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28-May-2020

रात को रेसिंग-स्टंट, 10 बाइक जब्त

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
भिलाई नगर, 28 मई।
बीती रात स्टंट करते एवं रेसिंग-चेसिंग बाईकर्स गैंग के 10 वाहन जब्त किए गए।

ज्ञात हो कि यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा यातायात संबंधी शिकायत एवं सुझाव की जानकारी प्राप्त करने एवं उसका तत्काल निवारण करने के लिए व्हाट्स-अप नंबर जारी किया गया है। जिसमें कुछ दिन पहले शिकायत आई कि लॉकडाउन के दौरान कुछ लड़कों का ग्रुप भिलाई के सेट्रल एवन्यू मार्ग में रात 7 से 9 बजे दौरान अपने स्पोट्र्स बाईक से स्टंट करते एवं तेज रफ्तार में वाहन चलाते देखे जा रहे हंै। 

उप पुलिस अधीक्षक ने यातायात सुपेला प्रभारी निरीक्षक श्रुति सिंह एवं निरीक्षक भारती मरकाम को निर्देश दिए कि वे अपने टीम के साथ सुनियोजित तरीके से इस बाईकर्स ग्रुप पर कार्रवाई करें। पुलिस टीम ने रात 8 से 10 बजे के बीच 10 बाईकर्स के खिलाफ ग्लोब चौक पर कार्रवाई करते हुए 10 वाहनों को जब्त कर थाना भिलाई नगर में खड़ा किया। 


28-May-2020

आयुर्वेद चिकित्सकों की संविदा अवधि घटाई, मंत्री की नाराजगी के बाद फिर बढ़ी 

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 28 मई।
यह एक ऐसा मामला है जिसमें कोरोना संक्रमण के बीच बरसों से संविदा पर काम कर रहे आयुष चिकित्सकों की संविदा अवधि घटा दी गई। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने आयुष संचालक की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। इसके बाद आदेश संशोधित कर संविदा अवधि 9 महीने और बढ़ाने के आदेश जारी किए गए।
 
प्रदेश में संविदा पर करीब 4 सौ से अधिक आयुष चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। कई चिकित्सक 15 साल से संविदा पर काम कर रहे हैं। इन आयुर्वेद चिकित्सकों को कई बार नियमित करने के लिए फाइल भी चली। मगर अलग-अलग कारणों से इनकी नियुक्ति नहीं हो पाई। राज्य शासन ने भरोसा दिलाया था कि इन संविदा चिकित्सकों को नहीं निकाला जाएगा। हर साल उनकी संविदा अवधि बढ़ाई जाएगी। 

बताया गया कि संविदा पर कार्यरत इन चिकित्सकों का कार्यकाल 31 मार्च के बाद से एक साल के लिए बढ़ाया जाता रहा है। इनमें से ज्यादातर चिकित्सक धुर नक्सल प्रभावित इलाकों में पदस्थ हैं और विपरीत परिस्थितियों में कोरोना संक्रमितों की पहचान करने में जुटे हैं। ज्यादातर चिकित्सकों को क्वॉरंटीन सेंटर की जिम्मेदारी दी गई है। मगर इसी बीच आयुष संचालक जीएस बदेशा के उस प्रस्ताव पर सरकार ने मुहर लगा दी जिसमें इन चिकित्सकों की संविदा अवधि मात्र तीन माह  के लिए बढ़ाई गई। यानी जून में इन सभी की संविदा अवधि खत्म होने वाली थी। और इस आदेश से इन सभी को नौकरी से निकाले जाने की आशंका भी खड़ी हो गई थी। 

कोरोना संकट के मौके पर इन संविदा आयुर्वेद चिकित्सकों की संविदा अवधि कम करने पर नाराजगी फैल गई थी। विपरीत परिस्थितियों में बिना सुरक्षा के ये चिकित्सक क्वॉरंटीन सेंटर में मजदूरों की स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं। ऐसे कठिन मौके पर उनकी संविदा अवधि कम करने की शिकायत अलग-अलग स्तरों पर हुई। यह मामला स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के संज्ञान में लाया गया। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी जाहिर की और स्वास्थ्य सचिव को इन चिकित्सकों की संविदा अवधि 9 माह और बढ़ाने के आदेश दिए हैं। देर शाम तक विधिवत आदेश जारी होने की उम्मीद है।
 
उल्लेखनीय है कि कांकेर में तो एक आयुष चिकित्सक कोरोना की चपेट में आ गया है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बावजूद इसके विपरीत परिस्थितियों में सेवा दे रहे चिकित्सकों की सेवा शर्तों में कटौती की कोशिश की आलोचना भी हो रही है। इसको लेकर आयुष के स्वास्थ्य संचालक निशाने पर हैं। 


28-May-2020

पहली बार विमान से मुंबई से झारखंड लौटेंगे 180 मजदूर

रांची, 28 मई। झारखंड सरकार के प्रयास और एलुमनाई नेटवर्क ऑफ नेशनल लॉ स्कूल बेंगलुरु के सहयोग से एयर एशिया की फ्लाइट से आज सुबह 8:15 बजे झारखंड के 180 प्रवासी मजदूर मुंबई से रांची एयरपोर्ट पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इसके लिए एलुमनाई नेटवर्क ऑफ लॉ स्कूल की सराहना की है।

