राष्ट्रीय

Posted Date : 09-Feb-2019
  • राजस्थान, 9 फरवरी । राजस्थान में गुर्जर समुदाय के लोग आरक्षण की मांग को लेकर एक बार फिर आंदोलन पर हैं। गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला की अगुवाई में गुर्जरों की महापंचायत हुई और आंदोलन का फ़ैसला लिया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में गुर्जर सवाई माधोपुर में रेलवे ट्रैक पर धरना देने बैठ गए। इससे दिल्ली मुंबई रूट पर ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा है। दरअसल, गुर्जर समुदाय प्रदेश में नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में पांच फीसदी आरक्षण की मांग कर रहे हैं। गुर्जरों के इस आंदोलन का असर अब ट्रेनों पर काफी दिखने लगा है। गुर्जर आंदोलन की वजह से राजस्थान में 7 ट्रेनों का रूट बदला गया है, वहीं 1 को रद्द किया गया है और कई और ट्रेनें भी प्रभावित हैं। आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक पर तंबू गाडक़र और अलाव जलाकर बैठे हैं। वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी आंदलोनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुर्जर आरक्षण आंदोलनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस ने पहले भी उनकी बात सुनी थी और अब भी सुनेगी। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा आरक्षण को लेकर आंदोलन शुरू किए जाने के बीच गहलोत ने कहा, सरकार समाधान के लिए बेहद गंभीर है और राज्य सरकार के स्तर पर गंभीर प्रयास किया गया है। राज्य सरकार गुर्जर नेताओं से बातचीत करने को तैयार है। कांग्रेस सरकार ने पहले भी उनकी बात सुनी थी और अब भी सुनेगी। मेरी उनसे शांति बनाए रखने की अपील है।

    दरअसल, गुर्जर समाज सरकारी नौकरियों एवं शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए गुर्जर, रायका-रेबारी, गडिया लुहार, बंजारा और गडरिया समाज के लोगों को पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है। वर्तमान में अन्य पिछडा वर्ग के आरक्षण के अतिरिक्त 50 प्रतिशत की कानूनी सीमा में गुर्जर को अति पिछडा श्रेणी के तहत एक प्रतिशत अलग से आरक्षण मिल रहा है।

    साल 2008 में राजस्थान में हुए गुर्जर आंदोलन में हुई पुलिस फायरिंग के दौरान करीब 20 लोगों की मौत हुई थी इस घटना को उस समय वसुंधरा सरकार की हार की बड़ी वजह माना गया था। 10 साल पहले हुए इस आंदोलन में राज्य में ट्रेनें और बसों का चक्का जाम कर दिया था और ट्रेन की पटरियों में गुर्जर समाज को लोग दिन रात बैठे रहते थे। हालांकि बाद में राज्य सरकार ने 5 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान कर दिया था लेकिन हाइकोर्ट में इसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद साल 2011 में गहलोत सरकार ने एक फीसदी और वसुंधरा सरकार ने 2015 में फिर 5 फीसदी आरक्षण दिया लेकिन दोनों ही कोर्ट में खारिज कर दिए गए।  (एनडीटीवी)

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Posted Date : 09-Feb-2019
  • नई दिल्ली, 9 फरवरी । पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब पुलिस को निर्देश दिया है कि वह एक नवविवाहित संगरूर दंपत्ति की सुरक्षा और स्वतंत्रता सुनिश्चित करे। हाल में शादी के बंधन में बंधे शमशेर सिंह की उम्र 67 वर्ष है तो वहीं, उनकी पत्नी की उम्र 24 साल है। दोनों ने जनवरी महीने में चंडीगढ़ के गुरुद्वारा में शादी की थी, जिसके बाद दोनों की शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी।

    वकील मोहित सदाना ने जानकारी दी कि दंपत्ति के परिवार ने उनकी शादी को स्वीकार नहीं किया है। ऐसे में कपल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा कि उनकी जिंदगी उनके परिजनों की वजह से खतरे में है। चार फरवरी को कोर्ट ने संगरूर और बरनाला जिले के एसएसपी को कपल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। हालांकि, इस मामले में दंपत्ति ने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। लेकिन उनके वकील ने बताया कि शादी पूरी तरह से कानूनी है। वे एक अडल्ट हैं और उन्हें पूरा अधिकार है शादी करने का।

    संगरूर के एसएसपी संदीप गर्ग ने हाई कोर्ट के आदेश की पुष्टि करते हुए कहा कि कानून के अनुसार, दंपत्ति को सुरक्षा प्रदान की जाएगी। पुलिस कोर्ट के आदेश का पालन करेगी और दंपत्ति को सुरक्षा मुहैया कराएगी।

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा प्रथम दृष्टया बसपा सुप्रीमो मायावती को मूर्तियों पर खर्च होने वाला जनता का पूरा पैसा लौटाना चाहिए। 2 अप्रैल को मामले की होगी अगली सुनवाई। (लाइव हिन्दुस्तान)

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Posted Date : 08-Feb-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    रायपुर, 8 फरवरी। प्रदेश के भाजपा पदाधिकारियों ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि कांग्रेस की सरकार अपने चुनावी वादों पर खरी नहीं उतर पाई है।

    भाजपा महामंत्री सुभाऊ कश्यप, गिरधर गुप्ता व संतोष पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपने पहले बजट में चुनावी वादों पर खरी नहीं उतरी है। कांग्रेस पार्टी 55 साल राज्य करने के अपने पुराने ट्रैक पर वापस आ गयी है। जिस प्रकार गरीबी हटाओ के नारा को कभी पूरा नहीं कर पाए वैसे ही जन घोषणा पत्र को पूरा करने की क्षमता सरकार में नहीं दिख रही है। लगभग 200 फूड पार्क की बात करने वाले केवल 5 फूड पार्क के लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है जिससे स्पष्ट है किसानों को कर्जमाफी की तरह उनके उत्पादों की फूड पार्क में प्रोसेसिंग कर संरक्षित करने के वादे से भी हाथ उठाते दिख रहे हैं। कांग्रेस पार्टी की सरकार अपने पहले बजट में ही अनुत्तरित हो गई है।

    भाजयुमो अध्यक्ष विजय शर्मा व महामंत्री संजु नारायण सिंह ने राज्य बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि युवाओं के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं है। ना ही बेरोजगारी भत्ते पर कुछ प्रावधान है, ना ही युवाओं के रोजगार के लिए कोई रोड मैप दिखता है। 10 लाख बेरोजगारों को भत्ता देने की बात कर युवाओं का वोट पाने वाले अब मुकर गए। यह शर्मनाक है। बजट में शिक्षा कर्मी युवा भाई बहनों के साथ 2 वर्ष के बाद नियमितीकरण करने के लिए भी कोई चर्चा नहीं की गई। यह साफ तौर पर युवा, भाई बहनों के साथ धोखा है।

    भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती पूजा विधानी ने कहा कि चुनाव में महिलाओं के वोट पाने के लिए पूर्ण शराबबंदी व महिला स्वसहायता समूह का सभी कर्जा माफ करने की बात की थी लेकिन बजट में इन दोनों बातों का कहीं कोई जिक्र नहीं किया गया है। जनघोषणापत्र बनाने वाले छत्तीसगढ़ शासन में मंत्री टी.एस. सिंहदेव के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महिलाओं के साथ अन्याय किया है। छत्तीसगढ़ सरकार का बजट पूर्ण रुप से फ्लाप शो रहा है। यह सरकार अपने वादे से भागती दिख रही है।

