राष्ट्रीय

01-Jun-2020 12:47 PM

इंदौर, 1 जून । मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में कोरोना संक्रमण के 53 नये मामले आने के बाद यहां कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या 3539 तक जा पहुंची है। तीन नए लोगों की मौत दर्ज होने के बाद मृतकों की संख्या 135 हो गयी है। उधर राहत की खबर है कि अब तक 1990 संक्रमित रोगी स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।
इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ एम पी शर्मा ने कल रात जारी बुलेटिन में बताया कि कल जांचे गये 922 सैम्पलों में 865 असंक्रमित, जबकि 53 संक्रमित पाये गये। जबकि कल जांच के लिये 663 सैम्पल प्राप्त हुये हैं।

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सीएमएचओ ने बताया कि अब तक कुल 36635 जांच रिपोर्ट प्राप्त हुयी हैं, जिनमें से कुल संक्रमितों की संख्या 3539 है। जबकि कल एक 72 वर्षीय और एक 51 वर्षीय संक्रमित महिला तथा एक 66 वर्षीय संक्रमित पुरुष की मौत दर्ज किये जाने के बाद यहां वायरस से मरने वाले की संख्या 135 तक जा पहुंची है। इनमें से 51 वर्षीय महिला की मौत संक्रमित पाये जाने के 5 दिन बाद बीती 10 मई को हुयी है, जबकि 66 वर्षीय पुरूष की मौत संक्रमित पाये जाने के दो दिन बाद बीती 13 मई को हुयी है। वहीं 72 वर्षीय महिला की मौत संक्रमित पाये जाने के दो दिन बाद 31 मई को हुयी है। इन तीनों मृतकों की मौत आधिकारिक रूप से 31 मई को दर्ज की गयी है।

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सीएमएचओ ने बताया कि कल 39 संक्रमित मरीजों को स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दिये जाने के बाद अब तक कुल 1990 रोगियों को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। इसके बाद अब 1414 संक्रमित रोगी ही अस्पतालों में उपचारररत हैं। इसी क्रम में कल 126 संदेहियों को स्वस्थ पाये जाने पर संस्थागत क्वारेंटाइन केंद्रों से छुट्टी दिये जाने के बाद अब तक कुल 3338 संदेहियों को छुट्टी दी जा चुकी है।(वार्ता)


31-May-2020 12:15 PM

नई दिल्ली, 31 मई । देश में कोरोना वायरस (कोविड 19) महामारी की विकरालता उत्तरोत्तर बढ़ रही है और अब यह संक्रमण के सर्वाधिक मामलों वाले देशों में नौंवे स्थान पर आ गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान देश में इसका कहर सबसे ज्यादा बरपा है और संक्रमण के रिकॉर्ड 8380 नए मामले दर्ज किए गए, जिससे संक्रमितों की कुल संख्या 182143 पर पहुंच गयी हैं तथा इस अवधि में 193 लोगों की मौत होने से इस संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या 5164 हो गयी।
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसके संक्रमण से अब तक 182143 लोग प्रभावित हुए हैं तथा 5164 लोगों की मौत हुई है। देश में एक दिन में 4614 लोग संक्रमणमुक्त हुए हैं जिससे इस बीमारी से निजात पाने वाले लोगों की संख्या 86984 हो गयी है। देश में फिलहाल कोरोना संक्रमण के 89995 सक्रिय मामले हैं।

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महाराष्ट्र इस महामारी से देश में सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। राज्य में पिछले 24 घंटों में 2940 नये मामले सामने आये हैं और 99 लोगों की मौत हुई है जिसके साथ ही राज्य में इससे प्रभावित होने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 65,168 तथा इस जानलेवा विषाणु से मरने वालों की संख्या बढ़कर 2197 हो गई है। इस दौरान राज्य में 1084 लोग रोगमुक्त हुए है जिससे स्वस्थ होने वालों की कुल संख्या 28081 हो गयी है।(वार्ता)
 


31-May-2020 12:13 PM

नई दिल्ली, 31 मई । राजधानी में कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली पुलिस के कोरोना संक्रमित सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) शेष मणि पांडेय की यहां आर्मी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है।
एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को बताया कि श्री पांडेय सेना से रिटायर होने के बाद वर्ष 2014 में बतौर एएसआई दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए थे। वह इन दिनों क्राइम ब्रांच में  तैनात थे। उन्होंने 26 मई को बुखार और कफ की शिकायत के बाद कोरोना टेस्ट कराया था जिसकी रिपोर्ट 28 मई को पॉजिटिव आई थी। इसके बाद उन्हें धौलाकुआं इलाके में स्थित आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां कल शाम उनकी मौत हो गई।

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दिल्ली पुलिस में कोरोना संक्रमण से पहली मौत भारत नगर थाने में तैनात कांस्टेबल अमित की हुई थी। चार मई को अचानक अमित की तबियत खराब हुई थी। पांच मई को उनकी मौत हो गई थी। मौत के बाद अगले दिन आई अमित की कोरोना रिपोर्ट में वह संक्रमित पाये गये।

गौरतलब है पुलिस की विभिन्न यूनिट के करीब चार सौ पुलिसकर्मियों के संक्रमित होने पर उनके संपर्क में आने वाले करीब एक हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को एहतियातन क्वारंटीन किया गया हैं।
राजधानी में कल शाम तक 1,163 कोरोना के नए मामले सामने आ चुके हैं और 18 लोगों की मौत हो गई है। इसी के साथ दिल्ली में 18,549 लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि मौत का आंकड़ा 416 पर पहुंच गया। (वार्ता)


