राष्ट्रीय

Date : 22-Aug-2019

नई दिल्ली, 22 अगस्त । भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की दिल्ली में गिरफ्तारी का कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने विरोध किया है। गुरुवार को प्रियंका गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा, दलितों की आवाज का ये अपमान बर्दाश्त से बाहर है। यह एक जज्बाती मामला है। उनकी आवाज का आदर होना चाहिए।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, बीजेपी सरकार पहले करोड़ों दलित बहनों-भाइयों की सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक रविदास मंदिर स्थल से खिलवाड़ करती है और जब देश की राजधानी में हजारों दलित भाई-बहन अपनी आवाज उठाते हैं तो बीजेपी उन पर लाठी बरसाती है, आंसू गैस चलवाती है, गिरफ्तार करती है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रविदास मंदिर ढहाए जाने का विरोध बुधवार को राजधानी के कई इलाकों में देखने को मिला। विरोध जताने के लिए देश के कोने-कोने से समर्थक मध्य दिल्ली स्थित रामलीला मैदान में आकर इक_े हुए। इस भीड़ के चलते दिल्ली के कई जिलों में जाम के हालात पैदा हो गए।
दक्षिण-पूर्व दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में विरोधस्वरूप इक_ी हुई भीड़ बेकाबू हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, गुस्साई और बेकाबू भीड़ ने मौके पर मौजूद अर्धसैनिक बलों और दिल्ली पुलिस पर अचानक हमला बोल दिया। लाउडस्पीकर से भीड़ को संयम बरतने की बार-बार चेतावनी दी जाती रही। इसके बाद भी भीड़ काबू नहीं आई। पुलिस ने इस मामले में भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर को गिरफ्तार कर लिया। प्रियंका गांधी ने इस गिरफ्तारी पर विरोध जताया है।(आईएएनएस)
 


Date : 22-Aug-2019

लखनऊ, 22 अगस्त । यूपी की राजधानी लखनऊ में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक व्यक्ति ने लखनऊ सिविल कोर्ट परिसर के अंदर अपनी पत्नी को तीन तलाक दे दिया। पत्नी की कुसूर सिर्फ इतना था कि उसने अपने पति से च्युइंगम लेने से इनकार कर दिया था।
आजतक से बात करते हुए, इंदिरा नगर निवासी 30 वर्षीय सिम्मी ने बताया कि 2004 में उसकी शादी सईद राशिद के साथ हुई थी। शादी के तुरंत बाद पति और ससुरालवाले उसे और उसके परिवार को दहेज के लिए परेशान करने लगे थे। इस बात से परेशान होकर सिम्मी ने ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीडऩ का मामला दर्ज कराया था।
सिम्मी के मुताबिक सोमवार को उसका पति इसी दहेज उत्पीडऩ मामले की सुनवाई के लिए सिविल कोर्ट आया था। उस वक्त सिम्मी अपने वकील से बात कर रही थी। इसी दौरान सईद उसके पास आया और उसे एक च्युइंगम देने लगा। लेकिन सिम्मी ने उसे लेने से इनकार कर दिया।
ये बात सईद को इतनी नागवार गुजरी कि उसने गुस्से में आकर सिम्मी के साथ गाली गलौच की और फिर उसे तीन बार तालक बोल दिया। ट्रिपल तालाक देने के तुरंत बाद वह अदालत परिसर से बाहर चला गया। इसके बाद पीडि़त सिम्मी ने वजीरगंज पुलिस स्टेशन में मामले की शिकायत दर्ज कराई।
हालांकि सिम्मी ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस ने मामला दर्ज कराने के बाद भी उसके आरोपी पति सईद राशिद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक (एसपी) विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि दंपति के बीच चल रहा विवाद अदालत में लंबित है।
पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी के मुताबिक महिला ने जो शिकायत दी थी, उसी शिकायत के आधार पर उसके पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।(आजतक)
 


Date : 22-Aug-2019

नई दिल्ली, 22 अगस्त । पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार उनके पिता को खामोश करना चाहती है क्योंकि विपक्ष में वो सबसे बड़े आलोचक हैं। कार्ति ने दिल्ली के जोर बाग स्थित आवास पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि जो केस है ही नहीं, उसे सरकार अपने सबसे मुखर आलोचक को परेशान करने के लिए राजनीतिक औजार बना रही है।
चिदंबरम को बुधवार की शाम उनके घर से सीबीआई मुख्यालय ले जाया गया था और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।  शिवगंगा से कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि हम दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश से पूरी तरह असहमत हैं इसलिए उसे चुनौती दे रहे हैं। मुझे खुद 20 बार समन किया गया, चार बार छापेमारी की गई और मैं सीबीआई का दस दिन तक ‘मेहमान’ रहा। हम फिर इस सबका सामना करेंगे।
आईएनएक्स मीडिया केस में सीबीआई की एपु्रवर इंद्राणी मुखर्जी की ओर से दिए गए नए लीड को खारिज करते हुए कार्ति ने कहा, ‘मैं कभी इंद्राणी मुखर्जी से नहीं मिला सिवाय तब जब जेल में सीबीआई ने सामने पूछताछ कराई थी। ना ही मैं पीटर मुखर्जी को जानता हूं। 
कार्ति ने कहा कि मैं एफआईपीबी को नहीं जानता हूं, न ही यह जानता हूं कि ये कैसे काम करता है। मैं सांसद हूं, मेरी संपत्ति और देनदारियों की जानकारी पब्लिक डोमेन में हैं। वो कहानियां गढ़ रहे हैं, वह चार्जशीट क्यों नहीं दायर करते। उन्होंने कहा कि मेरी कोई शैल कंपनी नहीं हैं और न ही मैं एएससीएल का डायरेक्टर हूं। कार्ति ने कहा कि इस कंपनी से मेरा किसी तरह का नाता नहीं है।(आजतक)
 


