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29-May-2020 9:43 AM

चीन के साथ सरहदी तनाव पर मोदी का 'मूड ठीक नहीं' : ट्रंप

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सरहद पर भारत और चीन के बीच जारी तनाव को लेकर फिर से मध्यस्थता की पेशकश की है.

ट्रंप ने कहा कि अगर उन्हें लगता है कि मैं कुछ मदद कर सकता हूं तो मध्यस्थता के लिए तैयार हूं. अमरीकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उन्होंने चीन के साथ जारी 'बड़े टकराव' पर पीएम मोदी से बात की थी. ट्रंप ने दावा किया कि दोनों देशों के बीच तनाव को लेकर पीएम मोदी का मूड ठीक नहीं है. ट्रंप ने कहा कि पूरे मामले पर भारत ख़ुश नहीं है और शायद चीन भी ख़ुश नहीं है.

ट्रंप ने ये बातें पत्रकारों से गुरुवार को ओवल में कहीं. अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और चीन के बीच बड़े टकराव की स्थिति बनी हुई है.

एक भारतीय पत्रकार के सवाल पर ट्रंप ने कहा, ''मैं आपके प्रधानमंत्री को बहुत पसंद करता हूं. वो बहुत ही सज्जन हैं.'' अमरीकी राष्ट्रपति ने भारत-चीन तनाव पर कहा, ''भारत और चीन के बीच बड़े टकराव की स्थिति है. दोनों देशों के पास एक-एक अरब 40-40 करोड़ की आबादी है. दोनों की पास काफ़ी मज़बूत सेना हैं. भारत ख़ुश नहीं है और शायद चीन भी ख़ुश नहीं है. मैंने पीएम मोदी से बात की थी और चीन के साथ जो कुछ भी चल रहा है उसे लेकर उनका मूड ठीक नहीं है.''

बुधवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट कर दोनों देशों के बीच सरहद पर जारी तनाव को लेकर मध्यस्थता की पेशकश की थी. ट्रंप ने कहा था कि वो मध्यस्थता के लिए तैयार हैं. ट्रंप से मध्यस्थता की पेशकश को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''मैं ये कर सकता हूं. अगर उन्हें लगता है कि इससे मदद मिलेगी तो मैं ऐसा कर सकता हूं.''
भारत ने ट्रंप की मध्यस्थता की पेशकश पर गुरुवार को कहा था कि सरहद पर जारी गतिरोध के शांतिपूर्ण समाधान के लिए चीन के साथ बातचीत जारी है. भारत ने ट्रंप की पेशकश को लेकर बहुत ही सतर्कता से जवाब दिया था. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा था, ''हमलोग शांतिपूर्ण समाधान के लिए चीन से संपर्क में हैं.''

ट्रंप की पेशकश पर चीन के विदेश मंत्रालय की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि दोनों देशों को इस तरह की मदद की ज़रूरत नहीं है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ बुधवार को चीन ने कहा था कि भारत के साथ सीमा पर स्थिति 'पूरी तरह स्थिर और नियंत्रण' में है.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा था कि दोनों देशों के पास बातचीत और परामर्श के ज़रिए मुद्दे सुलझाने का उचित तंत्र मौजूद है.

लिजियान ने कहा था, "हम अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा और सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध हैं. अब चीन-भारत सीमा पर स्थिति पूरी तरह स्थिर और नियंत्रण में है. हम पूरी तरह बातचीत और परामर्श के ज़रिए मुद्दे सुलझाने में समर्थ हैं."
चीन के साथ सरहद पर तनाव क्यों
भारत और चीन के बीच अक्साई चीन में स्थित गलवान घाटी को लेकर उस वक़्त तनाव पैदा हो गया जब भारत ने आरोप लगाया कि गलवान घाटी के किनारे चीनी सेना ने कुछ टेंट लगाए हैं.

गलवान घाटी लद्दाख और अक्साई चीन के बीच भारत-चीन सीमा के नज़दीक स्थित है. यहां पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) अक्साई चीन को भारत से अलग करती है. ये घाटी चीन के दक्षिणी शिनजियांग और भारत के लद्दाख़ तक फैली है.

इसके बाद भारत ने वहाँ फ़ौज की तैनाती बढ़ा दी. दूसरी तरफ़ चीन ने आरोप लगाया कि भारत गलवान घाटी के पास सुरक्षा संबंधी ग़ैर-क़ानूनी निर्माण कर रहा है. इससे पहले नौ मई को नॉर्थ सिक्किम के नाथू ला सेक्टर में भारतीय और चीनी सेना में झड़प हुई थी. उस वक़्त लद्दाख में एलएसी के पास चीनी सेना के हेलिकॉप्टर देखे गए थे. फिर इसके बाद भारतीय वायु सेना ने भी सुखोई और दूसरे लड़ाकू विमानों की पट्रोलिंग शुरू कर दी थी.
भारत और चीन के बीच चल रहे गतिरोध को ख़त्म करने के लिए डिवीज़न कमांडर स्तर पर हुई कई दौर की वार्ता विफल रही हैं.

द हिंदू अख़बार के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वास्तविक नियंत्रण रेखा पर मौजूदा स्थिति और चीन के साथ चल रहे मौजूदा गतिरोध पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की थी.

इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ जनरल विपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी शामिल रहे. (bbc.com/hindi)
 


29-May-2020 9:29 AM

पाक ने बनाया 'आरोग्य सेतु एप्लीकेशन', खुफिया अलर्ट

नई दिल्ली 29 मई. खुफिया तंत्र के पास सीमा पार से आये एक इनपुट ने पुलिसवालों के होश उड़ा दिये हैं। पता चला है कि, हिंदुस्तान में कोविड-19 से जूझने मे मददगार साबित हो रहा 'आरोग्य सेतु एप्लीकेशन' कुछ पाकिस्तानी हैंडलर्स ने भी तैयार कर लिया है। चूंकि हिंदुस्तानी आरोग्य सेतु एप्लीकेशन को हर पुलिसवालों को भी डाउनलोड करना है। लिहाजा ऐसे में सबसे ज्यादा चिंता बढ़ी है दिल्ली पुलिस की। लिहाजा वक्त रहते ही दिल्ली पुलिस के खुफिया तंत्र ने इस बाबत एक 'विशेष अलर्ट नोट' जारी कर दिया है। जारी अलर्ट में दिल्ली पुलिस के सभी अफसरों-कर्मचारियों से पाकिस्तानी हैंडलर्स द्वारा डवलप किये गये आरोग्य सेतु से बचने की सलाह दी गयी है।