31-May-2020 12:13 PM

नई दिल्ली, 31 मई । एक सामान्य मस्तिष्क रसायन (सेरोटोनिन) टिड्डियों के असाधारण प्रकोप की वजह हो सकता है, जो कि हानिरहित छोटे हरे डरपोक टिड्डियों को खतरनाक टिड्डियों में बदल देता है । 
ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया कि सेरोटोनिन, एक न्यूरोट्रांसमीटर (रासायनिक यौगिक जो तंत्रिका कोशिकाओं के बीच आवेगों को भेजता है और मनुष्यों में नींद से लेकर आक्रामकता तक सब कुछ प्रभावित करता है) एक प्रजाति के रेगिस्तानी टिड्डियों (शिस्टोसेरका ग्रेगरिआ) के गुणों में परिवर्तन करता है। यह प्रजाति अफ्रीका से एशिया तक कहर बरपाने के लिए मशहूर है।
केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान लखनऊ के प्रधान कीट वैज्ञानिक एस के सिंह के अनुसार टिड्डियों की लगभग 8,000 प्रजातियों में से केवल 10 के झुंड में बदलने की संभावना है। इस शोध के बाद सरकारों और किसानों को भविष्य में टिड्डियों के प्रकोप को नियंत्रित करने के ऐसे तरीकों को विकसित करने में मदद मिल सकती है, जो कि सेरोटोनिन रसायन को दबा देगा। 
सेरोटोनिन इंजेक्ट किए जाने के बाद एक लैब में डरपोक टिड्डियों को झुंड बनाने के लिए  दो से तीन घंटे का समय लगा। इसके विपरीत, अगर उन्हें सेरोटोनिन अवरोधक दिए गए, तो वे झुंड-उत्प्रेरण की स्थिति में भी एकान्त में रहें। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के प्राणी विज्ञान के प्रोफेसर सह लेखक मैल्कम बव्र्स कहते हैं, ''ये छोटे कीट  एक शर्मीले कीट प्राणी से आक्रामक कीटों में बदल गए जो सक्रिय रूप से अन्य टिड्डियों के साथ संपर्क बनाने से बचता था। वे सब कुछ देखते हुए खाते है।ÓÓ
टिड्डी जब झुंड मोड में आते हैं, तो वे सिर्फ सुपर सोशल नहीं होते हैं, वे शारीरिक रूप से भी पूरी तरह बदल जाते हैं। यह कहना है कैम्ब्रिज के एक शोध सहयोगी सह-लेखक स्विडबर्ट ओट का। वास्तव में, वे कहते हैं, पहले और बाद के कीड़े इतने अलग दिखते हैं कि, 1920 के दशक तक, उन्हें दो अद्वितीय प्रजातियां मान लिया गया था। जब जमीन परती हो जाती है और घास की कमी हो जाती है, तो आबादी छोटे और फसली क्षेत्रों की ओर बढ़ जाती है। टिड्डियों के हमलों को अभी तक कीटनाशकों द्वारा नियंत्रित किया जाता है जो कि अन्य लाभदायक कीटों को भी मिटा देते हैं। यह रसायन जो विशेष रूप से एकान्त टिड्डियों में सेरोटोनिन उत्पादन को रोकता है, टिड्डियों के प्रबंधन के लिए रणनीतिक अनुसंधान का एक नया द्वार खोलेगा।(वार्ता)

 


30-May-2020 9:29 PM

नई दिल्ली, 30 मई । मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला साल शनिवार को पूरा हो गया। इस अवसर पर बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की खूबियां गिनाईं। नड्डा ने कहा कि कोरोना वायरस संकट में भारत ने खुद को संभाला है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम आत्मनिर्भर भारत की ओर आगे बढ़ रहे हैं। स्वदेशी और स्वावलंबन के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले सात दशक का गैप छह साल में भरने की कोशिश की गई।

जेपी नड्डा ने कहा कि 20 लाख करोड़ रुपये का आत्मनिर्भर भारत पैकेज दिया गया। इस पैकेज के माध्यम से प्रयास हुआ है कि कैसे हर सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाकर मुख्यधारा में खड़ा किया जाए और कैसे उन्हें रियायतें दी जाएं। 1.70 लाख करोड़ का प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज दिया गया। उसके माध्यम से 80 करोड़ लोगों के राशन की व्यवस्था की गई। 20 करोड़ महिलाओं के जनधन खातों में 500 रुपये की मदद, बुजुर्गों और दिव्यांगों को आर्थिक सहायता और मनरेगा मजदूरी में वृद्धि की गई।
नड्डा ने कहा, मोदीजी के दूसरे कार्यकाल के पहले साल में बहुत डिसाइसिव फैसले लिए गए हैं। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 और 35्र को निरस्त किया गया, यह प्रधानमंत्री जी की इच्छा शक्ति का नतीजा था और इसके सूत्रधार बने हमारे गृह मंत्री श्री अमित शाह जी।

उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में 100 से ज्यादा देशों को मदद करते हुए उन्हें दवाइयां भी पहुंचाई हैं। इस लड़ाई में प्रधानमंत्री मोदी के एक-एक आह्वान को देश ने सुना और उसका समर्थन किया। इसके लिए मैं देश की जनता का धन्यवाद देता।
बीजेपी प्रमुख ने कहा, प्रधानमंत्री मोदीजी ने फैसला लिया और इस फैसले के कारण आज सीएए लागू हुआ और उनको मुख्यधारा में शामिल होने का मौका मिला। वहीं, वर्षों से नागरिकता संशोधन बिल लटकाया जा रहा था। अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताडऩा के शिकार शरणार्थियों को नागरिकता मिलनी चाहिए थी लेकिन नहीं हो पा रहा था।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद-370 के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त करने, राम मंदिर मुद्दे के समाधान, एक बार में तीन तलाक को अपराध की श्रेणी में लाने तथा संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पहले साल की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में गिनाया और कहा कि ऐसे निर्णयों ने भारत की विकास यात्रा को नई गति, नए लक्ष्य दिए और लोगों की अपेक्षाओं को पूरा किया है।(लाइव हिन्दुस्तान)


30-May-2020 9:23 PM

उन्नति शर्मा

नई दिल्ली, 30 मई। साल 2001 में जब 14 वर्षीय रवि मोहन सैनी को दर्शकों ने कौन बनेगा करोडपति की ‘हॉट सीट’ पर बैठकर एक करोड़ रुपए जीतते हुए देखा होगा तो शायद ही किसी ने तब सोचा होगा की कामयाबी का ये सिलसिला आगे भी कायम रहने वाला है। वही रवि मोहन सैनी अब आईपीएस अफसर हैं और हाल ही में गुजरात के पोरबंदर के नए एसपी बने हैं।