Date : 22-Aug-2019

नई दिल्ली, 22 अगस्त । पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ जो केस दर्ज हुआ है, वह पीटर मुखर्जी के पत्नी इंद्राणी मुखर्जी के बयान के आधार पर ही दर्ज हुआ है। 
इंद्राणी मुखर्जी ने अपने बयाने में कहा था कि एफआईपीबी मंजूरी में हुए उल्लंघन को कथित तौर पर रफा-दफा करने के लिये 10 लाख डॉलर की कार्ति की मांग को दंपति ने कबूल कर ली थी। इंद्राणी 11 जुलाई को सीबीआई मामले में इकबालिया गवाह बन गई थी। पीटर मुखर्जी और इंद्राणी का नाम आईएनएक्स मीडिया द्वारा प्राप्त धन के लिये 2007 में विदेशी निवेश संवद्र्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की अवैध तरीके से मंजूरी हासिल करने से संबंधित मामले में सामने आया था।
इंद्राणी आईएनएक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की पूर्व निदेशक है। मीडिया कारोबारी पीटर मुखर्जी और उनकी पत्नी इंद्राणी मुखर्जी दोनों शीना बोरा हत्याकांड में जेल में बंद हैं। शीना बोरा इंद्राणी और उनके पहले पति की बेटी थी। प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपने मामले पर बहस करने के लिए इंद्राणी मुखर्जी के बयान को आधार बनाया। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को पी चिदंबरम को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद वह बुधवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से उन्हें फौरी राहत नहीं मिली। बुधवार शाम को सीबीआई ने चिदंबरम को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। 
सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि इंद्राणी मुखर्जी ने प्रवर्तन निदेशालय को बताया कि चिदंबरम ने आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश की मंजूरी के बदले में कार्ति चिदंबरम की उसके कारोबार में मदद करने के लिए कहा था। 
तमिलनाडु के शिवगंगा से सांसद कार्ति फिलहाल जमानत पर हैं। उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय ने 23 मार्च 2018 को जमानत दी थी। सीबीआई ने 15 मई 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें मीडिया समूह को 2007 में 305 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश हासिल करने के लिये अवैध तरीके से एफआईपीबी मंजूरी दिये जाने का आरोप लगाया गया था। उस वक्त चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे। इसके बाद ईडी ने भी कंपनी के संस्थापकों पीटर और इंद्राणी मुखर्जी और अन्य के खिलाफ धन शोधन कानून के तहत मामला दर्ज किया था। कार्ति को 28 फरवरी 2018 को सीबीआई ने ब्रिटेन से उनके लौटने के बाद गिरफ्तार किया था।
सीबीआई ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया से संबंधित मामले में एक नाटकीय घटनाक्रम के बाद बुधवार रात को गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी के अधिकारी पूर्व वित्त मंत्री को उनके आवास से सीबीआई मुख्यालय ले गये। इससे पहले चिदंबरम कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करने के बाद अपने आवास पर पहुंचे थे। सीबीआई के अधिकारियों की टीम दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ जोर बाग स्थित चिदंबरम के आवास पर पहुंची। कुछ देर मुख्य दरवाजा खटखटाने के बाद अधिकारियों ने परिसर की दीवार फांदकर घर में प्रवेश किया। सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा कि चिदंबरम को एक सक्षम अदालत द्वारा जारी वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।(एनडीटीवी)
 


Date : 22-Aug-2019

नई दिल्ली, 22 अगस्त । दिल्ली के तुगलकाबाद में हिंसा फैलाने का मामला में कुल 91 लोग गिरफ्तार हुए हैं। भीम आर्मी के चीफ चन्द्रशेखर आजाद को भी गिरफ्तार किया गया है। चन्द्रशेखर आजाद पर दंगा फैलाना, सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, आगजनी करना और पुलिसकर्मियों पर हमला करने का आरोप है। इस घटना में 15 से ज्यादा पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। सभी आरोपियों को आज साकेत कोर्ट में पेश किया जाएगा। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के तुगलकाबाद और उसके आसपास के इलाकों में बुधवार को बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। उपद्रवियों ने 100 से ज्यादा वाहनों में तोडफ़ोड़ की जिनमें से कुछ गाडिय़ां पुलिस की हैं और कुछ आम लोगों की हैं। संत रविदास का मंदिर गिराए जाने का विरोध कर रहे लोगों ने दो बाइकों में आग भी लगाई।
पुलिस ने उग्र प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस ने भीम आर्मी और दलित समाज से जुड़े 70 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद को भी हिरासत में ले लिया गया है। बता दें कि संत रविदास मंदिर को तोडऩे के विरोध में यह हिंसा हुई।
पुलिस के मुताबिक, भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद ने तुगलकाबाद के रविदास मंदिर को तोडऩे को लेकर जारी विवाद के बीच दिल्ली के जंतर मंतर में रैली करने की अनुमति मांगी थी। उनसे जंतर-मंतर पर रैली की अनुमति नहीं दी गई और रामलीला ग्राउंड में रैली करने के लिए कहा गया।
बुधवार को रैली करने के बाद लोग मार्च करते हुए तुगलकाबाद की तरफ निकल पड़े। हजारों की संख्या में चल रहे लोगों को कई बार  समझाया गया लेकिन वे नहीं माने। इसके चलते कई इलाकों में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। कई जगहों पर एम्बुलेंस फंसी रहीं।
जैसे ही प्रदर्शनकारी तुगलकाबाद के नजदीक पहुंचे उन्होंने पुलिस और अर्धसैनिक बलों पर पथराव शुरू कर दिया और फिर वाहनों में तोडफ़ोड़ करने लगे। उन्होंने कुछ बाइकों में आग लगा दी। पुलिस ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का लाठी चार्ज किया।  इस मामले में भीम आर्मी के चीफ समेत 70 लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। दलित संगठन भीम आर्मी ने दावा किया है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं। प्रदर्शनकारी बसों और ट्रेनों से देश के विभिन्न हिस्सों से आए थे।
गत 10 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने रविदास मंदिर को तोड़ दिया था। बाद में कोर्ट ने यह भी कहा था कि इस मामले को लेकर राजनीति न हो। दिल्ली से लेकर पंजाब तक कई राजनीतिक पार्टियां इसे लेकर राजनीति कर रही हैं।(एनडीटीवी)
 


