राष्ट्रीय

26-Oct-2020 9:05 AM 12

भोपाल. मध्य प्रदेश के विदिशा (Vidisha) में पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार (Arrest) किया है जो अपनी कथित पत्नी के साथ किए गए सेक्स का वीडियो बनाकर उसे ऑनलाइन बेच रहा था. ये पूरा मामला धोखाधड़ी का भी है. आरोपी पहले से शादीशुदा था और उसने युवती से झूठ बोलकर शादी की थी और फिर उसके साथ ये अश्लील वीडियो बनाकर बेच रहा था.

विदिशा की सिविल लाइन थाना पुलिस ने एक बेहद सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है. इस मामले में पुलिस ने ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है जो एक युवती को बहला-फुसलाकर पहले उससे दूसरी शादी करता है. फिर उसके साथ शारीरिक संबंध कायम करता है उसका वीडियो बनाता है और फिर बाद में अपनी पहली पत्नी के साथ ऑनलाइन सेक्स परोसकर पैसा कमाता है. जब पीड़ित युवती को खुद के ठगे होने की जानकारी मिली तो उसने पुलिस में शिकायत की. पुलिस ने अपने तरीके के इस पहले केस की बारीकी से जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया.

6 लाख रुपए कमाए

सिविल लाइन थाने में हुई प्रेस कांफ्रेंस में विदिशा सीएसपी विकास पांडे ने बताया कि विदिशा की आज्ञाराम कॉलोनी के रहने वाले चंद्रजीत अहिरवार उर्फ माधव को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले से ही शादीशुदा था. फेसबुक के ज़रिए उसकी ललितपुर की एक युवती से एक आध्यात्मिक गुरु की वजह से पहचान हुई. बाद में वो युवती को बहला-फुसलाकर विदिशा ले आया. यहां उसका शारीरिक शोषण किया और उसका वीडियो बना लिया. बाद में टैंगो ऐप के जरिए उस युवती को ऑनलाइन सेक्स के रूप में परोसने लगा. इस तरह उसने तीन अलग-अलग खातों में ₹6,00,000 से ज्यादा की रकम भी उसने जुटा ली.

अलग-अलग डिमांड

चंद्रजीत अहिरवार उर्फ माधव इतना शातिर है कि उसने सेक्स के वीडियो की कैटेगिरी तय कर दी थी. अलग-अलग तरीके की डिमांड के हिसाब से पैसे भी तय किए जाते थे.ऑनलाइन सेक्स के ज़रिए उसने विदेशों से भी पैसे कमाए.आरोपी ने इस युवती के करीब ₹15 लाख रूपयों के जेवर सहित ₹45000 नगद भी हड़प लिए थे. पुलिस ने आरोपी पर कार्रवाई करते हुए आईटी एक्ट, बलात्कार सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.(news18)


26-Oct-2020 8:50 AM 11

हैदराबाद, 26 अक्टूबर | तेलंगाना के जयशंकर भुपलपल्ली जिले में 24 वर्षीय एक युवक ने रविवार को प्रमिका की मौत के गम में अपनी जान दे दी। चल्ला महेश नाम के एक युवक ने अपनी प्रेमिका की समाधि के पास ही एक पेड़ से लटककर फांसी लगा ली। लड़की की हाल ही में एक बीमारी की वजह से मौत हो गई थी।

राज्य पुलिस के मुताबिक, घटना जिले के महादेवपुर मंडल के कुडुरुपल्ली में हुई। अपनी जान देने से पहले युवक ने अपने वाट्सअप स्टेट्स में लिखा था कि वह अपनी प्रेमिका के बिना जिंदा नहीं रह सकता।

महेश तेलंगाना स्टेट मिनरल डवलपमेंट कॉरपोरेशन में काम करता था और रविवार को वह किसी काम से घर से बाहर चला गया था।

हालांकि बाद में उसका शव लड़की की समाधि के पास बरामद हुआ। घटना से महेश के परिवार और गांव में दुख की लहर दौड़ गई।

महेश के परिजनों के अनुसार, वह पिछले कुछ समय से उस लड़की से प्यार करता था और शादी के लिए सारी व्यवस्थाएं भी कर ली थीं। उसकी मौत के बाद वह गहरे सदमे में चला गया था।(आईएएनएस)


26-Oct-2020 8:46 AM 11

नई दिल्ली, 26 अक्टूबर | केंद्र सरकार की योजनाओं को लेकर फर्जी वेबसाइटें बनाकर जनता को धोखा देने की शिकायतें सामने आई हैं। जिस पर नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने सावधान किया है। दरअसल, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (प्रधानमंत्री-कुसुम) योजना लागू किया गया है। जिसके तहत कृषि पंपों के सोलराइजेशन के लिए 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। इस योजना को राज्य सरकार के विभागों द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है जिसमें किसानों को केवल बाकी का 40 प्रतिशत ही विभाग को जमा करवाना होता है। इन विभागों का विवरण मंत्रालय की वेबसाइट पर है।

मंत्रालय के मुताबिक, योजना की शुरुआत के बाद से ही पता चला कि कुछ वेबसाइटों ने पीएम-कुसुम योजना के लिए पंजीकरण पोर्टल होने का दावा किया है। ऐसी वेबसाइटें आम जनता को धोखा दे रही हैं और फर्जी पंजीकरण पोर्टल के माध्यम से उनसे रुपये तथा जानकारी एकत्रित कर रही है।

आम जनता को किसी भी नुकसान से बचने के लिए, मंत्रालय ने पहले पिछले साल 18 मार्च को, उसके बाद इस साल तीन मार्च और फिर दस अक्टूबर को लाभार्थियों और आम जनता को ऐसी किसी भी वेबसाइटों पर पंजीकरण शुल्क नहीं जमा करने और अपनी जानकारी साझा करने से सतर्क रहने की सलाह दी थी।

मंत्रालय ने अब ऐसी वेबसाइटों की जानकारी मिलने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। हाल ही में देखा गया है कि कुछ नई वेबसाइटों ने अवैध रूप से पीएम-कुसुम योजना के लिए पंजीकरण पोर्टल का दावा किया है। मंत्रालय ने फिर से सभी संभावित लाभार्थियों और आम जनता को सलाह दी है कि इन वेबसाइटों पर रुपया या जानकारी जमा करने से बचें। (आईएएनएस)


26-Oct-2020 8:44 AM 12

मुंबई, 26 अक्टूबर | शिवसेना अध्यक्ष और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने यहां रविवार को कहा कि अगर जीएसटी विफल हो गई है, तो केंद्र को ईमानदारी से इसे स्वीकार कर लेना चाहिए और देश में पुरानी कर व्यवस्था को वापस लागू करना चाहिए।

शिवाजी पार्क के पास एक ऑडिटोरियम में सिर्फ 50 लोगों की मौजूदगी के बीच शिवसेना की वार्षिक दशहरा रैली को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र को जीएसटी के बकाए का भुगतान नहीं किया गया है, जो कि 38,000 करोड़ रुपये है। इसके चलते राज्य को इस कोरोना काल में भारी वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है।

ठाकरे ने कहा, "इस सब से यह प्रतीत होता है कि जीएसटी प्रणाली फेल हो गई है। यदि यह काम नहीं कर रही है, तो प्रधानमंत्री को ईमानदारी से इसे स्वीकार करना चाहिए और पुरानी कर व्यवस्था में वापस आ जाना चाहिए।"

दूसरे राज्यों के सामने आने वाली समान समस्याओं का जिक्र करते हुए, ठाकरे ने कहा कि राज्यों के मुख्यमंत्रियों को इस मुद्दे का हल निकालने के लिए प्रधानमंत्री से मिलना चाहिए।

ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी के बिहार में मुफ्त कोरोना वैक्सीन वितरित करने के वादे की भी कड़ी आलोचना की।

ठाकरे ने कहा, "एक तरफ आप हमें हमारे हिस्से का बकाया जीएसटी नहीं दे पा रहे हैं और दूसरी तरफ, आप लोगों को मुफ्त वैक्सीन देने का वादा कर रहे हैं। पैसा कहां से आएगा? और शेष भारत का क्या होगा? यह भेदभाव क्यों है? क्या देश का बाकी हिस्सा पाकिस्तान है?"

राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का नाम लिए बिना ठाकरे ने उन पर निशाना साधा और कहा कि वो क्या हमसे 'हिंदुत्व' के बारे में पूछेंगे, जिनकी अपनी कोई साख नहीं है।

ठाकरे ने चेतावनी दी, "हमारा हिंदुत्व आपके हिंदुत्व से बहुत पुराना और अलग है। दिवंगत बालासाहेब ठाकरे ने इस बारे में तब बोला था जब लोग इसका नाम लेने से भी डरते थे। मैंने एक बार हमला बोला है, अगर जरूरत पड़ी तो फिर बोलेंगे।"

राज्य के विपक्षी भाजपा नेताओं पर कड़ी चोट करते हुए, ठाकरे ने उन्हें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की दशहरा रैली का भाषण ध्यान से सुनने की नसीहत दी।

उन्होंने कहा, "हमारा हिंदुत्व देवताओं, मंदिरों या पूजा या घंटा बजाने तक ही सीमित नहीं है। हमारा हिंदुत्व हमारा राष्ट्रवाद है। आपने महाराष्ट्र में गौरक्षा कानून बनाया, लेकिन गोवा में क्यों नहीं?"

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा, "शिवसेना ने मोहन भागवत को राष्ट्रपति बनाने की मांग की थी, लेकिन उन्होंने बिहार में नीतीश कुमार की पार्टी के साथ हाथ मिलाया, जो आरएसएस से जुड़े किसी भी व्यक्ति के साथ कोई मेल-जोल नहीं रखना चाहते। हिंदुत्व के नाम पर 'इसकी टोपी, उसके सर' वाला गेम हमारे साथ मत खेलो।"

विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए, ठाकरे ने चुटकी लेते हुए कहा, "तारीख पे तारीख के बावजूद, मेरी सरकार नहीं गिरा पाए और ये सरकार स्थिर है।"

ठाकरे ने कहा, "जब से मैंने सीएम के रूप में पदभार संभाला है, कुछ लोग मुझे बाहर फेंकने का सपना देख रहे हैं। मैंने जो कहा, उसे दोहराया। यह एक खुली चुनौती है। अगर आप मेंहिम्मत है, तो मेरी सरकार को गिराकर दिखा दो।"

सीएम ने कहा, "देश में अजीबोगरीब चीजें चल रही हैं जो एक चिंता का विषय है, खास कर कोरोना महामारी और आर्थिक संकट के दौर में। लेकिन भाजपा केवल लॉकडाउन में मंदिर पर राजनीति और सरकारों को गिराने में व्यस्त है।"

ठाकरे ने चेतावनी दी, "गैर-भाजपा सरकारों को अस्थिर न करें। अगर ये चीजें जारी रहेंगी, तो इससे देश में अराजकता की स्थिति पैदा हो जाएगी।"

अभिनेत्री कंगना रनौत का नाम लिए बगैर, सीएम ने कहा, "जिन लोगों को अपने राज्य में ठीक से खाना नहीं मिलता है, वे यहां आते हैं, पैसा कमाते हैं और फिर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के साथ मुंबई की तुलना करके राज्य को बदनाम करने की कोशिश करते हैं।"

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सही समय पर मंदिर खोले जाएंगे। "मुझे मुंबई पुलिस पर पूरा भरोसा है। वे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फोर्स में से हैं। मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की कोशिश करने वाले को धूल चटा दी जाएगी। अगर आप देश के लिए उतना समय दें जितना समय आप अपनी पार्टी की गतिविधियों के लिए देते हैं, तो ये सब के लिए बेहतर होगा।"

दशहरा रैली स्वातं˜यवीर सावरकर सभागार में आयोजित की गई। 1966 में पहली रैली के बाद किसी ठाकरे के सीएम के रूप में यह पहली रैली थी। इस दौरान कई शीर्ष शिवसेना नेता, मंत्री और निर्वाचित प्रतिनिधि मौजूद रहे। पूरे राज्य में इसे लाइव वेबकास्ट किया गया था।(आईएएनएस)


26-Oct-2020 8:37 AM 10

पंचकूला. हरियाणा के पंचूकला (Panchkula) जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. जिले के सेक्टर 4 में  एक 10 साल के बच्चे ने फंदा लगाकर खुदकुशी (Suicide) कर ली. मृतक बच्चा अपने परिवार के साथ सेक्टर 4 के एक मकान में रहता था. जब उसके माता पिता बाहर गए हुए थे और तो इस दौरान बच्चे ने फंदा लगाकर  खुदकुशी कर ली. मृतक के पिता ने बताया कि कल रात मोबाइल (Mobile) देने से मना किया था और डांटा भी था. मृतक के पिता का कहना है कि उसे नहीं मालूम उसके बेटे ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया. पुलिस (Police) ने सूचना मिलने पर मामले की जांच शुरू कर दी है. मृतक बच्चे के दांये हाथ में दांत से काटने के कई निशान हैं.

बता दें कि पंचकूला के सेक्टर 4 में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले 10 वर्षीय एक बच्चे ने घर में कमरे के अंदर पंखे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली. जब इसकी सूचना मृतक बच्चे के माता-पिता को लगी तो उन्होंने अपने बच्चे को पंचकूला सेक्टर 6 अस्पताल में लाए, जहां पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक बच्चे के शव के दाएं हाथ पर दांत से काटने के कई निशान है, लेकिन यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि यह निशान किसके द्वारा बनाए गए हैं.

पिता बोला- मोबाइल देने से किया था मना

मृतक बच्चे के पिता ने कहा कि कल रात उसके बेटे ने उससे मोबाइल मांगा था. इसको लेकर उसने मोबाइल देने से मना कर दिया और उस को डांट लगाई थी. जब सुबह वह किसी काम से बाहर गए थे तो वापस आए तो उन्होंने देखा कि उनका बेटा पंखे से फंदा लगाकर लटका हुआ है. मृतक बच्चे के पिता ने कहा कि उसे नहीं पता कि उसके बेटे ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया.

जांच में जुटी पुलिस

10 साल के बच्चे द्वारा खुदकुशी करने की सूचना सेक्टर 2 चौकी पुलिस को दे दी गई है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस जांच के बाद ही खुलासा हो पाएगा कि 10 साल के मासूम बच्चे ने खुदकुशी करने जैसा कदम क्यों उठाया.(news18)


26-Oct-2020 8:22 AM 12

ग्रेटर नोएडा, 26 अक्टूबर | ग्रेटर नोएडा के एक कस्बे में अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। कुछ दिन पूर्व ग्रेटर नोएडा के बिलासपुर के पास से 2 चोर एक बकरा चुराकर ले जा रहे थे, इसी दौरान पुलिस की नजर दोनों पर पड़ गई और बकरा छोड़ दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने बाद में एक शख्स को बकरे की देखभाल करने कहा। लेकिन बकरे ने शख्स के परिवार को इतना परेशान कर दिया है कि परिवार इस बकरे को वापस चौकी पर छोड़ने को मजबूर हो गया। पुलिस के मुताबिक, ये बकरा प्रतिदिन 200 रुपये का खाना खाता है, ऐसे में परिवार के पास इतना पैसा नहीं कि वो इस बकरे की देखभाल कर सके। इस कारण उस व्यक्ति ने बकरे को वापस पुलिस के पास ही छोड़ दिया है।

एक पुलिस अफसर ने आईएएनएस को बताया, "5 दिन पहले 2 व्यक्ति बकरा बेचने आए थे, हमारे सिपाही और दीवान जी उस वक्त ड्यूटी पर थे। हमें जानकरी मिली कि वो चोर हैं, जैसे ही हमारे पुलिसकर्मी दोनों के पास पहुंचे, वे वहां बकरे को मौके पर छोड़ भाग निकले। इसके बाद पुकिसकर्मियों ने एक व्यक्ति को बकरा दे दिया और बोला कि आप इसकी देखभाल कर लो। कोई आए तो उसको दे देना और आपका जो भी खर्च हो, उससे ले लेना।"(आईएएनएस)


25-Oct-2020 8:39 PM 17

पटना, 25 अक्टूबर। लोक जनशक्ति पार्टी के सुप्रीमो चिराग पासवान नहीं मुसीबत में फंसते नजर आ रहे हैं. एलजेपी के संस्थापक और दिवंगत नेता रामविलास पासवान के दामाद साधु पासवान ने चिराग पासवान के खिलाफ अब मोर्चा खोलते हुए उनकी पोल खोल दी है. साथ ही, साधु पासवान ने चिराग के राम विलास पासवान के वारिस होने पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

साधु पासवान के इस आरोप के बाद अब सियासी गलियारे में हड़कंप मच गया है. साधु पासवान ने दिवंगत नेता रामविलास पासवान के तलाक को फर्जी करार देते हुए कहा है कि चिराग पूर्व केंद्रीय मंत्री के वारिस नहीं हैं. दरअसल, साधु पासवान ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है, 'रामविलास पासवान की असली वारिस मेरी पत्नी आशा पासवान और मेरी सास राजकुमारी देवी हैं. चिराग पासवान नकली वारिस हैं. रामविलास पासवान का कोई तलाक नही हुआ है. राजकुमारी देवी ही उनकी पत्नी हैं. मैं रामविलास पासवान के तलाक मामले की जांच की मांग करता हूं. सच क्या है सबके सामने आ जाएगा.'

