अंतरराष्ट्रीय

Posted Date : 09-Aug-2018
  • इंडोनेशिया, 9 अगस्त। इंडोनेशिया में एक बुजुर्ग व्यक्ति के 15 साल तक एक युवती को गुफा में कैद रखकर उसका यौन शोषण करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस सिलसिले में जिस शख्स को गिरफ्तार किया है उसकी उम्र 83 साल है। कहा जा रहा है कि 15 साल पहले जब उसने युवती को अगवा किया था तब लड़की महज 13 साल की थी।
    इस बुजुर्ग व्यक्ति ने खुद में एक युवक की आत्मा का प्रवेश होने का दावा करते हुए तकरीबन 15 वर्षों तक लड़की का यौन शोषण किया। पुलिस के मुताबिक महिला को रविवार को मध्य सुलावेसी प्रांत के गालुम्पांग इलाके से बचाया गया है। इस महिला को एक गुफा में रखा गया था।
    पुलिस ने गुफा की जो तस्वीरें दिखाई हैं, उसमें गुफा के अंदर कुछ फर्नीचर दिखाई दे रहा है और ये गुफा अभियुक्त के घर के पास है।
    पुलिस ने बताया कि अभियुक्त तब से युवती का रेप कर रहा है, जब वो महज 13 साल की थी। रात के वक्त महिला को वह अपने घर ले आता था, लेकिन दिन के वक्त उसे गुफा नुमा कैदखाने में रखा जाता था। अभियुक्त ने 15 साल पहले लड़की को उसके बॉयफ्रेंड की तस्वीर दिखाई और झांसा दिया कि लड़के की आत्मा उसके शरीर में प्रवेश कर गई है।
    जकार्ता पोस्ट ने एक स्थानीय व्यक्ति सुजेंग के हवाले से कहा है, ऐसा लगता है कि पीडि़ता का ब्रेनवॉश किया गया। पीडि़ता वहाँ से भाग न सके और किसी और से मिल न सके, इसके लिए उसे लगातार डराया गया कि एक जिन उस पर लगातार नजर रख रहा है।
    पुलिस ने बताया कि पीडि़ता ने बताया कि साल 2003 से ही जिन अमरीन उसके साथ यौन संबंध बना रहा था। पुलिस का कहना है कि उन्हें अगवा हुई युवती के बारे में तब पता चला जब पीडि़ता की बहन ने पड़ोसियों को जानकारी दी कि वो आस-पास ही कहीं हैं। पीडि़ता की बहन की शादी अभियुक्त के बेटे से हुई थी और अभियुक्त ने पीडि़ता के घर वालों से झूठ कहा था कि पीडि़ता काम करने के लिए जकार्ता चली गई है। अभियुक्त के खिलाफ बाल सुरक्षा कानून के तहत केस दर्ज किया गया। आरोप साबित होने पर अभियुक्त को 15 साल की सजा हो सकती है। (बीबीसी)

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Posted Date : 07-Aug-2018
  • लंदन, 7 अगस्त । आतंकी ओसामा बिन लादेन के बेटे हमजा ने अमरीका में 9/11 हमला करने वाले विमान के अपहरणकर्ताओं के अगुवा रहे मोहम्मद अत्ता की बेटी से शादी की है। एक मीडिया की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। अलकायदा प्रमुख रहे ओसामा बिन लादेन को अमरीका ने मार गिराया था। द गार्डियन ने ओसामा के परिवार के हवाले से खबर दी है कि मारे गए अलकायदा नेता के परिवार वालों ने हमजा की बेटी से शादी की है।
    अत्ता मिस्र का नागरिक और अमरीकी एयरलायंस फ्लाइट 11 का पायलट था। उसने सबसे पहले विमान अगवा किया और वल्र्ड ट्रेड सेंटर के नॉर्थ टावर को निशाना बनाया था। इस घटना में विमान में सवार 92 लोग सहित करीब 1,600 लोग मारे गये थे। ओसामा के सौतेले भाई अहमद और हसन अल अत्तास के हवाले से खबर दी गई है कि हमजा अलकायदा में एक वरिष्ठ पद पर है और उसका लक्ष्य अपने पिता की मौत का बदला लेना रहा है।
    सात साल पहले पाकिस्तान के एबटाबाद में अमरीकी सेना ने ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था। अमरीकी नौसेना सील मई 2011 में ओसामा के एबटाबाद स्थित परिसर में घुसी और उसे (ओसामा) मार गिराया था। ओसामा वहां अपनी तीन पत्नियों के साथ रहता था। अमरीकी हमले में हमजा का भाई खालिद भी मारा गया था। हमजा ओसामा की तीन जीवित पत्नियों में से एक खैरियाह सबर का बेटा है।
    अहमद अल अत्तास ने बताया, हमने सुना है कि उसने (हमजा) मोहम्मद अता की बेटी से शादी कर ली है। उन्होंने बताया, हम आश्वस्त नहीं हैं कि वह कहां है, लेकिन वह अफगानिस्तान में हो सकता है।(भाषा)

     

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Posted Date : 07-Aug-2018
  • लंदन, 7 अगस्त । ब्रिटेन के पूर्व विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन ने बुर्के को 'दमनकारीÓ बताते देते हुए यह लिबास पहनी महिलाओं को 'लेटर बॉक्सÓ करार दिया है। इसके बाद उनकी आलोचना की गई।  'द डेली टेलीग्राफÓ में रविवार को अपने नियमित स्तंभ में कंजरवेटिव पार्टी के सांसद ने कहा कि वह डेनमार्क की तर्ज पर बुर्के को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने के खिलाफ हैं। उन्होंने लिखा, अगर आप मुझसे कहें कि बुर्का दमनकारी है तो मैं आपके साथ हूं... मैं तो यहां तक कहूंगा कि यह बिल्कुल हास्यास्पद है कि लोग आने-जाने के लिए लेटर बॉक्स तरह दिखने का विकल्प चुनते हैं।  उन्होंने ब्रिटेन में कारोबारी और सरकारी एजेंसियों को 'ड्रेस कोडÓ लागू करना चाहिए और लोगों के चेहरे देखने की इजाजत मिलनी चाहिए।
    मुस्लिम काउंसिल ऑफ ब्रिटेन ने उनसे माफी की मांग करते हुए उनपर अति दक्षिणपंथ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया जबकि विपक्षी लेबर पार्टी के सांसदों ने इस्लामोफोबिया को भड़काने का आरोप लगाया। लेबर पार्टी की नाज शाह ने कहा, बोरिस जॉनसन के नस्लीय अपमान पर हंसा नहीं जा सकता है। प्रधानमंत्री टेरीजा मे को इस्लामफोबिया की निंदा करनी चाहिए और बोरिस जॉनसन को माफी मांगनी चाहिए। (भाषा)