हवाई जहाज से प्रवासी मजदूरों की घर वापसी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुशी जताते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता में मजदूरों की सकुशल घर वापसी कराना है। इसको लेकर कई तरह के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही लद्दाख और अंडमान निकोबार में फंसे झारखंडी मजदूरों को भी सरकार फ्लाइट से वापस लाएगी।

दरअसल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आग्रह को मानते हुए केन्द्र ने हवाई जहाज से मजदूरों को लाने की स्वीकृति दे दी है। और इस मंजूरी के बाद पहली बार 180 मजदूरों मुम्बई से एयर एशिया के विमान से रांची लाये जा रहे हैं। राज्य के श्रममंत्री सत्यानंद भोक्ता ने इसका स्वागत करते हुए कहा है कि जो भी मजदूर यहां आ रहे हैं, उन्हें रोजगार भी सरकार मुहैया करायेगी। उन्होंने कहा कि अबतक दो लाख प्रवासी झारखंड आ चुके हैं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय गृह मंत्रालय अमित शाह को पत्र लिखकर प्रदेश के प्रवासी मजदूरों को चार्टड प्लेन से वापस लाने की अनुमति मांगी थी। पत्र में लद्दाख, अण्डमान निकोबार और नार्थ ईस्ट में फंसे मजदूरों को चार्टर्ड प्लेन से वापस लाने की अनुमति मांगी थी। झारखंड सरकार का कहना था कि लद्दाख, अण्डमान और नार्थ ईस्ट में फंसे मजदूरों को बस या ट्रेन से लाना संभव नहीं। ऐसे में इन इलाकों से मजदूरों को चार्टर्ड प्लेन से लाने की अनुमति मिलती, तो उनकी सुरक्षित घर वापसी कराई जा सकती है। गत 12 मई को सीएम ने पत्र लिखकर अनुमति मांगी थी। जिस पर गृह मंत्रालय से मंजूरी दे दी गई है। जानकारी के मुताबिक लद्दाख में करीब 200 और उत्तर-पूर्वी राज्यों में करीब 450 झारखंडी श्रमिक फंसे हुए हैं। (hindi.news18.com)


28-May-2020

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28-May-2020

नौ राज्यों तक फैला टिड्डियों का आतंक, प्रशासन तैयार

नई दिल्ली, 28 मई। पाकिस्तान से आए टिड्डी दल ने देश के कई राज्यों की मुसीबत बढ़ा दी हैं। देश के नौ राज्यों पर टिड्डियों का खतरा मंडरा रहा है। इनमें राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य शामिल हैं। 

हालांकि, राज्य सरकार ने इनसे निपटने के लिए कमर कस ली है। साथ ही प्रशासन और किसान भी अलर्ट पर हैं। टिड्डियों के इन दलों को मानसून से पहले तक खत्म करने की तैयारी है, क्योंकि उस समय खरीफ की फसल तैयार होगी और ये उसको भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

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 केंद्र सरकार के टिड्डी चेतावनी संगठन (एलडब्ल्यूओ) ने बताया है कि ये टिड्डियां आने वाले महीनों में किसानों के आगे बड़ा खतरा उत्पन्न करेंगी। इन्हें मानसून से पहले तक खत्म करना जरूरी है, क्योंकि ऐसा नहीं करने पर फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। वर्तमान में टिड्डियां राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में 303 जगहों पर 47 हजार 308 हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा चुकी हैं। 

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झांसी पहुंचा टिड्डी दल
टिड्डियों का दल बुधवार को उत्तर प्रदेश के झांसी पहुंच गया। झांसी मंडल के कृषि उप निदेशक कमल कटियार ने कहा कि इन टिड्डियों को भगाने की कोशिश की जा रही है। इन्होंने एक किलोमीटर के क्षेत्र को कब्जाया हुआ है। साथ ही कीटनाशकों का छिड़काव भी जारी है। इसके अलावा डीजे और बर्तनों से शोर भी किया जा रहा है, ताकि इन्हें भगाया जा सके। दूसरी तरफ, सूबे के ललितपुर, मथुरा और कानपुर देहात समेत 13 जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। 

छिड़काव के लिए 89 दमकल विभाग की गाडिय़ां तैयार
राजस्थान में हालात इस कदर खराब हो चुके हैं कि कृषि विभाग ने जयपुर में टिड्डियों के दल पर नियंत्रण पाने के लिए कीटनाशक का छिड़काव किया है। इसके लिए बकायदा उन्होंने ड्रोन की मदद ली है। वहीं, दमकल विभाग की 89 गाडिय़ों से भी छिड़काव की तैयारी की गई है। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने टिड्डियों से निपटने के लिए 120 सर्वेक्षण वाहन और 810 ट्रैक्टर तैयार किए हैं, जिनसे दवा का छिड़काव किया जाएगा। 

राजनांदगांव में 20 ट्रैक्टर स्प्रेयर की व्यवस्था की गई
बताया गया है कि छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में लाखों की संख्या में टिड्डियां आ सकती हैं। इस हमले के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। किसानों को इनसे बचने के लिए उपाय बताए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि राजनांदगांव में जिला स्तरीय दल गठित किए गए हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसानों से चर्चा कर 20 ट्रैक्टर स्प्रेयर की व्यवस्था की जा रही है।

