खेल

01-Jun-2020 5:44 PM

नई दिल्ली, 1 जून । भारत के पूर्व ऑल राउंडर खिलाड़ी युवराज सिंह के नए कीप इट अप चैलेंज को क्रिकेट लीजेंड सचिन तेंदुलकर अब एक नए स्तर तक ले गए। युवराज के बेलन की मदद से बॉल को उछालने के बाद सचिन ने उनके लिए एक नया चैलेंज तैयार कर दिया है। सचिन ने युवराज के चैलेंज के जवाब में उनसे पूछा क्या वह पराठा बना सकते हैं। 

दरअसल, युवराज सिंह ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो  शेयर किया था जिसमें वह एक बेलन से टेनिस बॉल उछल रहे हैं। उन्होंने सचिन को यह चुनौती दी क्या वह भी किचन में कुछ ऐसा कर सकते हैं। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि आपको रिकॉर्ड तोडऩा है, किचन का सामान नहीं।
सचिन तेंदुलकर ने इस बार युवराज सिंह के चैलेंज को पूरा करने की बजाय युवराज से परांठा बनाने के लिए कहा। सचिन ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो को कैप्शन दिया- युवी परांठा कित्थे हैं? इस वीडियो में सचिन को यह कहते देखा जा सकता है, युवी तुमने मेरी चुनौती का जवाब किचन में बेलन के साथ दिया। आप बेलन के साथ अच्छा परांठा बना सकते हैं। देखो मेरे पास एक खाली प्लेट है, जिसमें दही और अचार है। मेरे लिए अच्छा सा परांठा बनाओ। 
इससे पहले युवराज ने सचिन को अपने ही 100 शतकों का रिकॉर्ड किचन में तोडऩे की चुनौती दी थी। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, मास्टर आपने मैदान पर बहुत से रिकॉर्ड तोड़े हैं। अब किचन में मेरे 100 का रिकॉर्ड तोड़ो। माफ कीजिए मैं पूरा वीडियो पोस्ट नहीं कर सकता। क्योंकि 100 गिनने में काफी समय लगेगा। जल्दी ही वापस पास लौटूंगा इस उम्मीद के साथ कि आप किचन में अन्य चीजें नहीं तोड़ोगे।
युवराज सिंह ने सोशल मीडिया पर कीप इट अप चैलेंज की शुरुआत की थी। इसके बाद कई भारतीय क्रिकेटरों ने इस चैलेंज को पूरा किया और आगे बढ़ाया। इंस्टाग्राम पर उन्होंने एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने बॉल को बल्ले के साइड वाले से उछाला था। इस चैलेंज के लिए युवराज ने सबसे पहले सचिन, रोहित शर्मा और हरभजन सिंह को नॉमिनेट किया था। युवराज की इस चुनौती को सचिन ने एक ट्विस्ट दे दिया था। बाद में युवराज ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने लीजेंड सचिन को चुनौती देकर गलती की।(लाइव हिन्दुस्तान)


31-May-2020 4:35 PM

नई दिल्ली, 31 मई। इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स का अपनी किताब में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए वर्ल्ड कप 2019 के मैच में रनों के लक्ष्य का पीछा करने पर सवाल उठाने वाले मुद्दे ने अब एक और नया मोड़ ले लिया है। पाकिस्तान के पूर्व लेग स्पिनर मुश्ताक अहमद ने कहा है कि वेस्टइंडीज के खिलाडिय़ों ने उनसे कहा था कि भारत पाकिस्तान को नॉकआउट में क्वालिफाई करते नहीं देखना चाहता है।
मुश्ताक अहमद ने पाकिस्तानी न्यूज चैनल से कहा, मैं उस समय वेस्टइंडीज टीम के साथ काम कर रहा था। भारत की हार के बाद जेसन होल्डर, क्रिस गेल और आंद्रे रसेल ने मुझसे कहा कि मुशी भारत, पाकिस्तान को सेमीफाइनल में जाते हुए नहीं देखना चाहता।
स्टोक्स ने उन दावों को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा जा रहा था कि उन्होंने अपनी नई किताब ‘बेन स्टोक्स ऑन फायर’ में कहा था कि वर्ल्ड कप 2019 में भारत जानबूझकर इंग्लैंड से हारा था। पाकिस्तान के पूर्व गेंदबाज सिकंदर बख्त ने हाल ही में ट्विटर पर दावा किया था कि स्टोक्स ने अपनी नई किताब में कहा है कि पाकिस्तान को वर्ल्ड कप से बाहर करने के लिए भारत जानबूझकर इंग्लैंड से हारा था।
सिकंदर बख्त ने ट्विटर पर लिखा था, बेन स्टोक्स ने अपनी नई किताब में लिखा है कि पाकिस्तान को वर्ल्ड कप से बाहर करने के लिए भारत जानबूझकर इंग्लैंड से हारा था और हमने इसकी भविष्यवाणी की थी। बख्त के इस ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, आप इसे ढूंढ नहीं पाएंगे, क्योंकि मैंने ऐसा कभी कहा ही नहीं। इसे ही तो कहते हैं शब्दों के साथ खेलना। पिछले साल 30 जून को एजबेस्टन में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत के सामने जीत के लिए 338 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था, इसके जवाब में भारत पांच विकेट पर 306 रन ही बना सका था और 31 रन से मैच हार गया था। (आजतक)

 


31-May-2020 4:34 PM

नई दिल्ली, 31 मई । शांताकुमारन श्रीसंत जब भारत के लिए खेलते थे तो उन्हें ऑस्ट्रेलिया बल्लेबाजों के खिलाफ गेंदबाजी करने में बड़ा मजा आता था। कई लोग 2007 वल्र्ड टी20 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका खतरनाक गेंदबाजी स्पेल नहीं भूले होंगे। श्रीसंत पूरी आक्रमकता के साथ गेंदबाजी कर रहे थे और जब टीम इंडिया को विकेट की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब उन्होंने विकेट निकालकर भी दिए। मैच में उनका गेंदबाजी प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ था। उन्होंने 12 रन देकर दो विकेट चटकाए थे, जिस मैच में 350 से ज्यादा रन बनाए थे और उनके प्रदर्शन की मदद से टीम इंडिया फाइनल में जगह पक्की करने में कामयाब हुई थी।