    किसान मोर्चा अध्यक्ष पूनम चंद्राकर एवं पूर्व अध्यक्ष संदीप शर्मा ने कहा कि नरवा, तालाब, बाड़ी पर हमारी सरकार ने पूर्व में ही कार्य किया है, हजारों गांवों के नरवा को बांधकर पानी का ना केवल संचय किया गया बल्कि गर्मी में भी ग्रामीण जनों एवं पशु को पानी मिलते रहे इसके लिए नरवा, तालाब के, गांव के गौठान जिसे हम ‘दइहान‘ करते हैं को कीचड़ मुक्त करने सभी स्थानों में मुरम का भराव किया है एवं पेयजल हेतु पहले से ही नलकूप लगाये गये हैं। प्रदेश के लगभग 10 लाख बुजुर्ग किसानों को 1500 रु. प्रतिमाह पेंशन देने का वादा कर सत्ता में आयी इस सरकार ने बुजुर्गों के लिए ‘चवन्नी‘ का प्रावधान नहीं किया उल्टे अपने विधायकों को मिलने वाली राशि को एक करोड़ से बढ़ा कर सीधा दो करोड़ कर दिया अर्थात अपनी व्यवस्था पहले कर ली।

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Posted Date : 08-Feb-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    रायपुर, 8 फरवरी। रायगढ़ की सभा में नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्य की किसान समर्थक कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाषण देने की कड़ी आलोचना करते हुये कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि नयी बनी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर मोदी ने अपनी सरकार के तौर तरीके चाल चलन को उजागर कर दिया है।

    राफेल मामलों में जेपीसी गठित करने में लगातार बाधा डालने वाली मोदी सरकार, मजबूत लोकपाल नहीं बनने देने वाली मोदी सरकार, चौकीदार बनकर चोरी करने वाले मोदी सरकार के मुखिया ने आज छत्तीसगढ़ की नयी सरकार किसानों की सरकार पर निराधार बेतुके हमले किये है। राफेल को देश की लूट का एटीएम बनाने वाले मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ की धरती से छत्तीसगढ़ की नई सरकार के खिलाफ झूठे आरोप मढऩे वाले भाषण देने का कांग्रेस पार्टी विरोध करती है।

    श्री त्रिवेदी ने चुनौती देते हुए कहा है कि मोदी को बता देना चाहता हूं कि कांग्रेस की सरकार पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की तरह कमीशनखोरी करने वाली सरकार नहीं, गांव हित में, किसान हित में काम करने वाली सरकार है। जिस रायगढ़ की धरती से कांग्रेस पर झूठे आरोप मोदी ने लगाये वही हुयी भाजपा की कार्यसमिति की बैठक में तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह ने भाजपाई कमीशनखोरी को स्वीकार किया था।

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Posted Date : 08-Feb-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    रायपुर, 8 फरवरी। माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने छत्तीसगढ़ में आज कांग्रेस सरकार द्वारा पेश बजट को कारणों को नहीं, समस्याओं को छूने वाला बजट करार दिया है. पार्टी ने कहा है कि बजट में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आम जनता को राहत के कुछ छींटे मारने की कोशिश जरूर की गई है, जो स्वागतयोग्य है, लेकिन भाजपा-राज की उन नीतियों से अलग होने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं है, जो आम जनता और प्रदेश की बर्बादी का कारण बने हैं।

    आज यहां जारी एक बयान में माकपा राज्य सचिवमंडल ने कहा है कि प्रदेश के किसान स्वामीनाथन आयोग के सी-2 फार्मूले के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य और संपूर्ण कजऱ्मुक्ति के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिसके अभाव में वे आत्महत्या करने को विवश हैं. आदिवासी और किसान उन जमीनों की वापसी चाहते हैं, जो तत्कालीन भाजपा सरकार ने कॉर्पोरेट हितों को पूरा करने के लिए उनसे छीन लिया है। वनाधिकारों पर अमल की घोषणा के बावजूद सच्चाई यही है कि दावेदारों को न पावती दी गई थी और न ही प्रशासन के पास निरस्त दावों की वास्तविक सूची है और कानून के विपरीत, आदिवासियों के वनाधिकार-दावों के आवेदनों को वह स्वीकार नहीं कर रहा है. लेकिन इस दिशा में कोई नीतिगत घोषणा नहीं की गई है।

    माकपा राज्य सचिव संजय पराते ने कहा कि मनरेगा में केवल 1500 करोड़ रुपयों का आबंटन रखा गया है, जो कि पिछली बजट की तुलना में केवल 100 करोड़ रुपये ज्यादा है. 300 करोड़ रुपयों से ज्यादा की बकाया मजदूरी और महंगाई बढऩे के कारण बढ़ी हुई मजदूरी को गणना में लेने के बाद मजदूरों के लिए उपलब्ध काम के दिन कम होंगे। अनुसूचित जाति-जनजाति उपयोजना में भी पिछले वर्ष के बराबर ही, और उनकी सम्मिलित प्रतिशत आबादी की तुलना में कम, आबंटन रखा गया है, जो कि इस प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक रूप से सबसे ज्यादा कमजोर और पिछड़े हिस्से को विकास की रोशनी से दूर ही रखेगा।

    उन्होंने कहा कि यह बजट असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, संविदा कर्मचारियों, मध्यमवर्गीय कर्मचारियों और शिक्षाकर्मियों की समस्याओं के हल होने के बारे में भी कोई भरोसा नहीं जगाता। रसोईया मजदूरों की मजदूरी में केवल 300 रुपये महीने की वृद्धि करना और 6 घंटे काम के लिए 50 रुपये रोजी देना न केवल हास्यास्पद है, बल्कि उन्हें च्बंधुआ मजदूरज् की श्रेणी में ही बनाये रखना है. इसी तरह, सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सार्वभौमिक बनाने के बजाए सरकारी गरीबी रेखा तक सीमित रखने से प्रदेश में व्याप्त कुपोषण की समस्या से निपटना संभव नहीं है, क्योंकि लाखों गरीब परिवारों को आज भी विभिन्न नाजायज कारणों से राशन प्रणाली से दूर रखने की कसरत की जा रही है।

    माकपा ने कहा है कि जब तक नवगठित कांग्रेस सरकार भाजपा-राज की जनविरोधी नीतियों और उदारीकरण के रास्ते से अपने को अलग नहीं करती, तब तक केवल राहत के छींटों से आम जनता की समस्याएं हल होने वाली नहीं है. माकपा जल, जंगल, जमीन, खनिज, रोटी और रोजगार के मुद्दों पर आम जनता को लामबंद कर, जनसंघर्षों के जरिये नीतियों को बदलने की लड़ाई को जारी रखेगी।

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Posted Date : 08-Feb-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    रायपुर, 8 फरवरी। दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड कैंप में शामिल छत्तीसगढ़ के कैडेट्स शुक्रवार को राजधानी पहुंचे। 8सीजी बटालियन में आयोजित समारोह में एनसीसी अधिकारियों द्वारा इनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। आरडीसी कैंप के अनुभवों को कैडेटों ने अधिकारियों के साथ साझा किया। कर्नल रूपेंदर सिंह द्वारा कैडेट्स को प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया।

    विदित हो कि आरडीसी कैंप में छत्तीसगढ़ के 17 कैडेट्स शामिल रहे। इसमें से 6 कैडेटों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में, 3 कैडेटों ने राजपथ में तथा 8 कैडेटों ने पीएम रैली में हिस्सा लिया।  आरडीसी कैंप में अभिषेक गजेंद्र, ईश्वरचंद, योगेश कुमार, धनराज ध्रुव, नरोत्तम सिंग, नागेश्वर साहू, खिलेंद्र साहू, अमन वर्मा, सौरभ विवेक, पलाश चौहान, जीत जैन, आदित्य प्रताप सिंग, सृष्टि दुबे, प्रेरना शर्मा, इश्किा, आर्यन दुबे, शिव दुबे और प्रदीप कुमार शामिल रहे।

