अंतर्राष्ट्रीय

13-May-2020

नई दिल्ली, 13 मई । पूरी दुनिया में जारी कोरोना कहर के बीच पाकिस्तान अपनी नापाक आदतों से बाज नहीं आ रहा है। कोरोना संकट के बीच भी पाक अधिकृत कश्मीर के लोगों के ऊपर पाकिस्तान का सितम जारी है। गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में पाकिस्तान के प्रशासन द्वारा वहां के स्थानीय व्यापारी और आम लोगों पर अत्याचारों जारी है और उन्हें बाजार खोलने नहीं दिया जा रहा है, जबकि अन्य बाजारों को खोलने की इजाजत मिल चुकी है।
कोरोना वायरस कहर के बीच पाकिस्तान में बाजारों को खोल दिया गया है, मगर गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र के बाजारों को नहीं खोला गया है। लॉकडाउन से अन्य सभी बाजारों को रियायत मिल गई है और बाजारें खुल रही हैं, मगर पाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके के बाजारों को नहीं खोला गया है। यही वजह है कि यहां के स्थानीय लोग अब पाकिस्तान सरकार के जुल्म के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। 
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में एनएलआई बाजार के व्यापारियों का कहना है कि उनके साथ स्थानीय प्रशासन द्वारा भेदभाव किया जा रहा है। एक व्यापारी ने कहा, अन्य सभी बाजार खुले हुए हैं मगर हमें बंद करने को कहा गया है। क्या हम इंसान नहीं हैं? क्या हमारे बच्चे नहीं हैं?
दरअस, यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान द्वारा पीओके के इन इलाकों में इस्लामाबाद के हुक्मरानों द्वारा अत्याचार और भेदभाव की खबरें आई हैं, बल्कि पाकिस्तान पहले भी पीओके और गिलगित बाल्टिस्तान के लोगों के साथ भेदभाव करता रहा है। वहां के लोग कई बार पाकिस्तान सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर चुके हैं, मगर बल के दम पर पाकिस्तान उनकी आवाजों को कुचलता रहा है। 
भारत शुरू से यह दोहराता रहा है कि पाकिस्तान को पीओके और गिलगिट बाल्टिस्तान इलाकों को खाली कर देना चाहिए जिन पर उसने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। बता दें कि 22 अक्टूबर 1947 को ही पाकिस्तानी सेना ने तत्कालीन जम्मू-कश्मीर रियासत के इस हिस्से में घुसपैठ कर कब्जा कर लिया था। गिलगित बल्टिस्तान के लोग पाकिस्तान से अपनी आजादी की मांग करते हैं और इसके विरोध में ही 22 अक्टूबर को काला दिवस के रूप में मनाते हैं।(लाइव हिन्दुस्तान)
 


12-May-2020

वाशिंगटन, 12 मई । कोरोना वायरस के संक्रमण से दुनिया के अधिकतर देश प्रभावित हुए हैं। इस वायरस ने दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका की भी हालत पतली कर दी है। कोरोना से अमेरिका में मरने वालों की संख्या 80 हजार के पार हो चुकी है।

इस संकट से निपटने के लिए अमेरिका में सख्त लॉकडाउन भी लागू किया गया है। इस लॉकडाउन के बावजूद अमेरिकी इलेक्ट्रिक-कार कंपनी टेस्ला ने अपने कैलिफोर्निया स्थित प्लांट को दोबारा खोल दिया है। अहम बात ये है कि टेस्ला के सीईओ ने सरकार को चुनौती भी दी है। एलन मस्क ने प्लांट खोले जाने की जानकारी देते हुए कहा कि वे गिरफ्तार होने को भी तैयार हैं। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने ट्वीट किया, टेस्ला अल्मेडा काउंटी रूल्स के खिलाफ प्रोडक्शन दोबारा शुरू कर रही है। मैं बाकी सभी लोगों के साथ लाइन में रहूंगा। अगर किसी को गिरफ्तार किया जाता है तो सिर्फ मुझे किया जाना चाहिए। स्थानीय मीडिया के मुताबिक एलन के ट्वीट किए जाने के कुछ घंटों बाद ही टेस्ला ने कैलिफोर्निया की अल्मेडा काउंटी पर मुकदमा कर दिया। अल्मेडा काउंटी कैलिफोर्निया की लोकल अथॉरिटी है। यह पहली बार नहीं है जब टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने लॉकडाउन का विरोध किया है। वह लगातार प्रशासन के घर में रहने के आदेश की आलोचना कर रहे हैं। इसके साथ ही प्लांट को खोलने की मांग कर रहे हैं।