हाल ही में केरल के तेज गेंदबाज ने 2007 वल्र्ड  टी20 की खिताबी जीत के बारे में बात की और बताया कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में ज्यादा आक्रामक होकर गेंदबाजी क्यों की थी। श्रीसंत ने ध्यान दिलाया कि वह ऑस्ट्रेलियाई टीम पर इसलिए ज्यादा गुस्सा थे क्योंकि 2003 विश्व कप के फाइनल में उन्होंने भारत को बुरी तरह मात दी थी। तब ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल के अलावा लीग मैच में सौरव गांगुली के नेतृत्व वाली भारतीय टीम को केवल 125 रन पर ढेर करके 8 विकेट से आसानी से मैच जीता था।
वो दो हार का बोझ
फाइनल में रिकी पोंटिंग ने नाबाद शतक जमाकर ऑस्ट्रेलिया को 359 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया, जहां भारत 125 रन से मुकाबला हारा। यह दोनों हार श्रीसंत के मन में लंबे समय तक रहीं और जब उन्हें मौका मिला तो उन्होंने इसे गिनाया। क्रिकेटर ने साथ ही कहा कि वह ऑस्ट्रेलियाई खिलाडिय़ों को मार डालना चाहते थे। श्रीसंत ने कहा, मुझे याद है कि जब हेडन को पहली गेंद यॉर्कर करने के लिए डाली तो उस पर चौका पड़ा था। अगर आपने वो मैच देखा होगा तो मैं बहुत जुनून के साथ दौड़ कर आ रहा था। मैं हर हाल में ऑस्ट्रेलिया को मात देना चाहता था। जिस तरह उन्होंने 2003 वल्र्ड  कप में हमें मात दी थी, वो मेरे दिमाग में थी। मैं उन्हें मार डालना चाहता था।
श्रीसंत का 2007 वल्र्ड  टी20 के सेमीफाइनल में डाला गया गेंदबाजी स्पेल उनके करियर में सर्वश्रेष्ठ में से एक था और फैंस को अब भी यह याद है। जिस तरह हेडन को आउट करने के बाद श्रीसंत ने जश्न मनाया था, अब भी फैंस में जोश भर देता है। तेज गेंदबाज इस बात के लिए भगवान को धन्यवाद देते हैं कि उन्हें भारत के लिए वो मैच खेलने का मौका मिला। 37 साल के श्रीसंत ने कहा, मैं ऑस्ट्रेलियाईयों पर बहुत गुस्सा होता था। मुझे बहुत गर्व है और भगवान का शु्क्र है कि उस मैच के बारे में हर कोई बात करता है। मैंने अपने देश के लिए सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी उस मैच में की। मैंने कई खाली गेंदें डाली। मुझे याद है कि जब मेरी गेंदों पर दो चौके पड़ थे और तब भी कुल मिलाकर मैंने 12 रन खर्च किए थे। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 15 रन से मात देकर फाइनल में प्रवेश किया था।(टाईम्स नाउ)

 


31-May-2020 4:34 PM

जोहानिसबर्ग, 31 मई । सीमित ओवरों के कप्तान विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डि कॉक और तेज गेंदबाज लुगी गिडी को क्रिकेट साउथ अफ्रीका 2019-20 पुरुष अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए नॉमिनेट किया गया है। हरफनमौला मरिजाने काप और लौरा वोल्वार्ट को महिला वर्ग में चार नामांकन मिले हैं। 

क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने शनिवार को एक विज्ञप्ति में कहा, ‘पुरस्कार समारोह चार जुलाई 2020 को ऑनलाइन होगा।’ डिकॉक और गिडी को वर्ष के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर, वर्ष के सर्वश्रेष्ठ वनडे और टी20 क्रिकेटर के पुरस्कार के लिए नामांकन मिले हैं।’ 
डिकॉक को वर्ष के सर्वश्रेष्ठ टेस्ट क्रिकेटर का भी नामांकन मिला है। 27 वर्षीय डि कॉक ने अब तक करियर में 47 टेस्ट, 121 वनडे और 44 टी20 इंटरनैशनल मैच खेले हैं और उनके नाम टेस्ट में 2934, वनडे में 5135 और टी20 इंटरनैशनल में 1226 रन हैं। वहीं, 24 वर्षीय पेसर गिडी ने अब तक 5 टेस्ट में 15 विकेट, 26 वनडे मैचों में 53 विकेट और 13 टी20 इंटरनैशनल मैचों में 24 विकेट लिए हैं।(भाषा)

 

 


31-May-2020 4:31 PM

नई दिल्ली, 31 मई। विराट कोहली ने 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ 23 साल की उम्र में अपना सर्वोच्च वनडे स्कोर बनाया था जो 183 रनों की पारी थी। इससे पहले भी उन्होंने कई पारियां खेली, जहां कोहली ने दिखाया था कि वह एक असाधारण प्रतिभा हैं, लेकिन 18 मार्च 2012 को ढाका में पूरी दुनिया ने इस चेस मास्टर को बनते पहली बार देखा। 330 के कुल स्कोर का पीछा करते हुए, कोहली की बदौलत भारत ने 13 गेंदों में रोमांचक जीत हासिल की, जिसने चार मैचों में अपना तीसरा एक दिवसीय शतक बनाया। भारत ने 47.5 ओवरों में इस लक्ष्य को हासिल कर लिया था।
कोहली ने रविचंद्रन अश्विन के साथ इंस्टाग्राम पर बात करते हुए कहा,  पाकिस्तान की गेंदबाजी आक्रामक और काफी दमदार थी। उस समय उनकी गेंदबाजी काफी चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि उसमें विविधता थी।
भारतीय कप्तान ने कहा, उनके पास शाहिद अफरीदी, सईद अजमल, उमर गुल, एजाज चीमा और मोहम्मद हफीज भी थे। पहले 20-25 ओवर के दौरान पाकिस्तान का पलड़ा भारी था, लेकिन मुझे याद है कि मैं पाजी (सचिन तेंदुलकर) के साथ बल्लेबाजी करने से खुश था। वह उनकी वनडे में आखिरी पारी साबित हुई। उन्होंने 50 रन बनाए और हमने 100 रनों से ज्यादा की साझेदारी की। यह मेरे लिए यादगार पल रहा।
कोहली ने कहा कि इस पारी ने उन्हें विश्वास दिलाया कि वह किसी भी स्तर के गेंदबाजी आक्रमण के सामने बल्लेबाजी कर सकते हैं। उन्होंने कहा, यह अपने आप हुआ, क्योंकि मैं लगातार अपने आप को प्रेरित कर रहा था कि मैं इस तरह की स्थिति में खेलूं। मेरे लिए वो पारी गेम-चेंजर साबित हुई।
दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, मुझे याद है कि वह रविवार का दिन था। भारत और पाकिस्तान का मैच पूरा देश देख रहा था और हर कोई ध्यान दे रहा था। कोहली ने कहा, मुझे याद है कि यह काफी मुश्किल था। रोहित शर्मा ने शानदार पारी खेली थी और अंत में महेंद्र सिंह धोनी तथा सुरेश रैना ने तीन ओवर पहले मैच खत्म कर दिया था।
कोहली ने सचिन के साथ दूसरे विकेट के लिए 133 रनों की साझेदारी की और रोहित के साथ 172 रनों की साझेदारी की। रोहित ने उस मैच में 83 गेंदों पर 68 रन बनाए थे। (एबीपी न्यूज)