दिल्ली पुलिस स्पेशल ब्रांच द्वारा जारी इस अलर्ट में साफ-साफ कहा गया है कि, दिल्ली पुलिस महकमे का कोई भी अधिकारी/कर्मचारी हिंदुस्तानी आरोग्य सेतु एप्लीकेशन डाउनलोड जरुर करें, मगर सावधानी बहुत बरतें। ताकि कहीं ऐसा न हो कि वे किसी संदिग्ध एप्लीकेशन को डाउनलोड करके जाने-अनजाने किसी मुसीबत में फंस जायें।

इस सब सतर्कता और एहतियाती कदम उठाये जाने के पीछे प्रमुख वजह सीमापार बताई जा रही है। भारतीय खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि, कुछ पाकिस्तानी हैंडलर्स ने भी हू-ब-हू हिंदुस्तानी एप्लीकेशन से मिलता जुलता 'आरोग्य सेतु एप्लीकेशन' बना लिया। इसके पीछे हिंदुस्तानी एजेंसियां हांलांकि अभी कुछ खुलकर तो नहीं बोल रही हैं। मगर हर कदम फूंक फूंक कर पूरे मामले की जड़ में पहुंचने के लिए भारतीय पुलिस को अलर्ट जरुर कर दे रही हैं। ताकि कहीं हमारी फोर्स (पुलिस) का कोई जवान या अधिकारी पाकिस्तानी हैंडलर्स की जद में न आ जाये।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (खुफिया शाखा) द्वारा जारी इस विशेष अलर्ट में सीधे सीधे अपने महकमे को ही अलर्ट रहने का आगाह किया गया है। माना जा रहा है कि अगर विदेशी हैंडलर्स द्वारा बना लिये गये इस ऐप के जरिये हमारी फोर्स के कर्मचारियों के मोबाइल में एक्सेस मिल गया तो बेहद नुकसानदेह साबित हो सकता है। क्योंकि संबंधित पुलिस अफसर या जवान के मोबाइल में एक्सेस मिलते ही उसके फोन का डेटा सेंकेंड्स में असुरक्षित हाथो में पहुंचने की प्रबल संभावनाएं बन सकती हैं।

दिल्ली पुलिस खुफिया विभाग के इस अलर्ट में आरोग्य सेतु को अनिवार्य रुप से डाउनलोड तो करने की सलाह दी गयी है, मगर बेहद सतर्कता पूर्वक। ताकि कहीं किसी भी तरह के धोखे की गुंजाईश ही बाकी न रहे।  इस अलर्ट में कहा गया है कि, दिल्ली पुलिस महकमे में कार्यरत अफसर जवान मिलते जुलते लिंक पर भी क्लिक न करें। सावधानीपूर्वक पहले एप्लीकेशन को देखें उसके बाद ही भारत सरकार के अधिकृत आरोग्य सेतु एप्लीकेशन लिंक को क्लिक करके डाउनलोड करें।

इसी बेहद खुफिया पत्र में महकमे के कर्मचारियों को सलाह दी गयी है कि, वे ड्यूटी पर तभी पहुंचें जब उन्हें आरोग्य सेतु में उसका स्टेटस एकदम सुरक्षित दिखाई दे रहा हो। जोखिम वाला या मॉडरेट स्टेटस दिखाई देने पर तुरंत विभागीय उच्चाधिकारियों के संज्ञान में भी लाना जरुरी है।  (livehindustan.com)


29-May-2020 9:17 AM

नाबालिग आदिवासी लड़की की पिटाई का वीडियो, 15 के खिलाफ केस

गुजरात के छोटा उदयपुर जिले का मामला. पुलिस के अनुसार, लड़की 15 दिन पहले एक लड़के के साथ मध्य प्रदेश चली गई थी.
बोदेली: गुजरात के छोटा उदयपुर जिले के दूरदराज के एक गांव में कुछ दिन पहले कथित तौर एक लड़के के साथ चले जाने पर 16 वर्षीय एक आदिवासी लड़की के रिश्तेदार और स्थानीय निवासियों की मौजूदगी में तीन लोगों ने कथित तौर पर बुरी तरह पिटाई की.

पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी.

पुलिस ने बताया कि यह घटना 21 मई को छोटा उदयपुर जिले के बोदेली शहर के पास एक गांव में हुई थी. सोशल मीडिया में इस घटना का एक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस का ध्यान इस मामले पर गया.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने इस संबंध में 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है.

लड़की की पिता की शिकायत के बाद रंगपुर पुलिस थाने में केस दर्ज कर लिया गया है. घटना का वीडियो बनाने वाले व्यक्ति के अलावा लड़की के तीन रिश्तेदार चाचा और चचेरे भाई समेत 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.

उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 147 (उपद्रव की सजा), 148 (घातक हथियार से उपद्रव करना), 149 (समान उद्देश्य के लिए विधिविरुद्ध जुटान),
323 (जानबूझकर किसी को चोट पहुंचाना), 325 (गंभीर चोट पहुंचाना), 504 (शांतिभंग के इरादे से अपमान करना), 506 (2) (आपराधिक धमकी की सजा), 354 (किसी महिला के अपमान के इरादे से उस पर किया गया हमला) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है.

रिपोर्ट के अनुसार, लड़की 15 दिन पहले एक लड़के के साथ मध्य प्रदेश चली गई थी. वीडियों में दिख रहे लड़की के चाचा दोनों को बीते 21 मई को वापस गांव लेकर आए थे.

छोटा उदयपुर के एसपी एमएस भभोर ने बताया, ‘वीडियो में तीन लोगों की पहचान की गई है और दूसरे लोग जो घटना के समय वहां मौजूद थे, पिता की शिकायत के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है.’