 हालांकि, प्रशासन की ओर से अनुमति देने से इनकार किया जा रहा है।

स्थानीय मीडिया के मुताबिक ऐसी आशंका है कि एलन मस्क कैलिफोर्निया से प्लांट को हटा सकते हैं। बहरहाल, लोकल अथॉरिटी और एलन मस्क के बीच का ये विवाद बढऩे की स्थिति में राज्य के गवर्नर से दखल देने की मांग की जा रही है। अमेरिका के कैलिफोर्निया समेत कुछ राज्यों में बीते 50 दिन से लॉकडाउन लागू है।(आजतक)


12-May-2020

काबुल (अफगानिस्तान), 12 मई। अफगानिस्तान में एक पुलिस अफसर के जनाजे के दौरान हुए धमाके में 50 मौतों की खबर है और 60 लोगों के जख्मी होने की। मौके पर चारों तरफ भयानक मंजर है, और लाशों के टुकड़े दूर-दूर तक बिखर गए हंै। अभी तक किसी ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।(एजेंसी)


12-May-2020

नई दिल्ली, 12 मई। चीने के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया में दिख रहा है, जिससे सबसे ज्यादा तबाह अब तक अमेरिका हुआ है। इस बीच अमेरिका ने दावा किया है कि चीनी हैकर्स कोरोना वैक्सीन से जुड़े रिसर्च डेटा चुराने की कोशिश कर रहे हैं। द वॉल स्ट्रीट जर्नल और न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, अमेरिका की जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (एफबीआई) और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने आरोप लगाया है कि चीनी हैकर्स और जासूस कोरोना वायरस के लिए वैक्सीन से जुड़ी रिसर्च डेटा चुराने की कोशिश में लगे हुए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अब वे चीनी हैकिंग को लेकर एक चेतावनी जारी करने पर विचार कर रहे हैं। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि हैकर्स कोरोना पर रिसर्च संबंधी डेटा चुराने की कोशिश कर रहे हैं। यही वजह है कि ये हैकर्स कोविड-19 के उपचार और परीक्षण पर सूचना और इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टी को भी निशाना बना रहे हैं। पिछले सप्ताह एक संयुक्त संदेश में ब्रिटेन और अमेरिका ने संगठित अपराधियों द्वारा किए गए स्वास्थ्य पेशेवरों के खिलाफ साइबर हमलों में वृद्धि को लेकर आगाह किया था।

हालांकि, चीनी अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा कि  कि हम कोविड-19 के उपचार और वैक्सीन की खोज में दुनिया का नेतृत्व कर रहे हैं। किसी भी साक्ष्य के अभाव में अफवाहों और अपशब्दों के साथ चीन को निशाना बनाना गलत है।

एक अन्य विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि अमेरिका ने चीन पर आरोप लगाया है कि हमने उन्हें समय पर महामारी के बारे में सूचित नहीं किया लेकिन हमने बार-बार इस महामारी पर अपनी स्थिति बताई है। हालांकि, जब से अमेरिका इन झूठों को दोहरा रहा है हमें दुनिया को बार-बार तथ्यों के जरिए सच्चाई दिखाने के लिए प्रयास करना चाहिए।  (हिंदुस्तान टाईम्स)


12-May-2020

11 मई को जब लॉकडाऊन से छूट दी गई तो पाकिस्तानी शहरों में लोग कपड़ों और बटुओं जैसे गैरजरूरी सामान लेने के लिए भी बाजारों को पाट चुके थे। इस वक्त तक इस छोटे से देश में 32 हजार से अधिक कोरोना पॉजिटिव पकड़ाए जा चुके थे और 700 मौतें हो चुकी थीं।

कोरोना से जूझता पाक, इमरान बेफिक्र

इस्लामाबाद, 12 मई। पाकिस्तान में कोरोना का कहर चरम पर पहुंचने के बावजूद प्रधानमंत्री इमरान खान बेफिक्र हैं। हर दिन की तरह उनके कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कोरोना का इलाज कर रहे डॉक्टर्स भी सरकार के खिलाफ हड़ताल कर रहे हैं। इतना ही नहीं, पुलिस भी प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के खिलाफ सख्ती से पेश आ रही है। 

पाकिस्तान के राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मंत्रालय ने कहा कि देश में कुल 32334 मामले सामने आ चुके हैं। पंजाब में संक्रमण के 11093, सिंध में 11480, खैबर पख्तूनख्वा में 4669, बलोचिस्तान में 1935, इस्लामाबाद में 641, गिलगित-बाल्तिस्तान में 430 और पाक अधिकृत कश्मीर में 86 मामले सामने आए हैं। महामारी की वजह से बीते 24 घंटे में 22 लोगों की मौत हो चुकी है जिससे इस बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 700 हो गई है। अब तक 8023 लोग ठीक भी हो चुके हैं। 

पाकिस्तान के योजना मंत्री असद उमर ने कहा कि लॉकडाउन में रियायत दी गई है क्योंकि इससे कम आय वर्ग के लोगों पर बेहद बुरे प्रभाव सामने आ रहे थे लेकिन आगाह किया कि इसका यह मतलब नहीं कि सभी ऐहतियाती कदम वापस ले लिये गए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के हॉटस्पाट की पहचान के लिये आंकड़े इक_ा करने के लिये और स्मार्ट लॉकडाउन लागू करने के लिये तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
 