     

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Posted Date : 06-Aug-2018
  • इंडोनेशिया, 6 अगस्त । इंडोनेशिया के लॉमबोक द्वीप पर रविवार को आए शक्तिशाली भूंकप में अब तक कम से कम 82 लोगों की मौत की खबर है। अधिकारियों का कहना है कि जख्मी होने वालों की संख्या सैकड़ों में हैं। रिक्टर पैमाने पर सात तीव्रता वाले इस भूकंप से हजारों इमारतों को नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर बिजली भी गुल है।
    लॉमबोक के पड़ोस के द्वीप बाली से आई एक वीडियो फुटेज में लोग चिल्लाते हुए घरों से निकलते हुए नजर आ रहे हैं। लोकप्रिय पर्यटन स्थल लॉमबोक में एक हफ्ता पहले भी एक भूकंप आया था जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई थी।
    यूएस जियोलॉजिकल सर्वे का कहना है कि इस ताजा भूकंप का केंद्र लॉमबोक के उत्तरी तट के पास सतह से 10 किमीकी गहराई पर था। भूकंप आने के बाद सूनामी की चेतावनी जारी कई गई थी मगर कुछ घंटों बाद यह वापस ले ली गई।
    इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता ने एएफपी न्यूज को बताया कि लॉमबोक के मुख्य शहर मताराम में कई इमारतें प्रभावित हुई हैं। इनमें से ज्यादातर खराब निर्माण सामग्री से तैयार की गई थीं। मताराम में रहने वाले ईमान नाम के एक शख्स ने इन शक्तिशाली झटकों के बारे में बताया, हर कोई तुरंत अपने घर से बाहर की तरफ भागा। हर कोई हड़बड़ी में था। मताराम के कई हिस्सों में बिजली गुल हो गई है।
    बाली के देनपसार में मुख्य अस्तपाल से मरीजों को बाहर निकालना पड़ा। बाली में कई सेकेंडों तक झटके महसूस किए जाते रहे। बाली की राजधानी देनपसार में काम करने वाले एक शख्स ने बीबीसी को बताया, शुरू में तो छोटे झटके आए मगर धीरे-धीरे वे तेज हो गए। लोगों ने चिल्लाना शुरू किया- भूकंप। सारा स्टाफ हड़बड़ा गया और सभी ने बाहर की ओर भागना शुरू कर दिया। लॉमबोक और बाली की सड़कों पर बहुत सा मलबा गिरा पड़ा था जिसे बाद में लोगों ने साफ किया।
    जिस समय भूकंप आया, सिंगापुर के गृहमंत्री के। शनमुगम एक सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए लॉमबोक में ही थे। उन्होंने फेसबुक पर लिखा है कि कैसे उनके होटल का कमरा जोर-जोर से हिलने लगा। उन्होंने लिखा है, खड़ा रहना भी मुश्किल था। दोनों द्वीपों पर हवाई सेवाएं सामान्य हैं मगर बाली के देनपसार एयरपोर्ट पर भूकंप के कारण हल्का नुकसान हुआ है।
    कहाँ है लॉमबोक?
    लॉमबोक एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है जो इंडोनेशिया के बाली द्वीप से 40 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। ये एक सप्ताह के भीतर लॉमबेक में आया दूसरा भूकंप है, 29 जुलाई को आये 6।4 तीव्रता के भूकंप में लॉमबोक द्वीप पर कम से कम 15 लोगों की मौत हुई थी।
    पिछले हफ्ते के भूकंप की वजह से लॉमबोक में एक पर्वत पर 500 से अधिक पर्वतारोही भी फंस गये थे और इन्हें निकालने के लिए एक बड़ा बचाव अभियान भी चलाया गया था। इंडोनेशिया में भूकंप का ज्यादा खतरा रहता है क्योंकि ये देश रिंग ऑफ फायर यानी लगातार भूकंप और ज्वालामुखीय विस्फोटों की रेखा पर स्थित है।
    ये रेखा प्रशांत महासागर के लगभग पूरे हिस्से को घेरती है। दुनिया के आधे से ज्यादा सक्रिय ज्वालामुखी इसी रिंग ऑफ फायरज्का हिस्सा हैं। साल 2016 में सुमात्रा द्वीप के उत्तर-पूर्वी तट पर भी एक भूकंप आया था जिसकी तीव्रता 6.5 थी। इसमें दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी और 40,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए थे।(बीबीसी)

