सामान्य ज्ञान

भारत और अन्य देशों में समय अंतर
21-Nov-2021 11:42 AM (37)

भारत में अगर दिन है, तो जरूरी नहीं है कि दुनिया के अन्य देशों में भी उस वक्त दिन हो। जब भारत में दोपहर के 12 बजते हैं, तो आइये देखें दुनिया के प्रमुख क्षेत्रों में उस वक्त कितना समय हुआ होता है-

देश               समय

भारत              दोपहर 12.00

पाकिस्तान          दोपहर 11.30

न्यूयार्कं            दोपहर 1.30

टोकियो            दोपहर 3.30

सिंगापुर            दोपहर 1.30

हांगकांग            शाम 7.00

सेनफ्रांसिस्को        रात्रि 1.30

रोम               सुबह 7.30

पेरिस              सुबह 6.30

मास्को                   सुबह 9.30

लंदन              सुबह 6.30

भारत में रेडियो सेवा कब शुरू हुई?
21-Nov-2021 11:41 AM (43)

भारत में रेडियो प्रसारण का आरंभ 23 जुलाई 1927 को हुआ था। आज़ादी के बाद भारत भर में कई रेडियो स्टेशनों का बड़ा नेटवर्क तैयार हुआ। पचास के दशक के उत्तराद्र्ध  में आकाशवाणी के प्राईमरी-चैनल देश के सभी प्रमुख शहरों में सूचना और मनोरंजन की ज़रूरतें पूरी कर रहे थे। किन्हीं कारणों से उस वक्त  आकाशवाणी से फिल्मी- गीतों के प्रसारण पर रोक लगा दी गयी थी। ये फिल्म-संगीत का सुनहरा दौर था। फिल्म जगत के तमाम कालजयी संगीतकार एक से बढक़र एक गीत तैयार कर रहे थे।

उन दिनों श्रीलंका ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन की विदेश सेवा, जिसे हम और आप रेडियो सीलोन के नाम से जानते हैं, हिंदी फिल्मों के गीत बजाती थी और अपने प्रायोजित कार्यक्रमों के ज़रिये तहलका मचा रही थी। ऐसे समय में आकाशवाणी के तत्कालीन महानिदेशक गिरिजाकुमार माथुर ने पंडित नरेंद्र शर्मा, गोपालदास, केशव पंडित और अन्य सहयोगियों के साथ एक अखिल भारतीय मनोरंजन सेवा की परिकल्पना की। इसे नाम दिया गया विविध भारती सेवा। आकाशवाणी का पंचरंगी कार्यक्रम। यहां पंचरंगी का मतलब ये था कि इस सेवा में पांचों ललित कलाओं का समावेश होगा। तमाम तैयारियों के साथ 3 अक्तूबर, 1957 को विविध भारती सेवा मुंबई में शुरू की गयी। विविध भारती पर बजा पहला गीत पंडित नरेंद्र शर्मा ने लिखा था और संगीतकार अनिल विश्वास ने स्वरबद्ध किया था। इसे प्रसार गीत कहा गया और इसके बोल थे नाच मयूरा नाच। इसे मशहूर गायक मन्ना डे ने स्वर दिया था। आज भी ये गीत विविध भारती के संग्रहालय में मौजूद है। अखिल भारतीय मनोरंजन सेवा विविध भारती की पहली उद्घोषणा शील कुमार ने की थी। आगे चलकर इस श्रेणी में जो अविस्मरणीय नाम जुड़ा वह था अमीन सयानी का।

विविध भारती सेवा का स्टूडियो मुंबई में था। देश भर के बहुत काबिल निर्माताओं और उद्घोषकों को विविध भारती के लिए बुलवाया गया था। ताकि आकाशवाणी की ये मनोरंजन सेवा शुरू होते ही बेहद लोकप्रिय हो जाये।

विविध (भारती) असल अंग्रेज़ी के मिस्लेनियस शब्द का हिन्दी अनुवाद है, जो पंडित नरेन्द्र शर्मा ने इस नई सेवा को दिया था, जब उन्हें 50 के दशक में फि़ल्मी लेखन से रेडियो में बतौर अधिकारी बुलाया गया। विविध भारती भारत मे सार्वजनिक क्षेत्र के रेडियो चैनल आकाशवाणी की एक प्रमुख प्रसारण सेवा है। भारत में रेडियो के श्रोताओं के बीच ये सर्वाधिक सुनी जाने वाली और बहुत लोकप्रिय सेवा है। इस पर मुख्यत: हिन्दी फि़ल्मी गीत सुनवाये जाते हैं। इसकी शुरुआत 3 अक्टूबर 1957 को हुई थी। वर्ष 2006-2007, विविध भारती के स्वर्ण जयंती वर्ष के रूप मे भी मनाया। प्रारम्भ मे इसका प्रसारण केवल दो केन्द्रों, बम्बई तथा मद्रास से होता था। बाद मे धीरे धीरे लोकप्रियता के चलते आकाशवाणी के और भी केन्द्र इसका प्रसारण करने लगे। वर्तमान मे अनेक  केन्द्र आकाशवाणी की विज्ञापन प्रसारण सेवा के रूप में अपने श्रोताओं को विविध भारती के कार्यक्रम सुनवाते हैं।

हर दिन हॉट सीट 21 नवंबर
21-Nov-2021 11:37 AM (39)

1. निम्नलिखित योजनाओं में से कौन-सी योजना जयप्रकाश नारायण की जयंती पर प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गई है?

(अ) संसद आदर्श ग्राम योजना (ब) प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (स) जन धन योजना (द) इनमें से कोई नहीं

2. हाल ही मे जम्मू एवं कश्मीर के किस फर्जी मुठभेड़ मामले में जनरल कोर्ट मार्शल ने 4 राजपूताना राइफल्स के पांच सैन्यकर्मियों को उम्रकैद की सजा की सिफारिश की है?

(अ) पथरीबल केस (ब) माकचिल केस (स)सोपोर केस (द) इनमें से कोई नहीं

3. कितने देशों को एक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए अपने स्वास्थ्य लाभ की पहचान करने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने भारत के संकल्प को सह-प्रायोजित किया है?

(अ) 123 (ब) 125 (स) 128 (द) 130

4. कंप्यूटर सिस्टम के किस भाग को भौतिक रूप से स्पर्श किया जा सकता है?

(अ) डाटा (ब) ऑपरेटिंग सिस्टम (स) हार्डवेयर (द) सॉफ्टवेयर

5. डॉट मैट्रिक्स किसका एक प्रकार है?

(अ) टेप (ब) डिस्क (स) प्रिंटर (द) बस

6. गेहूं के पौधे का रासायनिक नाम होता है?

(अ) जिया मेज (ब) औरिजा सैटाइवा (स) होर्डियम वुल्गेयर (द) ट्रिटीकम एस्टीवम

7. कपास के रेशे किस प्रकार के होते हैं?

(अ) तने से निकाले गए तंतु (ब) बीजों के अधिचर्मी रोम (स) फलों के अधिचर्मी रोम (द) जड़ों से निकाले गए तंतु

8. दक्षिण पूर्व एशिया में जनसंख्या मुख्य रूप से कहां  केंद्रित है?

(अ) बाढ़ के मैदानों पर (ब) चौरस पठारों पर (स) ऊंचे दोआबों में (द) नदी घटियों के ऊपरी भाग में

9. किस देश की लगभग 97 प्रतिशत जनसंख्या उसके लगभग 3 प्रतिशत भू-भाग पर निवास करती है?

(अ) मिस्र (ब) तुर्की (स) न्यूजीलैंड (द) ऑस्ट्रेलिया

10. कृत्रिम उपग्रह को अंतरिक्ष में प्रक्षेपण करने वाला पहला देश कौन सा था?

(अ) रूस (ब) अमेरिका (स) दक्षिण कोरिया (द) भारत 

11. सिरका का रासायनिक नाम क्या है?

(अ) ब्यूटानोइक एसिड (ब) एथेनोइक एसिड (स) मेथेनोइक एसिड (द) प्रोपेनाइक एसिड

12. इंग्लैंड का बगीचा कहलाता है?

(अ) ऑक्सफोर्ड (ब) केंट (स) लंदन (द) एवरडीन

13. निम्नलिखित मेें से किसे गार्डेन प्रोविन्स ऑफ साउथ अफ्रीका कहा जाता है?

(अ) केप प्रांत (ब) ईस्ट लंदन (स) नेटाल प्रांत (द) प्रिटोरिया

14. भारत में डेल्टा बनाने वाली नदियां निम्नलिखित में से कौन-कौन सी हैं?

(अ) गंगा, महानदी, नर्मदा (ब) कृष्णा, गंगा, तापी (स) कावेरी, गंगा, महानदी (द) नर्मदा, तापी, कृष्णा

15. निम्नलिखित में से किस स्थान पर भागीरथी और अलकनंदा मिलकर गंगा बन जाती है?

(अ) कर्ण प्रयाग (ब) देव प्रयाग (स) रूद्र प्रयाग (द) गंगोत्री

16. अरावली पर्वता श्रृंखला निम्नलिखित नदी प्रणाली से द्वि विभाजित होती है?

(अ) चंबल और सरस्वती (ब) चंबल और साबरमती (स) नर्मदा और बनास (द) लूनी और बनास

17. निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने पोजिट्रॉन की खोज की है?

(अ) चैडविक (ब) युकावा (स) एंडरसन (द) रदरफोर्ड

18. परमाणविक नाभिक खोजने वाले वैज्ञानिक का नाम क्या है?

(अ) रदरफोर्ड (ब) डॉल्टन (स) आइंसटीन (द) थॉमसन

19. हाइड्रोजन वर्ण क्रम में सबसे पहले किस श्रेणी की खोज हुई?

(अ) लाइमन की (ब) बामर की (स) पाश्चन की (द) फुंड की

20. किसी उत्पति-माध्यम में अकेली कोशिका से पैदा होने वाली कोशिकाएं कहलाती है

(अ) हेण्लॉइड (ब) होमोप्लॉइड (स)क्लोन (द) पुत्री कोशिकाएं

21. कागजी मुद्रा जारी करने वाला देश निम्नलिखित में से कौन सा है?

(अ) चीन (ब) जापान (स) भारत (द) अमेरिका

22. संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के प्रथम राष्ट्रपति कौन थे?

(अ) क्लीमेंट एटली (ब) जार्ज बुश (स) अब्राहम लिंकन (द) जार्ज वाशिंगटन

23. माई बेस्ट गेम ऑफ चेस किस शतरंज खिलाड़ी की प्रसिद्ध पुस्तक है?

(अ) विश्वनाथन आनंद (ब) गैरी कास्पारोव (स) आनातोली कार्पोव (द) बॉबी फिशर

24. वह प्रसिद्ध भारतीय हॉकी खिलाड़ी कौन हैं, जिन्होंने अपनी आत्मकथा गोल्डन हैट्रिक नाम से लिखी है?

(अ) अजीत पाल सिंह (ब) बलवीर सिंह (स) मोहम्मद शाहिद (द) सुरजीत सिंह

25. सूर्य में ऊर्जा का स्रोत क्या है?

(अ) नाभिकों का विखण्डन (ब) रेडियो ऐक्टिवता (स) नाभिकों का संलयन (द) विद्युत विघटन

26. उत्पाद शुल्क निम्नलिखित में से किस पर लगाया जाता है?

(अ) कृषि उत्पाद (ब) आयातित माल (स) माल उत्पादन (द) होटलों और ट्रेवल एजेंटों द्वारा प्रदत्त सुविधाओं पर

27. एक स्वच्छ कांच की प्लेट पर पानी की एक छोटी बूंद या पारा वृत्ताकार क्यों हो जाता है?

