ताजा खबर

27-May-2020

मुजफ्फरपुर, 27 मई। भीषण गर्मी और भूख से बेहाल होकर बिहार के मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर एक महिला ने दम तोड़ दिया और उसका छोटा सा बच्चा अपने मां के ऊपर ओढ़ाए गए कफऩ को हटाकर जगाने की कोशिश करता रहा। इस घटना की हिला देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। कोरोना वायरस के चलते लागू लॉकडाउन ने जिसे सबसे ज्यादा दुख दिए हैं, वो हैं प्रवासी मजदूर और उनकी दुर्दशा खत्म होने का नाम नहीं ले रही।

सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे क्लिप में देखा जा सकता है कि महिला जमीन पर पड़ी हुई है और उसे एक कपड़े से ढंका गया है लेकिन उसका बच्चा उसके 'कफन' से खेल रहा है और उसे हटाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन जाहिर तौर पर मां उसकी बात नहीं सुन रही। जानकारी है कि महिला की भीषण गर्मी, भूख और डिहाइड्रेशन के चलते मौत हो गई थी। महिला श्रमिक ट्रेन के जरिए मुजफ्फरपुर पहुंची थी।

महिला के परिवारवालों ने बताया कि ट्रेन में खाने-पीने को कुछ न मिलने पर महिला की तबियत खराब हो गई थी। उसने शनिवार को गुजरात से ट्रेन ली थी और सोमवार को मुजफ्फरपुर में ट्रेन के पहुंचने के थोड़ी देर बाद ही उसकी मौत हो गई। महिला के शव को स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर लिटाया गया था। इस दौरान उसका बच्चा उसे बार-बार जगाने की कोशिश करता रहा। बाद में एक दूसरे लड़के ने उसे वहां से हटा दिया।

ढाई साल के बच्चे की भी मौत
इसके अलावा मुजफ्फरपुर स्टेशन पर ही एक ढाई साल के बच्चे की भी मौत हो गई। मृतक बच्चे के परिजन का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण और ट्रेन में खाना-पानी नही मिलने के कारण बच्चे की हालत काफी बिगड़ गई और उसने स्टेशन पर ही दम तोड़ दिया। मां को दूध नहीं उतरा, जिससे कि वो बच्चे को दूध भी नहीं पिला सकी।

मृतक बच्चे के पिता बेतिया निवासी मकसूद आलम ने बताया कि वह दिल्ली में पेंटर का काम करता था। रविवार को अपने परिवार के साथ श्रमिक स्पेशल ट्रेन से घर के लिए चला। सोमवार की सुबह दस बजे उसकी ट्रेन मुजफ्फरपुर पहुंची। भीषण गर्मी के बीच ट्रेन में खाना-पानी नही मिलने के कारण बच्चे की तबियत खराब हो गई थी और मुजफ्फरपुर स्टेशन पर उतरते ही उसकी हालत और खराब हो गई। मकसूद आलम का आरोप है कि वह मदद के लिए पुलिस और स्टेशन पर मौजूद जिला प्रशासन के पदाधिकारियों से संपर्क कर बच्चे के इलाज की गुहार लगाई, लेकिन उसकी बात किसी ने नही सुनी। वह स्टेशन पर 4 घंटे तक मदद के लिए भटकता रहा लेकिन घर जाने के लिए गाड़ी के साधन की भी किसी ने जानकारी नहीं दी और अंतत: उसका बच्चा स्टेशन पर ही मर गया।

लॉकडाउन के चलते अपनी नौकरी और पैसों से हाथ धो बैठे लाखों मजदूर अपने-अपने घर जाने की जुगत में लगे हुए है। बहुत से मजदूरों ने पैदल ही सफर शुरू किया है। इस बीच कई मजदूरों की भूख-प्यास से मौत हो गई है। वहीं कई मामलों में उनकी गाडिय़ों का एक्सीडेंट तक हो गया है। पिछले दो महीनों में कई मामलों में सैकड़ों मजदूरों की मौत हुई है। (कौशल किशोर के इनपुट) (khabar.ndtv.com)


27-May-2020

अब वॉट्सएप से गैस बुकिंग

नई दिल्ली, 27 मई। भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने अपने ग्राहकों के लिए एक नई सुविधा की शुरुआत की है। इसके तहत अब बीपीसीएल के ग्राहक व्हाट्सऐप के जरिए रसोई गैस बुकिंग कर सकेंगे। बीपीसीएल ने एक बयान में कहा, ''भारत गैस (बीपीसीएल का एलपीजी ब्रांड नाम) के देशभर में स्थित ग्राहक कहीं से भी व्हाट्सऐप के जरिये खाना पकाने का गैस सिलेंडर बुक करा सकते हैं।''

कंपनी के मुताबिक वॉट्सएप पर यह बुकिंग बीपीसीएल स्मार्टलाइन नंबर 1800224344 पर की जा सकेगी। ग्राहक को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से बुकिंग करनी होगी। बीपीसीएल के अधिकारी अरुण सिंह ने कहा, ''इसके जरिये एलपीजी बुकिंग करने के इस प्रावधान से ग्राहकों को और आसानी होगी। व्हाट्सऐप अब आम लोगों के बीच काफी सामान्य हो चला है।चाहे युवा हो या फिर बुजुर्ग सभी इसका इस्तेमाल करते हैं और इस नई शुरुआत से हम अपने ग्राहकों के और करीब पहुंचेंगे।''

कंपनी के कार्यकारी निदेशक, एलपीजी के प्रभारी टी. पीतांबरम ने कहा कि वॉट्सएप के जरिये बुकिंग करने के बाद ग्राहक को बुकिंग होने का मैसेज मिलेगा। इसके साथ ही एक लिंक भी उसे प्राप्त होगा, जिस पर वह डेबिट अथवा क्रेडिट कार्ड, यूपीआई और अमेजन जैसे अन्य ऐप के जरिये भुगतान भी कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि कंपनी इसके साथ ही एलपीजी डिलिवरी पर नजर रखने और ग्राहकों से उसके बारे में उनकी प्रतिक्रिया लेने जैसे नये कदमों पर भी गौर कर रही है। आने वाले दिनों में कंपनी ग्राहकों को सुरक्षा जागरुकता के साथ ही और सुविधायें भी देगी। आपको बता दें कि भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड देश की दूसरी सबसे बड़ी पेट्रोलियम वितरण कंपनी है और इसका विनिवेश होने वाला है। कंपनी के 7.10 करोड़ एलपीजी ग्राहक हैं। (aajtak.intoday.in)


27-May-2020

बैंक किस्त मोहलत में ब्याज पर सुप्रीम कोर्ट का आरबीआई और केंद्र को नोटिस

नई दिल्ली, 27 मई। सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस महामारी की वजह से कर्ज की अदायगी में छूट की अवधि के दौरान ब्याज लगाने के फैसने को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को केंद्र और भारतीय रिजर्व बैंक से जवाब मांगा।

कोविड-19 की वजह से कर्ज भरने में मिली मोहलत को अब 31 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है। जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिये इस मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र और आरबीआई को नोटिस जारी किये और उन्हें एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने पीठ को सूचित किया कि सरकार ने पहली बार ऋण अदागयी में तीन महीने की छूट दी थी जो 31 मई तक थी। इस अवधि को अब तीन महीने के लिये और बढ़ा दिया गया है।

