राष्ट्रीय

22-Jan-2021 3:44 PM 24

नई दिल्ली, 22 जनवरी | नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने चेन्नई से दो श्रीलंकाई तमिलों को गिरफ्तार किया है, जो एक अंतर्राष्ट्रीय ड्रग रैकेट के मुख्य संचालक थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी है। एनसीबी के उप निदेशक केपीएस मल्होत्रा ने आईएएनएस को बताया कि श्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा साझा की गई खुफिया जानकारी के आधार पर पिछले साल नवंबर में उनके द्वारा श्रीलंका से सौ किलोग्राम हेरोइन जब्त किए गए थे। सूत्रों ने बताया कि इनकी कीमत 1,000 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

यह हेरोइन तस्करी सिंडिकेट पाकिस्तान और श्रीलंका पर आधारित है और इसका जाल अफगानिस्तान, ईरान, मालदीव और ऑस्ट्रेलिया तक फैला हुआ है।

मल्होत्रा ने कहा कि गिरफ्तार किए गए आरोपी एमएमएम नवास और मोहम्मद अफनास चेन्नई में अपनी पहचान छिपाकर रहते थे, लेकिन एजेंसी किसी तरह से उन्हें धर दबोचने में कामयाब रही है।

दरअसल 26 नवंबर, 2020 को भारतीय जल सीमा क्षेत्र के करीब तूतीकोरिन बंदरगाह के पास इंडियन कोस्ट गार्ड और एनसीबी द्वारा 95.87 किलोग्राम हेरोइन और 18.32 किलोग्राम मेथमफेटामाइन के साथ मछली पकड़ने वाली श्रीलंकाई जहाज 'शेनाया दुवा' को जब्त किया गया था और यही से कार्रवाई करने की मुख्य शुरुआत हुई।

एनसीबी अधिकारी ने कहा कि एनसीबी ने इस जहाज से पांच पिस्तौल और मैगजीन भी जब्त किए थे। छह श्रीलंकाई लोगों की गिरफ्तारी की गई है, जो इस वक्त न्यायिक हिरासत में हैं।

अधिकारी ने आगे बताया कि रैकेट के अंतर्राष्ट्रीय तालुकात होने की बात से एनसीबी वाकिफ थी, जो कि खास तौर पर अफगानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान संग था। उन्होंने कहा, "इसलिए हम मामले की हर कड़ी की जांच बारीकी से करने लगे और जल्द ही हमें मालूम पड़ा कि इस गिरोह के दो मुख्य व्यक्ति चेन्नई में रहते हैं। इसके बाद एनसीबी नवास और अफनास को पकड़ने में जुट गई।" (आईएएनएस)
 


22-Jan-2021 3:43 PM 23

मुंबई, 22 जनवरी | प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को मुंबई में पीएमसी बैंक घोटाला मामले में 5 स्थानों पर तलाशी ली। घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में मेहुल ठाकुर और अन्य के परिसरों में ये तलाशी ली गई है। ईडी के सूत्रों से ये जानकारी मिली है। जांच से जुड़े ईडी के सूत्रों के मुताबिक, वित्तीय जांच एजेंसी ने शुक्रवार सुबह ठाकुर से जुड़े तीन स्थानों और चार्टर्ड अकाउंटेंट से जुड़े दो स्थानों पर तलाशी ली।

मेहुल ठाकुर विवा होम्स के मालिक और निदेशक हैं जो चिरायु समूह का एक हिस्सा है।

ईडी के अधिकारी ने इस मामले में और कोई जानकारी नहीं दी।

ईडी के एक सूत्र ने कहा कि एजेंसी को कुछ लिंक मिले थे कि करोड़ों रुपए की राशि एचडीआईएल से विवा ग्रुप ट्रस्ट और कंपनियों को हस्तांतरित की गई थी, जिसे ठाकुर के परिवार के सदस्यों द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

इस महीने की शुरूआत में, ईडी ने शिवसेना के राज्यसभा सदस्य संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत से इस मामले में पूछताछ की थी।  (आईएएनएस)
 


22-Jan-2021 3:42 PM 14

लखनऊ, 22 जनवरी | भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद जगत प्रकाश (जेपी) नड्डा पहली बार लखनऊ के दो दिनी दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जब कभी 'वाद' शब्द जुड़ता है तो ये लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करता है। नड्डा के लखनऊ के दो दिवसीय दौरे का आज आखिरी दिन है। इस दौरान बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जब कहीं 'वाद' शब्द जुड़ता है, चाहे वो परिवारवाद हो या जातिवाद हो या कुछ और हो, वो हमेशा लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करता है।

लेकिन भाजपा का एक गौरवशाली अतीत है। मोदी जी एक बात कहते हैं कि चुनाव जीतने के लिए कई मंत्र हो सकते हैं लेकिन एक मूलमंत्र है बूथ जीता, चुनाव जीता। इसलिए आप सभी कार्यकर्ताओं, बूथ अध्यक्षों का स्वागत है।

उन्होंने कहा, लॉकडाउन के दौरान हमने इसे जनता की सेवा के माध्यम से आगे बढ़ाया है, ये बहुत अभिनन्दन पूर्ण है। आज के समय में कोई ऐसा बूथ नही है जो शासन की योजनाओं की जानकारी से बचा हो। उन्होंने कहा कि, आप चाहे बाई चांस आये हों, चाहे बाई डिफॉल्ट आए हों, लेकिन एक बात मैं सबको कहना चाहता हूं कि आप सही जगह आये हो। हमको अगर परिवर्तन लाना है तो आइडियोलॉजी के साथ चलना होगा। सच्चाई हमेशा आगे बढ़ती है, वो लालच के साथ नहीं जुड़ती हैं।

नड्डा ने कहा, भगवान ने हमको ये आज मौका दिया कि हम मोदीजी के साथ जुड़कर देश प्रदेश का उत्थान करें। देश में करीब 1500 राजनीतिक दल हैं, उसमें से कुछ दल राष्ट्रीय स्तर के हैं, कुछ क्षेत्रीय हैं, लेकिन जिसको भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में काम करने का मौका मिला है, उसे खुद को भाग्यशाली मानना चाहिए।

नड्डा व महामंत्री संगठन बी.एल. संतोष ने किसी होटल में ठहरने के बजाय पार्टी मुख्यालय में रात्रि विश्राम किया। शुक्रवार को घने कोहरे के बीच भी नड्डा जियामऊ पहुंचे और भाजपा के नये राज्य मुख्यालय की जमीन का निरीक्षण करने के बाद विश्व संवाद केंद्र में आरएसएस के प्रचारकों के साथ बैठक की। नड्डा के साथ संतोष समेत अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस बैठक में सरकार के कामकाज को परखा और मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड पर भी चर्चा की। नड्ड़ा की मंत्रियों के साथ बैठक के बाद बदलाव के संकेत मिले हैं। देरी से लखनऊ पहुंचने पर उनकी पहली दो बैठकें संगठन के दूसरे पदाधिकारियों ने ली।

संगठन के लिहाज से नड्डा का दौरा अहम बेहद अहम है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद वह राज्यों के प्रवास पर हैं और यूपी का दौरा भी इसी का हिस्सा है।  (आईएएनएस)
 


22-Jan-2021 3:41 PM 30

लखनऊ, 22 जनवरी | इतिहास में शायद ही कभी ऐसा हुआ है कि किसी नेता के निधन के आधी सदी बीत जाने के बाद भी उनके बारे में तरह-तरह के कयास लगाए जाते रहे हों।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस अगस्त 1945 में भले ही एक विमान दुर्घटना में 'मौत हो गई' हो, लेकिन जो लोग उन पर विश्वास करते हैं, उनके लिए वह अब भी 'गुमनामी बाबा' के रूप में जीवित हैं।