महाराष्ट्र में फसलों को किया भारी नुकसान
टिड्डियों के दल ने महराष्ट्र के नागपुर में भी प्रवेश कर लिया है। इस दल के रामटेक शहर की ओर बढऩे की संभावना है। टिड्डियों का 17 किमी के इलाके में फैला दल पहले नागपुर के कोटल के फेत्री, खानगांव के खेतों में घुसा। इसके बाद इन्होंने वर्धा में संतरे और सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचाया। (amarujala.com)


28-May-2020

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28-May-2020

सोनिया का केंद्र को सुझाव- खजाने का ताला खोलिए और जरूरतमंदों को राहत दीजिए

नई दिल्ली, 28 मई। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को जनता और बीजेपी को लेकर एक वीडियो संदेश साझा किया है। इस दौरान उन्होंने कोरोनावायरस महामारी की वजह से देश में चुनौतियों का सामना करने वाले देश के तमाम लोगों को संदेश दिया। उन्होंने प्रवासी मजदूरों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना भी साधा। सोनिया गांधी ने कहा, मेरे प्यारे भाइयों और बहनों, पिछले 2 महीने से पूरा देश कोरोना महामारी की चुनौती और लॉकडाउन के चलते रोजी-रोटी-रोजगार के गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। देश की आजादी के बाद पहली बार दर्द का वो मंजर सबने देखा कि लाखों मजदूर नंगे पांव, भूखे-प्यासे, बगैर दवाई और साधन के सैकड़ों-हजारों किलोमीटर पैदल चलकर घर वापस जाने को मजबूर हो गए। उनका दर्द, उनकी पीड़ा, उनकी सिसकी देश में हर दिल ने सुनी, पर शायद सरकार ने नहीं।

उन्होंने आगे कहा, करोड़ों रोजगार चले गए, लाखों धंधे चौपट हो गए, कारखानें बंद हो गए, किसान को फसल बेचने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ीं। यह पीड़ा पूरे देश ने झेली, पर शायद सरकार को इसका अंदाजा ही नहीं हुआ।

वीडियो संदेश में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, पहले दिन से ही, मेरे सभी कांग्रेस के सब साथियों ने, अर्थ-शास्त्रियों ने, समाज-शास्त्रियों ने और समाज के अग्रणी हर व्यक्ति ने बार-बार सरकार को यह कहा कि ये वक्त आगे बढ़कर घाव पर मरहम लगाने का है, मजदूर हो या किसान, उद्योग हो या छोटा दुकानदार, सरकार द्वारा सबकी मदद करने का है। न जाने क्यों केंद्र सरकार यह बात समझने और लागू करने से लगातार इंकार कर रही है।

सोनिया गांधी ने कहा, इसलिए, कांग्रेस के साथियों ने फैसला लिया है कि भारत की आवाज बुलंद करने का यह सामाजिक अभियान चलाना है। हमारा केंद्र सरकार से फिर आग्रह है कि खज़ाने का ताला खोलिए और ज़रूरत मंदों को राहत दीजिये। हर परिवार को छ: महीने के लिए 7,500 रुपए प्रतिमाह सीधे कैश भुगतान करें और उसमें से 10,000 रुपए फौरन दें।

उन्होंने आगे कहा, मजदूरों को सुरक्षित और मुफ्त यात्रा का इंतजाम कर घर पहुंचाएं और उनके लिए रोजी-रोटी का इंतजाम भी करें और राशन का इंतजाम भी करें। महात्मा गांधी मनरेगा में 200 दिन का काम सुनिश्चित करें जिससें गांव में ही रोजग़ार मिल सके। छोटे और लघु उद्योगों को लोन देने की बजाय आर्थिक मदद दीजिये, ताकि करोड़ों नौकरियां भी बचें और देश की तरक्की भी हो।

अपने संदेश के आखिर में सोनिया गांधी बोलीं, आज इसी कड़ी में देशभर से कांग्रेस समर्थक, कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता, पदाधिकारी सोशल मीडिया के माध्यम से एक बार फिर सरकार के सामने यह मांगें दोहरा रहे है। मेरा आपसे निवेदन है कि आप भी इस मुहिम में जुडि़ए, अपनी परेशानी साझा कीजिए ताकि हम आपकी आवाज को और बुलंद कर सकें। संकट की इस घड़ी में हम सब हर देशवासी के साथ हैं और मिलकर इन मुश्किल हालातों पर अवश्य जीत हासिल करेंगे। जय हिंद!