Date : 22-Aug-2019

मुंबई, 22 अगस्त। मनसे प्रमुख राज ठाकरे को धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए जिसे देखते हुए मुंबई पुलिस ने गुरुवार को दक्षिण मुंबई में ईडी कार्यालय के बाहर सीआरपीसी की धारा 144 (गैरकानूनी सभा पर प्रतिबंध) लगा दी है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। अधिकारी ने कहा, ‘राज ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से ईडी कार्यालय के बाहर नहीं जाने की अपील की है, लेकिन हम कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहते हैं। अधिकारी ने साथ ही कहा, कि ठाकरे ईएलएंडएफएस जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए सुबह बल्लार्ड पियर स्थित ईडी कार्यालय में पेश हुए।
मनसे के एक कार्यकर्ता ने पड़ोसी ठाणे में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली और पार्टी ने बुधवार को दावा किया कि उसने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि वह अपने नेता को मिले ईडी के नोटिस से परेशान था। राज ठाकरे को मिले ईडी के समन पर उनके चचेरे भाई और शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक दिलचस्प प्रतिक्रिया में कहा कि उन्हें किसी ठोस परिणाम की उम्मीद नहीं है। उद्धव ने तल्ख जवाब में कहा, मुझे जांच से किसी ठोस नतीजे की उम्मीद नहीं है।
ठाणे पुलिस का कहना है कि मनसे कार्यकर्ता प्रवीण चौगुले (27) के घर से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। प्रवीण ने मंगलवार की रात कथित तौर पर आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
इससे पहले राज ठाकरे ने कहा कि उन्होंने पहले भी सरकारी एजेंसियों और अदालतों से इस तरह के नोटिसों का सामना किया है और उन्होंने इनका सम्मान किया है और वह इस बार ईडी के नोटिस का सम्मान करने जा रहे है। ईडी ने राज ठाकरे को कोहिनूर सीटीएनएल इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी में आईएलएंडएफएस द्वारा 450 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण और इक्विटी निवेश से संबंधित कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में तलब किया है। (भाषा)
 


Date : 22-Aug-2019

चंडीगढ़, 22 अगस्त। हरियाणा में करनाल जिले के एक गांव में अवैध संबंध को लेकर एक महिला और एक दलित व्यक्ति की कथित तौर पर पिटाई की गई। उन्हें जूतों की माला पहनाई गई और चेहरों को काला कर उन्हें घुमाया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दलित व्यक्ति के परिवार ने पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई है।    
परिवार ने पत्रकारों को बताया कि महिला के कुछ रिश्तेदारों ने कुछ ग्रामीणों की मदद से महिला और इस व्यक्ति को पकड़ कर उनकी पिटाई की। उनके गले में जूतों की माला डाली गई और उनके चेहरों को काला कर गांव में उन्हें घुमाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ ग्रामीणों ने इस घटना की वीडियो भी बनाई है।    
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, हमने कुछ ग्रामीणों और महिला के परिवार के रिश्तेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इस सिलसिले में विस्तृत जांच की जा रही है। (एनडीटीवी)
 

 


Date : 22-Aug-2019

पटना, 22 । पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्रा का बुधवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में मिश्रा को गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाते समय एक अजीब सी घटना हुई। मिश्रा को गार्ड ऑफ ऑनर देने के लिए 22 जवान थ्री नॉट थ्री की राइफल के साथ तैनात थे पर मौके पर एक भी राइफल से फायर नहीं हो पाया।
फायर ना हो पाने के बाद अधिकारियों ने राइफलों की दोबारा जांच की और फिर फायर करने की कोशिश की गई। दोबारा कोशिश करने पर भी वहीं नतीजा रहा, किसी भी राइफल से कोई फायर नहीं हुआ। इसके बाद बिना फायर किए ही मिश्रा का अंतिम संस्कार किया गया। खास बात ये है कि इस दौरान सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी भी मौजूद थे। 
कोसी क्षेत्र के डीआआईजी ने इस मामले की जांच की बात कही है। साथ ही, उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 
बताया जाता है कि गार्ड ऑफ ऑनर देने के लिए ब्लैंक कार्टेज का उपयोग होता है। इसमें छर्रा नहीं होता बल्कि, केवल बारूद भरा होता है, जिससे आवाज निकलती है। इसकी सप्लाई पुलिस विभाग में अलग से की जाती है। अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि काफी दिनों से पुलिस को ब्लैंक कार्टेज की सप्लाई नहीं की गई है। पुरानी सप्लाई को ही सुरक्षित रखकर उसका इस्तेमाल किया जा रहा है।
जगन्नाथ मिश्रा तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके है। वे चारा घोटाले में सजा काट रहे थे। बीमारी और बढ़ती उम्र के आधार पर उन्हें जमानत दी गई थी, इसी दौरान सोमवार को नई दिल्ली में मिश्रा का निधन हो गया था। जगन्नाथ मिश्रा के अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी भी मौजूद थे। नीतीश कुमार ने मिश्रा के सम्मान में तीन दिन के राजकीय शौक की घोषणा की है।(अमर उजाला)
 