 


31-May-2020 4:30 PM

ढाका, 31 मई । न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान और बांग्लादेश के स्पिन गेंदबाजी कोच डेनियल विटोरी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) को अपने वेतन का एक हिस्सा बोर्ड के कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों को देने के लिए कहा है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के सीईओ निजामुद्दीन चौधरी ने कहा कि विटोरी ने अपने फैसले से आधिकारिक तौर पर सूचित किया है। 
निजामुद्दीन चौधरी ने ढाका से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र प्रोथम अलो से वटोरी ने कहा कि हमें उनके वेतन का एक निश्चित हिस्सा बीसीबी के कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों को देना चाहिए। उन्होंने इस बारे में क्रिकेट संचालन समिति को आधिकारिक तौर पर सूचित किया है।
इस 41 वर्षीय पूर्व स्पिनर ने अपने वेतन के कितने हिस्से को दान करने का फैसला किया है, इसका खुलासा रिपोर्ट में नहीं किया गया है। ईएसपीएन क्रिकइन्फो की रिपोर्ट के अनुसार वह बांग्लादेश कोचिंग स्टाफ में सर्वाधिक वेतन पाने वाले सदस्य हैं। उन्हें 100 दिन के अनुबंध के लिए 250,000 डॉलर का भुगतान किया जाता है। उनका अनुबंध इस साल होने वाले आईसीसी टी-20 विश्व कप तक है।     
बता दें कि बांग्लादेश में कोरोना वायरस के कारण 28 और लोगों की मौत होने और महामारी का प्रकोप तेज होने की आशंकाओं के बावजूद रविवार (31 मई) को देश में चरणबद्ध तरीके से कार्यालयों और परिवहन सेवाओं की फिर से शुरुआत होने वाली है।
देश में कोरोना वायरस से एक दिन में यह सर्वाधिक मौत है। बांग्लादेश में सबसे पहले 26 मार्च से चार अप्रैल तक देशव्यापी छुट्टी घोषित की गई थी जबकि देश में कोरोना वायरस से पहली मौत 18 मार्च को हुई थी। इससे 10 दिन पहले कोविड-19 के तीन मामले पहली बार सामने आए थे।
26 मार्च से बंद घोषित किए जाने के बाद इसे 30 मई तक छह बार बढ़ाया गया। एक सरकारी आदेश के मुताबिक सरकारी और निजी कार्यालय रविवार को सावधानीपूर्वक खोले जाएंगे। साथ ही 31 मई से नियंत्रित तरीके से परिवहन सेवाओं की बहाली की जाएगी।(एजेंसी)

 


31-May-2020 4:29 PM

नई दिल्ली, 31 मई । श्रीलंका के महान बल्लेबाज कुमार संगकारा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) दिशानिर्देशों के अंतर्गत क्रिकेट खेलना सचमुच अजीब लगेगा, लेकिन वह समझते हैं कि इससे बेहतर कोई और विकल्प नहीं है। आईसीसी ने हाल में दुनिया भर में क्रिकेट बहाल करने के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए हैं। साथ ही कोरोना महामारी से बचने के लिए कड़े प्रोटोकॉल बनाए हैं। 

संगकारा ने स्टार स्पोर्ट्स के शो क्रिकेट कनेक्टिड में कहा, मैं समझता हूं कि ये दिशानिर्देश खिलाडिय़ों को रोकेंगे, उन्हें खेलने में बाधा पहुंचाएंगे, यह सचमुच काफी अजीब होगा और जब मैं इसके बारे में सोचता हूं तो ये मुझे भी अजीब लग रहे हैं।
संगकारा ने कहा, लेकिन स्वास्थ्य और सुरक्षा सर्वोपरि है। इस समय स्वास्थ्य सबसे अहम है, विशेषकर खिलाडिय़ों के लिये ताकि क्रिकेट में वापसी पर उनका आत्मविश्वास बढ़े और शायद कुछ समय बाद दर्शकों के लिए भी स्टेडियम खोले जा सकें।
आईसीसी द्वारा जारी सुरक्षा कदमों में मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति शामिल है और मैच से पहले 14 दिन का पृथक अभ्यास शिविर तथा अंपायरों द्वारा गेंद को पकडऩे के लिए दस्ताने पहनना भी शामिल है। 
संगकारा मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) के अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने विश्व संचालन संस्था के दिशानिर्देशों के बारे में बात करते हुए कहा, यह सब आपसी भागीदारी में ही संभव होगा क्योंकि जब आप अनुबंध के अंतर्गत हो तो फिर आप नियोक्ता खिलाडिय़ों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने और इसके बारे में भरोसा दिलाने के लिये जिम्मेदार हैं कि जिस वातावरण में वे काम करेंगे, वह सुरक्षित है।(एजेंसी)

 

 


31-May-2020 4:29 PM

लॉस एंजिलिस, 31 मई । यूएस पीजीए टूर से समर्थित कनाडा के मैकेंजी गोल्फ टूर ने कोविड-19 के कारण लगी पाबंदियों के कारण अपना 2020 का सत्र रद्द कर दिया है। मैकेंजी टूर के कार्यकारी निदेशक स्कॉट प्रिचार्ड ने कहा, सीमाओं को खोलने को लेकर बनी अनिश्चितताओं और 14 दिन के पृथकवास के नियम सहित अन्य कई कारणों को देखते हुए हमने सभी विकल्पों पर गौर किया और आखिर में इस निर्णय पर पहुंचे कि इन गर्मियों में टूर का आयोजन करना संभव नहीं होगा।