28-May-2020

प्रदेश में 12 और पॉजिटिव

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 28 मई (दोपहर 1.55 बजे)।
प्रदेश में कोरोना के 12 और पॉजिटिव प्रकरण सामने आए हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 9 पॉजिटिव केस मुंगेली में मिले हैं। इसके अलावा बिलासपुर में दो और कांकेर में एक प्रकरण सामने आए हैं। प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 313 हो गई है। शासन से इसकी पुष्टि हो गई है।



28-May-2020

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28-May-2020

नांदगांव-बालाघाट बार्डर पर पहुंचा टिड्डी दल

तीन दल किसी भी समय जिले में कर सकते हैं हमला, किसानों की बढ़ी चिंता

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
राजनांदगांव, 28 मई।
महाराष्ट्र से निकला टिड्डियों का एक बड़ा दल अपनी उड़ान भरते हुए बार-बार दिशा बदल रहा है। राजनांदगांव जिले की बाघनदी और दूसरे सीमा पर टिड्डियों  को रोकने की तैयारी के बीच अब खबर आई है कि टिड्डियों का तीन दल बालाघाट के लांजी इलाके की ओर मुड़ गया है। राजनांदगांव-बालाघाट बार्डर पर अब नए सिरे से टिड्डियों  को रोकने के लिए प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है। 

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मिली जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के अमरावती से उड़े चार में से एक टिड्डियों का दल वापस भी लौट गया है। टिड्डियों पर लगातार नजर रखे हुए कृषि विभाग के अफसर सीमा पर रोकथाम की कोशिश में लगे हुए हैं। इस संबंध में जिला कृषि उप संचालक जीएस धु्रव ने 'छत्तीसगढ़' को बताया कि बार्डर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।  टिड्डियों का दल फिलहाल बालाघाट के लांजी की ओर बढ़ा है।

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इधर टिड्डियों के हमला होने की आशंका से किसान परेशान हैं। किसानों के लिए फसलों को बचाने की कठिन चुनौती खड़ी हो गई है। गर्मी की फसल को टिड्डियां चट कर सकते हैं। यही बात किसानों को परेशान कर रही है। हालांकि राजनांदगांव जिले में टिड्डियों के हमले का खतरा पूरी तरह से टला नहीं है।

कृषि अफसर यह मान रहे हैं कि टिड्डियां किसी भी समय जिले में पहुंच सकती है। बताया जा रहा है कि दल में लाखों की तादाद में टिड्डियां उड़ रही है। महाराष्ट्र के अमरावती, भंडारा तथा गढ़चिरौली इलाकों में टिड्डियों ने किसानों के फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि टिड्डी दल करीब एक दिन में 150 किमी का सफर तय कर रहा है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर पूरी तैयारी की गई है। राजनांदगांव जिले के अफसरों का केंद्र के कृषि विभाग के अफसरों के साथ संपर्क भी है। केंद्र ही सेटेलाईट के जरिए टिड्डियों पर नजर रखे हुए है और उसके बाद राज्य के अफसरों को  सूचना दी जा रही है। 


28-May-2020

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28-May-2020

छग में कोरोना आंकड़ा 
369 पहुंचा, 286 एक्टिव 

एम्स समेत सरकारी अस्पतालों में इलाज

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 28 मई।
प्रदेश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा कम-ज्यादा  होते हुए अब 369 तक पहुंच गया है। इसमें से 286 मरीजों का एम्स  समेत सरकारी अस्पतालों में जारी है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि एम्स के साथ ही रायपुर, जगदलपुर व रायगढ़ मेडिकल कॉलेज लैब में कोरोना संदिग्धों की जांच चल रही है। फिलहाल और कोई पॉजिटिव सामने नहीं आए हैं। 

प्रदेश में कोरोना की शुरूआत रायपुर से हुई। इसके बाद धीरे-धीरे बिलासपुर, भिलाई, नांदगांव, कटघोरा कोरबा से मरीजों के आने का क्रम शुरू हुआ। ये मरीज ठीक होकर अपने घर भी जाते रहे। प्रदेश में प्रवासी मजदूरों के आने के साथ कोरोना मरीजों की संख्या बढऩे लगी और यह अब यह ढाई सौ पार कर चुका है। जानकारी के मुताबिक सबसे अधिक 70 मरीज मुंगेली से सामने आए हैं और ये सभी भर्ती हैं। बिलासपुर में 43 मरीज पाए गए हैं, जिसमें से 42 भर्ती हैं। कोरबा से 41 मरीज सामने आए थे, जिसमें से 12 ही अस्पताल में हैं। राजनांदगांव में 35 पॉजिटिव पाए गए हैं, जिसमें से 34 भर्ती हैं। 

बालोद में 24 पॉजिटिव निकले हैं, इसमें से 14 का इलाज जारी है। बलौदाबाजार में 20 पॉजिटिव में 16 अस्पताल में हैं। जांजगीर में सामने आए 15 मरीजों में 10 भर्ती हैं। बेमेतरा में 15 में से सभी 15 का इलाज जारी है। कबीरधाम में 13 मिले हैं, जिसमें से 6 भर्ती हैं। इसी तरह दुर्ग, रायगढ़, रायपुर, सरगुजा, सूरजपुर, कांकेर, कोरिया, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बलरामपुर, धमतरी, जगदलपुर व जशपुर में भी एक से लेकर 10-11 तक कोरोना मरीज मिले हैं। इसमें से रायपुर, सूरजपुर समेत कई जगहों के कई मरीजों की छुट्टी हो चुकी है। बाकी का इलाज जारी है। 

स्वास्थ्य अफसरों का कहना है कि एम्स समेत उनके सरकारी कोरोना अस्पतालों में मरीजों का इलाज जारी है और कई मरीज ठीक होकर अपने घर वापस पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि बाकी मरीज भी इसी तरह ठीक होकर अपने घर चले जाएंगे।
 