गुमनामी बाबा - जिनके बारे में कई लोगों का मानना है कि वह वास्तव में नेताजी (बोस) हैं और उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर साधु की वेश में रहते थे, जिनमें नैमिषारण्य (निमसर), बस्ती, अयोध्या और फैजाबाद शामिल हैं।

लोगों का मानना है कि वह ज्यादातर शहर के भीतर ही अपना निवास स्थान बदलता रहते थे।

उन्होंने कभी अपने घर से बाहर कदम नहीं रखा, बल्कि कमरे में केवल अपने कुछ विश्वासियों से मुलाकात की और अधिकांश लोगों ने उन्हें कभी नहीं देखने का दावा किया।

एक जमींदार, गुरबक्स सिंह सोढ़ी ने उनके मामले को दो बार फैजाबाद के सिविल कोर्ट में ले जाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे।

यह जानकारी उनके बेटे मंजीत सिंह ने गुमनामी बाबा की पहचान करने के लिए गठित जस्टिस सहाय कमीशन ऑफ इंक्वायरी को दिए अपने बयान में दी।

बाद में एक पत्रकार वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

गुमनामी बाबा आखिरकार 1983 में फैजाबाद में राम भवन के एक आउट-हाउस में बस गए, जहां कथित तौर पर 16 सितंबर, 1985 को उनकी मृत्यु हो गई और 18 सितंबर को दो दिन बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। अगर यह वास्तव में नेताजी थे, तो वे 88 वर्ष के थे।

अजीब बात है, इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि वास्तव में उनकी मृत्यु हुई है। शव यात्रा के दौरान कोई मृत्यु प्रमाण पत्र, शव की तस्वीर या उपस्थित लोगों की कोई तस्वीर नहीं है। कोई श्मशान प्रमाण पत्र भी नहीं है।

वास्तव में, गुमनामी बाबा के निधन के बारे में लोगों को पता नहीं था, उनकी मृत्यु के 42 दिन बाद लोगों को पता चला।

उनका जीवन और मृत्यु, दोनों रहस्य में डूबा रहा और कोई नहीं जानता कि क्यों।

एक स्थानीय अखबार, जनमोर्चा ने पहले इस मुद्दे पर एक जांच की थी। उन्होंने गुमनामी बाबा के नेताजी होने का कोई सबूत नहीं पाया। इसके संपादक शीतला सिंह ने नवंबर 1985 में नेताजी के सहयोगी पबित्रा मोहन रॉय से कोलकाता में मुलाकात की।

रॉय ने कहा, "हम नेताजी की तलाश में हर साधु और रहस्यमय व्यक्ति की तलाश कर रहे हैं, सौलमारी (पश्चिम बंगाल) से कोहिमा (नागालैंड) से पंजाब तक। इसी तरह, हमने बस्ती, फैजाबाद और अयोध्या में भी बाबाजी को ढूंढा। लेकिन मैं निश्चितता के साथ कह सकता हूं कि वह नेताजी सुभाष चंद्र बोस नहीं थे।"

आधिकारिक या अन्य सूत्रों से इनकार करने किए जाने बावजूद उनके 'विश्वासियों' ने यह मानने से इनकार कर दिया कि गुमनामी बाबा नेताजी नहीं थे।

हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार ने आधिकारिक रूप से इस दावे को खारिज कर दिया है कि गुमानामी बाबा वास्तव में बोस थे, उनके अनुयायी अभी भी इस दावे को स्वीकार करने से इनकार करते हैं।

गुमनामी बाबा के विश्वासियों ने 2010 में अदालत का रुख किया था और उच्च न्यायालय ने उनका पक्ष लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को गुमनामी बाबा की पहचान स्थापित करने का निर्देश दिया गया था।

सरकार ने 28 जून 2016 को एक जांच आयोग का गठन किया, जिसके अध्यक्ष न्यायमूर्ति विष्णु सहाय थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 'गुमनामी बाबा' नेताजी के अनुयायी थे, लेकिन नेताजी नहीं थे।

गोरखपुर का एक प्रमुख सर्जन, जो अपना नाम नहीं उजागर करना चाहते, ऐसा ही एक बिलिवर थे।

उन्होंने आईएएनएस को बताया, "हम भारत सरकार से यह घोषित करने के लिए कहते रहे कि नेताजी युद्ध अपराधी नहीं थे, लेकिन हमारी दलीलों को सुना नहीं जाता है। बाबा अपराधी के रूप में दिखना नहीं चाहते थे। यह बात मायने नहीं रखती है कि सरकार को उन पर विश्वास है कि नहीं। हम विश्वास करते हैं और ऐसा करना जारी रखेंगे। हम उनके 'विश्वासियों' के रूप में पहचाने जाना चाहते हैं क्योंकि हम उन पर विश्वास करते हैं।"

डॉक्टर उन लोगों में से थे, जो नियमित रूप से गुमनामी बाबा के पास जाते थे और अब भी 'उनपर कट्टर' विश्वास करते हैं।

फरवरी 1986 में, नेताजी की भतीजी ललिता बोस को उनकी मृत्यु के बाद गुमनामी बाबा के कमरे में मिली वस्तुओं की पहचान करने के लिए फैजाबाद लाया गया था।

पहली नजर में, वह अभिभूत हो गईं और यहां तक कि उसने नेताजी के परिवार की कुछ वस्तुओं की पहचान की। बाबा के कमरे में 25 स्टील ट्रंक में 2,000 से अधिक लेखों का संगह था। उनके जीवनकाल में इसे किसी ने नहीं देखा था।

यह उन्हें मानने वाले लोगों के लिए बहुत कम मायने रखता है कि जस्टिस मुखर्जी और जस्टिस सहाय की अध्यक्षता में लगातार दो आयोगों ने घोषणा की थी कि 'गुमनामी बाबा' नेताजी नहीं थे। (आईएएनएस)

 


22-Jan-2021 3:40 PM 21

पटना, 22 जनवरी | इंडिगो एयरलाइंस कंपनी के स्टेशन मैनेजर रूपेश कुमार सिंह हत्याकांड की गुत्थी भले ही पुलिस अब तक नहीं सुलझा पाई है, लेकिन उनकी हत्या के ठेका विवाद से जुड़े होने के सूत्र मिलने के बाद बिहार सरकार ने सभी तरह के सरकारी ठेके में ठेकेदारों के लिए चरित्र प्रमाणपत्र को अनिवार्य कर दिया है। बिहार में अब सरकारी ठेका लेने के पहले ठेकेदार को अपना चरित्र प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नियम का सख्ती से पालन भी किया जाएगा।

वैसे, अधिकारियों का यह भी कहना है कि यह परंपरा पहले से ही है, लेकिन अब इसका सख्ती से लागू कराया जाएगा।

बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ठेकेदारों को दिए जाने वाले चरित्र प्रमाणपत्र को लेकर ही बैठक हुई, जिसमें यह निर्णय लिया गया।

एक अधिकारी ने बताया कि जल्दी ही इसको लेकर सभी विभागों को आदेश जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ठेकेदार के साथ-साथ वहां काम करने वाले सभी कर्मियों का भी चरित्र प्रमाणपत्र अनिवार्य किया गया है। जिनके पास चरित्र प्रमाणपत्र नहीं होंगे, उन्हें काम करने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यह चरित्र प्रमाण पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी हुआ होना चाहिए।