33 वर्षीय सैनी 2014 बैच के आईपीएस अफसर हैं जिन्होंने बुधवार को ही पोरबंदर जिले के पुलिस अधीक्षक का प्रभार संभाला है। इससे पहले सैनी राजकोट सिटी के पुलिस जोन 1 के डिप्टी कमिश्नर थे।

मूल रूप से अलवर, राजस्थान के रहने वाले सैनी दसवीं क्लास में पढ़ते थे जब वो प्रसिद्ध गेम शो कौन बनेगा करोड़पति का हिस्सा बने थे।

अमिताभ बच्चन के 15 सवालों का लगातार सही जवाब देकर वो केबीसी जूनियर में एक करोड़ रुपये जीतने वाले पहले प्रतिभागी बन गए थे।

विशाखापट्टनम से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, उन्होंने जयपुर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज से अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की। सैनी के पिता नेवी से मोहनलाल सैनी नेवी से रिटायर्ड अधिकारी हैं और बकौल सैनी, उन्हें अपने पिता से ही पुलिस में जाने की प्रेरणा मिली।

रवि मोहन को 2013 में प्रतिष्ठित यूपीएससी की परीक्षा में तीसरे प्रयास में देश भर में 461वां रैंक मिला था। वे इससे पहले भारतीय पोस्ट, टेलिकॉम, एकाउंट्स और फाइनेंस सर्विस में चुने गए, जिसके बाद उन्होंने दोबारा परीक्षा दी थी।

सैनी बताते हैं कि उन्होंने परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया था। पोरबंदर पूरी तरह से सैनी के चार्ज में आने वाला पहला जिला है।

एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया की चार साल बाद उन्हें टैक्स काट कर 69 लाख रुपये की राशि मिली थी। उन्होंने बताया, ‘हमने उन पैसों से कुछ खास नहीं किया। एक कार खरीदी और अलवर में एक जमीन का टुकड़ा खरीदा। बाकी पैसे मेरी पढ़ाई पर लगाये गए।’ उन्होंने ये भी कहा कि पोरबंदर में उनकी जिम्मेदारी लॉकडाउन को सख्ती से लागू करने और न्याय व्यवस्था को बनाये रखने की होगी। (दिप्रिंट) 


30-May-2020 9:23 PM

नई दिल्ली, 30 मई। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में शुक्रवार को 11 और स्वास्थ्यकर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए जिनमें दो रेजिडेंट डॉक्टर भी शामिल हैं। इसके साथ ही देश के इस शीर्ष अस्पताल में कोरोना वायरस से संक्रमित कर्मियों की संख्या 206 हो गई है। एम्स के एक अधिकारी ने बताया कि एक फरवरी से लेकर दो संकाय सदस्यों, 10 रेजिडेंट डॉक्टरों, 26 नर्सों, नौ तकनीशियनों, पांच भोजनालय कर्मियों, 49 अस्पताल अटेंडेंट, 34 सफाईकर्मियों और 69 सुरक्षा गार्डों सहित 206 स्वास्थ्य देखभाल कर्मी कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आए हैं।

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी के शर्मा ने बताया कि 150 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी ठीक हो चुके हैं और काम पर वापस आ चुके हैं। पिछले तीन दिन में रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सों, प्रयोगशाला कर्मियों, तकनीशियनों, सफाईकर्मियों और सुरक्षा गार्डों सहित 64 से अधिक स्वास्थ्य देखरेख कर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं।

डॉ. शर्मा ने कहा, हम संस्थान में अपने स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सभी सावधानियां बरत रहे हैं और सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं। जब भी कोई स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित पाया जाता है, हम तत्काल उसे पृथक करते हैं और उसके संपर्क में आने वाले लोगों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं।

सूत्रों के अनुसार शुक्रवार की सुबह तक 11 स्वास्थ्यकर्मियों के नमूने पॉजिटिव पाए गए, जबकि 30 स्वास्थ्यकर्मी बृहस्पतिवार की सुबह तक संक्रमित पाए गए और 23 कर्मी बुधवार की सुबह तक संक्रमित पाए गए। डॉ। शर्मा ने कहा, संक्रमित पाए गए स्वास्थ्य और सहायक कर्मी अस्पताल के कोविड एवं गैर कोविड क्षेत्रों से हैं। इंजीनियरिंग, प्रयोगशालाओं, कार्यालयों, कैंटीन, ऑपरेशन थिएटर जैसे सभी तरह के विभागों के कर्मी संक्रमण की चपेट में आए हैं।

एम्स के एक स्वच्छता सुपरवाइजर की रविवार को कोरोना वायरस से मौत हो गई थी, जबकि पिछले सप्ताह अस्पताल की कैंटीन के एक कर्मचारी की मौत इस विषाणु से हो गई थी। (भाषा)


30-May-2020 9:22 PM

नई दिल्ली, 30 मई । कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए गए लॉकडाउन के बाद प्रवासी मजदूर अपने घरों की ओर वापस लौटने लगे। सरकार पर दबाव बढ़ा तो रेल मंत्रालय ने उनको पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने शुरू कीं। लेकिन इन ट्रेनों में भी प्रवासी मजदूरों की समस्याएं कम नहीं हुई हैं। मिले आंकड़ों की मानें तो श्रमिक स्पेशल में अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है। ये मौतें  9 से 27 मई के बीच हुई हैं। 

मिली जानकारी के मुताबिक  23 मई को 10 मौत, 24 मई को 9 मौत, 25 मई को 9 मौत, 26 मई को 13 मौत, 27 मई को 8 मौत इनमें से 11 मौतों को लेकर कारण बताए गए हैं। जिनमें  पुरानी बीमारी या फिर अचानक बीमार पडऩे का हवाला दिया गया है।  इसमें एक उस शख्स की भी मौत हुई है जिसको कोरोना वायरस से संक्रमित बताया गया है।

गौरतलब है कि गंतव्य तक पहुंचने में श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में होने वाली देरी को लेकर गंभीर आलोचना से घिरे रेलवे ने शुक्रवार को यह कहते हुए अपना बचाव किया कि वे कोई नियमित ट्रेनें नहीं थीं तथा प्रवासी श्रमिकों के लाभ के लिए उनका मार्ग बढ़ाया जा सकता है, घटाया जा सकता है एवं उनके ठहराव तथा मार्ग बदले जा सकते हैं।

