खेल

Posted Date : 09-Apr-2018
  • नई दिल्ली, 9 अप्रैल। 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के पांचवें दिन की शुरुआत भारत ने चांदी जीतने के साथ की। देश को यह कामयाबी वेटलिफ्टिंग (भारोत्तोलन) प्रतिस्पर्धा में प्रदीप सिंह ने दिलाई। पुरुषों के 105 किलो वर्ग में कुल 352 किलो वजन उठाकर उन्होंने रजत पदक जीता। स्नैच राउंड में प्रदीप सिंह ने 152 किलो का वजन उठाया। इसके बाद क्लीन ऐंड जर्क राउंड में उन्होंने 200 किलो भार उठाने में कामयाबी पाई। इन खेलों में यह उनका सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन भी बना। इस मुकाबले में समोआ के सलेने माओ ने कुल 360 किलोग्राम का भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता। ब्रिटेन के वेटलिफ्टर को इसमें तीसरा स्थान मिला जिसने 351 किलो वजन उठाकर कांस्य पदक जीता।
    वेटलिफ्टिंग की तरह शूटिंग (निशानेबाजी) प्रतिस्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाडिय़ों का शानदार प्रदर्शन जारी है। सोमवार को ऑस्ट्रेलिया के बेलमोंट शूटिंग रेंज में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में जीतू राय ने स्वर्ण पदक पर निशाना लगाया। उन्होंने 235.1 अंक के साथ यह कामयाबी हासिल की। इसी मुकाबले में 214.3 अंकों के साथ भारत के ही ओम मिथरवाल को कांस्य पदक जीतने में कामयाबी मिली। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या अब 15 हो गई है। आठ स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य पदकों के साथ पदक तालिका में वह तीसरे स्थान पर है। (सत्याग्रह)