(अ)गाढ़ेपन के कारण (ब)कोष्ठ क्रिया के कारण (स) सतही तनाव के कारण (द) इनमें से कोई नहीं

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सही जवाब-1.(स)जन धन योजना, 2.(ब) माकचिल केस, 3.(द) 130, 4.(स) हार्डवेयर, 5.(स) प्रिंटर, 6.(द) ट्रिटीकम एस्टीवम, 7.(ब) बीजों के अधिचर्मी रोम, 8.(द) नदी घटियों के ऊपरी भाग में, 9.(द) ऑस्ट्रेलिया, 10.(अ)रूस, 11.(ब)एथेनोइक एसिड, 12.(ब) केंट, 13.(ब)ईस्ट लंदन, 14.(स)कावेरी, गंगा, महानदी, 15.(अ)कर्ण प्रयाग, 16.(ब)चंबल और साबरमती, 17.(स) एंडरसन,18.(अ)रदरफोर्ड, 19.(ब)बामर की, 20.(स) क्लोन, 21.(अ)चीन, 22.(द)जार्ज वाशिंगटन, 23.(ब) गैरी कास्पारोव, 24.(ब) बलवीर सिंह, 25.(स)नाभिकों का संलयन, 26.(अ) कृषि उत्पाद, 27.(स) सतही तनाव के कारण।

क्या अंतरिक्ष पर्यटन से पृथ्वी पर आ सकते हैं ‘एलियन रोगाणु’
20-Nov-2021 7:44 PM (27)

पिछले दो सालों में दुनिया में कोविड-19 महामारी से दुनिया को जिस तरह से जूझना पड़ा,ऐसे में एक बड़ी चिंता यही थी कि तमाम वैज्ञानिक और चिकित्सकीय उन्नति के बाद भी हमारी मानव जाति वायरस जैसे खतरनाक जीवों से निपटने के लिए तैयार क्यों नहीं है. ऐसे हालात में क्या हम मंगल ग्रह तक जाने और अंतरिक्ष पर्यटन की दिशा में कदम बढ़ाने में जल्दबाजी नहीं कर रहे हैं. क्योंकि हम इंसान भी अंतरिक्ष में सूक्ष्मजी व ले जाते हैं जहां पर उनमें तेजी से म्यूटेशन हो सकता है जो उन्हें खतरनाक बना सकता है. इसलिए जैवसुरक्षा पर काम करना बहुत जरूरी कहा जा रहा है.

जैवसुरक्षा उपाय को जरूरत का समय
हाल में भले ही मंगल ग्रह के अभियानों की सक्रियता ज्यादा रही है, लेकिन अभी इंसान के तो मंगल ग्रह तक जाने में समय है. लेकिन व्यवसायिक अंतरिक्ष पर्यटन शुरू हो चुका है. 85 से ज्यादा कंपनियां या संगठन भविष्य में अंतरग्रहीय पर्यटन पर काम कर रहे हैं. लेकिन कई वैज्ञानिकों का कहना है पृथ्वी से बाहर यातायात शुरू करने से पहले दुनिया को कुछ जरूरी जैवसुरक्षा उपाय कर लेना जाहिए.

यह है अंदेशा
इन वैज्ञानिकों को डर है कि हम अंतरिक्ष से अनजाने और एलियन जीव, खासतौर पर सूक्ष्म जीव पृथ्वी पर पहुंचा सकते हैं जिनसे निपटने के लिए हम अभी तक तैयार नहीं हैं. यदि ऐसे जीव पृथ्वी पर आ गए, जिनका आना दूसरे तरीकों से संभव नहीं है, तो पृथ्वी का संतुलन तक बिगड़ सकता है.

ऐसा होना बहुत ही मुश्किल
जानकारों का कहना है कि ऐसा होने की संभावना नहीं के बराबर है क्यों कि अभी तक पृथ्वी के बाहर, खासतौर पर उसके आसपास, किसी तरह के जीवन का पता नहीं चला है. लेकिन कुछ लोगों को लगता है कि यह मान कर नहीं चला जा सकता और इसके लिए हमें तैयारी करनी ही चाहिए.

लेकिन यह तो हुआ ही है ना
संभावना इस बाद की भी कम नहीं हैं कि कोई मानव अंतरिक्ष पर्यटक वहां से पृथ्वी के जीव को ले जाएं और यह भी अपने आप में एक बड़ा जोखिम साबित हो सकता है. अंतरिक्ष में हुए प्रयोगों से साफ पता चला है कि वहां पहुंचे  सूक्ष्मजीवों में तेजी से जीन म्यूटेशन होता है. सूक्ष्मगुरुत्व हालात में एशरीकिया कोली की हजारों पीढ़ियों को विकिसत करने के बाद शोधकर्ताओं ने पाया है कि एक ऐसा बैक्टीरिया विकसित हुआ है जो प्रतिस्पर्धी तौर पर और ज्यादा तेज से विकसित हुआ है जिसमें बहुत ज्यादा एंटीबायोटिक प्रतिरोध पाया गया है.

जैवसुरक्षा प्रंबंधन की जरूरत
अगर वह स्ट्रेन ही पृथ्वी पर वापल लाया गया होता या लाया जाए तो वह पृथ्वी के मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा हो सकता है. ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड यूनिवर्सिटी के इनवेजन जीवविज्ञानी फिल कैसे का कहना है कि ऐसे जोखिमों के हालों की संभाव्यता कम है, लेकिन उनकी क्षमता चरम नतीजे देने की होती है और यही जैवसुरक्षा प्रंबंधन का मुख्य कार्य है क्योंकि जब हालात बिगड़ते हैं तो बिगड़ते ही चले जाते हैं.

आक्रमण जीवविज्ञानियों की जरूरत
अंतरिक्ष अनुसंधान पर अंतरराष्ट्रीय समितित ने ग्रह सुरक्षा पर एक पैनल  बनाया है, लेकिन फिलहाल इसके किसी भी सदस्य की इनवेजन विज्ञान पर विशेषज्ञता नहीं है. ऑस्ट्रेलिया के आक्रमण जीवविज्ञानी सोचते हैं कि यह एक गंभीर अनदेखी है. उनका कहना है कि हमें और परीष्कृत नियमों की जरूरत होगी जिससे पृथ्वी के बाहर के वातावरणों से आने वाले जैवसंक्रमण को रोक सकें और साथ ही यहां भी संक्रमण को बाहर जाने से रोक सकें.

अंतरराष्ट्रीय नियमों पर काम
बायोसाइंस में प्रकाशित इस अध्ययन में जीवविज्ञानियों ने लिखा है कि आक्रमणकारी प्रजातियों पर विज्ञान और शोध पर बहुत गहन जानकारी होने के बाद वे अनुशंसा करते हैं कि आक्रमण जीवविज्ञानियों और खगोलजीवविज्ञानियों को ज्यादा संयोजन के साथ काम करना चाहिए जिससे कि पृथ्वी और उसके बाहर के लिए ग्रह जीव सुरक्षा संबंथी अंतरराष्ट्रीय नियमों पर काम करना जाहिए.

फिलहाल जीवसुरक्षा नियम या प्रोटोकॉल हमें नाकाम कर रहे हैं, जैसे जब 2019 में चंद्रमा पर इजराइली अंतरिक्ष यान टकराकर नष्ट हुआ था, तब वहां की सतह पर टार्डिग्रेड चले गए थे हो सकता है कि वे अब भी वहां जीवित हो सकते हैं. अंतरिक्ष पर्यटन में भी यात्रियों के जरिए ऐसे सूक्ष्म जीव अंतरिक्ष में पहुंच सकते हैं जो वहां पर म्यूटेट होकर बहुत खतरनाक बन सकते हैं. ऐसे में हमें जैवसुरक्षा पर गहराई से काम करने की जरूरत है. (news18.com)

वैज्ञानिकों ने सुलझाया पौधों की वृद्धि का 50 साल पुराना रहस्य
20-Nov-2021 7:43 PM (24)

प्रकृति के कई ऐसी घटनाएं और प्रक्रियाएं हैं जिन्हें हमारे वैज्ञानिक लंबे समय से समझने के प्रयास कर रहे हैं. ऐसा ही एक सवाल ने वैज्ञानिकों को पिछले 50 सालों से परेशान किया हुआ था. लेकिन अब उन्होंने उसका जवाब खोज निकाला है. अमेरिका के यूसी रिवरसाइड के शोधकर्ताओं की टीम ने पहली बार दर्शाया है कि कैसे एक छोटा सा अणु एक कोशिका को एक बड़े पेड़ में बदल देता है. जबकि वे पांच दशक पहले से ही जानते थे कि ऑक्सिन नाम के इस अणु पर ही सभी पौधे वृद्धि के लिए निर्भर करते है.

ऑक्सिन की दो भूमिकाएं
अभी तक वैज्ञानिक ये नहीं समझ सके थे कि ऑक्सिन वास्तव में पेड़ों में वृद्धि को कैसे गतिमान करता है. ऑक्सिन शब्द का मतलब ही वृद्धि करना होता है. ऑक्सिन दो तरीके से पौधों की वृद्धि में भूमिका निभाता है.  इन्हीं में से एक की व्याख्या इस अध्ययन में की गई है जो नेचर जर्नल में लेख के रूप में प्रकाशित हुआ है.

तीन प्रमुख घटक
पौधों की कोशिकाएं खोल के अंदर होती हैं जिसे कोशिकाभित्ती या सेल वॉल कहा जाता है. इसकी प्राथमिक परत के तीन घटक होते हैं जिन्हें सेल्यूलोज, हेमी सोल्यूलोज और पेक्टिन कहा जाता है. शोधकर्ता टीम का नेतृत्व करने वाले यूसीआर में बॉटनी के प्रोफेसर झेनबियाओ यांग ने बताया कि सेल्यूल ऊंची इमारतों के रीबार की तरह काम करता है जो मजबूत आधार देने का काम करते हैं. इसे मजबूत हेमीसेल्यूलोज चेन से मिलती है जिन्हें पेक्टिन जोड़ कर बांधने का काम करता है.

कोशिकाओं का आकार निर्धारण
ये घटक पौधों की कोशिकाओं का आकार निर्धारित करते हैं जिससे कई बार पत्तियों की पहेली जैसे अनोखे आकार की एपीजर्मिस कोशिकाएं बन जाते हैं, यांग और उनकी टीम इसका दो दशकों से अध्ययन कर रहे हैं. इन आकारों की वजह से ही कोशिकाएं आपस में मजबूती से जुड़ी होती हैं और पौधों को हवा के थपेड़ों से जूझ पाती हैं. लेकिन शोधकर्ताओं का ध्यान इस बात पर गया कि जब सब कुछ इतनी मजबूती से जुड़ा होता है, तो इनमें गतिविधियां और वृद्धि कैसे हो पाती है.

आक्सिन करता है यह संभव
एक सिद्धांत कहता है कि जब पौधे वृद्धि के लिए तैयार होते हैं ऑक्सिन इन कोशिकाओं को अम्लीय बना देता है जिससे इन घटकों के बीच का बंध कमजोर हो जाता है जिससे दीवार नरम होकर विस्तृत हो पाती है. यह सिद्धांत करीब आधी सदी पहले प्रस्तावित की गई थी, लेकिन ऑक्सिन अम्लीयकरण को सक्रिय कैसे करता है, यह अब तक रहस्य ही था.

प्रोटीन पंपिंग का काम
यांग की ने खोजा कि ऑक्सिन कोशिकाभित्ती में प्रोटोन पंप कर पीएच का मान कम करता है जिससे यह अम्लीयता बनाती है. कम पीएच होने से एक्पासिन नाम का प्रोटीन सक्रिय होता है जो सेल्यूलोज हेमीसेल्यूलोज के बीच के बंधों को तोड़ता है जिससे कोशिका विस्तारित हो पाती है. कोशाकभित्तियों में प्रोटोन पंप करने से कोशिका पानी भी अवशोषित कर पाती हैं जिससे आंतरिक दबाव बढ़ जाता है. यदि कोशिकाभित्ती ज्यादा कमजोर होती है तो कोशिका के अंदर इतना दबाव होता है कि कोशिका विस्तारित हो पाती है.

एक दूसरा तरीका भी
ऑक्सिन दो तरह से पौधों की वृद्धि की नियंत्रित करता है. एक यांग की टीम ने बताया है जिसमें पीएच कम हो जाता है. दूसरे तरीके में ऑक्सीन की पौधों की कोशिका के केंद्रक में जीन अभिव्यक्ति को बदलने की क्षमता काम आती है. इससे विस्तार की मात्रा के साथ कोशिकाओं में वृद्धि करने वाले कारकों में भी इजाफा होता है. इस प्रक्रिया में भी कोशिकाओं में पीएच की मात्रा बढ़ती है जिससे वृद्धि संभव हो पाती है.

