अंतरराष्ट्रीय

Date : 15-Jul-2019

सैन फ्रांसिस्को, 15 जुलाई । कैलिफोर्निया की एक 11 वर्षीय लडक़ी के एप्पल आईफोन 6 में आग लगने से उसकी चादर में छेद हो गया, जिसके बाद उसने उपकरण को फेंक दिया। 9 टू 5 मैक ने किशोरी के हवाले से कहा, मैं अपने फोन को पकडक़र बैठी हुई थी, तभी मैंने आईफोन से हर जगह से चिंगारियों को निकलते देखा।
उसने कहा, मैं ठीक यहां बिस्तर पर बैठी थी, जब फोन से मेरी चादर में आग लग गई और इसमें छेद हो गए।
किशोरी की मां मारिया अडाटा ने एप्पल स्पोर्ट को फोन डायल किया, जिसके बाद उन्हें आईफोन की तस्वीरें भेजने और खुदरा विक्रेता को फोन करने का वहां से निर्देश दिया गया।
टॉन्टरे 23 डॉट कॉम ने मां के हवाले से कहा, यह मेरी बच्ची के साथ हो सकता था, हो सकता था कि मेरी बच्ची को आग लग जाती और वह घायल हो जाती। मुझे खुशी है कि वह ठीक है।
आईफोन बनाने वालों के अनुसार, बहुत सी चीजें ऐसी हैं, जिनके चलते एक आईफोन में आग लग सकती है, जैसे अनाधिकृत चार्जिग केबल और चार्जरों का उपयोग। हालांकि ऐसा नहीं है, जब पहली बार आईफोन में आग लगी है। 
दो साल पहले, ट्विटर पर एक वीडियो वायरल हो गया था, जिसमें दावा किया गया कि आईफोन 7 प्लस में आग लगी है। दिसंबर में एक ओहियो आदमी ने कहा था कि उसके आईफोन एक्स एस मैक्स में आग लगी और वह उसकी जेब में ही फट गया। (आईएएनएस)
 


Date : 15-Jul-2019

इस्लामाबाद 15 जुलाई । पाकिस्तान के पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में पोलियो के चार और मामले सामने आने के बाद इस वर्ष अब तक पूरे देश में यह संख्या बढक़र 45 पर पहुंच गई है।  
नेशनल इंस्टीट््यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच) पोलियो वायरोलॉजी लेबोरेटरी के एक अधिकारी ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए बताया कि लाहौर, झेलम, बन्नू और लक्की मरवात से पोलियो के चार नये मामले सामने आए हैं। 
उन्होंने कहा, लाहौर में नौ महीने का लडक़ा, झेलम में चार साल की लडक़ी, बानू में छह महीने के लडक़े और लक्की मरवत में 12 महीने की लडक़ी में पोलियो बीमारी के वायरस की पुष्टि की गई है। मल के नमूने पिछले महीने प्राप्त हुए थे, लेकिन रविवार को इसकी पुष्टि की गई।
गौरतलब है कि इस वर्ष अब तक पूरे देश में पोलियो के 45 मामले सामने आ चुके हैं जबकि पिछले वर्ष केवल 12 मामले सामने आये थे। यही नहीं वर्ष 2017 में तो पोलियो के केवल आठ मामले ही सामने आये थे। चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों के बीच देश में पोलियों के बढ़ते मामले गंभीर चिंता का विषय हैं तथा सरकार भी इस बात को लेकर काफी गंभीर है। 
समाचारपत्र डॉन के मुताबिक पोलियो उन्मूलन पर प्रधानमंत्री के सहायक बाबर बिन अत्ता ने पुष्टि की कि चार और बच्चे पोलियो के वायरस से संक्रमित हैं। उन्होंने कहा, कुछ सकारात्मक चीजें हैं जिन्हें एकत्र किया गया है। झेलम की चार साल की बच्ची को स्ट्रोक का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उसका प्रतिरक्षा स्तर नीचे चला गया। स्ट्रोक के कारण लडक़ी को लकवा मार गया था। जैसा कि उसके नमूने में पोलियो वायरस पाया गया था इसलिए इसे पोलियो का मामला घोषित किया गया है। हालांकि, यह दर्शाता है कि लडक़ी पर वायरस ने तब हमला किया जब उसकी प्रतिरक्षा स्तर नीचे चला गया था। दूसरी बात जो यह दर्शाता है कि हमारा निगरानी स्तर बहुत अधिक है।
पोलियो एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है जो पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मुख्य रूप से अपना निशाना बनाती है। इसका वायरस तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है जिससे लकवा मार सकता है या मौत भी हो सकती है। पोलियो का कोई इलाज नहीं है हालांकि बच्चों को इस गंभीर बीमारी से बचाने के लिए टीकाकरण सबसे प्रभावी तरीका है। हर बार जब पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे को टीका लगाया जाता है, तो वायरस के खिलाफ उनकी सुरक्षा बढ़ जाती है। बार-बार के प्रतिरक्षण ने लाखों बच्चों को पोलियो से बचाया है, जिससे दुनिया के लगभग सभी देश पोलियो मुक्त हो गए हैं। (वार्ता)
 