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कभी कोई ट्रेन गुम नहीं हो सकती तथा एक मई से जब से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलने लगी हैं, तब से अब तक कुल 3,840 ऐसी ट्रेनों में केवल चार ट्रेनों ने ही अपने गंतव्य पर पहुंचने में 72 घंटे से अधिक समय लिया।

यह स्पष्टीकरण तब आया है जब विलंब को लेकर यहां तक कह दिया गया कि प्रवासी ट्रेनें अपने गंतव्य पर पहुंचने से पहले ही गायब हो रही हैं। रेलवे के आंकड़े के हिसाब से 36.5 प्रतिशत ट्रेनों का गंतव्य बिहार में था जबकि 42.2 फीसद ट्रेनें उत्तर प्रदेश गयीं, फलस्वरूप इन मार्गों पर असमान दबाव पड़ा।

यादव ने बार बार कहा कि ये असाधारण वक्त था। उन्होंने देरी की शिकार हुई ट्रेनों को लेकर की जा रही आलोचना के संदर्भ में रेलवे का बचाव किया और कहा कि यात्रियों को भोजन के 85 लाख पैकेट और पानी की सवा करोड़ बोतलें दी गयीं।

उन्होंने कहा कि खास शिकायतों की जांच की गयी है और भोजन की आपूर्ति में कोई विसंगति नहीं पायी गई।

उन्होंने कहा, कोरोना वायरस के चलते कई अनुबंधकर्ता भोजन वितरण के लिए ट्रेनों में सवार नहीं होना चाहते थे। हम शुरू में उन्हें प्रवासियों की खातिर पैकेट देते थे। लेकिन अब हमारे कर्मचारी ट्रेनों में चढऩे और भोजन का वितरण करने के लिए मास्क और दस्तानों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

यादव ने दृढ़ता के साथ कहा, इसलिए 3840 ट्रेनों में से महज एक या दो फीसद ट्रेनों में ये घटनाएं हुई । 98-99 फीसद मामलों में चीजें सुचारू रहीं।

उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे उन लोगों की सूची तैयार कर रहा है जिन्होंने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में जान गंवाई। उन्होंने साथ ही पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की।

उन्होंने कहा, रेलवे की नियंत्रण प्रणाली है, यदि कोई बीमार पाया जाता है तो ट्रेन तत्काल रोकी जाती है, डॉक्टर उसकी जान बचाने की कोशिश करते हैं। (बाकी पेजï 5 पर)

कई यात्रियों को रेलवे के डॉक्टरों ने देखा, 31 सफल प्रसव कराये गये। कई मामलों में मरीजों को निकटतम अस्पताल में भेजा गया। मैं समझता हूं कि वे मुश्किल घड़ी में सफर कर रहे हैं।

यादव ने कहा, हर मौत की जांच की जाती है। हम मौतों और उनके कारणों पर राज्य सरकारों के सहयोग से डाटा तैयार कर रहे हैं। जब हमारे पास आंकड़े हो जायेंगे, तब हम उसे जारी करेंगे। मैं बिना किसी आंकड़े के टिप्पणी नहीं करना चाहता। उनसे इन ट्रेनों में हुई मौतों पर सवाल पूछा गया था।

उन्होंने यह भी कहा कि इन प्रवासी ट्रेनों में 90 फीसद ट्रेनें नियमित मेल एक्सप्रेस ट्रेनों से अधिक औसत रफ्तार से चलीं। यादव ने कहा, ‘‘ये फर्जी खबर है कि एक ट्रेन सूरत से नौ दिनों में सिवान पहुंची। हमने बस 1.8 फीसद ट्रेनों का मार्ग बदला। 20-24 मई के दौरान , उत्तर प्रदेश और बिहार से अधिक मांग होने के कारण 71 ट्रेनों के मार्ग बदले गये, क्योंकि देश भर से 90 फीसद ट्रेनें उत्तर प्रदेश और बिहार ही जा रही थीं।

उन्होंने कहा कि एक मामले में एक ट्रेन लखनऊ भेजी गयी जिसे इलाहाबाद जाना था और उस ट्रेन के लिए कहा गया कि ट्रेन गुम हो गयी। उन्होंने कहा कि जब यह महसूस किया गया कि ट्रेन में इलाहाबाद के कम और लखनऊ के जयादा लोग हैं तब उसका मार्ग बदला गया।

उन्होंने कहा, हमने राज्य सरकार से बातचीत की और कानपुर में इस ट्रेन को लखनऊ भेजने का निर्णय लिया। ये कोई सामान्य ट्रेनें नहीं थीं।  रेलवे ने उनमें पूरा लचीलापन बनाये रखा।  राज्य सरकारों को ट्रेनों का मार्ग बीच में पूरा कर देने, बढ़ाने, ठहराव स्थल बदलने, मार्ग बदलने की छूट दी गयी थी। प्रवासी मजदूरों को घर तक पहुंचाने में मदद के लिए जो भी करना पड़ेगा, हम करेंगे।

हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि रेलवे के पास यात्रियों के गंतव्य के बारे में सूचना कैसे नहीं थी। नियमानुसार उसके पास यात्रियों के सवार होने से पहले , जहां से ट्रेन चलती है, उस राज्य से लेकर उसके गंतव्य का पूरा विवरण होना चाहिए।

बिहार के लिए 51 ट्रेनों, उत्तर प्रदेश के लिए 16, झारखंड के लिए दो और मणिपुर के एक ट्रेन के मार्ग में परिवर्तन किया गया।  मार्ग परिवर्तन वाली ट्रेनें महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और राजस्थान से चली थीं।  यादव के अनुसार, 28 मई तक 3840 ट्रेनों ने 52 लाख यात्रियों को पहुंचाया। उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह में 1524 श्रमिक ट्रेनें चली हैं और 20 लाख से अधिक यात्री पहुंचाये गये।

उन्होंने कहा, रेलवे ने भेजने वाले राज्यों के कभी सभी अनुरोधों को समायोजित किया और हम श्रमिकों की आवाजाही की सभी मांग पूरा करने के लिए तैयार हैं। अध्यक्ष ने फिर कहा कि किसी भी प्रवासी से टिकट का भुगतान नहीं कराया गया।(भाषा)