यह कहना सटीक ना होगा कि ऑक्सिन पौधों की वृद्धि में योगदान देती हैं. बल्कि यह पौधों की वृद्धि और विकास में के हर पहलू के लिए बहुत आवश्यक तत्व है जिसमें फलों, बीजों और  जड़ों का विकसित होना शामिल है. यहां तक कि पौधों में गुरुत्व और प्रकाश के प्रति अनुक्रिया भी ऑक्सिन से संचालित होती है. ऑक्सिन की गहरी जानकारी कृषि और ऊर्जा क्षेत्र  लिए बहुत अधिक उपयोगी साबित हो सकती है. (news18.com)

Realme ला रही है मुड़ने वाला सस्ता स्मार्टफोन, लॉन्च से पहले डिज़ाइन और डिस्प्ले डिटेल लीक
20-Nov-2021 4:58 PM (32)

फोल्डेबल स्मार्टफोन को लेकर ट्रेंड काफी बढ़ गया है. बाज़ार में शियोमी, सैमसंग, हुवावे और मोटोरोला जैसी कंपनियों के कई फोन मौजूद है, और अब कंपनियां अपने फोल्डेबल स्मार्टफोन को पेश करने की तैयारी कर रही है. चीनी कंपनी रियलमी लेटेस्ट कंपनी है, जो कि फोल्डेबल कैटेगरी में कदम रखने जा रही है. टिप्सटर आईस यूनिवर्स ने रियलमी डिज़ाइन स्टूडियो का स्केच लीक किया है, जिसमें अंदर और बाहर डिस्प्ले पर होल पंच देखा गया है. लीक स्केच से ये भी हिंट मिला है कि इसका नाम रियलमी GT 2 Fold होगा.

स्केच में देखा गया है कि फोल्डेबल फोन 6.5 इंच के AMOLED ऑउटर डिस्प्ले और 8 इंच के AMOLED मेन डिस्प्ले के साथ आएगा. स्क्रीन साइज़ के अलावा फोटो में किसी और की जानकारी नहीं मिली है. रियलमी GT 2 Fold में दो 50 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है.

कैमरा मॉड्यूल हॉरिजेन्टली प्लेस किया गया है. डिस्प्ले और कवर डिस्प्ले दोनों में होल-पंच फ्रंट कैमरा दिया गया है. स्केच में ये भी देखा गया है कि फोन के नीचे की ओर USB टाइप-C पोर्ट मिलता है. वॉल्युम रॉकर लेफ्ट साइड पर और राइट साइड पर पावर बटन मिलता है, जो कि फिंगरप्रिंट स्कैनर के साथ आता है.

फिलहाल इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि रियलमी GT Fold 2 बाज़ार में कब आएगा. रिपोर्ट की मानें तो रियलमी फोल्डेबल डिवाइस को अगले साल पेश किया जाएगा, लेकिन जब तक इसकी ऑफिशियल जानकारी नहीं मिलेगी इसे लेकर कोई पुष्टि नहीं की जा सकती है.

इतनी होगी कीमत!
Realme Design Studio के मुताबिक, इस स्मार्टफोन की कीमत करीब $1,200 (लगभग 89,174 रुपये) बताई जा रही है, जो कि Samsung के फोल्डेबल स्मार्टफोन के मुकाबले काफी सस्ता है. बाकी इसकी सही जानकारी तो ऑफिशियल ऐलान के बाद ही पता चलेगी.(news18.com)

भारतीय खगोलविदों ने खोजे सूर्य से भी ज्यादा गर्म 8 दुर्लभ तारे
20-Nov-2021 11:47 AM (31)

ब्रह्माण्ड में सुदूर स्थित तारे कई बार हमें अनोखी लेकिन बहुत उपयोगी जानकारी भी देते देते हैं. हमारे वैज्ञानिक और खगोलविद सौरमंडल के बाहर के ब्रह्माण्ड के पिंडों का अध्ययन  इसलिए भी करते हैं जिससे हमें हमारे अपने आसपास की खगोलीय घटनों को समझने का मौका मिले. इसी कड़ी में भारतीय खोगलविदों ने आठ बहुत ही कम दिखाई देने वाले तारों की खोज की है. इस समूह के द्वारा खोजे गए ये तारे मेन सीक्वेंस रेडियो पल्स एमिटर श्रेणी के बताए जा रहे हैं. पूणे स्थित राष्ट्रीय रेडियो खगोलभौतिकी केंद्र के खगोलविदों की अगुआई वाली टीम ने इनकी खोज जायंट मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप की मदद से यह खोज की है.

सूर्य से भी ज्यादा गर्म
खगोलविदों की इस टीम के पाया है कि ये तारे सूर्य से भी ज्यादा गर्म हैं और उसकी मैग्नेटिक फील्ड असामान्य रूप से बहुत शक्तिशाली है. इसके साथ ही इनकी ‘सौर पवन’ भी बहुत अधिक शक्तिशाली है. पीटीआई के मुताबिक एनसीआरए ने प्रेस रिलीज में  बताया कि टीम ने इससे पहले भी तीन और इसी तरह के तारे जीएमआरटी के जरिए खोजे हैं.

8 तो इसी साल मिले
अब तक के ज्ञात 15 एमआरपी में से 11 की खोज जीएआरटी के जरिए खोजे गए हैं जिनमें से 8 तो 2021 में ही खोजे गए हैं. बयान में बताया गया है कि ये खोजें जीएमआर टेलीस्कोप की उन्नत करने से मिली अधिक संवेदनशीलता और चौड़ी बैंडविड्थ के कारण संभव हो सकी हैं जिनके कारण टेलीस्कोप के सर्वे से एमआरपी का पता चल सका.

GMRT कार्यक्रम की सफलता
नसीआरए का कहना है कि जीएमआरटी का प्रक्षेपण ही एमआरपी की रहस्यों को सुलझाना के उद्देश्य से किया गया है. जीएमआरटी कार्यक्रम की सफलता ने इस श्रेणी के तारों की धारणा में क्रांतिकारी बदलदाव किया है जिससे इन विशिष्ठ मैग्नेटोस्फियर के अध्ययन के लिए नए आयाम खुल गए हैं.

क्या होते हैं ये MRP
मेन सीक्वेंस रेडियो पल्स एमिटर ऐसे तारे होते हैं जो सूर्य से ज्यादा गर्म होते हैं. इनकी मैग्नेटिक फील्ड असामान्य रूप से शक्तिशाली हैं. इनकी पवनें भी सौर पवनों की तुलना में बहुत बलशाली होती हैं. इसी वजह से ये अंतरिक्ष में लाइटहाउस की तरह दिखाई देते हैं जो बहुत ही चमकदार रेडियो पल्स उत्सर्जित करते हैं.

आसान नहीं होती ऐसी खोज
पहली बार इस एमआरपी को साल 2000 में खोजा गया था, लेकिन उच्च संवेदनशील उन्नत जीएमआरटी के कारण है ऐसे खोजे हुए तारों की संख्या हाल के सालों में इतनी अधिक हो सकी.   खोजे गए इन 15 तारों मेंसे 11 उच्च तकनीक टेलीस्कोप के जरिए ही खोजे गए हैं. इस तरह के पिंड खोजना बहुत मुश्किल काम होता है क्योंकि कभी कभी और कम फ्रीक्वेंसी पर ही चमकने के कारण ये बहुत कम दिख पाते हैं.

कैसे पता चला है मैग्नेटिक फील्ड का
इन तारों से निकली कम फ्रीक्वेंसी की पकड़ने केलिए बहुत ही संवेदनशील टेलीस्कोप की जरूरत ही है. uGMRT की उच्च संवेदनशीलता और क्षमता उच्च रिजॉल्यूशन की तस्वीरें इन पिंडों के भेजे गए संकेतों को पकड़ने के लिए बहुत उपयोगी है जिससे आकाश से अलग अलग तरह के संकेतों से उन्हें अलग कर पहचाना जा सकता है. uGMRT के जरिए इनकी मैग्नेटिक फील्ड और तापमान के बारे में जानकारी मिल पाती है जिनसे इन तरंगों की तीव्र का निर्धारण होता है.

इन नतीजों की व्याख्या करने वाला शोधपत्र एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशन के लिए स्वीकार हो गया है.  इस अधययन की प्रथम लेखक बरनाली दास ने हाल ही में एनसीआरए की प्रोफेसर पूनम चंद्रा के मार्गदर्शन में अपनी पीएचडी पूरी की है और इन तारों को मेन सीक्वेंस रेडियो पल्स एमिटर नाम इन दोनों ने ही दिया है. (news18.com)

हर दिन हॉट सीट 20 नवंबर
20-Nov-2021 8:57 AM (39)

1. मुद्रा के प्रमुख कार्यों में सम्मिलित एक कार्य है?

(अ) मुद्रा साख का आधार है (ब) मुद्रा विनिमय का माध्यम है (स) मुद्रा मूल्य के हस्तांतरण का माध्यम है (द) मुद्रा भौतिक प्रगति का सूचक है

2. निम्नलिखित में से किस बैंक की शाखाएं सर्वाधिक हैं?

(अ) पंजाब नेशनल बैंक (ब) स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (स) सेंट्रल बैंक (द) जिला सहकारी बैंक

3. भूमिपति को भूमि सम्भरण के प्रतिफल स्वरूप मिलता है?

(अ) किराया (ब) लगान (स) ब्याज (द) उपज का शेष भाग

4. शेरशाह सूरी भारत का प्रमुख शासक माना जाता है, उसने क्या-क्या सुधार किए?

(अ)भारत के अंदर केंद्रीकृत व्यवस्था की पुन: स्थापना की (ब) विभिन्न सडक़ों एवं सरायों का निर्माण करवाया (स) डाक चौकियों का निर्माण एवं नवीन मुद्रा का चलन किया (द) उक्त सभी कार्य किए

5. शेरशाह सूरी के समय में कौन सा विद्वान था, जिसने पद्मावत की रचना की?

(अ) अबुल फजल (ब) मलिक मोहम्मद जायसी (स) फिरदौसी (द) जयदेव

6. अकबर के शासनकाल में अमलगुजार नामक अधिकारी का कार्य क्या था?

(अ) कानून और व्यवस्था संभालना (ब) भूमि राजस्व का मूल्यांकन (स) राजघराने का प्रभारी होना (द) शाही खजाने का देखभाल करना

7. हिमालय एवं गिरिपद के सहारे भूकंपों की सर्वोत्तम व्याख्या की जाती है?

(अ) प्लेट विवर्तनिकी के संदर्भ में (ब) हिमालय की युवावस्था के संदर्भ में (स) कमजोर तथा बड़े पैमाने पर असंपीडित चट्टानों के संदर्भ में (द) प्लेटों के अपसरण के संदर्भ में

8. हवाई द्वीप सक्रिय ज्वालामुखियों के लिए जाने जाते हैं, क्योंकि?

(अ) वे अभिसारी प्लेटों के अंत:प्रसन क्षेत्र में स्थित है (ब) वहां भ्रंश एवं विभंग पाए जाते हैं (स) वे एक अग्नि शिखा के ऊपर स्थित है (द) वे आरोही संवाहनिक धाराओं वाले मध्य महासागरीय कटक पर स्थित है

9. एस्किमो तथा लेप्स का मुख्य व्यवसाय क्या है?

(अ) गर्मी में कृषि (ब) सर्दी में लकड़ी काटने का व्यवसाय (स) हस्त-शिल्प निर्माण (द) आखेट एवं मछली पकडऩा

10. पीतल निम्नलिखित में से किस एक धातु युग्म की मिश्रधातु है?

(अ) ऐल्युमिनियम तथा ताम्र (ब) क्रोमियम तथा टिन (स) ताम्र तथा टिन (द) ताम्र तथा जस्ता

11. कोयले की निम्नलिखित में से कौन सी किस्म सर्वोत्कृष्टï मानी जाती है?

(अ) ऐन्थ्रासाइट (ब) बिटूमिनी (स) लिग्नाइट (द) पीट

12. राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना किस वर्ष प्रारंभ हुई थी?

(अ) 2004 में (ब) 2005 में (स) 2006 में (द) 2007 में

13. बर्फ की सिल्ली को लकड़ी के बुरादे से क्यों ढंका जाता है?

(अ) बर्फ को कठोर बनाने के लिए (ब) इसको बाहरी ताप से अलग करने के लिए (स) बर्फ को पिघलाने के लिए (द) इनमें से कोई नहीं

14. लालटेन से मिटटी का तेल बत्ती के सहारे ऊपर चढ़ जाता है, इसका क्या कारण है?

(अ) मिट्टी तेल का वाष्पीकरण (ब) मिट्टी के तेल का तल तनाव (स) मिट्टी तेल की प्रत्यास्थता (द) इनमें से कोई नहीं

15. राजस्थान का नामकरण किसने किया था? 

(अ) लार्ड इरविन (ब) लार्ड डलहौजी (स) कर्नल जेम्स टाड (द) सुभाष चंद्र बोस

16. भारतीय राष्ट्रीय कलेंडर का पहला माह कौन सा है?