उन्होंने कहा, 'रामविलास पासवान अभी 10 साल और जिंदा रहते. लेकिन अचानक चले गए. उनकी मृत्यु के पीछे कुछ न कुछ साजिश जरूर है. हमें उनसे मिलने नहीं दिया गया. आखिर समय में भी उनका चेहरा हम नहीं देख पाए.' साधु पासवान ने आगे कहा, 'चिराग कहते हैं कि वो पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के हनुमान हैं. सीना चीरने पर नरेंद्र मोदी दिखेंगे. चिराग पासवान के सीने में पिता रामविलास की तस्वीर की बजाय नरेंद्र मोदी की तस्वीर है. इससे बड़ा मजाक क्या हो सकता है. एक बेटे के दिल पिता की जगह दूसरे की तस्वीर कैसे हो सकती है. मेरे दिल मे रामविलास पासवान की भी तस्वीर है और बाबा साहेब की भी तस्वीर.'

साधु पासवान ने चिराग पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि दलितों की राजनीति करने वाले चिराग दलित आरक्षण खत्म करने की बात करते हैं. चिराग बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट की बात करते हैं. लेकिन चिराग बिहार में रहते कहां हैं. चिराग साइबेरियन पक्षी हैं. चुनाव के वक्त ही बिहार आते हैं. मैं पासवान समाज से अपील करूंगा कि चिराग के झांसे में न आएं. चिराग आपके नहीं हो सकते, वो दिल्ली निवासी हैं. (zeenews)


25-Oct-2020 8:33 PM 21

भोपाल, 25 अक्टूबर। ऐसा लग रहा है कि मध्य प्रदेश की राजनीति में अभी कई और तूफान आने बाकी हैं. इस बात के संकेत विधानसभा उपचुनाव (MP Assembly By Election) की तारीख से ठीक पहले कांग्रेस के एक और विधायक राहुल लोधी (Rahul Lodhi) के इस्तीफे से मिल रहे हैं. रविवार को बदले हुए नाटकीय घटनाक्रम में दमोह से कांग्रेस विधायक राहुल लोधी ने अपनी विधायकी से इस्तीफा दे दिया. उनके इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश में विधानसभा का गणित एक बार फिर बदल गया है. एक तरफ जहां बीजेपी को बहुमत के लिए अब सिर्फ 8 सीटों की जरूरत होगी तो वहीं कांग्रेस के लिए उपचुनाव की सभी 28 सीट जीतना जरूरी होगा. हालांकि 3 नवंबर को फिलहाल 28 सीटों के लिए ही उप चुनाव होगा. यानि विधानसभा की एक सीट रिक्त रहने पर बहुमत का आंकड़ा 115 सीट का रहेगा.

ये हो गया विधानसभा का गणित
बीजेपी - 107, कांग्रेस - 87, बीएसपी - 2, एसपी - 1, निर्दलीय - 4, रिक्त - 29, कुल - 230

कौन कितना फायदे में ?

अब एक सीट रिक्त होने के कारण 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने के बाद भी विधानसभा में सीटों की स्थिति 229 रहेगी. इस हिसाब से बहुमत का आंकड़ा विधानसभा में अब 115 हो गया है. बीजेपी को अब बहुमत के लिए केवल 8 सीट की जरूरत पड़ेगी, जबकि कांग्रेस को सभी 28 सीट जीतनी होंगी. चुनाव आयोग ने 28 सीटों का चुनाव कार्यक्रम घोषित किया था. लिहाजा 3 नवंबर को 28 सीटों के लिए ही उपचुनाव होगा. लेकिन अब आज एक और सीट खाली हो गई. आज खाली हुई सीट के लिए अलग से चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जाएगा.

विधानसभा से अधिसूचना जारी

इधर, राहुल लोधी के दमोह सीट से इस्तीफा देने के बाद विधानसभा सचिवालय की ओर से सीट क्रमांक 55 दमोह को रिक्त घोषित कर दिया गया है. विधानसभा सचिवालय से इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. आज रविवार सुबह कांग्रेस विधायक राहुल लोधी ने विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा को अपना इस्तीफा सौंप दिया था. (news18)


25-Oct-2020 8:24 PM 20

नई दिल्ली, 25 अक्टूबर। मध्यप्रदेश उपचुनाव के बीच कांग्रेस को एक और झटका लगा है। दमोह से पार्टी विधायक राहुल लोधी ने इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में लोधी ने पार्टी की सदस्यता ली। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि मध्यप्रदेश उपचुनाव में भाजपा सभी सीटों पर जीते। इसे लेकर अब राज्य में भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। दिग्विजय ने मुख्यमंत्री शिवराज पर तंज कसते हुए कहा कि मामा के झोले की काली कमाई में एक और विधायक बिक गया। वहीं शिवराज ने कांग्रेस सांसद पर पलटवार करते हुए पूछा है कि क्या पूरी कांग्रेस ही बिकाऊ है। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश की जनता से लोकतंत्र व संविधान की रक्षा करने को कहा है।

शिवराज ने पूछा- क्या पूरी कांग्रेस बिकाऊ है

शिवराज सिंह चौहान ने दिग्विजय के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, 'कांग्रेस नेताओं को ये कहते हुए शर्म नहीं आती, क्या पूरी कांग्रेस ही बिकाऊ है। इतने वर्षों तक जो आपके साथ रहे, आपके साथ काम किया, आपने टिकट दिया और आज आप सबको बिकाऊ कह रहे हैं। सच बात ये है कि जब आपकी सरकार थी तो आपने पूरे प्रदेश को बेच दिया था।'
कमलनाथ ने हमेशा रोना ही रोया : शिवराज

शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर एक मुख्यमंत्री केवल रोता रहे और कहता रहे कि पैसा नहीं है... क्या उसे मुख्यमंत्री बने रहने का अधिकार है? चौहान ने कहा कि एक मुख्यमंत्री ऐसा नेता होता है जो लोगों को मुसीबतों से निकालता है।

चौहान ने कहा, '74 साल की उम्र में उन्होंने एक मंत्री के खिलाफ ऐसी टिप्पणी (कमलनाथ की 'आइटम' वाली टिप्पणी) की। राहुल गांधी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है और वह माफी मांगेंगे। लेकिन, कमलनाथ ने कहा कि मैं माफी नहीं मांगूंगा। शायद दो-तीन कांग्रेस पार्टियां बन गई हैं- सोनिया जी की, राहुल जी की और कमलनाथ की।'

लोकतंत्र व संविधान की रक्षा करे: कमलनाथ

जनादेश का, अपने वोट का सम्मान बचाए रखें, आगे आकर प्रदेश को और कलंकित होने से बचाएं। प्रदेश पर निरंतर उपचुनाव का बोझ डाला जा रहा है। प्रदेश को ये कहां ले जाएंगे? मै प्रदेश की जनता से एक बार फिर अपील करता हूं कि वो आगे आकर लोकतंत्र व संविधान की रक्षा करें, भाजपा की इस घृणित राजनीति को करारा जवाब देते हुए इसका अंत करें। भाजपा को जनता के वोट में विश्वास नहीं, भाजपा का विश्वास सिर्फ सौदेबाजी में, इनका विश्वास अभी भी सिर्फ नोट में, प्रदेश को देशभर में इतना बदनाम व कलंकित करने के बाद भी अभी भी बाज नहीं आ रहे हैं, अभी भी राजनीति को बिकाऊ बनाने में लगे हुए हैं। भाजपा को पता है 10 नवंबर को क्या परिणाम आने वाले हैं, अपनी संभावित करारी हार का अंदेशा उन्हे हो चला है। उनकी सत्ता की हवस, तड़प व बौखलाहट साफ दिखाई दे रही है। भाजपा को लोकतंत्र में विश्वास नहीं, भाजपा को जनादेश में विश्वास नहीं, भाजपा को नैतिकता में विश्वास नहीं।

