वाले सामान्य कीट-पतंगों की तरह व्यवहार नहीं करते बल्कि एक साथ मिलकर भयानक रूप अख्तियार कर लेते हैं।

आसमान में उड़ते हुए इन टिड्डी दलों में दस अरब टिड्डे हो सकते हैं। ये सैकड़ों किलोमीटर क्षेत्र में फैले हो सकते हैं। ये झुंड एक दिन में 200 किलोमीटर का रास्ता तय कर सकते हैं। एक दिन में टिड्डों के ये झुंड अपने खाने और प्रजनन के मकसद से इतने बड़े क्षेत्र में लगी फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन के मुताबिक एक औसत टिड्डी दल ढाई हजार लोगों का पेट भरने लायक अनाज को चट कर सकता है। (www.amarujala.com)


25-May-2020

सिम्स में 28 डॉक्टर-नर्स, 15 वार्ड ब्वॉय क्वारंटीन!
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 25 मई।
सिम्स जिला चिकित्सालय में कोरोना संक्रमित मामले आने के बाद 28 डॉक्टर और नर्सों तथा 15 वार्ड ब्वॉय एवं आया क्वारंटीन कर दिए गए हैं।

 ज्ञात हो कि सिम्स चिकित्सालय की कोरोना आईपीडी में सेवारत एक महिला जूनियर डॉक्टर को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। इसके अलावा दो प्रवासी मजदूरों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। 

इन तीनों मरीजों के सम्पर्क में आए सभी चिकित्सकों, नर्सों, वार्ड ब्वॉय और नर्सों को आज 14 दिन के क्वारंटीन पर भेज दिया गया है।

सिम्स की मीडिया प्रभारी डॉ. आरती पांडेय ने बताया कि क्वारंटीन किए गए स्टाफ कोरोना ओपीडी, आईपीडी और आइसोलेशन वार्ड में कार्य कर रहे थे। हाईरिस्क को देखते हुए सभी को क्वारंटीन किया गया है। 


25-May-2020

आशालता अग्रवाल का निधन
रायपुर, 25 मई। लोधी पारा श्रीराम प्रिटिंग प्रेस के संचालक धरम अग्रवाल की धर्मपत्नी श्रीमती आशालता अग्रवाल का निधन हो गया। वे श्रीकांत, रमाकांत, मणीकांत की माता और आकाश अग्रवाल की सास थीं।

 


25-May-2020

छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ डेंटल सर्जन डॉ. वीरेंद्र गुप्ता का निधन

रायपुर, 25 मई। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ डेंटल सर्जन डॉ. वीरेन्द्र गुप्ता का आज सुबह निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार देवेन्द्र नगर मुक्ति धाम में किया गया। वे सरदारी लाल गुप्ता के दामाद और कांग्रेस के चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता के बहनोई थे।


25-May-2020

दिल्ली से बेंगलुरू अकेले पहुंचा 5 साल का बच्चा

नई दिल्ली, 25 मई । करीब दो महीने तक देश में हवाई सेवाएं प्रतिबंधित करने के बाद आज फिर से सेवाएं बहाल की गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोनावायरस को रोकने के लिए मार्च अंत में लॉकडाउन लागू किया, जिसके बाद से कई लोगों को अपने परिवार से दूर रहने पर मजबूर होना पड़ा। घरेलू उड़ानों के बहाल होने से इन लोगों ने राहत की सांस ली और अपने परिवार से मिलने के लिए फ्लाइट पकड़ी। ऐसा ही एक मामला 5 साल के एक बच्चे का है, वह फ्लाइट से दिल्ली से बेंगलुरू के लिए रवाना हुआ। वहीं, घरेलू हवाई परिचालन शुरू होने के पहले दिन ही कई फ्लाइटें रद्द होने से लोग परेशान दिखे। 

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, आज दिल्ली से फ्लाइट लेने वालों में पांच साल का बच्चा विहान शर्मा भी शामिल रहा। विहान ने विशेष यात्री श्रेणी में अकेले दिल्ली से बेंगलुरू का सफर किया। उसकी मां कैंपेगोड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अपने बच्चे को लेने पहुंचीं। विहान की मां ने बताया, मेरे 5 साल के बेटे ने अकेले दिल्ली से सफर किया। वह तीन महीने बाद बेंगलुरू लौटा है।

बेंगलुरू हवाई अड्डे पर सुबह 9 बजे तक पांच फ्लाइटें आई जबकि 17 फ्लाइटें यहां से रवाना हुईं। 9 उड़ानों को रद्द किया गया है। वहीं, दिल्ली एयरपोर्ट से 82 उड़ानें रद्द की गई हैं।  