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Posted Date : 06-Aug-2018
  • मिजोरम, 6 अगस्त। मिजोरम में दुनिया का सबसे बड़ा परिवार रहता है, जिसके 181 सदस्य 100 कमरों के मकान में एक साथ रहते हैं। महंगाई के इस दौर में जब चार-पांच सदस्यों वाले परिवार का पालन पोषण करना एक बड़ी चुनौती हो सकती है, वहीं जिओना चाना अपनी 39 पत्नियों और अन्य सदस्यों के साथ खुशी से रहते हैं। 
    39 पत्नियों से जिओना चाना के 94 बच्चे हैं। इनके साथ 14 बहुओं और 33 पोते-पोतियों और एक नन्हा प्रपौत्र के साथ वे बड़े प्यार से रहते हैं।
    अपने बेटों के साथ बढ़ई का काम करने वाले जियोना का परिवार मिजोरम में खूबसूरत पहाडिय़ों के बीच बटवंग गांव में एक बड़े से मकान में रहता है। मकान में कुल सौ कमरे हैं। 
    जियोना दुनिया के इस सबसे बड़े परिवार के मुखिया होने पर गौरवान्वित महसूस करते हैं। जिओना अपने परिवार को बड़े अनुशासन से चलाते हैं। 
    जिओना के बड़े पुत्र नुनपरलियाना की पत्नी थेलेंजी बताती हैं कि परिवार में सब लोग बड़ी खुशी से रहते हैं और लड़ाई-झगड़े जैसी कोई बात नहीं है। खाना बनाने और घर के अन्य कामकाज भी सब मिलकर करते हैं। 
    परिवार की महिलाएं खेती करती हैं और घर चलाने में योगदान देती हैं। जिओना की सबसे बड़ी पत्नी मुखिया की भूमिका निभाती है और घर के सभी सदस्यों के कार्यों का बंटवारा करने के साथ ही कामकाज पर नजर भी रखती हैं। एक आम परिवार में जितना राशन दो महीने चलता है, इस परिवार की भूख मिटाने के लिए हर दिन उतना राशन खर्च हो जाता है। 
    यहां एक दिन में 45 किलो से ज्यादा चावल, 30-40 मुर्गे, 25 किलो दाल, दर्जनों अंडे, 60 किलो सब्जियों की जरूरत होती है। इसके अलावा इस परिवार में लगभग 20 किलो फल की भी हर रोज खपत होती है। 
    परिवार में इतने सदस्यों के नाम, उनके जन्मदिन और उनके अन्य क्रियाकलाप पर नजर रखना कितना मुश्किल होता है, इस बारे में जिओना के सबसे बड़े पुत्र नुनपरलियाना बताते हैं कि परिवार में सभी सदस्यों के नाम याद रखना मुश्किल नहीं है। 
    नुनपरलियाना ने कहा कि लोग अपने ढेरों दोस्तों के नाम भी तो याद रखते हैं, हम उसी तरह अपने भाई बहनों और अपने तथा उनके बच्चों के नाम याद रखते हैं। हां, जन्मदिन याद रखने में दिक्कत होती है, लेकिन किसी न किसी को याद रह ही जाता है। 
    इलाके की सियासत में भी चाना परिवार का काफी महत्व है। एक साथ एक ही परिवार में इतने सारे वोट होने की वजह से तमाम नेता और इलाके की राजनीतिक पार्टियां जियोना चाना को तवज्जो देती हैं। 
    एक तरफ जहां देश में संयुक्त परिवार की परंपरा बदल रही है, एक ही छत के नीचे इतने बड़े परिवार का एक साथ रहना आश्चर्य के साथ साथ एक सुखद एहसास भी देता है। 
    गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में दर्ज इस परिवार के सदस्य अपने आप में पूरा गांव हैं। बात करें तो सुनने वालों की कमी नहीं, मैच खेलने जाएं तो देखने वालों की कमी नहीं और एक साथ बैठ जाएं तो अपने आप में मेला और त्योहार हो जाए। (भाषा)

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Posted Date : 05-Aug-2018
  • ढाका , 5 अगस्त । बांग्लादेश की राजधानी ढाका में बहुत से युवा सड़क सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सड़कों को सुरक्षित बनाने की मांग कर रहे इन युवाओं का प्रदर्शन सातवें दिन भी जारी रहा। एक रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को इस प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों में करीब 25 छात्र घायल हो गए।
    हालांकि अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो सका है कि हमला करने वाले कौन थे। लेकिन स्थानीय मीडिया का आरोप है कि ये हमला सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े एक छात्र समूह ने किया है।
    प्रदर्शन के दौरान हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर यातायात को रोकते, वाहनों और चालकों को रोकते हुए नजर आए। इन लोगों की मांग है कि सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाया जाए। बीते रविवार को एक तेज रफ्तार बस ने एक लड़के और लड़की को कुचल दिया था और हादसे में दोनों की मौत हो गई। उनकी मौत के बाद से ही ढाका में ये प्रदर्शन हो रहे हैं।
    प्रदर्शनों को देखते हुए बांग्लादेश सरकार ने देश में मोबाइल इंटरनेट सेवा पर 24 घंटे के लिए रोक लगा दी है। सरकार ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से प्रदर्शन छोड़कर फिर से कक्षाओं का रुख करने की अपील की है। इससे पहले एक मंत्री ने छात्रों पर दिखावा करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद काफी हंगामा हुआ था। हालांकि बाद में उन्होंने इसके लिए माफी मांग ली।
    रिपोर्ट्स की मानें तो शनिवार को पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया। हालांकि पुलिस इस तरह की बातों से इनकार कर रही है।
    एएफपी ने एक प्रत्यक्षदर्शी डॉक्टर अब्दुस शब्बीर के हवाले से कहा है कि प्रदर्शन के दौरान घायल लोगों की संख्या काफी अधिक है और करीब 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। शब्बीर ने बताया कि घायलों में कुछ की हालत बहुत ही खराब थी और कुछ को रबर की गोलियां लगी हुई थीं।
    एक स्थानीय पत्रकार ने बताया कि प्रदर्शनकारियों पर हमला करने वाले बांग्लादेश छात्र लीग के सदस्य थे। बांग्लादेश छात्र लीग एक छात्र संगठन है जो कि सत्तारूढ़ वामी लीग पार्टी से जुड़ा हुआ है। ये लोग प्रदर्शन का विरोध कर रहे हैं।
    वहीं कुछ खबरों में सड़कों पर यौन-हिंसा की बात भी कही जा रही है। एक महिला पत्रकार ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि जिस समय वो प्रदर्शन को कवर कर रही थीं, उनके साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ हुई। हमें न्याय चाहिए के नारों के साथ छात्र पिछले सात दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि सड़क यातायात के नियमों को और सख्त किया जाए।
    एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम तब तक यहां से नहीं हटेंगे जब तक कि हमारी मांगें नहीं मान ली जातीं। हमें सुरक्षित सड़कें चाहिए और सुरक्षित चालक भी। प्रदर्शन कर लोगों में 13 साल के किशोर तक शामिल हैं। (बीबीसी)