Date : 22-Aug-2019

नई दिल्ली, 22 अगस्त । आईएनएक्स मीडिया मामले में फंसे पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की यदि संपत्ति पर नजर डाली जाए तो हर कोई चौंक जाएगा। देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी कई बंगले, करोड़ों रुपये की एफडी और सालाना कमाई भी कम नहीं पूरी 8.5 करोड़ रुपये, यह तो चिदंबरम परिवार की घोषित संपत्ति है। चिदंबरम परिवार की ओर से घोषित संपत्ति का मूल्य करीब 175 करोड़ रुपये है। हालांकि जांच एजेंसियों का आरोप है कि उनकी वास्तिवक संपत्ति इससे कहीं अधिक है। राज्यसभा चुनाव के लिए चिदंबरम की ओर से दाखिल एफिडेविट के अधार पर यह पता चलता है कि चिदंबरम का पूरा परिवार ही करोड़ेां की संपत्ति का मालिक है।
आज तक की एक रिपोर्ट के अनुसार पूर्व केंद्रीय मंत्री के एफिडेविट के अनुसार उनके और उनकी पत्नी के पास करीब 95.66 करोड़ की संपत्ति है। वहीं उन पर 5 करोड़ रुपये की देनदारी भी है। हालांकि यह संपत्ति चार साल पहले राज्यसभा चुनावों के दौरान बताई गई थी। वहीं बेटे कार्ति चिदंबरम ने अपनी संपत्ति 80 करोड़ रुपये बताई है। 2014-15 में उन्होंने अपनी आय करीब 8.5 करोड़ रुपये बताई थी, वहीं उनकी पत्नी की आय करीब 1.25 करोड़ रुपये थी।
चिदंबरम के पास 5 लाख रुपये की नकदी, 25 करोड़ बैंकों व अन्य संस्थाओं में जमा है।
13.47 करोड़ रुपये के शेयर, डिबेंचर आदि हैं, वहीं पोस्ट ऑफिस योजनाओं में करीब 35 लाख रुपये जमा हैं।
10 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी, 27 लाख रुपये की गाडिय़ां और 85 लाख रुपये की ज्वैलरी शामिल है। उनका सबसे बड़ा डिपॉजिट 20 करोड़ का है जबकि सबसे कम 3 हजार रुपये का है।
इसके साथ ही ब्रिटेन के कैम्ब्रिज में 1.5 करोड़ की संपत्ति, 7 करोड़ की कृषि भूमि, 45 लाख रुपये की व्यवसायिक इमारत और 32 करोड़ के मकान शामिल हैं।
ईडी ने चिदंबरम परिवार की 54 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच कर लिया है। यह संपत्तियां भारत, ब्रिटेन और स्पेन में हैं। इनमें तमिलनाडु के ऊटी और कोडईकनाल में बंगला व कृषि भूमि, दिल्ली के जोरबाग में कार्ति और उनकी मां के नाम 16 करोड़ रुपये का बंगला, ब्रिटेन में 8.67 करोड़ रुपये का कॉटेज और मकान, स्पेन के बार्सिलोना में 14.5 करोड़ का टेनिस क्लब और बैंक में जमा 90 लाख रुपये की एफडी शामिल है।(न्यूज18)
 


Date : 22-Aug-2019

नई दिल्ली, 22 अगस्त । रिटायरमेंट फंड मैनेजर ईपीएफओ  ने 21 अगस्त को यूटीआई एएमसी और एसबीआई म्यूचुअल फंड को तीन साल के लिए अपने फंड मैनेजर के रूप में नियुक्त किया। एक सूत्र ने यह जानकारी दी। ईपीएफओ न्यासियों की बैठक में समस्या में फंसे दीवान हाउसिंग फाइनेंस कारपोरेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) के बांड में करीब 700 करोड़ रुपये के निवेश को समय से पहले भुनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सूत्र ने कहा कि ईपीएफओ का निर्णय लेने वाला शीर्ष निकाय केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) ने तीन साल के लिये दो कोष प्रबंधकों यूटीआई एएमसी और एसबीआई म्यूचुअल फंड की नियुक्ति का निर्णय किया है।
सूत्र ने यह भी कहा कि कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन 2,000 रुपये करने के प्रस्ताव को टाल दिया गया गया है क्योंकि कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने पेंशन के रूप में उच्च राशि की मांग की है।
आप जहां नौकरी करते हैं वहां हर महीने आपकी सैलरी से पीएफ का पैसा कटता है जो ईपीएफओ में जमा होता है। पीएफ में आपकी सैलरी से कम से कम 12 फीसदी योगदान होता है। 12 फीसदी कंपनी की तरफ से दिया जाता है। कंपनी जो योगदान देती है उसमें 8.33 फीसदी पेंशन योजना (ईपीएस) में जाता है और बाकी 3.67 फीसदी ईपीएफ में डाला जाता है।
न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी को लेकर सरकार ईपीएफओ से बातचीत कर चुकी है। हालांकि, ईपीएफओ ने पहले सरप्लस पैसा नहीं होने की बात कहकर न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी से इनकार कर चुका है। किसानों, श्रमिकों और व्यापारियों को पेंशन योजना शुरू करने के बाद अब सरकार ईपीएफओ के पेंशनर्स की पेंशन में बढ़ोतरी करने का मन बना चुकी है। इसको लेकर श्रम मंत्री संतोष गंगवार संकेत दे चुके हैं। हाल ही में गंगवार ने कहा था कि ईपीएफओ पेंशनरों की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।(भाषा)
 