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Posted Date : 08-Feb-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    रायपुर, 8 फरवरी। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य सरकार के बजट को निराशा जनक बताते हुए कहा कि कांग्रेस जन घोषणा पत्र को भूल कर आधी अधूरी बातें कर रही है। लगभग 70 वादे कर सरकार में आए भूपेश सरकार ने युवाओं, महिलाओं व सभी वर्गों को छलने का काम किया है। भूपेश सरकार का बजट छत्तीसगढ़ को आगे ले जाने वाला नहीं दिखता और कोई विजन दिखाई पड़ा। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस सरकार के पहले बजट को छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाई देने में असमर्थ बताते हुए कहा कि बजट की दिशा भटकी हुई है और नरवा, गरुवा, घुरुवा और बाड़ी का नारा खोखला साबित हुआ है। किसानों को कर्ज के नाम पर छलने के बाद बिजली बिल हॉफ करने के वादे से भी सरकार मुकरी। केवल 400 यूनिट तक हॉफ कर सरकार ने घरेलू उपभोक्ता के साथ इंडस्ट्री को भी धोखा दिया है। 10 लाख बेरोजगारों को 2500 रुपए देने का कहीं कोई जिक्र नहीं है।

    60 वर्ष वालों को एक हजार व 75 वर्ष वालों को 1500 रु. प्रतिमाह, व विधवाओं को एक हजार रु. प्रतिमाह की बात ना कर भूपेश सरकार ने प्रदेश को ठगने का काम किया है। श्री कौशिक ने कहा कि चिटफंड कम्पनी द्वारा ठगे लोगों को पैसा वापस करने का वादा कर सरकार में आए कांग्रेसियों ने चिटफंड कम्पनी की तरह ही पीडि़त लोगों को ठगने का काम किया है यह अक्षम्य है।

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Posted Date : 08-Feb-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    रायपुर, 8 फरवरी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को यहां कहा कि सरकार 12 हजार करोड़ का कर्जा ले चुकी है। खर्चों में कटौती कर कमी को पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले साल में भी 25 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जाएगी।

    श्री बघेल ने बजट पेश होने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में जन घोषणा पत्र के वादे पर कहा कि पहले साल का बजट है। इसकी अपनी सीमाएं हैं। सभी घोषणाएं एक साथ पूरी नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जो घोषणाएं अभी पूरी नहीं हुई है, उसे आने वाले साल में पूरी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए करीब 12 हजार करोड़ का कर्ज सरकार ले चुकी है। इस वजह से खर्च में कटौती कर कमी को पूरी करने की कोशिश की गई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वादे पर कहा कि वे जुमलेबाज हैं। 15 लाख रुपये हर किसी को देने का वादा किया था, लेकिन पूरा नहीं किया। हमने जो कहा उसे पूरा किया है।

    श्री बघेल ने एक पूरक सवाल के जवाब में कहा कि शेरो शायरी के जरिए अपनी बात कहने का मतलब यह है कि घूमा फिराकर बात कहना। हमने जो कहा था उस पर अमल कर रहे हैं।

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Posted Date : 08-Feb-2019
  • सीबीआई को रोकने की नीति से साफ है कि वह बिचौलियों की सरकार है

    छत्तीसगढ़ संवाददाता

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आज रायपुर एयरपोर्ट पर प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने स्वागत किया। प्रधानमंत्री रायगढ़ की आमसभा में जाते हुए रायपुर एयरपोर्ट पर उतरे थे, और आज ही राज्य का बजट होने की वजह से मुख्यमंत्री-वित्तमंत्री भूपेश बघेल एयरपोर्ट पर नहीं पहुंच पाए थे। प्रदेश के कई वरिष्ठ अधिकारी भी विमानतल पर स्वागत के लिए तैनात किए गए थे।

    रायगढ़, 8 फरवरी।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कोड़ातरई में  जनसभा को संबोधित करते हुए किसानों और गरीबों पर  अपनी सरकार के कामों को गिनाया और कांग्रेस पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार सत्ता में आते ही बदले की भावना से काम कर रही है। पहले जो अच्छा चल रहा था उसे ठप करने में लगी हुई है।

    पीएम मोदी ने कहा कि नई सरकार से उम्मीद थी कि नई शुरूवात करेंगे लेकिन आयुष्मान योजना को बंद कर दिया कि वे चाहते क्या हैं। पूत के पांव पालने में नजर आते हैं, उसका ताजा उदाहरण छत्तीसगढ़ की यह नई सरकार है। पीएम ने कहा प्रदेश की कांग्रेस सरकार केन्द्र की आयुष्मान योजना को छत्तीसगढ़ से दूर कर रही है। गरीबों के लिए यह योजना जीवनदान योजना है। इसे रोककर कांग्रेस गरीबों को मिलने वाली लाभ से वंचित कर रही है। गरीब जनता को किस बात की सजा दे रही है। इस योजना को रोककर छत्तीसगढ़ 65 साल पीछे की ओर लौट रही है।

    उ न्होंने सीबीआई को राज्य में आने से रोकने पर सीएम भूपेश बघेल को घेरा कि उन्हें आखिर किस बात का डर है। डरते वो हैं जो गलत करते हैं। सीबीआई को रोकने की नीति से साफ है कि वह बिचौलियों की सरकार है।  उन्होंने कहा कि कांग्रेस का रोम-रोम बिचौलियों के अहसान तले दबा हुआ है। कांग्रेस को कोई भी काम दलाल और बिचौलियों बगौर मजा नहीं आता है। कांग्रेस ने 60-65 साल तक जनता को धोखा दिया है। 

    कांग्रेस को तुम भी खाओ और मैं भी खाउंगा ऐसी योजना चाहिए। देश के गरीब मोदी के साथ खड़ा हो गया है यह उन्हें चुभता है।

    पीएम ने कहा कि कांग्रेस 15 साल से कोई मलाई नहीं खाई है इसलिए चौकीदार की योजना से घबरा गए हैं। कांग्रेस अब तक भ्रष्टाचार करते आई है और भ्रष्टाचार करने वालों को संरक्षण देते आई है। लेकिन चौकीदार चुप नहीं बैठेगा। इनके मामा, चाचाओं को भारत लाया जा रहा है। जल्द ही इनका पर्दाफाश हो जाएगा।

    कांग्रेस की कर्ज माफी पर पीएम मोदी ने कहा कि कर्ज माफी वोट बटोरने का धंधा है। वोट बटोर लिया अब खेल खत्म। कांग्रेस चुनाव आते ही कर्ज माफी का पिटारा लेकर आते हैं। इससे बिचौलियों के पेट भरता है और उन्हें ही फायदा होता है।

    किसान फिर से कर्ज से दब जाता है। कांग्रेस वोट बटोरने के लिए 10 साल में एक बार कर्ज माफी की योजना लेकर आती है। लेकिन मोदी हर साल किसानों को लाभ देने की योजना लेकर आई है। हम पीएम सम्मान योजना लेकर आए हैं। जिससे किसानों को प्रत्येक वर्ष 6 हजार रुपये सीधे उनके बैंक खाते में जाएगा। इससे लगभग 12 करोड़ किसानों को लाभ होगा। यह योजना किसानों का सम्मान है। उन्होंने आने वाले लोकसभा चुनाव में सभी 11 सीटों पर भाजपा को वोट देने की अपील की।

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Posted Date : 08-Feb-2019
  • बिजली बिल हाफ, सभी को इलाज

    छत्तीसगढ़ संवाददाता

    रायपुर, 8 फरवरी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को वित्तमंत्री के रूप में राज्य का पहला बजट पेश किया। करीब 96 हजार करोड़ का बजट मुख्य रूप से गांव, गरीब और किसान पर केन्द्रित रहा है। करीब 11 हजार करोड़ के घाटे के इस बजट में बिजली बिल हॉफ करने के साथ-साथ पांच नए फुड पार्क की स्थापना के लिए प्रावधान किया गया है। किसानों से अगले साल भी 25 सौ रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जाएगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सुराजी गांव योजना शुरू करने का प्रस्ताव है। साथ ही साथ सार्वजनिक और व्यवसायिक बैंकों द्वारा बांटे गए करीब 4 हजार करोड़ के अल्पकालीन  ऋण की भी माफी की भी घोषणा की गई। साथ ही कोई नया कर नहीं लगाया गया है।

