अंतरराष्ट्रीय

Date : 17-Sep-2019

दोहा, 17 सितंबर । सऊदी अरब ने हाल ही में अरामको तेल संयंत्रों पर हुए हमले की जांच में शामिल होने के लिए अंतरराष्ट्रीय तथा सयुंक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया है। 
सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा, जांच चल रही है और जमीनी हकीकत को बारीकी से परखने तथा जांच में शामिल होने के लिए हमने सयुंक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को आमंत्रित किया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वालो के खिलाफ कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाने की भी अपील की है। 
गौरतलब है कि शनिवार को सऊदी की दो पेट्रोलियम कंपनियों में ड्रोन से हमला किया गया था। सऊदी दरअसल हौथी विद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई में यमन को हवाई क्षेत्र में मदद मुहैया करा रहा है जिसके वजह से माना जा रहा था की यह हमला हौथी विद्रोहियों ने किया है। लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने इसके पीछे ईरान का हाथ होने की बात कही थी।  ईरान ने अमेरिका के इस आरोप को खारिज किया है।
पोप के बाद अमेरिका में किसी विदेशी नेता के लिए आयोजित होने वाला सबसे बड़ा कार्यक्रम होगा। श्री मोदी के दोबारा सत्ता में आने के बाद अमेरिका में यह पहला कार्यक्रम होगा।
‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम दो ताकतवर देशों के और करीब आने की अमर कहानी रचने के साथ ही द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती और विस्तार देने में अहम भूमिका निभायेगा।
अमेरिका में भारतीय राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला ने श्री ट्रंप के इस कार्यक्रम में शामिल होने को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति का यह कदम भारत और अमेरिका की दोस्ती की घनिष्ठता का परिचायक है।
इससे पहले श्री मोदी के लिए मैडिसन स्क्वायर गार्डन और कैलिफोर्निया के सिलिकॉन वैली कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें करीब 20 हजार लोग शामिल हुए थे।
‘हाउडी-मोदी’ कार्यक्रम का थीम ‘शेयर्ड ड्रीम्स एंड ब्राइट फ्यूचर: इंडिया अमेरिका स्टोरी’ रखा गया है।
श्री मोदी ने प्रवासी भारतीयों के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार करने पर अमेरिकी राष्ट्रपति का शुक्रिया अदा करते हुए सोमवार को कहा कि श्री ट्रंप की सहमति अमेरिकी समाज और अर्थव्यवस्था के लिए भारतीय समुदाय के योगदान और संबंधों की ताकत दर्शाती है।
श्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के शामिल होने की पुष्टि होने पर खुशी व्यक्त करते हुए ट््वीट किया, ‘‘यह जानकर खुशी हुयी कि 22 सितम्बर को ह्यूस्टन में आयोजित होने वाले भारतीयवंशियों के कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति शामिल होगें। यह अमेरिकी समाज और अर्थव्यवस्था के लिए भारतीय समुदाय के योगदान और हमारे संबंधों की ताकत को दर्शाता है। मैं भारतीय समुदाय के साथ श्री ट्रम्प का कार्यक्रम में स्वागत करने के दिन का उत्सुकता से इंतजार कर रहा हूं।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘टेक्सास इंडिया फोरम की ओर से इस कार्यक्रम को एक सामुदायिक शिखर सम्मेलन के तौर पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें भारतीय समुदाय के हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है। टेक्सास, अमेरिका में जनसंख्या और अर्थव्यवस्था के मामले में सबसे तेजी से बढ़ता हुआ बड़ा राज्य है। ’’
व्हाइट हाउस ने रविवार देर रात श्री ट्रंप के इस कार्यक्रम में शामिल होने की पुष्टि की। इस रैली को श्री ट्रम्प भी संबोधित करेंगे और संभवत: आधुनिक इतिहास का पहला मौका होगा जब दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों प्रमुख एक साथ किसी मंच को साझा करेंगे।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष फरवरी में पुलवामा आतंकवादी हमला, बालाकोट एयर स्ट्राइक्स और विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की घटनाओं के बाद भारत और पाकिस्तान के संबंधों में आया तनाव पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाये जाने के बाद चरम पर पहुंच गया है। 
भारत ने कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के पाकिस्तान के प्रयासों का मुंहतोड़ जवाब दिया है और इस मसले में किसी ‘तीसरे पक्ष’ के हस्तक्षेप के प्रयासों का कड़ा विरोध किया है।(स्पूतनिक)
 