मामले की जांच कर रहे अधिकारी दिलीप वसावा ने कहा, ‘लड़की नाबालिग थी और कानून के मुताबिक लड़के के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया है.’(thewirehindi.com)
 


28-May-2020 10:01 PM

कोरोना रोकने नरबलि, देवी को चढ़ा दिया

पुजारी ने कहा सपने में मिला आदेश

भुवनेश्वर, 28 मई। ओडिशा में कोरोना वायरस संकट के बीच एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। कटक जिले के नरसिंहपुर में एक मंदिर के पुजारी ने एक शख्स को मारकर देवी मां को इसलिए चढ़ा दिया कि कोरोना संकट थम जाएगा।

बुधवार रात नरसिंहपुर बंधहुडा गांव में ब्राह्मणी देवी मंदिर परिसर के अंदर एक व्यक्ति का शव मिला। स्थानीय पुलिस ने हत्या में शामिल हथियार को जब्त कर लिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुजारी ने अपना अपराध भी कबूल कर लिया है।

पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। आरोपी का नाम संसारी ओझा है और उम्र 72 वर्ष है। एसपी कटक राधा विनोद ने इस मामले पर कहा है कि पुरानी प्रतिद्वंद्विता के चलते ऐसी घटना हुई है। हमने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।
सपने में मिला बलि का आदेश

मृतक की पहचान सरोज कुमार प्रधान के तौर पर हुई है। आरोपी के मुताबिक मंदिर में बलि को लेकर मृतक के साथ उसकी बहस हुई। जब हालात बिगड़ गए तो आरोपी ने प्रधान को काट डाला और घटनास्थल पर ही मार डाला। आरोपी ने पूछताछ में कहा कि उसे सपने में भगवान से आदेश मिला था कि अगर नरबलि दी जाए तो कोरोना वायरस संकट थम जाएगा। पुलिस का दावा है कि अरोपी और मृतक प्रधान के बीच लंबे समय से आम के बागीचे को लेकर विवाद चलता आ रहा है।

पुलिस डीआईजी सेंट्रल रेंज आशीष कुमार सिंह ने कहा, प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी घटना के वक्त शराब के नशे में था। सुबह जब नशा उतरा तो उसने खुद पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। ऐसा लगता है कि वह मानसिक रूप से बीमार है।

सामाजिक कार्यकर्ता सत्य प्रकाश पति ने कहा है कि यह हैरान करने वाली बात है कि 21वीं सदी में कोई इतना बर्बर हो सकता है। हम इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग कर करते हैं। (aajtak.intoday.in)


28-May-2020 9:47 PM

ट्रेन की खबर लेट, कुछ
मजदूर वापसी से चूके 

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

रायपुर, 28 मई। कानपुर से छत्तीसगढ़ आने वाली श्रमिक ट्रेन की रवानगी की कुछ घंटे पहले मिली सूचना के कारण कोरबा जिले के गांव दोगदरहा के फूलचंद और उनके परिजन गांव वापसी से वंचित रह गए।
 
फोन पर हुई बातचीत के दौरान फूलचंद ने बताया कि छग वापसी के लिए उन्होंने पंजीयन कराया था, लेकिन गुरूवार दोपहर 11.30 बजे उन्हें रात 7 बजे चलने वाली श्रमिक ट्रेन की सूचना मिली। चूंकि परिवार सहित वह काम पर निकल गए थे और रास्ते के खाने-पीने का बंदोबस्त नहीं हो पाया था इसलिए वह चाहकर भी कानपुर से नहीं निकल पाए। 

फूलचंद ने बताया गांव में काम धंधा न होने की वजह से परिवार, रिश्तेदार सहित फागुन में कानपुर कमाने खाने गए थे लेकिन लॉकडाउन के कारण काम बंद हो गया और फिलहाल वहां काम फिर शुरू हो गया है और रहने खाने का बंदोबस्त हो गया लेकिन इसके बावजूद वह गांव वापसी चाहते थे जिसके लिए उन्होंने पंजीयन भी कराया था। गुरूवार सुबह 11 बजे उन्हें छत्तीसगढ़ जाने वाली श्रमिक ट्रेन की सूचना मिली। तीन घंटे पहले स्टेशन पहुंचना था और रास्ते के खाने का बंदोबस्त भी नहीं था जिसके कारण उन्होंने वापसी का फैसला रद्द कर दिया। 

फूलचंद कहते हैं अभी यहां काम भी शुरू हो गया है। अचानक ट्रेन की खबर मिली। न रोजी का हिसाब हुआ था न रास्ते के खाने पीने का ही बंदोबस्त ही हुआ था। फिर हम सब काम पर निकल गए थे ऐसे में ट्रेन कैसे पकड़ते सो यही रह गए। अब कुछ कमाकर अपना बंदोबस्त करके यहां से निकलेंगे। 


28-May-2020 9:29 PM

कढ़ाई के हुनरमंद कोरोना-संकट में मछली के धंधे में

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 28 मई।
कढ़ाई के बेमिसाल हुनर से गुजरात के बाजार में पैठ बनाने वाले ग्राम पिपरौद के सहदेव राजवंती का काम फिलहाल कोरोना के कारण ठप्प पड़ा हुआ है। कढ़ाई के काम में उनकी मदद करने वाले सहयोगी इन दिनों कढ़ाई करने की जगह मछली मारने के धंधे में लग गए हैं। 

रायपुर जिले के अभनपुर तहसील के ग्राम पिपरौद के हुनरमंद सहदेव राजवंती ने बताया कि सालों पहले उनके बड़े भाई गोकुल ने गांव वालों को कढ़ाई सिखाया था।  गुजरे दौर में इस कला की बदौलत गांव के कई परिवार की रोजी-रोटी चला करती थी। उस कढ़ाई किए हुए कपड़ों की पंडरी में खासी पूछ-परख थी लेकिन धीरे-धीरे कपड़ा व्यवसायी इसका कम रेट देने लगे जिसके कारण लोगों ने इस काम से किनारा कर लिया, लेकिन सहदेव इस कामसे जुड़े रहे। धीरे-धीरे उनका काम फलने-फूलने लगा और उन्होंने इस काम से चार-पांच ग्रामीणों को जोड़ लिया। लेकिन लॉकडाउन ने उनका धंधा पूरी तरह से चौपट कर दिया। उनके सहयोगी भी उनका काम छोड़ मछली के धंधे में लग गए हैं।
 
सहदेव कहते हैं पिछले 26 सालों से मैंने कढ़ाई के दम पर न सिर्फ अपनी रोजी-रोटी चलाई वरन् 4 लोगों को रोजगार दिया। धंधा बढ़ाने के लिए बैंक से लोन के लिए आवेदन किया था लेकिन लोन नहीं मिला। पिछले 15 सालों से धमतरी की एक मैडम के जरिए मेरा माल गुजरात जाता रहा है लेकिन अभी धंधा पूरी तरह से मार खा गया है। 