    कांग्रेस सरकार का पहला बजट किसान-गरीब की समृद्धि, गांवों की खुशहाली, शिक्षा में उच्च गुणवत्ता, स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के वर्गों के कल्याण, युवाओं की ऊर्जा का संसाधन के रूप में उपयोग, शहरी ग्रामीण अधोसंरचना के विकास तथा कुशल प्रशासन की अवधारणा पर केन्द्रित है। छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी, नरवा, गरूवा, घुरूवा, बारी, एला बचाना है संगवारी के नारे को सार्थक करने के लिए बजट में नरवा, गरूवा, घुरूवा और बारी के संरक्षण और विकास के लिए प्रावधान किए गए हैं।

    धान की पैदावार में बढ़ोत्तरी और उपार्जन मूल्य में वृद्धि के बावजूद किसान की आय में कमी का मुख्य कारण लागत मूल्य में वृद्धि होना है। इसको ध्यान में रखते हुए कृषि लागत मूल्य में कमी लाने के लिए सरकार नेे पहला कदम उठाया है, किसानों को पुराने कर्जों के कुचक्र से मुक्ति दिलाने का। सरकार ने ग्रामीण बैंक एवं सहकारी बैंकों के 6 हजार 230 करोड़ के अल्पकालीन कृषि ऋण को माफ करने का निर्णय पिछले 17 दिसम्बर को लिया था और अब सार्वजनिक क्षेत्र के व्यावसायिक बैंकों से लिए गए लगभग 34 हजार करोड़ के अल्पकालीन कृषि ऋणों को भी माफ करने का निर्णय लिया है। कृषि ऋण की माफी के लिए तीसरे अनुपूरक बजट में हमारी सरकार ने 4 हजार 224 करोड़ की राशि का प्रावधान किया था और शेष राशि के लिए हमने इस बजट में भी समुचित प्रावधान किया है।

    जन घोषणा पत्र में 2500 रू. प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी का वादा किया था। खरीफ 2018 के धान को किसानों से 2500 रू. की दर पर खरीदा। आने वाले वर्षों में भी हम अपने वादे पर कायम हैं और 2019-20 के बजट में भी 2500 रू. प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने के लिए समुचित राशि का प्रावधान किया गया है।

    जनप्रतिनिधियों को उनके विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए अधिक जवाबदेही के साथ काम करने का अवसर देने के उद्देश्य से विधायक निधि की राशि 1 करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए बजट में 182 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    पुलिस विभाग में जिला कार्यपालिक बल के आरक्षक से लेकर निरीक्षक स्तर तक के अमले को रिस्पान्स भत्ता देने के लिए 45 करोड़ 84 लाख का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में उत्पादित खाद्य-पदार्थ, फल-फूल एवं सब्जियों के प्रसंस्करण को प्रोत्साहित कर किसानों के लिए अधिक आय एवं रोजगार सृजन करने के उद्देश्य से प्रथमत: 5 नये फूड पार्क प्रारंभ करने के लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

    आश्रम एवं छात्रावासों में रहने वाले प्री-मैट्रिक स्तर के अनुसूचित जाति-जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शिष्यवृत्ति की राशि 9 सौ रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 1 हजार रुपये प्रति माह तथा पोस्ट मैट्रिक छात्रों के लिए भोजन सहायता की राशि 5 सौ रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 7 सौ रपये प्रति माह की गई है। इसके लिए 27 करोड़ 57 लाख का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।

    स्कूलों में संचालित मध्यान भोजन कार्यक्रम में खाना बनाने वाले रसोईयों को 12 सौ से बढ़ाकर 15 सौ रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। इसके लिए बजट में 26 करोड़ 59 लाख का अतिरिक्त प्रावधान है।

    कृषि ऋण की माफी के साथ-साथ किसानों को राहत देने के लिए 207 करोड़ का बकाया सिंचाई कर भी माफ करने का सरकार ने निर्णय लिया है जिससे 15 लाख किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। सोयाबीन उत्पादन पर कृषकों को प्रोत्साहन देने के लिए 10 करोड़ एवं गन्ना बोनस के लिए 50 करोड़ का प्रावधान है।

    प्रति व्यक्ति आय

    97 हजार अनुमानित

    वर्ष 2018-19 में राष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 25 हजार 397 रू. अनुमानित है जबकि इसी अवधि में राज्य में प्रति व्यक्ति आय 96 हजार 887 रू. का अनुमान है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति आय में 11.1 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है जबकि राज्य स्तर पर वृद्धि 7.9 प्र्रतिशत अनुमानित है।

    अधोसंरचना विकास

    लोक निर्माण विभाग द्वारा एडीबी फेस-3 परियोजना के तहत इस वर्ष 3 हजार 5 सौ करोड़ लागत की 35 नवीन सडक़ों के कार्य हेतु 3 सौ करोड़ का प्रावधान।  (बाकी पेजï 3 पर)

     प्रदेश के सभी नदियों और नालों पर पुल निर्माण की नवीन योजना जवाहर सेतु योजना के लिए 100 करोड़ का प्रावधान है। इससे 438 करोड़ के 102 पुलों का निर्माण किया जाएगा।

    नवीन कार्यों के लिए 400 करोड़ का प्रावधान है, जिसमें 1 हजार 58 किमी लंबाई की 261 ग्रामीण सडक़ें, 351 किमी लंबाई के 30 मुख्य जिला मार्ग, 97 किमी लंबाई के 7 राज्य मार्ग एवं 73 किमी लंबाई के शहरी मार्गों का निर्माण किया जाएगा।

    परिवहन नेटवर्क रेल मार्ग योजना के लिए 317 करोड़ का प्रावधान एवं 19 करोड़ की लागत से 2 रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए प्रावधान।

     11 औद्योगिक क्षेत्रों की अधोसंरचना उन्नयन कार्य हेतु 20 करोड़ एवं दुर्ग, सरगुजा एवं जगदलपुर में उद्यमिता विकास संस्थान की स्थापना के लिए 3 करोड़ का प्रावधान है। औद्योगिक इकाईयों को लागत पूंजी अनुदान हेतु 75 करोड़, ब्याज अनुदान हेतु 38 करोड़ तथा स्टार्ट-अप इकाईयों को प्रोत्साहित करने के लिए 5 करोड़ का प्रावधान है। वृक्षों के प्रभावी संरक्षण के लिए वन विभाग की नर्सरी में बड़े पौधे तैयार करने के लिए 20 करोड़ प्रावधान।

    प्रशासन एवं कानून व्यवस्था

     कानून -व्यवस्था एवं जान-माल की रक्षा संबंधी मामलों में त्वरित कार्यवाही करने हेतु पुलिस विभाग में जिला कार्यपालिक बल के आरक्षक से लेकर निरीक्षक स्तर तक के अमले को रिस्पांस-भत्ता दिया जाएगा। इसके लिए बजट में 45 करोड़ 84 लाख का प्रावधान किया गया है।

     प्राकृतिक अथवा मानवजनित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश में तैनात एसडीआरएफ के जवानों को मानदेय के 50 प्रतिशत की दर से जोखिम भत्ता दिया जाएगा। इसके लिए 2 करोड़ का प्रावधान। पुलिस बल की विभिन्न शाखाओं में कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए 2 हजार नवीन पदों के सृजन का प्रावधान।

     पांच नवीन थाने तथा चौकी का थाने में उन्नयन हेतु 10 करोड़ का प्रावधान एवं पांच थानों तथा 20 चौकी भवन के निर्माण हेतु 12 करोड़ 50 लाख का प्रावधान।

     

     

     