सूत्रों का कहना है कि अब बस स्टॉप, पाकिर्ंग, सब्जी हाट जैसे ठेके भी इसमें शामिल किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इसमें लोगों से ठेकेदार के कर्मियों का सीधे संपर्क होता है, जिसमें सभी कर्मियों को ठेकेदार द्वारा पहचान पत्र देना आवश्यक किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि बिहार में ठेके के विवाद में कई अपराधिक घटनाएं घटती रहती हैं। सरकार इन विवादों पर अंकुश लगाने के लिए ऐसी पहल करने जा रही है।

गौरतलब है कि रूपेश सिंह की हत्या मामले में पुलिस महानिदेशक ए के सिंघल ने दावा करते हुए कहा था कि प्रथम ²ष्टया इस हत्या के पीछे ठेका विवाद से जुड़ा मामला सामने आ रहा है। (आईएएनएस)
 


22-Jan-2021 3:33 PM 19

नई दिल्ली, 22 जनवरी | सीबीआई ने 5.62 लाख भारतीय फेसबुक उपयोगकर्ताओं के निजी डेटा के कथित 'अवैध हार्वेस्टिंग' के एक मामले में ब्रिटेन की कैंब्रिज एनालिटिका और ग्लोबल साइंस रिसर्च लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "एजेंसी ने 19 जनवरी को आईटी एक्ट के तहत अलेक्जेंडर निक्स के प्रतिनिधित्व वाले कैंब्रिज एनालिटिका और एलेक्जेंडर कोगन के प्रतिनिधित्व वाले ग्लोबल साइंस रिसर्च लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

केंद्र सरकार की सिफारिश पर जुलाई 2018 में सीबीआई द्वारा प्रारंभिक जांच शुरू किए जाने के बाद मामला दर्ज किया गया था। केंद्रीय कानून और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा को बताया था कि जांच सीबीआई को सौंप दी जाएगी, जिसके बाद सीबीआई ने प्राथमिक जांच दर्ज करवाई है।

ग्लोबल साइंस रिसर्च लिमिटेड (जीएसआर) के माध्यम से कैंब्रिज एनालिटिका (सीए) द्वारा फेसबुक उपयोगकर्ताओं और उनके दोस्तों के व्यक्तिगत डेटा की कथित अवैध हार्वेस्टिंग के संबंध में कई मीडिया रिपोर्टों के बाद प्राथमिक जांच दर्ज की गई है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कथित उल्लंघन के लिए फेसबुक और कैंब्रिज एनालिटिका से विवरण मांगा था।

सीबीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भारतीयों के कथित डेटा हार्वेस्टिंग के सिलसिले में सीए और फेसबुक द्वारा साझा किए गए विवरणों की जांच की थी।

फेसबुक ने बताया कि संभावित रूप से 5.62 लाख भारतीय उपयोगकर्ताओं के डेटा को अवैध रूप से हार्वेस्ट किया गया होगा। जबकि सीए लिमिटेड ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को जवाब नहीं दिया है।

प्राथमिकी से पता चला है कि कोगन ने एक एप्लिकेशन बनाया है, जिसका नाम 'थिसिसयोरडिजिटललाइफ' है।

सीबीआई ने आरोप लगाया, "फेसबुक के लिए प्लेटफॉर्म नीति के अनुसार, एप्लिकेशन को शैक्षणिक और अनुसंधान उद्देश्यों के लिए उपयोगकर्ताओं के कुछ विशिष्ट डेटा एकत्र करने के लिए अधिकृत किया गया था। एप्लिकेशन ने हालांकि उपयोगकर्ता के अतिरिक्त अनधिकृत डेटा के साथ-साथ फेसबुक पर यूजर के दोस्तों के भी डेटा को एकत्र किया।"

जांच से खुलासा हुआ है कि डेटा को उपयोगकर्ताओं की जानकारी और सहमति के बिना एकत्र किया गया था।

सीबीआई ने कहा कि फेसबुक ने एजेंसी को सूचित किया कि भारत में 335 उपयोगकर्ताओं ने इस एप्लिकेशन को इंस्टाल किया था। 'उन्होंने अनुमान लगाया है कि लगभग 5.62 लाख अतिरिक्त उपयोगकर्ताओं के डेटा को इन 335 उपयोगकर्ताओं की मदद से एकत्र किया गया, जो इन यूजर के फ्रेंड नेटवर्क में आते थे।

सीबीआई ने कहा कि जांच के दौरान जांच अधिकारी द्वारा 335 एप्लिकेशन उपयोगकर्ताओं से संपर्क किया गया, जिनमें से छह ने जवाब दिया।

सीबीआई ने कहा, "उन्होंने सर्वसम्मति से कहा कि एप्लिेकशन से गुमराह किया गया और इस तथ्य से अनजान थे कि उनके दोस्तों के डेटा को हार्वेस्ट किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वह ऐसा जानते तो वह एप को इंस्टॉल नहीं करते।" (आईएएनएस)
 


22-Jan-2021 2:40 PM 13

नई दिल्ली: आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई. बैठक में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और कांग्रेस के बड़े नेता आनंद शर्मा के बीच बहस होने की खबर है. अशोक गहलोत ने असंतुष्ट नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि बार-बार चुनाव की मांग जो नेता कर रहे हैं क्या उन्हें पार्टी नेतृत्व पर भरोसा नहीं है, वहीं आनंद शर्मा ने सीडब्ल्यूसी सदस्यों का चुनाव करवाने की मांग उठाई.

दरअसल, कांग्रेस में अध्यक्ष पद का चुनाव इसी साल मई में कराया जाएगा. कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में इसका ऐलान किया गया. पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

सीडब्ल्यूसी की बैठक में मई में चुनाव कराने का प्रस्ताव

कांग्रेस कार्य समिति (सीडल्यूसी) की बैठक में आज संगठन के चुनाव, किसान आंदोलन और कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई. वरिष्ठ नेता मधुसूधन मिस्त्री की अध्यक्षता वाले केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने कांग्रेस अध्यक्ष समेत संगठन का चुनाव तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव के बाद मई में कराने का प्रस्ताव रखा गया. चुनाव प्राधिकरण ने 29 मई को अधिवेशन कराए जाने की भी पेशकश की है. सीडब्ल्यूसी चुनाव प्राधिकरण के प्रस्ताव पर चर्चा कर रही है.

बिहार विधानसभा चुनाव और कुछ राज्यों के उप चुनावों में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल जैसे कुछ वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी के सक्रिय अध्यक्ष की नियुक्ति की मांग फिर उठाई. वैसे, कांग्रेस नेताओं का एक बड़ा धड़ा लंबे समय से इस बात की पैरवी कर रहा है कि राहुल गांधी को फिर से कांग्रेस की कमान संभालनी चाहिए. कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने हाल ही में कहा था कि कांग्रेस के 99.99 फीसदी लोग चाहते हैं कि राहुल गांधी फिर से उनका नेतृत्व करें. (abplive.com)


22-Jan-2021 2:39 PM 88

-संज्ञा सिंह

सोशल मीडिया पर अक्सर अजीबोगरीब वीडियोज वायरल होते रहते हैं, जिनमें से कुछ ऐसे होते हैं जो हमें काफी पसंद आते हैं और कुछ वीडियोज हमें हैरान कर देते हैं. ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे देखकर आपको मजा भी आएगा और आप हैरान भी रह जाएंगे. सोशल मीडिया पर यह वीडियो आईपीएस अफसर दीपांशु काबरा ने शेयर किया है. इस वीडियो को लोग खूब पसंद कर रहे हैं. साथ ही वीडियो पर मजेदार कमेंट्स भी कर रहे हैं. इस वीडियो में एक शख्स सिकिल पर 9 बच्चों को बैठाकर जाता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसे देखकर सभी हैरान हैं.

