खेल

Date : 17-Jan-2020

होबार्ट, 17 जनवरी। भारत की दिग्गज टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा होबार्ट इंटरनेशनल टूर्नामेंट के महिला डबल्स के फाइनल में पहुंच गई हैं। 33 साल की सानिया का अपनी यूक्रेनी साथी नादिया किचेनोक के साथ शानदार प्रदर्शन जारी है। मां बनने के बाद वह पहले खिताब से अब एक कदम दूर हैं।
शुक्रवार को सेमीफाइनल मुकाबले में इंडो-यूक्रेनी (सानिया-नादिया) जोड़ी ने स्लोवेनियाई-चेक जोड़ी तमारा जिदानसेक और मैरी बुजकोवा को शुरुआती संघर्ष के बाद 7-6 (3), 6-2 से मात दी। यह मुकाबला एक घंटे 24 मिनट तक चला। अब शनिवार को फाइनल में पांचवीं वरीय सानिया-नादिया का मुकाबला दूसरी वरीयता प्राप्त चीनी जोड़ी (झांग शुइ-पेंग शुइ) से होगा। 
सानिया-नादिया की जोड़ी ने अमेरिका की वानिया किंग और क्रिस्टीना मैकहेल की जोड़ी को 6-2, 4-6, 10-4 से मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।
सानिया ने दो साल बाद कोर्ट पर वापसी की है। मां बनने के बाद वह पहले खिताब से महज एक जीत दूर हैं। मौजूदा होबार्ट इंटरनेशनल टूर्नामेंट से पहले सानिया ने आखिरी बार अक्टूबर 2017 में चाइना ओपन में खेला था। टेनिस से दो साल दूर रहने के दौरान मां बनने के लिए औपचारिक ब्रेक लेने से पहले उन्हें चोट से जूझना पड़ा था।
भारतीय टेनिस स्टार सानिया डबल्स में पूर्व विश्व नंबर-1 हैं और उनके नाम छह ग्रैंड स्लैम खिताब (3 डबल्स + 3 मिक्स्ड डबल्स) हैं। वह 2013 में सबसे सफल भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी रहते हुए सिंगल्स मुकाबले से रिटायर हो गईं। (आजतक)

 

 


Date : 16-Jan-2020

नई दिल्ली, 16 जनवरी। भारतीय स्टार महिला टेनिस प्लेयर सानिया मिर्जा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए होबार्ट इंटरनैशनल टूर्नमेंट के महिला युगल सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। यूक्रेन की नादिया किचेनोक के साथ सानिया ने क्वॉर्टर फाइनल में मैकहाले और वानिया किंग की अमेरिकी जोड़ी को 6-2, 4-6, 10-4 से हराया। 

मां बनने के बाद अपना पहला टूर्नमेंट खेल रहीं सानिया ने नादिया के साथ जोड़ी बनाई है। उन्होंने पहला सेट आसानी से 6-2 से जीता लेकिन फिर अमेरिकी महिला जोड़ी ने 6-4 से अगला सेट जीत लिया। सानिया-नादिया ने फिर वापसी की और जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।  सानिया इस टूर्नमेंट से करीब 2 साल बाद कोर्ट पर लौटीं। वह मां बनने के बाद दो साल टेनिस से दूर रही थीं। उन्होंने अक्टूबर 2017 में आखिरी टूर्नमेंट खेला था। युगल में पूर्व नंबर-1 और छह बार की ग्रैंडस्लैम विजेता सानिया ने 2013 में एकल टेनिस खेलना छोड़ दिया था।  (नवभारत टाईम्स)


Date : 16-Jan-2020

बचेली, 16 जनवरी। रेबेल्स फुटबॉल क्लब के तत्वावधान में फुटबॉल मैदान में चल रहे अंतर राज्यीय फुटबॉल प्रतियोगिता का खिताब ओडिशा की टीम यूनाइेड क्लब बरगढ़ ने अपने नाम किया।

बुधवार को फाइनल मुकाबला बरगढ़ व एसवाईए जैपुर के मध्य खेला गया। बरगढ़ की ओर से पेनाल्टी में पहला गोल शांबा ने किया उसके बाद दो गोल संजीत खर्रा ने दो गोल किये। इस प्रकार बरगढ़ की टीम ने जैपुर को 3-0 से हराया। मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद एनएमडीसी बचेली परियोजना के संयुक्त महाप्रबंधक पीके मजुमदार, विशिष्ट अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष पूजा साव द्वारा विजेता टीम को 50 हजार रूपये तथा उपविजेता टीम को 35 हजार रूपये के साथ ट्रॉफी दिया गया। बरगढ़ टीम के खिलाड़ी को संजु बरगढ़ को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट, बेस्ट डिफेंस नवीन, बेस्ट मीड फिल्डर जैपुर के मिंकू, इस पूरी प्रतियोगिता में 6 गोल दागने वाले बचेली एनएफसी के टेरी को बेस्ट स्कोरर सहित अन्य व्यक्तिगत पुरस्कार दिये गये। मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि ने दोनों ही टीमों को बधाई देते हुए प्रदेश सरकार के खेलबो गढ़वो नबा छत्तीसगढ़ का भी जिक्र किया।   इस दौरान एनएमडीसी से संयुक्त महाप्रबंधक केसी गुप्ता, उपमहाप्रबंधक सिविल पीके मजुमदार, अपेालो सीएमए एसएम हक, सीआरपीएफ कमांडेंट चंद्रशेखर, यूनियन से टीजे शंकर राव, देवाशीष पॉल, फिरोज नवाब सहित नवनिर्वाचित महिला पार्षद मौजूद रहे। प्रतियोगिता के आयोजन में रेबेल्स क्लब के रमेश कश्यप, सुरेन्द्र, रविन्द्र नाग, दिलबर व अन्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा। 

