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26-May-2020

एडीजी हिमांशु गुप्ता पीएचक्यू भेजे गए, 
छाबड़ा को इंटेलीजेंस का अतिरिक्त प्रभार

रायपुर, 26 मई।
सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा बदलाव किया है। इस कड़ी में एडीजी हिमांशु गुप्ता को इंटेलीजेंस से हटाकर आनंद छाबड़ा को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। छाबड़ा रायपुर आईजी के पद पर यथावत बने रहेंगे। कुछ समय पहले ही संजय पिल्ले की जगह पर हिमांशु गुप्ता को इंटेलीजेंस की जिम्मेदारी दी गई थी। 


26-May-2020

जिला पंचायत और नगर निगम आयुक्तों के भी तबादलेे

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 26 मई।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का नवीन पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। जिसके तहत डी.राहुल वेंकट (आईएएस) उप सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी तथा पदेन उप सचिव राज्य योजना आयोग व उप सचिव पर्यटन एवं संस्कृति को उप सचिव खनिज साधन विभाग तथा अतिरिक्त प्रभार-मिशन संचालक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं ओएसडी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पदस्थ किया गया है। 
इसी तरह एस.जयवर्धन (आईएएस) मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा को आयुक्त नगर पालिका निगम कोरबा, राहुल देव (आईएएस) आयुक्त नगर पालिका निगम कोरबा को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नारायणपुर, कुंदन कुमार (आईएएस) मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा, आकाश छिकारा (आईएएस) सहायक कलेक्टर अंबिकापुर को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सूरजपुर पदस्थ किया गया है। 

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अश्वनी देवांगन (राप्रसे) मुख्य कार्यपालन अधिकारी सूरजपुर को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दंतेवाड़ा, डॉ. फरिहा आलम (राप्रसे) उपायुक्त (रा.) संभागीय आयुक्त कार्यालय बिलासपुर को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बलौदाबाजार-भाटापारा,  आशुतोष पाण्डेय (राप्रसे) मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बलौदाबाजार-भाटापारा को आयुक्त नगर पालिका निगम रायगढ़ पदस्थ किया गया है। प्रकाश कुमार सर्वे (राप्रसे) आयुक्त नगर पालिका निगम रिसाली जिला दुर्ग को वर्तमान कत्र्तव्यों के साथ-साथ अपर कलेक्टर जिला दुर्ग का अतिरिक्त कार्यभार सौपा गया है। 

इसी प्रकार गजेन्द्र सिंह ठाकुर (राप्रसे) अपर कलेक्टर दुर्ग को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बिलासपुर, राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता (राप्रसे) आयुक्त नगर पालिका निगम रायगढ़ को संयुक्त कलेक्टर जिला बलौदाबाजार-भाटापारा,विभोर अग्रवाल (राप्रसे) अवर सचिव जनसंपर्क विभाग तथा अतिरिक्त प्रभार-अवर सचिव साप्रवि को अवर सचिव सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त करते हुए महाप्रबंधक छत्तीसगढ़ संवाद का अतिरिक्त कार्यभार सौपा गया है। उनका शेष प्रभार यथावत रखा गया है। प्रेम कुमार पटेल (राप्रसे) मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नारायणपुर को आयुक्त नगर पालिक निगम जगदलपुर,  सच्चिदानंद आलोक (ग्रामीण विकास सेवा) मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दंतेवाड़ा को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग पदस्थ किया गया है।


26-May-2020

लॉकडाऊन के बीच 22 जिलों के कलेक्टर बदले

एसीएस-पीएस के भी प्रभार बदले

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

रायपुर, 26 मई। लॉकडाउन के बीच सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अफसरों के प्रभार बदले हैं। इस कड़ी में 5. से अधिक अफसर इधर से उधर किए गए हैं। बिलासपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, दुर्ग, नांदगांव और कवर्धा समेत कई जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं। 
न सिर्फ कलेक्टर बल्कि अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव व सचिव स्तर के अफसरों के प्रभार भी बदले गए हैं। अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन वित्त विभाग एवं अतिरिक्त प्रभार-अपर मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग को केवल अपर मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त करते हुए अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन विभाग का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। शेष प्रभार यथावत् रहेगा।

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डॉ. आलोक शुक्ला, प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग एवं अतिरिक्त प्रभार-अध्यक्ष, छ.ग. माध्यमिक शिक्षा मंडल तथा अध्यक्ष, छ.ग. व्यावसायिक परीक्षा मंडल को उनके वर्तमान कत्र्तव्यों के साथ-साथ प्रमुख सचिव, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु पिल्ले, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग तथा अतिरिक्त कार्यभार-महानिदेशक, छ.ग. प्रशासन अकादमी, रायपुर को अपर मुख्य सचिव, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के कार्यभार से मुक्त करते हुए अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग के पद पर पदस्थ किया गया है। शेष प्रभार यथावत् रहेगा। 
अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु पिल्ले, चिकित्सा शिक्षा विभाग का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से सुश्री निहारिका बारिक, केवल सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग के कार्यभार से मुक्त होंगी। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का प्रभार यथावत् रहेगा।
प्रमुख सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, वाणिज्य एवं उद्योग तथा सार्वजनिक उपक्रम विभाग व अतिरिक्त कार्यभार-प्रमुख सचिव, वन विभाग एवं विशेष कत्र्तव्यस्थ अधिकारी सह निवेश आयुक्त, सीएसआईडीसी, मुख्यालय नई दिल्ली को उनके वर्तमान कत्र्तव्यों के साथ-साथ आवासीय आयुक्त, छत्तीसगढ़ भवन, नई दिल्ली का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। 
मनोज कुमार पिंगुआ, भाप्रसे, द्वारा आवासीय आयुक्त, छत्तीसगढ़ भवन, नई दिल्ली का अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी, केवल आवासीय आयुक्त, छत्तीसगढ़ भवन, नई दिल्ली के अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगी। डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी का शेष प्रभार यथावत् रहेगा।
प्रसन्ना आर, भाप्रसे, सचिव, सहकारिता विभाग तथा अति प्रभार-सचिव, समाज कल्याण व सचिव, विज्ञान एवं  प्रौद्योगिकी,  योजना,  आर्थिक  एवं सांख्यिकी विभाग तथा आयुक्त, नि:शक्तजन को उनके वर्तमान कत्र्तव्यों के साथ-साथ सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सचिव, कौशल विकास विभाग का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
प्रसन्ना आर, भाप्रसे , द्वारा सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से श्री परदेशी सिद्धार्थ कोमल, सचिव, लोक निर्माण विभाग तथा सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग, सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा प्रबंध संचालक, छग स्टेट रोड  डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन, रायपुर केवल सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे। शेष प्रभार यथावत् रहेगा।
श्रीमती अलरमेलमंगई डी., सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा अति. प्रभार-सचिव, उच्च शिक्षा विभाग तथा संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास को उनके वर्तमान कत्र्तव्यों के साथ-साथ सचिव, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
अंबलगन पी, सचिव, खनिज साधन विभाग तथा अति. प्रभार-सचिव, सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति को उनके वर्तमान कत्र्तव्यों के साथ-साथ सचिव, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
डॉ. संजय कुमार अलंग, कलेक्टर, जिला-बिलासपुर को आयुक्त, बिलासपुर संभाग, बिलासपुर के पद पर पदस्थ करते हुए आयुक्त, सरगुजा संभाग, अंबिकापुर का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
ईमिल लकड़ा, आयुक्त, सरगुजा संभाग, अंबिकापुर को सचिव, राजस्व मण्डल, बिलासपुर के पद पर पदस्थ करते हुए सचिव, लोक आयोग का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
सीआर प्रसन्ना,  संचालक, पशु चिकित्सा सेवायें तथा विशेष सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को विशेष सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के पद पर पदस्थ करते हुए   आयुक्त, स्वास्थ्य सेवायें तथा प्रबंध संचालक, छ.ग. मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
भूवनेश यादव, आयुक्त, स्वास्थ्य सेवायें तथा प्रबंध संचालक, छ.ग. मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन को विशेष सचिव, ग्रामोद्योग विभाग के पद पर पदस्थ किया गया है।
भूवनेश यादव, द्वारा विशेष सचिव, ग्रामोद्योग विभाग के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से श्री हेमंत पहारे, (से.नि.आई.ए.एस. संविदा नियुक्ति), केवल सचिव, ग्रामोद्योग विभाग के कार्यभार से मुक्त होंगे।     
शम्मी आबिदी, प्रबंध संचालक, छ.ग. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड), रायपुर को संचालक, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास के पद पर पदस्थ किया गया है। रानू साहू,  कलेक्टर, बालोद को आयुक्त, वाणिज्यिक कर के पद पर पदस्थ किया गया है। महादेव कावरे, संचालक, कोष, लेखा एवं पेंशन तथा अतिरिक्त प्रभार-संयुक्त सचिव, खनिज साधन विभाग को कलेक्टर, जिला-जशपुर के पद पर पदस्थ किया गया है।
अवनीश कुमार शरण, कलेक्टर, कबीरधाम को संचालक, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण के पद पर पदस्थ किया गया है।  अंकित आनंद, कलेक्टर, दुर्ग को प्रबंध संचालक, छ.ग. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड), रायपुर के पद पर पदस्थ करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अटल नगर विकास प्राधिकरण, नवा रायपुर का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
नीलम नामदेव एक्का, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अटल नगर विकास प्राधिकरण, नवा रायपुर को प्रबंध संचालक, छ.ग.राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन संघ मर्यादित, रायपुर के पद पर पदस्थ किया गया है।