आईपीएस अफसर दीपांशु काबरा ने यह वीडियो शेयर करते हुए उसके साथ एक मजेदार कैप्शन भी लिखा है. उन्होंने लिखा है, ‘ऊपर से इनका तो मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान भी नहीं कटेगा.' आप खुद देखिए कैसे ये शख्स 9 बच्चों को साइकिल पर बैठकर ले रहा है. बच्चे भी साइकिल पर बैठकर काफी खुश हैं और उन्हें देखकर लग रहा है कि वो कितने आराम से साइकिल पर बैठे हुए हैं. लोग इस शख्स की तारीफ कर रहे हैं कि कैसे इसने बैलेंस करके इतने सारे बच्चों को साइकिल पर बैठाया है और वह साइकिल भी कितने आराम से चला रहा है.

बता दें कि ये इस वीडियो को अबतक 34 हजार से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है और लोग इस पर ढेरों मजेदार कमेंट्स भी कर रहे हैं. एक यूजर ने कमेंट् करते हुए लिखा, ‘बेटी बचाओ, नहीं तो बेटी गिर जाएगी.' दूसरे ने लिखा है, ‘सर अब तक तो सुना था एकता में शक्ति होती है लेकिन यहां तो एकता में संतुलन भी है.' (khabar.ndtv.com) 

 


22-Jan-2021 2:11 PM 14

-प्रिया गौतम

नई दिल्‍ली. देश में कोरोना वायरस आने के साथ ही एक आवाज भी सामने आई थी जो मोबाइल फोन पर लगातार लोगों को सावधानी बरतने, मास्‍क पहनने, हाथ धोने और दो गज की दूरी का ध्‍यान रखने के लिए सचेत करती रही. हर फोन की कॉलर ट्यून बनी ये आवाज धीरे-धीरे देश की आवाज बन गई. ये आवाज जसलीन भल्‍ला की थी. बीच में अमिताभ बच्‍चन की आवाज में आए कोरोना संदेश के बाद एक बार फिर जसलीन भल्‍ला हर भारतीय के फोन की कॉलर ट्यून में कोविड वैक्‍सीन का संदेश दे रही हैं.

कोरोना से बचाव के उपाय बताने से लेकर कोविड वैक्‍सीन की खुशखबरी लोगों तक पहुंचाने का सफर पूरा करने वाली वॉइस ओवर आर्टिस्‍ट जसलीन भल्‍ला से न्‍यूज 18 हिन्‍दी ने विस्‍तार से बात की है. जिसमें उन्‍होंने कॉलर ट्यून में अमिताभ बच्‍चन की आवाज को रिप्‍लेस करने जैसे सवालों से लेकर कोरोना काल में सबसे प्रभावी आवाज बनने को लेकर बेबाकी से जवाब दिए हैं. इतना ही नहीं खासतौर पर युवाओं और लोगों को जो अपनी आवाज को अपनी पहचान बनाना चाहते हैं, के लिए जरूरी अनुभव बताए हैं.

सवाल. इस बार आपने कॉलर ट्यून के लिए कितने मैसेज रिकॉर्ड किए हैं

जवाब. अभी तो फिलहाल कोविड वैक्‍सीन को लेकर हिंदी और अंग्रेजी में दो ही मैसेज रिकॉर्ड किए हैं. ये दोनों ही 30-30 सेकेंड के हैं. जो अभी कॉलर ट्यून में सुनाई दे रहे हैं. बाकी भाषाओं में भी कॉलर ट्यून रिकॉर्ड किए जा रहे हैं लेकिन उनके लिए स्‍थानीय वॉइस ओवर आर्टिस्‍ट आवाज देंगे.
सवाल. कोविड कॉलर ट्यून के लिए आवाज देने की आपकी दूसरी पारी शुरू हुई है. अभी तक का अनुभव बताइए.

जवाब. मैंने अपना पहला मैसेज लॉकडाउन के दौरान ही रिकॉर्ड किया था. तब कोरोना को लेकर काफी डर फैला था. हम लोगों को काफी आशंकाएं थी. उसके बाद वह कॉलर ट्यून रिकॉर्ड हुई. मुझे भी अंदाजा नहीं था कि वह कॉलर ट्यून हर नेटवर्क पर जाएगी और पूरे देश में सुनी जाएगी. यह मेरे लिए भी सरप्राइजिंग था. हालांकि ये बहुत अच्‍छा सरप्राइज था. अमूमन वॉइस ओवर आर्टिस्‍ट के साथ ऐसा  कम ही होता है कि इतनी पहचान मिलती है. क्‍योंकि आवाजें तो रोजाना जगह-जगह पर सुनी जाती हैं. इस दौरान लोगों को ये भी नहीं पता होता कि ये आर्टिस्‍ट कौन है. जब तक कि वह कोई जानी-मानी शख्सियत न हो.

पहले कोरोना से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह थी. जिसमें डर और आशंका दोनों थीं. अब कोविड वैक्‍सीन आने का मैसेज है. वैक्‍सीन का सभी को बेसब्री से इंतजार है और वैक्‍सीन आ गई है तो यह खुशी की बात सबको बताना अपने आप में बहुत खुशनुमा है. पहले मैसेज से लेकर अब दूसरे मैसेज तक अनुभव शानदार रहा है.

सवाल. इस बार आपने अमिताभ बच्‍चन को रिप्‍लेस किया है, कैसा लग रहा है?

जवाब. मैं ये तो नहीं कहूंगी कि मैंने अमिताभ बच्‍चन जी को रिप्‍लेस किया है. उन्‍हें कौन रिप्‍लेस कर सकता है. य‍ह बस चेंज ऑफ ड्यूटी है. जैसे एक ऑफिस में शिफ्ट बदलती हैं ठीक वैसे ही. मैं बहुत खुशकिस्‍मत हूं  कि किसी तरह से मुझे उनके साथ एक प्‍लेटफॉर्म पर रखा जा रहा है. मैं खुद उनकी बहुत बड़ी फैन हूं. उनकी आवाज तो जादू है. हां लेकिन बहुत सारे लोगों ने यह पढ़कर खुशी जाहिर की थी कि अब उनके बजाय कॉलर ट्यून में मेरी आवाज फिर सुनाई देगी तो मुझे यह सब देखकर बहुत खुशी हुई. आपका काम सराहा जाता है और उसे पब्लिक वैलिडेशन मिलता है तो किसको खुशी नहीं होती.
सवाल. कभी ऐसा हुआ है कि आप और अमिताभ जी ने एक साथ रिकॉडिंग की है ?
जवाब. नहीं. बल्कि मैं तो चाहती हूं कि ऐसा दिन जरूर आए. जब मैं और अमिताभ जी एक साथ रिकॉर्ड कर रहे हों. हां लेकिन लोगों को ऐसा लगता है कि हम दोनों ने ही कॉलर ट्यून में आवाज दी है तो एक साथ एक ही जगह रिकॉर्डिंग की होगी. पर ऐसा नहीं है.