उन्होंने कहा कि बैंकों से कर्ज लेने वालों को इस तरह से दंडित नहीं किया जाना चाहिए तथा इस अवधि के लिये बैंकों को कर्ज की राशि पर ब्याज नहीं जोडऩा चाहिए।

पीठ ने अपने आदेश में कहा, 'रिजर्व बैंक के वकील ने जवाब देने के लिये एक सप्ताह का समय देने का अनुरोध किया, जो उन्हें दिया गया। सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता भी इस बीच आवश्यक निर्देश प्राप्त करेंगे।'

यह मामला अब अगले सप्ताह सुनवाई के लिये सूचीबद्ध किया गया है। कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर देशव्यापी लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पर अंकुश लगाने के इरादे से रिजर्व बैंक ने 27 मार्च को अनेक निर्देश जारी किये थे।

रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को एक मार्च की स्थिति के अनुसार कर्जदारों पर बकाया राशि के भुगतान के लिये तीन महीने की ढील देने की छूट प्रदान की थी। रिजर्व बैंक ने कहा था कि ऐसे ऋण की वापसी के कार्यक्रम को इस अवधि के बाद तीन महीने आगे बढ़ाया जायेगा।

लेकिन ऋण अदायगी से छूट की अवधि में बकाया राशि पर ब्याज यथावत लगता रहेगा। यह याचिका आगरा निवासी गजेंद्र शर्मा ने दायर की है और इसमें रिजर्व बैंक की 27 मार्च की अधिसूचना के उस हिस्से को असंवैधानिक घोषित करने का अनुरोध किया गया था जिसमें ऋण स्थगन की अवधि के दौरान कर्ज की राशि पर ब्याज वसूली का प्रावधान है।

याचिका के अनुसार इस प्रावधान से कर्जदार के रूप में याचिकाकर्ता के लिये परेशानी पैदा होती है और यह संविधान के अनुच्छेद 21 में प्रदत्त जीने के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करता है।

शीर्ष अदालत ने 30 अप्रैल को रिजर्व बैंक को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि उसके सर्कुलर में कर्ज भुगतान के संबंध में एक मार्च से 31 मई की अवधि के दौरान तीन महीने की ढील की व्यवस्था पर पूरी ईमानदारी से अमल किया जाये।(भाषा)


27-May-2020

नहीं रहेगी वॉट्सऐप की 'जरूरत', गूगल का खास फीचर

लाखों ऐंड्रॉयड यूजर्स को वॉट्सऐप जैसा मेसेजिंग ऐप मिलने जा रहा है। यह गूगल का मेसेज ऐप है जिसमें वॉट्सऐप की तरह ही मल्टीमीडिया फाइल भेजने, इमोजी रिएक्शन, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसे फीचर्स मिलने जा रहे है।

नई दिल्ली। हो सकता है जल्द ही आप वॉट्सऐप और iMessage जैसे ऐप्स को छोड़कर गूगल मेसेज ऐप (Google Messages App) का इस्तेमाल करने लग जाएं। इस मेसेजिंग ऐप में गूगल कुछ ऐसे फीचर्स देने जा रहा है, जो वॉट्सऐप के लिए चुनौती साबित हो सकते हैं। यह ऐप कई ऐंड्रॉयड डिवाइस में पहले से इंस्टॉल दिया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फीचर है RCS (Rich Communication Services) सपॉर्ट का। 

रिच कम्यूनिकेशन सपॉर्ट के जरिए इस मेसेजिंग ऐप को मल्टीमीडिया भेजने की सुविधा मिल जाती है। यानी मेसेजिंग ऐप के जरिए ही यूजर्स हाई-रेजॉलूशन फोटोज, विडियोज, GIFs, लंबे मेसेज और फाइल भेज सकते हैं। गूगल मेसेज में RCS सपॉर्ट फ्रांस, मैक्सिको और ब्रिटेन के अलावा भारत, इटली और सिंगापुर के यूजर्स को भी मिल रहा है। RCS का फीचर फिलहाल लिमिलेड ऑपरेटर्स को सपॉर्ट करता है। गूगल धीरे-धीरे ऑपरेटर्स के साथ साझेदारी बढ़ाती जा रही है। इस फीचर के जरिए आप Wi-Fi या डेटा नेटवर्क के जरिए मेसेज भेज पाते हैं। साथ ही यह भी देख पाते हैं कि सामने वाला कब टाइप कर रहा है और कब आपका मेसेज देखा गया। 

iMessage की तरह इमोजी रिएक्शन 
गूगल इस ऐप के लिए नया इमोजी रिएक्शन (emoji reactions) फीचर टेस्ट कर रहा है। इस फीचर के आ जाने के बाद आप मेसेज पर लॉन्ग प्रेस करके अपनी पसंद का रिएक्शन चुन सकते हैं। इसमें आपको थम्स अप, थम्स डाउन, ऐंगर, लाफ्टर जैसे इमोजी मिलते हैं। 

वॉट्सऐप की तरह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन 
रिपोर्ट की मानें तो रिच कम्यूनिकेशन सपॉर्ट के लिए इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का फीचर भी मिलने जा रहा है। इस फीचर के आ जाने के बाद मेसेजेस को सेंडर और रिसीवर के अलावा कोई बाहर का व्यक्ति नहीं पढ़ जाएगा। ठीक इसी तरह का फीचर वॉट्सऐप में भी मिलता है। 

1 अरब से ज्यादा बार डाउनलोड 
बता दें कि Google Messages अब तक 1 अरब से ज्यादा बार डाउनलोड हो चुका है। इसमें आपको क्लीन और आसान इंटरफेस मिलता है। यह कंपनी के उन शुरुआती ऐप्स में से एक है जिन्हें डार्क मोड सपॉर्ट मिला था। (navbharattimes.indiatimes.com)


27-May-2020

कोरोना खर्च-कटौती, नई भर्ती, तबादले और 
पदोन्नति-क्रमोन्नति, होटलों में बैठक पर रोक

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 27 मई।
लॉकडाउन के चलते सरकार के राजस्व में भारी कमी आई है। साथ ही साथ कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था की जरूरत भी बताई गई है। इन सबके चलते सरकारी खर्च में कटौती की गई है। सरकार ने पदों का निर्माण, स्थानांतरण, महंगे होटलों में बैठकें, विदेश यात्रा और नए वाहनों की खरीदी पर रोक लगा दी गई है। यही नहीं, पदोन्नति-क्रमोन्नति और बकाया एरियर्स के अलावा नए पदों के निर्माण को भी स्थगित करने का फैसला लिया गया है।
 
वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि लोक सेवा आयोग से भरे जाने वाले सीधी भर्ती के रिक्त पदों और अनुकंपा नियुक्ति के पदों को छोड़कर शेष सभी भर्ती के रिक्त पदों को भरने के पहले वित्त विभाग की अनुमति ली जाएगी। जिन पदों के लिए वित्त विभाग से भर्ती की अनुमति प्राप्त हो चुकी है, किन्तु नियुक्ति शेष है उनके लिए भी वित्त विभाग की अनुमति फिर से प्राप्त की जाएगी। ऐसे प्रस्ताव को वित्त विभाग में भेजते समय इन पदों की पूर्ति पर आने वाले वार्षिक वित्तीय भार तथा पदों की पूर्ति की आवश्यकता का औचित्य दर्शाया जाएगा।  