Date : 22-Aug-2019

कर्नाटक, 22 अगस्त । कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने मंगलवार को कैबिनेट का विस्तार किया। उन्होंने अपने मंत्रिमंडल में 17 नए मंत्रियों को शामिल किया है लेकिन नए मंत्रिमंडल में दो ऐसे भी चेहरे हैं, जो विधानसभा में पोर्न वीडियो देखने के आरोपी रह चुके हैं। नए मंत्रिमंडल में शामिल लक्ष्मण सावदी और सीसी पाटिल सहित तीन विधायक विधानसभा में मोबाइल पर पोर्न क्लिप देखते कैमरे में पकड़े गए थे और तीनों को इस्तीफा देना पड़ा था।
2012 में जे कृष्णा पलेमार के साथ सावदी और पाटिल को विधानसभा में एक अश्लील वीडियो क्लिप देखते हुए पकड़ा गया था। बाद में  सावदी ने कहा कि इसे रैव पार्टियों के बारे में अधिक जानने के शैक्षिक उद्देश्य के लिए देख रहे थे।
सावदी अयोग्य विधायक रमेश जारकीहोली के करीबी दोस्त भी हैं, जिन्होंने एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली सरकार को अस्थिर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सावदी इस बार चुनाव में कांग्रेस के महेश कुमारटल्ली से हार गए थे। कुमारट्टल्ली वर्तमान में विधानसभा से अयोग्य हैं।
भाजपा के इस फैसले से कांग्रेस और जद (एस) हैरान हैं। इतना ही नहीं, भाजपा के कुछ विधायक भी कथित तौर पर उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करने के इस कदम से खुश नहीं हैं।
पिछले तीन हफ्तों से  येदियुरप्पा अपने मंत्रिपरिषद के एकमात्र सदस्य थे। जिसके बाद उन्होंने मंगलवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 17 मंत्रियों को शामिल किया।
राजभवन में राज्यपाल द्वारा पद और गोपनीयता की शपथ लेने वाले लोगों में केएस ईश्वरप्पा, गोविंद मख्तप्पा करजोल, सीटी रवि, बसवराज बोम्मई, डॉ अश्वथ नारायण सीएन, लक्ष्मण संगप्पा सावदी, बी श्रीरामुलु, एस सुरेश कुमार वी सोमना, कोटा श्रीनिवास पूजारी, जेसी मधु स्वामी, चंद्रकांतागौड़ा चन्नप्पगौडा पाटिल, एच गणेश, प्रभु चौहान और जोले शशिकला शामिल हैं। विधान परिषद के सदस्य, अन्नासाहेब श्रीनिवास पूजा ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है।
मंत्रिमंडल विस्तार में, 50 प्रतिशत मंत्री प्रमुख लिंगायत समुदाय के हैं। येदियुरप्पा खुद उसी समुदाय से हैं। उन्होंने कांग्रेस-जेडी (एस) गठबंधन सरकार के गिरने के बाद 26 जुलाई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।(एजेंसी)
 


Date : 22-Aug-2019

नई दिल्ली, 22 अगस्त। भारत सरकार ने लंदन में भीमराव आंबेडकर को समर्पित एक स्मारक को बंद करने की ब्रिटेन की स्थानीय काउंसिल के फैसले के खिलाफ अपील दायर की है। कुछ दिनों पहले ब्रिटेन की स्थानीय काउंसिल ने कहा था कि इस इमारत को संग्रहालय के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है और इसे आवासीय इस्तेमाल के लिए वापस किया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2015 में ब्रिटेन की यात्रा के दौरान इस स्मारक का उद्घाटन किया था।
उत्तर लंदन में स्थित भीमराव आंबेडकर हाउस एक चार मंजिला आवासीय इमारत के भीतर है। भारतीय संविधान के निर्माता भीमराव आंबेडकर लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स के अपने छात्र जीवन के दौरान 1921-22 तक यहां रहे थे। इसलिए, इसे आंबेडकर स्मारक का रूप दिया गया है। भारतीय अधिकारियों ने इस बारे में अर्जी दी थी कि इस आवासीय संपत्ति को समारक के तौर पर इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए। लेकिन, कुछ दिनों पहले ही स्थानीय प्राधिकरण कामडेन काउंसिल ने इस आवासीय संपत्ति को संग्रहालय या स्मारक में परिवर्तित करने की अर्जी को खारिज कर दिया। काउंसिल ने यह भी कहा कि इमारत आवासीय इस्तेमाल के लिए वापस की जाए।
स्थानीय काउंसिल के इस फैसले के बाद भारतीय अधिकारियों ने इसके खिलाफ अपील दायर की है। अपील दायर करने वाली ब्रिटिश लॉ फर्म के वकील रविंद्र कुमार ने बताया कि इस अपील पर 24 सितंबर को सुनवाई होगी। इस मसले से जुड़े एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि भारतीय समुदाय के साथ इस स्थान का गहरा जुड़ाव है, इसलिए इसे महज एक आवासीय संपत्ति मानना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि यह भावी पीढिय़ों के लिए संजोकर रखने वाली धरोहर है, हमने अपील में इस बात को भी आधार बनाया है।(सत्याग्रह ब्यूरो)
 