सवाल. आपको कैसे यह मौका मिला, खासतौर पर वॉइस ओवर आर्टिस्‍ट बनने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए, विस्‍तार से बताइए.
जवाब.  मैं एक फ्रीलांस आर्टिस्‍ट हूं और रोजाना रिकॉर्ड करती हूं. किसी भी और करियर की तरह इसमें भी एक लंबा रास्‍ता होता है. शुरुआत हम करते हैं रिकॉर्डिंग से. आपको अपनी वॉइस के सैंपल रिकॉर्ड करने होते हैं. स्‍टूडियो को अप्रोच करना होता है. आप कितने भी महान आर्टिस्‍ट बन जाएं लेकिन सैंपल तो आपको रोजाना भेजने पड़ते हैं. जैसे फिल्‍मों में कास्टिंग होती है कि किसको कौन सा किरदार दिया जाएगा, ठीक उसी तरह देखा जाता है कि आवाजें भी किस पर जचेगी. जिन भाषाओं में आपका हाथ अच्‍छा है, उनमें आप सैंपल्‍स रिकॉर्ड करके आप स्‍टूडियोज में भेजिए. उनको लगेगा कि आपकी आवाज में वो बात है कि आप किसी ब्रांड या प्रोडक्‍ट की आवाज बन सकते हैं तो आपको बुलाया जाएगा और शुरुआत में आपको ऑडिशन भी देने पड़ सकते हैं. धीरे-धीरे जब आप काम करते हैं तो आपकी समझ बढ़ती जाती है और लोग खुद आपको अप्रोच करने लगते हैं. आपको मौके मिलने लगते हैं और गाड़ी चल पड़ती है. मुझे खुद इस काम को करते हुए 10 साल से ज्‍यादा का समय हो गया है. कोविड वॉइस ओवर का मौका भी इसी तरह लगताार वॉइस के सैंपल्‍स भेजते रहने और सरकारी-गैर सरकारी प्रोजेक्‍ट के लिए आवाज देते हुए मिला. यह बहुत अच्‍छा फील्‍ड है युवाओं को इसमें आना चाहिए.

जसलीन भल्‍ला. जसलीन भल्‍ला.
सवाल. कॉलर ट्यून के लेकर सब आपको जानते हैं, आपने और कहां-कहां आवाज दी है ?
जवाब. हां इसके अलावा कई पब्लिक और प्राइवेट प्रोजेक्‍ट हैं जहां मैंने आवाज दी है. दिल्‍ली एयरपोर्ट मेट्रो लाइन, कोलकाता, लखनऊ, पुणे, बंगलुरू मेट्रो में आवाज दी है. इंडियन रेलवे के अलावा कुछ फलाइटों में, रेडियो पर आने वाले विज्ञापन, बहुत सारे आईवीआर जिसमें फोन उठाने पर बोलते हैं कि हिंदी के लिए एक दबाएं, अंग्रेजी के लिए दो दबाएं आदि में मेरी आवाज है. इसके अलावा अपनी संतुष्टि के लिए मैं एनजीओ आदि के कुछ क्रिएटिव प्रोजेक्‍ट में भी काम करती रहती हूं.

सवाल. अमिताभ बच्‍चन ने भी इसके लिए आवाज दी थी लेकिन लोग उनके खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच गए, आपके साथ ऐसा कोई अनुभव?
जवाब. हां मुझे पता चला इसके बारे में भी कि कोविड कॉलर ट्यून को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई. उसकी जो भी वजहें थीं. हालांकि मेरे साथ ऐसा कोई अनुभव नहीं है. मुझे लोगों ने बहुत प्‍यार ही दिया है. मुझे बहुत सारे मैसेज आए. कुछ तो बहुत ही स्‍वीट मैसेज आए.  यह सुनकर अच्‍छा लगता है कि मेरा काम सराहा जा रहा है. मुझे अभी तक लोगों से प्‍यार ही मिला है. इसके लिए मैं सभी का बहुत शुक्रिया अदा करना चाहती हूं. मेरे सभी कोआर्टिस्‍ट को भी धन्‍यवाद कहूंगी. इस खराब समय पर मेरे साथ बहुत ही पॉजिटिव हुआ. (news18.com)


22-Jan-2021 2:10 PM 14

नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्म मालिकों से लेकर गाज़ीपुर मंडी के कारोबारी इन दिनों बेहद परेशान हैं. उनकी परेशानी की वजह है सुपर मोटा और सूमो मुर्गा है. मंडी में आने वाले ग्राहक सूमो मुर्गे को लेने के लिए तैयार नहीं हैं. वजह है मुर्गों को वजन. बर्ड फ्लू के चलते इन मुर्गों का वजह 3 किलो और उससे ज़्यादा हो गया है. बाज़ार में इस वजन के मुर्गे पसंद नहीं किए जाते हैं. सुपर मोटा और सूमो को सस्ते में बेचने पर भी ग्राहक नहीं मिल रहे हैं.

पोल्ट्री के जानकार अनिल शाक्या बताते हैं, अंडे देने वाली मुर्गी हो या फिर खाने वाला चिकन, सभी को तय मानकों के मुताबिक ही दाना दिया जाता है. जैसे मुर्गी का खानपान बिगड़ा तो उसे अंडा देने में दिक्कत आएगी.

इसी तरह से मुर्गे का खानपान बिगड़ा तो या तो वो कमजोर हो जाएगा या फिर ज़्यादा मोटा हो जाएगा. ज़्यादा मोटे मुर्गे को बीमारी भी हो जाती हैं. जबकि बाज़ार में 900 ग्राम से लेकर 2.5 किलो तक के मुर्गे की ही डिमांड रहती है.

बर्ड फ्लू के चलते ऐसे मोटा हो गया मुर्गा
मान्या एग ट्रेडर्स के राजेश पंडित का कहना है, बर्ड फ्लू के दौरान शुरु में तो चिकन की सेल कम हो गई. फिर बाद में कई जगह चिकन की बिक्री पर बैन लगा दिया गया. इसका असर इतना पड़ा कि बैन हटने के बाद भी मंडियों में उस तरह से ग्राहक नहीं आ रहा है जैसे बर्ड फ्लू से पहले आ रहा था. नतीजा बिक्री कम हो गई. मुर्गे-मुर्गी पोल्ट्री फार्म में पड़े-पड़े दाना खा रहे हैं. यही वजह है कि मुर्गे अब 3 किलो और उससे भी ज़्यादा वजन के हो गए हैं. पंजाब में ऐसे मुर्गों की नहीं कैटेगिरी सूमो मुर्गा बनाई गई है. वहीं गाजीपुर मंडी में इन्हें सुपर मोटा कहा जा रहा है. (news18.com)


22-Jan-2021 2:09 PM 12

नई दिल्ली. कोरोना की जंग जीतने के लिए देश में टीकाकरण अभियान की शुरुआत 16 जनवरी से हो चुकी है. कोरोना वैक्सीन के पहले चरण में 3 करोड़ कोरोना वॉरियर्स को वैक्सीन दी जा रही है. केंद्र सरकार ने वैक्सीन अभियान पर पूरी नजर बनाए रखने के राज्यों से कहा है कि वे लोगों के आधार नंबर को मोबाइल नंबर से लिंक करें ताकि टीकाकरण के लिए एसएमएस भेजने में सुविधा हो. वैक्सीनेशन के लिए आधार का प्रूफ होना बेहद जरूरी है. इससे ये पता चल पाएगा कि आपको पहला और दूसरा डोज कब लगा है.

हिंदू बिजनेलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, अगर आप इन दोनों वैक्सीन को लगवाना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले अपने फोन नंबर को आधार कार्ड से लिंक करना होगा. कोविड 19 के डेटा मैनेजमेंट और एंपॉवर्ड ग्रुप ऑफ टेक्नोलॉजी के चेयरमैन आरएस शर्मा ने कहा है कि, वैक्सीन किसे, कब और कौन सी लगी है, इसके डिजिटल रिकॉर्ड के लिए आधार जरूरी है.