(अ) चैत्र (ब) वैशाख (स) भादो (द) ज्येष्ठ

17. भारत का सबसे पुराना विश्वविद्यालय निम्नलिखित में से कौन सा है?

(अ) दिल्ली (ब) मुंबई (स) कोलकाता (द) इलाहाबाद

18. धोने का सोडा का रासायनिक नाम क्या है?

(अ) सोडियम कार्बोनेट (ब) कैल्सियम आक्साइड (स) लैड पर आक्साइड (द) अमोनियम क्लोराइड

19. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष कौन था?

(अ) खान अब्दुल गफ्फार खान (ब) अबुल कलाम आजाद (स) मुहम्मद अली जिन्ना (द) बदरुद्दीन तैयब जी

20. देश के गृहमंत्री का क्या नाम है?

(अ) सुशील कुमार शिंदे (ब) शरद पवार (स) श्रीप्रकाश जायसवाल (द) आनंद शर्मा

21. ई-मेल की धारणा का विकास किसने किया?

(अ) सबीर भाटिया (ब) आर्थर सी क्लार्क (स) टिम बर्नर ली (द) बिल गेट्स

22. सितार का जनक निम्नलिखित में से किसे माना जाता है?

(अ) तानसेन (ब)बैजू बावरा (स)अमीर खुसरो (द) बड़े गुलाम अली खां

23. कौन-सा मुगल शासक चित्रकारों का सबसे बड़ा संरक्षक था?

(अ) अकबर (ब) जहांगीर (स)शाहजहां (द) औरंगजेब

24. राष्ट्रीय खेल संस्थान कहां अवस्थित है?

(अ) नई दिल्ली (ब) ग्वालियर (स)पटियाला (द) कोलकाता

25. विम्बलडन जूनियर खिताब जीतने वाली प्रथम भारतीय महिला खिलाड़ी कौन हैं?

(अ) दिया मिर्जा (ब)सानिया मिर्जा (स)निरूपमा वैद्यनाथन (द) शिखा ओबेरॉय

26. बाराबती स्टेडियम कहां अवस्थित है?

(अ) कटक (ब) पुणे (स)चेन्नई (द)भुवनेश्वर

27. आयरन शब्द किस खेल से संबंधित है?

(अ)कराटे (ब)बेसबॉल (स) गोल्फ (द) शतरंज

28. टर्बिनेटर के नाम से किस खिलाड़ी को जाना जाता है?

(अ) अनिल कुंबले (ब) हरभजन सिंह (स) मुरली कार्तिक (द) शेन वॉर्न

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सही जवाब- 1.(ब) मुद्रा विनिमय का माध्यम है, 2.(ब) स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, 3.(ब) लगान, 4.(द) उक्त सभी कार्य किए, 5.(ब) मलिक मोहम्मद जायसी, 6.(ब) भूमि राजस्व का मूल्यांकन, 7.(स) कमजोर तथा बड़े पैमाने पर असंपीडित चट्टानों के संदर्भ में, 8.(स) वे एक अग्नि शिखा के ऊपर स्थित है, 9.(द)आखेट एवं मछली पकडऩा, 10.(द) ताम्र तथा जस्ता, 11.(अ)ऐन्थ्रासाइट, 12.(ब) 2005 में, 13.(ब) इसको बाहरी ताप से अलग करने के लिए, 14.(ब) मिट्टी के तेल का तल तनाव, 15.(स)कर्नल जेम्स टाड, 16.(अ) चैत्र, 17.(स)कोलकाता, 18.(अ) सोडियम कार्बोनेट, 19.(द) बदरुद्दीन तैयब जी, 20.(अ) सुशील कुमार शिंदे, 21.(ब)आर्थर सी क्लार्क, 22.(अ) तानसेन, 23.(ब) जहांगीर, 24.(स) पटियाला, 25.(ब) सानिया मिर्जा, 26.(अ) कटक, 27.(स) गोल्फ, 28.(ब) हरभजन सिंह।

 

मुक्त व्यापार क्षेत्र क्या है?
20-Nov-2021 8:56 AM (43)

मुक्त व्यापार क्षेत्र (फ्री ट्रेड एरिया; एफटीए) को परिवर्तित कर मुक्त व्यापार संधि का सृजन हुआ है। विश्व के दो राष्ट्रों के बीच व्यापार को और उदार बनाने के लिए मुक्त व्यापार संधि की जाती है। इसके तहत एक दूसरे के यहां से आयात-निर्यात होने वाली वस्तुओं पर सीमा शुल्क, सब्सिडी, नियामक कानून, ड्यूटी, कोटा और कर को सरल बनाया जाता है। इस संधि से दो देशों में उत्पादन लागत बाकी के देशों की तुलना में काफ़ी सस्ती होती है।

16वीं शताब्दी में पहली बार इंग्लैंड और यूरोप के देशों के बीच मुक्त व्यापार संधि की आवश्यकता महसूस हुई थी। आज दुनिया भर के कई देश मुक्त व्यापार संधि कर रहे हैं। यह समझौता वैश्विक मुक्त बाजार के एकीकरण में मील का पत्थर सिद्ध हो रहा है। इन समझौतों से वहां की सरकार को उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण में मदद मिलती है। सरल शब्दों में यह कारोबार पर सभी प्रतिबंधों को हटा देता है।

इस समझौते के बहुत से लाभ हैं। हाल में भारत ने 10 दक्षिण एशियाई देशों के समूह आसियान के साथ छह वर्षो की लंबी वार्ता के बाद बैंकॉक में मुक्त व्यापार समझौता किया है।  इसके तहत अगले आठ वर्षों के लिए भारत और आसियान देशों के बीच होने वाली 80 प्रतिशत उत्पादों के व्यापार पर शुल्क समाप्त हो जाएगा। इससे पूर्व भी भारत के कई देशों और यूरोपियन संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते हो चुके हैं।  यह समझौता गरीबी दूर करने, रोजगार पैदा करने और लोगों के जीवन स्तर को सुधारने में काफी सहायक हो रहा है। मुक्त व्यापार संधि न सिर्फ व्यापार बल्कि दो देशों के बीच राजनैतिक संबंध के बीच कड़ी का काम भी करती है।

  सार्क देशों और शेष दक्षिण एशिया में भी साफ्टा मुक्त व्यापार समझौता 1 जनवरी, 2006 से प्रभाव में है। इस समझौते के तहत अधिक विकसित देश- भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका अपनी उत्पाद शुल्क को घटाकर 2013 तक 0 से 5 प्रतिशत के बीच ले आएंगे। कम विकसित देश- बांग्लादेश, भूटान, मालदीव और नेपाल को भी 2018 तक ऐसा ही करना होगा। मुक्त व्यापार क्षेत्र में कंपनियों को मानवाधिकार एवं श्रम संबंधी कानूनों से मुक्ति मिल जाती है।

एफटा
20-Nov-2021 8:55 AM (42)

20 नवम्बर सन 1960 ईसवी को स्वीडन में योरोपीय देशों के सातवें कन्वेन्शन में स्वतंत्र योरोपीय व्यापार संगठन एफ़टा के गठन के प्रस्ताव पर सहमति हुई। इस संगठन में आस्ट्रिया फिनलैंड, नार्वे और स्वीडन सहित सात योरोपीय देश शामिल थे।

इन चारों देश पश्चिमी ब्लाक में शामिल थे किंतु वे योरोप के संयुक्त बाजार से नहीं जुडऩा चाह रहे थे। इसीलिए इन देशों ने स्वतंत्र व्यापार के समझौते पर हस्ताक्षर किये किंतु योरोप में कुछ परिवर्तन होने तथा योरोपीय संघ में ब्रिटेन और डेनमार्क के शामिल होने के बाद एफ़टा ने योरोप के संयुक्त बाजार के साथ समझौता कर लिया।

अंगेला मैर्केल
20-Nov-2021 8:53 AM (32)

अंगेला मैर्केल जर्मनी की चांसलर हैं और दुनिया की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में उनकी गिनती होती है।  अंगेला मैर्केल को 2013 के इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई है।

 59 वर्षीय मैर्केल को वित्तीय संकट के दौरान यूरोप और विश्व को बेमिसाल नेतृत्व प्रदान करने और जर्मनी को आर्थिक वृद्धि की दिशा में ले जाने के लिए जाना जाता है।  वर्ष 2005 में पहली बार जर्मनी की चांसलर बनने के बाद मैर्केल ने दोबारा पीछे मुडक़र नहीं देखा। राजनीति में अंगेला मैर्केल देर से आईं और वह भी बिना किसी योजना के। जर्मन एकीकरण से पहले पूर्वी जर्मनी यानी जीडीआर के अंतिम प्रधानमंत्री लोथर दे मेजियेर के उप प्रवक्ता के रूप में उन्हें संवाद की क्षमता दिखाने का मौका मिला। चांसलर ने उन्हें पहले परिवार कल्याण मंत्री और फिर 1994 में पर्यावरण मंत्री बनाया। 13 साल से अंगेला मैर्केल सीडीयू पार्टी की अध्यक्ष हैं। आठ साल से वे देश की चांसलर हैं। देश ही नहीं विदेश के मामलों को भी मैर्केल अपने तरीके से निपटाना जानती हैं।

इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण एवं विकास पुरस्कार
20-Nov-2021 8:52 AM (28)

इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण एवं विकास पुरस्कार की स्थापना भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की स्मृति में वर्ष 1986 में इंदिरा गांधी मेमोरिल ट्रस्ट द्वारा की गई। वर्ष 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी। पार्लामेंटेरिअंस फार ग्लोबल ऐक्शन को सबसे पहले यह सम्मान प्राप्त करने का मौका मिला।

इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण एवं विकास पुरस्कार के अंतर्गत विजेता को 25 लाख रुपए नकद, एक ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण एवं विकास पुरस्कार प्रति वर्ष विश्व के किसी ऐसे व्यक्ति को प्रदान किया जाता है जिसने समाज सेवा, निरस्त्रीकरण या विकास के कार्य में महत्वपूर्ण योगदान किया हो।

वर्ष 2012 के लिए इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण एवं विकास पुरस्कार लाइबेरिया की राष्ट्रपति एलेन जॉनसन सरलीफ को और वर्ष 2011 के लिए इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण एवं विकास पुरस्कार सामाजिक कार्यकर्ता इला रमेश भट्ट को प्रदान किया गया। यह सम्मान पाने वाली अन्य हस्तियां और संस्थाएं हंै- सोवियंत संघ के नेता मिखाइल गोर्बाचोफ, नार्वे की भूतपूर्व प्रधानमंत्री ग्रो हार्लेम ब्रंड्टलैंड , यूनाइटेड नेशन्स चिल्ड्रेंस फंड- यूनिसेफ , नैमीबिया के प्रथम राष्ट्रपति सैम नुजोमा, स्वर्गीय राजीव गांधी  (मरणोपरांत),  जापान के अर्थशास्त्री साबुरो ओकिता, चेक गणराज्य प्रथम चेक गणराज्य के राष्ट्रपति वाक्लाव हावेल, रंगभेद के विरुद्ध कार्य करने के लिये ट्रेवोर हडलेस्टन ,  नाइजीरिया के 12वें राष्ट्रपति ओलुसेगुन ओबासान्जो , स्वयंसेवी संस्था, मेडिसिन्स सांस फ्रंटियर्स , अमेरिका के 39वें राष्ट्रपति जिमी कार्टर, बांग्लादेश ग्रामीण बैंक के संस्थापक मोहम्मद युनुस, भारतीय कृषि वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन, आयरलैंड की 7वीं राष्ट्रपति मेरी रोबिंसन,भूतपूर्व यूनाइटेड नेशंस हाई कमिश्नर फार रिफ्यूजीज़ सदाको ओगाटा, राष्ट्रकुल के द्वितीय महासचिव श्रीदत्त रामफल ,  संयुक्त राष्ट्रसंघ के 7वें महासचिव घाना के कोफी अन्नान , थाईलैंड की राजकुमारी महाचकरी सिरिनधोर्न, अफगानिस्तान के प्रथम राष्ट्रपति  हामिद करज़ई, कीनिया की सामाजिक कार्यकर्ता वंगारी मथाई  , अमरीकी संस्था-बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन ,अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण के चौथेे महासचिव मोहम्मद अलबारदेई , बांगलादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना।

विंडोज कब अस्तित्व में आया?
20-Nov-2021 8:52 AM (25)

कंप्यूटर ऑन करते ही स्क्रीन पर विंडोज लिखा हुआ आना साधारम सी बात लगती है।  विंडोज-1, 20 नवंबर वर्ष 1985 में पहली बार दुनिया के सामने आया।