Date : 22-Aug-2019

नई दिल्ली, 22 अगस्त। आरएसएस से संबंधित श्रमिक संगठन भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के अध्यक्ष साजी नारायणन ने मंगलवार को आरोप लगाया कि नीति आयोग की खराब नीतियों के कारण लोगों की नौकरियां जा रही हैं। साजी नारायणन ने यह भी आरोप लगाया कि नीति आयोग सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश और ब्रिकी में भी मनमाने तरीके से काम कर रहा है।
इकॉनॉमिक टाईम्स की खबर के मुताबिक, भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष साजी नारायणन ने कहा, ‘एक तरफ सरकार बेहद गंभीरता से नई नौकरियां पैदा करने के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही हैं, वहीं नीति आयोग जैसे संस्थान अपनी गलत नीतियों के चलते रोजगार के अवसर खत्म कर रहे हैं।’ नीति आयोग की आलोचना करते हुए बीएमएस के अध्यक्ष ने कहा कि इसका संचालन कुछ विदेशी विशेषज्ञों द्वारा किया जा रहा है जो जमीनी हालात के बारे में कुछ नहीं जानते हैं। नारायणन ने आरोप लगाया कि नीति आयोग के लोग हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के लोगों से घिरे रहते हैं और उन्हीं विशेषज्ञों की राय उनके लिए अंतिम होती है। उन्होंने आगे कहा कि नीतियां जब तक जनोन्मुखी नहीं होंगी, तब तक आर्थिक हालात नहीं बदलेंगे। 
भारतीय मजदूर संघ इससे पहले भी नीति आयोग और सरकार के विनिवेश कार्यक्रम की आलोचना करता रहा है। रेलवे और आर्डिनेंस फैक्ट्रियों के निजीकरण के विरोध में चल रही ट्रेड यूनियनों की हड़ताल को भारतीय मजदूर संघ का भी समर्थन प्राप्त है।
 


Date : 22-Aug-2019

नई दिल्ली, 22 अगस्त । दिल्ली विश्वविद्यालय स्थित कला संकाय के परिसर में एक शिलाभगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस के प्रतिमा के साथ वीडी सावरकर की अर्धप्रतिमा लगाई गई है। दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के अध्यक्ष शक्ति सिंह का कहना है कि इन विभूतियों ने स्वतंत्रता संग्राम में बड़ा योगदान दिया है और युवा इनसे प्रेरणा ग्रहण करेंगे। वीर सावरकर की तुलना भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस से करने पर विवाद खड़ा हो सकता है। 
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेता एवं दिल्ली विवि छात्रसंघ के अध्यक्ष शक्ति सिंह ने बुधवार को कहा, विश्वविद्यालय में एक तहखाना है जहां मुकदमे के दौरान भगत सिंह को रखा गया था। हमने मांग की थी कि या तो भगत सिंह की प्रतिमा यहां लगाई जाए या इसे सबके लिए खोल दिया जाए लेकिन डीयू प्रशासन ने हमारी मांग की तरफ ध्यान नहीं दिया। अब हमारे पास इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था।
बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय की अनुमति के बगैर रातोंरात खंभे और सावरकर की प्रतिमा को यहां स्थापित किया गया। शक्ति सिंह ने कहा, हमने प्रतिमा लगाने के लिए कई बार विश्वविद्यालय के अधिकारियों से अनुमति मांगी लेकिन हमारी मांग अनसुनी कर दी गई। इसके बाद हमने खुद प्रतिमा लगाने का फैसला किया। कला संकाय के गेट पर लाल रंग के पत्थर से निर्मित इस खंभे पर भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और सावरकर की प्रतिमा रखी गई है। इसके नीचे लिखा है, 'आजादी के नायक वीर सावरकर, भगत सिंह, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति स्थापना 20 अगस्त 2019 को की गई।
परिसर में सावरकर की प्रतिमा लगाए जाने का विरोध कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) और वाम दल की छात्र इकाई ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) दोनों ने किया है। इन दोनों संगठनों का कहना है कि भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस के साथ सावरकर की प्रतिमा लगाकर एबीवीपी ने स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है। (टाईम्स नाऊ)
 


Date : 21-Aug-2019

उत्तरकाशी, 21 अगस्त । उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री ले जा रहा एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई। यह हेलीकॉप्टर देहरादून से राशन लेकर उड़ा था और मोलड़ी से अराकोट जा रहा था। तभी उत्तरकाशी पहुंचने पर यह क्रैश हो गया। हादसे के वक्त इसमें पायलट, को-पायलट और एसडीआरएफ के जवान सहित तीन लोग सवार थे।
जानकारी के मुताबिक राहत और बचाव कार्य में जुटा यह हेलीकॉप्टर अचानक बिजली के तारों में उलझकर गिर गया। क्रैश हुआ हैलिकॉप्टर हैरिटेज एविएशन का था जिसे राहत और बचाव कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
इस हादसे पर एसडीएम देवेंद्र नेगी ने बताया कि हेलीकॉप्टर में सवार तीन लोगों में से दो की मौत हो चुकी है। जबकि एक गंभीर रूप ये घायल है। घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उत्तराखंड के कई इलाकों में भीषण बाढ़ आ चुकी है। ऐसे में एनडीआरएफ और सेना के जवान जहां राहत कार्य कर रहे हैं। वहीं हेलीकॉप्टर के माध्यम से उन इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।(न्यूज18)

 