राहुल के भाई प्रद्युम्न सिंह विधायक पद छोड़कर आए थे भाजपा में

राहुल लोधी से पहले उनके बड़े भाई प्रद्युम्न सिंह लोधी ने भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। ऐसे में पहले से ही राहुल लोधी के भाजपा में शामिल होने को लेकर अटकलों का बाजार गर्म था। जुलाई में राहुल लोधी के चचेरे भाई और प्रद्युम्न सिंह लोधी ने बड़ा मलहरा के विधायक पद से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था। अब वे बड़ा मलहरा से भाजपा के टिकट पर उपचुनाव लड़ रहे हैं। उस समय राहुल लोधी ने कहा था कि मैं कांग्रेस छोड़कर भाजपा में नहीं जाऊंगा। लेकिन आज वे विधायक पद छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस के 25 विधायक पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इसके चलते ही मध्यप्रदेश में उपचुनाव होने वाले हैं। तीन नवंबर को मध्यप्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। 

दिग्विजय ने सीएम को घेरा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने राहुल लोधी के भाजपा में शामिल होने पर सीएम शिवराज पर हमला बोला है। दिग्विजय ने ट्वीट कर कहा, 'मामा के झोले की काली कमाई में एक और विधायक बिका। लगता है भाजपा में असली भाजपाइयों से अधिक बिके हुए गद्दार कांग्रेसी मामा भर देगा। मुझे उन ईमानदार संघ व भाजपा के कार्यकर्ताओं पर दया आती है जिन्होंने भाजपा को यहां तक पहुंचाया। जयंत मलैया जी कहां हैं?' (amarujala)


25-Oct-2020 8:18 PM 14

नई दिल्ली, 25 अक्टूबर। बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी के यह आरोप लगाने के बाद कि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने उन्हें मारने के लिए तांत्रिक पूजा कराई थी, महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने कहा है कि सुशील मोदी की टिप्पणी बेहुदा है.

उन्होंने कहा कि उन्हें सुशील मोदी से इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं थी. इससे पहले प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने दावा किया था कि राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने तीन साल पहले उन्हें मारने के लिए तांत्रिक अनुष्ठान कराया था.

ट्विटर पर सुशील मोदी ने लालू यादव की जीवन शैली और काले जादू पर उनके भरोसे समेत कई गंभीर आरोप लगाए.

सुशील मोदी ने ट्वीट किया, "लालू यादव इतने अंधविश्वासी हैं कि तांत्रिक के कहने पर उन्होंने न सिर्फ सफेद कुर्ता पहनना छोड़ दिया, बल्कि उन्होंने एक तांत्रिक को पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता भी बना दिया."

उन्होंने दावा किया, "इसी तांत्रिक ने विंध्याचल धाम (मिर्जापुर) में लालू प्रसाद के लिए तांत्रिक पूजा की थी. तीन साल पहले उन्होंने मुझे मारने के लिए भी तांत्रिक विधि-विधान कराए थे."

इसके उत्तर में तेजस्वी यादव ने कहा, "इस तरह की बेहुदा टिप्पणी पर क्या कहा जाए?"

उन्होंने कहा, "सुशील मोदी से इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं थी. वे रोजगार, इंडस्ट्री, शिक्षा, स्वास्थ्य, इन पर भी बोल सकते थे. वे पिछले 15 साल की उपलब्धियों के बारे में बता सकते थे. इस वक्त इस तरह के अंधविश्वास वाले बयानों का कोई मतलब नहीं है."

चिराग पासवान ने कहा, लोजपा सत्ता में आई तो नीतीश कुमार को जेल भेजेंगे

बिहार विधानसभा चुनावों की पहले चरण की वोटिंग होने से एक दिन पहले लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के प्रमुख चिराग पासवान ने कहा है कि अगर वे सत्ता में आते हैं तो उनकी पार्टी देवी सीता का एक ऐसा मंदिर बनवाएगी जो अयोध्या के राम मंदिर से भी बड़ा होगा.

पासवान ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "मैं चाहता हूं कि सीता का मंदिर सीतामढ़ी में बने और ये मंदिर अयोध्या में बन रहे राम मंदिर से भी बड़ा मंदिर बने."

रविवार को चिराग पासवान ने सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में पूजा-अर्चना की. उन्होंने कहा कि "अयोध्या के राम मंदिर और सीतामढ़ी को जोड़ने वाला एक विशेष कॉरिडोर का भी निर्माण होगा."

बिहार में क्या एलजेपी सत्ता में आ रही है, इस सवाल पर पासवान ने कहा, "इस बात में कोई शक नहीं है कि हमारी सरकार बनेगी. अगर हमारी सरकार बनेगी तो हम सीता माता के मंदिर की नींव रखेंगे."

इसके बाद बक्सर में हुई एक चुनावी रैली में चिराग ने कहा, "अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो नीतीश कुमार और उनके अधिकारी जेल के पीछे होंगे."

उन्होंने नीतीश सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि "बिहार में शराबबंदी नाकाम रही है, यहां खुलेआम शराब मिल रही है और सरकार इसे रोक नहीं पाई है."

एनडीए के पोस्टर से नीतीश कुमार का चेहरा ग़ायब, मोदी नज़र आए

बिहार से छपने वाले सभी प्रमुख अख़बारों के पहले पन्ने पर रविवार को प्रदेश भाजपा की तरफ़ से पूरे पन्ने का चुनावी विज्ञापन प्रकाशित हुआ है.

एनडीए को जिताने की अपील के साथ जारी इस पोस्टर में केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा है. साथ ही एक नारा भी छपा है-भाजपा है तो भरोसा है.

हालाँकि पोस्टर में एनडीए में शामिल सभी दलों के नाम और चुनाव चिह्न ज़रूर दिए गए हैं.

बिहार में चली आ रही चेहरे की राजनीति में विज्ञापन वाले इस पोस्टर ने नई चर्चा छेड़ दी है. सवाल इस बात पर उठाया जा रहा है कि पोस्टर से एनडीए के मुख्यमंत्री पद के दावेदार नीतीश कुमार का चेहरा क्यों गायब है?

मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का चेहरा ही ग़ायब

राज्य में पहले चरण की वोटिंग 28 अक्टूबर को होनी है. इस चरण के लिए चुनाव प्रचार अंतिम चरण में है.

पटना में बीबीसी के सहयोगी पत्रकार नीरज प्रियदर्शी बताते हैं कि चुनावी हलकों में इस विज्ञापन में नई चर्चाओं को छेड़ दिया है.

विज्ञापन के पोस्टर में नीतीश कुमार का चेहरा न होने पर चिराग पासवान ने तंज़ कसा है.

उन्होंने कहा, "आदरणीय नीतीश कुमार जी को प्रमाण पत्र की आवश्यकता ख़त्म होती नहीं दिख रही है. बीजेपी के साथियों का नीतीश कुमार जी को पूरे पन्ने का विज्ञापन और प्रमाणपत्र देने के लिए शुक्रगुज़ार होना चाहिए और जिस तरीक़े से भाजपा गठबंधन के लिए ईमानदार है वैसे ही नीतीश जी को भी होना चाहिए." (bbc)


25-Oct-2020 8:08 PM 14

भोपाल, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)| मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ अगर उद्योगपति नहीं हैं तो उनके पास अरबों की संपत्ति कहां से आई। दमोह से कांग्रेस के विधायक रहे राहुल लोधी ने भाजपा की सदस्यता ले ली है। लोधी को सदस्यता दिलाते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कमल नाथ पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, "कमल नाथ को आत्मचिंतन करने की जरूरत है कि कांग्रेस की यह दुर्गति क्यों हो रही है? मुझे गाली देने से काम नहीं चलेगा। मुझे तो कांग्रेस के लोग इतने विशेषण दे रहे हैं, लेकिन मुझे फर्क नहीं पड़ता। कोई कहता है ये ट्रक भरकर नारियल लेकर चलता है, कोई कहता है भूखा-नंगा है। लेकिन मैंने कमल नाथ को उद्योगति कहा, तो बुरा मान गए। कह रहे हैं मैं उद्योगपति नहीं हूं। उनकी इस बात से एक सवाल मेरे मन में आया है कि अगर कमल नाथ उद्योगपति नहीं हैं, तो फिर ये अरबों की संपत्ति कहां से आई, जिसकी उन्होंने घोषणा की है? बिना उद्योग-धंधे के कमाई का अगर कोई तरीका है, तो उसे प्रदेश की जनता को भी बताना चाहिए।"