कंप्यूटर या स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वालों के बीच विंडोज जाना पहचाना नाम है। बिल गेट्स ने विंडोज-1 ऑपरेटिंग सिस्टम को 20 नवंबर 1985 को बाजार में उतारा। एक नीली स्क्रीन पर आपके काम के प्रोग्रामों के आइकन, माउस रख कर आइटम को सिलेक्ट करना या फिर ड्रॉप डाउन करना इसकी खासियत थी। साथ ही एक कार्यक्रम को बीच में ही छोड़, बगैर बंद किए दूसरे पर काम करना यानी मल्टीटास्किंग भी यहीं से संभव हुआ।

इससे पहले तक कंप्यूटर में माइक्रोसॉफ्ट का ही ऑपरेटिंग सिस्टम डॉस इस्तेमाल किया जाता था। तब तक लोगों को निश्चित निर्देशों को टाइप करने की जरूरत पड़ती थी। एक गलत कमांड और कंप्यूटर आपकी बात मानने से इंकार कर देता, लेकिन विंडोज में स्क्रीन पर दिए गए विकल्पों पर क्लिक मात्र करने से कंप्यूटर इस्तेमाल करने वालों का जीवन आसान हो गया।

धीरे-धीरे यह ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर के साथ साथ स्मार्टफोन में भी इस्तेमाल होने लगा। इसी साल माइक्रोसॉफ्ट ने समय के साथ तकनीक बदलते हुए विंडोज का नया रूप विंडोज-8 बाजार में पेश किया। स्मार्टफोन में एंड्रॉयड और आईओएस की लोकप्रियता के चलते विंडोज को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था, लेकिन इस ताजा संस्करण ने एक बार फिर लोगों को विंडोज की तरफ खींचा है। हालांकि स्मार्टफोन के बाजार में नोकिया ही विंडोज का बड़ा साथी है।

कोसोवो
18-Nov-2021 10:06 AM (38)

कोसोवो बाल्कन क्षेत्र में स्थित एक विवादास्पद क्षेत्र है। यह स्वघोषित राज्य कोसोवो गणराज्य द्वारा नियंत्रित है, जिसका कमोबेश पूरे क्षेत्र पर नियंत्रण है, केवल कुछ सर्ब क्षेत्र को छोडक़र।

सर्बिया  संविधान (2006) के अंतर्गत सर्बिया कोसोवो को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता नहीं देता, बल्कि उसे अपने संप्रभु क्षेत्र के अंतर्गत संयुक्त राष्ट्र शासित क्षेत्र, कोसोवो और मेतोहिजा स्वशासी प्रांत मानता है। इस विवाद के बावजूद कोसोवो एक लैंडलॉक (चारो ओर जमीन से घिरा) देश है, जिसके उत्तर और पूर्व में सर्बिया स्थित है, दक्षिण में मेसाडोनिया गणराज्य, पश्चिम में अल्बानिया और उत्तरपश्चिम में मोन्टेग्रो स्थित है। कोसोवो की राजधानी और सबसे बड़ा शहर प्रिस्टिना है। अन्य बड़े शहरों में पेक, प्रेजरन, जाकोवा और मित्रोविका शामिल हैं।

हिमालय से निकलने वाली नदियां
18-Nov-2021 10:06 AM (42)

हिमालय से निकलने वाली नदियाँ बफऱ् और ग्लेशियरों के पिघलने से बनी हैं इसलिए इनमें पूरे वर्ष के दौरान निरंतर प्रवाह बना रहता है। मॉनसून माह के दौरान हिमालय क्षेत्र में बहुत अधिक वृष्टि होती है और नदियां बारिश पर निर्भर हैं इसलिए इसके आयतन में उतार-चढ़ाव होता है। इनमें से कई अस्थायी होती हैं। तटवर्ती नदियां, विशेषकर पश्चिमी तट पर, लंबाई में छोटी होती हैं और उनका सीमित जलग्रहण क्षेत्र होता है। इनमें से अधिकांश अस्थायी होती हैं। पश्चिमी राजस्थान के अंतर्देशीय नाला द्रोणी क्षेत्र की कुछ नदियां हैं। इनमें से अधिकांश अस्थायी प्रकृति की हैं। हिमाचल से निकलने वाली नदी की मुख्य प्रणाली सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र और मेघना नदी है।

सिंधु नदी विश्व की महान नदियों में एक है, तिब्बत में मानसरोवर के निकट से निकलती है और भारत से होकर बहती है और उसके बाद  पाकिस्तान से हो कर और अंतत: कराची के निकट अरब सागर में मिल जाती है। भारतीय क्षेत्र में बहने वाली इसकी सहायक नदियों में सतलुज (तिब्बत से निकलती है), व्यास, रावी, चिनाब, और झेलम है।

गंगा-ब्रह्मपुत्र मेघना एक अन्य महत्वपूर्ण प्रणाली है जिसका उप द्रोणी क्षेत्र भागीरथी और अलकनंदा में हैं, जो देवप्रयाग में मिलकर गंगा बन जाती है। यह उत्तरांचल, उत्तर प्रदेश, बिहार और प.बंगाल से होकर बहती है। राजमहल की पहाडिय़ों के नीचे भागीरथी नदी, जो पुराने समय में मुख्य नदी हुआ करती थी, निकलती है जबकि पद्भा पूरब की ओर बहती है और बांग्लादेश में प्रवेश करती है।

ब्रह्मपुत्र नदी विश्व की सबसे लम्बी नदियों में से एक है।  इस ऩदी का उद्गम स्थान मानसरोवर झील के निकट महान हिमनद (आंग्सी ग्लेसियर) से निकलती है। इसका अपवाह तंत्र देशों- तिब्बत(चीन), भारत तथा बंग्लादेश में फैला हुआ है। ब्रह्मपुत्र का अधिकतम विस्तार तिब्बत(चीन) में है यहां इसे शांगप  (यारलुंग) नाम से जानी जाती है। ब्रह्मपुत्र नदी भारत के अरूणाचल प्रदेश में प्रवेश करती है और दिहांग नाम से जानी जाती है तथा गारो पहाड़ी के निकट गोलपारा के पास बंग्लादेश में प्रवेश करती है और जमुना नाम से जानी जाती है। यहां ब्रह्मपुत्र में तिस्ता आदि नदियां मिलकर अन्त में पद्मा (गंगा) नदी में मिल जाती है। ब्रह्मपुत्र नदी में ही विश्व का सबसे बडा नदी द्वीप पाया जाता है यह द्वीप संकटग्रस्त स्थिति में है इसे विश्व विरासत में शामिल कराने का प्रयास किया जा रहा है।

 ब्रह्मपुत्र तिब्बत से निकलती है, जहां इसे सांगणो कहा जाता है और भारत में अरुणाचल प्रदेश तक प्रवेश करने तथा यह काफ़ी लंबी दूरी तय करती है, यहाँ इसे दिहांग कहा जाता है। पासी घाट के निकट देबांग और लोहित ब्रह्मपुत्र नदी से मिल जाती है और यह संयुक्त नदी पूरे असम से होकर एक संकीर्ण घाटी में बहती है। यह घुबरी के अनुप्रवाह में बांग्लादेश में प्रवेश करती है।

सहायक नदियां- यमुना, रामगंगा, घाघरा, गंडक, कोसी, महानदी, और सोन; गंगा की महत्वपूर्ण सहायक नदियां हंै। चंबल और बेतवा महत्वपूर्ण उप सहायक नदियां हैं जो गंगा से मिलने से पहले यमुना में मिल जाती हैं। पद्मा और ब्रह्मपुत्र बांग्लादेश में मिलती है और पद्मा अथवा गंगा के रूप में बहती रहती है। भारत में ब्रह्मपुत्र की प्रमुख सहायक नदियां सुबसिरी, जिया भरेली, घनसिरी, पुथिभारी, पागलादिया और मानस हैं। बांग्लादेश में ब्रह्मपुत्र तिस्त आदि के प्रवाह में मिल जाती है और अंतत: गंगा में मिल जाती है। मेघना की मुख्य नदी बराक नदी मणिपुर की पहाडिय़ों में से निकलती है। इसकी महत्वपूर्ण सहायक नदियां मक्कू, ट्रांग, तुईवई, जिरी, सोनई, रुक्वी, कचरवल, घालरेवरी, लांगाचिनी, महुवा और जातिंगा हैं। बराक नदी बांग्लादेश में भैरव बाज़ार के निकट गंगा-ब्रह्मपुत्र के मिलने तक बहती रहती है।

मिकी माउस कब अस्तित्व में आया?
18-Nov-2021 10:05 AM (36)

वर्ष  1928 में पहली बार मिकी माउस अपनी फिल्म स्टीमबोट विली के साथ बड़े पर्दे पर दिखा। 18 नवंबर 1928 में निकली फिल्म स्टीमबोट विली दुनिया की पहली कार्टून फिल्मों में थी जिसमें तस्वीरों के साथ आवाज भी था। इसके बाद मिकी 130 से ज्यादा फिल्मों में दिखा। ज्यादातर फिल्में छोटी होती थीं लेकिन वह कुछ लंबी फिल्मों में भी आया है। 1942 में लेंड ए पॉ नाम की उसकी फिल्म को बेहतरीन कार्टून फिल्म के लिए ऑस्कर भी मिला।

 1930 से मिकी को अखबारों में भी पढ़ा जाने लगा और 45 साल तक वह लोगों का दिल बहलाता रहा। अखबारों के लिए कार्टून बनाते थे फ्लॉयड गॉटफ्रेडसन। 1955 से 1996 तक मिकी टीवी सीरीज मिकी माउस क्लब में देखा जाने लगा। टीवी के अलावा डिजनी के वीडियो गेम में मिकी अकसर दिखता है। डिजनी वल्र्ड में आप मिकी से जाकर मिल भी सकते हैं।

 मिकी का साथ उसकी गर्लफ्रेंड मिनी देती है। उसके कुत्ते का नाम है प्लूटो। डॉनल्ड डक, गूफी उसके दोस्त हैं और मिकी का सबसे बड़ा दुश्मन है पीट जो करीब करीब मिकी जैसा ही दिखता है।

मुक्तिनाथ
18-Nov-2021 10:05 AM (40)

मुक्तिनाथ वैष्णव संप्रदाय के प्रमुख मंदिरों में से एक है। यह तीर्थस्थान शालिग्राम भगवान के लिए प्रसिद्ध है। शालिग्राम दरअसल एक पवित्र पत्थर होता है जिसको हिंदू धर्म में पूजनीय माना जाता है। यह मुख्य रूप से नेपाल की ओर प्रवाहित होने वाली काली गण्डकी नदी में पाया जाता है।

जिस क्षेत्र में मुक्तिनाथ स्थित हैं उसको मुक्तिक्षेत्र के नाम से जाना जाता हैं। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह वह क्षेत्र है, जहां लोगों को मुक्ति या मोक्ष प्राप्त होता है। मुक्तिनाथ की यात्रा काफी मुश्किल है। फिर भी हिंदू धर्मावलंबी बड़ी संख्या में यहां तीर्थाटन के लिए आते हैं। यात्रा के दौरान हिमालय पर्वत के एक बड़े हिस्से को लांघना होता है। यह हिंदू धर्म के दूरस्थ तीर्थ स्थानों में से एक है।

मुक्तिनाथ 108 दिव्य देशों में से एक है। यह दिव्य देश वैष्णवों का पवित्र मंदिर होता है। पारंपरिक रूप से विष्णु शालिग्राम शिला या शालिग्राम पत्थर के रूप में पूजे जाते हैं। इस पत्थर का निर्माण प्रागैतिहासिक काल में पाए जाने वाले कीटों के जीवाश्म से हुआ था, जो मुख्य रूप से टेथिस सागर में पाए जाते थे। जहां अब हिमालय पर्वत है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शालिग्राम शिला में विष्णु का निवास होता है। इस संबंध में अनेक पौराणिक कथाएं भी प्रचलित हैं।

 पुरानी दंतकथाओं के अनुसार मुक्तिक्षेत्र वह स्थान है जहां पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। यहीं पर भगवान विष्णु शालिग्राम पत्थर में निवास करते हैं। मुक्तिनाथ से होकर उत्तरी-पश्चिमी क्षेत्र के महान बौद्ध भिक्षु पद्मसंभव बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए तिब्बत गए थे।

हर दिन हॉट सीट 18 नवंबर
18-Nov-2021 10:04 AM (15)

 1. मेंढक में श्वसन क्रिया किसके माध्यम से होती है?