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Posted Date : 08-Apr-2018
  • मोहाली,  8 अप्रैल : मोहाली में खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दूसरे मैच में किंग्स इलेवन पंजाब ने दिल्ली डेयरडेविल्स को 6 विकेट से हरा दिया है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली की टीम ने गौतम गंभीर के अर्धशतक की बदौलत पंजाब के सामने 167 रनों का लक्ष्य दिया। जवाब में पंजाब की टीम ने सलामी बल्लेबाज केएल राहुल की रिकॉर्ड फिफ्टी की बदौलत 18.5 ओवर में 6 विकेट खोकर जीत हासिल कर ली। राहुल के अलावा युवा बल्लेबाज करुण नायर ने भी 50 रनों की शानदार पारी खेली।
    दिल्ली द्वारा दिए गए 167 रन के टारगेट का पीछा करने के लिए पंजाब की ओर से केएल राहुल और मयंक अग्रवाल बैटिंग करने उतरे। राहुल क्रीज पर आते ही शानदार टच में दिखे और छक्कों और चौकों की झड़ी लगा दी। राहुल ने सिर्फ 14 बॉल में अर्धशतक जड़ दिया। ये आईपीएल इतिहास में अभी तक का सबसे तेज अर्धशतक है। इससे पहले यह रिकॉर्ड कोलकाता नाइटराइडर्स के सुनील नरेन (15 गेंद) के नाम था। हालांकि राहुल मैच के पांचवे ओवर में 51 रन (16 बॉल) पर कैच आउट हो गए। उनके बाद उतरे युवराज सिंह कुछ खास नहीं कर सके। युवराज 22 गेंदों पर सिर्फ 12 रन ही बना सके।
    युवराज और राहुल के आउट होने के बाद करुण नायर ने 33 गेंदों में शानदार 50 रनों की पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 5 चौके और दो छक्के जड़े। स्टोनिस ने 25 रन बनाकर जबकि डेविड मिलर 24 रन बनाकर नाबाद रहे।  दिल्ली की ओर से राहुल तेवतिया, क्रिस मॉरिस, डेनियल क्रिश्चियन और ट्रेंट बोल्ट ने एक-एक विकेट लिए।
    इससे पहले दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम में लौटे गौतम गंभीर ने रविवार को अर्धशतक (55) जड़ा और किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ अपनी टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में मदद की। दिल्ली ने आई.एस. बिंद्रा स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में 20 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 166 रन बनाए। दिल्ली को इस अपेक्षाकृत सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में क्रिस मौरिस (नाबाद 27) का भी योगदान रहा।
    दिल्ली को अफगानिस्तान के युवा लेग स्पिनर मुजीब उर रहमान ने अच्छी शुरुआत से महरूम रखा और कोलिन मुनरो (4) जैसे खतरनाक बल्लेबाज को 12 के कुल स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। अक्षर पटेल ने श्रेयस अय्यर (11) को विकेट के पीछ लोकेश राहुल के हाथों कैच कराया। अय्यर 54 के कुल स्कोर पर आउट हुए। विजय शंकर 13 गेंदों में 13 रन ही बना सके और मोहित शमार् का शिकार बने। 
    उनके बाद आए युवा बल्लेबाज ऋषभ पंत ने अपना चिर परिचित अंदाज जारी रखा, लेकिन वो मुजीब की गुगली को पढ़ नहीं पाए और एंड्रयू टाई ने उनका अच्छा कैच पकड़ा। वह 111 के कुल स्कोर पर आउट हुए। पंत ने 13 गेंदों में चार चौके और एक छक्के की मदद से ताबड़तोड़ 28 रन बनाए। गंभीर रन आउट होकर 123 के कुल स्कोर पर पवेलियन लौटे। रविचंद्रन अश्विन ने राहुल तेवतिया (9) को अपना शिकार बनाया। यहां लग रहा था कि दिल्ली 150 के आस-पास ही रहेगी लेकिन मौरिस ने कुछ अच्छे शॉट्स लगाए और साथ ही एक-दो रन लेकर टीम के स्कोर बोर्ड को रुकने नहीं दिया। 
    उनके साथ डेनियल क्रिस्टियन 13 गेंदों में 13 रन बनाकर नाबाद रहे। पंजाब के लिए मोहित शमार् और मुजीब उर रहमान ने दो-दो विकेट लिए। कप्तान रवीचंद्रन अश्विन ने एक विकेट लिया। (लाइव हिन्दुस्तान)