 


Date : 16-Jan-2020

मुंबई, 16 जनवरी । ऑस्ट्रेलिया के हाथों पहले वनडे में मिली 10 विकेट से करारी शिकस्त को टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री के लिए वेक-अप कॉल कहा जा सकता है। भारत को वनडे में उसकी पिछली 3 हार उसे वर्ल्ड कप-2019 में इंग्लैंड, न्यू जीलैंड और अब ऑस्ट्रेलिया से मिली। 

कहां है दिक्कत 
यह क्या सुझाव देता है? क्या इसका मतलब है कि भारतीय टीम वेस्ट इंडीज, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी टीमों के खिलाफ क्रिकेट खेलना चाहती है और फिर बेहतर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ संघर्ष करती है? मैनचेस्टर में वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यू जीलैंड से हारने के बाद 50 ओवर फॉर्मेट में उसके एकमात्र विरोधी टीम वेस्ट इंडीज थी, घरेलू मैदान पर विदेशी पर भी। इसके अलावा टीम इंडिया केवल टेस्ट और टी20 खेल रही है। ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ मुकाबले को शायद कड़ी परीक्षा की जरूरत थी।
ऑस्ट्रेलिया ज्यादा तैयार 
ऑस्ट्रेलियाई टीम के ज्यादातर खिलाड़ी वनडे के लिए तैयार थे, बावजूद इसके कि उन्होंने जुलाई 2019 के बाद से कोई एकदिवसीय मुकाबला नहीं खेला था। ऑस्ट्रेलिया ने एशेज सीरीज खेली, फिर पाकिस्तान और न्यू जीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज भी खेली। बल्लेबाज फॉर्म में थे, और गेंदबाज भी मैच के लिए फिट। यदि आप ऑस्ट्रेलियाई पेसर पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क और केन रिचर्ड्सन को देखें तो पता चलेगा कि वे भारतीयों को किस तरह परेशान कर रहे थे। 
भारतीय गेंदबाजी में दम नहीं 
भारत ने जसप्रीत बुमराह को मैदान में उतारा, जो जुलाई में न्यू जीलैंड से भारत की सेमीफाइनल हार के बाद पहली बार एकदिवसीय मैच खेल रहे थे। चयनकर्ताओं और बीसीसीआई अध्यक्ष सौरभ गांगुली के बीच बातचीत के बाद उन्हें गुजरात और केरल के बीच रणजी ट्रोफी मैच से हटना पड़ा। हालांकि बुमराह ने श्रीलंका के खिलाफ टी20 सीरीज में 4 ओवर किए, लेकिन अच्छे बल्लेबाजों के खिलाफ वह गेंदबाजी के लिए फिट नजर नहीं आए। गुजरात का यह पेसर दमखम नहीं दिखा सका और डेविड वॉर्नर और आरोन फिंच ने काफी अच्छे शॉट उनकी गेंदों पर लगाए। 
आईपीएल से विदेशियों को फायदा 
वे कौन से विदेशी खिलाड़ी हैं जो आमतौर पर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में शानदार प्रदर्शन करते हैं? वेस्ट इंडीज और ऑस्ट्रेलियाई। आरोन फिंच, वॉर्नर, स्टीव स्मिथ, पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, टर्नर.. ये सभी आईपीएल में खेल चुके हैं। फिंच, वॉर्नर और स्मिथ तो अपनी-अपनी फ्रैंचाइजी के लिए टॉप परफॉर्मर रहे हैं। इससे भारतीय टीम घरेलू मैदान होने का फायदा उठाती नहीं नजर आती है। वॉर्नर सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हैं, और इस तरह उप्पल उनका घरेलू मैदान है जहां विकेट धीमा है। उन्होंने मंगलवार को जो नियंत्रण दिखाया, वह उसी का नतीजा है, जो उन्होंने आईपीएल में नेट्स में राशिद खान जैसे गेंदबाजों को खेलकर अनुभव हासिल किया। 
फिर दोहराया वर्ल्ड कप 
इंग्लैंड में खेले गए वर्ल्ड कप के दौरान भारतीय टीम को उसके मिडिल ऑर्डर और नंबर 4 की पहचान करने में असमर्थ रहने से काफी संघर्ष करते देखा गया। वे अभी उसी नाव में हैं। धवन के पूरी तरह से फिट, रोहित शर्मा के उपलब्ध और राहुल के फॉर्म में होने के कारण भारत इस दुविधा में था और उसने तीनों सलामी बल्लेबाजों, धवन, रोहित और राहुल को मौका दिया। इससे उनकी खुलकर खेलने की आजादी छिनी सी लगी, जिसके साथ वे आमतौर पर खेलते हैं। 
ऐसे में यह भी माना गया कि किसी भी हार को उनमें से एक को टीम से बाहर होने की वजह के तौर पर दिखाया जाएगा। धवन ऐसे खिलाड़ी हैं जिनकी जगह सबसे कमजोर नजर आती है। उन्होंने मुंबई वनडे में 91 गेंदों पर 74 रन बनाए लेकिन उन्होंने 56 डॉट बॉल खेलीं। राहुल की 61 गेंदों में 47 रन में 28 डॉट बॉल शामिल रहीं। 
नंबर 4 पर कोहली, 
नहीं बना काम 
राहुल और धवन दोनों को शामिल करने का मतलब था कि कोहली नंबर 4 पर आएं, एक ऐसा नंबर जिस पर उतरते हुए उन्होंने 7 शतक और 55 से ज्यादा की औसत से रन बनाए हैं, लेकिन 2014 के बाद से वह इस पर 16 से ज्यादा नहीं बना सके। इतना ही नहीं, 2016 से पहले नंबर 4 पर आते हुए वह अपनी पांच पारियों में 7, 12, 11, 3 नॉट आउट, 4 और 9 रन ही बना सके। 
मनीष पांडे से भी कोई फायदा नहीं लिया गया, जो सितंबर 2018 में एशिया कप के बाद से नहीं खेले। इसका मतलब यह भी था कि अय्यर, जिन्होंने पिछली सीरीज़ में नंबर 4 पर इतना अच्छा प्रदर्शन किया था, उन्हें दबाव में बल्लेबाजी करनी पड़ी। अय्यर और ऋषभ पंत शायद ही कभी उन परिस्थितियों में रहे हों, जैसा टीम ने मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए मुकाबले में खुद को पाया। पंत एक बार फिर फ्लॉप साबित हुए। उन्हें और कितने मौके दिए जाएंगे।
परेशान होने का भी समय नहीं 
मैच के बाद जब कप्तान कोहली से पूछा गया कि क्या वह नंबर-4 पर बल्लेबाजी करते रहेंगे तो उन्होंने कहा, 'मुझे प्रयोग करने की अनुमति दी जानी चाहिए। मुझे लगता है कि लोगों को एक मैच से घबराने की जरूरत नहीं है, मुझे थोड़ा प्रयोग करने की अनुमति दी जानी चाहिए, चाहें असफल ही हो।(नवभारत टाईम्स)