शर्मा ने कहा है कि हम पहले भी ऐसा कर चुके हैं. वहीं आधार कार्ड बनवाने के दौरान भी ऐसा किया जा चुका है. आपका डेटा बिल्कुल सुरक्षित रहेगा. हम दूसरे तरीके से भी रजिस्टर कर सकते हैं लेकिन यहां आधार का ऑप्शन सबसे सटीक और बड़ा है.

Co- Win ऐप से होगी निगरानी
संपूर्ण टीकाकरण प्रक्रिया की निगरानी के लिए, टीकाकरण के लिए पंजीकरण कर चुके या पहले शॉट लेने वाले लोगों पर नज़र रखने के लिए, टीकों के भंडारण की जांच रखने के लिए सरकार ने को-विन ऐप बनाया गया है. ये ऐप एक डिजिटिल प्लेटफॉर्म है जिसे मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है.

Co- Win में हैं 5 मॉड्यूल
कोविन ऐप  से टीकाकरण की प्रक्रिया, प्रशासनिक क्रियाकलापों, टीकाकरण कर्मियों और उन लोगों के लिए एक मंच की तरह काम करेगा, जिन्हें वैक्सीन लगाई जानी है. कोविन ऐप में 5 मॉड्यूल हैं. पहला प्रशासनिक मॉड्यूल, दूसरा रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल, तीसरा वैक्सीनेशन मॉड्यूल, चौथा लाभान्वित स्वीकृति मॉड्यूल और पांचवां रिपोर्ट मॉड्यूल.

शुरू हुआ अस्थायी प्रमाण पत्र देने का नियम
कोरोना वैक्सीन टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए पहली डोज के बाद अस्थायी प्रमाण पत्र देने का नियम शुरू किया गया है. इसके तहत अब तक 8 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों को ये प्रमाण पत्र दिया जा चुका है. को-विन वेबसाइट से भेजा गया प्रमाण पत्र पूरी तरह से क्यूआर कोड से लैस है.

इस प्रमाण पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो के साथ कोरोना को हराने का मूल मंत्र 'दवाई भी और कड़ाई' भी लिखा है. क्यूआर कोड वाले इस प्रमाण पत्र को 28 दिन के लिए अनिवार्य किया गया है. कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के बाद दूसरा प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा, जिसमें लाभार्थी का फोटो लगा होगा. बता दें कि 16 जनवरी से शुरू हुए इस टीकाकरण अभियान में काफी लोगों ने हिस्सा लिया है. (news18.com)


22-Jan-2021 1:45 PM 12

कोलकाता: बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले ममता सरकार के एक और मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है. आज टीएमसी सरकार में मंत्री राजीब बनर्जी ने इस्तीफा दे दिया है. टीएमसी के 16 विधायक पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं. शुभेंदु अधिकारी के बाद राजीब बनर्जी तीसरे मंत्री हैं जिन्होंने इस्तीफा दिया है. चर्चा इस बात की है कि राजीव बनर्जी भी बीजेपी में जा सकते हैं.

बनर्जी ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा, "मुझे यह बताते हुए खेद है कि आज 22 जनवरी 2021 को मैंने कैबिनेट मंत्री के पद से अपने कार्यालय से अपना इस्तीफा दे रहा हूं."

TMC छोड़कर बीजेपी में अबतक कौन-कौन नेता शामिल हुए
2015 में लॉकेट चटर्जी तृणमूल से बीजेपी में शामिल हुए. वह अब 2019 में जीते हुगली से बीजेपी सांसद हैं.
2017 में टीएमसी नेता मुकुल रॉय बीजेपी में शामिल हुए, वे अब बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं.
2019 में निष्कासित टीएमसी सांसद अनुपम हाजरा बीजेपी में शामिल हुए, अब वे बीजेपी के सचिव हैं. इसी साल टीएमसी के सांसद सौमित्र खान भी बीजेपी में शामिल हुए. उन्होंने बीजेपी से 2019 का चुनाव जीता.
टीएमसी के सुब्रहंगशु रॉय (बीजापुर विधायक) भी बीजेपी में शामिल हुए.
टीएमसी के विधायक तुषारकांति भट्टाचार्जी बीजेपी में शामिल हो गए, लेकिन वह अगस्त 2020 में टीएमसी में लौट आए.
पश्चिम बंगाल के लबपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक मोनिरुल इस्लाम भी भाजपा में शामिल हुए थे.
2019 में ही टीएमसी के पूर्व विधायक गदाधर हाजरा, तृणमूल युवा विंग के प्रमुख आसिफ इकबाल और निमाई दास को भाजपा में शामिल किया गया. इसी साल टीएमसी के चार बार के विधायक और कोलकाता के पूर्व मेयर सोवन चटर्जी बीजेपी में शामिल हुए. टीएमसी नेता सब्यसाची दत्ता, राजारहाट न्यूटाउन विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी बीजेपी में शामिल हुए.
2020 में टीएमसी विधायक मिहिर गोस्वामी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. इसी साल के अंत में ममता सरकार में कैबिनेट मंत्री शुवेंदु अधिकारी भाजपा में शामिल हो गए, जो टीएमसी के लिए बड़ा झटका था.
2021 में टीएमसी नेता और विधायक अरिंदम भट्टाचार्य भाजपा में शामिल हो गए. आज  ममता कैबिनेट में मंत्री राजीब बनर्जी ने इस्तीफा दिया है. (abplive.com)


22-Jan-2021 1:44 PM 12

-ए. वैद्यनाथन

नई दिल्ली: यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन सिविल सेवा के उम्मीदवारों को एक और अतिरिक्त मौका नहीं देगा, जो महामारी के कारण अपनी परीक्षा में उपस्थित नहीं हो सके थे. केंद्र सरकार ने शुक्रवार को यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी. इसपर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा है कि वह इस संबंध में अपना हलफनामा दायर करें. अब इस मामले पर सुनवाई 25 जनवरी को होगी.

केंद्र के वकील ने कोर्ट को बताया है कि उन्हें जानकारी मिली है कि सरकार UPSC सिविल सेवा के उम्मीदवारों को एक अतिरिक्त मौका देने के लिए सहमत नहीं है. अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने पीठ से कहा, ‘‘हम एक और अवसर देने को तैयार नहीं है. मुझे हलफनामा दाखिल करने का समय दीजिए. कल (बृहस्पतिवार) रात मुझे निर्देश मिला है कि हम इस पर तैयार नहीं हैं."

बता दें कि शीर्ष अदालत ने इससे पहले COVID - 19 महामारी के कारण UPSC सिविल सेवा परीक्षा को स्थगित करने की याचिका को खारिज कर दिया था. परीक्षा 4 अक्टूबर को आयोजित की गई थी.

अदालत ने केंद्र से उन सिविल सेवाओं के उम्मीदवारों को एक और अवसर प्रदान करने पर विचार करने के लिए कहा था, जो महामारी के कारण अपने अंतिम प्रयास में उपस्थित नहीं हो सके थे.  (khabar.ndtv.com)


22-Jan-2021 1:43 PM 11

पटना : चारा घोटाले के सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा जेल मैनुअल के उल्लंघन मामले में झारखंड हाईकोर्ट में माननीय न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की अदालत में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान अदालत में एक बार फिर से जेल प्रबंधन और गृह विभाग से जवाब मांगा है.

इसके साथ ही अगली सुनवाई के लिए 5 फरवरी की तिथि अदालत ने निर्धारित की है. पूर्व की सुनवाई में भी अदालत के द्वारा जेल अथॉरिटी से जवाब तलब किया गया था. पिछली सुनवाई के दौरान जेल अथॉरिटी द्वारा दिए गए जवाब से कोर्ट ने असंतुष्टि जाहिर की थी. इसके बाद शुक्रवार को एक बार फिर से अदालत ने जेल प्रबंधन और गृह विभाग से जवाब तलब किया है.जेल आइजी के रिपोर्ट को पुनः एप्रुवल के साथ गृह एवं आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव को शपथपत्र के माध्यम से ज़बाब दाखिल करने का निर्देश दिया.