वित्त विभाग ने कहा है कि विभागों द्वारा नियमित पदोन्नति में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाए, किन्तु पदोन्नति के परिणाम स्वरूप होने वाले स्थानांतरण को रोकने के लिए याथसंभव उस पद को उसी स्थान पर आगामी आदेश तक अस्थाई तौर पर उन्नयन (अपगे्रड) कर दिया जाए। पदोन्नति-क्रमोन्नति के फलस्वरूप देयक एरियर्स राशि के भुगतान को वित्त विभाग के आगामी आदेश तक विलंबित रखा जाए। विभागों के स्थापना व्यय में वृद्धि को नियंत्रित रखने की दृष्टि से सभी शासकीय विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, निकायों में नवीन पद सृजन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई है। विशेष परिस्थितियों में वित्त विभाग की सहमति से ही नवीन पद सृजित किए जा सकेंगे।  

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति के अनुसार स्थानांतरण पर प्रतिबंध है। स्थानांतरण केवल समन्वय में अनुमोदन के बाद ही किया जाएगा। स्थानांतरण पर अतिरिक्त व्यय भार को ध्यान में रखते हुए विभागों से यह अपेक्षा की गई है कि समन्वय में भी न्यूनतम स्थानांतरण किया जाए और अति आवश्यक होने पर स्वयं के व्यय पर स्थानांतरण को प्राथमिकता दिया जाए। लोक हित में वांच्छित अपवाद को छोड़कर राज्य शासन के व्यय पर विदेश यात्राओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। शासकीय अधिकारियों के बिजनेस क्लास से हवाई यात्रा और प्रथम श्रेणी में रेल यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा। अनावश्यक और बिना सक्षम स्वीकृति के शासकीय भ्रमण प्रतिबंध रहेगा। 

विभागों को बैठकों का आयोजन न्यूनतम करने को कहा गया है। कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, शासकीय समारोह के आयोजनों में मितव्ययिता बरतने तथा अति आवश्यक बैठक-कार्यक्रम का आयोजन महंगे होटलों की बजाय शासकीय भवनों में करने के निर्देश दिए गए है। यथा संभव बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंस एवं वेबीनार के माध्यम से आयोजित की जाए। आदेश में कहा गया है कि विभागों द्वारा अति आवश्यक नवीन योजनाओं को ही चालू वर्ष में प्रारंभ करने की कार्यवाही-प्रस्ताव प्रेषित किया जाए तथा पूर्व से संचालित योजनाओं की अलग से समीक्षा की जाए। जो योजनाएं वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अनुपयोगी है। उनको समाप्त करने की कार्यवाही की जाए। वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान नवीन वाहनों का क्रय पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा केवल अत्यावश्यक सेवाओं के लिए आवश्यक वाहनों का क्रय वित्त विभाग की अनुमति से किया जा सकेगा। 

राज्य के शासकीय सेवकों को एक जुलाई 2020 और एक जनवरी 2021 में देय वार्षिक वेतन वृद्धि को आगामी आदेश तक विलंबित रखा  गया है। किन्तु एक जनवरी 2021 एवं एक जुलाई 2021 से पूर्व सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों के मामले में यह लागू नहीं होगा। विभिन्न विभागों द्वारा संचालित व्यक्तिगत जमा खाता (पीडी एकाउंट) जो एक वर्ष की अवधि से प्रचलन में नहीं है को तत्काल बंद करने तथा खाते में जमा राशि चालान के माध्यम से शासकीय कोष में जमा करने के निर्देश दिए गए है। राज्य पोषित योजना के तहत प्रावधानित राशि जो कि संचित निधि से 31 मार्च 2020 तक अग्रिम आहरित कर बैंक खातों में रखी गई है को अर्जित ब्याज सहित 15 जून 2020 तक राज्य शासन के खाते में वापिस जमा की जाएगी। 

वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि कतिपय केन्द्रीय योजनाओं में राशि बजट के माध्यम से प्राप्त होती है। ऐसी योजनाओं में बजट में प्रावधानित राशि के विरूद्ध 31 मार्च 2020 तक अग्रिम आहरित कर बैंक खाते में जमा राशि में से कमिटेड एक्सपेंडिचर, जो तत्काल किया जाना संभावित हो, का भुगतान कर शेष समस्त राशि अर्जित ब्याज सहित मुख्य शीर्ष 8443-के-डिपाजिट में 15 जून 2020 तक अनिवार्य रूप से जमा करने को कहा गया है। विभागों द्वारा भविष्य में आवश्यकतानुसार वित्त विभाग की अनुमति से के-डिपाजिट में जमा राशि विमुक्त कराई जा सकेगी। 

वित्त विभाग द्वारा जारी यह आदेश राज्य के शासकीय विभागों, कार्यालयों के साथ-साथ सभी निगम, मण्डल, आयोग, प्राधिकरण, विश्वविद्यालय और अनुदान प्राप्त स्वशासी संस्थाओं में भी समान रूप से लागू होंगे। ये निर्देश 31 मार्च 2021 तक लागू रहेंगे। इस संबंध में वित्त विभाग द्वारा आज मंत्रालय से सभी विभागों सहित अध्यक्ष, राजस्व मंडल, संभागीय कमिश्नरों, विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों को परिपत्र जारी किया गया है।


27-May-2020

लॉकडाउन के बीच आईआरएस की खुदकुशी

नई दिल्ली, 27 मई। देश में जारी लॉकडाउन के बीच आईआरएस के एक अफसर ने खुदकुशी कर ली। पुलिस ने इस माामले की पुष्टि की है। मृतक अफसर की पहचान 57 साल के केशव सक्सेना के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि केशव सक्सेना इंकम टैक्स डिपार्टमेंट में प्रिंसिपल कमिशनर थे। केशव सक्सेना चाणक्यपुरी में रहते थे। 

बताया जा रहा है कि केशव सक्सेना ने घर के स्टडी रूम में बेडशीट से खुद को फांसी लगा ली। बुधवार (27-05-2020) की सुबह 7 बजे केशव सक्सेना की पत्नी ने अपने पति को कमरे में पंखे से झूलते देखा। इसके बाद ऑफिसर को उसी वक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने इस संबंध में पुलिस को भी जानकारी दी। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अफसर के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। हालांकि इस सुसाइड नोट में केशव सक्सेना ने किन बातों का जिक्र किया है इसका अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। 

अभी मंगलवार (26-05-2020) को ही इंदौर से यह खबर आई थी कि यहां मशहूर टीवी एक्ट्रेस प्राक्षी सक्सेना ने खुदकुशी कर ली है। प्राक्षी ने भी अपने कमरे में खुद को फांसी लगा लिया था। प्राक्षी की मौत के बाद उनके पिता ने कहा था कि लॉकडाउन में काम नहीं मिलने की वजह से उनकी बेटी परेशान थी। 

प्राक्षी सिन्हा टीवी की जानी-मानी एक्ट्रेस थीं। उन्होंने क्राइम पेट्रोल और लाल इश्क जैसी सीरियलों में काम किया था। इसके अलावा उन्होंने अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म पैड मैन में भी रोल अदा किया था। थियेटर की दुनिया में भी प्राक्षी ने कम उम्र में ही अच्छा नाम कमाया था। लॉकडाउन होने से पहले प्राक्षी मुंबई से अपने घर इंदौर आई थीं और तब से वो यहीं रह रही थीं।