Date : 16-Sep-2019

पाकिस्तान, 16 सितंबर । पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक बच्चे के पिता द्वारा एक स्कूल के हिंदू प्रधानाचार्य के खिलाफ ईश निंदा की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा देने पर दंगा भडक़ गया। दंगाइयों ने स्कूल में घुसकर तोडफ़ोड़ करने के बाद तीन हिंदू मंदिरों पर भी हमला बोलकर उसे ध्वस्त कर दिया। हिंदू समुदाय के कई घरों में भी तोडफ़ोड़ की गई है। दंगाई भीड़ प्रधानाचार्य को उनके हवाले करने की मांग कर रही थी। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने सरकार से अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा की मांग की है। पूरे प्रांत में हिंदू समुदाय के लोगों में घटना के बाद से खौफ का माहौल बना हुआ है।
पाकिस्तानी समाचार पत्र द डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, सिंध के घोटकी जिले में सिंध पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य नोटन मल के खिलाफ एक बच्चे के पिता अब्दुल अजीज राजपूत की तरफ से कथित तौर पर ईशनिंदा किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद शनिवार को उग्र प्रदर्शन शुरू हो गया। उग्र भीड़ अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के प्रधानाचार्य पर कार्रवाई की मांग कर रही थी। पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग की तरफ से शेयर किए गए वीडियो में दिखाया गया है कि उग्र भीड़ ने स्कूल में घुसकर जबरदस्त तोडफ़ोड़ कर दी। आयोग ने हालात पर चिंता जताते हुए ट्वीट किया है। उधर, सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़े कई वीडियो जमकर वायरल हो रहे हैं, जिनमें उग्र दंगाइयों की भीड़ एक हिंदू मंदिर में घुसकर उसे ध्वस्त करते हुए दिखाई दे रही है। इसके बाद भीड़ स्कूल में घुसकर तोडफ़ोड़ करती भी दिखाई दे रही है। घोटकी के आसपास के शहरों मीरपुर मथेलो और आदिलपुर में भी प्रदर्शनकारियों ने सडक़ों पर जाम लगाते हुए प्रधानाचार्य की गिरफ्तारी की मांग की है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों ने ट्विटर पर दंगे की वीडियो और फोटो अपलोड किए हैं। साथ ही सिंध सरकार से अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की सुरक्षा के उपाय करने की मांग की है। मानवाधिकार कार्यकर्ता सत्तार जंगजू के मुताबिक, दंगों के कारण क्षेत्र में हिंदू समुदाय के लोग अपने घरों में बंद हो गए हैं। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के सांसद रमेश कुमार वांकवानी ने तीन हिंदू मंदिरों, एक निजी स्कूल और हिंदू समुदाय के कई घरों में तोडफ़ोड़ करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि प्रधानाचार्य को सुरक्षा कारणों से अज्ञात जगह रखा गया था और आगे की जांच के लिए उसे हैदराबाद के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल नईम शेख के हवाले कर दिया गया है। पाकिस्तान हिंदू काउंसिल के भी अध्यक्ष वांकवानी ने पुलिस से दंगाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।  
उधर, घोटकी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फर्रुख लंजार ने मीडिया से कहा कि पुलिस ने क्षेत्र में हालात पर काबू कर लिया है। सुक्कूर के अपर पुलिस महानिरीक्षक (एआईजीपी) जमील अहमद ने भी एक ट्वीट में चिंताजनक हालात होने की बात स्वीकार की है। अहमद ने ट्वीट में आरोपी प्रधानाचार्य को पुलिस हिरासत में ले लिए जाने की पुष्टि करते हुए कहा है कि अब वह पूरी तरह सुरक्षित हैं।
स्थानीय मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक, दंगों के पीछे विवादित धार्मिक नेता पीर अब्दुल हक उर्फ मियां मि_ू का हाथ है। स्कूल और मंदिर पर हमला करने वाले दंगाई मियां मि_ू के ही समर्थक बताए जा रहे हैं। बता दें कि मियां मि_ू सिंध में हिंदू युवतियों के जबरन धर्म परिवर्तन के लिए कुख्यात है और उसकी इस हरकत की निंदा वैश्विक मीडिया में भी हो चुकी है। मियां मि_ू को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का करीबी बताया जाता है।(अमर उजाला)
 