नीलम नामदेव एक्का, द्वारा प्रबंध संचालक, छ.ग.राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन संघ मर्यादित, रायपुर के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से श्री हेमंत पहारे, (से.नि.आई.ए.एस. संविदा नियुक्ति), केवल प्रबंध संचालक, छ.ग.राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन संघ मर्यादित, रायपुर के कार्यभार से मुक्त होंगे। शेष प्रभार यथावत् रहेगा।

टोपेश्वर वर्मा, कलेक्टर, जिला-दंतेवाड़ा को कलेक्टर, जिला-राजनांदगांव के पद पर पदस्थ किया गया है। नीलकंठ टीकाम, कलेक्टर, जिला-कोण्डागांव को संचालक, कोष, लेखा एवं पेंशन के पद पर पदस्थ किया गया है। डोमन सिंह, कलेक्टर, जिला-कोरिया को कलेक्टर, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के पद पर पदस्थ किया गया है।

हिमशिखर गुप्ता, पंजीयक, सहकारी संस्थाएं तथा संचालक, प्रशासन अकादमी को उनके वर्तमान कत्र्तव्यों के साथ-साथ रजिस्ट्रार, फम्र्स एवं संस्थाएं का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। राजेश सिंह राणा, संयुक्त सचिव, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग तथा संयुक्त सचिव, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग को सदस्य सचिव, राज्य योजना आयोग के पद पर पदस्थ किया गया है। रणबीर शर्मा, रजिस्ट्रार फम्र्स एवं संस्थाएं तथा अति. प्रभार-उप सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग को कलेक्टर, जिला-सूरजपुर के पद पर पदस्थ किया गया है। अभिजीत सिंह, मिशन संचालक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को कलेक्टर, जिला-नारायणपुर के पद पर पदस्थ किया गया है।

श्याल लाल धावड़े, कलेक्टर, जिला-गरियाबंद को कलेक्टर, जिला बलरामपुर- रामानुजगंज के पद पर पदस्थ किया गया है। संजीव कुमार झा, कलेक्टर, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज को कलेक्टर, जिला-सरगुजा के पद पर पदस्थ किया गया है।

सारांश मित्तर, कलेक्टर, जिला सरगुजा को कलेक्टर, जिला-बिलासपुर के पद पर पदस्थ किया गया है। यशवंत कुमार, भाप्रसे, कलेक्टर, जिला रायगढ़ को कलेक्टर, जिला-जांजगीर-चांपा के पद पर पदस्थ किया गया है। कार्तिकेय गोयल, कलेक्टर, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा को कलेक्टर, जिला महासमुंद के पद पर पदस्थ किया गया है। भूरे सर्वेश्वर नरेन्द्र, कलेक्टर, जिला मुंगेली को कलेक्टर, जिला दुर्ग के पद पर पदस्थ किया गया है।

सुनील कुमार जैन, कलेक्टर, जिला महासमुंद को कलेक्टर, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के पद पर पदस्थ किया गया है। रमेश कुमार शर्मा, उप सचिव, मुख्य सचिव कार्यालय तथा अति.प्रभार-संचालक, भू-अभिलेख व आयुक्त, वाणिज्यिक कर को कलेक्टर, जिला कबीरधाम के पद पर पदस्थ किया गया है। जनक प्रसाद पाठक, कलेक्टर, जिला जांजगीर-चांपा को संचालक, भू-अभिलेख के पद पर पदस्थ किया गया है।

जन्मेजय महोबे, आयुक्त सह संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग को कलेक्टर, जिला बालोद के पद पर पदस्थ किया गया है। रितेश कुमार अग्रवाल,  मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, बिलासपुर को कलेक्टर, जिला बीजापुर के पद पर पदस्थ किया  गया है। जयप्रकाश मौर्य, कलेक्टर, जिला 
राजनांदगांव को कलेक्टर, जिला धमतरी के पद पर पदस्थ किया गया है। शिखा राजपूत तिवारी,  कलेक्टर, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को नियत्रंक, नाप-तौल के पद पर पदस्थ किया गया है।

दीपक सोनी, कलेक्टर, सूरजपुर को कलेक्टर, जिला दंतेवाड़ा के पद पर पदस्थ किया गया है।

तंबोली अय्याज फकीरभाई, भा.प्र.से., कलेक्टर, जिला-बस्तर को आयुक्त, छ.ग. गृह निर्माण मंडल के पद पर पदस्थ करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, रायपुर विकास प्राधिकरण, रायपुर का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