(अ)फेफड़ों द्वारा (ब) गलफड़ों द्वारा (स) त्वचा द्वारा (द) फेफड़ों एवं त्वचा द्वारा

2. रूधिर स्कंदन किसे कहते हैं?

(अ) रक्त संचालन में अवरोध उत्पन्न होने का (ब) रक्त के किसी एक स्थान पर इक_ा हो जाने को (स) लाल रूधिर कणिकाओं के श्वेत कणिकाओं में प्रवेश कर जाने को (द) रूधिर प्रवाह अधिक मात्रा में होने को

3. किस फसल का भारत में अधिक उत्पादन होता है?

(अ) आम (ब) पपीता (स) केला (द) अमरूद

4. इलायची की खेती कहां होती है?

(अ) केरल (ब) गुजरात (स) मध्यप्रदेश (द) शिमला

5. ओलंपिक ध्वज पर अंकित पांच छल्ले किसके प्रतीक हैं?

(अ) पांच महाद्वीपों के (ब) पांच महासागरों के (स) पांच राष्ट्रों के (द)पांच खेलों के

6. एशियाई खेलों का उद्देश्य क्या है?

(अ) हमेशा आगे की ओर (ब) शांति और प्रगति (स) आपसी सद्भावना (द) और तेज, और ऊंचा

7. आइडल्स नामक प्रसिद्ध पुस्तक के लेखक कौन हैं?

(अ) कपिल देव (ब) अजित वाडेकर (स)सुनील गावस्कर (द) फारुख इंजीनियर

8. वह पहला भारतीय खिलाड़ी कौन था, जिसने अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक की?

(अ) कपिल देव (ब) हरभजन सिंह (स) जशू पटेल (द) वी.एस. चंद्रशेखर

9. ओलंपिक शब्द ओलम्पस से आया है, जो एक नाम है?

(अ) झील का (ब) पर्वत का (स) नदी का (द) मरुस्थल का

10. मानसिक स्वास्थ्य का अर्थ है- वास्तविकता के धरातल पर वातावरण से पर्याप्त सामंजस्य करने की योग्यता, यह परिभाषा किसने दी है?

(अ) कोहलर (ब) लैडेल (स) क्रो एवं क्रो (द) गुड

11. भागवान श्रीकृष्ण किस क्षत्रिय कुल में आते हैं?

(अ) इक्ष्वाकु (ब) ज्ञातृक (स)सात्वत (बृष्णि) (द) चंद्रवंशी

12. भागवत धर्म का सही तादात्म्य है?

(अ) एन्थेइस्ट (ब) थेइस्ट (स) भौतिकवाद (द) ईश्वरवाद

13. मध्यमिका सूत्र के प्रतिपादक कौन थे?

(अ) असंग (ब) वसुमित्र (स) अश्वघोष (द) नागार्जुन

14. इनमें से कौन सा सही युग्म है?

(अ) कांसे की मूर्ति-कालीबंगन (ब) घोड़े की अस्थियां-सुरकोटड़ा (स) वृहत स्नानागार-हड़प्पा (द) मोहनजोदड़ो- रावी नदी

15. त्रिरल में कौन शामिल नहीं है?

(अ) बुद्घ (ब) संघ (स) अहिंसा (द) धम्म

16. गुप्त संवत् की शुरुआत किस वर्ष से मानी जाती है?

(अ) चंद्रगुप्त प्रथम-319-20 ई. (ब) समुद्रगुप्त-344 ई. (स) चंद्रगुप्त- द्वितीय 378 ई. (द) कुमार गुप्त 445 ई.

17. भारत परिषद् की समाप्ति किस अधिकनियम के द्वारा हुई?

(अ) 1909 का अधिनियम (ब) 1919 का अधिनियम (स) 1935 का अधिनियम (द) 1947 का अधिनियम

18. 1937 में निम्नलिखित में से किन दो प्रांतों में गैर कांग्रेसी मंत्रिमंडलों का गठन हुआ?

(अ) पंजाब एवं बिहार (ब) बिहार एवं बंगाल (स) बंगाल एवं पंजाब (द) पंजाब एवं उत्तरी पश्चिमी सीमांत प्रांत

19. निम्नलिखित में से किस राजनीतिज्ञ ने लंदन में होने वाले तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया?

(अ) तेज बहादुर सप्रू (ब) सी. विजयाराघवाचारियार (स) भीमराव अंबेडकर (द) उपर्युक्त में से कोई नहीं

20. जमोरिन निम्र में से कौन था?

(अ) कालीकट का शासक (ब) त्रावणकोट का मंत्री (स) अरब व्यापारी (द) मालाबार का शासक

21. पानीपत का तृतीय युद्घ किस वर्ष हुआ था?

(अ) 1526 में (ब) 1556 में (स) 1761 में (द) 1802 में

22.  विज्ञान की श्वश्चद्बद्दह्म्ड्डश्चद्ध4 शाखा में किसका अध्ययन किया जाता है?

(अ) अभिलेखों का अध्ययन (ब) अभिलेखों का प्राचीन भाषा का अध्ययन (स) सिक्कों का अध्ययन (द) प्राचीन वस्तुओं का अध्ययन

23. उत्तर-दक्षिण पूर्व और पश्चिमी व्यापार का केंद्र बिंदु कौन सा क्षेत्र था?

(अ) झांसी (ब) उज्जैन (स) कलॉज (द) भोपाल

24. सिविल सर्विस व्यवस्था का जन्मदाता कौन था, जो 1861 के एक्ट के बाद अंग्रेजी राज्य का आधार स्तंभ बना?

(अ) वेलेजली (ब) कार्नवालिस (स) क्लाइव (द) केनिंग

25. संगमकालीन किस नयनार संत को अप्पार कहा जाता था?

(अ) तिरुनाबुक्करशु (ब) सितनार (स) परनर (द) इरैयनार

26. निम्र में से कौन उत्तर भारत के सूफी संत नहीं थे?

(अ) शेख मेसूद राज (ब) फरीद (स) काकी (द) सरहिंदी

27. वर्ष 1857 के विद्रोह के दौरान अंग्रेजों का साथ निम्र में से किसने नहीं दिया था?

(अ) दोस्त मोहम्मद ने (ब) सरखान बहादुर खान ने (स) सर दिनकर राव ने (द) सलारजंग ने

28. अर्गोग्राफ निम्नलिखित में से किसके मध्य संबंध को प्रदर्शित करता है?

(अ) सापेक्ष आद्र्रता एवं वर्षा (ब) तापमान एवं वर्षा (स) जलवायु एवं फसल का विकास चक्र (द) वर्षा एवं पवनें

29. मानचित्र पर खींची गई वह रेखा जो समुद्री भाग पर समान लवणता वाले बिंदुओं को जोड़ती हैं, उसे कहा जाता है?

(अ) समगहराई रेखा (ब) समकोणीय रेखा (स) समलवण रेखा (द) समचुंबकीय झुकाव रेखा

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सही जवाब- 1.(द) फेफड़ों एवं त्वचा द्वारा, 2.(स) लाल रूधिर कणिकाओं के श्वेत कणिकाओं में प्रवेश कर जाने को, 3.(अ)आम, 4.(अ) केरल, 5.(अ) पांच महाद्वीपों के, 6.(अ) हमेशा आगे की ओर, 7.(स)सुनील गावस्कर, 8.(ब) हरभजन सिंह, 9.(ब) पर्वत का, 10.(ब) लैडेल 11. (स)सात्वत (बृष्णि), 12.(द) ईश्वरवाद, 13.(द) नागार्जुन, 14.(ब) घोड़े की अस्थियां-सुरकोटड़ा, 15.(स) अहिंसा, 16.(अ) चंद्रगुप्त प्रथम-319-20 ई.,17.(स)1935 का अधिनियम, 18.(स) बंगाल एवं पंजाब, 19.(स)भीमराव अंबेडकर, 20.(अ) कालीकट का शासक, 21. (अ) 1526 में, 22.(अ) अभिलेखों का अध्ययन, 23.(ब) उज्जैन, 24.(ब) कार्नवालिस, 15.(अ) तिरुनाबुक्करशु, 26.(अ) शेख मेसूद राज, 27.(ब) सरखान बहादुर खान ने, 28.(स) जलवायु एवं फसल का विकास चक्र, 29.(स) समलवण रेखा।

मंगल यात्रियों के लिए कैसी सुरक्षा देने को तैयार है नासा क्यूरोसिटी रोवर
18-Nov-2021 9:59 AM (35)

मंगल ग्रह पर इंसानों को भेजने की तैयारियों पर गंभीरता से काम चल रहा है. इससे संबंधित शोधों में मंगल तक जाने आने में आने वाली कई चुनौतियों का हल निकालने का प्रयास किया जा रहा है. इन्हीं में से कुछ समस्याओं के हल के लिए नासा का क्यूरोसिटी रोवर समाधान दे सकता है जिससे मंगल यात्रियों का सफर कुछ आसान हो सकता है. लावा ट्यूब्स, गुफाओं या सतह के नीचे के आवास जैसे सुरक्षित स्थानों की तलाश भविष्य के मंगलयात्रियों के वहां रहना आसान बना सकते हैं. इसके लिए नासा के क्यूरोसिटी रोवर के टीम के वैज्ञानिक रेडिएशन एसेस्मेंट डिटेक्टर या रेड की मदद ले रहे हैं.

मंगल के साथ एक बड़ी परेशानी यह है कि पृथ्वी की तरह उसका खुद का कोई मैग्नेटिक फील्ड नहीं होता है जिससे वह अंतरिक्ष से आने वाले उच्च ऊर्जा वाले कणों के विकिरणों से रक्षा कर सके. इसलिए मंगल पर आने वाले विकिरण यहां इंसानों की सेहत के लिए बहुत घातक साबित हो सकते हैं और मंगल पर मानव के समर्थन के लिए सहयोगी तंत्र वाले जीवन के लिए भी बहुत हानिकारक हो सकते हैं. नासा के क्यूरियोसिटी के रेड के आंकड़ों के आधार पर शोधकर्ता ऐसे प्राकृतिक पदार्थ खोजने का प्रयास कर रहे हैं जो इस विकिरण से सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं. 

जेजीआर प्लैनेट्स में प्रकाशित शोधपत्र में उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे क्यूरोसिटी मंगल के मुरे बट्टस स्थान की चोटी पर 9 से 21 सितंबर तक 2021 रहा था. वहां रहते हुए रेड ने कुल विकिरण में चार प्रतिशत की गिरावट दर्ज की थी. इससे भी ज्यादा अहम बात यह है कि उपकरण ने तटस्थ कणों के विकिरण में 7.5 प्रतिशत गिरावट दर्ज की जिसमें न्यूट्रॉन होते हैं जो चट्टानों को पार कर सकते हैं और मानव स्वास्थ्य के लिए विशेष तौर पर नुकसानदायक होते हैं. ये संख्याएं साफ तौर से दर्शाती हैं कि ऐसा चोटी के पास नीचे की ओर के स्थान पर रहने के कारण हुआ था जो समान्य मैदानी विकिरणों से काफी अलग था.

इस अध्ययन के प्रमुख लेखक और साउथेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के बेन्ट एर्शमैन ने बताया, “हम ऐसे नतीजों के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे थे जो हमारे कम्प्यूटर प्रतिमानों की सटीकता को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी हैं. मंगल ग्रह के मुरे बट्स में हमें आखिरकार ऐसे हालात और आंकड़े मिले जिनका विश्लेषण इस लिहाज से उपयोगी था. अब हम दूसरे इलाकों में देख रहे हैं जहां रेड को इसी तरह के आंकड़ें मिल सकें.” 

मंगल ग्रह पर आए और रेड के द्वारा मापे गए अधिकांश विकिरण गैलेक्टिक कॉस्मिक विकिरण होते हैं. जिससे पूरे ब्रह्माण्ड से, सौरमंडल के बाहर विस्फोटित हुए तारों से आए कण होते हैं. इन्हें है बैकग्राउंड रेडिएशन कहा जाता है जो मानव स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक माने जाते है. इसके अलावा सूर्य से और भी ज्यादा तीव्र विकिरण आते हैं जो सौर तूफान से पैदा होते हैं. ये विकिरण अंदरग्रहीय अंतरिक्ष में आयनीकृत गैसे के विशाल चाप के रूप में आते हैं. 