पाकिस्तान ने कोविड-19 महामारी को फैलने से रोकने के लिए घरेलू उड़ान सेवा 13 मई तक के लिए निलंबित कर दी है। किस्तान नागर विमानन प्राधिकरण (पीसीएए) ने उड़ानों पर प्रतिबंध बुधवार तक बढ़ा दिया है। इससे पहले यह प्रतिबंध 10 मई तक था। पीसीएए ने कल देर रात ट्वीट किया कि पाकिस्तान सरकार के फैसले के अनुसार घरेलू उड़ानों के परिचालन के निलंबन की अवधि बुधवार, 13 मई 2020 तक बढ़ा दी गई है। उड़ानों के निलंबन संबंधी बाकी प्रावधान पहले की तरह लागू रहेंगे। (नवभारतटाईम्स)


10-May-2020

वाशिंगटन,  10 मई। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया है। इस महामारी में सबसे ज्यादा नुकसान अमेरिका का हो रहा है। इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बिगड़े हालात को लेकर डोनाल्ड ट्रंप को आड़े हाथ लिया है। ओबामा ने ट्रंप के रवैये को अराजक आपदा बताया है।

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक बराक ओबामा का ट्रंप पर निशाना साधने वाला एक कॉल लीक हुआ है। ओबामा वेब कॉल में अपने प्रशासन के कुछ पूर्व सहयोगियों को संबोधित कर रहे थे।  इसी मीटिंग में ओबामा ने लोगों से अपील की है कि वे राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रैट के संभावित उम्मीदवार जो बिडेन का साथ दें।

दरअसल, ओबामा ने ओबामा अलुम्नाई असोसिएशन से संबंधित करीब 300 लोगों से बातचीत की है। इन सभी लोगों ने ओबामा के कार्यकाल में काम किया था। इस दौरान ओबामा ने लोगों से वर्तमान परिदृश्य और आने वाले चुनाव के बारे में बातचीत की। इस दौरान उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के बारे में भी अपनी बात रखी।

रिपोर्ट के मुताबिक इस कॉल के जरिए उन्होंने अपने पूर्व सहयोगियों से कहा कि आने वाला चुनाव हर स्तर पर काफी अहम होने वाला है क्योंकि हम सिर्फ एक व्यक्ति या राजनीतिक पार्टी के खिलाफ नहीं लड़ रहे हैं। हम लंबे समय तक चलने वाले स्वार्थी होने, दूसरों को दुश्मन की तरह देखने, आपस में बंटे होने और अराजक होने के ट्रेंड के खिलाफ लड़ रहे हैं।

ओबामा ने कहा कि वैश्विक महामारी के खिलाफ हमारा जवाब निराशाजनक और ठंडा है। इस मानसिकता के साथ यह काफी अराजक आपदा जैसा हो गया है। इस कॉल में बराक ओबामा ने कहा है कि आने वाले चुनाव में वह जो बिडेन के लिए प्रचार भी करेंगे।

रॉयटर्स के मुताबिक ओबामा का यह वेब कॉल याहू न्यूज के हवाले से प्राप्त हुआ है। इसमें ओबामा ने अपने पूर्व सहयोगियों से कई मुद्दों पर खुलकर चर्चा की है। वे उन्हें एक साथ लाने की कोशिश कर रहे हैं। और आने वाले चुनावों के लिए एकजुट कर रहे हैं। अमेरिका में नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं।

अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से जो बिडेन की उम्मीदवारी तय मानी जा रही है। और अब बराक ओबामा ने भी बिडेन का साथ खुलकर देने का ऐलान कर दिया है।

बराक ओबामा का इस तरह डोनाल्ड ट्रंप पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियां बना हुआ है। क्योंकि आमतौर पर बराक ओबामा डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं करते। कई बार ट्रंप ने ओबामा पर तंज भी कसा,  तब भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया था।

इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप और जो बिडेन के बीच लंबे समय से जुबानी जंग जारी है। और अब दोनों अगले चुनाव में आमने-सामने होंगे। ट्रंप के खिलाफ बर्नी सैंडर्स इससे पहले इस रेस में आगे थे और डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ दिए जा रहे उनके बयान काफी सुर्खियां बटोर रहे थे। लेकिन उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया था।

इधर कोरोना वायरस की वजह से अमेरिका की स्थिति बेहद खराब हो गई है, यहां रोजाना औसतन हजार से अधिक मौतें हो रही हैं और मृतकों की संख्या 78000 से अधिक हो चुकी है। अमेरिका में यह आंकड़े लगातार बढ़ रहे है। (आजतक)