30-May-2020 9:19 PM

नई दिल्ली, 30 मई। गोपीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में 32 वर्षीय महिला से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया है।  पुलिस ने शनिवार को बताया कि महिला दस मई की दोपहर एक बगीचे में लकड़ी बीनने गई थी। वहां सोनू बिंद, दीपक सिंह, अच्छेलाल और माधव यादव ने उससे गैंगरेप किया। आरोपियों ने गैंगरेप का वीडियो बनाकर महिला को जान से मारने की धमकी भी दी।  सिंह ने बताया कि महिला और उसके पति की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। (भाषा)

 

 


30-May-2020 9:18 PM

लखीमपुर, 30 मई। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक 50 साल के शख्स ने बेरोजगारी से तंग आकर जान दे दी। शख्स ने ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली। मृतक का नाम भानु गुप्ता था। वह शाहजहांपुर के एक होटल में काम करता था। मृतक ने सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसमें उन्होंने बेरोजगारी से तंग आकर खुदकुशी करने की बात लिखी। भानु ने लिखा कि लॉकडाउन की वजह से उनकी नौकरी चली गई थी। (एनडीटीवी)


30-May-2020 9:18 PM

नई दिल्ली, 30 मई।  इस साल फरवरी में बुकी संजीव चावला को करीब दो दशक बाद लंदन से भारत लाया गया। बुकी पर कथित रूप से सबसे बड़े मैच फिक्सिंग कांड में हिस्सा होने का आरोप है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच साल 2000 में मैच फिक्सिंग का मामला गहराया था। तब हेन्सी क्रोन्ये के नेतृत्व में दक्षिण अफ्रीकी टीम भारत दौरे पर आई थी। संजीव चावला की स्वर्गीय दक्षिण अफ्रीकी कप्तान हेन्सी क्रोन्ये के साथ बातचीत ने भारतीय क्रिकेट में सबसे बड़े भ्रष्टाचार कांड का पर्दाफाश किया था।

करीब 20 साल पीछा करने के बाद पुलिस 50 साल के चावला को भारत लाने में सफल रही। इस साल की शुरुआत में लंदन कोर्ट में उन्हें लाने की सभी औपचारिकताएं पूरी की गई। जहां जांच अब भी जारी हैं, वहीं चावला ने एक हैरानीभरा बयान दिया है कि पेशेवर स्तर पर खेला गया कोई क्रिकेट मैच ईमानदारी से खेला ही नहीं गया।

संजीव चावला के हवाले से इंडियन एक्सप्रेस ने कहा, कोई क्रिकेट मैच ईमानदारी से नहीं खेला गया। लोगों ने जितने भी क्रिकेट मैच देखे, वो सभी फिक्स थे। चावला ने आगे क्रिकेट गतिविधियों में नियंत्रण करने के लिए अंडरवल्र्ड माफिया के शामिल होने की बात कही। उन्होंने कहा कि जैसा कि फिल्मों में कई बार दिखा चुके हैं, ठीक वैसे ही बहुत बड़ा सिंडिकेट या अंडरवल्र्ड  माफिया पूरे क्रिकेट को नियंत्रित करता है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि चावला ने खुलासा किया कि अंडरवल्र्ड माफिया की नजरें इस मामले में जांच कर रहे डीसीपी (क्राइम ब्रांच) डॉ जी राम गोपाल नाइक पर हैं और उनकी जान खतरे में हैं। चावला लंदन मूल के बुकी हैं, जिनका जन्म नई दिल्ली में हुआ था। उन्होंने स्वीकार किया कि कई मौकों पर उन्होंने मैच फिक्स किए। हालांकि, चावला ने ज्यादा जानकारी देने से इंकार किया क्योंकि उन्हें अंडरवल्र्ड माफिया से डर है कि उन्हें मार डाला जाएगा।

संजीव चावला ने कहा, एक बहुत बड़ा सिंडिकेट/अंडरवल्र्ड  माफिया इस मामले में शामिल है और ये खतरनाक लोग हैं। अगर मैंने कुछ कहा तो वो लोग मुझे मार डालेंगे। पुलिस को दिए एक और बयान में चावला ने अपने अन्य साथियों के नाम का खुलासा करते हुए कहा कि ये सभी उनके पुराने साथी हैं, जो मैच फिक्सिंग में उनके साथ शामिल थे। इनके नाम हैं- कृष्ण कुमार, राजेश कालरा और सुनील दारा। (टाईम्स नाउ)


30-May-2020 9:16 PM

नई दिल्ली, 30 मई । हरियाणा में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने दिल्ली से सटे सभी बॉर्डर को सील करने का आदेश दिया है। जरूरी सेवा से जुड़े लोगों के दाखिल होने पर कोई रोक नहीं है। खट्टर सरकार का यह आदेश शुक्रवार से प्रभावी था। जिसके बाद बीते दिन बॉर्डर पर लंबा जाम देखने को मिला। आज (शनिवार) एक बार फिर दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर काफी जाम लगा हुआ है। पुलिस दिल्ली से हरियाणा में दाखिल होने वाले लोगों के पास और आईडी कार्ड चेक कर रही है।

बॉर्डर सील होने के बाद कुछ लोगों ने हरियाणा पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस पैदल व साइकिल से जाने वाले लोगों को राज्य में दाखिल नहीं होने दे रही है, जबकि कार, बाइक व अन्य वाहनों से आने वाले लोगों को नहीं रोका जा रहा है। हरियाणा जाने वाले मजदूरों का कहना है कि पास होने के बावजूद उन्हें राज्य में दाखिल होने से रोका जा रहा है। वह लोग वाहन खरीदने में अक्षम हैं। हरियाणा पुलिस आर्थिक आधार पर लोगों के साथ भेदभाव कर रही है।

राजधानी दिल्ली में बीते दो दिनों से कोरोना संक्रमण के 1000 से ज्यादा मामले (प्रतिदिन) सामने आए हैं। गुरुवार को 1024 केस और शुक्रवार को 1106 मामले सामने आए। बीते दिन दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। सिसोदिया ने कहा कि कोरोनावायरस से घबराने की नहीं बल्कि सतर्क रहकर जरूरी ऐहतियात बरतने की जरूरत है। उन्होंने इस दौरान हड़बड़ाहट नहीं दिखाने की भी सलाह दी।