मैकेंजी टूर को पीजीए टूर कनाडा के नाम से भी जाना जाता है। इसमें इस सत्र में कुल 13 टूर्नामेंट का आयोजन होना था जो कि इस टूर के इतिहास में सर्वाधिक था। मैकेंजी टूर का आठवां सत्र इस सप्ताह वैंकुवर में होने वाले कनाडा लाइफ ओपन से शुरू होना था। 
कोरोना वायरस की वजह से अबतक सभी बड़े गोल्फ टूर्नामेंट स्थगित या रद्द किए जा चुके हैं। हालांकि, दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस के बाद गोल्फ टूर्नामेंट दर्शकों के बिना खेला गया था।  इस महिला पीजीए प्रतियोगिता में कड़े सुरक्षा संबंधित दिशानिर्देशों का पालन किया गया। कोरियाई एलपीजीए चैम्पियनशिप में दुनिया की शीर्ष 10 महिला खिलाडिय़ों में से तीन गोल्फर शामिल थीं। 
कोरोना ने गोल्फ कैलेंडर पर कहर बरपाया है, जिसके कारण चार मेजर टूर्नामेंट में से तीन का कार्यक्रम बदलना पड़ा है जबकि ब्रिटिश ओपन को रद्द कर दिया गया है। यह टूर्नामेंट केंट में जुलाई में होना था। अब यह 2021 में होगा। 
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) के लगातार बढ़ते हुए प्रकोप के कारण यूरोपीय टूर के दो गोल्फ टूर्नामेंट रद्द कर दिए गए थे। मोरक्को में चार से सात जून तक होने वाले ट्रॉफी हसन द्वितीय और जर्मनी में 25-28 जून तक आयोजित होने वाले बीएमडब्ल्यू अंतरराष्ट्रीय ओपन गोल्फ टूर्नामेंट को रद्द करने का फैसला किया जा चुका है। इससे पहले स्टॉकहोम में आयोजित होने वाले स्कैंडीनैवियन मिक्सड टूर्नामेंट को रद्द करने का फैसला किया गया था जिसका आयोजन अब 2021 में किया जाएगा।(एजेंसी)

 


31-May-2020 4:28 PM

नई दिल्ली, 31 मई । कुछ दिन पहले युवराज सिंह ने सचिन तेंदुलकर को एक चैलेंज दिया था जिसे तेंदुलकर ने अपने अंदाज में ब्लाइंड चैंलेज करके युवी को हैरान कर दिया था. तेंदुलकर ने युवी को ब्लाइंड चैलेंज भी दिया था।

अब युवी ने अपने किचन में आंखों पर पट्टी बांधकर बेलन के साथ चैलेंज करते हुए नजर आ रहे हैं. वी़डियो शेयर कर युवी ने कैप्शन में लिखा है, मास्टर आपने कई रिकॉर्ड क्रिकेट के मैदान पर तोड़े होंगे, अब समय आ गया है कि आप मेरा यह 100 किचन चैलेंज तोडऩे का, मुझे माफ किजिएगा, मैं पूरा वीडियो शेयर नहीं कर पा रहा हूं. पाजी अब आपकी बारी, मुझे उम्मीद है कि आप किचन में कोई दूसरी चीज नहीं तोड़ेंगे।(एनडीटीवी)


31-May-2020 4:27 PM

यूयॉर्क, 31 मई । युवा महिला टेनिस खिलाड़ी अमेरिका की कोको गॉफ ने मिनीपोलिस में पुलिस हिरासत में एक अश्वेत पुरुष की मौत के बाद अपने देश में अफ्रीकी-अमेरिकी लोगों की मौत के विरोध में हो रहे प्रदर्शन का समर्थन किया है। जॉर्ज फ्लोयड नाम के 46 साल के एक अश्वेत शख्स की सोमवार को मौत हो गई थी। डेरेक चोविन नाम का श्वेत पुलिस अधिकारी जॉर्ज के गले पर अपने घुटनों के बैठा था और जॉर्ज बार-बार कह रहा था, मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं।
डेरेक को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन पर तीन डिग्री हत्या के आरोप लगाए गए हैं। इस घटना के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। गॉफ ने शुक्रवार को अपने ट्विटर पर अपना एक टिक-टॉक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने कहा है कि, मैं हमेशा इस प्लेटफॉर्म को विश्व को बेहतर बनाने के लिए उपयोग करूंगी।
उन्होंने कहा, इसलिए मैं अपनी आवाज को नस्लभेद के खिलाफ उठा रही हूं। गॉफ ने जो वीडियो पोस्ट किया है उसमें जॉर्ज के अलावा कुछ और लोगों की फोटो भी दिखाई जाती है। 
इस वीडियो के अंत में लिखा आता है, क्या मैं अगली हूं। गॉफ वीडियो में अपने हाथ उठाती हैं और इसी के बाद लिखा आता है, मैं अपनी आवाज उठा रही हूं क्या आप उठाएंगे।(एजेंसी)


30-May-2020 5:55 PM

नई दिल्ली, 30 मई । फोब्र्स मैग्जीन ने शुक्रवार को दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले एथलीट्स की लिस्ट जारी की। स्विट्जरलैंड के महान टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर ने रिकॉर्ड बनाते हुए नंबर-1 स्थान हासिल किया। फेडरर सबसे ज्यादा कमाई करके फोब्र्स में शीर्ष पर आने वाले दुनिया के पहले टेनिस खिलाड़ी बने। फेडरर ने पिछले साल 106.3 मिलियन डॉलर (करीब 802 करोड़ रुपए) की कमाई की, जिसमें 100 मिलियन एंडोर्समेंट के शामिल हैं। फेडरर को चार स्थान का फायदा हुआ।

फेडरर की कमाई के सामने स्टार फुटबॉलर्स क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनेल मेसी भी फिसड्डी साबित हुए। रोनाल्डो और मेसी क्रमश: दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे। ब्राजील के फुटबॉलर नेमार चौथे स्थान पर रहे। भारतीय कप्तान विराट कोहली इकलौते क्रिकेटर हैं, जो फोब्र्स मैग्जीन की सबसे ज्यादा कमाई करने वाले शीर्ष-100 एथलीट्स में शामिल हैं। भारतीय कप्तान कोहली 26 मिलियन डॉलर (करीब 196 करोड़ रुपए) के साथ 66वें नंबर पर रहे।

इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर क्रिस्टियानो रोनाल्डो काबिज हैं। रोनाल्डो ने पिछले साल 105 मिलियन डॉलर (करीब 793 करोड़ रुपए) कमाई की है। वहीं मेसी की कमाई पुर्तगाली फुटबॉलर से 8 करोड़ रुपए कम रही। ब्राजील के स्ट्राइकर नेमार जूनियर 95.5 मिलियन डॉलर (करीब 721 करोड़ रुपए) के साथ चौथे स्थान पर काबिज हैं।

ओसाका सबसे अमीर

महिलाओं में जापान की टेनिस स्टार नाओमी ओसाका दुनिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली एथलीट बन गई हैं। उन्होंने पिछले साल 37.4 मिलियन डॉलर (करीब 284 करोड़ रुपए) की कमाई की थी। ओसाका ने सेरेना विलियम्?स को पीछे छोड़ा। सेरेना की ओसाका से कमाई 11 करोड़ रुपए कम रही। हालांकि, दोनों ने कमाई के मामले में रूस की मारिया शारापोवा का वल्र्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया। शारापोवा ने 29.7 मिलियन डॉलर (करीब 226 करोड़ रुपए) की कमाई की थी। वैसे, ओसाका ओवरऑल एथलीट्स की लिस्ट में 29वें स्थान पर हैं। सेरेना 33वें नंबर पर काबिज हैं। ओसाका ने लगातार दो ग्रैंडस्लैम जीते हैं।