28-May-2020 9:26 PM

डबरी में दो बहनों समेत 3 की मौत

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रामानुजगंज,  28 मई।
बलरामपुर जिले के  रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम सिलाजु में आज दोपहर दो मासूम बहनों समेत तीन बच्चियों की पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया, वहीं सूचना पर एसडीओपी नितेश गौतम एवं रामचंद्रपुर थाना प्रभारी समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सिलाजु के कलोरिया पारा में 5 बच्चे घर के नजदीक डबरी में दोपहर 1 बजे के करीब नहाने गए थे जिनमें दो सगी बहनों एवं उसकी सहेली नहाते नहाते गहरे पानी में चले गए, जहां तीनों डूब गई वहीं उनकी एक और सहेली भी डूबने लगी जिसे साथ में नहाने गए बच्चे के द्वारा शोर करने पर ग्रामीणों के द्वारा डूबने से बचाया गया। डबरी में डूबने से संगीता पिता शंभू राम उम्र 13 वर्ष, निर्मला पिता शंभू राम उम्र 10 वर्ष, पूजा पिता मनोज उम्र 12 वर्ष की मौत हो गई। गुंजन पिता बालेश्वर प्रजापति (10 वर्ष) को डूबने से ग्रामीणों ने बचा लिया।
 
घटना के बाद गांव में मातम पसर गया। घटना की सूचना पर एसडीओपी नितेश कुमार गौतम एवं रामचंद्रपुर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। मासूम बच्चियों के शव का पोस्टमार्टम कल कराया जाएगा।


28-May-2020 9:00 PM

गांधी प्रतिमा तोड़कर फेंकी
पंचायत प्रांगण में स्थापित थी

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
विश्रामपुरी (कोंडागांव), 28 मई।
जिले के बड़ेराजपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत टेंवसा में ग्राम पंचायत की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है जहां महात्मा गांधी की मूर्ति तोड़ दी गई। इतना ही नहीं बल्कि मूर्ति कूड़े में फेंक दी गई है।

गांधी ने पंचायती राज का सपना देखा था। पंचायती राज की स्थापना के जरिए उन्होंने गांव की परिकल्पना की थी जिसके चलते आज महात्मा गांधी का प्रत्येक ग्राम पंचायत में मूर्ति स्थापना की गई है। 

कुछ समय पहले ग्राम पंचायत टेंवसा मे पंचायत भवन के सामने गांधी जी की मूर्ति पंचायत ही नहीं बल्कि पूरे गांव की शान बढ़ा रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि जब यहां ग्रामसभा होती थी तब एवं गांधीजी के पुण्य तिथि एवं अन्य राष्ट्रीय त्योहार के अवसर पर गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी पूजा-अर्चना की जाती थी किंतु पंचायत के सरपंच सचिव की लापरवाही के चलते मूर्ति को उखाड़कर पंचायत के बगल में ही कूड़े-कचरे के समीप फेंक दिया गया है। जो आज पर्यन्त पंचायत भवन के बगल में उसी हाल मे मौजूद है। आसपास के ग्रामीणों ने इसका कारण पूछे जाने पर सही सही जवाब तो नहीं दिया किंतु इतना अवश्य कहा कि यहां 6 माह पहले सितंबर तक मूर्ति स्थापित था। ग्रामीणों के मुताबिक अक्टूबर माह मे जब गांधी जयंती मनाई जाती है उस समय मूर्ति तोड़ कर फेंक दिया गया है।

गांव के कुछ प्रबुद्ध लोगों ने बताया कि जब गांधीजी की मूर्ति को तोडऩा ही था तो उसे तोड़ कर कहीं सम्मानजनक ढंग से रखा जा सकता था या विसर्जित कर दिया जाता।मूर्ति को जहां गंदगी पसरा हुआ है एवं आसपास सूअर एवं अन्य मवेशियों का डेरा रहता है उस जगह पर फेंक दिया गया है। 

 खंडित हुआ था हाथ इसलिए हटाई गई मूर्ति-पंचायत सचिव 
ग्राम पंचायत टेंवसा में पदस्थ सचिव गजाधर पटेल ने इस संबंध में बताया कि गांधी जी के मूर्ति का हाथ खंडित हुआ था जिसके चलते उसकी मरम्मत करने की कोशिश की गई मरम्मत नहीं हो पाने के कारण मूर्ति को उखाड़कर पंचायत भवन के बगल में रख दिया गया है जब उन्हें यह पूछा गया कि उन्हें मूर्ति गांधीजी की मूर्ति को अपमानजनक ढंग से गंदगी के पास क्यों रखा गया है तो उन्होंने कहा कि वह इसके संबंध में कुछ नहीं बता पाएंगे।

 इस संबंध में सीओ जिला पंचायत सीईओ देवनारायण कश्यप से भी जानकारी चाही गई किंतु उन्होंने कहा कि वे अभी मीटिंग पर हैं। बाद में उन्हें कई बार मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई किंतु उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया। उनसे कार्यालय में भी जाकर मिलने की कोशिश की गई किंतु कार्यालय पर भी नहीं  मिले।

सीईओ एवं संबंधित लोगों से चर्चा करता हूं-एसडीएम 
इस संबंध में केशकाल एसडीएम डीडी मंडावी ने कहा कि अगर ऐसा हुआ होगा तो यह गलत है वह मामले की जानकारी लेंगे तथा इस संबंध में सीईओ बडेराजपुर से चर्चा करेंगे उन्होंने कहा कि यदि मूर्ति खंडित रहा भी होगा तो उसे सम्मानजनक ढंग से हटाया जाना चाहिए ना कि कूड़े कचरे में फेंका जाना चाहिए यह गलत है।


28-May-2020 8:47 PM

'रोबोट नर्स'

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में शोभा टाह फाउण्डेशन बिलासपुर द्वारा अत्याधुनिक तकनीक से निर्मित 'रोबोट नर्स' का शुभारंभ किया।सुरक्षात्मक दृष्टि से बेहतर उपयोग के लिए निर्मित इस 'रोबोट नर्स' को एम्स रायपुर के कोविड-19 वार्ड में उपयोग के लिए मौके पर ही सौंप दिया है।