डिप्टी सीएम ने माना कि कोरोना के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है लेकिन 50 फीसदी मरीज ठीक भी हुए हैं। उन्होंने कहा कि 80-90 फीसदी लोग होम क्वारंटाइन में ठीक हो रहे हैं। उन्होंने कोरोना के कारण लोगों को नहीं घबराने की सलाह दी और कहा कि हल्के-फुल्के लक्षण में डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं है। उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि सफदरजंग अस्पताल ने 52 मौतों की रिपोर्टिंग लेट की है। इन मौतों का आंकड़ा कल के हेल्थ बुलेटिन में जोड़ा गया।(एनडीटीवी)


30-May-2020 12:40 PM

नयी दिल्ली, 30 मई । देश में वैश्विक महामारी कोरोना से महाराष्ट्र, गुजरात और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सबसे अधिक कुल 3476 लोगों की जान गई है जो देश में अब तक कोविड-19 से हुई कुल मौतों का लगभग 70 प्रतिशत है। 

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शनिवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के  7964 नये मामले सामने आये हैं, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या 173763 पर पहुंच गयी है। देश में इस संक्रमण से कुल 4971 लोगों की मौत हुई है तथा 82370 लोग स्वस्थ हुए हैं।(वार्ता)


30-May-2020 12:39 PM

नयी दिल्ली, 30 मई । देश में कोरोना वायरस (कोविड 19) महामारी की विकरालता लगातार बढ़ रही है और पिछले 24 घंटों के दौरान संक्रमण के 7964 नये मामले दर्ज किये गये हैं तथा 265 लोगों की इस बीमारी से मौत हुई है लेकिन राहत की बात यह है कि इस अवधि में स्वस्थ होने वालों की संख्या में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है और 11,264 मरीज रोगमुक्त हुए हैं।
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसके संक्रमण से अब तक 1,73,763 लोग प्रभावित हुए हैं तथा 4971 लोगों की मौत हुई है। देश में 82,370 लोग इस बीमारी से निजात पाने में कामयाब हुए हैं और अब यहां कोरोना संक्रमण के 86,422 सक्रिय मामले हैं।
महाराष्ट्र इस महामारी से देश में सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। राज्य में पिछले 24 घंटों में 2682 नये मामले सामने आये हैं और 116 लोगों की मौत हुई है जिसके साथ ही राज्य में इससे प्रभावित होने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 62,228 तथा इस जानलेवा विषाणु से मरने वालों की संख्या बढ़कर 2098 हो गयी है। इस दौरान राज्य में रिकॉर्ड 8381 लोग रोगमुक्त हुए है जिससे स्वस्थ होने वालों की कुल संख्या 26997 हो गयी है। 


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कोरोना वायरस से प्रभावित होने के मामले में तमिलनाडु दूसरे नंबर पर है , जहां संक्रमितों की संख्या 20 हजार से अधिक हो चुकी है। यहां अब तक 20,246 लोग इससे संक्रमित हुए हैं तथा 154 लोगों की मृत्यु हुई है जबकि 11,313 लोगों को उपचार के बाद विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी मिल चुकी है।
कोरोना के कारण राष्ट्रीय राजधानी की भी स्थिति काफी ङ्क्षचताजनक बनी हुई है और देश में सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में तीसरे स्थान पर है। दिल्ली में 17,386 लोग संक्रमित हुए हैं तथा 398 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 7846 मरीजों को उपचार के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है।
कोविड-19 से प्रभावित होने के मामले में देश का पश्चिमी राज्य गुजरात चौथे नंबर पर है। गुजरात में अब तक 15,934 लोग इससे संक्रमित हुए हैं तथा 980 लोगों ने जान गंवाई है। इसके अलावा 8611 लोग इस बीमारी से उबरने में कामयाब हुए हैं।
राजस्थान में भी कोरोना का प्रकोप जोरों पर है और यहां इससे संक्रमितों की संख्या 8365 हो गयी है तथा 184 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5244 लोग पूरी तरह ठीक हुए हैं।
आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अब तक 7284 लोग कोरोना वायरस की चपेट में आए हैं तथा 198 लोगों की मौत हुई है जबकि 4244 लोग इससे ठीक हुए हैं। पश्चिम बंगाल में 4813 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं तथा 302 लोगों की मौत हो चुकी है और अब तक 1775 लोग ठीक हुए है। तेलंगाना में अब तक कोरोना से 2425 लोग संक्रमित हुए हैं तथा 71 लोगों ने कोरोना के कारण जान गंवाई है। इसके अलावा यहां 1381 लोग अब तक इस बीमारी से ठीक हुए हैं।

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दक्षिण भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश में 3436 और कर्नाटक में 2781 लोग संक्रमित हुए हैं तथा इन राज्यों में इससे मरने वालों की संख्या क्रमश: 60 और 48 है। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2164 हो गई है और 28 लोगों की मृत्यु हुई है। पंजाब में 42, हरियाणा में 19, बिहार में 15, केरल में आठ, ओडिशा में सात , हिमाचल प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड में पांच-पांच , असम और चंडीगढ़ चार-चार तथा छत्तीसगढ़ और मेघालय में इस महामारी से एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।(वार्ता)


30-May-2020 12:39 PM

इंदौर, 30 मई । मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में 'कोविड 19Ó के 87 नए मामले आने के बाद संक्रमितों की संख्या 3431 तक जा पहुंची है, जबकि 3 नयी मौत दर्ज होने के बाद मृतकों की संख्या 129 और स्वस्थ्य होकर अस्पताल से छुट्टी होकर घर जाने वालों की संख्या 1775 तक पहुंच गयी है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ प्रवीण जडिय़ा ने कल रात स्वास्थ्य बुलेटिन जारी कर बताया कि कल जांचे गये 1261 सैम्पलों में 1159 असंक्रमित जबकि 87 संक्रमित पाये गये हैं, जबकि 1599 नये सैम्पल जांच के लिये प्राप्त किये गये हैं।