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रविवार रात ट्वीट में कहा, यह देश में नागरिक उड़ानों को पुन: शुरू करने के संबंध में विभिन्न राज्यों के साथ गहन बातचीत का दिन रहा। आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को छोड़कर कल (सोमवार) से पूरे देश में घरेलू उड़ानों की पुन: शुरुआत की जाएगी। आंध्र प्रदेश में उड़ानों की शुरुआत 26 मई से और पश्चिम बंगाल में शुरुआत 28 मई से होगी।(ndtv.com)


25-May-2020

नांदगांव में एक और कोरोना पॉजिटिव
जिले में अब तक 22 एक्टिव मरीज

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
राजनांदगांव, 25 मई।
राजनांदगांव में एक और कोरोना पॉजिटिव केस सामने आया है। इसी के साथ ही जिले में एक्टिव केस की संख्या 22 तक पहुंच गई है। बीते सप्ताहभर में लगातार अलग-अलग ब्लॉकों में कोरोना संक्रमित के पॉजिटिव केस सामने आए हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक अंबागढ़ चौकी ब्लॉक के आतरगांव में मुम्बई से लौटे एक युवक के कोरोना से संक्रमित होने की जानकारी मिली है। सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी ने पुष्टि करते बताया कि आतरगांव में एक युवक कोरोना संक्रमित मिला है। एम्स द्वारा किए गए जांच के आधार पर इसकी पुष्टि हुई है। इधर पूर्व में युवक की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। दोबारा जांच करने पर कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। अब तक जिले के खैरागढ़ और छुईखदान विकासखंड को छोड़कर सभी 7 ब्लॉकों में कोरोनाग्रस्त मामले सामने आए हैं।


25-May-2020

10 दिन बाद न हो प्लेन की मिडिल सीट बुक-सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली, 25 मई। सुप्रीम कोर्ट ने एयर इंडिया को अगले 10 दिनों तक कोरोना महामारी के दौरान एयरक्राफ्ट में तीनों सीटों पर यात्रियों को बैठाने कि मंजूरी दी, लेकिन 10 दिनों के बाद उसे बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश का पालन करना होगा जिसमें कहा गया है कि यात्रा के दौरान बीच की एक सीट खाली छोडऩी होगी।

बॉम्बे हाईकोर्ट के मिडिल सीट खाली छोडऩे के आदेश वाली याचिका को एयर इंडिया और केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस तत्काल पिटिशन की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने एयर इंडिया को निर्देश दिया कि वह अगले 10 दिनों तक नॉन शेड्यूल विदेशी उड़ानों के लिए मिडिल सीट बुक कर सकती है।

हाईकोर्ट के जस्टिस आर डी धानुका और जस्टिस अभय आहूजा की एक पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामले की सुनवाई की थी। आज से देश में घरेलू उड़ान सेवा की शुरुआत हुई है। नई दिल्ली से देश के विभिन्न हिस्सों के लिए उड़ानें गई हैं।

कोरोना वायरस लॉकडाउन के ठीक 2 महीने बाद देश के अलग-अलग राज्यों में हवाई सफर दोबारा शुरू हुआ है। नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनैशनल पर फ्लाइट में बैठने से पहले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग हुई। सभी यात्रियों को एयरलाइन की तरफ से फेस कवर मास्क दिए गए जिसे पहनकर वह फ्लाइट में बैठे। वहीं फ्लाइट अटेडेंट पीपीई किट पहने दिखाई दिए। (navbharattimes.indiatimes.com)

 


25-May-2020

दिल्ली-मुंबई से पहले दिन 82 उड़ानें रद्द, मुसाफिर बेखबर

नई दिल्ली/ मुंबई, 25 मई। कोरोना वायरस लॉकडाउन की वजह से बंद पड़ी उड़ान सेवा को दो महीने बाद आज फिर से शुरू किया गया है। देश के कई हवाई अड्डों के जरिये घरेलू उड़ान सेवा शुरू की गई है। इस दौरान, दिल्ली मुंबई और अन्य हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द होने से मुसाफिरों के बीच अफरातफरी की स्थिति बनी रही। यात्रियों की शिकायत की है कि उनकी फ्लाइटें रद्द कर दी गई है और एयरलाइंस की ओर से इसकी कोई जानकारी भी नहीं दी गई है। आज से देशभर में घरेलू हवाई सफर की शुरुआत की गई। इससे विमानन क्षेत्र को राहत मिलने की उम्मीद है। 