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Posted Date : 08-Apr-2018
  • वंदना
    नई दिल्ली, 8 अप्रैल । 12वीं क्लास में पढऩे वाली मनु भाकर 12वीं में मेडिकल की तैयारी कर रही हैं, लेकिन इन सबसे अलग वो बढिय़ा निशानेबाज भी हैं। ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने ऐसा निशाना साधा कि गोल्ड मेडल उनकी झोली में आ गिरा। उनका निशाना कितना अचूक है इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि इस साल सीनियर वल्र्ड कप में एक नहीं दो-दो गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं।
    अभी 10 महीने पहले ही मनु ने जूनियर वल्र्ड कप में हिस्सा लिया था और 49वे नंबर पर रही थीं। इस साल जब वो सीनियर वल्र्ड कप में खेलीं तो सीधे स्वर्ण पदक पर निशाना लगाया- 10 मीटर एयर पिस्टल वर्ग में। 2017 की नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में तो मनु ने छप्पर फाड़ के 15 मेडल जीते थे। और ये तब है जब मनु ने शूटिंग सिर्फ दो साल पहले शुरू की है।
    स्कूल में रहते हुए मनु ने बॉक्सिंग, तैराकी कई खेलों में हाथ आज़माया। बॉक्सिंग में तो मनु लगातार मेडल जीता करती थीं। चोट लगने के बाद मनु ने बॉक्सिंग छोड़ी तो उन्हें मणिपुर की मार्शल आर्ट थांग टा का चस्का लग गया और इसके बाद जूडो। 
    फिर दो साल पहले जब उनके नए स्कूल में मनु के पापा ने छात्रों को शूटिंग करते देखा तो पिता ने बेटी से कहा कि क्यों न इसे भी आज़मा के देख लिया जाए। बस 10-15 दिन के अंदर ही मनु ने कमाल करना शुरू कर दिया। जल्द ही राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में जीत का सफऱ उन्हें राष्ट्रमंडल खेलों तक लेकर आया।
    इस कामयाबी के पीछे मनु की मेहनत तो है ही, लेकिन उनके माँ-बाप की लगन भी शामिल है। वैसे तो मनु के पिता रामकिशन भाकर मरीन इंजीनियर हैं, लेकिन अब जब बेटी बड़ी शूटर हो गई है तो मनु को उनके साथ और मार्गदर्शन की ज़रूरत होती है, इसलिए उन्होंने नौकरी ही छोड़ दी। 
    हर खिलाड़ी के सफर की अपनी मुश्किलें होती हैं, मनु को भी झेलनी पड़ी। पिस्टल लेकर जब मनु प्रैक्टिस करने जाती तो उसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट में आम पिस्टल लेकर जाने में काफी दिक्कत होती, चाहे वो लाइसेंसी पिस्टल ही थी। नौकरी छोड़ रामकिशन भाकर बेटी की दिक़्क़तों को दूर करने में लग गए। मनु 16 साल की हैं और उनके बालिग होने में दो साल और बचे हैं। बेटी के लिए विदेशी पिस्टल खरीदने के लिए भी पिता को एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ा था। इस क्रम में मनु की टीचर मां सुमेधा जिंदगी भी एकदम बदल गई। इस तरह की दिक्कतें और खेल के दौरान के तनाव को दूर रखने के लिए मनु योग और मेडिटेशन करती हैं। मेडिटेशन का सिलसिला शूटिंग कैंप में ही नहीं घर पर भी जारी रहता है।
    16 साल की वल्र्ड चैंपयिन मनु 10 मीटर एयर पिस्टल वर्ग की राष्ट्रीय चैंपियन भी हैं जिसमें उन्होंने पिछले साल चोटी की निशानेबाज हिना सिद्धू को हराया था। हरियाणा में गोरिया गांव को अभी अपनी चैंपियन से बहुत उम्मीदें हैं- पहले तो इस साल के यूथ ओलिंपिक और फिर टोक्यो 2020 के ओलंपिक मनु चैंपियन जरूर बन गई हैं लेकिन जूनियर टीम के कोच जसपाल राणा की हिदायत सख्त है कि निशाना भले बड़े - बड़े लक्ष्यों पर हो लेकिन कदम जमीन पर ही रहने चाहिए। (बीबीसी)

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Posted Date : 08-Apr-2018
  • नई दिल्ली, 8 अप्रैल। ऑस्ट्रेलिया में चल रहे २१वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का सुनहरा सफर जारी है। आज देश की दो बेटियों ने भारत का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। ६९ किलोग्राम महिला वर्ग में वेटलिफ्टिंग पूनम यादव ने गोल्ड मेडल जीता।
    वहीं महज १६ साल की शूटर मनु भाकर ने भी १० मीटर एयरपिस्टल प्रतियोगिता में सोने पर निशाना लगाया। इसी इवेंट में हिना सिद्धू ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। राष्ट्रमंडल खेल में भारत की झोली में अब तक ६ गोल्ड, दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल आ चुके हैं। ६ गोल्ड मेडल के साथ भारत पदक तालिका में तीसरे नंबर पर है। भारत का सिर गर्व से ऊंचा करने वाली पूनम यादव बनारस से सटे दादूपुर गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता छोटे किसान हैं। गऱीबी से लड़ते हुए पिता कैलाश यादव ने अपने सात बच्चों को पाला पोसा। पूनम के खेल के लिए वो अपनी चार भैसें बेच चुके हैं। पूनम के पिता का कहना है कि लोग अपने बेटों के लिए जितना नहीं करते मैंने बेटियों के लिए किया है। (एबीपी न्यूज)

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