28-May-2020 8:46 PM

क्वॉरंटीन सेंटर में गर्भवती की मौत
14 मई को पिता संग तेलंगाना से लौटी थी

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
गरियाबंद, 28 मई।
जिले के मैनपुर विकासखण्ड के धरनीधोड़ा गांव एक गर्भवती महिला की क्वॉरंटीन सेंटर में मौत होने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है, पीएम के लिए मैनपुर अस्पताल लाया गया।

मिली जानकारी के अनुसार भगवंती यादव गांव के क्वॉरंटीन सेंटर में रह रही थी और आज सुबह उसकी मौत हो गई है, भगवंती 14 मई को अपने पिता के साथ तेलंगाना से वापस लौटी थी।

जानकारी देते हुए देवभोग थाना प्रभारी सत्येंद्र श्याम ने बताया कि महिला 8 माह की गर्भवती थी और 14 तारीख को जैसे ही वह तेलंगाना से क्वॉरंटीन सेंटर पहुंची, उसकी तबीयत खराब हो गई थी, उसे तत्काल मेकाहारा में भर्ती कराया गया था, जहाँ से वापिस क्वॉरंटीन में रह रही थी।

महिला के शव को मैनपुर पीएम के लिये लाया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम यह पता लगाने की कोशिश में है कि कहीं महिला की मौत कोरोना संक्रमण से तो नहीं हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की टीम मौके पर पहुंच चुकी हैं।

गरियाबन्द सीएमएचओ डॉ. एन आर नवरत्न का कहना है कि तेलंगाना से लौटने से पूर्व ही महिला बेहद कमजोर, हाई ब्लड व खून की कमी थी। जिसका टीम द्वारा समय पर मेकाहारा रिफर किया गया था, जहां से इलाज के दौरान भाग कर आ गई थी,जिसका इलाज जारी था।


28-May-2020 8:42 PM

क्वारांटीन सेंटर में डेढ़ साल की बच्ची की मौत, श्रमिक को भाग जाने के बाद परिवार सहित वापस लाया गया था...

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर 28 मई।
गौरेला के टीकरकला क्वारांटीन सेंटर में बुधवार की सुबह एक डेढ़ साल की बालिका शिशु की अचानक मौत हो गई । बच्ची का पिता प्रवासी श्रमिक है और बीते 19 मई से भोपाल से लौटा था। वह क्वारांटीन सेंटर से भाग गया था, जिसे पत्नी व बच्ची के साथ कवारांटीन सेंटर दुबारा लाया गया था। चिकित्सकों ने मौत की वजह दूध पीने के दौरान हिचकी, उल्टी आने पर सांस रुकना बताया है, फिर भी एहतियातन बच्ची और उसकी मां का स्वाब सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।

गौरेला थाने के एस आई उमराव सिंह नेताम ने बताया कि देवर गांव निवासी पूरन सिंह पिछले वर्ष दिसंबर माह में मजदूरी करने भोपाल गया था। लॉकडाउन के बाद वह 17 मई को श्रमिक स्पेशल ट्रेन से बिलासपुर पहुंचा। बिलासपुर से जिला प्रशासन ने उसे पेंड्रा भेज दिया। श्रमिक पूरन 18 तारीख को पेंड्रा डाइट के कवारेंटीन सेंटर से भाग कर अपने गांव चला गया। गांव वालों ने तहसीलदार से इसकी शिकायत की। प्रशासन ने 19 मई को उसे टीकरकला हाई स्कूल के छात्रावास में बने कवारेंटीन सेंटर में भेज दिया। श्रमिक पूरन चूंकि अपने घर में पूरे दिन रुका था, वहां से उसकी पत्नी और उसकी डेढ़ साल की बच्ची को भी क्वारांटीन सेंटर में लाकर ठहरा दिया गया। 

पुलिस के अनुसार बुधवार को सुबह 7 बजे बच्ची की मां ने उसे दूध पिलाया और उसे वहीं लिटाकर खुद नहाने के लिए चली गई। नहाने के बाद लौटकर आने पर देखा कि बच्ची को हिचकियां आ रही है और उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही है। मां ने इसकी जानकारी अपने पति और सेंटर  में मौजूद अधिकारी को दी। तत्काल एंबुलेंस बुलाकर बच्ची को गौरेला, सीएचसी हॉस्पिटल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम के बाद बच्ची का शव उसके परिजनों को सौंप दिया गया है।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के कोविड -19 के नोडल अधिकारी डॉ अभिमन्यु सिंह ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर  क्वारेंटाइन सेंटर में डेढ़ साल की बच्ची की मौत की वजह दूध पीने के दौरान हिचकी, उल्टी आने और श्वास नलिका में चले जाने से सांस रुकना प्रतीत हो रही है , फिर भी पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। उन्होंने बताया कि एहतियातन बच्ची का स्वाब सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया है।



28-May-2020 7:57 PM


साढ़े तीन सौ जूनियर डॉक्टरों संविदा नियुक्ति
रायपुर,28 मई( 'छत्तीसगढ़') । सरकार ने साढ़े तीन सौ से अधिक जूनियर डॉक्टरों को दो साल की संविदा पर नियुक्त किया गया है। इस आशय के आदेश जारी कर दिए गए हैं।नवनियुक्त डाक्टरों की पदस्थापना स्थल इस प्रकार हैं-

 


28-May-2020 7:05 PM

आज कोरोना 29
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 28 मई।
आज दोपहर छत्तीसगढ़ में मिले 12 नए कोरोना पॉजिटिव मामलों के अलावा अभी शाम 6 बजे की जांच रिपोर्ट में 16 और कोरोना मरीज मिले हैं। आज शाम तक का कुल नया आंकड़ा 28 का हुआ है। अभी शाम की रिपोर्ट में रायगढ़-2, जशपुर-8, मुंगेली- 2, कांकेर-2, बिलासपुर-1, और कोरिया-1 कोरोना पॉजिटिव निकले हैं।
 
अभी शाम 7 बजे बिलासपुर से एक और कोरोना पॉजिटिव आया है।

दोपहर 1.55 बजे की रिपोर्ट यह थी- प्रदेश में कोरोना के 12 और पॉजिटिव प्रकरण सामने आए हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 9 पॉजिटिव केस मुंगेली में मिले हैं। इसके अलावा बिलासपुर में दो और कांकेर में एक प्रकरण सामने आए हैं। प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 313 हो गई थी। 
इसके बाद 16 नए मामलों से यह 329 हो गई है।