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डॉ जडिय़ा ने बताया कि अब तक कुल 34738 जांच रिपोर्ट प्राप्त की गयी हैं, जिनमें कुल 3431 संक्रमित पाये गये हैं। कल 50 वर्षीय और 58 वर्षीय पुरुष तथा एक 54 वर्षीय महिला की आधिकारिक रूप से मौत दर्ज की गयी है। जिसमें 50 वर्षीय पुरुष की कोविड 19 वायरस से मौत बीते 19 अप्रैल को हो चुकी है, जबकि शेष दो की मौत गुरुवार को हुयी है।
दूसरी तरफ राहत भरी खबर है कि कल 102 संक्रमितों को स्वस्थ्य होने पर छुट्टी दिये जाने के बाद अब तक कुल 1775 रोगियों को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी हैं। वहीं 174 संदेहियों को आज संस्थागत क्वारेंटाइन केंद्रों से छुट्टी दिये जाने के बाद अब तक कुल 3058 संदेहियों को स्वस्थ्य पाये जाने पर छुट्टी दी जा चुकी है।(वार्ता)

 

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29-May-2020 12:19 PM

जयपुर, 29 मई। राजस्थान में 91 नये कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आने केे साथ ही इसकी संख्या बढ़कर आज 8158 पहुंच गयी तथा 182 लोगों की मौत हो गयी।
चिकित्सा विभाग की ओर से शुक्रवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक झालावाड में 42, राजधानी जयपुर में 12, नागौर में 12,चुरू में छह, उदयपुर में पांच, धौलपुर में में पांच, अलवर, भरतपुर, बीकानेर, अजमेर में दो-दो एवं कोटा में एक कोरोना संक्रमित मरीज सामने आया।
विभाग के अनुसार गुुरूवार को दो कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गयी। इस जानलेवा विषाणुु से अब तक राज्य में 182 लोगों की मौत हो गयी है। 
विभाग के अनुसार अब तक अजमेर में 318, अलवर में 53, बांसवाडा में 85, बारां मे आठ, बाडमेर में 92, भरतपुर में 167 भीलवाड़ा में 135, बीकानेर में 103 बूंदी में दो, चित्तौडगढ़ में 175, चुरू में 96, दौसा 50, धौलपुर मे 50, डूंगरपुर में 333, श्रीगंगानगर में पांच, हनुमानगढ़ में 24, जयपुर में 1921, जैसलमेर में 68, जालोर में 155 झालावाड़ 246, झुंझुनू में 109, जोधपुर में 1375, बीसफ 48, करौली में 12, कोटा में 424, नागौर में 437, पाली मे 413 प्रतापगढ़ में 13 राजसमंद 135, सवाई माधोपुर में 20, सीकर में 174 सिरोही 142 टोंक में 163 उदयपुर में 528 संक्रमित मरीज सामने आये है।

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विभाग के अनुसार अब तक तीन लाख 65 हजार 556 सैंपल लि, जिसमें से 8158,  पॉजिटिव तीन लाख 51 हजार 861 नेगेटिव तथा 5537 की रिपोर्ट आनी बाकी हैं। इसके अलावा राज्य में एक्टिव की 3121 संख्या है। (वार्ता)


29-May-2020 12:18 PM

नयी दिल्ली, 29 मई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के पूर्व छात्रों ने  कोरोना महामारी (कोविड-19) के संक्रमितों की जांच के लिए दुनिया का सबसे बड़ा टेस्ंिटग लैब  बनाने का निर्णय लिया है।
आईआईटी एलुमनाई काउंसिल ने यह फैसला किया है कि वह मुंबई में कोरोना की जांच के लिए  एक मेगा लैब बनाएगा जिसके जरिए  हर माह एक करोड़ लोगों का टेस्ट हो सकेगा। काउंसिल के अध्यक्ष  रवि शर्मा ने यहां एक विज्ञप्ति में कहा कि दुनिया में कोरोना का टीका बनाने के प्रयास चल रहे हैं लेकिन काउंसिल ने विषाणु विज्ञानियों और विशेषज्ञों से सम्पर्क कर यह फैसला किया है कि मुंबई में एक विशाल लैब  बनाया जाए। इसके लिए ग्लोबल पाट््र्नर्स  की खोज की जा रही है और उन्हें आमंत्रित किया जा रहा है। 
आईआईटी के करीब एक ह•ाार पूर्व छात्र दुनिया भर में अपने स्तर पर प्रयास कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने में लगे है। इस लैब में रोबोट टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल होगा तथा अन्य संक्रामक रोगों की भी जांच होगी। इसमें भविष्य में दस करोड़ लोगों का हर माह टेस्ट की सुविधा विकसित होगी। (वार्ता)
 


29-May-2020 12:17 PM

नयी दिल्ली, 29 मई। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में टिड्डी दलों की सक्रियता पर नियंत्रण के लिए सरकार ने हेलिकॉप्टर से कीटनाशकों के छिड़काव का निर्णय लिया है। 
कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार इस समस्या को पूरी गंभीरता से ले रही है। ऊंचे पेड़ों और दुर्गम क्षेत्रों में  कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन का उपयोग करने के साथ ही हेलिकॉप्टरों की सेवाएं लेने की भी तैयारी की जा रही है। राज्यों के साथ मिलकर सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और उन्हें सलाह भी  जारी की जा चुकी है। 
कृषि मंत्री की अध्यक्षता में गुरुवार को उच्च स्तरीय बैठक में  टिड्डी नियंत्रण के उपायों की समीक्षा की गई। इस कीट के  नियंत्रण के लिए 11 नियंत्रण कक्ष स्थापित कर विशेष दलों की तैनाती कर उनके साथ अतिरिक्त कर्मचारी भी लगाए गए हैं। सभी स्थानों पर किसानों की मदद से नियंत्रण दल तत्परता से कार्रवाई में जुटे हुए हैं । 
अब तक मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, उत्तरप्रदेश और पंजाब में 50,468 हेक्टेयर क्षेत्र में हॉपर और गुलाबी झुंडों को नियंत्रित किया गया है। वर्तमान में राजस्थान के दौसा, श्रीगंगानगर, जोधपुर,बीकानेर, मध्य प्रदेश के मुरैना और उत्तर प्रदेश के झांसी में अपरिपक्व गुलाबी टिड्डियों के झुंड सक्रिय हैं। वर्तमान में 47 स्प्रे उपकरण का उपयोग टिड्डी नियंत्रण के लिए किया जा रहा है तथा ब्रिटेन से 60 अतिरिक्त उपकरणों की आपूर्ति के आदेश दिए गए हैं । 
राजस्थान सरकार के अनुरोध पर 800 ट्रैक्टर स्प्रे उपकरणों की खरीद के लिए  2.86 करोड़ रुपये की मंजूरी केंद्र सरकार ने दी है। उत्तर प्रदेश और बिहार सरकार भी टिड्डी के हमले को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही है।  (वार्ता)
 