83 मरीज स्वस्थ
प्रदेश में अभी तक जो कोरोना मरीज सामने आए हैं, इसमें से 83 स्वस्थ होकर अपने घर चले गए हैं। कोरबा से सबसे अधिक 29 कोरोना पॉजिटिव स्वस्थ हुए हैं। इसके बाद दुर्ग, बालोद से 10-10 ठीक हो चुके हैं। कबीरधाम, रायपुर, सूरजपुर से 7-7 स्वस्थ हुए हैं। जांजगीर से 5, बलौदाबाजार से 4 एवं कोरिया, गरियाबंद, नांदगाव, बिलासपुर से एक-एक मरीज ठीक हो चुके हैं। 


28-May-2020

दर्जन भर से अधिक जनपद सीईओ बदले गए

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 28 मई।
सरकार ने 17 जनपद के सीईओ को इधर से उधर किया है। इनमें से ज्यादातर अनुसूचित इलाकों के हैं। कहा जा रहा है कि तबादले में नेताओं की सिफारिशों को ध्यान में रखा गया है। 
तबादला आदेश इस प्रकार है-


28-May-2020

परिजनों का हंगामा, लापरवाही का आरोप

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बालोद, 28 मई।
जिले के गुंडरदेही विकासखंड अंतर्गत ग्राम टेंगा के क्वारंटीन सेंटर में बीती रात चार माह के मासूम की तबियत बिगडऩे पर 108 से जिला अस्पताल लाया गया। जहां आज सुबह 6 बजे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।

विधायक ने भी मामले को संज्ञान में लिया है और अपनी टीम को मामले को समझने जिला अस्पताल भेजा। जहां उच्च स्तरीय मामले की जांच को लेकर विधायक प्रतिनिधियों ने कलेक्टर के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। वहीं मासूम की जांच के लिए एम्स भेजी गई कोरोना रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। बताया जा रहा है कि विधायक और कलेक्टर ने जल्द रिपोर्ट देने के लिए एम्स से संपर्क किया ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके।

जानकारी के अनुसार निषाद दंपत्ति चंद्रपुर महाराष्ट्र से 24 मई को अपने साधन से आए थे जहां उन्हें क्वारंटीन में रखा गया था। बुधवार को क्वारंटीन सेंटर में तबियत बिगडऩे से मासूम को जिला अस्पताल लाया गया। जहां आज सुबह 6 बजे बच्चे की मृत्यु हो गई। परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजन मासूम के शव को अस्पताल प्रबंधन को नहीं दे रहे थे जिसके बाद पुलिस को सामने आना पड़ा। पुलिस द्वारा मां से बच्चे के शव को लेकर अस्पताल प्रबंधन को सौंपा गया। सुबह अस्पताल में परिजनों की भीड़ लगी रही।

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परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जब बच्चे को अस्पताल लाया गया तो डॉक्टर ने कहा कि इसे यहां लाने की क्या आवश्यकता है। इनका इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी किया जा सकता है। बच्चे के पास जाने से भी डॉक्टर कतराते रहे। परिजनों ने बताया कि पीपीई किट पहनने में भी डॉक्टरों ने काफी समय लगाया जिसके कारण से हमारी बच्चे ने तड़प कर दम तोड़ दिया। परिजन अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि छोटे से लेकर बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। 
 
इस संबंध में सिल्ली थॉमस, एसडीएम बालोद ने बताया कि युवराज निषाद के चार माह के बच्चे की मौत हो गई है। इस संबंध में युवराज निषाद के भाई ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया है। मैंने अभी जांच नहीं की है। वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई है। आगे कलेक्टर के निर्देश पर जो भी कार्रवाई होगी की जाएगी। परिजन अभी कोविड अस्पताल में हैं इसलिए उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। मृत बच्चे के चाचा से मुलाकात हुई है। 


28-May-2020

देश में कोरोना संक्रमण फिर बढ़ा, 1.58 लाख पार

नयी दिल्ली, 28 मई (वार्ता)। देश में दो दिन तक कोरोना वायरस (कोविड 19) से संक्रमण के नये मामलों में आंशिक कमी के बाद पिछले 24 घंटों के दौरान एक बार फिर वृद्धि दर्ज की गयी है और 6566 नये मामलों के साथ संक्रमितों की कुल संख्या 1,58,333 पर पहुंच गयी तथा इस अवधि में 194 लोगों की मौत के साथ मृतकों का आंकड़ा 4531 पर पहुंच गया है।

पिछले 24 घंटों के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में इससे संक्रमित 3266 लोग ठीक हुए हैं जिससे स्वस्थ हुए लोगों की कुल संख्या 67692 हो गयी है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी किये गये आंकड़ों के अनुसार देश के विभिन्न राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेश में अब तक इससे 1,58,333 लोग संक्रमित हुए हैं तथा 4531 लोगों की मौत हुई है। देश में फिलहाल कोरोना के कुल 86110 सक्रिय मामले हैं। देश में बुधवार और मंगलवार को नये मामलों में कमी देखी गयी थी। बुधवार को 6387 तथा मंगलवार को 6535 नये मामले सामने आये थे।