27-May-2020

न्याय योजना में फल-सब्जी उत्पादक 
समेत सभी किसान शामिल करने प्रदर्शन

स्वामीनाथन-सिफारिशों की मांग

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 27 मई।
प्रदेश के किसानों ने आज स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसा लागू करने की मांग को लेकर केंद्र सरकार और किसान न्याय योजना में सभी किसानों को शामिल करते हुए 10 हजार रुपये की अंतर राशि की मांग को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ पोस्टर लहराते हुए प्रदर्शन किया। किसानों का यह प्रदर्शन घर से लेकर खेत-खलिहान, पेड़ की छांव और मनरेगा कार्य स्थल तक जारी रहा। इस दौरान प्रदेश के हजारों फल-सब्जी उत्पादक किसानों ने बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि से हुए भारी नुकसान को देखते हुए उन सबको भी प्रदेश के किसान न्याय योजना में शामिल करने की मांग उठाई।

 प्रगतिशील किसान संगठन द्वारा स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसा लागू करने की मांग केंद्र सरकार से लगातार की जा रही है। अपनी इस मांग को लेकर संगठन से जुड़े किसान समय-समय पर धरना-प्रदर्शन भी करते रहे हैं, लेकिन उनकी यह मांग पूरी नहीं हो रही है। दूसरी ओर किसानों ने प्रदेश में धान, मक्का, दलहन, तिलहन और गन्ना उत्पादक किसानों को किसान न्याय योजना का लाभ दिया जा रहा है, लेकिन फल-सब्जी उत्पादक किसान इस लाभ से दूर हैं। जबकि प्रदेश में ऐसे किसान करीब 50 हजार हैं और ये सभी करीब एक लाख हेक्टेयर में फल, सब्जी की फसल लेते हैं। नवंबर से लेकर मार्च -अप्रैल तक हुई बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, तूफान से इस फसल को भारी नुकसान हुआ है। किसानों को उनकी उपज का लागत निकाल पाना मुश्किल हो गया है। कई जगहों पर मांग के हिसाब फसल की आवक ज्यादा होने से कीमत नहीं मिल पा रही है। 

किसान नेता आईके वर्मा, झबेंद्र भूषण वैष्णव, पुरूषोत्तम भाई, उत्तम चंद्राकर आदि किसान नेताओं का कहना है कि किसानों को कर्ज नहीं, बल्कि उनकी फसल का पूरा दाम दिया जाए। किसान न्याय योजना में भी सभी किसानों को शामिल 10 हजार रुपये की आदान राशि दी जाए। उनका कहना है कि चाहे वह केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, किसानों की मांग अधूरी ही रहती है।  स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसा के अनुसार 2.5 फीसदी के फार्मूले को लागू करते हुए कृषि उपजों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने की मांग को लेकर राज्यभर मेें प्रदर्शन किया। प्रदेश में फल, सब्जी किसानों की हालत ज्यादा खराब है। उन्हें अपनी उपज का लागत निकाल पाना कठिन हो गया है, क्योंकि लॉकडाउन में जो फसल उनके पास बाकी है, वह बेकार हो जा रही है।  


27-May-2020

संक्रमित नर्स के पति समेत 11 
की जांच, कोई पॉजिटिव नहीं 

देवेंद्र नगर में घर-घर सर्वे जारी 

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 27 मई।
अंबेडकर अस्पताल में कोरोना संक्रमित नर्स के संपर्क में आने वाले उसके पति समेत 11 लोगों की सैंपल जांच की गई, लेकिन कोई कोरोना पॉजिटिव नहीं पाया गया। देवेंद्र नगर व आसपास घर-घर सर्वे जारी है। यहां सर्दी, खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ वाले मरीजों की तलाश की जा रही है। 

सड्डू (मोवा)का एक युवक 19-20 मई को अंबेडकर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में सर्दी-खांसी को लेकर भर्ती रहा। जांच में यह युवक कोरोना पॉजिटिव निकल आया। इस दौरान वार्ड में काम करने वाली एक नर्स उसके संपर्क में आकर संक्रमित हो गई। जिला स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे में वार्ड में काम करने वाले 11 डॉक्टर व अन्य स्टाफ की कोरोना जांच करायी, लेकिन इन सबकी जांच रिपोर्ट निगेटिव पाई गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम अब देवेंद्र नगर पहुंच घर-घर जांच में जुटा है।
 
जिला स्वास्थ्य अफसरों का कहना है कि देवेंद्र नगर में नर्स के संपर्क में आने वालों और वहां सर्दी, खांसी, बुखार आदि से पीडि़त लोगों की तलाश चल रही है। घर-घर सर्वे कराया जा रहा है। वहीं लोगों को कोरोना से बचाव को लेकर सामाजिक दूरी बनाते हुए मास्क के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। फिलहाल और कोई संदिग्ध सामने नहीं आए हैं। सर्वे पूरा होने के बाद संदिग्धों की कोरोना जांच करायी जाएगी। 


27-May-2020

झीरम-शहीद मुदलियार के बेटे ने फिर जांच की अर्जी दी, 
कहा- नक्सलियों की आड़ में कांग्रेस नेतृत्व का सफाया

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
राजनांदगांव, 27 मई।
सात साल पहले कांग्रेस के बड़े शीर्ष नेतृत्व पर बस्तर के झीरम घाटी नक्सल हमले की नए सिरे से जांच की मांग फिर से उठने लगी है। इस हमले में मारे गए राजनांदगांव के पूर्व विधायक स्व. उदय मुदलियार के सुपुत्र जितेन्द्र मुदलियार ने बस्तर पुलिस से दोबारा नक्सल हमले की जांच के लिए लिखित में अर्जी दी है। बस्तर एसपी दीपक झा से मामले की गंभीरता से जांच किए जाने की मांग करते दिवंगत नेता के बेटे जितेन्द्र मुदलियार ने पूर्व में एनआईए द्वारा की गई जांच को लेकर सवाल उठाए हैं। 

श्री मुदलियार का कहना है कि विशुद्ध रूप से 25 मई 2013 को हुआ यह वीभत्स नक्सल हमला राजनीतिक षडयंत्र का हिस्सा रहा है। इस हमले में नक्सलियों की आड़ लेकर कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाया गया। श्री मुदलियार ने 'छत्तीसगढ़Ó से चर्चा में कहा कि यह हमला पूर्ववर्ती रमन सरकार की चूक है। इंटेलीजेंस के पास लगातार इस वारदात से पहले नक्सलियों के बड़े पैमाने पर जमावड़े की सूचना थी। जबकि सुकमा में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा को लेकर पुलिस को पूरी जानकारी दी गई थी। श्री मुदलियार ने कहा कि वारदात स्थल नेशनल हाईवे पर स्थित है। ऐसे में नक्सलियों की मौजूदगी की भनक प्रदेश सरकार की खुफिया तंत्र को कैसे नहीं लगी, यह एक रहस्यभरा सवाल है। 