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली फोब्र्स की सबसे ज्यादा कमाई करने वाले एथलीट्स की लिस्ट में 66वें स्थान पर हैं। कोहली ने पिछले साल करीब 196 करोड़ रुपए की कमाई की, जिसमें से मोटा हिस्सा एंडोर्समेंट का शामिल है। कोहली ने फैशन, टक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की कई ब्रांड्स का चेहरा हैं। कोहली की सबसे बड़ी ब्रांड एंडोर्समेंट रोग्न और प्यूमा की वन8 है। पिछले साल भारतीय कप्तान ने पत्नी अनुष्का के साथ ई-कॉमर्स इंडस्ट्री में कदम रखा और मिंत्रा के साथ करार किया। मान्यवर के साथ वो पहले से जुड़े हैं। इसके अलावा कोहली का कार प्रेम किसी से छिपा नहीं हैं। वह ऑडी इंडिया के ब्रांड एम्बेस्डर भी हैं। हीरो मोटोकॉर्प को भी एंडोर्स करते हैं। इसके अलावा मोबाइल प्रीमियर लीग का चेहरा भी कोहली हैं। इसके अलावा भारतीय कप्तान ने उबर, अमेरिकन टूरिस्टर, फिलिप्स इंडिया, टू यम, हिमालय, विक्स, वोलिनी, रॉयल चैलेंज जैसे कई ब्रांड्स के साथ करार किया (टाईम्स नाउ)है।


30-May-2020 5:54 PM

नई दिल्ली। पूरी दुनिया में अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी के लिए मशहूर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी युवराज सिंह  ने भले ही क्रिकेट से संन्यास ले लिया हो मगर आज भी उनके चाहने वालों में कोई कमी नहीं आई है। कौन भूल सकता है जब उन्होंने लगातार 6 छक्के मारकर हर किसी को हैरान कर दिया था। खैर अगर हम युवराज सिंह की उपलब्धियां गिनाने बैठे तो लिस्ट काफी लंबी हो जाएगी। बात करते हैं कि कैसे कोरोना वायरस का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है जिसमें खेल जगत भी अछूता नहीं रहा है।

इस महामारी के बीच दूनियाभर के क्रिकेट बोर्ड लगातार यही चर्चा कर रहे हैं कि कैसे इस खेल को एक बार फिर से शुरु किया जाए और सबकी सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए, क्योंकि इस महामारी के बीच खेल को शुरू करना कोई आसान काम नहीं है। पूरी दुनिया में अब तक इस वायरस से लाखों लोगों ने अपनी जान गवा दी है। इसी डर से पूरी दुनिया में महीनों से लोग अपने-अपने घरों में बंद रहने पर मजबूर हो चुके हैं।  वैसे अलग-अलग लोग इस महामारी के बीच खेल को दोबारा शुरू करने पर अलग राय रखते हैं, वहीं टीम इंडिया के पूर्व स्टार बल्लेबाज युवराज सिंह भी इस बारे में दूसरों से अलग सोचते हैं। हाल ही में युवराज सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक ट्वीट जारी किया है, जिसमें लिखा है, इंडिया में पिछले एक दिन के अंदर कोरोना वायरस के 7 हजार से ज्यादा नए मामले दर्ज हुए हैं। मैं आप सब से अनुरोध करता हूं कि कृपया आप सुरक्षित रहें और जितना हो सके सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

साथ ही इस वक्त हम लोग जितना भी जरूरतमंदों के लिए जो कुछ भी कर सकें वो करें। मानवता दिखाने का इससे अच्छा मौका हमें नहीं मिलेगा।


30-May-2020 5:52 PM

नई दिल्ली, 30 मई । पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और भरोसेमंद बल्लेबाज राहुल द्रविड़  की जमकर तारीफ की है। लतीफ ने कहा कि द्रविड़ ने भारत के लिए दबावभरी परिस्थितियों में जो जिम्मेदारी अदा की है वैसी शायद टीम इंडिया के लिए अभी तक कोई बल्लेबाज नहीं निभा पाया है। द्रविड़ के दौर में टेस्ट हो या वनडे भारतीय टीम उन पर खूब निर्भर करती थी।

अपने यूट्यूब चैनल कॉट बीहाइंड  में भारत की दीवार के नाम से मशहूर रहे राहुल द्रविड़ को लतीफ ने दीवारे-ए-चीन करार दिया। लतीफ ने कहा कि वह सौरभ गांगुली, सचिन तेंडुलकर के दौर में खेले इसलिए उनका बेहतरीन प्रदर्शन कहीं न कहीं इन दिग्गज खिलाडिय़ों की परछाई में आ जाता है। लेकिन वह ऐसे खिलाड़ी थे, जो सिर्फ क्रिकेट खेलने के लिए ही पैदा हुए थे। राहुल द्रविड़ के धैर्य ने भारत को अनेकों बार मुश्किल परिस्थितियों से निकाला, जो बेजोड़ है।

इस पूर्व कप्तान ने कहा, राहुल द्रविड़ के खेल की छाप उनकी साझेदारियों से देखनी चाहिए। वह टीम इंडिया को तब संभालते थे, जब सचिन, गांगुली, सहवाग जैसे दिग्गज खिलाड़ी पारी की शुरुआत में ही आउट हो जाते थे। चाहे उनकी साझेदारी सचिन के साथ हो या गांगुली के साथ या फिर वीरेंदर सहवाग के साथ। राहुल द्रविड़ का साझेदार के रूप में हर जगह दिखाई देगा।

लतीफ ने उनके जेंटलमैन व्यक्तित्व की भी जमकर तारीफ की। इस पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने द्रविड़ की भद्रता का एक उदाहरण शारजहां वनडे मैच का एक उदाहरण दिया। लतीफ ने बताया कि यह उनके वनडे करियर का दूसरा वनडे ही मैच था, जिसमें मुश्ताक की एक गेंद पर वह कॉट बीहाइंड हो गए। लेकिन वह आउट नहीं थे और मुश्ताक और उनकी (लतीफ) की गलत अपील के कारण उन्हें आउट दिया गया।  इस मौके पर राशिद लतीफ ने द्रविड़ की कई बेमिसाल पारियों को याद किया। उन्होंने उन्हें टेस्ट और वनडे दोनों फॉर्मेट का कामयाब बल्लेबाज बताते हुए भारत के दूसरे खिलाडिय़ों से उन्हें एक कदम आगे करार दिया। उन्होंने तकनीकी रूप से उनकी दक्षता और उनके शांत स्वभाव के खेल की तारीफ भी की।(नवभारत टाईम्स)