28-May-2020 6:41 PM

आज कोरोना 28

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 28 मई।
आज दोपहर छत्तीसगढ़ में मिले 12 नए कोरोना पॉजिटिव मामलों के अलावा अभी शाम 6 बजे की जांच रिपोर्ट में 16 और कोरोना मरीज मिले हैं। आज शाम तक का कुल नया आंकड़ा 28 का हुआ है। अभी शाम की रिपोर्ट में रायगढ़-2, जशपुर-8, मुंगेली- 2, कांकेर-2, बिलासपुर-1, और कोरिया-1 कोरोना पॉजिटिव निकले हैं।

दोपहर 1.55 बजे की रिपोर्ट यह थी- प्रदेश में कोरोना के 12 और पॉजिटिव प्रकरण सामने आए हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 9 पॉजिटिव केस मुंगेली में मिले हैं। इसके अलावा बिलासपुर में दो और कांकेर में एक प्रकरण सामने आए हैं। प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 313 हो गई थी। 
इसके बाद 16 नए मामलों से यह 329 हो गई है।


28-May-2020 5:38 PM

प्रवासी मजदूरों से ट्रेन-बस भाड़ा न लें, राज्य और रेलवे दें खाना-पीना-सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली, 28 मई। सुप्रीम कोर्ट ने कोरोनावायरस लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों का बदहाली पर गुरुवार को सुनवाई की। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि जिन प्रवासी श्रमिको को सड़कों पर चलते हुए पाया जाए उन्हें तुरंत शेल्टर होम में ले जाया जाए और उन्हें भोजन-पानी उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उन्हें सभी प्रकार की सुविधाएं भी दी जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी प्रवासी मजदूर से घर जाने की यात्रा का एक पैसा भी किराया नहीं वसूला जाए, सारा व्यय राज्य वहन करें। कोर्ट ने कहा कि जहां मजदूर रह रहा है या जहां से यात्रा शुरू हो रही है वो राज्य या जहां उसे जाना है वो राज्य ये आपस में तय कर ले। साथ ही रास्ते मे मजदूरों के खाने पीने और आश्रय का इंतज़ाम राज्य सही ढंग से करें।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार सभी प्रवासी मजदूर यात्रियों का रजिस्ट्रेशन करें। उस मुताबिक ही उनका ट्रेन में बैठना सुनिश्चित करें। साथ ही सड़क पर पैदल जाता कोई भी मजदूर दिखे तो उसे शेल्टर होम में लाकर रखे फिर खाना पीना देकर ट्रेन या बस से उसके गांव तक भेजने का इन्तज़ाम करें। पांच जून को अगली सुनवाई होगी।

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि हमें इस बात की चिंता है कि प्रवासी मजदूरों को घर वापस जाने के दौरान कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हमने नोटिस किया है कि रजिस्ट्रेशन की प्रकिया, ट्रांसपोटेशन के साथ-साथ उनके खाने-पीने के इंतजाम में काफी खामियां हैं। साथ ही कोर्ट ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को घर भेजने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है।

केंद्र और सभी राज्य सरकारों को आदेश की कॉपी दे दी गई है। अगले शुक्रवार तक सभी को कोर्ट में ये ब्यौरा रिपोर्ट दाखिल कर देना है, जिसमें मजदूरों की संख्या, उनके ट्रांसपोर्टेशन का तरीका, रजिस्ट्रेशन का तरीका, उनको दी जा रही सुविधाओं का ब्यौरा सभी कुछ होंगे।

इससे पहले, सुनवाई शुरू होते ही सॉलिसीटर जनरल ने केन्द्र की प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की और कहा कि एक से 27 मई के दौरान इन कामगारों को ले जाने के लिये कुल 3,700 विशेष ट्रेन चलायी गयी और सीमावर्ती राज्यों में अनेक कामगारों को सड़क मार्ग से पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि बुधवार तक करीब 91 लाख प्रवासी कामगारों को उनके पैतृक घरों तक पहुंचाया गया है।

शीर्ष अदालत ने 26 मई को इन कामगारों की दयनीय स्थिति का स्वत: संज्ञान लिया था अैर उसने केन्द्र और सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर इस संबंध में जवाब मांगा था। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि केन्द्र और राज्यों ने राहत के लिये कदम उठाये हैं लेकिन वे अपर्याप्त हैं और इनमें कमियां हैं। साथ ही उसने केन्द्र और राज्यों से कहा था कि वे श्रमिकों को तत्काल नि:शुल्क भोजन, ठहरने की सुविधा उपलब्ध करायें तथा उनके अपने-अपने घर जाने के लिये परिवहन सुविधा की व्यवस्था करें।(khabar.ndtv.com)