मुदलियार का कहना है कि प्रदेश सरकार को मिली नक्सल मूवमेंट का प्रमाणिक दस्तावेज का पुलिंदा उनके पास है। मुदलियार का सवाल यह भी है कि एनआईए की जांच रिपोर्ट की वर्तमान स्थिति क्या है, यह अभी तक साफ नहीं है। एनआईए की ओर से महज खानापूर्ति करने के लिए जांच की गई है। अब तक एनआईए ने न क्लोजर रिपोर्ट दी है और न ही किसी नतीजों को सार्वजनिक किया है। मुदलियार इस बात से हैरान हैं कि एक ओर इस वारदात के दौरान प्रदेश के दूसरे हिस्से में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सरकार की विकास यात्रा को पर्याप्त सुरक्षा मिली थी। वहीं परिवर्तन यात्रा को धूर नक्सल क्षेत्र होने के बावजूद भगवान भरोसे छोड़ दिया गया।

मुदलियार का दावा है कि नक्सलियों ने एक-एक व्यक्ति की पहचान करने के बाद कांग्रेस नेताओं का नृशंस हत्या की। आमतौर पर नक्सली अपहरण करने के बाद अपनी मांग पूरी होने पर लोगों को रिहा करते रहे हैं। यह पहला अवसर था जब नक्सलियों ने नाम के आधार पर पहचान करते हुए कांग्रेस नेताओं को मौत के घाट उतार दिया। मुदलियार का कहना है कि नंदकुमार पटेल के सुपुत्र दिनेश पटेल को नक्सलियों ने नहीं बख्शा। तमाम बातें बडे राजनीतिक षडयंत्र की ओर इशारा करती है। मुदलियार ने केंद्र की भाजपा सरकार से गुजारिश करते मंाग करते कहा कि एनआईए की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य की बागडोर सम्हालने के बाद इस हादसे के पीछे की सच्चाई को जनता के सामने लाने का वादा किया। इस हमले के पीडि़त परिवारों में न्याय की उम्मीद जगी है। मुदलियार ने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती भजपा सरकार और नक्सलियों की आपसी सांठगांठ के चलते ही इस वारदात को अंजाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि एनआईए चूंकि केंद्र की जांच एजेंसी है, इसलिए पूरे मामले में लीपापोती का खेल जारी है। मुदलियार को भरोसा है कि कांग्रेस सरकार तह तक जाकर झीरम नक्सल हमले के षडयंत्रकारियों का पर्दाफाश करेगी। 

नए सिरे से होगी जांच - बस्तर एसपी
झीरम नक्सल हमले की दोबारा जांच को लेकर बस्तर एसपी दीपक झा ने 'छत्तीसगढ़Ó से कहा कि शिकायत मिली है। उसकी जांच होगी। उन्होंने कहा कि जांच के लिए पुलिस तैयार है। श्री झा ने कहा कि मुदलियार द्वारा की गई शिकायत के आधार पर नए सिरे से जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


27-May-2020

शादी में पहुंचे जीजा पॉजिटिव, दूल्हा-दुल्हन समेत 95 क्वॉरंटीन

छिंदवाड़ा, 27 मई। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में एक जीजाजी के चक्कर में दूल्हा-दुल्हन समेत 95 लोग क्वॉरंटीन सेंटर भेजे गए। छिंदवाड़ा के रामबाग इलाके में एक शादी थी। इस शादी में दुल्हन के जीजाजी भी शामिल हुए जो दिल्ली से आए थे।

शादी के दौरान लड़की के जीजा के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी सामने आई जिसके बाद प्रशासन ने सभी को क्वॉरन्टीन सेंटर भेज दिया। बताया जा रहा कि दिल्ली से आया हुआ यह युवक सीआईएसएफ का जवान है, जो पिछले दिनों छिंदवाड़ा आया था। वहीं फिलहाल जिले के दो क्षेत्रों को कंटेन्मेंट क्षेत्र घोषित कर दिया है।

छिंदवाड़ा के कलेक्टर सौरभ सुमन ने कहा, जितने सैंपल कल भेजे गए थे उसमें एक रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। उसमें तय प्रक्रिया के तहत कार्यवाही की जा रही है। पहले कॉन्टेक्ट ट्रैसिंग की जाएगी और फिर उसी हिसाब से कंटेन्मेंट क्षेत्र घोषित किया जाएगा। (abplive.com)


27-May-2020

कोरोना संकट पर सीएम की मंत्रियों संग चर्चा 

रायपुर, 27 मई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग की बैठक लेकर प्रदेश में कोविड-19 संकट की वर्तमान स्थिति, संक्रमण से बचाव और रोकथाम के उपायों, संक्रमित मरीजों के इलाज, क्वॉरंटीन आइसोलेशन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

बैठक में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, सहकारिता मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य मंत्री अमरजीत सिंह भगत, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंडिय़ा, श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, मुख्य सचिव आरपी मंडल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री सुब्रत साहू, स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव सौम्या चौरसिया सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


27-May-2020

बस्तर में पहला कोरोना पॉजिटिव

दिल्ली से जगदलपुर पहुंचा था

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
जगदलपुर, 27 मई।
बस्तर जिले में पहला कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला है। बस्तर कलेक्टर ने इसकी पुष्टि की है।

बस्तर कलेक्टर डॉ. अय्याज तम्बोली ने बताया कि 24 वर्षीय एक युवक कोरोना पॉजिटिव मिला है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया है कि एक छात्र बीते दिनों दिल्ली से जगदलपुर पहुंचा। वह राजस्थान के सीकर जिले में पढ़ाई कर रहा था। जिसे जगदलपुर के एक क्वॉरंटीन सेंटर में रखा गया था।


27-May-2020

राहुल पर पलटवार, रविशंकर बोले- कोरोना के खिलाफ लड़ाई  कर रहे कमजोर

नई दिल्ली, 27 मई। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज राहुल गांधी पर पलटवार किया। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी कोरोना के खिलाफ लड़ाई में देश के संकल्प को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर झूठ बोलने और कोरोना को लेकर तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने का भी आरोप लगाया।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी बैकफुट फुट पर खेल रहे हैं। रविशंकर प्रसाद ने कहा, जब से कोरोना की दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थिति आई है तबसे राहुल गांधी देश के संकल्प को इस लड़ाई के मामले में कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।

क्लिक करें और यह भी पढ़े : हेल्थ एक्सपर्ट से चर्चा में राहुल ने पूछा.. भैया ये बताओ वैक्सीन तब तक आएगी

आंकड़ों में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी होमवर्क करते नहीं हैं। बेबुनियाद आरोप लगाना राहुल गांधी की फितरत बन गयी है। रविशंकर प्रसाद ने कहास दुनिया के 15 ऐसे देश जहां कोरोना बड़ी बीमारी बन गया है उसकी आबादी है 142 करोड़। उसमें अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा व अन्य देश हैं। इन देशों में 26 मई तक करीब 3.43 लाख लोगों की मृत्यु कोरोना से हुई है। भारत में चार हजार तीन सौ पैंतालिस लोगों की मौत हुई है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधीजी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रंटफुट खेल रहे हैं और इसका नतीजा हमारे सामने है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री जी ने लॉकडाउन में ताली बजाने के लिए कहा तो राहुल गांधी ने उसका मताक बनाया। राहुल गांधी ने दीया जलाने का भी विरेध किया, जबकि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने भी इसमें हिस्सा लिया।

राहुल ने सरकार को घेरते हुए क्या कहा था?
राहुल गांधी ने मंगलवार को कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि लॉकडाउन के चारों चरण फेल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले 21 दिनों का लॉकडाउन किया, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। पीएम मोदी को बताना चाहिए की उनकी आगे की रणनीति क्या है।

राहुल गांधी ने कहा, 'जो होना था वह नहीं हुआ। देश को मालूम होना चाहिए कि सरकार की क्या रणनीति है। लॉकडाउन को लागू हुए करीब 60 दिन पूरे हो चुके हैं। लेकिन ये महामारी घटने के बजाय दिन पर दिन बढ़ती जा रही है।'' उन्होंने कहा, 'प्रवासी मजदूर परेशान हैं। सरकार उनकी परेशानियों और मुसीबतों को कैसे दूर करेगी?''