30-May-2020 5:52 PM

नई दिल्ली, 30 मई। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा से सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने कुछ सवाल-जवाब किए हैं। बीसीसीआई टीवी पर ओपन नेट्स विद मयंक में ईशांत ने कुछ मजेदार किस्से सुनाए। इस दौरान उन्होंने बताया कि जब उन्होंने बेंगलुरु टेस्ट में स्टीव स्मिथ को उन्होंने चिढ़ाया था, तो उस समय कप्तान विराट ने उनसे क्या कहा था। ईशांत और स्मिथ के बीच हुई वो मजेदार घटना काफी चर्चा में रही थी। दोनों एक-दूसरे को मैच के दौरान चिढ़ाते हुए नजर आए थे।

भारत ने वो मैच 75 रनों से जीता था। ईशांत ने उस मैच के बारे में बात करते हुए कहा, वो करीबी मैच था और भावनाओं में बहकर इंसान कुछ भी कर देता है। पुणे टेस्ट हम हारकर सीरीज में पीछे थे, बेंगलोर की विकेट थोड़ी ऊपर-नीचे थी और बल्लेबाज को अपसेट करने के लिए आप कुछ भी करते हो। वो कैसे भी खेल रहा था, स्मिथ को पता था कि अगर वो टिक गया तो मैच जिता सकता है, तो मैं बस उसे उस कंफर्ट जोन में नहीं जाने देना चाहता था।

मयंक ने जब ईशांत से पूछा कि कप्तान विराट ने उनसे कुछ नहीं कहा था, इस पर उन्होंने जवाब दिया, विराट आक्रामक कप्तान है और उसको जितना अग्रेशन दिखाओगे उसको अच्छा लगता है। विराट कहता है विकेट के लिए जो करना है करो, बस इतना ध्यान रखो कि बैन मत हो जाना। मैं श्रीलंका में बैन हो गया था, उसने मुझसे कहा था कि सबकुछ कर लेकिन ऐसा ना कर कि तू बैन हो जा। (लाइव हिन्दुस्तान)


30-May-2020 5:51 PM

नई दिल्ली, 30 मई। पूर्व वल्र्ड चैम्पियन विश्वनाथन आनंद शनिवार को शाम तक भारत लौट आएंगे। कोविड-19 महामारी के चलते ट्रैवल बैन के कारण वो तीन महीने से ज्यादा समय से जर्मनी में फंसे थे। उनकी पत्नी अरुणा ने शनिवार की सुबह बताया कि वो शाम तक घर लौटेंगे।

अरुणा ने कहा, हां, आनंद आज स्वदेश लौट रहे हैं। आनंद शुक्रवार की रात फ्रैंकफर्ट से एयर इडिंया की फ्लाइट (ए1-120) में बैठे हैं और वो दिल्ली से होते हुए बेंगलुरु पहुंचेंगे। उनके दोपहर एक बजकर 15 मिनट बेंगलुरु पहुंचने की उम्मीद है।

पांच बार के विश्व चैम्पियन को कर्नाटक सरकार द्वारा जारी किए गए नियमों के अनुसार 14 दिन के आइसोलेशन में रहना होगा। कोविड-19 महामारी से दुनिया के ज्यादातर देश जूझ रहे हैं और ज्यादातर देशों में लॉकडाउन चल रहा है। लगभग सभी देशों ने ट्रैवल बैन भी लगा रखा है। (एजेंसी)


30-May-2020 5:49 PM

नई दिल्ली, 30 मई। क्रिकेट खेल गजब नाच नचाता है खिलाडिय़ों को। कब क्या हो जाए, किसी को कुछ नहीं मालूम! किसके साथ कब क्या हो जाए, कुछ नहीं कहा जा सकता है। जरा सोचिए कि जिस खिलाड़ी को अपने आखिरी मैच में मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिले, लेकिन वह फिर कभी देश के लिए न खेले, तो उसके दिल पर क्या गुजरेगी। चलिए इसी कड़ी में आज हम आपको टीम इंडिया उन तीन खिलाडिय़ों के बारे में बताएंगे, जिन्हें उनके आखिरी मैच में मैन ऑफ द मैच मिला, लेकिन इसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। और यह सवाल इनके प्रशंसकों को आज भी कचोटता है कि आखिर मैन ऑफ द मैच झटककर उन्होंंने ऐसी क्या गलती कर दी, जो इन्हें फिर से टीम इंडिया में नहीं चुना गया!

प्रज्ञान ओझा

एक समय प्रज्ञान ओझा टीम इंडिया का अहम हिस्सा बन गए थे। ओझा ने सिर्फ 24 टेस्ट मै में 30।27 के औसत से 113 विकेट चटकाए। साथ ही ओझा ने 18 वनडे और 6 टी20 मैच भी खेले हैं। साल 2013 में इस लेफ्टआर्म ने विंडीज के खिलाफ 13 विकेट लिए थे। इस प्रदर्शन के बावजूद भी वह सात साल तक भारतीय टीम में जगह नहीं बना सके। शायद इसका कारण उनके एक्शन पर आईसीसी का सवाल उठाना रहा। आईसीसी ने एक्शन पर सवाल उठाया, तो उन्हें दूर कर दिया गया। वह आईपीएल वगैरह में खेलते रहे, लेकिन मैनेजमेंट ने उन्हें फिर याद नहीं किया। ओझा कभी टीम में नहीं चुने गए और उन्होंने इस साल खेल के सभी फॉर्मेटों को अलविदा कह दिया

अमित मिश्रा

अमित मिश्रा ने 2003 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे से करियर का आगाज किया थ, लेकिन अनिल कुंबले के कारण टेस्ट में मौका मिला 2010 में। मिश्रा लगातर अंदर-बाहर होते रहे। उन्होंने टेस्ट में 76, वनडे मे 64 और टी20 में 16 विकेट लिए। साल 2016 में मिश्रा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में 15 विकेट लिए। आखिरी वनडे में 18 रन देकर 5 विकेट भी लिए, लेकिन मैन ऑफ द मैच और सीरीज के बावजूद मिश्रा यहां से ऐसे लापतागंज हुए कि कभी टीम इंडिया में नहीं लौटे

 इरफान पठान

इरफान पठान मीडिया के हीरो रहे और ज्यादार टीवी व प्रिंट मीडिया में छाए रहे। वह आकर्षण का केंद्र रहते थे, लेकिन उनके हिस्से में आए सिर्फ 29 टेस्ट, तो वहीं वह 120 वनडे और 24 टी20 मैच खेलने में कामयाब रहे। पठान ने अपना आखिरी वनडे 2012 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला। उन्होंने 29 रन बनाए और 5 विकेट लिए। इसके लिए मैन ऑफ द मैच भी मिला, लेकिन कभी यहां से भारतीय टीम में नहीं लौटे। (एनडीटीवी)