जर्मनी की क्रिश्चियन एल्ब्रेच यूनिवर्सिटी में नौ साल तक रेडके आंकड़ों का विश्लेषण करने शोधकर्ता और सितंबर में एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स रीव्यू में प्रकाशित अध्ययन की अगुआई करने वाली जिंगनान गुओ ने बताया कि ये विकिरण सरंचनाएं अंतरिक्ष में मुड़ सकती हैं और कई बार क्रोसिएंट आकार की पृथ्वी से भी बड़ी और जटिल फ्लक्स ट्यूब बना सकती हैं. इनसे ऐसे झटकेदार तरंगें निकलती हैं जो मंगल पर कणों को बहुत कारगर तरीके से ऊर्जावान बना देती हैं. 

शोधकर्ताओं का कहना है कि मंगल पर कॉस्मिक विकिरण, सौर विकिरण और सौर तूफान मिल कर अंतरिक्ष का मौसम बनाते हैं. और रेड एक प्रभाव मौसम केंद्र की तरह मंगल की सतह पर काम कर रहा है. उनका कहना है कि जब सौर विकिरण चरम पर होता है तो वह कॉस्मिक विकरण से करीब 30 से 50 प्रतिशत तक बचा सकता है, लेकिन ऐसे में मंगल यात्रियों को सौर तूफानों के विकिरणों से निपटना होगा. रेड पिछले कई सालों से लगातार सौर ज्वाला और सौरतूफानों का अवलोकन कर रहा है. उसके आंकड़े भावी मंगल अभियानों के लिए बहुत उपयोगी साबित होंगे. (news18.com)

Batukeshwar Dutt Birthday: भगत सिंह का साथी जिसे नहीं मिला उसके हक का सम्मान
18-Nov-2021 9:58 AM (35)

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांतिकारियों का भी बहुत योगदान था. इनमें से चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, राम प्रसाद बिस्मिल जैसे क्रांतिकारियों का नाम प्रमुखता से लिया जाता है. इनके अलावा बहुत से क्रांतिकारियों को योगदान था जिनके बलिदान के किस्से आज भी सुने सुनाए जाते हैं. तो वहीं कुछ भूले बिसरे क्रांतिकारियों की भी कमी नहीं है. लेकिन एक क्रांतिकारी ऐसा भी है जिसके बलिदानों को आजादी के बाद ही उसके जीते जी भुला दिया गया. यह कोई और नहीं भगत सिंह के साथी रहे बटुकेश्वर दत्त थे.  आज 18 नवंबर तो उनका जन्मदिन है.

आजाद भगत सिंह से मिले और बन गए क्रांतिकारी
बटुकेश्वर दत्त की कहानी बहुत ही दर्दनाक कहानी है. दत्त का जन्म 18 नवंबर 1910 को बंगाल के पूर्व वर्धमान के खंडागोश गांव के कायस्थ परिवार में  हुआ था. हाईस्कूल और कॉलेज की पढ़ाई उनकी कानपुर में  हुई जहां उनकी मुलाकात चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह से हुई. इसके बाद वे 1928 में हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी के सदस्य बन गए.

सेंट्रल असेंबली में बम
क्रांतिकारी बनने के बाद बटुकेश्वर दत्त ने बम बनाना सीखा. उनकी और भगत सिंह की भी बहुत गहरी दोस्ती थी. उस समय ब्रिटिश सरकार के पब्लिक सेफ्टी बिल और ट्रेड डिस्प्यूट बिल के विरोध में भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने  8 अप्रैल 1929 को सेंट्रल असेंबली जैसी अति सुरक्षा वाली इमारत के अंदर चलते सत्र में भगत सिंह के साथ बटुकेश्वर दत्त ने दो बम फेंक कर पर्चे फेंके और अपनी गिरफ्तारी दी.

दोनों को आजीवन कारावास
भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने इस बात का खास ख्याल रखा कि कोई भी उनके बमों से आहत ना हो बम फेंकने के बाद दोनों वहां से फरार होने के बजाय असेंबली में पर्चे फेंक कर लागातार आजादी के नारे लगाते रहे और अपनी गिरफ्तारी दी. इसके बाद उन पर मुकदमा चला और 12 जून 1929 को दोनों दोस्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई.

दो दोस्तों का बिछुड़ना
इस सजा के बाद भगत सिंह पर लाहौर षड़यंत्र का केस चला जिसमें उन पर लाहौर सुप्रिंटेंडेंट सांडर्स की हत्या का आरोप था. इस मामले में उन्होंने राजगुरू और सुखदेव के साथ फांसी की सजा सुनाई गई. लेकिन बटुकेश्वर दत्त को आजीवन कारावास के लिए कालापानी की सजा के लिए अंडमान की सेल्यूलर जेल भेज दिया गया.

कालापानी की सजा
बटुकेश्वर दत्त ने 1933 और 1937 में ऐतिहासिक भूख हड़ताल की. 1937 में ही उहें सेल्यूलर जेल से बिहार की पटना स्थिति बांकीपुर केंद्रीय जेल लाया गया और 1938 में रिहा कर दिया गया. दत्त कालापानी से टीबी की गंभीर बीमारी लेकर लौटे, लेकिन इसके बाद वे भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल हो गए जिसके बाद उन्हें फिर चार साल के लिए जेल में डाल दिया गया.

आजादी के बाद
दत्त 1945 में जेल से रिहा हो गए और आजादी के बाद वे पटना में रहने लगे. उन्हें काफी समय संघर्षपूर्ण जीवन जीना पड़ा और उन्हें वह सम्मान भी नहीं मिला जिसके हकदार थे. बाद में उन्हें बिहार विधानसभा परिषद का सदस्य बनाया अंतिम समय में उन्हें इलाज भी ढंग से नहीं मिला  बाद में उन्हें दिल्ली के सफदर जंग अस्पताल में भर्ती कराया गया.

देर से जागा सिस्टम
दत्त की खबर सरकारी तंत्र ने देर से ली, लेकिन उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार उनका अंतिम संस्कार पंजाब के हुसैनवाला की उसी जगह कराया गया, जहां उनके मित्र भगतसिंह की समाधी थी. बताया जाता है कि भगत सिंह ने जेल में उनका ऑटोग्राफ लिया था. वे 1965 में बनी फिल्म शहीद के लेखकों में से एक थे. (news18.com)

हर दिन हॉट सीट 17 नवंबर
17-Nov-2021 9:57 AM (36)

1. प्रोटीन के पाचन में सहायक एन्जाइम क्या है?

(अ) यूरिएस (ब) सल्फेटेस (स) ट्रिप्सिन (द) प्रोटिएस

2. अगर किसी वस्तु का फोकस अवतल दर्पण पर पड़ता है, तो उसकी छाया कैसी बनेगी?

(अ) फोकस एवं सेंटर ऑफ कर्वेचर के मध्य (ब) फोकस एवं पॉल ऑफ कॉन्केव दर्पण के मध्य (स) अनंत (द)इनमें से कोई नहीं

3. वह धातु जो अम्ल एवं क्षार के साथ क्रिया करके हाइड्रोजन निकालती है?

(अ) जिंक (ब) पोटेशियम (स) सोडियम (द) कैल्सियम

4. रामायण के अनुसार निम्नलिखित में से कौन शत्रुघ्न की माता थीं?

(अ) सुमित्रा (ब) कौशल्या (स) कैकेयी (द)सुभद्रा

5. इटली का निकोलो कोण्टी किसके शासनकाल में भारत आया था?

(अ) हरिहर प्रथम (ब) देवराय प्रथम (स) कृष्णदेव राय (द) वीर नरसिंह

6. पुर्तगालियों के समय बंगाल का कौन सा बंदरगाह पोर्टो ग्राउंड के नाम से जाना जाता था?

(अ) चंद्रद्वीप (ब) हुगली (स) चटगांव (द) सतगांव

7. यदि लोकसभा में मत विभाजन के दौरान पक्ष व विपक्ष में बराबर मत पड़ते हैं। इस स्थिति में निर्णय कैसे किया जाता है?

(अ) पुन: मतदान द्वारा (ब) सिक्का उछाल कर (स) राष्टï्रपति द्वारा अंतिम निर्णय होता है (द) लोकसभा अध्यक्ष इस स्थिति में निर्णायक मत देता है

8. लोकसभा में यदि किसी मंत्री के विरूद्घ अविश्वास मत पारित हो जाए, तो इस स्थिति में?

(अ) मंत्री त्यागपत्र देता है (ब) प्रधानमंत्री त्यागपत्र देता है (स) लोकसभा भंग हो जाती है (द) प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद त्यागपत्र देती है

9. मछलियों का जीव विज्ञान की किसी शाखा के अंतर्गत अध्ययन किया जाता है?

(अ) लैपिडा टेरियोलॉजी (ब) हेरपेटोलॉजी (स) ऑरानिथोलॉजी (द) इक्थियोलॉजी

10. गेट फिशर बैंक किस सागर में स्थित है?

(अ) बाल्टिक सागर में (ब) उत्तरी सागर में (स) एशियाटिक सागर में (द) इनमें से कोई नहीं

11. दक्षिण मेें निम्नलिखित में से किसके शासन में मुगल साम्राज्य तमिल राज्य क्षेत्र तक फैला था?

(अ) अकबर (ब) औरंगजेब (स) जहांगीर (द) शाहजहां

12. निम्नलिखित में से कौनसा मुगल बादशाह पहले तो अंग्रेजों का कैदी रहा और बाद में जीवनपर्यंत मराठों का पेंशनभोगी रहा?

(अ) शाह आलम-द्वितीय (ब) बहादुरशाह-द्वितीय (स) आलमगीर द्वितीय (द) अकबरशाह-द्वितीय

13. निम्नलिखित प्राणियों में से किसमें, त्वचा द्वारा श्वसन होता है?

(अ) उडऩ मीन (ब) समुद्री घोड़ा (सी हार्स) (स) मेढक (द) गिरगिट

14. खुरपका व मुंहपका रोग किनमें पाया जाता है?

(अ)  बिल्लियां और कुत्ते (ब) गोपशु (स) कुक्कुट (द) मानव

15. निम्नलिखित में से किसने यह ज्ञात किया कि हाइड्रोजन नाभिकों के संलयन से ड्यूटीरियम के बनने पर अत्यधिक ऊर्जा का मोचन होता है?

(अ) एनरिको फर्मी (ब) ग्लेन सीबोर्ग (स) हंस बेथे (द) वर्नर हाइसबर्ग

16. चेन्नई ओर विशाखापतनम को कौन सा राष्टï्रीय राजमार्ग जोड़ता है?

(अ) एनएच-4 (ब) एनएच-5 (स) एनएच-6 (द) एनएच-8

17. निम्नलिखित में से किसमें पूर्ण आंतरिक परावर्तन की घटना होती है?

(अ) दीप्त ट्यूब लाइट (ब) लेंस से गुजरता प्रकाश (स) चमचमाता हीरा (द) झिलमिलाता तारा

18. रेशम के कीड़े का मुख्य खाद्य पदार्थ क्या होता है?

(अ) कीड़े, (ब) घास (स) पानी (द) शहतूत के पत्ते

19. मानव शरीर की सबसे छोटी हड्डïी कौन सी है?

(अ) नाखून (ब)जबड़े की हड्डïी (स) स्टेपिस (द) नाक की हड्डïी

20. सुनामी आपदा किस तिथि को आई थी?

(अ) 26 दिसंबर, 2004  (ब)29 जून 1994 (स) 2 अगस्त  1992 (द)20 अगस्त 1997

21. भारत में एगमार्क का अधिकृत प्रमाण-पत्र कौन देता है ?

(अ) नेशनल एग्रीकल्चरल को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन (ब)डाइरेक्टोरेट ऑफ मार्केटिंग एण्ड इन्सपेक्शन (स) भारतीय मानक संस्थान (द) नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड

22. भारत में किसी राज्य की विधानसभा के सदस्यों की अधिकतम संख्या कितनी हो सकती है?

(अ) 400 (ब) 450 (स) 500 (द) 550

23. बैंक दर वह दर होती है जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक-

(अ) सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को ऋण प्रदान करता है (ब) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को ऋण प्रदान करता है (स) निजी निगम क्षेत्र को ऋण प्रदान करता है (द) गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं को ऋण प्रदान करता है

24. नवजात शिशु को बी.सी.जी. का टीका किस उम्र में लगाया जाता है?

(अ) जन्म के एक साल के अंदर (ब) जन्म के दो महीने के अंदर (स) जन्म के 7 दिनों के भीतर (द) लगाने की जरूरत ही नहीं होती है

25. क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के लिए कितनी राशि की अवश्यकता वित्त मंत्रालय द्वारा आकलित की गई है?