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Posted Date : 08-Feb-2019
  • रायपुर, 8 फरवरी (छत्तीसगढ़)। एसीबी और ईओडब्ल्यू के मुखिया रहे राज्य के विशेष डीजी मुकेश गुप्ता, और उनके कार्यकाल में एसीबी के एसपी रहे रजनेश सिंह के खिलाफ ईओडब्ल्यू में जुर्म दर्ज किया गया है। उन पर कुछ शासकीय अधिकारियों के टेलीफोन टैप करके फर्जी मामला बनाने का आरोप है।

    विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीती रात देर से यह जुर्म दर्ज किया गया है जिसमें कई गंभीर धाराएं लगी हैं। इन दोनों के खिलाफ 166, 166ए (बी), 167, 193, 194, 196, 201, 218, 266, 466, 467, 471, और 120 (बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में झूठे सुबूत गढऩे, अदालत से सच छुपाने, आपराधिक षडय़ंत्र करने, सुबूत गायब करने, और अवैध फोन टैपिंग के मामले हैं। यह मामला नागरिक आपूर्ति निगम पर डाले गए छापे और उसकी जांच से संबंधित है जिसके लिए प्रदेश की नई कांग्रेस सरकार ने एक विशेष जांच टीम बनाकर फिर से जांच शुरू की है, और उसके चलते हुए यह नई कार्रवाई की गई है।

    उल्लेखनीय है कि रजनेश सिंह अभी नारायणपुर में पुलिस अधीक्षक हैं, और मुकेश गुप्ता बिना किसी काम के पुलिस मुख्यालय में अटैच रखे गए हैं। शासन की ओर से जीवनप्रकाश कुजूर ने यह एफआईआर दर्ज कराई है जो कि ईओडब्ल्यू/एसीबी में इंस्पेक्टर हैं। यह रिपोर्ट कल रात 8 बजे दर्ज की गई है, लेकिन इसकी खबर आज सुबह से फैलना शुरू हुई, और लोग इस मामले की गंभीरता को देखकर चौंक गए हैं।

    नागरिक आपूर्ति निगम के घोटाला मामले में मुकेश गुप्ता की अगुवाई में इन जांच एजेंसियों ने नान में काम करने वाले अधिकारियों व अन्य लोगों के फोन पहले से टैप किए थे, और यह बताया था कि कानून के तहत इस टैपिंग की इजाजत ली गई थी। लेकिन अभी विशेष जांच टीम ने यह पाया है कि यह टैपिंग गैरकानूनी थी। उल्लेखनीय है कि इस टैपिंग से कथित भ्रष्टाचार की बातचीत को रिकॉर्ड करके उसे अदालत में सुबूत के रूप में पेश भी किया जा चुका है।

    कुछ जानकार लोगों का पहले से यह मानना रहा है कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए फोन टैपिंग का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

    इस एफआईआर के बाद रजनेश सिंह का नारायणपुर एसपी रहना संभव नहीं दिखता है, और मुकेश गुप्ता पहले से बिना किसी काम के पुलिस मुख्यालय में बिठाए गए हैं, और उनके खिलाफ कुछ दूसरे मामले भी दर्ज हुए हैं जिनकी जांच चल रही है।

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Posted Date : 08-Feb-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    रायपुर, 8 फरवरी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा शुक्रवार को विधानसभा में पेश किए गए बजट को सर्वजन हिताय बताया। बजट को लेकर व्यापारियों से लेकर कृषि वैज्ञानिकों ने संतोष जताया। इनके अनुसार किसान पर केंद्रित यह बजट किसानों को राहत देने के साथ-साथ व्यापार की मंदी को दूर करने में सहायक होगा। बिजली बिल हाफ  किए जाने से उद्योग को रफ्तार में लेगी।

    छत्तीसगढ़ शासन के बजट के संबंध में  छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यकारी अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने कहा कि बजट में उद्योग एवं लघु उद्योग, छोटे व्यापारियों को फायदा होगा छत्तीसगढ़ में 5 नए फूड पार्क खुलेंगे इससे छोटे उद्योग का फायदा होगा और छत्तीसगढ़ का व्यापार बढ़ेगा। 400 यूनिट बिजली बिल हाफ की जो घोषणा हुई है उससे भी छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी एवं लघु उद्योग साथ में बड़े उद्योग अब अपना सामान सीएसआईडीसी को दे सकेंगे। अभी तक उद्योग व्यवसायी को सही कीमत नहीं मिल पाती थी जिसके कारण छत्तीसगढ़ का उद्योग पनप नहीं पा रहा था। चैम्बर की कुछ मांगे जैसे मंडी शुल्क माफ की बात एवं गुमास्ता लाइसेंस समाप्त करने की घोषणा नहीं हो पाई। हम उम्मीद करते हंै कि आने वाले समय में चैम्बर की यह मांग पूरी की जाएगी।

    कृषि वैज्ञानिक संकेत ठाकुर के अनुसार बजट अच्छा है। पहली बार किसानों पर केंद्रित बजट में किसानों की कर्जमाफी और समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी स्वागत योग्य कदम है। संकेत ठाकुर ने कहा कि बस एक बात की कसक रह गई कि कर्ज के कारण आत्महत्या करने वाले किसान परिवार के हित में कोई कदम नहीं उठाए गए। नए कृषि विश्वविद्यालय से कृषि को जहां दिशा मिलेगी, वहीं खाद्य प्रसंस्करण केंद्र खोले जाने से प्रदेश के किसानों को लाभ के साथ-साथ उत्पादन के लिए बढ़ावा मिलेगा। व्यवसायी अमर धावना ने कहा कि किसान और कृषि पर केंद्रित बजट नि:संदेह स्वागत योग्य कदम है। किसानों के पास पैसा आने से व्यापार की मंदी दूर हो सकेगी।

     मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा शुक्रवार को पेश किए बजट के संबंध में  अपनी प्रतिक्रिया देते हुए दुर्ग शहर विधायक अरुण वोरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद समग्र रूप से सभी वर्गों का ध्यान रखने वाला यह प्रथम बजट है। बजट में राज्य सरकार अपने जनघोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में अग्रसर दिखाई पड़ रही है। 400 यूनिट तक के बिजली बिल 1 मार्च से आधे हो जाने पर मध्यम वर्ग को बड़ी सौगात मिलेगी। गांवों और अन्नदाताओं के लिए पहली बार एक दूरदर्शी सोच दिखाई पड़ रही है।

    कर्जमाफी के बाद 2500 रु प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी होने पर किसानों को बड़ी राहत मिलेगी 15 तरह के वनोपजों को समर्थन मूल्य देने का प्रस्ताव सराहनीय है। इससे आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्र के मजदूरों को विशेष लाभ होगा। पुलिस अमले को रिस्पॉन्स भत्ता, 5 नए फूड पार्क, मध्यान भोजन रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी के साथ विधायक निधि 2 करोड़ कर मुख्यमंत्री ने शहर, गांव, स्मार्ट सिटी से लेकर नरवा, गरवा घुरवा बाड़ी तक को समावेशित कर सभी वर्गों का ध्यान रखने वाला सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की अवधारणा से परिपूर्ण बजट राज्य की जनता को दिया है। प्रदेश कांग्रेस के व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी के अनुसार बजट से छत्तीसगढ़ के हर वर्ग को लाभ होगा। इसमें छत्तीसगढ़ के आम जन एवं छोटे व्यापार को ध्यान में रखते हुए 400 यूनिट तक की बिजली बिल हाफ किया गया है। साथ ही प्रदेश के उद्योगों के निर्मित सामानों की खरीदी के लिए सीएसआईडीसी से खरीदी करने की लिए पोर्टल बनाने की घोषणा की गई है, जिससे यहां के उद्योगों को फायदा पहुंचेगा प्रदेश मैं नए रोजगार पैदा करने के लिए पांच नए फूड पार्क का निर्माण ऐसी ही कहीं योजनाओं का को बजट में स्थान दिया गया है इसका हम स्वागत करते हैं।