28-May-2020 5:32 PM

प्रदेश में इस शनि-रवि को पूर्ण लॉकडाउन नहीं

कंटेनमेंट जोन छोड़ जिले में सभी शासकीय कार्यालय 

दुकानें छह दिन सवेरे 7 से शाम 7 तक 

रायपुर, 28 मई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में गत दिवस आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार राज्य शासन द्वारा आर्थिक गतिविधियों के संचालन, क्वारेंटीन सेंटर्स की व्यवस्थाओं, रेड, आरेंज जोन निर्धारण के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए है। जारी निर्देशों के अनुसार मई माह के अंतिम शनिवार-रविवार को होने वाले पूर्ण लॉकडाउन को निरस्त कर दिया गया है। इसलिए आगामी शनिवार और रविवार को पूर्ण लॉकडाउन नहीं रहेगा। सभी दुकानें और संस्थान जो भारत सरकार के गृह मंत्रालय अथवा राज्य सरकार द्वारा प्रतिबंधित नहीं हैं वे सप्ताह के छह दिन सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक खुली रहेंगी। 
दुकानें और व्यावसायिक संस्थान पहले की तरह खुलेंगी लेकिन वर्तमान में जारी समय सीमा और सप्ताहिक अवकाश का पालन करना होगा। बाजार पूर्व में निर्धारित दिनों और व्यवस्था के अनुसार वर्तमान में तय समय के अनुसार खोले जाएंगे। बहुत घने बाजारों में भीड़ को कम करने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। सड़क किनारे सामान बेचने वालों (स्ट्रीटवेंर्डस) के लिए स्थानीय निकायों द्वारा स्थान और समय का निर्धारण कर फिजिकल डिस्टेंस का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इन व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय व्यापारी संघों के साथ चर्चा के निर्देश दिए गए हैं।
    व्यावसायिक आटो और टैक्सियों का परिचालन 28 मई से परिवहन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार शुरू हो गया है। अंतर्राज्यीय व्यावसायिक बसों और अंतर्राज्यीय व्यावसायिक टैक्सियों का परिचालन आगामी आदेश तक प्रतिबंधित रहेगा। अंतर्राज्यीय आवागमन ई-पास के जरिए हो सकेगा। ई-पास एप को विभिन्न श्रेणियों के लिए स्वचालित रूप से ई-पास जारी करने के लिए अपडेट किया गया है। टेऊन, टैक्सी, ऑटो एवं बस से यात्रियों को चिन्हित मार्ग से उनके गंतव्य तक जाने की अनुमति दी जाएगी। इन वाहनों में यात्रियों की संख्या बैठक क्षमता से अधिक न हो और यात्रियों को अनिवार्य रूप से मॉस्क पहनना होगा और फिजिकल डिस्टेंस बनाए रखना होगा। 
    रेड और आरेंज जोन का निर्धारण स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जाएगा, लेकिन कंटेनमेंट जोन की सीमा का निर्धारण जिला कलेक्टरों द्वारा किया जाएगा। बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि क्वारेंटीन सेंटर्स में सुरक्षा के सभी उपाय सुनिश्चित किए जाए। भवनों के बाहर आवागमन नियंत्रित किया जाए। क्वारेंटीन सेंटर्स में रूकने वालों को बरामदे में खुले में नही सोने दिया जाए। दरवाजों के नीचे खुले हिस्से को ढक कर रखा जाए। सांप और बिच्छु से बचाव के उपाय सुनिश्चित किए जाए। असुरक्षित क्वारेंटीन सेंटर्स को सुरक्षित भवनों और स्थानों पर शिफ्ट किया जाए। क्वारेंटीन सेंटर्स में कमरों के अंदर आवश्यकतानुसार कुलर और अतिरिक्त पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। खाने की गुणवत्ता, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ शौचालय आदि सुविधाओं का ध्यान रखा जाए।  क्वारेंटीन सेंटर्स पर योग प्रशिक्षण और आउटडोर एक्टिविटी और खेल गतिविधियां भौतिक दूरी का ध्यान रख आयोजित की जा सकती हैं। इसके लिए कलेक्टर, एनजीओ और वालेंटियर्स की मदद ले सकते हैं। क्वारेंटीन सेंटर्स में रहने वालों के लिए दैनिक गतिविधियां तय की जाए। क्वारेंटीन सेंटरों की निगरानी के लिए जोनल अधिकारी नियुक्त किए जाए। प्रत्येक क्वारेंटीन सेंटर के लिए प्रभारी अधिकारी रखा जाए जो वहां उपलब्ध सुविधाओं के साथ-साथ सेंटर में रहने वाले की स्वास्थ्य जांच और कोरोना टेस्ट की निगरानी रखेंगे। इन निर्देशों के पालन के लिए प्रभारी अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इन कार्यो में स्थानीय ग्राम पंचायत सचिव और स्थानीय लोगों की सहायता ली जा सकती है। 
क्वारेंटीन सेंटर में रहने वाले जो लोग 14 दिनों की क्वारेंटीन अवधि सफलतापूर्वक पूरी कर लिए हो और जिनमें कोई लक्षण नहीं हैं उन्हें घर जाने की अनुमति दी जाए। यदि किसी में लक्षण मिलते हैं तो उनका टेस्ट निर्धारित एसओपी के अनुसार सुनिश्चित किया जाए। स्थानीय सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव यह सुनिश्चित करेंगे कि घर जाने वाले लोग अगले सात से दस दिन तक अपने घरों में ही रहें। कलेक्टर क्वारेंटीन सेंटर्स में रहने वाले लोगों को तनाव मुक्त करने के लिए काउंसलर्स और मनोवैज्ञानिकों की सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे। क्वारेंटीन सेंटर्स में लोगों के मनोरंजन के लिए टेलीविजन उपलब्ध कराए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
क्वारेंटीन कैम्प में रूके श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उनकी स्किल मेपिंग की जाएगी। इनमें से बहुत से श्रमिकों के कौशल के बारे में जानकारी रजिस्ट्रेशन के समय दी गई है। इस संबंध में श्रम, कौशल विकास विभाग और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सचिव द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। श्रम विभाग द्वारा ऐसे श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा जिनका अब तक रजिस्ट्रेशन नही हुआ है। श्रमिकों का मनरेगा कार्ड, राशन कार्ड, श्रमिक कार्ड बनाए जाएंगे। श्रमिकों का स्किल डेव्हलपमेंट, स्थानीय उद्योगों में रोजगार और सड़क निर्माण जैसे काम दिलाने के लिए रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। श्रमिकों के बच्चों के स्कूली शिक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। जिला पंचायतों को मनरेगा के अंतर्गत धान उपार्जन केन्द्रों पर पक्के चबूतरे निर्धारित मापदंड के अनुसार स्वीकृत करने के साथ मनरेगा में अधिक से अधिक कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे अधिक से अधिक श्रमिकों को बारिश के पहले रोजगार दिया जा सके।
औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों के लिए आने वाले यात्रियों को यदि वे बताते हैं कि वे फैक्ट्री के मेंटेनेेस आदि कार्य के आ रहे हैं, उनके आने जाने के स्थान की जानकारी देने तथा आवेदन करने पर अनिवार्य क्वारेंटीन से छूट दी जा सकती है। कम समय के लिए आने वाले यात्रियों के लिए जिनके पास वापस जाने का कंफर्म टिकट है। उन्हें भी जानेे की अनुमति दी जा सकती है। यह भी प्रस्तावित किया गया है कि स्कूलों को एक जुलाई से प्रारंभ किया जाए इसलिए स्कूल खुलने के पहले स्कूलों को क्वारेंटीन सुविधा हटाकर भवन का सेनेटाईजेशन स्वास्थ्य विभाग से कराना सुनिश्चित किया जाए। विवाह और अंतिम संस्कार के लिए अनुमति देने के अधिकार एसडीएम और तहसीलदारों को देने का निर्णय लिया गया है। विवाह समारोह में अधिकतम 50 लोगों को और अंतिम संस्कार में अधिकतम 20 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। प्रदेश के एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाले श्रमिकों को क्वारेंटीन में नही रखा जाए। पिछले कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ से दूसरे राज्यों में जा चुके श्रमिकों को यह छूट नही मिलेगी। कंटेनमेंट जोन को छोड़कर जिले में सभी शासकीय कार्यालय संचालित होंगे।  


28-May-2020

गुजरात में कोरोना मरीजों की संख्या कम करने के लिए सरकार ने कम किए टेस्ट?