क्लिक करें और यह भी पढ़े :महाराष्ट्र ने घरेलू उड़ानें शुरू करने से किया इंकार

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 82 उड़ानें रद्द हुई हैं। इसमें दिल्ली आने और जाने वाली दोनों उड़ानें शामिल हैं। जिससे यात्री गुस्से में हैं। उनका दावा है कि उन्हें आखिरी तक उड़ान रद्द होने की जानकारी नहीं दी गई। कुछ ऐसा ही आलम मुंबई हवाई अड्डे पर भी देखने को मिला, जहां लोग फ्लाइट रद्द होने से परेशान रहे। 
छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पहली उड़ान सुबह 6 बजकर 45 मिनट पर पटना के लिए रवाना हुई। मुंबई एयरपोर्ट देश का दूसरा सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है। मुंबई हवाई अड्डा प्रतिदिन 50 उड़ानों का परिचालन करेगा। जिसमें से 25 आने वाली और 25 जाने वाली फ्लाइटें शामिल हैं। 

हवाई अड्डे पर सूटकेस लेकर बैठी एक महिला ने एनडीटीवी को बताया, हमें दिल्ली जाना था। जब हम यहां आएं तो हमें बताया गया कि उड़ान रद्द हो गई है। कस्टमर केयर के एक कर्मचारी ने हमें बताया कि एक फ्लाइट है, जो आज रात में चलनी है। हो सकता है कि उसके समय में बदलाव किया गया हो, लेकिन अभी कुछ कंफर्म नहीं है। महिला की फ्लाइट सुबह 11.05 बजे की थी।

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता हवाई अड्डे का परिचालन नहीं होने से अगरतला, डिब्रूगढ़, आइजोल, सिलचर के लिए सभी  फ्लाइटें रद्द की गई हैं। 

मुंबई हवाई अड्डे पर यात्रियों की लंबी लाइन देखी गई। सुरक्षा कर्मियों के थर्मल स्क्रीनिंग और आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने की वजह से यात्रियों को अंदर जाने में ज्यादा समय लग रहा है। इसी तरह का नजारा दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 में भी देखने को मिला। यहां एयरपोर्ट के अंदर जाने वालों की लंबी लाइन रही। (khabar.ndtv.com)

 


25-May-2020

दहेज लाई बीवी से छुटकारा पाने
सांप से कटवाकर हत्या, अब बंदी

कोल्लम (केरल), 25 मई। एक महिला की सांप काटने से हुई मौत की जांच करती हुई पुलिस अब इन सुबूतों तक पहुंची है कि उसके पति ने उसकी हत्या करने के लिए उस पर यह सांप डाला था, जिसके काटने से वह मरी।

25 बरस की उत्तरा की शादी सूरज से हुई थी, और उसके मां-बाप ने शादी में 98 सोने के गहने और नगदी का दहेज लिया था। इसमें से अधिकांश सोना वह बेच चुका था, और अब बीवी से छुटकारा पाना चाहता था ताकि किसी दूसरी औरत से शादी कर सके। 

ऐसे में सूरज ने अपने एक दोस्त से मदद ली जो सांप पकडऩे का काम करता था। उसने उससे एक सांप खरीदा, और फिर उसे ले जाकर अपनी सोती हुई बीवी पर छोड़ दिया। इसके बाद वह सांप के डस लेने का रास्ता देखता रहा। जब सांप ने उत्तरा को डस लिया तो वह उसके बाद सांप को बैग में बंद करना भी चाहता था लेकिन वह आलमारी के नीचे घुस गया। अगले दिन सुबह वह जल्दी घर से निकल गया और उत्तरा के माँ-बाप ने उसे मरा हुआ पाया। उन्हें शक होने पर उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट लिखाई और जांच में पुलिस पूछताछ में सूरज टूट गया, उसने जुर्म और हत्या का तरीका कुबूल कर लिया। (एएनआई)


25-May-2020

शराब के लिए पैसे न दी तो पत्नी की हत्या 
शव को अस्पताल लेकर भी गया

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
महासमुन्द, 25 मई।
कल बसना पुलिस ने ग्राम मुनगाडीह में हुए हत्या का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी हीरालाल लहरे ने शराब पीने के लिए अपनी पत्नी गंगाबाई से पैसा मांगा। नहीं देने पर गुस्से में आकर उसने अपनी पत्नी का दबाकर हत्या कर दी। 