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Posted Date : 08-Feb-2019
  • रायपुर, 8 फरवरी।  रायपुर दक्षिण विधानसभा कांग्रेस प्रत्याशी कन्हैया अग्रवाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रस्तुत बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पहली बार ग्राम विकास के साथ छत्तीसगढ़ के अन्नदाता को ध्यान में रखकर प्रदेश को विकासशील बनाने वाला बजट बनाया गया है । श्री अग्रवाल ने बजट में व्यवसायिक बैंकों से लिए गए कृषि ऋणों की माफी ,सिंचाई कर की माफी के साथ धान का समर्थन मूल्य 2500 क्विंटल करने और बिजली भी हाफ करने की घोषणा को मूर्त रूप दिए जाने का स्वागत किया है।  उन्होंने कहा कि प्रत्येक राशन कार्ड में 35 किलो चावल देने के साथ ही गरीबों के उन्नयन के लिए अनेक प्रावधान बजट में किए गए हैं। विकलांग विवाह राशि को डबल कर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने संवेदनशीलता का परिचय दिया है।

    विधायक निधि को एक करोड रुपए से बढ़ाकर 2 करोड़  करने के प्रस्ताव के साथ ही सुपाबेड़ा के नागरिकों को बीमारी से बचाने पृथक पेयजल योजना का प्रस्ताव स्वागतेय है ।

     नरुआ, गरुवा, घुरुआ और बाड़ी के संरक्षण के लिए कार्य योजना लाई गई है। गौठान निर्माण गोवंश की रक्षा की दिशा में अहम कदम होगा। उन्होंने कहा कि बजट में शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक प्रावधान करते हुए शिक्षा गुणवत्ता में सुधार को प्राथमिकता में रखा गया है, बालिका छात्रावास में सुरक्षा के प्रावधान के साथ महाविद्यालय में रिक्त प्राध्यापक के पदों की भर्ती का निर्णय भी छात्र हित में है । पुलिस बल के लिए जोखिम भत्ता के साथ ही 2000 नवीन पदों पर भर्ती का प्रावधान पुलिसिंग को मजबूत करेगा । बिलासपुर और जगदलपुर में मेडिकल कॉलेज में मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के साथ रायपुर  मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर की 25 सीटों की वृद्धि से स्वास्थ्य सेवा सुदृढ होगी । श्री अग्रवाल ने मेगा फूड पार्क के लिए 50000 करोड़ के प्रस्ताव को कृषि आय में वृद्धि की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति आभार व्यक्त किया है ।

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Posted Date : 08-Feb-2019
  • खाद्य मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि यह लोककल्याणकारी और जनोन्मुखी बजट है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव से पूर्व आम जनता से जो वादा किया था, किसानों का कर्जा माफ, 2500 रुपये में धान खरीदी, 35 किलो चावल और तेंदूपत्ता का संग्रहण दर 4 हजार रुपये प्रति मानक बोरा, वन्य प्राणी से जनहानि होने पर क्षतिपूर्ति में वृद्धि उसे बजट में पर प्रावधान कर पूरा किया है। इससे सरकार के प्रति जनता का विश्वास और बढ़ेगा।

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Posted Date : 08-Feb-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    रायपुर, 8 फरवरी। छत्तीसगढ़ व्याख्याता संघ के विगत दो वर्षों के सतत प्रयास और पहल से 400 व्याख्याताओं की प्राचार्य पद पर पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हो गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री के निर्देश के बाद विगत 30 जनवरी को राज्य ई संवर्ग के व्याख्याताओं की डीपीसी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग से करवाने के बाद सामान्य वर्ग के 2006 एवं एससी एवं एस टी संवर्ग के 2008 के व्याख्याताओं को इसका लाभ मिलेग। संघ द्वारा टी संवर्ग के व्याख्याताओं की छग लोक सेवा आयोग से डीपीसी करवाकर पदोन्नति की सूची जारी करने की मांग की गई है।

    छत्तीसगढ़ व्याख्याता संघ के प्रान्ताध्यक्ष  राकेश शर्मा, महामंत्री राजीव वर्मा ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि 17 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने विगत दिनों शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय टेकाम से मुलाकात कर उन्हें राज्य के ‘ई’ संवर्ग के 3900 व्याख्याता से प्राचार्य पद पर पदोन्नति के लिए प्रतीक्षारत व्याख्याताओं की जानकारी दी थी। संघ द्वारा लंबित पदोन्नति सूची की डीपीसी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग से कराकर व्याख्याता से प्राचार्य पद पर पदोन्नति संघ के प्रतीक्षा सूची जारी करने की मांग के अलावा 25 प्रतिशत पदों पर प्रतीक्षा सूची जारी करने की मांग की थी।

    स्कूल शिक्षा मंत्री के आश्वस्त करने तथा विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करने के बाद 30 जनवरी को राज्य के ‘ई’ संवर्ग के व्याख्याताओं की डीपीसी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग से करवा दी। इस हेतु संघ के प्रयास से लगभग 4 सौ व्याख्याताओं को प्राचार्य पद पर पदोन्नति हो रही है, जिसमें लगभग सामान्य वर्ग के 2006 एवं एससी एवं एसटी संवर्ग के 2008 के व्याख्याताओं को इसका लाभ मिलेगा।

     संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के आदिम विभाग में लगभग 23 सौ प्राचार्य के पद रिक्त हैं। संघ की मांग है कि ‘टी’ संवर्ग के व्याख्याताओं की छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग से डीवीसी करवाकर  शीघ्र ही सूची जारी की जाए।

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Posted Date : 08-Feb-2019
  • छत्तीसगढ़ संवाददाता

    रायपुर, 8 फरवरी। सडक़ सुरक्षा सप्ताह के चौथे दिन गुरूवार को टाटीबंध चौक में मानव श्रृंखला बनाई गई। जीवन सुरक्षा के लिए यातायात के नियमों के पालन का संदेश देने की कोशिश की गई। बस स्टैण्ड पंडरी में कंडेक्टरों के लिए स्वास्थ्य व नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन भी किया गया। अभियान के तहत स्कूल कॉलेजों में भी जागरूकता के लिए कई कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पैलोटी और एमएम कॉलेज में यातायात नियमों की जानकारी व उनके पालन के संबंध में जानकारी दी गई।

                    सडक़ हादसों पर लगाम के उद्ेश्य से यातायात पुलिस की ओर से जागरूकता के प्रयास किए जा रहे हैं। यातायात सप्ताह का आयोजन ट्रैफिक पुलिस द्वारा 4 से 10 फरवरी तक किया जा रहा है। रायपुर ऑटो डीलर एसोसिएशन के सदस्यों एवं पदाधिकारियों व यातायात पुलिस रायपुर के अधिकारी कर्मचारियों ने गुरूवार को मानव श्रृंखला बनाकर सडक़ सुरक्षा जीवन रक्षा का संदेश दिया।यात्री बस चालक परिचालको का  मुफ्त नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर पंडरी बस स्टैंड परिसर में  लगाया गया। इस परीक्षण शिविर में बालाजी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल मोवा रायपुर एवं एमजीएम  नेत्र चिकित्सालय आमा सिवनी के डॉक्टरों द्वारा यात्री बस चालक परिचालको का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण  किया गया।

                    इस मौके पर सडक़ सुरक्षा के प्रति उनकी जिम्मेदारी के साथ यात्रियों के परिवहन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई।यातायात पुलिस रायपुर द्वारा लगातार शहर के स्कूल कॉलेज शैक्षणिक संस्थाओं में जाकर छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों से संबंधित जानकारी दी जा रही है। इसी कड़ी में आज दिनांक को शहर के एमएम कॉलेज एवं पैलोटी कॉलेज मे यातायात प्रशिक्षक टीके भोई एवं मारुति ड्राइविंग स्कूल मैनेजर श्रीप्रसाद द्वारा छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों की जानकारी दी गई।