Date : 21-Aug-2019

सैफई, 21 अगस्त। उत्तर प्रदेश की एक यूनिवर्सिटी में मंगलवार को रैगिंग के कथित मामले में प्रथम वर्ष के 150 मेडिकल विद्यार्थियों को सिर मुंडवाने और वरिष्ठ विद्यार्थियों को सैल्यूट करने के लिए मजबूर किया गया। इस घटना के वीडियो, जिनमें जूनियर विद्यार्थी अपने सीनियरों के सामने श्रद्धा से झुकते नजर आ रहे हैं, व्यापक रूप से शेयर किए गए, जिसकी वजह से सैफई गांव स्थित उत्तर प्रदेश यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के प्रशासन को हरकत में आना पड़ा।
सैफई गांव उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों मुलायम सिंह यादव तथा उनके पुत्र अखिलेश यादव का घर है। समाजवादी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष मुलायम तथा मौजूदा अध्यक्ष अखिलेश यादव के परिवार के लोग अब भी इस गांव में बसे हुए हैं। इस यूनिवर्सिटी की स्थापना मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान ही हुई थी।
वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए यूनिवर्सिटी के कुलपति (वाइस चांसलर) डॉ. राज कुमार ने दावा किया कि संस्थान ने स्पेशल स्क्वाड गठित किए हुए हैं, जो रैगिंग की घटनाओं पर रोक लगाते रहे हैं, और संस्थान इसी तरह की घटनाओं के लिए विद्यार्थियों को निलंबित भी करता रहा है।
उन्होंने कहा, हम इस तरह की घटनाओं पर कड़ी नजर रखते हैं, और हमारे यहां विद्यार्थियों के इस तरह के मामलों के लिए अलग से एक डीन (सोशल वेलफेयर) भी हैं, और शिकायतों का निपटारा करने के लिए एक एन्टी-रैगिंग कमेटी भी है। हमारे पास एक स्पेशल स्क्वाड भी है, जो रैगिंग की रोकथाम के लिए यूनिवर्सिटी में हर जगह का दौरा करता है। विद्यार्थी इस एन्टी-रैगिंग कमेटी या अपने वॉर्डनों से भी शिकायत कर सकते हैं।
कुछ दूरी से क्लिक किए गए ऐसे ही एक वीडियो में कुछ विद्यार्थियों को सफेद कोट पहने एक पंक्ति में चलते देखा जा सकता है, और सभी के सिर मुंडे हुए हैं। एक अन्य वीडियो में उन्हें जॉगिंग करते और सीनियर विद्यार्थियों को सैल्यूट करते भी देखा जा सकता है।
तीसरे वीडियो में इन विद्यार्थियों के निकट एक सिक्योरिटी गार्ड को खड़े देखा जा सकता है, लेकिन वह इस कथित रैगिंग को रोकने के लिए कुछ भी नहीं करता।
कुलपति ने इस मामले में कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा, इसमें जो भी शामिल होंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हमने पहले भी विद्यार्थियों को निलंबित किया है। मैं जूनियरों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उन्हें चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है। (एनडीटीवी)
 


Date : 21-Aug-2019

नई दिल्ली, 21 अगस्त। सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद पर सुनवाई शुरू जारी है। आज सुनवाई का 9वां दिन है। फिलहाल रामलला विराजमान के वकील सी।एस वैद्यनाथन अपनी दलीलें दे रहे हैं। मंगलवार को सुनवाई के दौरान जहां मगरमच्छ और कछुए की दलील दी गई थी वहीं, आज एक और दिलचस्प दलील दी गई जिसमें रामलला को नाबालिग बताया गया। अयोध्या विवाद सुनवाई में क्या तर्क दिए गए और जजों ने उसपर क्या कहा जानिए 
रामलला विराजमान के वकील सीएस वैद्यनाथन : विवादित भूमि पर मंदिर रहा हो या न हो, लोगों की आस्था होना काफी है यह साबित करने के लिए कि वही रामजन्म स्थान है। 
वैद्यानाथ : इस मामले में कभी भी कोई प्रतिकूल कब्जा नहीं हुआ है, हिन्दुओं ने हमेशा इस स्थान पर पूजा करने की अपनी इच्छा प्रकट की है। स्वामित्व का कोई सवाल ही नहीं उठता, जमीन केवल भगवान की है। वह भगवान राम का जन्मस्थान है, इसलिए किसी के वहां मस्जिद बना कर उसपर कब्जे का दावा करने का सवाल नही उठता। किसी मूर्ति या मंदिर को नहीं तोड़ा जा सकता, अगर मंदिर न भी हो तो भी इस स्थान की पवित्रता बनी रहेगी। 
वैद्यनाथन ने आगे कहा : अगर जन्मस्थान देवता है, अगर संपत्ति खुद में एक देवता है तो भूमि के मालिकाना हक का दावा कोई नहीं कर सकता। कोई भी बाबरी मस्जिद के आधार पर उक्त संपत्ति पर अपने कब्जे का दावा नहीं कर सकता। 
वैद्यनाथन : अगर वहां पर कोई मंदिर नहीं था, कोई देवता नहीं है तो भी लोगों की जन्मभूमि के प्रति आस्था काफी है। वहां पर मूर्ति रखना उस स्थान को पवित्रता प्रदान करता है। अयोध्या के भगवान रामलला नाबालिग हैं। नाबालिग की संपत्ति को न तो बेचा जा सकता है और न ही छीना जा सकता है। 
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संवैधानिक पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। इस संवैधानिक पीठ में जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एसए नजीर भी शामिल हैं। पूरा विवाद 2.77 एकड़ की जमीन को लेकर है। 
सुनवाई के दौरान राम लला विराजमान की ओर से कहा गया कि मौके से 12वीं शताब्दी के शिलापट्ट और शिलालेख मिले हैं, उनके मुताबिक वहां विष्णु का विशाल मंदिर था। मस्जिद बनाए जाने के बाद भी हिंदू वहां पूजा करते थे। राम लला के वकील ने मुस्लिम गवाहों के बयानों को भी अपनी दलील का आधार बनाया। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह मुसलमानों के लिए मक्का है, उस तरह हिंदुओं के लिए अयोध्या का महत्व है। राम लला के वकील ने यह भी कहा था कि अयोध्या में मौजूद शिला पट्ट पर मगरमच्छ, कछुए की तस्वीरों का जिक्र है, जिनसे इस्लाम का कोई लेना देना नहीं था। (नवभारतटाईम्स)
 