चौहान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी दिशाहीन और गतिहीन हो गई है। कमल नाथ ने मंत्री इमरती देवी पर टिप्पणी की। राहुल गांधी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण माना, क्षमा मांगी, लेकिन कमल नाथ ने माफी मांगने से मना कर दिया। कांग्रेस पार्टी ये किस दिशा में जा रही है। ऐसा लगता है, जैसे राहुल गांधी की कांग्रेस अलग है और कमल नाथकी कांग्रेस अलग है। सारी चीजें एक व्यक्ति के हाथों में केंद्रित हैं। पहले प्रदेश अध्यक्ष बन गए। मुख्यमंत्री की बात आई तो मुख्यमंत्री बन गए, नेता प्रतिपक्ष की बात आई, तो नेता प्रतिपक्ष बन गए। बीच में नकुल नाथ के युवाओं के नेता बनने की भी बात सामने आई थी। सब कुछ कमल नाथ, बाकी कांग्रेस अनाथ। ऐसा लगता है कि कांग्रेस बिखर रही है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने सरकार में रहते विकास ठप कर दिया। कोई वादा और वचन निभाया नहीं। जनहित की सारी योजनाएं बंद कर दीं। इन सब चीजों से कांग्रेस के प्रति उन लोगों का मोहभंग हो रहा है, उम्मीद टूट रही है, जिनमें विकास की ललक है, जो अपने क्षेत्र और प्रदेश का विकास चाहते हैं। ऐसे लोग कांग्रेस छोड़ रहे हैं।


25-Oct-2020 7:21 PM 12

नई दिल्ली, 25 अक्टूबर। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विजयादशमी के मौके पर देशवासियों को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। अपने शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा है कि शासन में जनता सर्वोपरि है और शासक के जीवन में अहंकार, असत्य और वचन तोड़ने का कोई स्थान नहीं। पढ़िए सोनिया गांधी का पूरा संदेश:

अन्याय पर न्याय, असत्य पर सत्य और अहंकार पर विवेक के विजय का सूचक दशहरा, नौ दिनों की उपासना के बाद एक नवीन संकल्प के साथ-साथ हर हाल में कर्तव्य की पालना का सूचक है। शासन में जनता सर्वोपरि है और शासक के जीवन में अहंकार, असत्य और वचन तोड़ने का कोई स्थान नही। यही विजयदशमी का सबसे बड़ा संदेश है।

श्रीमती गांधी ने आशा व्यक्त की कि यह दशहरा न केवल सबके जीवन मे सुख, शांति और समृद्धि लाए बल्कि हम सबके बीच सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करे।

उन्होंने इस अवसर पर लोगों से यह भी अपील की कि वह त्योहारों के दौरान कोरोना महामारी से स्वयं को सुरक्षित रखें तथा सभी नियमों और परहेजों का सम्पूर्ण रूप से पालन करें। (navjivan)


25-Oct-2020 7:05 PM 13

नई दिल्ली, 25 अक्टूबर। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती  के तिरंगा न थामने के बयान पर अब सियासी हमला तेज हो गया है. महबूबा मुफ्ती के खिलाफ जम्‍मू कश्‍मीर में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं. मुफ्ती का विरोध करने के लिए रविवार को भी भारी संख्‍या में युवा पीडीपी दफ्तर पहुंच गए और उनके कार्यालय के ऊपर तिरंगा फरहाने की कोशिश की. हालांकि पुलिस ने उन्‍हें रोक दिया. सैकड़ों की संख्‍या में पहुंचे युवाओं ने महबूबा मुफ्ती के खिलाफ नारेबाजी की और वंदे मातरम का जयघोष किया. युवाओं ने जब पीडीपी दफ्तर पर तिरंगा फहराने की कोशिश की तो भारी संख्‍या में तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्‍हें रोक दिया. वहां पर काफी देर तक पीडीपी नेताओं और युवाओं के बीच बहस भी होती रही.

पीडीपी विरोधी नारेबाजी के बीच युवाओं का नेतृत्‍व कर रहे एक्टिविस्‍ट अमनदीप सिंह ने कहा कि तिरंगे का अपमान बर्दाश्‍त नहीं करेंगे. अमनदीप सिंह के नेतृत्व में युवा दोपहिया वाहनों पर आए और पीडीपी मुख्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का प्रयास किया. हालांकि पीडीपी कार्यालय में तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्‍हें रोक दिया. पुलिस अधिकारियों ने कानून व्‍यवस्‍था का हवाला देकर शांतिपूर्ण तरीके से युवाओं को तितर-बितर कर उन्‍हें वापस भेज दिया. अमनदीप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमारा किसी दक्षिणपंथी पार्टी से कोई संबंध नहीं है. हम मूल रूप से राष्ट्रवादी हैं और तिरंगे के लिए किसी भी अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमनदीप सिंह ने पीडीपी कार्यालय के मुख्‍य द्वार के पास की चारदीवारी पर शनिवार को राष्‍ट्रीय ध्‍वज फहराया था और इस दौरान उनकी पीडीपी के दो वरिष्‍ट नेताओं के साथ बहस भी हुई थी. इस दौरान अमनदीप ने कहा था कि वह रविवार को फिर लौटेंगे और भारी संख्‍या में युवाओं के साथ पीडीपी कार्यालय पर राष्‍ट्रीय ध्‍वज फहराएंगे.

पांच अगस्त का निर्णय वापस लिए बिना चुनाव लड़ने या तिरंगा थामने में दिलचस्पी नहीं: महबूबा
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा कि जब तक जम्मू-कश्मीर को लेकर पिछले साल पांच अगस्त को संविधान में किए गए बदलावों को वापस नहीं ले लिया जाता, तब तक उन्हें चुनाव लड़ने अथवा तिरंगा थामने में कोई दिलचस्पी नहीं है. जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को पिछले वर्ष अगस्त में समाप्त किए जाने के बाद से महबूबा हिरासत में थीं. रिहा होने के बाद पहली बार मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह तभी तिरंगा उठाएंगी, जब पूर्व राज्य का झंडा और संविधान बहाल किया जाएगा.

उन्होंने कहा, 'जहां तक मेरी बात है, तो मुझे चुनाव में कोई दिलचस्पी नहीं है. जब तक वह संविधान हमें वापस नहीं मिल जाता जिसके तहत मैं चुनाव लड़ती थी, महबूबा मुफ्ती को चुनाव से कोई लेना देना नहीं है.' यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी पार्टी और गुपकर एलायंस जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनाव में हिस्सा लेंगे तो उन्होंने कहा कि एलांयस की शनिवार को होने वाली बैठक में इन सभी मुद्दों पर चर्चा होगी. यह पूछे जाने पर कि चुनाव में हिस्सा नहीं लेने पर भाजपा को खुला रास्ता मिल जाएगा तो उन्होंने कहा कि यह एक काल्पनिक सवाल था.

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी और हाल ही बने 'पीपुल्स एलायंस फॉर गुपकर डिक्लेयरेशन' साथ मिल कर यह निर्णय करेंगे कि केन्द्र शासित क्षेत्र में चुनाव लड़ना है अथवा नहीं. जम्मू कश्मीर की मुख्यधारा की पार्टियों ने पूर्ववर्ती राज्य का विशेष दर्जा बहाल कराने और इस मुद्दे पर सभी पक्षकारों से बातचीत के लिए 15 अक्टूबर को गुपकर एलायंस का गठन किया है. महबूबा ने आरोप लगाया कि तिरंगा झंडा संविधान का भाग था और भाजपा ने संविधान और झंडे को अपवित्र किया है. (news18)


25-Oct-2020 6:53 PM 15

नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)| मध्यप्रदेश के 28 विधानसभा क्षेत्रों में 3 नवंबर को होने जा रहे उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने वाले 18 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं। इतना ही नहीं, इनमें से 11 फीसदी पर तो बहुत गंभीर मामलों के आरोप हैं। यह खुलासा मध्यप्रदेश इलेक्शन वॉच एंड एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने किया है। उपचुनावों के लिए दाखिल किए गए 355 उम्मीदवारों के हलफनामों के विश्लेषण से पता चला है कि 63 उम्मीदवारों ने लंबित आपराधिक मामलों की घोषणा की है, इसमें कांग्रेस के उम्मीदवार सबसे ज्यादा हैं। वहीं गंभीर आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों की बात करें तो सपा के बाद दूसरा नंबर भाजपा का है।