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Posted Date : 05-Aug-2018
  • काराकास (वेनेजुएला), 5 अगस्त । वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के भाषण के दौरान ड्रोन से हमला हुआ है। इस हमले में 7 जवान के घायल होने की खबर है। वहीं राष्ट्रपति मादुरो बाल-बाल बचे हैं।
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मादुरो के लाइव टेलीविजन भाषण के दौरान उन पर विस्फोटक भरे ड्रोन से हमला किया गया। हमले के बाद अफरातफरी सा माहौल हो गया। वहीं घटनास्थल पर आग भी लग गई। इसके बाद फायर फाइटर्स को बुलाना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक जहां हमला हुआ है, वहां आसपास के घरों में कुछ खिड़कियों के शीशे भी टूटे मिले हैं।  
    इस घटना की पुष्टि करते हुए वेनेजुएला के सूचना मंत्री जॉर्ज रोड्रिग्ज ने बताया कि यह मादुरो पर हमला किया गया था। उन्होंने कहा, जब राष्ट्रपति भाषण दे रहे थे उसी दौरान हमला किया गया है। हालांकि राष्ट्रपति को कोई नुकसान नहीं हुआ है लेकिन 7 जवान घायल हो गए हैं।
    वहीं राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने इस हमले के लिए विदेशी ताकतों को दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि यह मुझे मारने का प्रयास था। आज उन्होंने मेरी हत्या करने की कोशिश की। उन्होंने आगे कहा कि  इस हमले में कोलंबिया के कुछ गुटों का हाथ है। इस हमले के जिम्मेदार कोलंबियाई राष्ट्रपति जुआन मैनुअल सैंटोस भी हैं।
    घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में मादुरो स्पीच देते हुए दिखाई दे रहे हैं। जैसे ही हमला होता है, राष्ट्रपति सहित वहां मौजूद अधिकारी अचानक आसमान की ओर देखने लगते हैं। कुछ धमाके की आवाज भी सुनाई दे रही है और फिर कैमरा मादुरो से हट जाता है। बीते मई में ही वेनेजुएला में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हुआ था। चुनाव में निकोलस मादुरो को जीत मिली। मादुरो  पर चुनाव के दौरान धांधली करने का आरोप भी लगा।(आज तक)

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Posted Date : 05-Aug-2018
  • न्यूजीलैंड के पहाड़ों में सात दिनों तक जिंदगी-मौत की लड़ाई लडऩे वाले एक ऑस्ट्रेलियाई पर्वतारोही टैरी हार्स को सुरक्षित निकाल लिया गया है। बचावकर्मियों का कहना है कि टैरी सैन्य प्रशिक्षण की वजह से खुद को बचा पाया होगा, 29 साल का टैरी वनाका के नजदीक एसपाइरिंग पर्वत पर पर्वतारोहण के लिए अकेले ही निकला था।
    इस पर्वतारोही को सोमवार से गायब बताया जा रहा था। सुरक्षाकर्मियों ने उसे सात दिन बाद इस मंगलवार को ढूंढ निकाला। बचावकर्मियों का कहना है कि इस शख्स को जरूर सैन्य प्रशिक्षण का फायदा मिला है। वह हेलिकॉप्टर भी उड़ा सकता है।
    पर्वतारोही इन पहाड़ों में 60 किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाली ठंडी हवाओं और भीषण बर्फबारी के बीच खुद को सात दिनों जिंदा रखने में कामयाब रहा है।
    खोज अभियान का नेतृत्व करने वाले जिऑफ लंट ने रेडियो न्यूजीलैंड से कहा कि हमें लगता है कि उन्होंने खुद बर्फ का घर बनाया होगा और इसी की वजह से वो जिंदा रह पाए होंगे।
    सुरक्षाकर्मियों ने जब पर्वतारोही को ढूंढा था तो वो अच्छी हालत में था। वह खड़ा हो सकता था और उसे कुछ छोटी-मोटी चोटें ही आई थीं। ऑस्ट्रेलिया की सेना ने इस बात की पुष्टि की है कि यह पर्वतारोही सेना में रह चुका है और फिलहाल छुट्टी पर है।
    बचाव अभियान मुश्किलों भरा था। तेज आंधी और बिजली कड़कने की वजह से खोए हुए पर्वतारोही तक पहुंचना आसान नहीं था। मंगलवार को उनके यंत्र का सिग्नल बचाव कर्मियों को प्राप्त हुआ, जिसके बाद उन्हें खोज निकाला गया। फिलहाल बचाव दल और वह शख्स पहाड़ों में ही है। उसे खाने-पीने की चीजें और दवाइयां मुहैया कराई गई है। उम्मीद है कि मौसम ठीक होने के बाद सभी को हेलिकॉप्टर से नीचे लाया जाएगा। (बीबीसी)

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Posted Date : 05-Aug-2018
  • ओहियो, 5 अगस्त । अमेरिका के ओहियो की एक अदालत में अजब नजारा देखने को मिला। यहां जज ने सुनवाई के दौरान आरोपी के मुंह को टेप से बंद करने का आदेश दे दिया। जज जॉन रसो ने कहा आरोपी फ्रैंकलिन विलियम्स को बार-बार चुप रहने की चेतावनी दी लेकिन वह नहीं माना और फिर बाद में उसके मुंह पर टेप ही चिपका दिया गया। 
    एक वीडियो में देखा जा सकता है कि विलियम्स ने नारंगी रंग का जंपसूट पहना है और उसे कई पुलिस अफसरों ने घेरा हुआ है जबकि उसे हथकड़ी भी पहना के रखा गया है। एक ऑफिसर टेप के बड़े से टुकड़े को विलियम के मुंह पर चिपका देता है। 
    विलियम लूट की 3 वारदात को अंजाम देने का आरोपी है। उसे दिसंबर 2017 में ही दोषी ठहराया जा चुका है और इस सुनवाई में सजा पर फैसला होना था। मामले की सुनवाई के दौरान ही विलियम जेल से भी भाग चुका था लेकिन जुलाई 2018 में उसे फिर गिरफ्तार किया गया और सुनवाई के लिए कोर्ट ले जाया गया। 
    विलियम्स कोर्ट में लगातार 30 मिनट तक बोलता रहा जबकि जज ने उसे कई बार रोका। आखिर में जज ने कहा कि मैं आपके वकीलों से बाकी दलीलें सुनूंगा और इसका मतलब है कि इनका मुंह बंद कर दिया जाए। जज ने विलियम्स को 24 साल की जेल की सजा सुनाई है। (द इंडिपेंडेंट)