Date : 16-Sep-2019

नई दिल्ली, 16सितंबर। नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई के कश्मीर को लेकर ट्वीट करने पर भारत की स्टार निशानेबाज हिना सिद्धू भडक़ गई और उन्होंने करारा जवाब दिया। दरअसल मलाला यूसुफजई ने ट्वीट करके कहा था कि वह कुछ दिन पहले कश्मीर आई थीं और उन्होंने वहां लोगों के साथ समय बिताया। मलाला यूसुफजई ने कश्मीरी लड़कियों की शिक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर लिखा। जिसके जवाब में हिना ने कहा कि आपका कहना है कि कश्मीर पाकिस्तान को दे दिया जाए, क्योंकि वहां पर लड़कियों की शिक्षा के मामले में आपकी ही तरह अच्छे मौके हैं। हिना ने मलाला यूसुफजई को याद दिलाया कि कैसे पाकिस्तान में शिक्षा के कारण ही उनकी जान जाते-जाते बची थी। भारत की इस स्टार निशानेबाज ने कहा कि आपने अपना देश  छोड़ दिया और कभी लौट के नहीं गईं। उन्होंने कहा कि पहले वह पाकिस्तान जाकर एक उदाहरण पेश करें।
मलाला यूसुफजई ने ट्वीट करके कहा था कि कश्मीर में लड़कियां स्कूल नहीं जा पा रहीं, जिससे वह निराश हैं। अपने ट्वीट में उन्होंने दावा किया कि कश्मीर में तीन लड़कियों से उनकी बात हुई। जिसमें से एक ने कहा कि इस हालात में वे स्कूल नहीं जा पा रही और इसी कारण वह 12 अगस्त को परीक्षा भी नहीं दे पाईं। उनके इस ट्वीट के बाद दुनिया की पूर्व नंबर एक निशानेबाज हिना ने उन्हें याद दिलाया कि कैसे स्कूल जाने पर पाकिस्तान में तालिबानियों ने उनके सिर में गोलियां मार दी थी। पाकिस्तान में इलाज के दौरान उनकी हालात गंभीर हो गई थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए ब्रिटेन भेज दिया गया। जहां मुश्किल से उनकी जान बच पाई। उसके बाद मलाला वहीं पर बस गईं। (न्यूज18)
 


Date : 16-Sep-2019

नई दिल्ली, 16 सितंबर। यमन के हूथी विद्रोहियों ने शनिवार सुबह सऊदी अरब की कच्चे तेल की रिफाइनरी पर ड्रोन हमले किए थे। इससे दुनियाभर में कच्चे तेल की सप्लाई पर असर पड़ेगा और इसके असर से भारत की अछूता नहीं रहेगा। सऊदी तेल कंपनी अरामको ने कहा कि वह अगले करीब दो दिनों तक उत्पादन को कम रखेगी ताकि क्षतिग्रस्त हुए तेल के कुओं की मरम्मत की जा सके। इस हमले के बाद ईरान और अमेरिका एक-दूसरे पर उंगली उठा रहे हैं। वहीं  सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री ने शुरुआती अनुमान के आधार पर बताया कि हमले से प्रतिदिन 57 लाख बैरल तेल उत्पादन घट गया है।  ईथेन और नेचुरल गैस की सप्लाई भी आधी प्रभावित हुई है। इन हमलों का निशाना सिर्फ सऊदी अरब ही नहीं बल्कि दुनिया की तेल सप्लाई और सुरक्षा पर भी था।  
अब सवाल ये है कि सऊदी अरब में तेल उत्पादन पर असर भारत को कितना प्रभावित कर सकता है। भारत दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है।  सऊदी अरब कच्चे तेल, रसोई गैस का भारत का दूसरा सबसे बड़ा सप्लायर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़त का असर भारत के आयात बिल पर अगर एक डॉलर प्रति बैरल बढ़ा तो भारत का बिल सालाना 10,700 करोड़ रुपये बढ़ जाएगा।
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पेओ ने एक ट्वीट कर हमले के पीछे ईरान का हाथ बताया। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब पर करीब सौ हमलों के पीछे ईरान का हाथ है। ईरान ने अब दुनिया की तेल सप्लाई पर हमला किया है। इस बात के सबूत नहीं है कि हमला यमन की ओर से हुआ है। इस बीच ईरान ने अमेरिका के इन आरोपों का सिरे से खंडन कर दिया है। उसने इन आरोपों बेबुनियाद और अर्थहीन बताया है।  इस बीच सभी की निगाहें तेल की कीमतों पर लगी हैं। कुछ जानकार तो कह रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें 10 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ सकती हैं। अगर ऐसा हुआ तो भारत के तेल आयात पर ये एक बड़ा बोझ साबित होगा।  (एनडीटीवी)
 