ये राजनीति नहीं है, बल्कि मेरी चिंता है- राहुल
राहुल गांधी ने कहा, पैकेज के बारे में कई प्रेस कॉन्फ्रेंस हुईं, हमें बहुत उम्मीदें थीं। पीएम ने कहा कि यह जीडीपी का 10 फीसदी होगा। वास्तविकता यह है कि ये जीडीपी के 1त्न से भी कम है और उसमें भी ज्यादातर लोन है, नकद नहीं। उन्होंने कहा, मजदूर भाई-बहनों, एमएसएमईएस की मदद कैसे करोगे? ये राजनीति नहीं है, बल्कि मेरी चिंता है। बीमारी बढ़ती जा रही है, इसलिए ये सवाल मैं पूछ रहा हूं।

भारत में कोरोना की स्थिति क्या है ?
श में कोरोना वायरस के मामलों में दिन पर दिन बढोत्तरी हो रही है। आज संक्रमित मरीजों की संख्या डेढ़ लाख के पार पहुंच गई है। पिछले 24 घंटों में संक्रमित मरीजों के 6387 नए मामले सामने आए हैं और 170 मौतें हुई हैं।

हालांकि नए मामलों में आज लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अबतक एक लाख 51 हजार 767 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं 4387 लोगों की मौत हो चुकी है। 64 हजार 425 लोग ठीक भी हुए हैं। (abplive.com)


27-May-2020

हेल्थ एक्सपर्ट से चर्चा में राहुल ने पूछा..
भैया ये बताओ वैक्सीन क​ तक आएगी 

नई दिल्ली, 27 मई। कोरोना वायरस की वैक्सीन या दवा अगले साल तक बन सकती है, एक्सपर्ट ने राहुल गांधी से बातचीत में इस बात का भरोसा दिलाया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट प्रोफेसर आशीष झा से बात की थी जिसमें उन्होंने यह बात कही। हेल्थ एक्सपर्ट आशीष झा से बात करते हुए राहुल गांधी ने एक बड़ा दावा भी किया। राहुल बोले की सरकार जानबूझकर ज्यादा टेस्ट नहीं कर रही क्योंकि ज्यादा केस आने पर लोगों में डर बैठ जाएगा। 

विशेषज्ञों से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि अब लोगों का जीवन बदलने वाला है। अमेरिका में 11 सितंबर, 2001 के आतंकी हमले (9/11) को नया अध्याय कहा जाता है, लेकिन कोविड-19 पूरी नयी किताब होगा। 

राहुल ने पूछा..भैया ये बताओ वैक्सीन तब तक आएगी 
राहुल गांधी और प्रोफेसर आशीष के बीच शुरुआती बातचीत इंग्लिश में थी। फिर बीच में राहुल ने हिंदी में पूछा, ये भैया बताइए कि वैक्सीन कबतक आएगी। इस पर आशीष ने हिंदी में ही जवाब दिया कि दो तीन वैक्सीन हैं जो काम कर सकती हैं। इसमें एक अमेरिका की है, एक चीन की है, एक ऑक्सफॉर्ड का है। अभी दोनों पर सिर्फ भरोसा पता नहीं कौन सा सही साबित होगा। हो सकता है तीनों काम न करें हो सकता हैं तीनों काम कर जाएं। मुझे विश्वास है कि कोरोना की दवाई अगले साल तक कहीं न कहीं से अगले साल तक आ जाएगी। 

अधिकारी ने बताया ज्यादा टेस्ट से डर पैदा होगा- राहुल 
इससे पहले राहुल ने कहा कि मैंने कुछ नौकरशाहों से कोरोना की कम टेस्टिंग के बारे में पूछा है। उनका कहना है कि ज्यादा टेस्टिंग से लोग डरेंगे। इससे ज्यादा डरावना संदेश जाएगा। अनाधिकारिक रूप से वे यही कह रहे हैं। 

राहुल ने स्वीडन के स्वास्थ्य विशेषज्ञ के भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि भारत में 'सॉफ्ट लॉकडाउन' होना चाहिए। स्वीडिश विशेषज्ञ जोहान गिसेके ने राहुल गांधी से कहा कि भारत में अगर सख्त लॉकडाउन रहा तो जल्द ही उसकी अर्थव्यवस्था बर्बाद हो जाएगी। (navbharattimes.indiatimes.com)


27-May-2020

नाबालिग को रखा पत्नी बनाकर, 20 साल कैद

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
दुर्ग, 27 मई।
शादी का प्रलोभन देकर, बहला फुसला कर नाबालिग को पत्नी की तरह रखने वाले आरोपी को कोर्ट ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है। 

ज्ञात हो कि 13 दिसम्बर 2014 को सुबह 7.30 बजे 15 वर्षीय पीडि़ता अपनी सहेली के साथ गुरुनानक स्कूल सेक्टर 6 भिलाई गई हुई थी। दोपहर को 1 बजे जब बच्ची वापस घर नहीं लौटी, तब बच्ची के पिता ने कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 15 दिसम्बर 2014 को आरोपी बी. सोनू निवासी सड़क 60, क्वार्टर 3 ए के पास बनी झोपड़ी सेक्टर 6 से बच्ची को बरामद किया था। पीडि़ता को आरोपी शादी का प्रलोभन देकर अपने घर सेक्टर 6 तेलगू पारा में पत्नी बनाकर रखा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 363, 366, 376 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5 (ठ), 6 के तहत मामला पंजीबद्ध किया था।

अपर सत्र न्यायाधीश, द्वितीय एफटीसी विशेष न्यायाधीश डॉ. ममता भोजवानी की कोर्ट ने आरोपी बी. सोनू को धारा 376 (3) के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास, पांच हजार रुपए अर्थदण्ड तथा धारा 363 के तहत सात वर्ष सश्रम कारावास, एक हजार रुपए अर्थदण्ड, धारा 366 के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 2 हजार रुपए अर्थदण्ड एवं अर्थदण्ड की राशि अदा न किए जाने पर कुल 2 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा दी है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक रामकली यादव ने पैरवी की थी।
 


27-May-2020

क्वारंटीन सेंटर में ड्यूटी पर तैनात आरक्षक ने ​खुद को गोली मारी, नाजुक

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
कुसमी, 27 मई।
जिला बलरामपुर रामानुजगंज के सामरी थाना में पदस्थ एक आरक्षक ने अपने सर्विस रिवाल्वर से स्वयं को गोली मार ली, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।  प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए उसे अंबिकापुर भेज दिया गया है। घटना सुबह 11 बजे की है।