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Posted Date : 04-Aug-2018
  • नीदरलैंड, 4 अगस्त । वैसे तो गाय से मिलने वाली हर चीज हमारे लिए फायदेमंद होती है। भले ही वह गोबर ही क्यों न हो। आपने गाय के गोबर से तो उपले और कीटनाशक दवाइयां बनते सुना होगा, लेकिन क्या कभी गोबर से बने ड्रेस के बारे सुना है जी हां। नीदरलैंड की एक स्टार्टअप ने गाय के गोबर से सेल्यूलोज अलग कर उससे फैशनेबल ड्रेस बनाने का तरीका निकाला है। नीदरलैंड की रहने वाली बायोआर्ट एक्सपर्ट जलिला एसाइदी ये स्टार्टअप चलाती हैं। उनके इस इनोवेशन को दो लाख डॉलर (1.40 करोड़ रुपये) का चिवाज वेंचर एंड एचएंडएम फाउंडेशन ग्लोबल अवॉर्ड भी मिल चुका है।
    द गार्डिजन की रिपोर्ट के मुताबिक, जलिला एसाइदी ने कुछ साल पहले वन डच नाम से स्टार्टअप शुरू किया था। इसमें गाय के गोबर को रिसाइकल कर प्लास्टिक, पेपर और यहां तक की फैशनेबल ड्रेसेज तक बनाए जाते हैं। सेल्युलोज से जो फैब्रिक बनाया जा रहा है, उसे 'मेस्टिकÓ नाम दिया गया है।
    जलिला इसे फ्यूचर फैब्रिक भी कहती हैं। शुरुआत में 'मेस्टिकÓसे शर्ट और टॉप तैयार किए गए हैं। स्टार्टअप ने गाय के गोबर से सेल्युलोज अलग कर उससे बायो-डीग्रेडेबल प्लास्टिक और पेपर भी बनाया है।
    बायोआर्ट एक्सपर्ट जलिला एसाइदी बताती हैं, हम गोबर को वेस्ट मटेरियल समझते हैं। इसे गंदा और बदबूदार माना जाता है। लेकिन, ये बहुत काम की चीज है और आने वाले दिनों में गोबर से बने ड्रेसेज आपको फैशन शोज में भी दिखेंगे। 
    एसाइदी फिलहाल 15 किसानों के साथ प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं। उन्होंने बताया, सेल्युलोज बनाने की प्रक्रिया केमिकल और मैकेनिकल है। हमें जो गोबर और गोमूत्र मिलता है, उसमें 80 फीसदी पानी होता है। पहले स्टेज में गोबर और गोमूत्र से गीले और सूखे हिस्से को अलग किया जाता है। गीले हिस्से के सॉल्वेंट से सेल्युलोज बनाने के लिए फर्मेंटेशन होता है। इसमें ज्यादातर हिस्सा घास और मक्के का है, जो कि गाय खाती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस प्रक्रिया से मिला सेल्युलोज हाई टेक्निक वाला होता है।
    जलिला एसाइदी कहती हैं, गोबर से मेस्टिक फैब्रिक बनाने में शुरुआती स्तर पर जो तेल इस्तेमाल होता है, वह भी बहुत अच्छा नहीं होता। हमें गोबर के सेल्युलोज में छिपी सुंदरता दुनिया को दिखानी ही होगी।(न्यूज 18)

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Posted Date : 04-Aug-2018
  • इस्लामाबाद, 4 अगस्त । पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने के लिए क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान को अभी एक और चुनौती से पार पाना होगा। खबरों के मुताबिक संसद (वहां नेशनल असेंबली कहा जाता है) में तमाम विपक्षी दल मिलकर उन्हें सीधी चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। उनके खिलाफ विपक्ष प्रधानमंत्री पद के लिए अपना संयुक्त उम्मीदवार खड़ा कर सकता है।
    पाकिस्तान में 25 जुलाई को हुए आम चुनाव के बाद इमरान खान की पार्टी पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) को सबसे ज्यादा 116 सीटें मिली हैं। लेकिन बहुमत के लिए उसे 137 सीटों (वहां सीधी निर्वाचन प्रक्रिया के जरिए 272 सीटों के लिए ही चुनाव होता है, बाकी सीटें आरक्षित हैं) की जरूरत है। पीटीआई को भरोसा है कि सहयोगी दलों और निर्दलीयों की मदद से बहुमत का यह आंकड़ा जुटा लिया जाएगा। इसी आधार पर 11 अगस्त को इमरान खान के शपथ ग्रहण की तैयारी भी की जा रही है।
    हालांकि विपक्षी दल भी अपनी तरफ से पीटीआई की इस योजना पर रोड़ा डालने की तैयारी में हैं। खबर है कि इसके लिए दो मुख्य प्रतिद्वंद्वी विपक्षी दलों- पीपीपी और पीएमएल-एन ने हाथ मिला लिया है। उनके साथ कुछ अन्य छोटे दल भी हैं। सभी ने मिलकर ऑल पार्टीज कॉन्फ्रेंस के नाम से एक मोर्चा बनाया है। यह मोर्चा नेशनल असेंबली में प्रधानमंत्री पद के लिए इमरान खान के खिलाफ अपना प्रत्याशी भी उतारेगा। इन सभी पार्टियों का आरोप है कि पाकिस्तान के चुनाव में सेना के दखल से धांधली हुई है। (सत्याग्रह)

     

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Posted Date : 04-Aug-2018
  • लाहौर, 4 अगस्त। पाकिस्तान में पहले सिख पुलिस अधिकारी गुलाब सिंह को नौकरी से निकाल दिया गया है। गुलाब सिंह पर आरोप है कि वह बिना बताएं तीन महीने से ज्यादा समय तक छुट्टी पर रहे। सिंह पाकिस्तान की जांच कमेटी के सामने अपने पक्ष में दलीलें पेश नहीं कर पाए।
    पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तान के पहले सिख पुलिस अधिकारी गुलाब सिंह को तीन महीने से ज्यादा समय से अनुपस्थित रहने के कारण बर्खास्त किया जा रहा है। तीन महीने से अनुपस्थित रहने पर गुलाब सिंह के खिलाफ विभागीय जांच के बाद यातायात पुलिस अधीक्षक ने उन्हें सेवा से हटा दिया है।
    प्रवक्ता ने बताया कि सिंह अपनी बर्खास्तगी के खिलाफ यातायात पुलिस उपमहानिरीक्षक के पास अपील कर सकते है। वही पिछले महीने विभागीय जांच के समय गुलाब सिंह ने दावा किया था कि इवैक्यूई ट्रस्ट प्रोपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) ने लाहौर के पास उन्हें उनके गांव के घर से जबरन बाहर कर दिया गया था। सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि ईटीपीबी के अनुरोध पर यातायात पुलिस अधीक्षक ने उनके खिलाफ कदम उठाया है।
    उन्होंने कहा कि वह दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे और विभाग को छुट्टी के लिए अपने आवेदन के साथ एक चिकित्सा प्रमाणपत्र भी दिया था, लेकिन विभाग ने उसको स्वीकार नहीं किया। सिंह ने कहा कि चूंकि विभाग के पास मेरे खिलाफ कार्रवाई का और कोई कानूनी कारण नहीं था इसलिए छुट्टी के मुद्दे पर मेरे खिलाफ यह कार्रवाई की गई। (एजेंसियां)