भीम सिंह, भा.प्र.से., आयुक्त, छ.ग. गृह निर्माण मंडल तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, रायपुर विकास प्राधिकरण, रायपुर को कलेक्टर, जिला-रायगढ़ के पद पर पदस्थ किया गया है। पुष्पेंद्र कुमार मीणा, भा.प्र.से., संचालक, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, राज्य कौशल विकास अभिकरण को कलेक्टर, जिला-कोण्डागांव के पद पर पदस्थ  किया गया है।

छत्तर सिंह डेहरे, भा.प्र.से., अपर आयुक्त, संभागायुक्त कार्यालय, बिलासपुर एवं अतिरिक्त प्रभार-सचिव, राजस्व मंडल, बिलासपुर एवं सचिव, लोक आयोग को कलेक्टर, जिला गरियाबंद के पद पर पदस्थ किया गया है। के.डी. कुंजाम, भा.प्र.से., कलेक्टर, जिला बीजापुर को संयुक्त सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के पद पर पदस्थ करते हुए संयुक्त सचिव, राजस्व विभाग का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

रजत बंसल, भा.प्र.से., कलेक्टर, जिला धमतरी को कलेक्टर, जिला बस्तर के पद पर पदस्थ किया गया है।  नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, भा.प्र.से., कलेक्टर, जशपुर को नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पद पर पदस्थ करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, राज्य कौशल विकास अभिकरण, रायपुर का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

सत्यनारायण राठौर, भा.प्र.से., नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन को कलेक्टर, जिला कोरिया के पद पर पदस्थ किया गया है।

पदुम सिंह एल्मा, भा.प्र.से., कलेक्टर, जिला नारायणपुर को कलेक्टर, जिला-मुंगेली के पद पर पदस्थ किया गया है। जगदीश सोनकर, भा.प्र.से., अपर कलेक्टर, जिला महासमुंद को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छ.ग. स्टेट वाटरशेड मैनेजमेंट एजेंसी, रायपुर के पद पर पदस्थ किया गया है। दिव्या उमेश मिश्रा, भा.प्र.से., उप सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को संचालक, महिला एवं बाल विकास के पद पर पदस्थ किया गया है।

अनिल कुमार साहू, भा.व.से., अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक की सेवायें वन विभाग से लेते हुए प्रबंध संचालक, छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड, रायपुर के पद पर पदस्थ किया गया है। माथेश्वरन वी., भावसे, की सेवायें वन विभाग से लेते हुए  संचालक, उद्यानिकी के पद पर पदस्थ करते हुए संचालक, पशु चिकित्सा सेवायें का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।


26-May-2020

सड़क किनारे एसईसीएल कर्मी की लाश, हत्या की आशंका

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

भैयाथान, 26 मई। सूरजपुर जिले के भटगांव थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत चुनगढ़ी में आज एसईसीएल कर्मचारी की लाश सड़क किनारे पड़ी मिली। सूचना मिलते ही भटगांव पुलिस मौके पर पहुंची। युवक सोमवार रात को घर से निकला था और आज सुबह तक नहीं लौटा था। वहीं परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। 

पुलिस के अनुसार भटगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चुनगढ़ी में आज सुबह सड़क किनारे खून से सनी हुई लाश ग्रामीणों ने देखी। जिसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही भटगांव पुलिस मौके पर पहुंच मौके का मुआयना कर शव की पहचान भटगांव के न्यू माइनस कॉलोनी निवासी भैया लाल साहू (40) के रूप में की है, जो एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के 3/4 भूमिगत परियोजना में कोयला कर्मचारी के रूप में पदस्थ था। इसी बीच घटना की जानकारी परिजनों को भी मिली। परिजन भी घटनास्थल पहुंचे। 

इसी बीच मृतक की पत्नी ने पुलिस को बताया कि बीती रात तकरीबन 10 बजे के समीप उनके पति के पास किसी का फोन आया था। जिसके बाद उससे मिलने जाने की बात कह कर घर से निकले थे। देर रात तक घर वापस नहीं लौटे और आज सुबह उनकी मौत की खबर सुनने को मिल रही है। पत्नी ने पुलिस से अंदेशा व्यक्त किया कि उसके पति की किसी ने हत्या कर दी है। वहीं पुलिस भी मामले में हत्या की आशंका व्यक्त करते हुए सामाचार लिखे जाने तक फॉरेंसिक एक्सपर्ट के आने का इंतजार कर रही है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट के जांच उपरांत ही मामले में कुछ खुलासा होने का अंदेशा है। 

 

 


26-May-2020

अंबेडकर की चर्म रोग विभाग की नर्से भी क्वॉरंटीन 

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 26 मई।
अंबेडकर अस्पताल की एक नर्स के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद अस्पताल के चर्म रोग विभाग के अन्य नर्सों को  क्वॉरंटीन में भेज दिया गया है। नर्स के पति को भी क्वॉरंटीन में रखा गया है और उसकी भी जांच की जा रही है।

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बताया गया कि अंबेडकर अस्पताल की जिस नर्स को कोरोना संक्रमित होना पाया गया। वह अस्पताल के चर्म रोग विभाग में पदस्थ हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से नर्स की ड्यूटी कोरोना जांच में लगी थी। कहा जा रहा है कि कोरोना मरीज की जांच करते खुद नर्स भी इसकी चपेट में आ गई। कोरोना पॉजिटिव आने के बाद नर्स को माना अस्पताल में दाखिल कराया गया है। 

नर्स के पति को क्वॉरंटीन सेंटर में रखा गया है। हालांकि अभी तक नर्स के पति की जांच नहीं हो पाई है। इससे परे नर्स अस्पताल में काम करते समय आते-जाते चर्म रोग विभाग में जाती थी और वहां अपने सहयोगी नर्सों से मेल मुलाकात करती थी। चूंकि नर्स कोरोना की चपेट में आ गई है, तो एहतियात के तौर पर बाकी नर्सों को भी क्वॉरंटीन में रखा गया है। 

मंत्रालय में भी हड़कंप
कोरोना पॉजिटिव नर्स का पति मंत्रालय में पदस्थ है। नर्स के पति को कोरोना संदिग्ध माना जा रहा है। हालांकि अभी जांच नहीं हुई है, लेकिन मंत्रालय में इसको लेकर मंगलवार को काफी गहमा-गहमी रही। नर्स के पति की जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। नर्स के पति ने 'छत्तीसगढ़Ó से चर्चा में कहा कि वे क्वॉरंटीन सेंटर में हैं और कोरोना जांच की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मगर अभी तक जांच नहीं हो पाई है। वैसे तो नर्स के पति का कोरोना का कोई लक्षण नहीं दिखा है। फिर भी मंत्रालय के कर्मचारी दहशत में हैं। 