लालू प्रसाद के स्वास्थ्य के बिंदु पर रिम्स से पुनः ज़बाब दाखिल करने का भी निर्देश कोर्ट ने दिया है.अदालत ने सरकार के अधिवक्ता को नाराजगी जाहिर करते हुए अदालत के आदेश को हल्के में नहीं लेने का भी निर्देश दिया, मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी को होगी. (abplive.com)


22-Jan-2021 1:41 PM 23

पटना, 22 जनवरी | बिहार में सोशल मीडिया पर मंत्री, अधिकारी, विधायक, सांसद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने पर सख्त कार्रवाई करने को लेकर जारी आदेश के बाद अब सियासत शुरू हो गई है। राजद के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि 'करो गिरफ्तार'। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चुनौती देते हुए लिखा, 60 घोटालों के सृजनकर्ता नीतीश कुमार भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह, दुर्दांत अपराधियों के संरक्षणकर्ता, अनैतिक और अवैध सरकार के कमजोर मुखिया है। बिहार पुलिस शराब बेचती है। अपराधियों को बचाती है निर्दोषों को फंसाती है। मुख्यमंत्री को चुनौती देता हूं - अब करो इस आदेश के तहत मुझे गिरफ्तार।

तेजस्वी ने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि नीतीश कुमार हिटलर के पदचिन्हों पर चल रहे हैं। इधर, राजग के घटक दल के नेता इस आदेश के बचाव में उतर आए हैं।

हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने आदेश का बचाव करते हुए कहा कि सोशल मीडिया के जरीए कई दंगाई तत्व, संगठन समाज में आपसी भाईचारा खत्म करने पर तुले हैं, जिसका परिणाम सबको भुगताना पड़ रहा है। ऐसे तत्वों पर सरकार कारवाई कर रही है तो विपक्ष को इतना खौफ क्यों सता रहा है? ऐसा तो नहीं कि वही लोग सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करके दंगा फैला रहें हैं?

इधर, जदयू के प्रवक्ता निखिल मंडल ने कहा कि ये उन अनपढ़-जाहिल लोगों के लिए है जो दूसरों की मां-बहन की इज्जत नही करना जानते। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस आदेश से वैसे लोग ही परेशान हैं।

उल्लेखनीय है कि बिहार की आर्थिक अपराध इकाई ने कहा है कि अगर सोशल मीडिया पर सरकार, मंत्री, सांसद, विधायक और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक, अभद्र एवं भ्रंतिपूर्ण टिप्प्णियां करते हैं, तो आप पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। (आईएएनएस)
 


22-Jan-2021 1:18 PM 10

बीजिंग: अरुणाचल प्रदेश में चीन की ओर से एक गांव का निर्माण किए जाने की खबरों पर चीन ने गुरुवार को प्रतिक्रिया दी है. चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वो 'अपनी जमीन पर' निर्माण की गतिविधियां कर रहा है और यह पूरी तरह से उसके अखंडता का मसला है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने मीडिया के सामने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि 'भारत-चीन सीमा के पूर्वी सेक्टर या फिर जंगनान प्रांत (दक्षिण तिब्बत) में चीन की स्थिति दृढ़ और स्पष्ट है. हमने चीनी जमीन पर अवैध रूप से बसाए गए तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को कभी मान्यता नहीं दी है.'

चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा बताता है, जबकि भारत हमेशा कहता रहा है कि अरुणाचल उसका अभिन्न और अखंड हिस्सा है. चीनी विदेश मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर चुनयिंग के हवाले से अद्यतन बयान में कहा कि ‘हमारे खुद के क्षेत्र में चीन का सामान्य निर्माण पूरी तरह संप्रभुता का मामला है.'

बता दें कि NDTV ने एक रिपोर्ट में अरुणाचल प्रदेश के क्षेत्र की तस्वीरें दिखाई थीं जिसमें कहा गया था कि चीन ने एक नए गांव का निर्माण किया है और इसमें लगभग 101 घर हैं. रिपोर्ट के अनुसार 26 अगस्त 2019 की पहली तस्वीर में कोई इंसानी रिहायश नहीं दिखी, लेकिन नवंबर 2020 में आई दूसरी तस्वीर में आवासीय निर्माण दिखे.

भारत ने इस पर सधी प्रतिक्रिया देते हुए सोमवार को कहा था कि देश अपनी सुरक्षा पर असर डालने वाली सभी गतिविधियों पर लगातार नजर रखता है और अपनी संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता है. नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अपने नागरिकों की आजीविका में सुधार के लिए सड़कों और पुलों सहित बुनियादी ढांचे का निर्माण तेज कर दिया है.

अरुणाचल प्रदेश में चीन के नया गांव स्थापित करने की खबरें ऐसे समय आई हैं जब भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में आठ महीने से अधिक समय से सैन्य गतिरोध बना हुआ है. दोनों देशों के बीच कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक वार्ता के बाद भी गतिरोध का अब तक कोई समाधान नहीं निकला है. (khabar.ndtv.com)


22-Jan-2021 1:18 PM 17

-उमाशंकर सिंह

नई दिल्ली: कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक शुक्रवार को हुई है, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष के पद के लिए चुनाव कराने पर चर्चा होने की संभावना थी. सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि बैठक में फैसला लिया गया है कि मई में पार्टी के आंतरिक चुनाव कराए जाएंगे.

सूत्रों ने बताया कि केसी वेणुगोपाल ने सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी का शेड्यूल पढ़ा और बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष के लिए मई में चुनाव होंगे. पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा. कांग्रेस पार्टी नहीं चाहती कि आंतरिक चुनाव के चलते पार्टी का ध्यान भटके.

बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनावों में हार के बाद इसकी जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद सोनिया गांधी ने एक बार फिर पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष का पद संभाला. राहुल गांधी ने अपने इस्तीफे के साथ साफ कर दिया था कि वो अब इस पद पर नहीं आएंगे, यहां तक कि यह भी कहा गया था कि उन्होंने प्रियंका गांधी के नाम को भी किनारे कर कहा था कि अब गांधी परिवार से कोई भी पार्टी का अध्यक्ष नहीं बनेगा.

पार्टी ने दिसंबर में बड़ी बैठकें की थीं और देशभर में पार्टी संगठन में बड़े बदलाव किए गए थे. बैठकों की दौर के बीच एक बार फिर यह खबर आई थी कि पार्टी के कुछ नेता फिर से राहुल गांधी को इस पद पर देखना चाहते हैं. हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से बार-बार बोला गया है कि पार्टी का अध्यक्ष आंतरिक चुनावों के तहत चुना जाएगा. (khabar.ndtv.com)


22-Jan-2021 1:17 PM 13

-राहुल सिंह

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने UK की कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका के खिलाफ केस दर्ज किया है. 5.62 लाख भारतीय फेसबुक यूजर्स का डेटा चोरी करने के आरोप में यह मामला दर्ज किया गया है. CBI ने इसी मामले में UK की एक और कंपनी ग्लोबल साइंस रिसर्च के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि फेसबुक-कैंब्रिज एनालिटिका डेटा चोरी मामले की जांच CBI करेगी.