(अ) 600 करोड़ (ब)1200 करोड़ (स) 1800 करोड़ (द) 2400 करोड़

26. सोते समय रक्त दाब (ब्लडप्रेशर) में क्या कोई परिवर्तन होता है?

(अ) वह बढ़ जाता है (ब) वह घट जाता है (स) कोई फर्क नहीं पड़ता है (द) सामान्य बना रहता है

---

सही जवाब-1.(स) ट्रिप्सिन 2.(स) अनंत, 3.(अ) जिंक, 4.(अ) सुमित्रा, 5.(ब) देवराय प्रथम, 6.(स) चटगांव, 7.(द) लोकसभा अध्यक्ष इस स्थिति में निर्णायक मत देता है, 8.(द) प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद त्यागपत्र देती है, 9.(द) इक्थियोलॉजी, 10.(ब) उत्तरी सागर में, 11.(ब) औरंगजेब, 12.(अ) शाह आलम-द्वितीय, 13.(स) मेंढक, 14.(ब) गोपशु, 15.(स) हंस बेथे, 16.(ब) एनएच-5, 17. (स) चमचमाता हीरा, 18.(द)शहतूत के पत्ते, 19. (स)स्टेपिस (कान की हड्डी), 20.(अ)26 दिसंबर, 2004 ,21.(अ)नेशनल एग्रीकल्चरल को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन, 22.(द) 550, 23.(ब) अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को ऋण प्रदान करता है, 24.(स) जन्म के 7 दिनों के भीतर, 25.(स)1800 करोड़, 26.(ब) बल्डप्रेशर घटता है।

मंगल ग्रह से सामने आई एलियंस के 'कब्रिस्तान' की तस्वीर, NASA ने जारी की PHOTOS
16-Nov-2021 1:15 PM (47)

दुनियाभर के वैज्ञानिक कई सालों से दूसरे ग्रह पर जिंदगी के निशान ढूंढ रहे हैं. इसमें अभी तक किसी को सफलता नहीं मिल पाई है. सिर्फ दावे किये जाते हैं. लेकिन पुख्ता तौर पर कोई सबूत नहीं मिल पाया है. वैज्ञानिक पृथ्वी के अलावा दूसरे ग्रह पर पानी या ऑक्सीजन की तलाश में जुटे हुए हैं. कुछ ग्रहों पर वैज्ञानिकों को उम्मीद की किरण मिली है. इसमें मंगल ग्रह सबसे आगे हैं. कुछ समय पहले नासा ने मंगल ग्रह पर मार्स रोवर भेजा था. इससे आई तस्वीरें मंगल ग्रह के कई राज खोल रही है. अब जो लेटस्ट तस्वीरें आई है, उसे देखने के बाद लोग इसे कब्रिस्तान बता रहे हैं.

नासा के मार्स रोवर ने स्पेस एजेंसी के जरिये मंगल ग्रह की कुछ नई तस्वीरें शेयर की है. इसमें लाल ग्रह पर पड़े बड़े-बड़े पत्थर दिख रहे हैं. इसे देखने के बाद कई लोगों ने इसे कब्रिस्तान की फोटो बताई. लोग दावा कर रहे हैं कि मंगल ग्रह पर पहले लोग रहते थे. ये उन्हीं का कब्रिस्तान है. डेली मिरर में छपी तस्वीरों के को देख ये कब्रिस्तान नजर आ रहा है. इसमें लाल ग्रह पर बड़े-बड़े चट्टान कुछ इस तरह नजर आ रहे हैं.

graveyard in mars spottedकई लोगों को तस्वीर में एलियन भी नजर आया
रोवर को नासा ने पिछले साल जुलाई में मार्स पर भेजा था. फरवरी 2022 तक ये मंगल ग्रह की तस्वीरें भेजेगा. मार्स रोवर का एक ट्विटर पेज पर बनाया गया है. इसपर नासा भेजी गई तस्वीरें अपलोड करती है. इसे अभी तक 28 लाख लोग फॉलो कर रहे हैं. लोग भी मंगल ग्रह की नई तस्वीरें देखने के लिए एक्साइटेड रहते हैं. अब जो तस्वीरें सामने आई है, उसमें जो दिख रहा है, उसे लोगों ने एलियन का कब्रिस्तान बता रहे हैं.

graveyard in mars spottedमंगल ग्रह के पत्थर दिखने में कब्रिस्तान जैसे लग रहे हैं
ट्विटर पर पत्थरों की इस तस्वीर ने सभी को कन्विंस कर दिया है कि ये कब्रिस्तान की फोटोज है. एक यूजर ने लिखा कि इन चट्टानों के नीचे क्या दबा है? कहीं इनमें एलियंस की लाशें तो नहीं? वहीं कुछ लोगों को इस तस्वीर में एक एलियन एलियन भी नजर आया. कुछ लोगों ने इस तस्वीर को खूबसूरत बताया. रोवर लगातार मार्स की तस्वीर शेयर कर रहा है. अभी नासा ने इसके जरिये और भी राज खुलने की उम्मीद जताई है. (news18.com)

निमोनिया
16-Nov-2021 9:16 AM (66)

निमोनिया फेफड़े में सूजन वाली एक परिस्थिति है—जो प्राथमिक रूप से अल्वियोली(कूपिका) कहे जाने वाले बेहद सूक्ष्म (माइक्रोस्कोपिक) वायु कूपों को प्रभावित करती है। यह मुख्य रूप से वायरस या बैक्टीरिया और कम आम तौर पर माइक्रोऑर्गेनिज़्म, कुछ दवाओं और अन्य परिस्थितियों जैसे स्वत: प्रतिरक्षा रोगों द्वारा संक्रमण द्वारा होती है।

आम लक्षणों में खांसी, सीने का दर्द, बुखार और सांस लेने में कठिनाई शामिल है।  कुछ प्रकार के निमोनिया की रोकथाम के लिये टीके उपलब्ध हैं। उपचार, अंतर्निहित कारणों पर निर्भर करते हैं।  निमोनिया का उपचार एंटीबायोटिक द्वारा किया जाता है। यदि निमोनिया गंभीर हो तो प्रभावित व्यक्ति को आम तौर पर अस्पताल में भर्ती किया जाता है।

वार्षिक रूप से, निमोनिया लगभग 450 मिलियन लोगों को प्रभावित करता है जो कि विश्व की जनसंख्या का सात प्रतिशत है और इसके कारण लगभग 4 मिलियन मृत्यु होती हैं। 19वीं शताब्दी में विलियम ओस्लर द्वारा निमोनिया को  मौत बांटने वाले पुरुषों का मुखिया  कहा गया था, लेकिन 20वीं शताब्दी में एंटीबायोटिक उपचार और टीकों के आने से बचने वाले लोगों की संख्या बेहतर हुई है। बावजूद इसके, विकासशील देशों में, बहुत बुज़ुर्गों, बहुत युवा उम्र के लोगों और जटिल रोगियों में निमोनिया अभी मृत्यु का प्रमुख कारण बना हुआ है।

बाल फिल्म सोसायटी
16-Nov-2021 9:15 AM (32)

भारत में  बाल फिल्म सोसायटी (सीएफएसआई) की स्थापना 1995 में बच्चों को फिल्मों के माध्यम से मूल्यों पर आधारित मनोरंजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। सीएफएसआई बच्चों की फिल्मों के निर्माण, संकलन, वितरण/प्रदर्शन और प्रचार में संलग्न है।

सीएफएसआई का मुख्यालय मुंबई में है और इसकी शाखाएं नई दिल्ली और चेन्नई में स्थित हैं। सीएफएसआई का लक्ष्य पूरे देश और विदेश में बाल फिल्म आंदोलन के सशक्तिकरण और प्रसार को प्रोत्साहन देते हुए बच्चों की फिल्मों के प्रचार को सुगम बनाना है। सोसायटी द्वारा निर्मित/प्राप्त फिल्मों का प्रदर्शन राज्य/जिला स्तरीय बाल फिल्म महोत्सवों साथ ही साथ स्कूलों में वितरकों, गैर सरकारी संगठनों आदि के माध्यम से नाट्यशालाओं, गैर नाट्यशाला प्रदर्शनों में प्रदर्शित किया जाता है। बाल फिल्म सोसायटी राज्य द्वारा निर्मित फिल्मों को प्रदर्शित करती है।

ठंड में कंपकंपी क्यों लगती है
16-Nov-2021 9:14 AM (46)

 ठंड के असर से शरीर में भी रोएं खड़े हो जाते हैं, कभी उंगलियां सुन्न हो जाती हैं तो कभी कान ठंडे हो जाते हैं, लेकिन हमारा शरीर ऐसी प्रतिक्रिया क्यों देता है ?

 हर इंसान में यह प्रतिक्रिया अलग अलग होती है। हर इंसान की त्वचा में तापमान के सेंसर होते हैं। कुछ लोगों में ये सेंसर कान में ज्यादा होते हैं तो कुछ में शरीर के किसी और हिस्से में ये सेंसर अधिक मात्रा में हो सकते हैं। इसके अलावा शरीर में तापमान के सेंसरों की संख्या हर इंसान में अलग हो सकती है। शरीर में मौजूद सेंसर एक समय में एक ही तरह के तापमान को समझते हैं। ठंडे तापमान को भांपने वाले सेंसर गर्म तापमान को नहीं आंक पाते हैं, लेकिन दुनिया के किसी भी कोने में रह रहे लोगों का आंतरिक तापमान लगभग समान ही होता है, फिर चाहे वे सहारा के मरुस्थल में रह रहे हों या ग्रीनलैंड की ठंडी बर्फीली हवाओं के बीच।

हमारे शरीर का तामपान 36.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास होता है। अगर यह तापमान 42 डिग्री से ऊपर या 30 डिग्री से नीचे चला जाए तो जान भी जा सकती है। शरीर का तापमान इतना अधिक गिरने की स्थिति में शरीर के भीतर अहम अंग काम करना बंद कर सकते हैं और ऐसी स्थिति में इंसान बेहोश हो सकता है, उसे हाइपोथर्मिया हो सकता है या मौत भी हो सकती है। जैसे ही तापमान गिरता है शरीर का आंतरिक तंत्र सिग्नल भेज कर इस बात की सूचना देता है कि हम खतरे में हो सकते हैं। तापमान में परिवर्तन होने पर शरीर कांपना शुरू कर देता है या रोएं खड़े हो जाते हैं।

  प्राचीन समय में इंसान के शरीर पर बहुत बाल हुआ करते थे जो उसे ठंड से बचने में मदद भी करते थे।  हमारे शरीर पर बाल त्वचा के जिस हिस्से से जुड़े होते हैं वहां ठंड होने पर मांसपेशियां अकडऩे लगती हैं और बाल खड़े हो जाते हैं। उन जीवों में जिनके शरीर पर बहुत बाल होते हैं, बालों की परत ऊष्मारोधी या अवरोधी परत की तरह काम करती हैं। इसी तरह शरीर के पास कुछ और भी आत्मरक्षक तरीके होते हैं।  जब शरीर को अहसास होता है कि उसे और तापमान की जरूरत है तो हमें कंपकपी लगती है। अकसर ऐसी स्थिति में हमारे निचले जबड़े में किटकिटाहट होने लगती है।  जब हम कांपते हैं तो शरीर में रक्त स्राव तेज हो जाता है, जिससे हमें गर्मी मिलती है। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में आंतरिक तापमान बनाए रखने का ज्यादा बेहतर तंत्र होता है। उनके शरीर की संरचना ही कुछ ऐसी होती है जिससे आंतरिक अंगों को गर्मी मिलती रहती है। साथ ही अगर वे गर्भवती हैं तो शरीर के भीतर पल रहे शिशु के लिए भी तापमान उचित बना रहता है।

 एक आम धारणा यह भी है कि मोटे व्यक्ति को ठंड कम लगती है, जो कि सच नहीं है। हालांकि मांसपेशियों का द्रव्यमान भी अहम भूमिका निभाता है। आमतौर पर महिलाओं के शरीर में 25 फीसदी औऱ पुरुषों में 40 फीसदी द्रव्यमान मांसपेशियों का होता है। ज्यादा मांसपेशियों वाले शरीर को ठंड कम लगती है, लेकिन यह धारणा कि वसा या शरीर की चर्बी ठंड से बचने में मदद करती है, गलत है।  ठंड से बचने का बढिय़ा तरीका वजन बढ़ाना नहीं बल्कि शारीरिक गतिविधियां बढ़ाना है।