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Posted Date : 04-Aug-2018
  • नई दिल्ली, 4 अगस्त। अमरीका के बाद रूस अब भारत और ब्राजील जैसे देशों के चुनावों में हस्तक्षेप कर सकता है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में 'इंटरनेट स्टडीजÓ के प्रोफेसर फिलिप एन हावर्ड ने ये आशंका जताई है। उनका कहना है कि रूस इन देशों के मीडिया को निशाना बनाकर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है।
    फिलिप एन हावर्ड ने ये बातें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों में विदेशी हस्तक्षेप को लेकर बनाई गई अमरीकी सांसदों की एक समिति के सामने कही हैं। हालांकि अपने दावों को लेकर उन्होंने कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। फिलिप ने कहा कि रूसी हस्तक्षेप के चलते अन्य देशों में चुनाव परिणाम इसलिए काफी ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं कि उन देशों का मीडिया अमरीकी मीडिया जैसा पेशेवर नहीं है। अमरीकी सांसदों वाली समिति से उनका यह भी कहना था कि अमरीकी मीडिया दुनिया में सबसे ज्यादा पेशेवर तरीके से काम करता है, लेकिन अन्य लोकतांत्रिक देशों के मीडिया संस्थान ऐसे नहीं हैं।
    फिलिप ने कहा, हमारे लोकतांत्रिक सहयोगियों के यहां के मीडिया संस्थानों को लेकर चिंता ज्यादा है। मुझे लगता है रूस ने अब अमरीका को छोड़ अपना रुख अब उन दूसरे लोकतांत्रिक देशों की ओर किया है जहां आने वाले वर्षों में चुनाव होने वाले हैं। इनमें ब्राजील और भारत विशेष रूप से शामिल हैं। ऑक्सफोर्ड विशेषज्ञ ने आगे कहा, इन देशों के मीडिया संस्थानों को अभी भी काफी कुछ सीखने और विकसित होने की जरूरत है। (टाईम्स ऑफ इंडिया)

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Posted Date : 04-Aug-2018
  • लाहौर, 4 अगस्त। पाकिस्तान के अशांत क्षेत्र गिलगित-बाल्टिस्तान में लड़कियों के 12 स्कूलों को आग के हवाले कर दिए जाने की खबर सामने आई है। कहा जा रहा है कि कुछ अज्ञात लोगों ने पूरी योजना के साथ स्कूलों को निशाना बनाया।
     शुक्रवार देर रात उपद्रवियों ने गिलगित से 130 किलोमीटर दूर चिलास कस्बे के स्कूलों को बर्बाद कर दिया। पुलिस का कहना है कि इन लोगों ने डायमर जिले में भी स्कूलों को नुकसान पहुंचाया है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक दो स्कूलों में विस्फोटक भी लगाए गए थे। जिला प्रशासन के मुताबिक ये स्कूल अभी बन रहे थे। घटना के बाद पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया है। वहीं, स्थानीय लोगों ने स्कूलों को जलाए जाने का विरोध करते हुए शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा की मांग की है।
    पाकिस्तान में लड़कियों के स्कूलों और उनकी शिक्षा का अक्सर विरोध किया जाता है। साल 2011 में चिलास में ही कम तीव्रता वाले धमाकों के जरिए ऐसे ही स्कूलों को नुकसान पहुंचाया गया था। तब दो लड़कियां भी धमाकों में घायल हुई थीं। इस साल की शुरुआत में भी दो स्कूलों को उड़ा दिया गया था। साल 2004 में भी चिलास के स्कूलों पर एक के बाद एक हमले हुए थे। तब नौ स्कूलों में से आठ को पांच दिनों में बर्बाद कर दिया गया था। आतंकी खैबर पख्तूनख्वा और जनजातीय क्षेत्रों में बने स्कूलों को भी निशाना बनाते रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते दस साल में पाकिस्तान के जनजातीय इलाकों में करीब 1500 स्कूलों को तबाह कर दिया गया।
    ऐसे ही हमलों में पाकिस्तान की नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई को भी गोली मारी गई थी। वे स्वात में लड़कियों की शिक्षा के लिए प्रयास कर रही थीं। इसी से नाराज होकर तालिबान ने उन पर जानलेवा हमला किया था। इन घटनाओं के चलते पाकिस्तान में बड़ी संख्या में बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है, खासतौर पर लड़कियों की। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 03-Aug-2018
  • वाशिंगटन, 3 अगस्त । अमरीका और उत्तर कोरिया के बीच एक-दूसरे को आंखें दिखाने का दौर फिलहाल तो पूरी तरह थमा हुआ लग रहा है। बल्कि इसके उलट अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस वक्त उत्तर कोरिया के शासन प्रमुख किम जोंग उन की तरफ से मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया से काफी खुश बताए जाते हैं। यही वजह है कि उन्होंने उन से जल्द ही फिर मुलाकात का वादा किया है। दोनों नेताओं के बीच पहली मुलाकात सिंगापुर में 12 जून को हुई थी।
    उत्तर कोरिया ने अभी हाल में कोरियाई युद्ध के समय मारे गए लगभग 55 अमरीकी सैनिकों के अवशेष अमरीका के अधिकारियों को सौंपे हैं। ये अधिकारी खास तौर इसके लिए उत्तर कोरिया गए थे। बताया जाता है कि इसके साथ किम जोंग ने ट्रंप को एक पत्र भी भेजा है। यह एक अगस्त को ही ट्रंप को सौंपा गया है। अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सराह सैंडर्स ने इसकी पुष्टि की। खुद ट्रंप ने इस बाबत ट्वीट किया।
    अपने ट्वीट में ट्रंप ने लिखा, आपका बहुत-बहुत शुक्रिया चेयरमैन (उत्तर कोरिया के शासन और राष्ट्र प्रमुख का पदनाम) किम जोंग उन कि आपने अपना वादा (शहीद अमरीकी सैनिकों के अवशेष अमरीका को सौंपने का) पूरा किया। मुझे आपके इस सह्रदयता पर जरा भी अचरज नहीं हुआ। आपने मुझे जो पत्र लिखा है उसके भी आपका धन्यवाद। मैं आपसे जल्द ही फिर मिलने की उम्मीद कर रहा हूं। वैसे पिछले महीने ही खबर आई थी कि उन ने अमरीका की यात्रा का ट्रंप का न्यौता स्वीकार कर लिया है।
    बताते चलें कि 12 जून की सिंगापुर शिखर वार्ता के दौरान दोनों नेताओं में कोरियाई युद्ध में शहीद अमरीकी सैनिकों के अवशेष अमरीका को सौंपने पर सहमति बनी थी। एक आकलन के मुताबिक 1950-53 के कोरियाई युद्ध में 8,000 के लगभग अमरीकी सैनिक शहीद हुए थे। (पीटीआई)