महाराष्ट्र इस महामारी से देश में सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। इस राज्य में कोरोना ने बहुत कहर बरपाया है। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में 2190 नये मामले सामने आये हैं। इसके बाद राज्य में अब तक इससे प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 56,948 हो गई है। राज्य में इस जानलेवा विषाणु से अब तक 1897 लोगों की मौत हुई है तथा 17,918 इसके संक्रमण से ठीक हुए हैं।

कोरोना वायरस से प्रभावित होने के मामले में तमिलनाडु दूसरे नंबर पर है। तमिलनाडु में अब तक 18,545 लोग इससे संक्रमित हुए हैं तथा 133 लोगों की मृत्यु हुई है जबकि 9909 लोगों को उपचार के बाद विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी मिल चुकी है। कोविड-19 से प्रभावित होने के मामले में देश का पश्चिमी राज्य गुजरात तीसरे नंबर पर है। गुजरात में अब तक 15,195 लोग इससे संक्रमित हुए हैं तथा 938 लोगों ने जान गंवाई है। इसके अलावा 7549 लोग इस बीमारी से उबरने में कामयाब हुए हैं।

कोरोना के कारण राष्ट्रीय राजधानी की भी स्थिति काफी ङ्क्षचताजनक बनी हुई है। दिल्ली में 15,257 लोग संक्रमित हुए हैं तथा 303 लोगों ने जान गंवाई है। वहीं 7264 मरीजों को उपचार के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है।

राजस्थान में भी कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है। यहां कोरोना संक्रमितों की संख्या 7703 हो गयी है तथा 173 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4457 लोग पूरी तरह ठीक हुए हैं।

आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में कोरोना की चपेट में अब तक 6991 लोग आए हैं तथा 182 लोगों की मौत हुई है। वहीं 3391 लोग इससे ठीक हुए हैं। पश्चिम बंगाल में 4192  लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं तथा 289 लोगों की मौत हो चुकी है और अब तक 1578 लोग ठीक हुए है। तेलंगाना में अब तक कोरोना से 2098 लोग संक्रमित हुए हैं तथा 63 लोगों ने कोरोना के कारण जान गंवाई है। वहीं 1284 लोग अब तक इससे ठीक हुए हैं।

दक्षिण भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश में 3171 और कर्नाटक में 2418 लोग संक्रमित हैं तथा इन राज्यों में इससे मरने वालों की संख्या क्रमश: 58 और 47 है। वहीं केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1921 हो गई है और 26 लोगों की मृत्यु हुई है। पंजाब में 40, हरियाणा में 18, बिहार में 15, ओडिशा और केरल में सात-सात,  हिमाचल प्रदेश में पांच, झारखंड, असम ,चंडीगढ़ और उत्तराखंड में चार-चार तथा मेघालय में इस महामारी से एक व्यक्ति की मौत हुई है।


28-May-2020

टिड्डी-हमले की आशंका, महासमुन्द सतर्क 

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
महासमुंद, 28 मई।
चंद मिनटों में फसलों को चट करने वाले टिड्डी दल के राज्य में आक्रमण की आशंका के मद्देनजर महासमुन्द जिले का कृषि विभाग भी सतर्क हो गया है। 

ज्ञात हो कि कल कृषि मंत्रालय भारत का पत्र आने के बाद प्रमुख सचिव डॉ. मनिन्दर कौर द्विवेदी ने समस्त कलेक्टरों को टिड्डी दल के आक्रमण की सम्भावना बताते हुए ऐसा होने पर तत्काल सूचना देने तथा नियंत्रण हेतु अनुसंशित दवाओं का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। कृषि विभाग ने इसके लिए तैयारी शुरू भी कर दी है। कृषि विभाग के अनुसार राजस्थान से होते हुए महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश तक टिड्डों का दल पहुंच गया है और किसी भी दिशा से इनके छत्तीसगढ़ में प्रवेश करने की संभावना है। 

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महासमुन्द कृषि विभाग के मुताबिक कल बुधवार को तड़के 4 बजे एक टिड्डी दल लोकस्ट स्वार्म सिंगरौली की तरफ बढ़ा था जो छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिले कोरिया, सूरजपुर बलरामपुर जिले में आक्रमण कर सकते हैं। दूसरी दिशाओं से भी इनके छत्तीसगढ़ में आक्रण की संभावना है। महासमुन्द जिला कलेक्टर ने कल ही इस मामले में टिड्डे दलों के आक्रमण से निपटने की तैयारी करने के निर्देश दे दिए हैं साथ ही आपदा प्रबंधन मद के खर्च की व्यवस्था करने कहा गया है। इतना ही नहीं कृषि अमले के साथ-साथ गांवों के किसानों को भी सचेत करने तथा मैदानी स्तर पर सख्त निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। 