                    नगर निगम गार्डन में आयोजित यातायात प्रदर्शनी स्थल पर गुरूवार को ज्ञान गंगा स्कूल नरदहा,  दानी गल्र्स हाई स्कूल कालीबाड़ी एवं  प्रणवानंद अकैडमी के छात्र-छात्राओं के साथ साथ सैकड़ों संख्या में आम नागरिक पहुंचे। इस दौरान यातायात पुलिस द्वारा यातायात नियमों से संबंधित पंपलेट वितरण कर सडक़ पर चलने के दौरान यातायात नियमों के संबंध में जानकारी दी गई। प्रदर्शनी स्थल पर स्थानीय कलाकारों ने ओपन मंच के माध्यम से यातायात जागरूकता संदेश दिया गया।

                    अलग-अलग म्यूजिक ग्रुप के सदस्यों द्वारा मनमोहक प्रस्तुति दी। इसी तरह विजय कोठारी पुलिस मुख्यालय स्टाफ के सदस्यों द्वारा बॉलीवुड के गानों के साथ यातायात नियमों के पालन का संदेश दिय। वकील ग्रुप रायपुर के कलाकारों द्वारा सदाबहार गीत प्रस्तुत करते हुए लोगों को यातायात नियमों के पालन कर स्वयं सुरक्षित रहें एवं दूसरों को भी सुरक्षित रहने दे का संदेश दिया गया।

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Posted Date : 08-Feb-2019
  • श्रीनगर, 08 फरवरी । उत्तर भारत में एक बार फिर कडक़ड़ाती ठंड ने वापसी की है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में प्रचंड बर्फबारी हो रही है। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में मौजूद जवाहर सुरंग के पास बर्फबारी इतनी भारी हुई है, कई पुलिसवाले चपेट में आ गए। यहां बर्फ का एक पहाड़ पुलिस पोस्ट पर गिर गया, इसके कारण 10 पुलिसकर्मी लापता हो गए। हादसे के बाद सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है।

    सिर्फ पहाड़ी राज्य क्या, गुरुवार को तो दिल्ली, नोएडा समेत एनसीआर के इलाके में भी ऐसे हालात हुए जो बर्फबारी जैसे ही थे। गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर में हुई ओलों की बारिश से हर जगह सफेद चादर फैल गई।

    आसमान से लगातार गिर रही बर्फ के बीच जिंदगी को आगे बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं। आसमान से लगातार गिर रही सफेद आफत के बीच गाडिय़ां धीरे-धीरे आगे बढ़ रही हैं। लोगों को दिन में भी गाडिय़ों की हेडलाइट और इंडिकेटर जलाकर आगे बढऩा पड़ रहा है।

    आसमान से जैसे ही बर्फ गिरनी बंद होती है, लोग घरों की छत पर जमी बर्फ हटाने का काम शुरू कर देते हैं। लेकिन, दोबारा बर्फबारी शुरू होते ही लोगों की मुश्किलें दोबारा बढ़ जाती हैं।

    जम्मू-कश्मीर के अलावा उत्तराखंड में भी हालात सही नहीं हैं, यहां केदारनाथ मंदिर के आसपास की इमारतों पर एक से दो फीट बर्फ जम गई है। भारी बर्फबारी से केदारनाथ धाम में बिजली और पानी की सप्लाई 10 दिनों से ठप है, जानलेवा ठंड की वजह से पुनर्निमाण के काम में लगे ज्यादातर मजदूर वापस लौट गए हैं।

    यहां लगातार हो रही बर्फभारी के कारण यातायात पर भी प्रभाव पड़ रहा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फ के कारण रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, सडक़ पर बिछी बर्फ की चादर ने वाहनों का चलना मुश्किल कर दिया है। (आजतक)

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Posted Date : 08-Feb-2019
  • नई दिल्ली, 8 फरवरी  । मनी लॉन्ड्रिग केस में रॉबर्ट वाड्रा  से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पूछताछ कर रहा है। ईडी के पास ई मेल की कॉपी है जिसके बारे में उनसे पूछताछ हो रही है। सूत्रों के मुताबिक वाड्रा को सुमित चड्ढा ने एक मेल किया था जिसमें लंदन की प्रॉपर्टी का जि़क्र है। इस मेल में वाड्रा से प्रॉपर्टी में होने वाले काम का भी जि़क्र है।

    सुमित चड्डा का वाड्रा को भेजा गया मेल

    तारीख अप्रेल 14 , 2010

    समय 9-12 पीएम

    मेल का सब्जेक्ट- ब्रायनस्टोन स्क्वायर

    सीसी टू डेल्टा भंडारी, ब्लू ब्रीज ट्रेडिग

    हाय राबर्ट,

    कोई जानकारी है कि कब तक फंड भेजा जाएगा, इस बारे में किसी से कोई जानकारी मुझे नहीं मिली है। मैं आभारी रहूंगा अगर आप जानकारी दे सकें, जिससे मैं कैश फ्लो को प्लान कर सकता हूं। जैसा आप जानते हैं कि मैं इस प्रोजेक्ट को किसी व्यवसायिक फायदे के लिए नहीं कर रहा हूं सिर्फ फेवर के लिए कर रहा हूं। मैं इस काम को बिना वजह का तनाव लिए बगैर करना चाहता हूं। और मैं आभारी रहूंगा अगर आप एक साफ तौर पर जानकारी दे दें कि मुझे पैसा कब तक मिलेगा। मुझे पूरी प्रापर्टी का रिनोवेशन करना है जिसमें फ्लोर बाथरूम हीटिंग सिस्टम है। वुडन फ्लोर में पूरा मटेरियल इंस्टॉल हो चुका है। पूरी टीम साइट पर बाथरूम इंस्टाल करने के लिए होगी। काम आगले हफ्ते तक हो जाएगा। अच्छी खबर ये है कि बाथरूम के कोर मटेरियल की एक्सप्रेस डिलिवरी हो जाएगी।

    इस मेल पर सुमित को भेजा गया वाड्रा का जवाब

    तारीख- 15 अप्रेल 2010, समय 21-01

    हाय

    मुझे जानकारी नहीं थी कि तुम तक कुछ नहीं पहुंचा है।

    सुबह मैं इस मामले को देखता हूं और मनोज मामले को निपटा लेगा।

    जल्द ही मैं भी लंदन में मौजूद रहूंगा।

    चियर्स।

    गौरतलब है कि बुधवार को वाड्रा से पांच घंटे तक पूछताछ हुई थी। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान उनसे करीब 40 सवाल पूछे गए। इस दौरान उन्होंने लंदन में किसी भी तरह की संपत्ति होने से इनकार किया। उन्होंने ये भी कहा कि उनका संजय भंडारी से कोई लेना देना नहीं है। (एनडीटीवी)

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Posted Date : 08-Feb-2019
  • -अदिति फडऩीस

    वरिष्ठ पत्रकार, बीबीसी

    नीचे देखते हुए भ्रम की स्थिति में कुछ हिचक के साथ राहुल गांधी के भाषण देने का दौर बीत गया। शायद यह निर्विवाद रूप से नंबर-1 होने का प्रमाण है। शायद वो अहसास कि लोकसभा चुनाव 2019 के लिए यह ‘करो या मरो’ का समय है। राहुल गांधी के भाषणों में एक नई धार देखने को मिल रही है। उनके विश्वास में नयापन दिख रहा है, उस हताश प्रयास से कहीं दूर जब 2013 में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने कानून और न्याय के अंतर्निहित मुद्दों की समझ के बिना दिल्ली के प्रेस क्लब में अचानक पहुंच कर उस अध्यादेश को ही फाड़ दिया था जो कि दागी सांसदों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों को बचाने वाला था। राहुल गांधी के इस नए विश्वास की कई वजहें हैं। पहली और सबसे महत्वपूर्ण तो ये कि उन्हें विधानसभा चुनावों में जीत मिली है। विचारधारा को समझने की पुष्टि जनता की अदालत से अलग और कहां हो सकती है।