 


Date : 16-Sep-2019

बगोटा, 16 सितंबर। कोलंबिया के दक्षिणपूर्व  पोपायन शहर में रविवार को एक छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें  कम से कम सात लोगों की मौत हो गयी तथा दो अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। 
स्थानीय मीडिया के अनुसार कल पोपायन से लोपेज के लिए  उड़ान भरने वाला ट््िवन-इंजन पाइपर पीए-31-350 विमान के तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका है।
पोपायन के मेयर सेसर गोमेज ने बताया कि सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि दो अन्य घायल हुए हैं। घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। (वार्ता) 
 


Date : 16-Sep-2019

न्यूयॉर्क, 16 सितम्बर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 22 सितम्बर को अमेरिका के ह्यूस्टन में एक ऐसे बड़े कार्यक्रम में शामिल होंगे जो इतिहास के पन्नों में दो बड़े लोकतांत्रिक  एवं शक्तिशाली देशों के प्रमुखों के मंच साझा करके 50 हजार से अधिक लोगों को संबोधित करने के लिए दर्ज हो जायेगा।
वाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी स्टेफिनी ग्रिशेम ने बयान जारी करके बताया कि इस कार्यक्रम में करीब 50 अमेरिकी सांसदों और भारी संख्या में भारतीय समुदाय के लोगों समेत 50 हजार से  ज्यादा लोगों के हिस्सा लेने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम के लिए 50 हजार से अधिक लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं और आठ हजार लोग प्रतीक्षा सूची  में हैं। प्रवक्ता ने कहा, श्री ट्रम्प ने इस कार्यक्रम में शामिल होने की स्वीकृति दे दी है। श्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के इस कार्यक्रम में शामिल की खबर पर खुशी जाहिर की है।
पोप के बाद अमेरिका में किसी विदेशी नेता के लिए आयोजित होने वाला सबसे बड़ा कार्यक्रम होगा। श्री मोदी के दोबारा सत्ता में आने के बाद अमेरिका में यह पहला कार्यक्रम होगा। यह कार्यक्रम टेक्सास के ह्यूस्टन में आयोजित किया गया है।
‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम दो ताकतवर देशों के और करीब आने की अमर कहानी रचने के साथ ही द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती और विस्तार देने में अहम भूमिका निभायेगा। ऐसा पहली बार होगा जब श्री ट्रम्प और श्री मोदी की उपस्थिति में हजारों अमेरिकी और भारतीय नागरिक एक  साथ किसी कार्यक्रम में होंगे।
अमेरिका में भारतीय राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला ने श्री ट्रंप के इस कार्यक्रम में शामिल होने को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति का यह कदम भारत और अमेरिका  की दोस्ती की घनिष्ठता का परिचायक है। 
इससे पहले श्री मोदी के लिए मैडिसन स्क्वायर गार्डन और  कैलिफोर्निया के सिलिकॉन वैली कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें करीब 20 हजार लोग शामिल हुए थे।
 ‘हाउडी-मोदी’  कार्यक्रम का थीम, शेयर्ड ड्रीम्स एंड ब्राइट फ्यूचर: इंडिया अमेरिका स्टोरी, रखा गया है। (वार्ता)
 