गोपी घांघर
अहमदाबाद, 28 मई।
गुजरात में कोरोना के मरीजों की तादाद को कम करने के लिए कम टेस्टिंग की जा रही है? यह सवाल पिछले एक हफ्ते में हुए कोरोना के टेस्ट के आंकड़े को देखकर उठने लगा है। दरअसल, गुजरात सरकार ने अब तक कोरोना के टेस्ट को लेकर जो आंकड़े अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर डाले हैं, वह दिन-ब-दिन घटते जा रहे हैं।
गुजरात सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 17 मई से 24 मई तक हर रोज औसतन 5 हजार कोरोना टेस्ट किए जा रहे थे, लेकिन 25 मई को 3492 और 26 मई को 2952 टेस्ट किए गए। कांग्रेस बार-बार आरोप लगा रही है कि गुजरात सरकार कोरोना को फैलने से रोकने की जगह पर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही है।
गुजरात सरकार के आंकड़ों के मुताबिक
तारीख- टेस्ट- पॉजिटिव
17/5/2020- 5193- 391
18/5/2020- 5224- 366
19/5/2020- 5851- 395
20/5/2020- 6098- 398
21/5/2020- 5381- 371
22/5/2020- 6410- 363
23/5/2020- 5505- 393
24/5/2020- 4801- 394
25/5/2020- 3492- 405
26/5/2020- 2952- 361
कांग्रेस ने साधा निशाना
कोरोना टेस्ट कम होने पर कांग्रेस के प्रवक्ता जयराज सिंह परमार का कहना है कि सरकार ने प्राइवेट लैब पर पाबंदी लगाई है। अब प्राइवेट लैब को टेस्ट करने से पहले सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है। कोरोना के आंकड़े ज्यादा ना दिखे, इसलिए सरकार ने टेस्टिंग कम कर दी है। ये मानवाधिकार का ही हनन है।
एसोसिएशन ने भी उठाए सवाल
गुजरात के प्राइवेट अस्पताल में कई ऐसे मरीज हैं, जिन्हें अलग-अलग बीमारी है, लेकिन कोरोना टेस्ट न होने के कारण उनका इलाज नहीं हो पा रहा है। अहमदाबाद हॉस्पिटल एंड नर्सिंग होम एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डॉक्टर भरत गढ़वी ने आरोग्य सचिव जयंति रवि को एक लेटर भी लिखा है और पूछा कि प्राइवेट लैब में टेस्ट क्यों बंद किया गया है।
डॉक्टरों पर कोरोना का खतरा
डॉक्टर भरत गढ़वी का कहना है कि प्राइवेट लैब में टेस्ट होने से काफी फायदा होता था। मरीजों की रिपोर्ट जल्दी आ जाती थी और उसके बाद उसकी लाइन ऑफ ट्रीटमेन्ट हम तय कर पाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पा रहा है। अगर किसी मरीज को कोरोना है तो पूरी मेडिकल टीम को बाद में क्वारनटीन होना पड़ेगा। (aajtak.intoday.in)


28-May-2020

देखें VIDEO : छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत का स्पीक अप इंडिया कैंपेन के तहत सन्देश, 'प्ले' पर क्लिक करें -


28-May-2020

भीषण गर्मी जारी, कहीं-कहीं पर लू के 
हालात, सड़कों पर छायी रही वीरानी 

दुर्ग में 45.6, रायपुर में 43.8 

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 28 मई।
राजधानी रायपुर समेत प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर लगातार जारी है और कहीं-कहीं लू की स्थिति बनी हुई है। इस दौरान सबसे अधिक तापमान दुर्ग में 45.6 डिग्री दर्ज किया गया। रायपुर में यह तापमान 43.8 डिग्री रहा। दूसरी तरफ गर्मी के चलते दोपहर में सड़कों पर वीरानी सी छायी हुई है और लोग एसी-कूलर, पंखे के सामने बैठकर गर्मी से बचाव में लगे हैं। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में भारी गर्मी फिलहाल जारी रहेगी। तापमान में थोड़ी बहुत गिरावट आएगी।
 
प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है। आसमान से लगातार आग बरस रहा है। हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम होने के कारण राजस्थान की ओर से लगातार सूखी गर्म हवा आ रही है। सड़कों पर चलने वाले लोग छतरी या गमछों का सहारा लेते हुए गर्मी से बचाव में लगे हैं। हालांकि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमीयुक्त हवा से तापमान में थोड़ी सी गिरावट आई है, लेकिन बस्तर को छोड़कर बाकी जगहों पर उसका ज्यादा असर नहीं देखा जा रहा है। 

मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब से लेकर उत्तरी छत्तीसगढ़ तक एवं विदर्भ से लेकर तमिलनाडु तक दो अलग-अलग द्रोणिका बनी हुई है और उसका असर उत्तर, दक्षिण छत्तीसगढ़ में बना हुआ है। ऐसे में इन जगहों पर कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा का कहना है कि प्रदेश में बारिश सीजन की शुरूआत आज से हो रही है। ऐसे में उत्तर-दक्षिण छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं पर बूंदाबांदी हो सकती है। दूसरी तरफ खाड़ी से नमीयुक्त हवा आने से तापमान में थोड़ी कमी आई है, लेकिन भारी गर्मी जारी रहेगी।
 
तापमान 
रायपुर-43.8, दुर्ग-45.6, नांदगांव-43.5, माना-44.4, बिलासपुर-44.8, पेंड्रारोड-41.6, अंबिकापुर-41.6, जगदलपुर-38.0।