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार टिड्डी बहुत ही डरपोक होने के कारण समूह में होते हैं। ये किसानों के  सबसे बड़े शत्रु हैं। एक दिन में 150 किलो मीटर का सफर उड़कर तय सकते हैं। हवा की गति भी इनकी आगे बढऩे की रफ्तार तय करती है। ये सामूहिक रूप से लाखों की संख्या में उड़ते हैं तथा जहां भी बैठ जाए पेड़ पौधे, फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। प्राय: देखा गया है कि शाम को 6-9 के बीच खेतों में इनका झुंड उतरता है। चमकीले पीले रंग के, पिछले लम्बें पैरों वाले इन टिड्डों को फसल का दुश्मन कहा जाता है। खरीफ, रबी फसलों के अवाला ये पेड़ों के फल, फूल पत्ते, बीज, पेड़ की छाल सब कुछ नष्ट कर देते हैं। 

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इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय रायपुर के वैज्ञानिकों के अनुसार टिड्डी दल जब आकाश में दिखाई पड़े तो उनको जमीन पर अथवा खेतों में उतरने से रोकने का उपाय करना चाहिए। किसान तत्काल अपने खेत के आसपास मौैजूद घास फूस का उपपोग करके धुंआ करे। इससे टिड्डी दल धुंए वाले खेतों में न बैठकर आगे निकल जाएगा। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से आवाज कर, खेतों में पटाखे फोड़कर, थाली बजाकर, ढोल नगाड़े बजाकर, ट्रैक्टर के साइलेंसर को निकालकर ध्वनि कर उन्हें खेत में उतरने से रोका जा सकता है। 


28-May-2020

बच्चों की मौत पानी में डूबने से : पीएम रिपोर्ट

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
महासमुंद, 28 मई।
जिले के बागबाहरा क्षेत्र में ग्राम बाघामुड़ा में कल शाम तालाब में डूबने से दो सगे भाइयों की मौत के बाद आज सुबह साढ़े 10 बजे दोनों के शवों का पोस्टमार्टम हुआ। महासमुन्द जिला मुख्यालय स्थित सौ बिस्तर अस्पताल के डॉक्टरों ने दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बच्चों की मौत पानी में डूबने से बताई गई है। समाचार लिखे जाने तक परिजन शवों को लेकर बाघामुड़ा के लिए रवाना हुए हैं। 

बच्चों के पिता हरेश देवांगन ने बातचीत में कहा कि दोनों ही रोज एक साथ नहाते, एक साथ खाते और खेलते थे। एक साथ विदा भी हो गए। इसीलिए दोनों के शवों को एक ही स्थान पर अगल-बगल में दफन किया जाएगा। दोनों बच्चों की मौत से पूरा गांव शोक में डूबा है और कल रात से गांव के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला है। 

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ज्ञात हो कि कल शाम ग्राम बाघामुड़ा निवासी दोनों बच्चे पोखराज देवांगन 7 वर्ष और मोहित देवांगन 5 वर्ष शाम को खेलते-खेलते तालाब चले गए। गर्मी बहुत होने से दोनों बच्चे तालाब में नहाने उतर गए। देखते ही देखते दोनों गहरे पानी में चले गए और डूबने से उनकी मौत हो गई। तालाब के पास ही गांव के कुछ युवक क्रिकेट खेल रहे थे। जब वे खेल खत्म कर तालाब में हाथ-मुंह धोने गये, तब तालाब की घाट में बच्चों के कपड़ों को पड़े देखा। आशंका होने पर क्रिकेट खेलकर तालाब पहुंचे युबकों ने तालाब के भीतर पानी में बच्चों की खोजबीन शुरू की तो दोनों ही बच्चे बेहोश मिले। पानी से बाहर निकालकर बच्चों को बेहोशी की हालत में ही 112 की मदद से बागबाहरा अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया था। 


28-May-2020

टिड्डियों का हमला कितना नुकसान पहुँचा रहा?

प्रदीप श्रीवास्तव
झांसी से, 28 मई।
करीब तीन दशक बाद बुंदेलखंड में टिड्डियों का हमला हुआ है। करोड़ों की संख्या में टिड्डों ने बुंदेलखंड के दतिया, झांसी और ललितपुर के कई गाँवों पर धावा बोला है। यहाँ पेड़, पौधों और सब्जियों को नुकसान पहुँचाते हुए टिड्डे मध्य प्रदेश की ओर चले गए। रबी की फसल की कटाई के कारण ज़्यादातर नुक़सान सब्जिय़ों की फसलों को हुआ है। करोड़ों की संख्या में टिड्डियों को देख कर किसान और आम लोग डरे हुए हैं।

झांसी मंडल के उप कृषि निदेशक कमल कटियार ने बीबीसी को बताया कि यह टिड्डी दल ईरान में पैदा हुआ, जो पाकिस्तान के रास्ते राजस्थान, गुजरात व मध्य प्रदेश होते हुए बुंदेलखंड पहुँचा है।


पहले टिड्डी दल बुंदेलखंड नहीं आता था। कऱीब &0 साल बाद पहली बार बुंदेलखंड में इसका हमला हुआ है। क्योंकि, लॉकडाउन में मानव गतिविधियां कम होने के कारण इनकी संख्या अरबों में पहुँच गई और यह अब ज़्यादा दूर तक सफऱ तय कर रहे हैं। यह टिड्डे तब तक सफऱ करते हैं, जब तक मर नहीं जाते हैं।
21 मई 2020 का संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एंव कृषि संगठन का ताज़ा बुलेटिन भी टिड्डियों के प्रजनन व प्रवास की जानकारी देता है।