Date : 15-Sep-2019

ऑक्सफोर्डशायर, १५ सितंबर। १८ कैरट सोने से बना ये टॉयलेट पहले न्यूयॉर्क के संग्रहालय में प्रदर्शित किया गया गया था। १८ कैरेट सोने से बना टॉयलेट ऑक्सफोर्डशायर के ब्लेनहेम पैलेस से तड़के चोरी हो गया।
थेम्स वैली पुलिस के मुताबिक एक गैंग ऑक्सफोर्डशायर में स्थित इस पैलेस में घुसा और इस कलाकृति को चुरा लिया। सोने का ये टॉयलेट इटली के एक कलाकार मौरिजियो कैटेलन की रचना थी। ये उस एक प्रदर्शनी का हिस्सा था जो गुरुवार को खुली थी।
ये टॉयलेट इस्तेमाल में था और दर्शकों को इसे इस्तेमाल करने के लिए बुलाया गया था। अभी तक ये टॉयलेट नहीं मिला है लेकिन एक ६६ साल के एक व्यक्ति को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने बताया कि इस चोरी के चलते इमारत को भी नुकसान पहुंचा है क्योंकि टॉयलेट को उखाड़े जाने के बाद वहां पानी भर गया।
१८वीं सदी का ब्लेनहेम पैलेस एक विश्व विरासत स्थल है जहां ब्रितानी प्रधानमंत्री सर विंस्टन चर्चिल का जन्म हुआ था। फिलहाल जांच के चलते इसे बंद किया गया है।
ड्यूक ऑफ मोलबोरा के सौतेले भाई एडवर्ड स्पेंसर चर्चिल ने पिछले महीने कहा था कि वो कलाकृतियों की सुरक्षा के लेकर निश्चिंत हैं। यहां से कुछ चुराना आसान नहीं होगा। यहां आने वालो लोगों को राजगद्दी के इस्तेमाल की भी इजाजत थी पर सिर्फ तीन मिनट के लिए ताकि लाइन से बचा जा सके।
डिटेक्टिव इंस्पेक्टर जेस मिलन ने कहा, जिस कलाकृति को चुराया गया है उसकी कीमत बहुत ज़्यादा है। उसे सोने से बनाया गया था और प्रदर्शनी के लिए रखा गया था।
हमें लगता है कि चोरों ने दो गाडिय़ों का इस्तेमाल किया होगा। कलाकृति अभी तक नहीं मिली है लेकिन हम जांच कर रहे हैं। ब्लेनहेम पैलेस की ओर से एक ट्वीट में जानकारी दी गई है कि पैलेस पूरे दिन के लिए बंद रहेगा और रविवार को खुलेगा।
साल २०१७ में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को ये सोने का ये टॉयलेट देने की पेशकश की गई थी। (बीबीसी)

 


Date : 15-Sep-2019

ब्रिसबेन, 15 सितंबर। एक पिता को बेटे के साथ रेप करने के लिए सिर्फ 2 साल जेल में रहना होगा। ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन के रहने वाले 41 साल के पिता पर 2002-2005 के बीच बेटे के साथ रेप करने के आरोप थे। कोर्ट ने उन्हें 5 साल की जेल की सजा सुनाई, लेकिन 2 साल जेल में रहने के बाद उनकी सजा पूरी तरह स्थगित रहेगी। 
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, पिता हफ्ते में पांच बार तक बेटे से रेप करते थे। इसके अलावा उन्होंने अन्य बच्चों के साथ भी यौन हिंसा की थी। पिता ने 16 साल की उम्र में ही पहली बार सेक्स क्राइम किया था। 
कोर्ट में पिता ने बेटे के साथ रेप करने की बात स्वीकार कर ली। जानकारों ने कहा है कि दोषी शख्स के दोबारा ऐसे अपराध करने की आशंका काफी अधिक है। सोशल मीडिया पर कई स्थानीय लोगों ने सजा पर विरोध भी जताया है। 
कोर्ट को यह भी बताया गया था कि आरोपी ने अपनी एक भतीजी के साथ भी हिंसा की थी। साउथपोर्ट डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज ने शख्स के अपराध को जघन्य कहा, लेकिन लंबी सजा नहीं दी। 
पिता के बचाव में उनके वकील ने कोर्ट में कहा कि बचपन में वे खुद यौन दुर्व्यवहार के शिकार हुए थे। कानूनी वजहों से पिता का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है और न ही बच्चे की मां सहित अन्य जानकारी दी गई है। 
(आजतक)