देवेन्द्र नगर इलाके को कन्टेनमेंट जोन घोषित 
अंबेडकर अस्पताल की नर्स के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद रोकथाम और नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर प्रभारी कलेक्टर सौरभ कुमार ने देवेन्द्र नगर के पूर्व में नई दुनिया प्रेस के सामने,पश्चिम में भवानी डाइग्नोस्टिक के सामने एवं फाफाडीह एक्सप्रेस-वे से भाटापारा के लिए एंट्री पॉइंट,उत्तर में एक्सप्रेस-वे और दक्षिण में सुप्रीता नर्सिंग होम के पास को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया है। 

इस कन्टेनमेंट जोन के अंतर्गत सभी दुकानें,आफिस एवं अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अगले आदेश पर्यन्त तक पूर्णत: बंद रहेंगें। प्रभारी अधिकारी द्वारा कंटेन्मेंट जोन में घर पहुंच सेवा के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर किया जाएगा। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किन्हीं भी कारणों से घर से बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। कन्टेनमेंट जोन में शासन के मानकों के अनुसार व्यवस्था बनाए रखने हेतु जिला पुलिस रायपुर द्वारा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित किया जाएगा। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य द्वारा संबंधित क्षेत्र में शासन के निर्देशानुसार स्वास्थ्य निगरानी, सेम्पल की जांच आदि आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएगी। 


26-May-2020

नांदगांव जिले में एकमुश्त 12 पॉजिटिव, अभी 34 एक्टिव

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
राजनांदगांव, 26 मई।
राजनांदगांव जिले में मंगलवार को एकमुश्त 12 कोरोनाग्रस्त मरीज सामने आए हैं। इसी के साथ राजनंादगांव जिले में कोरोना एक्टिव मरीजों की संख्या 34 हो गई है।

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 बताया गया है कि संक्रमित मरीजों में डोंगरगढ़ में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर के कोरोनाग्रस्त ड्राईवर की पत्नी और बेटी समेत अंबागढ़ चौकी, छुरिया के दर्जनभर शामिल हैं।  

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बताया गया है कि ज्यादातर अप्रवासी मजदूर हैं। डोंगरगढ़ में दो नए मामले सामने आने के बाद ड्राईवर के मोहल्ले को सील कर दिया गया है। एम्स की रिपोर्ट में 12 लोगों को कोरोना ग्रस्त पाया गया है। पिछले 10 दिन के भीतर राजनांदगांव में लगातार कोरोना मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। बताया जा रहा है कि कोरोना संक्रमित मरीजों को पेंड्री स्थित राजनंादगांव मेडिकल कॉलेज में लाया जा रहा है। 


26-May-2020

छूट का लाभ लेने कोरोना काल के तीन माह का बिल भुगतान जरूरी

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
महासमुन्द, 26 मई।
बिजली कंपनी ने मार्च, अप्रैल और मई के बिल जारी किए हैं और कहा है कि 400 यूनिट बिजली बिल छूट का लाभ लेना है तो कोरोना काल के दौरान तीन महीने का बिल भुगतान करना अनिवार्य है। 31 मई तक बिल का भुगतान नहीं करने वालों को बिजली बिल हाफ का लाभ नहीं दिया जाएगा। मार्च और अप्रैल में बिजली बिल आया था। फिर मई का भी बिल आ गया। यदि इन तीनों माह के बिल को पटाया गया तो बिजली बिल हाफ योजना का लाभ उपभोक्ता को नहीं मिल पाएगा। अभी तक बिजली विभाग ने 31 मई तक बिना अधिभार के बिल अदा करने का समय उपभोक्ताओं को दिया है। वहीं जिले के करीब 60 हजार उपभोक्ताओं ने अब तक बिल नहीं चुकाया है। बिल नहीं चुकाने वालों में सर्वाधिक संख्या सरायपाली क्षेत्र में हैं, जहां 84 हजार उपभोक्ताओं में से केवल 25 हजार उपभोक्ताओं ने ही बिल अदा किया है।

कार्यपालन अभियंता महेश नायक ने बताया कि सरकार ने पहले 31 मई तक बिना अधिभार के बिल पटाने की छूट दी है। शासन की ओर से जारी नए निर्देश के अनुसार जो लगातार तीन महीने तक बिल नहीं चुकाएगा, उन्हें आने वाले महीनों में बिजली हाफ यानी 400 यूनिट तक का छूट नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि हर महीने की भांति इस बार बिजली बिल का भुगतान धीमी गति से हो रहा है। अभी भी समय शेष है। उपभोक्ता समय रहते अधिभार व छूट का लाभ बिल अदा कर ले सकते हैं। जानकारी के अनुसार जिले में तीनों डिविजन में करीब 2 लाख उपभोक्ता है। इसमें घरेलू उद्योग भी शामिल हैं। 

कोरोना संकट को देखते हुए 22 मार्च से 20 अप्रैल तक बिजली दफ्तर को बंद कर दिया गया था। इस दौरान बिजली बिल पटाने लोग पहुंच रहे थे, लेकिन दफ्तर बंद होने के कारण वे वापस लौट आए थे। 21 अप्रैल के बाद फिर से दफ्तर को खोला गया और उपभोक्ताओं को बिना सरचार्ज के 31 मई तक बिजली बिल का भुगतान करने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद से बिजली बिल का भुगतान उपभोक्ता कर रहे है, लेकिन पूर्व की भांति वसूली कम हो रही है।
 


26-May-2020

सूरत से कटक 16 सौ किमी सायकल से, 45 डिग्री में 15 मजबूर

प्रदीप मेश्राम
राजनांदगांव, 26 मई ('छत्तीसगढ़' संवाददाता)।
देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच मजदूरों की हालत अब भी तस की तस है। अप्रवासी मजदूरों के अपने गृह राज्यों में जाने का सिलसिला थम नहीं रहा है और उनके वापसी दयनीय स्थिति के बीच हो रही है। बाघनदी बार्डर में सूरत में दिहाड़ी मजदूर रहते हुए भरण-पोषण का संकट खड़ा होने के बाद उड़ीसा के 15 मजदूरों का एक दल साइकिल से ही अपने राज्य लौटने के लिए मजबूर हुआ है। बाघनदी बार्डर में वैसे तो कई तरह की मार्मिक दृश्य सामने आया है। 

उड़ीसा के 15 मजदूरों का दल सूरत से साइकिल में ही सफर तय करते हुए किसी तरह राजनांदगांव के बार्डर में पहुंचा है। हालांकि इन मजदूरों को गुजरात से बाहर निकलते ही आगे सफर के लिए महाराष्ट्र, सीमा में बस का सहारा मिला। लेकिन राजनंादगांव बार्डर में पहुंचते ही फिर से सभी साइकिल पर ही सवार होकर कटक जाने के लिए निकल पड़े। मजदूरों की दशा देखकर समझा जा सकता है कि लॉकडाउन के कारण यह वर्ग किस तरह मुश्किलों भरा सफर तय कर रहा है। 45 डिग्री तापमान में तेज धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों की परवाह किए बगैर मजदूर उड़ीसा जाने के लिए मजबूर हैं। 