कुसमी एसडीओपी मनोज तिर्की ने 'छत्तीसगढ़' को बताया कि आरक्षक महेश सिंह की ड्यूटी थाने से कुछ दूर पर स्थित  क्वॉरंटीन सेंटर में लगी हुई थी। वह खाना खाने थाने में आया था। इसी दौरान मोबाइल पर किसी से बात कर रहा था और गुस्से में आ गया। थाने कैंपस की भवन की छत पर जाकर खुद को गोली मार ली। फायरिंग की आवाज सुनकर जवान छत पर गए, जहां वह लहुलूहान घायल हालत में पड़ा था। उसे कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए अम्बिकापुर भेज दिया गया है।  
 

 


27-May-2020

पांच दिन बाद भी हॉस्पिटल गैंगरेप मामले में छात्रा से पूछताछ नहीं हो पाई
 
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 27 मई।
श्रीराम केयर हॉस्पिटल में हुए कथित गैंगरेप के मामले में पुलिस को अब तक पीडि़ता इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्रा का बयान दर्ज करने में सफलता नहीं मिली है। पुलिस के अनुसार डॉक्टरों का कहना है कि अभी तक उसकी मानसिक स्थिति बयान देने के लायक नहीं है। पुलिस की जांच इस दिशा में भी चल रही है कि उसने जहर खाकर जान देने का प्रयास क्यों किया था। 

नेहरू नगर अमेरी स्थित श्रीराम केयर हॉस्पिटल में इलाज के लिए आईसीयू में भर्ती इंजीनियरिंग छात्रा ने आरोप लगाया है कि अस्पताल के दो वार्ड ब्वॉय ने 22-23 मई की रात उसके साथ बलात्कार किया। छात्रा ने अपने पिता को कागज पर लिखकर यह जानकारी दी थी। पिता ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। छात्रा लगातार बेहोशी की हालत में थी, इसलिये पुलिस उसका बयान दर्ज नहीं कर सकी। यह स्थिति अभी भी बनी हुई है। पुलिस के अनुसार डॉक्टरों का कहना है कि उसकी मानसिक स्थिति बयान देने लायक नहीं है।
 
घटना के बाद पुलिस ने हॉस्पिटल में छात्रा के भर्ती रहने के दौरान ही शासकीय गायनोलाजिस्ट से मेडिकल चेकअप कराया जिसमें कहा गया कि उसके साथ रेप नहीं हुआ है। पुलिस ने जो सीसीटीवी कैमरा जब्त किया है उसमें भी कोई संदिग्ध फुटेज नहीं होने का दावा किया गया है। पुलिस ने छात्रा के स्लाइड्स को फोरेंसिक लैब भेजने की बात कही है। इस बीच यह जानकारी भी सामने आई कि छात्रा ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। पुलिस ने छात्रा के मोबाइल को खंगाला तो उसमें उसके सारे मैसेज डिलीट मिले। कॉल रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि वह मंगला में अपनी मामी से बहुत बार कॉल करके बात करती थी। मामी से पूछताछ के बावजूद पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। 

पुलिस ने हॉस्पिटल के वार्ड ब्वॉय को भी हिरासत से छोड़ दिया है लेकिन कहा है कि हर दिन उन्हें थाने में रिपोर्ट देनी होगी।  पीडि़त के पिता का आरोप है कि पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है।


27-May-2020

सात माह की गर्भवती को कोरोना, सिम्स ने एम्स भेजा 

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 27 मई।
लखनऊ से लौटी सात माह की गर्भवती 19 वर्ष की युवती को कोरोना पॉजिटिव पाये जाने पर सिम्स चिकित्सालय से एम्स रायपुर रेफर किया गया है। कोरोना रिपोर्ट पूर्व में निगेटिव पाये जाने के बाद उसे कोरोना फीमेल वार्ड में भर्ती कराया गया था।

ये महिला मुंगेली के क्वारंटीन सेंटर से इलाज के लिए आई थी लेकिन वहां की इंचार्ज ने जानते हुए भी उसे मेडिकल वार्ड और दूसरे वार्डों में भेजा। वहां के डॉक्टर्स और बिना किसी सुरक्षा के उसकी जांच की। जबकि उसे सीधे कोरोना वार्ड में भेजना था। स्टाफ और डॉक्टर्स को कॉरेंटेन कर दिया गया है। इसको लेकर वहां हंगामा भी हुआ।

उक्त महिला को घुटनों में दर्द और सिकलिंग की शिकायत पर सिम्स चिकित्सालय लाया गया था। मुंगेली के जिला अस्पताल से उसे रेफर किया गया था जिसमें उसकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव बताई गई थी। यहां उसे ऐहतियातन कोरोना वार्ड में भर्ती किया गया था और नया सैम्पल जांच के लिए रायपुर भेजा गया था। सिम्स मीडिया प्रभारी डॉ. आरती पांडेय ने बताया कि कल शाम रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे आनन-फानन में सिम्स रायपुर के लिए रवाना किया गया। 

कल ही तखतपुर विकासखंड के ग्राम सैदा के एक युवक के कोरोना संक्रमित होने का जानकारी सामने आने पर उसे कोविड-19 अस्पताल बिलासपुर लाकर भर्ती किया गया है। 

 


27-May-2020

सीएम के खिलाफ सोशल मीडिया टिप्पणी, एफआईआर

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 27 मई।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ फेसबुक की एक पोस्ट पर टिप्पणी करने के मामले ने सिविल लाइन पुलिस ने गैर जमानती धाराओं में अपराध दर्ज किया है।
 
सरजू बगीचा निवासी कांग्रेस कार्यकर्ता संकल्प तिवारी ने 25 मई को अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट डाली थी, जिसमें भाजपा के उन प्रमुख नेताओं की सूची थी, जिनके खाते में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की राशि जमा हुई है। इसकी प्रतिक्रिया में कोटा के निवासी नील जैस नाम के यूजर ने हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करते हुए टिप्पणी की है। शिकायत के मुताबिक आरोपी भाजपा कार्यकर्ता है। 

तिवारी ने पोस्ट की जानकारी विधायक शैलेष पांडे को दी। पांडे ने पुलिस अधीक्षक तथा सिविल लाइन पुलिस को शिकायत दर्ज करने के लिये लिखा। इसके बाद तिवारी ने अपने साथियों शास्वत तिवारी, आयुष सिंह ठाकुर, अमृत गुप्ता, सोमेश बंजारे के साथ सिविल लाइन थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई। तिवारी ने अपनी शिकायत में कहा कि वह कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सोशल मीडिया पर दी गई गाली गलौच व आपत्तिजनक टिप्पणी से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। उक्त टिप्पणी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लोकशांति भंग करने के लिए उकसा रही है। सिविल लाइन पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की आई टी एक्ट की धारा 1860/504 तथा 1860/505 /1(बी) के तहत जुर्म दर्ज किया गया है। प्रार्थी को आश्वस्त किया गया है कि आईटी सेल से अभिमत प्राप्त होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी की जायेगी।

एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी का एकाउन्ट डिलिट दिखाई दे रहा है। साथ ही संकल्प तिवारी की पोस्ट पर की गई टिप्पणी भी हटा ली गई है। शिकायतकर्ता तिवारी ने आरोपी के कमेंट का स्क्रीन शॉट पुलिस को सौंपा है। 