CBI को जवाब में सोशल मीडिया कंपनी की ओर से बताया गया है कि ग्लोबल साइंस रिसर्च ने अवैध तरीके से 5.62 लाख भारतीय फेसबुक यूजर्स का डेटा जमा किया और इसे कैंब्रिज एनालिटिका के साथ साझा किया. आरोप है कि कैंब्रिज एनालिटिका ने इस डेटा का इस्तेमाल भारत में हो रहे चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया था.

भारतीयों के फेसबुक डेटा चोरी पर क्या कैंब्रिज एनालिटिका ने सरकार से बोला झूठ?

बताते चलें कि मार्च 2018 में कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म ने कैंब्रिज एनालिटिका के पूर्व कर्मचारियों, सहयोगियों और दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया था कि फर्म ने 5 करोड़ से ज्यादा यूजर्स की अनुमति के बगैर उनकी फेसबुक प्रोफाइल से निजी जानकारी जुटाई थी.

फेसबुक को देना होगा 5 अरब डॉलर का जुर्माना, करोड़ों यूज़र्स का डेटा किया लीक

3 अप्रैल, 2018 को कंपनी ने बताया था कि उसके पास भारतीयों का कोई फेसबुक डेटा नहीं है. वहीं इसके उलट फेसबुक ने भारत सरकार को 5 अप्रैल, 2018 को बताया था कि कैंब्रिज एनालिटिका ने इंस्टॉल किए गए ऐप के जरिए करीब 5,62,455 भारतीयों के फेसबुक डेटा तक पहुंच बनाई थी. अब इस मामले में केस दर्ज करने के बाद CBI ने जांच शुरू कर दी है. (khabar.ndtv.com)


22-Jan-2021 1:16 PM 13

नई दिल्ली:  तीन नए कृषि कानूनों की वापसी की मांग कर रहे किसान संगठनों ने गुरुवार केंद्र सरकार के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिसमें सरकार के प्रतिनिधियों ने 10वें दौर की वार्ता में तीनों नए कानूनों का क्रियान्वयन डेढ़ साल तक स्थगित रखने का सुझाव दिया था और समाधान का रास्ता निकालने के लिए एक समिति गठित करने की भी बात कही थी. सरकार के इस प्रस्ताव पर संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में किसान नेताओं ने सिंघू बॉर्डर पर एक मैराथन बैठक की, जिसमें इसे सर्व सम्मति से खारिज करने फैसला लिया गया. इसी मोर्चा के बैनर तले कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर किसान संगठन पिछले लगभग दो महीने से आंदोलन कर रहे हैं. आज फिर से सरकार के प्रतिनिधियों और किसान संगठनों के बीच 11वें दौर की वार्ता होनी है.

मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :

आज (शुक्रवार) को विज्ञान भवन में दोपहर 12 बजे एक बार फिर से किसान संगठनों और सरकार के मंत्री बातचीत के टेबल पर होंगे. दो दिन पहले सरकार ने कृषि कानूनों को डेढ़ साल तक टालने का प्रस्ताव दिया था लेकिन किसानों ने उसे खारिज कर दिया. इससे दोनों तरफ फिर से तनातनी बढ़ गई है. बावजूद इसके दोनों पक्ष आज फिर से 11वें दौर की वार्ता करेंगे. उधर किसान संगठन तीनों कानून वापसी की मांग पर अड़े हैं. 

विज्ञान भवन की ओर रवाना होने से पहले किसान नेता मनजीत सिंह राय और राजिंदर सिंह ने एनडीटीवी से कहा कि हमारी मांग पहले दिन से साफ़ है कि तीनों क़ानून रद्द कर दिए जाएं. उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब सरकार झुक रही है, यानी बातचीत असल में अब शुरू हुई है. सिंह ने कहा, हमने कल बैठक में 26 जनवरी के ट्रैक्टर मार्च पर चर्चा की और हम उससे पीछे नहीं हटने जा रहे हैं. उन्होंने कहा, "अगर सरकार हमारा ट्रैक्टर मार्च टालना चाहती है तो क़ानून रद्द करे."

सयुंक्त किसान मोर्चा ने दावा किया कि अब तक इस आंदोलन में 147 किसानों की मौत हो चुकी है. उन्हें आम सभा ने श्रद्धाजंलि अर्पित की. बयान में कहा गया, ‘‘इस जनांदोलन को लड़ते-लड़ते ये साथी हमसे बिछड़े हैं. इनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा.''बुधवार को हुई 10वें दौर की वार्ता में सरकार ने किसान संगठनों के समक्ष तीन कृषि कानूनों को डेढ़ साल तक स्थगित रखने और समाधान का रास्ता निकालने के लिए एक समिति के गठन का प्रस्ताव दिया था. दोनों पक्षों ने 22 जनवरी को फिर से वार्ता करना तय किया था.

इस बीच, उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित समिति ने वार्ता शुरू कर दी और इस कड़ी में उसने आठ राज्यों के 10 किसान संगठनों से संवाद किया. उच्चतम अदालत ने 11 जनवरी को तीन कृषि कानूनों के अमल पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी और गतिरोध को दूर करने के मकसद से चार-सदस्यीय एक समिति का गठन किया था. फिलहाल, इस समिति मे तीन ही सदस्य हैं क्योंकि भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान ने खुद को इस समिति से अलग कर लिया था.

समिति ने एक बयान में कहा कि बृहस्पतिवार को विभिन्न किसान संगठनों और संस्थाओं से वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से संवाद किया गया. इसमें कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, और उत्तर प्रदेश के 10 किसान संगठन शामिल हुए. इससे पहले इन कानूनों के खिलाफ गणतंत्र दिवस पर किसानों की ओर से प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के संदर्भ में दिल्ली पुलिस और किसान संगठनों के बीच दूसरे चरण की बातचीत हुई जो बेनतीजा रही. किसान नेता अपने इस रुख पर कायम रहे कि 26 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी के व्यस्त बाहरी रिंग रोड पर ही यह रैली निकाली जाएगी. (khabar.ndtv.com)

 


22-Jan-2021 1:01 PM 13

लखनऊ, 22 जनवरी | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने लखनऊ आते ही मंत्रियों को अनुसाशन का पाठ पढ़ाया। उन्होंने मंत्रियों से साफ कहा कि मैं नहीं, हम भाव से टीम वर्क मजबूत करें। जेपी नड्डा दो दिवसीय प्रवास के लिए गुरुवार शाम को लखनऊ पहुंचे। लखनऊ पहुंचे कुछ घंटे ही हुए थे, जनता और कार्यकर्ताओं से फीडबैक न होने के बावजूद जिस तरह से नड्डा ने मंत्रियों को सीख दी है। उससे इशारा मिलता है कि रिपोर्ट कार्ड तो पहले ही दिल्ली पहुंच चुका था। सरकार और संगठन के कामकाज के साथ ही समन्वय की भी तारीफ की, लेकिन मंत्रियों को अपने काम के तौर-तरीके बदलने की स्पष्ट सलाह दी। उन्होंने समझाया कि मैं नहीं, हम भाव से टीम वर्क मजबूत करें।

नड्डा ने प्रदेश मुख्यालय में योगी सरकार के मंत्रियों और पदाधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार के काम की सराहना की। खासकर कोरोना संकट के दौरान किए सेवा कार्यों के लिए सरकार के साथ संगठन की पीठ भी थपथपाई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा कार्यों को राजनीति का माध्यम बनाने की अनूठी पहल हुई है।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाएं। संपर्क-संवाद बढ़ाकर सेवा कार्यों के जरिए चुनावी तैयारियों में जुटें। उन्होंने सरकार व संगठन के समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास के नए आयाम गढ़े जा रहे हैं। (आईएएनएस)