'छत्तीसगढ़' से चर्चा करते मजदूरों ने बताया कि सभी कटक के आसपास के अलग-अलग जिलों से हैं। सिल्लू नामक मजदूर का कहना है कि मजदूर को इस बात का दर्द है कि लॉकडाउन से पहले घर वापसी के लिए मौका मिलना था। इसी तरह प्रमोद नामक मजदूर ने कहा कि लॉकडाउन की निश्चित अवधि को लेकर जानकारी दी जानी थी, ताकि मजदूर अपनी व्यवस्था कर घर लौट सकते थे। शुरूआत में 15 दिन का लॉकडाउन का ऐलान होने से यह लगा कि आगे स्थिति सामान्य हो जाएगी, लेकिन हालात बिगड़ते गए। उन्होंने कहा कि ट्रेन से आने के लिए एक माह से पैसा देकर रखा था, लेकिन नंबर नहीं आने से साइकिल में घर जाने निकल पड़े हैं। 

उधर एक मजदूर तुकाराम का कहना है कि गुजरात में मजदूरों का मालिकों द्वारा शोषण किया गया है। वहीं पुलिस ने भी वापसी के दौरान यातनाएं दी है। तुकाराम का कहना है कि मजदूरों को एक तरह से मरने के लिए छोड़ दिया गया है। एक अन्य नीलकंठ और अपराजित मेहरा समेत अन्य मजदूरों ने कहा कि आगे सफर में क्या होगा वह राम ही जाने। मजदूरों के चेहरे में साफ तौर पर अनावश्यक लंबी सफर का बोझ दिखा है। मजदूर इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कटक तक के सफर में आगे क्या तकलीफ होगी इसकी जानकारी किसी को नहीं है। बहरहाल नांदगांव बार्डर में उड़ीसा और बंगाल के मजदूरों का पहुंचना थमा नहीं है। मजदूरों पर लॉकडाउन एक तरह से सिर में पत्थर ढोकर चलने जैसा साबित हो रहा है।


26-May-2020

आज 14 और पॉजिटिव

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 26 मई।
प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस कड़ी में 14 और नए कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इनमें 12 राजनांदगांव जिले और 2 बेमेतरा के हैं। खबर है कि ये सभी क्वॉरंटीन में थे। 

नए मरीजों को मिलाकर प्रदेश में कुल 235 कोरोना पीडि़त हो गए हैं। राजनांदगांव और बेमेतरा के कोरोना संक्रमित लोगों को यहां लाया जा रहा है। उन्हें कुछ को एम्स में और कुछ को माना में दाखिल कराया जाएगा। 


26-May-2020

भाजपा छोडऩे के बाद प्रीतपाल के तीखे तेवर, कहा
-पार्टी ने प्रदेश संगठन 4-5 हाथों में गिरवी रखा...

भूपेश सरकार की तारीफों के पुल बांधे

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 26 मई।
दुर्ग जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन ने पार्टी छोडऩे के बाद पहली बार मंगलवार को चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने तीखे स्वर में कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने प्रदेश संगठन को चार-पांच लोगों के हाथों में गिरवी रख दिया है। इन लोगों को पार्टी कार्यकर्ताओं की दुख-तकलीफों से कोई मतलब नहीं है। ऐसे में पार्टी छोडऩा ही उचित  समझा। श्री बेलचंदन ने भूपेश सरकार की तारीफ की और कांग्रेस प्रवेश करने की संभावनाओं पर सिर्फ इतना ही कहा कि वे अपने समर्थकों के साथ चर्चा के बाद आगे कोई फैसला लेंगे।
 
श्री बेलचंदन लंबे समय से दुर्ग जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष हैं। उनकी सहकारिता क्षेत्र में काफी पकड़ है। उनकी गिनती भाजपा के बड़े सहकारिता और किसान नेताओं में होती है। वे विधानसभा और लोकसभा टिकट के दावेदार रहे हैं। मगर पार्टी के भीतर यह चर्चा रही कि पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री सुश्री सरोज पाण्डेय के विरोध के चलते उन्हें टिकट नहीं मिली। ऐसे समय में जब प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने किसानों-मजदूरों के लिए न्याय योजना शुरू  कर वाह-वाही बटोर रही है, प्रीतपाल बेलचंदन ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा को तगड़ा झटका दिया है। 

दुर्ग सांसद विजय बघेल भी मानते हैं कि प्रीतपाल के पार्टी छोडऩे से काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रीतपाल के पार्टी छोडऩे की खबर मीडिया से मिली और उन्हें समझाइश देने की कोशिश भी की, परन्तु वे अपने फैसले पर अटल हैं। दूसरी तरफ, श्री बेलचंदन ने 'छत्तीसगढ़Ó से चर्चा में साफ तौर पर कहा कि  अमित शाह ने  प्रदेश संगठन चार-पांच लोगों के हाथों में गिरवी रख दिया है। 

सौदान सिंह और सरोज पाण्डेय का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि पार्टी के इन चार-पांच प्रमुख नेताओं का कार्यकर्ताओं की दुख और चिंता से कोई वास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि 15 साल सरकार में रहने के बाद भी कार्यकर्ताओं की कोई सुध नहीं ली। विधानसभा चुनाव में बुरी हार के बावजूद इन नेताओं की अकल ठिकाने नहीं आई है। उन्होंने यह भी कहा कि पन्द्रह साल के भाजपा सरकार में प्रदेश के किसानों और सहकारिता क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में उन्होंने पार्टी  छोडऩा ही बेहतर समझा। 

श्री बेलचंदन ने अपने अगले राजनीति कदम के बारे में कहा कि वे हड़बड़ी में कोई कदम नहीं उठाएंगे। उन्होंने कांग्रेस में जाने की संभावना से इंकार नहीं किया है। श्री बेलचंदन ने सिर्फ इतना ही कहा कि कांग्रेस सरकार ने किसानों और सहकारिता के क्षेत्र में अच्छा काम कर रही है। मगर वे किसी दल में शामिल होने से पहले अपने कार्यकर्ताओं से चर्चा कर जल्द ही कोई फैसला लेंगे। 


26-May-2020

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26-May-2020

जोगी की मस्तिष्क गतिविधियां बेहद कम, गंभीर

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 24 मई।
पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा विधायक अजीत जोगी की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। श्री नारायणा हॉस्पिटल के चीफ इंटेनसिविस्ट डॉ. पंकज ओमर के नेतृत्व में आईसीयू की टीम, कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विनोद अग्रवाल एवं उनकी टीम, न्यूरोफिजिशियन डॉ. छत्रपाल सिंह साहू एवं डॉ. विवेक त्रिपाठी समेत अस्पताल के विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा उनके स्वास्थ्य पर सतत निगरानी रखी जा रही है।

श्री जोगी के स्वास्थ्य को लेकर जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा गया कि डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं जिससे उनका स्वास्थ्य अभी स्थिर बना हुआ है। ब्लड पे्रशर, हार्टरेट, लीवर, किडनी आदि अंग सामान्य रूप से काम कर रहे हैं, हालांकि उनके मस्तिष्क की गतिविधियां बेहत कम हैं। वे लगातार कोमा में चल रहेहैं और शुरू दिन 9 मई से ही वे वेंटीलेटर के माध्यम से सांस ले रहे हैं।