प्रमुख दलों की बात करें तो कांग्रेस के 28 उम्मीदवारों में से 14 (50 फीसदी), भाजपा के 28 में से 12 (43 फीसदी), बहुजन समाज पार्टी के 28 में से 8 (29 फीसदी), समाजवादी के 14 में से 4 (29 फीसदी), 178 अन्य पार्टी के उम्मीदवारों और निर्दलीय उम्मीदवारों में से 16 (9 फीसदी) पर आपराधिक मामले लंबित हैं।

एडीआर ने कहा, वहीं हलफनामों में गंभीर आपराधिक मामलों की घोषणा करने वालों में कांग्रेस के 28 उम्मीदवारों में से 6 (21 फीसदी), भाजपा के 28 उम्मीदवारों में से 8 (29 फीसदी), बसपा के 28 उम्मीदवारों में से 3 (11फीसदी ), सपा के 14 में से 4 (29 फीसदी, 178 अन्य पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों में से 13 (7 फीसदी) उम्मीदवार हैं।

केवल एक उम्मीदवार ने अपने खिलाफ हत्या का लंबित मामला घोषित किया है और बाकी 7 ने खुद के खिलाफ हत्या के प्रयास के मामले लंबित बताए।

28 निर्वाचन क्षेत्रों में से 10 क्षेत्र तो ऐसे हैं, जो 'रेड अलर्ट' श्रेणी में हैं। इसका मतलब है कि यहां 3 या 3 से अधिक उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। यानी सभी प्रमुख दलों ने लंबित आपराधिक मामलों वाले 25 फीसदी से 50 फीसदी उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।

एडीआर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल 13 फरवरी को राजनीतिक दलों को आदेश दिया था कि वे ऐसे आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों के चयन के पीछे कारण बताएं। इन अनिवार्य दिशानिर्देशों के अनुसार, ऐसे चयन के पीछे कारण उम्मीदवार की योग्यता, उपलब्धियों और योग्यता से संबंधित होना चाहिए।

एडीआर ने आग्रह किया है कि सर्वोच्च न्यायालय को राजनीतिक दलों और राजनेताओं को उनकी इच्छाशक्ति की कमी, अनिवार्य कानूनों का पालन न करने के लिए फटकार लगाना चाहिए।

एडीआर ने हत्या, दुष्कर्म, तस्करी, डकैती और अपहरण जैसे जघन्य अपराधों के लिए दोषी उम्मीदवारों को स्थायी तौर पर अयोग्य घोषित करने की वकालत की। साथ ही अन्य आरोपों के आधार पर भी 5 साल, 6 महीने जैसी अवधियों के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की बात कही है।

वहीं शिक्षा को लेकर बात करें तो 55 फीसदी उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता कक्षा 5वीं से 12 वीं के बीच बताई है, 37 फीसदी ने स्नातक या उससे ऊपर बताई है, वहीं बचे हुए उम्मीदवार या तो मुश्किल से साक्षर हैं या अनपढ़ हैं।

उम्र के मामले में 45 फीसदी उम्मीदवार 25 से 40 साल के बीच के हैं, 45 फीसदी और 41 से 60 साल के बीच के हैं। 10 फीसदी उम्मीदवार 61 से 80 साल के बीच के हैं। कुल उम्मीदवारों में से 6 प्रतिशत महिलाएं हैं।


25-Oct-2020 6:50 PM 12

बेंगलुरु, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)| भाजपा शासित कर्नाटक सरकार कोविड-19 वैक्सीन के उपलब्ध होने पर उसे नि:शुल्क वितरित कराने के बारे में फैसला करेगी। उपमुख्यमंत्री सी.एन. अश्वथ नारायण ने रविवार को इसकी घोषणा की। नारायण ने कहा, "महामारी के इलाज के लिए जब केंद्र सरकार राज्य के लिए वैक्सीन उपलब्ध कराएगी, तो उसके नि:शुल्क वितरण के बारे में दशहरा के बाद निर्णय लेने के लिए यहां एक बैठक बुलाई गई है।"

पिछले सप्ताह केंद्र के निर्देश पर राज्य सरकार ने पहले ही अपने हेल्थकेयर वारियर्स को वैक्सीन मुफ्त देने का फैसला किया है। इसमें डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक्स और उनके सहयोगी शामिल हैं, जो वायरस के प्रकोप के बाद मार्च के मध्य से ही राज्यभर में कोविड रोगियों का इलाज कर रहे हैं।

नारायण ने कहा, "चूंकि राज्य के अस्पतालों में कोविड के रोगियों का परीक्षण और उपचार मुफ्त में किया जा रहा है, उन्हें नि: शुल्क वैक्सीन दी जाएगी। मुख्यमंत्री (बी.एस. येदियुरप्पा) सभी के लिए इसे मुफ्त में देने के बारे में फैसला करेंगे।"

गौरतलब है कि 28 अक्टूबर से होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के घोषणापत्र में राज्य में सभी के लिए नि: शुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराने का वादा किया गया है।

इसके बाद राज्य में विपक्षी कांग्रेस के नेता सिद्धारमैया ने भी राज्य सरकार से राज्य में लोगों के लिए मुफ्त वैक्सीन घोषित करने का आग्रह किया, क्योंकि केंद्र में बैठी उनकी पार्टी की सरकार ने बिहार में अपने चुनावी घोषणापत्र में वादा किया है।

सिद्धारमैया ने कन्नड़ में कहा, "जैसा कि भाजपा ने बिहार में वैक्सीन मुफ्त मुहैया कराने का वादा किया है, वैसे ही राज्य में उसकी सरकार को कर्नाटक के लोगों के लिए भी इसे मुफ्त घोषित करना चाहिए।"

जैसा कि केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण कर्नाटक से राज्यसभा सदस्य हैं, ऐसे में कांग्रेस ने कहा कि उन्हें दक्षिणी राज्य में लोगों को लाभ प्रदान करना चाहिए।

सिद्दरमैया ने कहा, "राज्य के 28 लोकसभा सदस्यों में से 25 सत्ताधारी भाजपा के हैं, उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोविड के इलाज के लिए वैक्सीन हमारे लोगों को भी मुफ्त में उपलब्ध कराया जाए।"


25-Oct-2020 6:47 PM 11

नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)| भारत के पहले विश्व कप विजेता क्रिकेट कप्तान कपिल देव की सफल आपातकालीन कोरोनरी एंजियोप्लास्टी सर्जरी के बाद रविवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई। गुरुवार को दिल का दौरा करने पड़ने के बाद कपिल को दक्षिणी दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी सफल आपातकालीन कोरोनरी एंजियोप्लास्टी सर्जरी की गई थी।

अस्पताल ने रविवार को एक बयान में कहा, " कपिल देव को आज दोपहर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वह अच्छा कर रहे हैं और जल्द ही अपने रोजाना के कामकाज शुरू कर सकते हैं। वह नियमित रूप से डॉ. अतुल माथुर से सलाह मशवरा लेते रहेंगे।"

कपिल को गुरुवार रात 1 बजे भर्ती कराया गया था, जहां बाद में फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल के कार्डियलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. अतुल माथुर की निगरानी में उनकी इमर्जेंसी कोरोनरी एंजियोप्लास्टी की गई थी।

सर्जरी के बाद कपिल ने शुक्रवार को पहली तस्वीर साझा की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह बिल्कुल ठीक हैं और धीरे-धीरे स्वस्थ्य हो रहे हैं।

कपिल ने सोशल मीडिया पर एक फोटो भी पोस्ट की थी, जिसमें वह अस्पताल के बिस्तर पर लेटे हुए थे और दोनों हाथों के अंगूठे को ऊपर उठाकर इशारा कर रहे थे कि सबकुछ ठीक है। फोटो में कपिल की बेटी आमिया भी उनके बगल में बैठी हुई थीं।

कपिल ने सोशल मीडिया पर लिखा था, " मैं अच्छा हूं और अब अच्छा महसूस कर रहा हूं। तेजी से स्वस्थ्य होने के रास्ते पर हूं। गोल्फ खेलने का इंतजार नहीं कर पा रहा। आप लोग मेरा परिवार हो। धन्यवाद।"

किसी समय टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाले कपिल देव ने 1994 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था।