Date : 15-Jul-2019

वाशिंगटन, 15 जुलाई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विवादों का चोली-दामन का साथ बन गया है। ताजा विवाद उनके हालिया ट्वीटों पर है जिनमें उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की कुछ महिला सांसदों को निशाना बनाया है। डोनाल्ड ट्रंप का कहना था कि इन सांसदों को वहीं लौट जाना चाहिए जहां से वे आई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि इन सांसदों ने अमेरिका के बारे में बहुत सी भयानक बातें कही हैं जिन्हें चुनौती देना जरूरी है। डोनाल्ड ट्रंप का यह भी कहना था कि इन सांसदों को अमेरिका की आलोचना के बजाए अपने देश के हाल ठीक करने चाहिए। उन्होंने किसी का नाम तो नहीं लिया पर माना जा रहा है कि उनका निशाना अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज, राशिदा तालिब, इल्हान उमर और अयना प्रेसले हैं जिन्होंने मैक्सिको सीमा पर मौजूद शरणार्थी हिरासत केंद्रों में हालात खराब होने का आरोप लगाते हुए ट्रंप प्रशासन की आलोचना की थी।
इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप पर नस्लवाद के आरोप लग रहे हैं। अमेरिका के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने राष्ट्रपति की इन टिप्पणियों को विभाजनकारी करार दिया है। डेमोक्रेटिक नेताओं का समर्थन करते हुए उन्होंने ट्टीट किया, ‘जब डोनाल्ड ट्रंप चार अमेरिकी सीनेटरों को अपने देश वापस जाने के लिए कहते हैं तो इससे उनके मेक अमेरिका ग्रेट अगेन की योजना साफ हो जाती है। वे हमेशा से अमेरिका को व्हाइट बनाना चाहते हैं। हमारी विविधता हमारी ताकत है और हमारी एकता हमारी शक्ति है।’
सीनेटर कमला हैरिस ने भी इन टिप्पणियों की आलोचना की है। उनका कहना था, ‘ये पुराना तरीका है।कह देना कि जहां से आए थे वहीं चले जाए। ऐसी बातें सडक़ों पर सुनाई देती हैं, लेकिन इन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति की जुबान पर नहीं होना चाहिए।’
 


Date : 14-Jul-2019

ढाका, 13 जुलाई । बंगलादेश में शनिवार को बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। 
बंगलादेश में बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाएं हुईं जिनमें इन लोगों की मौत हो गई। 
बिजली गिरने की एक घटना हुई जिसमें एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। बंगलादेश में इस वर्ष बिजली गिरने से मरने वालों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। एक गैर-सरकारी संगठन की ओर से एकत्र की गई जानकारी के मुताबिक इस वर्ष मई और जून में कम से कम 126 लोगों की मौत हुई है।  आंकड़ों के मुताबिक मारे गए लोगों में 21 महिलाएं, सात बच्चे और 98 पुरुष शामिल हैं। (वार्ता)