27-May-2020

महामारी के लिए नहीं रूकती माहवारी 

लॉकडाउन से सेनेटरी पैड्स नहीं, कपड़े का इस्तेमाल  

रायपुर, 27 मई। लॉकडाउन के कारण कई जगह सेनेटरी पैड की अनुपलब्धता ने महिलाओं एवं लड़कियों को डिस्पोजेबल पैड की जगह कपड़े के पैड इस्तेमाल करने पर बाध्य किया है। कल 28 मई को माहवारी स्वच्छता दिवस के मौके पर करोड़ों महिलाएं पैड से वंचित रहेंगी।

कोरोना काल में कपड़े का सेनेटरी पैड बेहतर विकल्प : 
रेगुलर सेनेटरी पैड के विकल्प के रूप में कपड़े से बने पैड को भी सामान रूप से प्रचारित किया जा सकता है। जैसे कपड़ों से बने पैड को 4-6 घंटे तक इस्तेमाल की जाए, पैड बदलने से पूर्व एवं बाद में हाथों की सफाई की जाए, साफ सूती कपड़े से बने ही पैड इस्तेमाल में ली जाए, और पैड को अच्छी तरह धोने के बाद धूप में सुखाया जाए ताकि किसी भी तरह के संक्रमण प्रसार का खतरा कम हो सके।
 
लंबे समय से लॉकडाउन ने सेनेटरी पैड की उपलब्धता को किया प्रभावित :
कई राज्यों एवं जिलों में सरकार द्वारा स्कूलों में सेनेटरी पैड का वितरण किया जाता है लेकिन लॉकडाउन के कारण स्कूलों के बंद होने से कई लड़कियों एवं उनके परिवार के अन्य सदस्यों को सेनेटरी पैड उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। लॉकडाउन के कारण सेनेटरी पैड का निर्माण भी बाधित हुआ है जिससे ग्रामीण स्तर के रिटेल पॉइंट्स पर पैड की उपलब्धता भी बेहद प्रभावित हुयी है। गाँव के जो लोग प्रखंड या जिला स्तर से सेनेटरी पैड की खरीदारी कर सकते थे, वह  भी लॉकडाउन के कारण यातायात साधन उपलब्ध नहीं होने से प्रखंड या जिला स्तर पर आसानी से पहुँच नहीं पा रहे हैं।
 
सेनेटरी पैड की आसन उपलब्धता में होलसेलर्स को भी दिक्कत का सामना करन पड़ रहा है। निरंतर दो महीने तक देशव्यापी लॉकडाउन के कारण सेनेटरी पैड की होलसेल वितरण काफी प्रभावित हुयी है। यद्यपि धीरे-धीरे इसे पुन: नियमित करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन अधिक यातायात कॉस्ट (रोड एवं हवाई भाड़ा) अभी भी चुनौती रहने वाली है। अभी सेनेटरी पैड के सिमित उत्पादन की संभावना बनी रहेगी, क्योंकि फैक्ट्री के अंदर मजदूरों को सामाजिक दूरी का ख्याल रखना होगा। साथ ही जिन फैक्ट्रियों में प्रवासी मजदूरों की संख्या अधिक थी, वहाँ मजदूरों की कमी की समस्या बढ़ सकती है।
 
एमएचआई ने किया खुलासा :
यह खुलासा वाटर ऐड इंडिया एंड डेवलपमेंट सौलूशन द्वारा समर्थित मेंसट्रूअल हेल्थ अलायन्स इंडिया (एमएचएआई) द्वारा माहवारी स्वच्छता जागरूकता एवं उत्पाद से जुड़े संस्थानों से इस वर्ष के अप्रैल माह में सर्वेक्षण किया गया। एमएचआई भारत में मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता पर काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों, शोधकर्ताओं, निर्माताओं और चिकित्सकों का एक नेटवर्क है। सर्वेक्षण में महामारी के दौरान सेनेटरी पैड का निर्माण, पैड का समुदाय में वितरण, सप्लाई चेन में चुनौतियाँ, सेनेटरी पैड की समुदाय में पहुँच एवं जागरूकता संदेश जैसे विषयों पर राय ली गयी।

माहवारी स्वच्छता जागरूकता एवं उत्पाद को लेकर एमएचएआई द्वारा कराये गए सर्वे में देश एवं विदेश के 67 संस्थानों ने हिस्सा लिया

माहमारी के बाद 67 फीसदी संस्थानों को रोकनी पड़ी सामान्य कार्रवाई: 
कोविड-19 के पहले माहवारी स्वच्छता जागरूकता एवं उत्पाद से जुड़े 89त्न संस्थान सामुदायिक आधारित नेटवर्क एवं संस्थान के माध्यम से समुदाय तक पहुँच रहे थे, 61 फीसदी संस्थान स्कूलों के माध्यम से सेनेटरी पैड वितरित कर रहे थे, 28 फीसदी संस्थान घर-घर जाकर पैड का वितरण कर रहे थे, 26 फीसदी संस्थान ऑनलाइन एवं 22 फीसदी संस्थान दवा दुकानों एवं अन्य रिटेल शॉप के माध्यम से सेनेटरी पैड वितरण कार्य में लगे थे। लेकिन महामारी के बाद 67 फीसदी संस्थानों ने अपनी सामान्य कार्रवाई को रोक दी है। कई छोटे एवं मध्य स्तरीय निर्माता सेनेटरी पैड निर्माण करने में असमर्थ हुए हैं जिसमें 25 फीसदी संस्थान ही निर्माण कार्य पूरी तरह जारी किए हुए हैं तथा 50 फीसदी संस्थान आंशिक रूप से ही निर्माण कार्य कर पा रहे हैं।

पैड निर्माण के रॉ मटेरियल आयात में भी चुनौतियाँ :
दूसरे देशों से आयात रोके जाने से कई सामग्रियों के लिए इससे चुनौती बढ़ी है। विशेषकर माहवारी कप्स के आयात में काफी मुश्किलें आयी है।  भारत और अफ्रीका के कई मार्केटर्स यूरोप में बने कप्स को ही खरीदते हैं ताकि आइएसओ की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। अब इनके आयात में समस्या आ रही है। डिस्पोजेबल सेनेटरी पैड के लिए जरूरी रॉ मटेरियल वुड पल्प होता है, जिसकी उपलब्धता भी लॉकडाउन के कारण बेहद प्रभावित हुयी हैं। 

लॉकडाउन के कारण ऑनलाइन बिक्री और कूरियर सेवाएं चालू नहीं थीं। इससे नियमित मांग और राहत प्रयासों दोनों को विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के बीच उत्पाद मांग की सेवा के लिए चुनौतियों का सामना करना पड़ा। 

महिलाओं एवं लड़कियों की फीडबैक भी जरुरी :
इंटरनेशनल सेंटर फॉर रिसर्च ऑन वीमेन एशिया की टेक्निकल एक्सपर्ट सपना केडिया कहती हैं, माहवारी स्वच्छता कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए इस संबंध में महिलाओं एवं लडकियों से भी फीडबैक लेनी चाहिए। इस फीडबैक में मासिक धर्म स्वास्थ्य उत्पादों एवं सेवाओं की उपलब्धता, पहुंच, लागत, स्वीकार्यता (गुणवत्ता और अन्य स्थानीय कारक) को शामिल करना चाहिए।