26-May-2020

अलीराजपुर, 26 मई। अलीराजपुर जिले में एक पटवारी साहब की शादी में डांस करना उनके पिताजी को भारी पड़ गया। दरअसल कोरोना संकट (और लॉक डाउन की सख्ती के बीच पटवारी साहब की शादी हो रही थी। लेकिन नियम के विपरीत बारात में 50 के बजाए पूरा गांव ही शामिल हो गया। बारात में जमकर नाच-गाना हुआ। ये लोग न मास्क पहने थे और न ही इनके बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। पटवारी बिलासा के रहने वाले हैं, जोकि इन दिनों बैतूल में तैनात हैं।

जानकारी के मुताबिक मामला अलीराजपुर जिले के जोबट थाने के बिलासा गांव का है। जहां रहने वाले कनु चौहान नामक शख्स के बेटे की शादी थी। बेटा मध्य प्रदेश सरकार में पटवारी है जिसकी लॉक डाउन के माहौल में भी शादी जोर-शोर से हुई। पटवारी बेटे की धूमधाम से बारात निकाली गयी जिसमें जबरदस्त डीजे बजाया गया। डीजे बजते ही बाराती झूमकर नाचने लगे। बारात भी छोटी-मोटी नहीं थी बल्कि ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे पूरा गांव ही शामिल हो गया था।

लॉकडाउन में किसी भी शादी समारोह में 50 से ज़्यादा लोगों के शामिल होने पर रोक है। मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंस का पालन जरूरी है। लेकिन पटवारी साहब की बारात में तो इससे कहीं ज़्यादा गुना लोग शामिल हो गए थे। वो मास्क नहीं पहने थे और डांस में मस्त लोगों को सोशल डिस्टेंस का भी ध्यान नहीं था। एक दूसरे पर झूमते-गिरते हुए ये नाचते रहे।

गड़बड़ी बारातियों ने की, लेकिन पकड़ में आए दूल्हे के पिताजी। पुलिस को खबर लगी तो वो दल बल के साथ पहुंची और डांस बंद कराया। पटवारी के पिता के खिलाफ धारा 188 आईपीसी उल्लंघन का मामला दर्ज कर लिया गया। बाकी को वहां से चलता किया। पटवारी बिलासा के रहने वाले हैं लेकिन इन दिनों बैतूल में पोस्टिंग है। (hindi.news18.com)


26-May-2020

प्रियंका ने योगी का Video शेयर कर पूछा- क्या यूपी में कोरोना के 10 लाख से ज्यादा मरीज हैं ?

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपने बयान का आधार बताने को कहा जिसमें उन्होंने कथित तौर पर दावा किया था कि बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से आ रहे कामगार कोरोना वायरस से संक्रमित हैं कांग्रेस नेता ने अपने ट्विटर हैंडल से मुख्यमंत्री के बयान का वीडियो क्लिप भी साझा किया है.

नई दिल्ली : कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपने बयान का आधार बताने को कहा जिसमें उन्होंने कथित तौर पर दावा किया था कि बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से आ रहे कामगार कोरोना वायरस से संक्रमित हैं कांग्रेस नेता ने अपने ट्विटर हैंडल से मुख्यमंत्री के बयान का वीडियो क्लिप भी साझा किया है. प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा अपलोड वीडियो क्लिप में योगी आदित्यनाथ यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि मुंबई से लौट रहे प्रवासी कामगार कोरोना वायरस से संक्रमित हैं. 

                                                    क्लिक करें और यह भी पढ़े : योगी का वो बयान जिस पर मचा है घमासान

कांग्रेस महासचिव ने कहा, 'उप्र के मुख्यमंत्रीजी का ये बयान सुना. सरकार के आंकड़ों के अनुसार लगभग 25 लाख लोग यूपी वापस आ चुके हैं. मुख्यमंत्री जी के बयान के आधार पर इनमें से महाराष्ट्र से लौटे हुए 75 प्रतिशत, दिल्ली से लौटे हुए 50 प्रतिशत और अन्य प्रदेशों से लौटे 25 प्रतिशत लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं.' 

वीडियो में योगी आदित्यनाथ कह रहे हैं, ‘‘यह हमारे लिए चुनौती है और हमारी टीम मजबूती से इसका मुकाबला कर रही है. पूरे राज्य में 75 हजार स्वाथ्य टीम काम कर रही है. जांच, परीक्षण और इलाज की वजह से हम काफी हद तक कोविड-19 को नियंत्रित करने में कामयाब हुए हैं.'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला करते हुए कांग्रेस महासचिव ने ट्वीट किया, 'क्या मुख्यमंत्री जी का मतलब है कि उत्तरप्रदेश में 10 लाख से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हैं? मगर उनकी सरकार के आंकड़े तो संक्रमण की संख्या 6228 बता रहे हैं. उनके द्वारा बताए गए संक्रमण के आंकड़े का आधार क्या है? लौटे हुए प्रवासियों में संक्रमण का ये प्रतिशत आया कहां से.' 

उन्होंने ट्वीट किया, 'और यदि ऐसा है तो इतने कम जांच क्यों हो रहे हैं? या ये आंकड़े उप्र सरकार के अन्य आंकड़ों की तरह ही अप्रमाणित और गैर ज़िम्मेदार हैं?' प्रियंका ने सीधा सवाल करते हुए ट्वीट किया, 'अगर मुख्यमंत्री जी के बयान में सच्चाई है तो सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ जांच संक्रमण के डेटा और अन्य तैयारियों को जनता से साझा करे.' (khabar.ndtv.com)
 


26-May-2020

कुएं से मिली नौ लाशों का राज, प्रेमिका का कत्ल छिपाने के लिए... 

तेलंगाना के वारंगल की पुलिस ने बीते हफ्ते एक कुएं से मिली नौ लाशों के मामले की गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने नौ लोगों की हत्या का खूनी खेल सिर्फ इसलिए खेला ताकि इस राज से पर्दा ना उठ सके कि वह अपनी प्रेमिका की हत्या कर चुका है। पुलिस ने आरोपी बिहार के प्रवासी मजदूर संजय कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, तीन दिन पहले गोरेकुंटा गांव से जो 9 शव मिले थे उनमें से 6 एक ही परिवार के सदस्य थे। इस मामले की छानबीन छह स्पेशल पुलिस टीम कर रही थीं। पुलिस ने दावा किया है कि 26 साल के आरोपी संजय कुमार यादव को सोमवार को जब गिरफ्तार किया गया तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
वारंगल पुलिस के कमिश्नर डॉक्टर रविंदर ने बताया कि 21 और 22 मई को कुएं से यह सभी लाशें मिली थीं। मामले की जांच शुरू की तो आरोपी संजय कुमार यादव का नाम सामने आया। संजय ने अपनी प्रेमिका रफीका की हत्या का अपराध छुपाने के लिए यह सब किया था। 
उन्होंने कहा कि जिस कुएं से शव मिले थे, उसके पास ही बोरे बनाने की फैक्ट्री है। यहां पर प्रवासी मजदूर रहते हैं। आरोपी संजय यहीं रहता था। उसके साथ पश्चिम बंगाल का रहने वाला मकसूद पत्नी निशा और परिवार के छह सदस्यों के साथ रहता था। इनके साथ बिहार के दो और त्रिपुरा का एक युवक भी रहता था।