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Posted Date : 03-Aug-2018
  • जिस उम्र में बच्चे ककहरा सीख रहे होते हैं, 6 साल का एक बच्चा सिलेब्रिटी बन चुका है। रयान एक यूट्यूब चैनल के स्टार फेस हैं। उनके चैनल का नाम रयान टॉयस रिव्यू  है। जल्द ही रयान के नाम से वॉलमार्ट स्टोर्स पर एक टॉय लाइन भी दिखेगी। इस बाबत चिल्ड्रन्स मीडिया कंपनी पॉकेट वॉच ने हाल ही में अमरीकी रिटेल कंपनी के साथ डील फाइनल की है।
    रयान पॉकेट डॉट वॉच नामक ऑनलाइन प्लैटफॉर्म के साथ मिलकर काम करते हैं। उनके पसंदीदा खिलौने और कपड़े रयान्स वल्र्ड के नाम से बेचे जाते हैं। छह अगस्त से रयान्स वल्र्ड के खिलौने वॉलमार्ट स्टोर पर भी मिलने लगेंगे।
    रयान के टॉय रिव्यू फॉर किड्स नाम से पेज पर किए एक फेसबुक पोस्ट में दावा किया गया है कि रयान ने 2017 में 1.1 करोड़ डॉलर कमाए। पोस्ट में आगे कहा गया है कि वह आगे और कमाई करेंगे। रयान्स वल्र्ड की चीजें अमरीका में 2500 से अधिक वॉलामार्ट स्टोर्स के साथ ही वॉलमार्ट डॉट कॉम पर भी बेचे जाएंगे।
    रयान के 6 यूट्यूब चैनल्स हैं, जो बच्चों में काफी लोकप्रिय हैं। यही वजह है कि खिलौनों के साथ मस्ती करने के रयान के विडियोज एक महीने में एक अरब से ज्यादा बार देखे जाते हैं।
    पॉकेट वॉच और वॉलमार्ट के बीच हुई डील के मुताबिक रयान्स वल्र्ड के बैनर तले बेचे जा रहे प्रॉडक्ट्स अक्टूबर में दूसरे रिटेलरों में भी मिलने लगेंगे।
    यूट्यूब पर पोस्ट किए जानेवाले विडियोज में रयान का परिवार भी दिखाई देता है। रयान अपने आखिरी नाम को अब तक सीक्रेट रखा है। माना जा रहा है कि ऐसा उन सभी को सेफ और अज्ञात रखने के लिए किया गया है।
    रयान वल्र्ड के बैनर तले बेचे जाने वाले प्रॉडक्ट्स में चार डिजाइन में टी-शर्ट्स भी शामिल होंगे, जिसमें कुछ पर रयान की पसंदीदा चीजें जैसे पिज्जा आदि डिजाइन की गई होंगी। यह डील का हिस्सा है जिससे ऑनलाइन विडियो स्टार्स खिलौनों, कपड़ों और दूसरे घरेलू प्रॉडक्ट्स के जरिए अपनी पहुंच बढ़ा सके। (रॉयटर्स)

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Posted Date : 03-Aug-2018
  • इस्लामाबाद, 3 अगस्त। पीटीआई प्रमुख इमरान खान सादे समारोह में पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेना चाहते हैं और वह विदेशी नेताओं तथा मशहूर हस्तियों को इसमें बुलाए जाने के पक्षधर नहीं हैं। इमरान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी 25 जुलाई को हुए चुनावों में सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी थी। 
    65 वर्षीय नेता के 11 अगस्त को शपथ ग्रहण करने की उम्मीद है। इससे पहले ऐसी खबरें थी कि इमरान की तरफ से बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, कपिल देव और नवजोत सिंह सिद्धू को न्यौता आया है, लेकिन अभी तक इनलोगों को आधिकारिक रूप से शपथ समारोह में आने का न्यौता नहीं मिला है। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने कहा कि 11 अगस्त को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए अभी तक किसी अभिनेता या क्रिकेटर को न्यौता नहीं दिया गया है। पीटीआई के प्रवक्ता ने बुधवार को कहा था कि इमरान खान के दोस्तों को आधिकारिक रूप से न्यौता भेजा जाएगा, लेकिन गुरुवार को उन्होंने कहा कि पार्टी ने यह तय किया है वह बेहद सादे समारोह में शपथ लेंगे। (भाषा)