 

 


29-May-2020 4:33 PM

नागपुर, 29 मई। अनंत चोपाड़े के दिन अपने 2 एकड़ के खेत में पसीना बहाते हुए निकल जाता है। बुलधाना के सावना गांव में 22 साल का यह युवा हाथ में फावड़ा लिए पूरा दिन मेहनत करता है। अगर कोरोना वायरस के चलते सब कुछ बंद नहीं होता तो अनंत भी इस समय पटियाला में राष्ट्रीय टीम के अपने साथियों के साथ प्रैक्टिस कर रहा होता। लेकिन इस बीमारी ने सब कुछ थाम दिया है। 
2019 में इंडोनेशिया में हुए प्रेजिडेंट कप में 52 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल जीतने वाले इस खिलाड़ी ने कहा, मैं दो महीने से अधिक वक्त से खेल में काम कर रहा हूं। जबसे मैंने जूनियर में खेलना शुरू किया तब से लेकर अब तक मैं इतना अधिक समय बॉक्सिंग रिंग से दूर नहीं रहा हूं... बॉक्सिंग जल्द शुरू होनी चाहिए।
ऐसा नहीं हैं कि इस युवा को खेत में मेहनत करने से कोई गुरेज है या वह इसे लेकर कोई शिकायत कर रहे हैं। दो भाई में छोटे अनंत करीब एक दशक से अपने परिवार को मुश्किल में देख रहे हैं। हालांकि उनके परिवार के पास एक खेत है लेकिन उससे होने वाली कमाई इतनी नहीं कि परिवार का लालन पालन हो सके। 
उनके माता-पिता- प्रह्लाद और कुशिवार्ता- ने खेत मजदूरों की तरह काम किया। उनका भाई ऑटो-रिक्शा चलाता है ताकि किसी तरह परिवार का गुजारा चल सके। परिवार की किस्मत तब पलटी जब अनंत ने बॉक्सिंग की दुनिया में नाम कमाना शुरू किया। 
अनंत, पिछले चाल से नैशनल कैंप का हिस्सा हैं। 2018 में उन्हें रेलवे में जॉब मिल गई। बॉक्सिंग के चलते अनंत काफी समय अपने गांव से दूर ही रहते हैं। अनंत कहते हैं, 'बीते चार साल में यह पहली बार है जब मैं इतना लंबा समय अपने घर पर रहा हूं।
2019 में जापान टूर पर उन्हें क्वॉर्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था लेकिन उसी साल उनकी किस्मत में एक बड़ा बदलाव भी आया। अकोला की क्रिदा प्रोबधिनी बॉक्सिंग अकादमी से शुरुआती ट्रेनिंग लेने वाले अनंत ने 2019 में ही इंडोनेशिया में गोल्ड मेडल जीता। इसके अलावा उन्हें छह बार की वर्ल्ड चैंपियन मैरी कॉम से जीवन का सबसे अहम मंत्र सीखने को मिला, जो इस टूर का हिस्सा थीं। 
नजदीकी मुकाबलों में रेफरी का फैसला कभी आपके पक्ष में आता है तो कभी खिलाफ जाता है यह बॉक्सर की जिंदगी का हिस्सा है। लेकिन अनंत को मालूम है कि इससे कैसे बाहर निकलना है। वह इसके लिए मैरी कॉम का शुक्रिया अदा करते हैं। वे बताते हैं मैरी कॉम ने मुझे बताया, नतीजे को आप एक ही तरीके से नियंत्रित कर सकते हो और वह है कड़ी वापसी करना और अपने विपक्षी को मात देना। अनंत कहते हैं कि इस राय ने रिंग और जीवन के प्रति मेरे नजरिये को बदल दिया। 
अनंत को याद है कि रेलवे की नौकरी ने कैसे उनकी जिंदगी को बदल दिया। उन्होंने कहा, जिस दिन मुझे रेलवे में नौकरी मिली मैंने अपने माता-पिता को दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करने के लिए मना कर दिया। अब वे सिर्फ हमारे खेत में काम करते हैं। सिर पर टोकरी रखकर मेरे पिता गांव में सब्जियां और खेत में पैदा होने वाली अन्य चीजें बेचते हैं। 
वह कहते हैं, पहले मेरे परिवार के पास जमीन का यह टुकड़ा था और कमाई का कोई दूसरा जरिया नहीं था।। हमारी सारी जद्दोजेहद दो वक्त के खाने तक थी। लेकिन जब मुझे नौकरी मिल गई और मैं भारत के लिए खेला, अब पूरे गांव को मुझ पर गर्व है। हमें लोग पहचानते हैं। लोग मेरे माता-पिता को इज्जत से पेश आते हैं। 
अनंत के माता-पिता चाहते थे कि उनके बच्चों की अच्छी नौकरी लग जाए लेकिन पैसों की कमी के कारण वह बड़े बेटे को कॉलेज नहीं भेज पाए। अनंत कहते हैं, मेरे पिता चाहते थे कि मेरे सरकारी नौकरी लग जाए। चूंकि मैं खेल में काफी ऐक्टिव था तो मेरे कस्बे के एक स्पोर्ट्स टीचर ने 2008 में मेरे माता-पिता को मुझे अकोला की बॉक्सिंग अकादमी भेजने की सलाह दी। उनके माता-पिता राजी हो गए। अनंत 11 साल अकादमी में रहे। उनके इस फैसले को अनंत ने अपनी मेहनत से सही साबित किया है। (टाईम्स न्यूज)

 


29-May-2020 4:32 PM

नई दिल्ली, 29 मई। पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंदर सहवाग ने प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए घर से सेवा अभियान शुरू किया है। कोरोना वायरस के खौफ काल में लॉकडाउन जारी है और प्रवासी मजदूर घर लौटने को मजबूर हैं तो सहवाग उनकी लगातार मदद कर रहे हैं। इस बार उन्होंने मां कृष्णा सहवाग, वाइफ आरती और बच्चों (आर्यवीर और वेदांत) के साथ मिलकर खाना बनाया और पैक किया।