 


Date : 16-Jan-2020

नई दिल्ली, 16 जनवरी । आईसीसी वल्र्डकप 2019 के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम की एक 87 वर्षीय क्रिकेट फैन चारुलता पटेल काफी चर्चा में रही थीं। इंग्लैंड में हुए वल्र्डकप के दौरान चारुलता ने स्टेडियम में पहुंच कर टीम इंडिया को सपोर्ट किया था। इतना ही नहीं कप्तान विराट कोहली से लेकर उप-कप्तान रोहित शर्मा उनसे जाकर मिले भी थे और उनसे आशीर्वाद भी लिया था। 13 जनवरी को चारुलता पटेल का निधन हो गया। वल्र्डकप में भारत और बांग्लादेश के बीच हुए मैच के बाद चारुलता पटेल सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं और हर कोई उनके बारे में बात कर रहा था।
विराट और रोहित भी क्रिकेट को लेकर उनका उत्साह देखकर हैरान थे। बांग्लादेश के खिलाफ मैच खत्म होने के बाद विराट और रोहित ने उनसे मुलाकात की थी और उनसे आशीर्वाद लिया था। चारुलता पटेल के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर उनके निधन की पुष्टि की गई है। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट में लिखा गया, बहुत दुख के साथ आप सभी को बताना पड़ रहा है कि हमारी दादी ने 13 जनवरी को शाम 5.30 बजे आखिरी सांस ली थी।
चारुलता पटेल हेडिंग्ले और लीड्स में हुए भारतीय मैचों में टीम के समर्थन के लिए स्टेडियम आई थीं। श्रीलंका के खिलाफ लीग राउंड के मैच में चारुलता भारतीय टीम के सपोर्ट के लिए आई थीं, इसके बाद विराट ने उनके लिए बांग्लादेश के खिलाफ मैच के टिकट अरेंज कराए थे। विराट ने उनके टिकट पर एक खास मेसेज भी लिखा था। (लाइव हिन्दुस्तान)