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Posted Date : 03-Aug-2018
  • मैनचेस्टर, 3 अगस्त । कई बार रिलेशनशिप में लोग खुद को फंसा हुआ महसूस करने लगते हैं। जब आपको अच्छा पार्टनर ना मिले तो रिलेशनशिप में रहना और भी मुश्किल हो जाता है। ग्रेटर मैनेचेस्टर के एक पजेसिव बॉयफ्रेंड को अपनी गर्लफ्रेंड का मानसिक उत्पीडऩ करने के लिए जेल हो गई है। मैथ्यू बेली नाम का शख्स अपनी गर्लफ्रेंड की सोशल मीडिया यूज से लेकर आने-जाने को लेकर तमाम तरह की चीजें कंट्रोल करने की कोशिश करता था।
    मैथ्यू ने अपनी गर्लफ्रेंड को स्नैपचैट यूज करने से मना कर रखा था। उसने अपनी गर्लफ्रेंड से फेसबुक पर एक हेट्रोसेक्सुअल शख्स से बातचीत ना करने को लेकर चेतावनी दी थी और उसे ये तक बताता था कि सोशल मीडिया पोस्ट्स में किस वाली इमोजी का इस्तेमाल ना करे। 
    उसने अपनी गर्लफ्रेंड से कहा था कि वह सोशल मीडिया पर केवल गे लड़कों से बात कर सकती है। बेली इतना ज्यादा ईष्र्यालु किस्म का शख्स था कि वह अपनी गर्लफ्रेंड का रोज मोबाइल चेक करता था, वह उसे यह भी बताता था कि वह क्या पहनें और क्या नहीं। अगर वह घर पर है या फिर बिस्तर पर सो रही है तो सबूत के तौर पर उसे अपनी तस्वीरें भेजे।
    चार हफ्ते के रोमांस के दौरान बेली ने अपनी गर्लफ्रेंड से लगातार कॉल करने के लिए दबाव डाला। अगर वह फोन नहीं उठाती तो वह उस पर धोखा देने का आरोप लगाने लगता।
    मिस कैनलिफ ने इस शख्स से अपना रिश्ता खत्म करने की कोशिश की लेकिन बेली ने उसके परिवार को मार डालने की धमकी दी। जब उसके बॉयफ्रेंड का सनकपन हद से ज्यादा बढ़ गया तो वह पुलिस के पास गई। मैनचेस्टर मैजिस्ट्रेट कोर्ट में इस शख्स को 6 महीने की जेल की सजा सुनाई गई है। उसे अपनी गर्लफ्रेंड को मानसिक यातना देने का दोषी पाया गया। इसके अलावा कोर्ट ने उस पर 5 वर्षों के लिए मिस कनलिफ से बात करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। 
    दोनों की मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। कैनलिफ ने कोर्ट को बताया, शुरू में वह ठीक था लेकिन फिर उसने मुझे पूरी तरह से कंट्रोल करना शुरू कर दिया। दो दिन बाद हमने अपने रिश्ते को ऑफिशल कर दिया। उसके बाद वह रंग दिखाने लगा। मैं बहुत तनाव में आ गई थी और बहुत ज्यादा अपसेट थी। 
    कैनलिफ के पिता ने बताया, मैथ्यू उसकी शिफ्ट खत्म होने के वक्त ऑफिस के बाहर इंतजार करता रहता था। मैं उन दोनों के रिश्ते से बिल्कुल खुश नहीं था। वह हमेशा उसका पीछा करता रहता था और उसके लिए बहुत ज्यादा पजेसिव था। (आज तक)

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Posted Date : 02-Aug-2018
  • रिओ डी जेनेरियो, 2 अगस्त । नामी भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई गणितज्ञ अक्षय वेंकटेश सहित चार विजेताओं को गणित का स्पेसिफिक फील्ड्स मेडल मिला है। गणित के क्षेत्र में इसे नोबेल पुरस्कार के समान माना जाता है। चार साल में एक बार फील्ड्स मेडल 40 साल से कम उम्र के उभरते गणितज्ञ को दिया जाता है।
    स्टैनफोर्ड युनिवर्सिटी में पढ़ा रहे नई दिल्ली में जन्मे वेंकटेश (36) को गणित में विशिष्ट योगदान के लिए फील्ड्स मेडल मिला है। रिओ डी जेनेरियो में गणितज्ञों की अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस में उनके मेडल के लिए प्रशस्ति में उनके योगदान को रेखांकित किया गया है।
    तीन अन्य विजेता हैं- कैंब्रिज युनिवर्सिटी में इरानी-कुर्द मूल के प्रोफेसर कौचर बिरकर, बॉन युनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले जर्मनी के पीटर स्कूल्ज और ईटीएच ज्यूरिख में इतालवी गणितज्ञ एलिसो फिगेली। सभी विजेता को 15,000 कनाडाई डॉलर का नकद पुरस्कार मिला है। हर बार कम से कम दो और विशेष रूप से चार लोगों को पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। (भाषा)

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Posted Date : 01-Aug-2018
  • वाशिंगटन, 31 जुलाई । पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन होने पर भी अमेरिका के सख्त रुख में कमी नहीं आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कंगाल हो चुके पाकिस्तान को पहले ही आर्थिक मदद में कमी कर रखी है, जिसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) को भी पाकिस्तान की मदद न करने को कहा है। ट्रंप प्रशासन ने आईएमएफ को पाकिस्तान की नई सरकार को चीन के ऋणदाताओं को भुगतान के लिए किसी संभावित राहत पैकेज की मंजूरी के प्रति आगाह किया है। 
    चीन के बैंक चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के लिए पाकिस्तान को धन दे रहे हैं। मीडिया में इस तरह की खबरें आई हैं कि पाकिस्तान आईएमएफ से 12 अरब डॉलर का भारी भरकम पैकेज चाहता है। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने कहा कि आईएमएफ जो करेगा उस पर हमारी निगाह है, इसलिए ऐसी कोई गलती नहीं होनी चाहिए।
    इस बीच, आईएमएफ ने स्पष्ट किया है कि उसे अभी तक पाकिस्तान से इस तरह का आग्रह नहीं मिला है। नकदी संकट से जूझ रहा पाकिस्तान 1980 से आईएमएफ के 14 वित्तपोषण कार्यक्रमों का लाभ ले चुका है।
    आईएमएफ, विश्व बैंक और चीन का कर्ज चुकाने के लिए पाकिस्तान को अगले कुछ महीने में तीन अरब डॉलर की जरूरत है। पाकिस्तान पर फिलहाल चीन का पांच अरब डॉलर का कर्ज है।
    इसमें से ज्यादातर कोष का इस्तेमाल 50 अरब डॉलर के सीपीईसी के तहत बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए किया गया है। अमेरिका द्वारा सहायता कम करने की वजह से पाकिस्तान की निर्भरता चीन पर बढ़ी है। वहीं, आईएमएफ भी उसे आर्थिक संकट से उबारने का एक सहारा है।
    2013 में आईएमएफ ने पाकिस्तान को 6.7 बिलियन डॉलर की मदद की थी। अब जबकि पाकिस्तान कर्ज तले दबा हुआ है और वहां इमरान खान के नेतृत्व में नई सरकार बनने जा रही है, ऐसे में अमेरिका का आईएमएफ को कर्ज देने से इंकार करना, पाक की नई सरकार को भारी पड़ सकता है।(आजतक)

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