Date : 13-Jul-2019

इस्लामाबाद, 13 जुलाई । पाकिस्तान में आज आम इंसान से लेकर बिजनेसमैन तक सडक़ पर उतर आए हैं, जिससे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल इमरान सरकार के एक फैसले से पाकिस्तानी बैचेन हो गए हैं। पाकिस्तान के तमाम बड़े शहर आज बंद हैं, बंद को पाकिस्तान के विपक्षी दलों ने भी समर्थन दिया है। 
दरअसल पाकिस्तान की आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए इमरान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से कर्ज लेने का फैसला किया। आईएमएफ से कर्ज की मंजूरी भी मिल गई है। लेकिन कर्ज की शर्तों ने पाकिस्तानियों में बेचैनी पैदा कर दी है, और शनिवार इसी के खिलाफ लोग सडक़ पर उतर कर विरोध कर रहे हैं। 
फिलहाल आईएमएफ से आठ अरब डॉलर का कर्ज अब इमरान सरकार के गले की हड्डी बन गया है। कारोबारियों का कहना है कि आईएमएफ के इशारे पर तैयार बजट ने गरीबों की जिंदगी और मुश्किल बना दी है। उन्होंने कहा कि सरकार क्यों नहीं यह बात समझती कि जब कारोबार ही नहीं बचेगा तो टैक्स कहां से आएगा। आज इमरान सरकार की एक तरह से पहली बड़ी अग्निपरीक्षा है। 
पाकिस्तान की कारोबारी बिरादरी ने आज देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। जिसका असर दिख भी रहा है। कराची और इस्लामाबाद में सबसे ज्यादा असर दिख रहा है। पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रपटों में कहा गया है कि इस हड़ताल को टालने की कोशिशों को गुरुवार को तब धक्का लगा, जब कराची में प्रधानमंत्री इमरान खान से व्यापारी नेताओं की बातचीत बेनतीजा रही। 
कारोबारी संगठनों का कहना है कि केंद्रीय बजट में कर से जुड़े प्रावधानों के खिलाफ देश में बंद का आह्वान किया है। उनका कहना है कि उन्हें इससे आपत्ति नहीं है कि सरकार कर दायरे को बढ़ाना चाहती है, लेकिन यह डंडे के जोर पर किया जा रहा है जो मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में उद्योग-धंधों का बुरा हाल है। अर्थव्यवस्था का कोई क्षेत्र ऐसा नहीं है, जिसमें दिक्कत न हो। ऐसे में कारोबारियों के साथ जोर-जबरदस्ती मंजूर नहीं की जा सकती।
कारोबारियों के संगठन ऑल पाकिस्तान मरकजी अंजुमन-ए-ताजिरान के अध्यक्ष अजमल बलोच ने इस्लामाबाद में कहा कि यह हड़ताल सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि आईएमएफ के निर्देश पर बजट में किए गए कारोबारी विरोधी कर प्रावधान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि आईएमएफ ने खुद अपनी जारी रिपोर्ट में जिन शर्तों का उल्लेख किया है, उनसे कारोबार और अर्थव्यवस्था की हालत और खस्ता होगी।
उधर, लाहौर में ऑल पाकिस्तान अंजुमन-ए-ताजिरान के महासचिव नईम मीर ने भी बुधवार को सम्मेलन में कहा था कि 13 जुलाई को पाकिस्तान में हड़ताल रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ कारोबारी तब तक वार्ता नहीं करेंगे, जब तक सरकार अनुचित टैक्स को वापस नहीं ले लेती।
व्यापारी वर्गों का कहना है कि पाक सरकार को आईएमएफ के बीच जो डील हुई है उससे पाकिस्तान में रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं की कीमतों में करीब 30 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे जनता की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। 
पाकिस्तान की सरकार अभी तक जनता को जो करों में राहत दे रही थी, उसे वापस लेना होगा। इसके अलावा नए करों को लागू करना है। यही नहीं, आईएमएफ का कहना है कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान की सरकार को सरकारी नौकरियों में भी कटौती करनी होगी, ताकि सरकार पर आर्थिक बोझ कम हो सके। जिसके बाद से ही विरोध हो रहा है। (आजतक)