इसमें कहा गया है कि ईरान और दक्षिण-पश्चिम पाकिस्तान में टिड्डियों का वसंत प्रजनन जारी है और वे जुलाई तक भारत-पाकिस्तान की सीमा पर जाते रहेंगे। भारत-पाकिस्तान सीमा में जून की शुरुआत में होने वाली बारिश से टिड्डों के अंडों को फलने फूलने में मदद मिलेगी।

तीन किलोमीटर लंबा टिड्डी दल
कमल कटियार का कहना है कि झांसी में आने वाला टिड्डी दल कऱीब तीन किलोमीटर लंबा है। जि़ला प्रशासन के सूचना विभाग की प्रेस विज्ञाप्ति के अनुसार झांसी में पहला टिड्डी दल 22 मई की शाम को आया। रात होने के कारण यह सो गया और सुबह मध्य प्रदेश के छतरपुर चला गया। वहाँ से सतना होते हुए रीवा पहुंचा। दूसरा हमला 24 मई को हुआ। सुबह के समय कीटों का समूह जिले के बरुआसागर ब्लॉक पहुंच गया। यहाँ छह से अधिक गांवों में सब्जियों की खेतों को नुकसान पहुंचाया।

झांसी में सबको सतर्क रहने के निर्देश
टिड्डी दल के हमले को देखते हुए झांसी में जिला प्रशासन ने सबको सतर्क रहने का निर्देश जारी किया है। झांसी के जिलाधिकारी आन्द्रा वामसी ने आला अधिकारियों के साथ बैठक कर टिड्डी दल को ख़त्म करने और उनकी रोकथाम के लिए कई प्रकार के निर्देश जारी किए। लोगों को तत्काल आपदा कंट्रोल रूम को जानकारी देने को कहा गया है, जिससे इमरजेंसी के हालत में राहत पहुँचाई जा सके।

बैठक में डीएम ने बताया कि किसान किसी भी दशा में टिड्डी दल को अपने खेत में न आने दे, उन्हें तेज आवाज के माध्यम से भगाएँ। रिजर्व वाटर बॉडीज पर विशेष सतर्कता बनाए रखें। क्षेत्र में तेज आवाज के साउंड सिस्टम की व्यवस्था करें।

भारत सरकार की सात टीम लगातार मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में दौरे पर है। इसके अतिरिक्त जनपद की कृषि विभाग की टीम भी क्षेत्र में टिड्डी दल पर कार्रवाई करने को तैयार है।

चट कर गए सब्जियों की खेती
बुंदेलखंड के किसान पंयायत के अध्यक्ष व किसान नेता गौरी शंकर बिदुआ बीबीसी से बात करते हुए कहते हैं कि टिड्डियों ने यहाँ ज़्यादा नुक़सान तो नहीं पहुंचाया, लेकिन लॉकडाउन के कारण किसानों ने जो सब्ज़ी पैदा की थी, उसे भी यह टिड्डे चट कर गए। चूँकि, यह दशकों बाद आएँ हैं, इसलिए अब खतरा यह होगा कि यह हर साल यहाँ आएँगे।

बुंदेलखंड के सामाजिक कार्यकर्ता संजय सिंह भी कहते हैं कि बुंदेलखंड में सूखा पहले से ही था, अब यह टिड्डे बहुत बड़ी आफत बनेंगे। जिले के बरुआसागर ब्लॉक के उजियान गांव के किसान स्वदेश सिंह का कहना है कि उन्होंने पांच बीघा खेत में बैंगन, तोरई, अरबी, तीली और बाजरा आदि लगा रखी थी। टिड्डियों ने 70 प्रतिशत से ज़्यादा सब्जियों को खा लिया।

वहीं, बबीना ब्लॉक के हस्तिनापुर गांव के किसान राम कुमार कहते हैं कि उनकी सात बीघे की खेती बर्बाद हो गई। उन्होंने खीरा और अरबी की सब्जी लगाई थी, जिसके फूल और पत्तों को टिड्डों ने खा लिया। उनकी 60 प्रतिशत से ज़्यादा सब्जियाँ चैपट हो गई हैं।

एक दिन में खाते हैं दस हाथी के बराबर
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान विभाग के प्रोफेसर संतोष पांडेय बताते हैं कि झुंड में चलने वाले टिड्डी गाढ़े पीले रंग के होते हैं। यह चार इंच तक लंबे हो सकते हैं। यह हवा के बहाव व नमी की दिशा की ओर चलते हैं। जहाँ रुकते हैं, वहाँ पेड़, पौधों, फसलों आदि को खा जाते हैं। यह रात में सो जाते हैं। नए पत्तों में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट ज्यादा मात्रा में होने के कारण यह सूखे पत्तों और पौधों को ज्यादा पसंद नहीं करते हैं।

मादा कीट ऊर्जा को लिपिड के रूप में संग्रहित करती हैं, जिसमें पानी होता है। डेढ़ लाख टिड्डियों का वजन लगभग एक टन हो सकता है, जो एक दिन में 10 हाथियों के बराबर खाना खाते हैं। बुंदेलखंड के कई हिस्सों में बलुई मिट्टी पाई जाती है, जो इनके प्रजनन के लिए अनुकूल है। (bbc.com/hindi)


28-May-2020

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