जांच में पता चला कि संजय के निशा की भतीजी रफीका (37) के साथ अवैध संबंध थे। रफीका भी पश्चिम बंगाल की ही रहने वाली थी, मगर वह अपने पति से अलग हो गई थी। उसके तीन बच्चे थे। यहीं संजय ने एक कमरा किराए पर ले रखा था, जहां वह रफीका के साथ रहता था।

उन्होंने बताया कि कुछ समय से संजय की रफीका की बेटी पर भी गलत नजर थी। यह बात पता चलने पर रफीका ने संजय को उसकी बेटी से दूर रहने और पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने तक की चेतावनी दी थी। इसके बाद ही संजय ने रफीका की हत्या की साजिश रची। उसने मकसूद को बताया कि वह रफीका से शादी करना चाहता है। इसके लिए रफीका के परिजन से बात करने बंगाल जा रहा है।

उन्होंने बताया कि बीती सात मार्च को संजय और रफीका पश्चिम बंगाल जाने के लिए ट्रेन में चढ़े थे। सफर के दौरान संजय ने रफीका को खाने में नींद की गोली मिलाकर दे दीं। रफीका के बेहोश हो जाने पर आरोपी ने उसका गला घोंट दिया और शव को ट्रेन से फेंक दिया।

इसके बाद आरोपी संजय वारंगल वापस आ गया। जब निशा ने उससे रफीका के बारे पूछा तो वह ठीक से जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद निशा ने उसे पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी। इससे आरोपी डर गया और हत्या की साजिश रचने लगा। आरोपी संजय 16 मई से 20 मई के बीच मकसूद के परिवार से मिलने आता रहा। इस दौरान उसे 20 मई को मकसूद के बड़े बेटे का जन्मदिन होने के बारे में पता चला। 

आरोपी ने यह जानकारी मिलने पर नींद की दवा खरीदी और मकसूद के घर पहुंचकर उनके खाने में मिला दी। इस मौके पर मकसूद का एक दोस्त शकील भी वहीं मौजूद था। फैक्ट्री के पहली मंजिल पर भी दो मजदूर थे। आरोपी ने उनके खाने में भी नींद की दवा मिला दी, उसे डर था कि यह लोग भी उसका भांडा फोड़ सकते हैं। इसके बाद जब सभी खाना खाकर सो गए, तब रात करीब 12:30 बजे संजय उठ गया। उसने सभी को बोरों में बंद करके कुएं में फेंक दिया। (amarujala.com)

 


26-May-2020

एक दिन में 6,535‬ कोरोना मामले, आज डेढ़ लाख पार ?

देश में कोरोना वायरस में सोमवार के मुकाबले मंगलवार को 24 घंटे में 6,535‬ केस बढ़े.

नई दिल्ली, 26 मई (सुबह 9:36 बजे ).  देश में कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा मंगलवार को4167 तक पहुंच गया. मंगलवार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किये गये आंकड़ों के अनुसार कुल एक्टिव केस 80722 पहुंच गए, वहीं ठीक होने वालों की संख्या 60490 हो गई. सोमवार के मुकाबले मंगलवार को 24 घंटे में 6,535‬ केस बढ़े. वहीं एक दिन में 146 लोग मारे गए. इसके साथ ही बीते 24 घंटे में डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की संख्या 2,770 है. देश भर में मंगलवार तक कुल कोरोना मामलों की संख्या 145,380‬ पहुंच गई है. जिसमें 111 विदेशी मरीज शामिल हैं और 1 मरीज ठीक होने से पहले विदेश लौट गया.

वहीं बात राज्यों की करें तो अंडमान निकोबार द्वीप समूह में 33, आंध्र में 3110, अरुणाचल प्रदेश में 2, असम में 526, बिहार में 2730 , चंडीगढ़ में 238, छत्तीसगढ़ में 291, दादर नगर हवेली में 2, दिल्ली में 14,053, गोवा में 67, गुजरात में 14,460, हरियाणा में 1184, हिमाचल प्रदेश में 223, जम्मू और कश्मीर में 1668, झारखंड में 377, कर्नाटक में 2182,केरल में 896, लद्दाख में 52, मध्य प्रदेश में 6859, महाराष्ट्र में 52,667, मणिपुर में 39, मेघालय में 14, मिजोरम में 1, नागालैंड 3, ओडिशा में 1438, पुड्डुचेरी 41, पंजाब में 2060, राजस्थान 7300, सिक्किम 1, तमिलनाडु में 17082, तेलंगाना में 1920, त्रिपुरा में 194, उत्तराखंड 349, उत्तर प्रदेश में 6532, पश्चिम बंगाल में 3816 मामले सामने आ चुके हैं. केंद्र के डाटा के अनुसार 2970 मामले राज्यों को फिर से असाइन किये गये हैं.

राज्यों में ठीक होने वाले मरीजों के आकड़े की बात करें तो अंडमान निकोबार द्वीप समूह में 33, आंध्र में 1896, अरुणाचल प्रदेश में 1, असम में 62, बिहार में 749 , चंडीगढ़ में 186, छत्तीसगढ़ में 72, दादर नगर हवेली में 0, दिल्ली में 6771, गोवा में 19, गुजरात में 6636, हरियाणा में 765, हिमाचल प्रदेश में 67, जम्मू और कश्मीर में 809, झारखंड में 148, कर्नाटक में 705, केरल में 532, लद्दाख में 43, मध्य प्रदेश में 3571, महाराष्ट्र में 15786, मणिपुर में 4, मेघालय में 12, मिजोरम में 1, नागालैंड में 0, ओडिशा में 649,पुड्डुचेरी में 12, पंजाब में 1898,राजस्थान में 3951,सिक्किम 0, तमिलनाडु में 8731, तेलंगाना में 1164, त्रिपुरा में 165, उत्तराखंड 58, उत्तर प्रदेश में 3581, पश्चिम बंगाल में 1414 मरीज ठीक हो चुके हैं. (hindi.news18.com)

 


26-May-2020

नेपाल पर भारतीय सेना प्रमुख की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया, चीन की तरफ किया था इशारा

पिछले हफ्ते भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवाने ने कहा था कि उत्तराखंड में बनी नई सड़क का नेपाल द्वारा विरोध ऐसा मालूम होता है जैसे वो किसी के इशारे पर किया जा रहा हो. उनका इशारा स्पष्ट रूप से चीन की तरफ था.