29-May-2020 12:16 PM

नयी दिल्ली, 29 मई। देश में महाराष्ट्र, तमिलनाडु और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) ने सबसे ज्यादा कहर बरपाया है तथा अब तक इन तीनों राज्य में इससे 95199 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जो देश में अब तक इस जानलेवा विषाणु से प्रभावित हुई कुल आबादी का 57.42 प्रतिशत हैं। इन तीनों राज्यों में अब तक इस महामारी से 2443 लोगों की जान जा चुकी है।  

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 7466 नये मामले सामने आये हैं, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या 165799 पर पहुंच गयी है। देश में इस संक्रमण से कुल 4706 लोगों की मौत हुई है तथा 71106 लोग स्वस्थ हुए हैं। (वार्ता)

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29-May-2020 12:15 PM

नयी दिल्ली, 29 मई । कोरोना वैश्विक महामरी  के कारण लॉकडाउन में जहां कुछ लोग पलायन कर रहे गरीब मजदूरों को मुफ्त में  खाने पीने का सामान दे रहे और उन्हें आर्थिक मदद कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश की एक शिक्षिका ने चिलचिलाती गर्मी में  इन मजदूरों के बीच सुबह से शाम तक मुफ्त सैनिटरी पैड बांटने का एक अनोखा अभियान शुरू किया है। 
मध्य प्रदेश के देवास की शिक्षिका ज्योति देशमुख के  इस काम में उनका बेटा भी शामिल है। श्रीमती देशमुख ने इन गरीब महिला मजदूरों को  पिछले एक  सप्ताह के भीतर 10,000 से अधिक सैनिटरी पैड वितरित किए हैं और वह इन मजदूर महिलाओं के बीच इतनी लोकप्रिय हो गयी हैं कि लोग उन्हें 'सैनिटरी पैड देवीÓ कहकर पुकारने लगे हैं ।
श्रीमती  देशमुख ने यूनीवार्ता को बताया कि जब उन्होंने अपने शहर में महिला मजदूरों को बहुत कष्ट में  देखा क्योंकि वे  लॉकडाउन में अपने लिए सैनिटरी पैड खरीदने की स्थिति में नहीं है तो उन्होंने सोचा कि क्यों न उन्हें मुफ्त में  सैनिटरी पैड बांटे जाएं। आखिर  उन्हें भी तो इसकी जरूरत पड़ती होगी ।
श्रीमती देशमुख ने कहा कि उन्होंने जब सबसे पहले सैनिटरी पैड मजदूर महिलाओं में बांटे  उन महिलाओं को बहुत खुशी हुई और उन्होंने बहुत ही आभार प्रकट किया। ये गरीब महिलाएं 10-20 दिन के नवजात शिशुओं को लेकर गर्मी में आती थी।
उन्होंने बताया कि पहले तो वह डरी कि लॉकडाउन में घर से बाहर निकल कर अगर वह सैनिटरी पैड बाँटती हैं तो कहीं पुलिस वाले ही उनकी पिटाई न कर दें। इसलिए उन्होंने अपने एक कवि मित्र एवं सरकारी कर्मचारी बहादुर पटेल की सहायता ली ताकि वह उनके साथ मजदूरों के बीच जा सके। श्रीमती देशमुख ने बताया कि शुरू में तो उन्होंने इस काम के लिए पांच-सात हजार रुपये अपनी जेब से लगाये लेकिन बाद में उन्होंने इस काम के लिए आर्थिक मदद जुटाने वास्ते फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा और उस पोस्ट का इतना असर हुआ कि करीब 20-22 लोगों ने उन्हें फौरन मदद की और इस तरह उन्होंने अब तक करीब एक लाख रुपये का सैनिटरी पैड वितरित किया है।
श्रीमती देशमुख का कहना है कि पहले तो वह दो-चार घंटे के लिए ही सैनिटरी पैड वितरित करती थीं लेकिन अब तो वह सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक चिलचिलाती गर्मी में अपने बेटे के साथ यह सैनिटरी पैड बांटती हैं। शुरू में तो कई बार महिलाओं को यह पता भी नहीं चला कि वह जो पैकेट ले रही हैं उसमें सैनिटरी पैड जैसी कोई चीज है क्योंकि आमतौर पर गरीब महिलाएं मैले कुचैले फटे-पुराने कपड़े से सैनिटरी पैड का काम लेती हैं। एक सर्वेक्षण के अनुसार केवल 48 प्रतिशत ग्रामीण महिलाओं को सैनिटरी पैड उपलब्ध होते हैं और यही कारण है कि वह संक्रमण का शिकार होती हैं और अक्सर बीमार पड़ती रहती हैं।
श्रीमती देशमुख देवास में निजी स्कूल चलाती हैं और वह कविताएं आदि भी लिखती हैं तथा कविताओं के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालती रहती हैं। उनका एक कविता संग्रह 'प्रेम की वर्तनी' प्रकाशित हो चुका है। उनका कहना है कि वह लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी इन महिला मजदूरों के बीच सैनिटरी पैड बांटने का काम करती रहेंगी और अब वह पास के दो-तीन गांव में भी जाकर गांव वालों को सैनिटरी पैड मुफ्त में देंगी । 
उन्होंने कहा कि हर साल 28 मई को विश्व माहवारी दिवस मनाया जाता है और कल भी यह मनाया गया लेकिन इन महिलाओं को इसके बारे में नहीं मालूम। समाज में माहवारी को लेकर गलत धारणाएं भी प्रचलित है जिन्हें तोडऩा बहुत जरूरी है। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) इसी धारणा को तोडऩे के लिए एक ट््िवटर अभियान चला रहा है और अब तक 32 लाख लोगों ने इसका समर्थन किया है। (वार्ता)