घटनाक्रम के अनुसार बीते 19 मई को 11 बजे महिला को मृत अवस्था में सामुदायिक स्वास्थ केंद्र बसना लाया गया। अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान मृत महिला के गले में गहरे निशान मिले। परिजनों से पूछताछ में महिला के पति हीरालाल लहरे ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। शक की सुई मृतिका गंगा बाई के पति हीरालाल पर होने से उससे पूछताछ की गई तो उसने अपराध स्वीकार किया।

आरोपी हीरालाल ने बताया कि 19 मई को सुबह करीब 5 बजे शराब पीने के लिए पैसे की मांग करने पर पत्नी के साथ झगड़ा हो गया। गुस्से में आकर मवेशी बांधने की रस्सी से अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। 

यही नहीं हत्या के बाद आरोपी ने जिस रस्सी से अपनी पत्नी का गला दबाया था, उस रस्सी को लेकर नाले की तरफ  ले जाकर फेंक दिया और सब्जी खरीदने जाने के बाहने मृतिका गंगा बाई के मायके वालों से फोन पर बात कर सब कुछ ठीक होना बताया। किसी को उस पर शंका न हो इसलिए उसे इलाज के लिए बसना स्वास्थ केंद्र ले आया। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए घटना में प्रयुक्त रस्सी को जप्त कर आरोपी को हिरासत में लेकर आरोपी के विरुद्ध अपराध धारा 302, 203, 201 भादवि पंजीबध्द किया गया है। 

 


25-May-2020

अशोक चव्हाण कोरोना पॉजिटिव, मुंबई में शिफ्ट करने की तैयारी

मुंबई, 25 मई। देश में जानलेवा कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है। राज्य की स्थिति दिन पर दिन भयावह होती जारी है। आम से लेकर खास तक हर किसी को धीरे धीरे कोरोना अपनी चपेट में ले रहा है। आज उद्धव ठाकरे सरकार के एक और वरिष्ठ मंत्री अशोक चव्हाण कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए हैं। अशोक चव्हाण राज्य के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। महाराष्ट्र में आज संक्रमित मरीजों की संख्या 50 हजार के पार पहुंच चुकी है।

अशोक चव्हाण फिलहाल नांदेड़ में हैं और अब उन्हें इलाज के लिए मुंबई शिफ्ट करने की तैयारियां चल रही हैं। अशोक चव्हाण से पहले उद्धव सरकार में मंत्री जितेंद्र अव्हाड़ भी कोरोना संक्रमित पाए गए थे। जितेंद्र अव्हाड़ के साथ उनके 14 निजी स्टाफ को भी कोरोना संक्रमण ने अपनी चपेट में ले लिया था।

महाराष्ट्र में जानलेवा कोरोना वायरस की वजह से दिन पर दिन स्थिति बिगड़ती जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, आज महाराष्ट्र में संक्रमित मरीजों की संख्या 50 हजार 251 पहुंच गई है। पिछले 24 घंटों में 3041 नए मामले सामने आए हैं। वहीं, अबतक 1635 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि 14 हजार 600 मरीज ठीक भी हुए हैं।


25-May-2020

बस्तर विवि महेन्द्र कर्मा के नाम पर 
झीरम हमले के दिवंगतों को श्रद्धांजलि

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 25 मई।
राजीव भवन में सोमवार को झीरम घाटी नक्सल हमले में दिवंगत कांग्रेस नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि झीरम का हमला राजनीतिक षडय़ंत्र  था और एक दिन सच सामने आकर रहेगा। उन्होंने बस्तर विवि का नामकरण दिवंगत पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेन्द्र कर्मा के नाम पर करने की घोषणा की।

सात साल पहले आज ही के दिन झीरम घाटी नक्सल हमले में पूर्व केन्द्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, महेन्द्र कर्मा और उदय मुदलियार समेत दो दर्जन से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता और सुरक्षाकर्मियों की मृत्यु हुई थी। इस मौके पर श्रद्धांजलि  कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिवंगत नेताओं को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। 

श्री बघेल ने कहा कि झीरम हमले के प्रभावित लोगों को न्याय नहीं मिला है। यह राजनीतिक षडय़ंत्र था और एक दिन सच सामने आकर रहेगा। उन्होंने बस्तर विवि का नामकरण शहीद महेन्द्र कर्मा के नाम पर करने का ऐलान किया। इस मौके पर विधानसभाध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत और सरकार के मंत्रियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद थे।