सहवाग ने ट्विटर पर तस्वीरों को शेयर करते हुए लोगों से इस काम में सहयोग करने की अपील भी की है। उन्होंने लिखा- अपने खुद के घरों में आराम से खाना पकाना और पैक करने की संतुष्टि और ञ्चह्वस्रड्ड4द्घशह्वठ्ठस्रड्डह्लद्बशठ्ठ अद्भुत लोगों पर विश्वास करना, जिन्होंने इसे प्रवासी मजदूरों को वितरित किया, प्तत्रद्धड्डह्म्स्द्गस्द्ग2ड्ड की सुंदरता है। यदि आप 100 लोगों के लिए भोजन सेवा की पेशकश करना चाहते हैं तो कृपया ञ्चस्द्गद्ध2ड्डद्दस्नशह्वठ्ठस्रड्डह्लठ्ठ पर डीएम करें।
तस्वीरों में सहवाग की फैमिली खाना पैक करते दिखाई दे रही है। उन्होंने प्रवासी मजदूरों की तस्वीरों को भी शेयर किया है। उल्लेखनीय है कि वीरेंदर सहवाग और उनकी फाउंडेशन हमेशा ही लोगों की मदद के लिए तत्पर रहती है।
बता दें कि सहवाग ने इससे पहले वीडियो शेयर करते हुए लोगों से प्रवासी मजदूरों की मदद की अपील की थी। उस समय से उनकी फाउंडेशन लोगों की मदद में लगातार काम कार रहा है। (नवभारत टाईम्स)

 


29-May-2020 4:31 PM

लंदन, 29 मई । कोरोना वायरस के कारण तीन महीने तक ठप्प रहने के बाद प्रीमियर लीग फुटबॉल की 17 जून को वापसी होना तय है, जिससे लिवरपूल के चैंपियन बनने का रास्ता साफ होगा और साथ ही यूरोपीय चैंपियनशिप में खेलने वाली टीमों का भी निर्धारण हो जाएगा। लिवरपूल का 30 वर्ष में पहली बार चैंपियन बनना तय है, लेकिन जब खाली स्टेडियमों में मैच होंगे तो कई अन्य मसले भी सुलझ जाएंगे। इनमें दूसरी श्रेणी में जाने वाली टीमों और अगले साल यूरोपीय चैंपियनशिप में जगह बनाने वाली टीमों का निर्धारण भी शामिल है। 
मार्च में जब लीग निलंबित की गई थी तब लिवरपूल अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी मैनचेस्टर सिटी से 25 अंक आगे था और दो मैचों में जीत से वह 1990 के बाद पहली बार इंग्लिश प्रीमियर लीग का चैंपियन बन जाएगा। कोविड-19 के कारण लिवरपूल का इंतजार बढ़ा, लेकिन हर किसी को विश्वास है कि चैंपियन वही बनेगा। लिवरपूल की दो जीत से मैनचेस्टर सिटी के लिए उस तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। लिवरपूल अपना पहला मैच जीतने और सिटी के हारने की स्थिति में भी चैंपियन बन जाएगा।     
यही नहीं, जर्गेन क्लॉप की लिवरपूल की टीम सिटी के दो रिकॉर्ड भी तोड़ सकती है। वह अगर अब संभावित 27 अंकों में से 19 अंक हासिल कर लेती है तो वह मैनचेस्टर सिटी के 2017-18 के 100 अंकों के रिकॉर्ड को तोड़ देगी। यही नहीं वह सिटी के उसी सत्र में 19 अंकों से जीत दर्ज करने के रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर सकती है।
लिवरपूल के कप्तान जोर्डन हेंडरसन ने पिछले साल खचाखच भरे स्टेडियम में चैंपियन्स लीग की ट्रॉफी उठाई थी, लेकिन इस साल वह अलग तरह के अनुभव के लिए तैयार हैं। उन्होंने बीबीसी से कहा, निश्चित तौर पर एक अलग तरह का अनुभव होगा, क्योंकि अगर आप प्रशंसकों की अनुपस्थिति में ट्रॉफी उठाते हो तो काफी अजीब लगेगा।
जहां तक चैंपियंस लीग में जगह बनाने की बात है तो लिवरपूल में इसमें अपना स्थान सुनिश्चित कर चुका है। उसके बाद मैनचेस्टर सिटी, लीसेस्टर और चेल्सी अगले तीन स्थानों पर है। लेकिन सिटी यूरोप के क्लबों की शीर्ष प्रतियोगिता में अगले दो सत्र तक भाग नहीं ले सकता, क्योंकि उस पर वित्तीय फेयरप्ले उल्लंघन के लिए प्रतिबंध लगा है। सिटी ने अपील कर रखी है और अगर फैसला उसके पक्ष में जाता है तो वह इसमें भाग लेने का हकदार बन जाएगा। 
अगर वर्तमान फैसला बरकरार रखा जाता है तो जो भी टीम पांचवें स्थान पर रहेगी वह अगले साल चैंपियंस लीग में जगह बनाएगी। अभी मैनचेस्टर यूनाईटेड पांचवें स्थान पर है लेकिन वॉल्व्स और शैफील्ड यूनाईटेड उससे केवल दो अंक पीछे हैं। आठवें और नौवें स्थान पर काबिज टॉटेनहैम और आर्सनल के पास भी पांचवें स्थान पर पहुंचने का मौका रहेगा।(एजेंसी)

 


29-May-2020 4:30 PM

नई दिल्ली, 29 मई । पूर्व भारतीय कप्तान और किंग्स इलेवन पंजाब के मुख्य कोच अनिल कुंबले को उम्मीद है कि इस साल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का आयोजन होगा और उन्होंने कोविड-19 महामारी के चलते दर्शकों के बिना इस धनाढ्य लीग के आयोजन का भी समर्थन किया। यह अभी आधिकारिक नहीं है लेकिन भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) इस टूर्नामेंट का आयोजन अक्टूबर में करना चाहता है। कोविड-19 महामारी के कारण टूर्नामेंट अभी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित है।
कुंबले ने स्टार स्पोर्ट्स के कार्यक्रम ‘क्रिकेट कनेक्टेड में कहा, ‘‘हां हम इस साल आईपीएल के आयोजन के प्रति आशान्वित हैं, लेकिन इसके लिये हमें कार्यक्रम को काफी व्यस्त करना होगा।' उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम दर्शकों के बिना मैचों का आयोजन करते हैं, तो फिर इन्हें तीन या चार स्थलों पर आयोजित किया जा सकता है। इसके आयोजन की अब भी संभावना है। हम सभी आशावादी हैं।
पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि आईपीएल से जुड़े हितधारक मैचों का आयोजन उन शहरों में कर सकते हैं जहां कई स्टेडियम है। इससे खिलाडिय़ों को कम यात्राएं करनी पड़ेंगी। लक्ष्मण ने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर इस साल आईपीएल आयोजन की संभावना है। आपको ऐसे एक स्थल की पहचान करनी होगी जहां तीन या चार मैदान हों क्योंकि यात्रा करना भी काफी चुनौतीपूर्ण होगा।' उन्होंने कहा, ‘‘आप यह नहीं जानते कि हवाई अड्डे पर कौन कहां जा रहा है इसलिए मुझे विश्वास है कि फ्रेंचाइजी और बीसीसीआई इस पर गौर करेंगे।(भाषा)