Date : 21-Aug-2019

नई दिल्ली, 21 अगस्त। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम और देश की एजेंसियों के बीच इस वक्त लुका-छिपी का खेल चल रहा है। ढ्ढहृङ्ग मीडिया केस में चिदंबरम पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी है तो वहीं इससे बचने के लिए सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटका रहे हैं। पी. चिदंबरम के समर्थन में अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी आ गए हैं। बुधवार दोपहर उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि मोदी सरकार प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है और चिदंबरम की छवि बिगाडऩे की कोशिश कर रही है।
राहुल गांधी ने लिखा, ‘मोदी सरकार ईडी, सीबीआई और मीडिया का गलत इस्तेमाल कर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। मैं मोदी सरकार के द्वारा सत्ता के इस गलत इस्तेमाल का कड़ी निंदा करता हूं।’ (आजतक)
 


Date : 21-Aug-2019

भुवनेश्वर, 21 अगस्त । ओडिशा के भुवनेश्वर में कुछ ऐसा देखा गया जिसको देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे। एक दुर्लभ प्रकार का सांप देखा गया, जो उड़ सकता है। ये एक शख्स के पास था, जो पैसे कमाने के लिए इसका इस्तेमाल करता है। वो लोगों को दिखाकर पैसे मांगता था। वन विभाग को इस बात का पता चला तो उन्होंने सांप को जंगल में छोडऩे का फैसला लिया। 
भुवनेश्वर के वन विभाग के अधिकारी ने बताया- सांप को पास रखना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध है। हम जांच कर रहे हैं और जंगल में सांप को छोड़ देंगे। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के अनुसार, जंगली जानवरों के कब्जे, व्यापार और वाणिज्य से संबंधित अपराध करने पर लंबी सजा और भारी जुर्माना लगता है। 
दक्षिण-पूर्व एशिया में उडऩे वाले सांप पाए जाते हैं। ये सांप विषैले होते हैं। इस सांप के नुकीले दांत इंसानों के लिए हानिकारक होते हैं। वे छिपकली, कृन्तकों, मेंढकों, पक्षियों और चमगादड़ों का शिकार करते हैं। (भाषा)
 


Date : 21-Aug-2019

नई दिल्ली, 21 । दिल्ली के तुगलकाबाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रविदास मंदिर हटाए जाने के खिलाफ भीम आर्मी दिल्ली पहुंच गई है। रामलीला मैदान सहित अन्य जगहों पर उतरे भीम आर्मी के लोग मंदिर हटाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में न केवल भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर मौजूद हैं बल्कि दिल्ली सरकार में सामाजिक कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम और आम आदमी पार्टी के कई विधायक भी शामिल हैं।
इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने राजनीति न करने की हिदायत दी थी। बावजूद इसके हजारों की तादाद में लोग सडक़ों पर उतरे हुए हैं। हाल ही में दिल्ली के सामाजिक कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने आरोप लगाया था कि दिल्ली विकास प्राधिकरण ने पिछले शनिवार को पुलिस की मौजूदगी में मंदिर को गिरा दिया और प्रतिमा को ले गए। हालांकि, प्राधिकरण ने मंदिर शब्द का इस्तेमाल न करते हुए कहा कि उसने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर स्ट्रक्चर को हटाया।
रविदास मंदिर को हटाने को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद मंगलवार को दलित समुदाय ने पंजाब में बंद रखा था। इस दौरान ज्यादातर दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। प्रदर्शनकारियों ने जालंधर-दिल्ली राजमार्ग समेत कुछ जगह सडक़ पर जाम लगाया। जाम के कारण लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ा। दलित समुदाय के लोगों ने कुछ जगह विरोध मार्च निकाला तो कई जगह धरना-प्रदर्शन कर पुतले जलाए और सडक़ों पर टायर जलाए।
वहीं विरोध प्रदर्शनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा था कि शीर्ष अदालत आदेश के खिलाफ प्रदर्शनों को गंभीरता से ले रही है। इस तरह की हर गतिविधि को अदालत के आदेश की अवमानना माना जाएगा। हर व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से मामले में सहायता मांगी है। इस पर वेणुगोपाल ने सहमति दे दी है। इस बीच डीडीए ने कोर्ट को बताया कि उसके आदेश के मुताबिक अवैध स्ट्रक्चर को हटा दिया गया।
तुगलकाबाद में संत रविदास मंदिर के तोड़े जाने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद विजय गोयल ने कहा कि संत रविदास जी के मंदिर को दोबारा बनाया जाना चाहिए। इसके लिए गोयल ने ‘गुरू रविदास जयंती समारोह समिति’ को कहा कि इस मंदिर के निर्माण के लिए वह अपना एक माह का सांसद का वेतन देंगे और मंदिर निर्माण के लिए अन्य लोगों को भी प्रेरित करेंगे।(अगस्त)