वह छह साल तक सर्वाधिक टेस्ट विकेट लेने वाले गेंदबाज बने हुए थे। उनके बाद इंग्लैंड के कॉर्टनी वाल्श ने उनका रिकॉर्ड तोड़ा था।

कपिल देव की कप्तानी में ही भारत ने 1983 में पहली बार विश्व कप जीता था।

कपिल ने भारत के लिए 131 टेस्ट और 225 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने क्रमश : 5248 और 3783 रन बनाए हैं। उन्होंने इसके अलावा 275 प्रथम श्रेणी मैच और 310 लिस्ट-ए मैच भी खेले हैं।


25-Oct-2020 6:26 PM 11

नई दिल्ली, 25 अक्टूबर। ज्यादातर स्मार्टफोन यूजर्स अपने फोन में Whatsapp का इस्तेमाल चैटिंग के लिए करते हैं. हालांकि मैसेज की अधिक संख्या होने फोन में स्टोरेज की समस्या भी आ जाती है, जिसके चलते फोन हैंग होने लगता है. ऐसे में लोग पुराने से पुराना मैसेज भी डिलीट करना चाहते हैं, लेकिन कर नहीं पाते हैं. हालांकि अब एक ऐसी आसान सी ट्रिक आ गई है, जिसके जरिए अब किसी भी पुराने मैसेज को आसानी से डिलीट किया जा सकता है.

इस तरह से कर सकते हैं मैसेज को डिलीट

अब अगर आपको पुराना मैसेज सबके लिए डिलीट करना है तो पहले अपने फोन में इंटरनेट बंद कर दें. अब सेटिंग्स पर जाएं और App पर क्लिक करें. App पर जाने के बाद WhatsApp पर क्लिक करें. यहां नीचे Force Stop का ऑप्शन होगा उस पर क्लिक करें. Whatsapp पर जिस मैसेज को डिलीट करना है उसका दिन तारीख और समय नोट कर लें.

सेटिंग्स में करना होगा बदलाव

फिर से सेटिंग्स पर जाकर Date and time ऑप्शन पर क्लिक करें. यहां दिखाई दे रहे Use Network Provided Time Zone, Time Zone या Automatic Date and time ऑप्शन को ऑफ कर दें. अब यहां उस मैसेज की Date दोबारा सेट करें. वह Date डालें जिस दिन मैसेज भेजा गया था. इसी तरह टाइम थोड़ा आगे का सेट करें. अब Whatsapp खोलें. वहां मैसेज दिखाई देगा. अब इसे आप इसे डिलीट करने के लिए लॉन्ग प्रेस करें. आपको 'DELETE FOR ME' के साथ 'DELETE FOR EVERYONE' का ऑप्शन भी दिखाई देगा. अब इसे डिलीट कर सकते हैं. 

पुराने डिलीट मैसेज को ऐसे कर सकते हैं रिकवर

दूसरी तरफ किसी मैसेज को हटा दिया है, तो उसे वापस पाने के लिए, आपको पहले Google ड्राइव पर बैकअप करना होगा. इसके बाद अपने मोबाइल से Whatsapp को अनइंस्टॉल करें और फिर से प्ले स्टोर से इंस्टॉल करें. इसके बाद, Whatsapp खोलें और उसमें अपना नंबर डालें और इसे वेरीफाई करें. अब Google डिस्क से डेटा रिकवर करने का ऑप्शन आपकी स्क्रीन पर पॉप अप होगा, उस पर क्लिक करें. इसके बाद प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, फिर Next पर क्लिक करें. अब आप देखेंगे कि आपकी चैट रिकवर हो गई है और अब मीडिया भी रिकवर कर रहा है. (zeenews)


25-Oct-2020 6:13 PM 12

इस्लामाबाद, 25 अक्टूबर। पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ विपक्षी महागठबंधन की तीसरी रैली और कैप्टन सफ़दर की गिरफ़्तारी से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में थीं.

पाकिस्तान में इमरान ख़ान की सरकार के ख़िलाफ़ संयुक्त विपक्ष की तीसरी रैली रविवार को बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में होगी.

अख़बार 'एक्सप्रेस' के अनुसार विपक्षी पार्टियों के गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के तीसरे जलसे में शामिल होने के लिए पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) की उपाध्यक्ष मरियम नवाज़ और जमीयतुल-उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआई-एफ़) के अध्यक्ष मौलाना फ़ज़लुर्रहमान शनिवार को ही क्वेटा पहुँच गए हैं.

लेकिन पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ज़रदारी रैली में शामिल होंगे या नहीं इसको लेकर स्थिति साफ़ नहीं है. बिलावल गिलगित-बल्तिस्तान में हो रहे चुनाव के कारण वहां मौजूद हैं. रैली क्वेटा के अय्यूब स्टेडियम में आयोजित की गई है.

अख़बार के अनुसार राज्य सरकार ने रैली के आयोजकों को ख़बरदार किया है कि रैली में चरमपंथी हमले की आशंका है. सरकार ने इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं.

क्वेटा में 24 घंटे के लिए बाइक पर डबल सवारी पर पाबंदी लगा दी गई है. राज्य के मुख्य सचिव फ़ुज़ैल असग़र ने कहा कि रैली से राज्य में कोरोना वायरस के फैलने की भी आशंका है. क्वेटा में ट्रैफ़िक एडवाइज़री भी जारी कर दी गई है और अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है.

20 सितंबर को पाकिस्तान की सभी विपक्षी पार्टियों ने इस्लामाबाद में मिलकर पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) का गठन किया था और इमरान ख़ान की सरकार के ख़िलाफ़ पूरे पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी.

इससे पहले पीडीएम की दो रैली हो चुकी है. पिछले रविवार यानी 18 अक्टूबर को पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में विपक्षी गठबंधन की दूसरी रैली हुई थी. जबकि उससे दो दिन पहले 16 अक्टूबर को पंजाब प्रांत के गुजरानवाला शहर में पहली रैली हुई थी.

दोनों ही रैलियों में काफ़ी भीड़ जुटी थी.

पूर्व प्रधानमंत्री और मुस्लिम लीग (नवाज़) के नेता नवाज़ शरीफ़ ने दोनों ही रैलियों में वीडियो लिंक के ज़रिए रैली को संबोधित किया.

नवाज़ शरीफ़ भ्रष्टाचार के मामले में दोषी क़रार दिए जा चुके हैं लेकिन इन दिनों अपनी ख़राब सेहत का इलाज कराने के लिए वो लंदन में हैं.

नवाज़ शरीफ़ पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तानी सेना पर जमकर हमले कर रहे हैं. 20 सितंबर को इस्लामाबाद में हुई विपक्षी पार्टियों की बैठक से नवाज़ शरीफ़ ने सेना पर हमला बोलना शुरू किया. सेना पर हमले का सिलसिला गुजरांवालां और कराची में भी जारी रहा. और दिन ब दिन नवाज़ शरीफ़ का सेना पर हमला और तेज़ होता जा रहा है.

इमरान ख़ान भी नवाज़ शरीफ़ पर हमले करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. उन्होंने नवाज़ शरीफ़ को भारत के साथ मिलकर काम का आरोप लगाया और उन्हें गीदड़ तक कह दिया.

इमरान ख़ान का कहना है कि नवाज़ शरीफ़ ने अपनी सेहत का बहाना बनाकर सरकार से विदेश जाने की इजाज़त ले ली और वो लंदन में बैठकर वहां से सरकार और सेना पर हमले कर रहे हैं जबकि उनकी तबीयत बिल्कुल ठीक है.

अब इमरान ख़ान का कहना है कि वो नवाज़ शरीफ़ को लंदन से वापस पाकिस्तान लाएंगे.

अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार इमरान ख़ान ने कहा कि नवाज़ शरीफ़ को वतन वापस लाने के लिए ज़रूरत पड़ी तो वो ब्रिटेन जाकर वहां के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से ख़ुद बात करेंगे.

विपक्ष की एकजुटता पर इमरान ख़ान ने कहा कि विपक्ष भारत से मिलकर उनके ख़िलाफ़ साज़िश कर रहा है.

इमरान ख़ान का कहना था, "भारत चाहता है कि पाकिस्तान के तीन हिस्सों में टुकड़े हों, लेकिन उसे फ़ौज से डर है. लेकिन हम तीन महीनों से तैयार बैठे हैं और उनकी साज़िशों को नाकाम बना रहे हैं. विपक्षी पार्टियां भारत, इसराइल और हमारे दुश्मनों से मिली हईं हैं और अमरीका में भारतीय लॉबी के साथ हैं जहां हुसैन हक़्क़ानी उनके लीडर हैं."