    किसी भी मापदंड से छत्तीसगढ़ में मिली कांग्रेस की आश्चर्यजनक जीत को ही लें। इसकी तुलना पार्टी के उन पिछले प्रदर्शनों से करें, जब पार्टी के पास वहां कहीं अधिक मजबूत नेतृत्व था। पार्टी ने लोगों के बीच जाकर उनकी परेशानियों को समझा और वर्तमान विधानसभा में जीत के लिए अपने चुनावी घोषणापत्र में उनके (जनता के) विचारों को शामिल किया।

    इसी प्रकार, राहुल गांधी ने अर्थव्यवस्था पर कांग्रेस के विचारों को साफ-साफ रखा है। रफाल फाइटर प्लेन की खरीद में, कांग्रेस ने मुद्दा उठाया है कि स्टॉक मार्केट में लिस्टेड पब्लिक सेक्टर की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को दरकिनार कर विदेशी (फ्रांसीसी) कंपनी को साझेदार बनाने के लिए दबाव डाला गया, उस निजी भारतीय कंपनी को जिसे रक्षा उत्पादन का कोई पिछला अनुभव नहीं था।

    एक निश्चित आय सीमा से नीचे के लोगों के लिए केंद्र से न्यूनतम आय की गारंटी देने का उनका प्रस्ताव निस्संदेह एक मास्टर स्ट्रोक था- इसने केंद्र को तुरंत ही कुछ उपाय करने पर मजबूर कर दिया। यह कुछ साल पहले भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविन्द सुब्रमण्यम के यूनिवर्सल बेसिक इनकम (बीआई) की बात का ही संशोधित रूप था। राहुल ने उनके आइडिया से ही प्रेरणा ली।

    दूसरा यह कि राहुल गांधी के पास पार्टी के उपाध्यक्ष के रूप में इतना वक्त था कि उन्होंने अपने दल का पूरा आकलन करते हुए यह तय करें कि किसे कौन सा काम सौंपना है। सीपी जोशी पूर्वोत्तर के प्रभारी थे लेकिन राहुल के खांचे में फिट नहीं हो सके, आदिवासी पहचान के जटिल मुद्दों पर उन्हें या तो बहुत कम या कोई सहानुभूति नहीं थी। इसमें समय लगा, लेकिन अब उन्हें राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में वो काम सौंप दिया गया है, जहां उनके बेहतर होने की ही संभावना है। इसी प्रकार अब उनके पास कई ऐसे सलाहकार हैं जिनके पास अर्थव्यवस्था और राजनीतिक ताने बाने का अनुभव है।

    तीसरा, अब प्रशासनिक गतिविधियों से वो पहले से अधिक परिचित हैं। कई लोगों ने यह आकलन किया कि अगर राहुल गांधी ने मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री पद की पेशकश को स्वीकार कर लिया होता, तो उनकी धार और तेज होती। कम से कम उन्हें यह तो पता होता कि सरकार काम कैसे करती है, इससे उन्हें भारत को चलाने वाले सिस्टम को समझने में उन्हें आसानी होती। लेकिन अब, भारत के कई राज्यों में उनकी अपनी सरकारों के साथ सीधे बातचीत की वजह से, और पार्टी में बैकअप रिसर्च सिस्टम की वजह से, उन्हें देश को चलाने की पहले से बेहतर जानकारी है। अब वो शर्मिंदा करने वाली भूल नहीं करते, जिसकी वजह से कभी समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने राहुल गांधी को यूपी में उगने वाले पांच प्रकार के पेड़ों के नाम हिंदी में बताने की चुनौती दी थी।

    सैम पित्रोदा और अन्य की बर्कले में आयोजित गांधी की बातचीत में यह सबसे स्पष्ट रूप से दिखा। वहां, उन्होंने नेहरू-गांधी वंश का होने पर माफी नहीं मांगी, आरोपों को दरकिनार करते हुए उन्होंने कहा था कि हम पर ही मत जाइए। पूरे देश में ही ऐसा हो रहा है।

    सिंगापुर में, उन्होंने परिवार के राज की आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए कहा कि उनके परिवार को बहुत सारा श्रेय दिया जा रहा है। उन्होंने अपनी बहन प्रियंका को उत्तर प्रदेश के एक छोटे से टुकड़े के प्रभारी के तौर पर पार्टी का महासचिव बनने के लिए आमंत्रित किया, लेकिन यह फैसला तब किया जब वहां सपा और बसपा के बीच गठबंधन के ऐलान हो गया और उनके पास चुनाव में अकेले उतरने का ही विकल्प बचा था। यह वो ही प्रियंका हैं जिन्होंने राहुल और कांग्रेस को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन करने के लिए मनाया था।

    राहुल गांधी का स्पष्ट तौर पर यह मानना है कि हर किसी को कम-से-कम एक राजनीतिक गलती करने का अधिकार है। राहुल ने पार्टी के भीतर भी असुरक्षा की भावनाओं को दूर करने की कोशिश की है, खास कर वरिष्ठ नेताओं के बीच बैठे उस डर को जो उन्हें डराती है कि उन्हें दरकिनार कर दिया जाएगा। कुछ का रिटायर होना सुनिश्चित किया गया।  लेकिन राजस्थान और मध्य प्रदेश में युवा नेताओं के बहुत दबाव के बावजूद पार्टी के पुराने कार्यकर्ता अशोक गहलोत और कमलनाथ के अनुभव को तरजीह दी गई।

    एक और महत्वपूर्ण मोड़ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर भाषण के दौरान तब आया जब राहुल गांधी उठ कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास गये उन्हें गले लगाया और फिर अपनी सीट पर आकर आंख मारने के अंदाज में अपनी पलक झपकायी। कांग्रेस सत्ता में आती है या नहीं, आगामी लोकसभा चुनाव में सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष के बीच कहीं अधिक बराबरी का मुकाबला दिखने की संभावना है। लोकसभा चुनाव 2019 में यही होगा।

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Posted Date : 08-Feb-2019
  • नई दिल्ली, 8 फरवरी । बिहार के शेल्टर होम मामले में नीतीश कुमार सरकार को फटकार लगाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को भी लताड़ लगाई है। इस मामले की दोबारा सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप सुप्रीम कोर्ट के आदेश से खेल रहे हैं। आपको पता नहीं कि आपने क्या किया है। इस मामले में नाराज कोर्ट ने सीबीआई से कहा कि आपने 31 अक्टूबर को कहा था कि एके शर्मा जांच टीम के सीनियर मोस्ट अफसर होंगे। तो फिर जांच की निगरानी कर रहे एके शर्मा का ट्रांसफर क्यों कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने एके शर्मा को हटाए जाने से नाराजगी जताते हुए उस वक्त के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव को तलब किया है। सुप्रीम कोर्ट की इस तल्ख टिप्पणी के बाद नीतीश कुमार पर लालू यादव ने तंज कसा है। आरजेडी प्रमुख ने तंज कसते हुए ट्विट किया कि का हो नीतीश? कुछ शर्म बचल बा कि नाहीं।

    वहीं, नेता प्रतिपक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने चुटकी लेते हुए लिखा कि सीएम नीतीश कुमार में शर्म ही नहीं बची है। आरजेडी नेता ने, शर्म होगी तो करेंगे ना? शर्म तो इन्होंने जिस दिन जनादेश की डकैती की थी, उसी दिन उतार फेंकी थी। जिसमें शर्म नहीं बची हो उसे क्या कहते है?

    बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस को लेकर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से नीतीश सरकार को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि आप बच्चों के साथ इस तरह का बर्ताव करते हैं। आप इस तरीके की चीजों की इजाजत नहीं दे सकते। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को बिहार की सीबीआई अदालत से दिल्ली के साकेत कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने फटकार लगाते हुए कहा कि दिल्ली से पटना दो घंटे का रास्ता है। हम चीफ सेक्रेट्री को भी यहां खड़ा कर सकते हैं। (एनडीटीवी)

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