उन्होंने एक दफ़ा फिर कहा कि भारत में ख़ुशियां मनाईं जा रही हैं कि इमरान ख़ान को निकाला जा रहा है और नवाज़ शरीफ़ को लोकतंत्र का हीरो बनाया जा रहा है.

इमरान ख़ान के एक मंत्री शिबली फ़राज़ ने कहा है कि ब्रिटेन से बातचीत जारी है और 15 जनवरी तक नवाज़ शरीफ़ पाकिस्तान की जेल में होंगे.

पीडीएम की कराची में हुई दूसरी रैली के बाद नवाज़ शरीफ़ के दामाद और मरियम नवाज़ के पति कैप्टन सफ़दर (रिटायर्ड) की नाटकीय अंदाज़ में गिरफ़्तारी की ख़बरें भी इस हफ़्ते सारे अख़बारों में छाईं रहीं.

रविवार (18 अक्टूबर) को रैली ख़त्म होने के बाद रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात को कैप्टन सफ़दर को कराची पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया.

उन पर आरोप था कि उन्होंने रविवार को पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की कराची स्थित मज़ार पर जाकर राजनीतिक नारे लगाए थे जो कि उनका अनादर करना था.

लेकिन असल मामला यह था कि कैप्टन सफ़दर को गिरफ़्तार करने के लिए सेना ने कराची पुलिस पर दबाव बनाया था. यह भी ख़बर आई कि इसके लिए पहले सिंध के आईजी पुलिस को अग़वा किया गया फिर उन्हें कैप्टन सफ़दर के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने और गिरफ़्तारी के आदेश देने के लिए मजबूर किया गया. मामला यहां तक बिगड़ गया कि आईजी और दूसरे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस मामले से नाराज़गी जताते हुए लंबी छुट्टी पर जाने का फ़ैसला कर लिया था.

मामले को बिगड़ते देख बिलावल भुट्टो ने सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा से बात की जिन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराने के आदेश दिए हैं. सेना की रिपोर्ट 10 दिनों में आएगी.

अख़बार जंग में उस दिन कराची में क्या हुआ इसका पूरा विवरण छपा है. अख़बार के मुताबिक़ सेना प्रमुख के आश्वासन के बाद ही आईजी और दूसरे पुलिस अफ़सरों ने छुट्टी पर जाने का फ़ैसला त्याग दिया.

सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस मामले की जाँच के लिए मंत्रियों का समूह बनाया है. सिंध में पीपीपी की सरकार है. मंत्रियों का समूह एक महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा.

अख़बार जंग के अनुसार बिलावल भुट्टो ने प्रेसवार्ता कर कहा, "पिछले दिन मरियम नवाज़ और कैप्टन सफ़दर के साथ जो हुआ मैं उससे बहुत शर्मिंदा हूं और मुंह दिखाने के क़ाबिल नहीं हूं."

इसको लेकर अख़बारों में संपादकीय और कॉलम लिखे जा रहे हैं.

अख़बार जंग में छपे संपादकीय के अनुसार केंद्र सरकार इसे सिंध की सरकार का ड्रामा कह रही है तो विपक्षी पार्टियां ने इसे राज्य के काम-काज में दख़ल और विपक्षी एकता तोड़ने की साज़िश क़रार दिया है.

अख़बार लिखता है कि तमाम राजनीतिक दलों को सरकार के साथ मिलकर बैठना चाहिए. अगर मसले का हल नहीं निकाला गया तो हालात को क़ाबू करना नामुमकिन नहीं तो मुश्किल ज़रूर हो जाएगा.

अख़बार जंग में ही वरिष्ठ पत्रकार सलीम साफ़ी ने कॉलम लिखा है कि केंद्र सरकार राष्ट्र के संस्थानों से विपक्ष को लड़वा रही है. सलीम साफ़ी लिखते हैं कि जब सरकार के ज़ेहन में यह बात बैठ जाए कि संस्थानों की कमज़ोरी और जनता के प्रतिनिधि से उनकी लड़ाई में ही उनका (केंद्र सरकार) भला है तो फिर उस देश का भगवान ही मालिक है. (bbc)


25-Oct-2020 5:56 PM 13

कानपुर, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)| एक तरफ जहां देशभर के लोग बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में दशहरा मनाते हुए रावण का पुतला फूंक रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कानपुर के एक मंदिर में इसी दिन लंकापति रावण की पूजा की जाती है। विजयदशमी के दिन कानपुर स्थित मंदिर के बाहर रावण भक्तों की कतार लगती है। करीब डेढ़ सौ साल पुराना यह मंदिर शिवाला क्षेत्र में है।

इस मंदिर की खास बात यह है कि यह साल में केवल एक दिन भक्तों के लिए खुलता है।

विजयदशमी वाले दिन भगवान राम रावण का वध करते हैं। ठीक उसी दिन यहां पूजा करने के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं।

भक्तों का मानना है कि भगवान राम ने जब रावण का वध किया था, तब उन्होंने अपने छोटे भाई लक्ष्मण को रावण से आशीर्वाद लेने के लिए कहा था, क्योंकि रावण बहुत बड़े ज्ञानी थे।


25-Oct-2020 5:53 PM 12

पटियाला, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)| पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने रविवार को अपने गृहनगर पटियाला में विकास की विभिन्न परियोजनाओं के साथ राज्य के पहले खेल विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी। वीडियो कांफ्रेंसिंग से दो अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए शुरू की गई परियोजनाओं में पटियाला शहर के लिए जल आपूर्ति परियोजना (503 करोड़ रु), किला मुबारक के पास एक हेरिटेज स्ट्रीट का विकास (43 करोड़ रु), नया बस स्टैंड (65 करोड़ रु) और सड़कों का चौड़ीकरण (6.74 करोड़ रु) शामिल है।

मुख्यमंत्री ने हाजी माजरा में ईडब्ल्यूएस आवास योजना के तहत कुछ चुनिंदा लाभार्थियों को मकान की चाबियां भी सौंपी। वहां बनाए गए 174 फ्लैटों में से 124 आवंटित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने पटियाला के लोगों को दशहरा की शुभकामनाएं दीं और उनसे नवंबर-दिसंबर में एक दूसरे कोरोनोवायरस में वृद्धि के अनुमानों के बीच सभी सावधानियां बरतने का आग्रह किया।

महाराजा भूपिंदर सिंह स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण 500 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, जिसमें से 60 करोड़ रुपये शैक्षणिक और प्रशासनिक ब्लॉक और हॉस्टल के विकास के लिए प्रारंभिक चरण में निवेश किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने अपने दादा महाराजा भूपिंदर सिंह के योगदान को याद किया, जिनकी याद में विश्वविद्यालय का नाम दिया गया है, और जिनकी 129 वीं जयंती रविवार को दशहरा के साथ है।

विश्वविद्यालय, खिलाड़ियों के वैज्ञानिक विकास में मदद करेगा, अमरिंदर सिंह ने कहा, वह पंजाब को खेल हब के रूप में विकसित करना चाहते हैं।

उन्होंने पंचायत और सिद्धूवाल के लोगों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने खेल विश्वविद्यालय के लिए मुफ्त में जमीन दी है।

इन लोगों ने पहले लॉ यूनिवर्सिटी के लिए जमीन दान में दी थी और अब खेल विश्वविद्यालय के लिए जमीन दी है। मुख्यमंत्री ने सिद्धूवाल के लिए 50 लाख रुपये का अनुदान देने की घोषणा की, जिसने खुद को एक मॉडल गांव के रूप में विकसित किया है।

अमरिंदर सिंह ने उम्मीद जताई कि कर्मचारी और छात्र 2022 तक विश्वविद्यालय परिसर में आ सकेंगे।

वे विश्वविद्यालय के कई पाठ्यक्रमों से बेहद लाभान्वित होंगे, जिनमें से कई यूके के लांगबोरो विश्वविद्यालय पर आधारित हैं, जिनके कुलपति लॉर्ड सेबेस्टियन का वीडियो संदेश शिलान्यास समारोह में प्रसारित किया गया।

उन्होंने आश्वासन दिया कि कोविड-19 समस्याओं के बावजूद, उनकी सरकार काम को तेजी से पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय को अधिक धनराशि देगी।