नई दिल्ली: ऊंचे पहाड़ों में स्थित लिपुलेख दर्रे को उत्तराखंड में धारचुला से जोड़ने वाली एक प्रमुख सड़क के निर्माण को लेकर भारत और नेपाल के संबंधों में आई गिरावट के बीच नेपाल के रक्षा मंत्री ने सोमवार को भारतीय सेना प्रमुख पर अपने देश का अपमान करने का आरोप लगाया. 
पिछले हफ्ते भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवाने ने कहा था कि उत्तराखंड में बनी नई सड़क का नेपाल द्वारा विरोध ऐसा मालूम होता है जैसे वो किसी के इशारे पर किया जा रहा हो. उनका इशारा स्पष्ट रूप से चीन की तरफ था. 

क्लिक करें और यह भी पढ़े : नेपाल ने 12 साल बाद भारत सीमा पर सड़क निर्माण शुरू किया

न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार नेपाल के रक्षा मंत्री ईश्वर पोखरेल ने एक स्थानीय अखबार से कहा, 'यह अपमानजनक बयान नेपाल के इतिहास को दरकिनार करते हुए और हमारे सामाजिक विशेषताओं और स्वतंत्रता को अनदेखा करते हुए दिया गया. इसके साथ ही भारतीय सेना प्रमुख ने नेपाली गोरखा आर्मी के जवानों की भावनाओं को भी आहत किया है जिन्होंने भारत की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. उनके लिए अब गोरखा सैन्य बलों के सामने सिर उठाकर खड़े रहना मुश्किल हो गया है.'

8 मई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए 80 किलोमीटर लंबी सड़क का उद्घाटन किया था जिससे लाखों हिंदू श्रद्धालुओं के लिए तिब्बत में स्थ‍ित कैलाश मानसरोवर की यात्रा पहले से आसान हो जाएगी.

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भारत जिस सड़क का निर्माण कर रहा है, वह उत्तराखंड को तिब्बत से लगी सीमा पर लिपुलेख दर्रे से जोड़ती है और जमीन के उस हिस्से के साथ-साथ चलती है जिसपर दोनों देश अपना-अपना दावा करते हैं. नेपाल का कहना है कि यह सड़क उसके क्षेत्र में अतिक्रमण है, लेकिन भारत इसका दृढ़ता से विरोध करता है.

नेपाल के रक्षा मंत्री ने कहा, 'किसी देश के सेना प्रमुख का राजनीतिक बयानबाजी करना कितना पेशेवर है? हमारे यहां ऐसा कुछ भी नहीं है. नेपाली सेने ऐसे मुद्दों पर नहीं बोलती. सेना बोलने के लिए नहीं है.'

नेपाल दावा करता है कि ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ 1816 में हुए समझौते के तहत काली भारत के साथ उसकी पश्च‍िमी सीमा है और नदी के पूर्व की तरफ स्थ‍ित इलाका उसका क्षेत्र है. नेपाल के अध‍िकारी कहते हैं, 'काली (महाकाली) नदी के पूर्व की तरफ स्थ‍ित पूरा इलाका जिसमें लिंपियाधुरा, कालापानी और लिपुलेख नेपाल के इलाके हैं.

लेकिन पिछले हफ्ते नेपाल ने कहा कि वह एक नए राजनीतिक मानचित्र को अपना रहा है जिसमें उसने विवादित क्षेत्र को अपनी सीमा के हिस्से के रूप में दिखाया है. भारत ने नेपाल के 'एकतरफा कृत्य' को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह ऐतिहासिक तथ्यों और सबूतों पर आधारित नहीं था.

रिपोर्ट के अनुसार नेपाल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के सांसदों ने भी कालापानी, लिंपियाधुरा और लिपुलेख के नेपाल के क्षेत्र में वापसी की मांग करते हुए संसद में एक विशेष प्रस्ताव पेश किया है.

नेपाल के प्रधानमंत्री ने संसद में कहा कि वो इन तीन क्षेत्रों को किसी भी कीमत पर वापस लाएंगे. उन्होंने भारत पर नेपाल में कोरोनावायरस संक्रमण फैलाने का भी आरोप लगाया. (khabar.ndtv.com)
 


26-May-2020

30 मई के बाद लॉकडाउन पर आनंद महिंद्रा के सरकार को सुझाव, जानिए क्या कहा...?

लॉकडाउन 4.0 भी अब धीरे-धीरे अपने आखिरी पड़ाव तक पहुंच रहा है. आगामी 30 को इसकी अवधि समाप्त हो रही है, लेकिन देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार तेजी से इजाफा हो रहा है. ऐसे में सवाल यह भी पैदा होता है कि क्या सरकार कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए देश में बीते मार्च महीने से लागू लॉकडाउन को और आगे बढ़ाएगी या फिर इसे यहीं पर विराम देगी? इस बात को लेकर उद्योग जगत की ओर से अभी से ही सरकार के लिए सुझाव आने लगे हैं. महिंद्रा एंड महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने लॉकडाउन को आगे बढ़ाये जाने के मसले पर सरकार को अपने सुझाव दिए हैं. आइए, जानते हैं कि उन्होंने अपने सुझाव में क्या कही है...?

लॉकडाउन को बढ़ाने से अर्थव्यवस्था को नुकसान के साथ पैदा होगा स्वास्थ्य संकट : महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने सोमवार को कहा कि लॉकडाउन बढ़ाना न सिर्फ अर्थव्यवस्था के लिए घातक होगा, बल्कि यह एक नया स्वास्थ्य संकट भी पैदा करेगा. महिंद्रा ने ट्वीट किया, ‘लॉकडाउन को आगे बढ़ाना न सिर्फ अर्थव्यवस्था के लिए घातक होगा, बल्कि जैसा कि मैंने पहले भी ट्वीट कर कहा है कि यह एक अन्य स्वास्थ्य संकट को पैदा करने वाला होगा.

49 दिन बाद लॉकडाउन को हटाने का किया था प्रस्ताव : उन्होंने ‘लॉकडाउन के खतरनाक मनोवैज्ञानिक प्रभाव और कोविड-19 के अलावा अन्य मरीजों की अनदेखी' विषय पर लिखे एक लेख का हवाला दिया. महिंद्रा ने लॉकडाउन के 49 दिन बाद इसे हटाने का प्रस्ताव किया था. उन्होंने कहा, ‘नीति निर्माताओं के लिए चयन करना आसान नहीं है, लेकिन लॉकडाउन से भी मदद नहीं मिलने वाली है.'

बढ़ती ही रहेगी कोरोना संक्रमितों की संख्या : उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती रहेगी और हमारा पूरा ध्यान तेजी से अस्पताल के बिस्तरों की संख्या बढ़ाने और ऑक्सीजन की व्यवस्था करने पर होना चाहिए. महिंद्रा ने इस काम में सेना की मदद लेने के लिए भी कहा, क्योंकि सेना के पास इसका तजुर्बा है.

मंगलवार से निर्माण शुरू करेगी टोयोटा किर्लोस्कर : वाहन कंपनी टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) मंगलवार से कर्नाटक के बिदाड़ी संयंत्र में विनिर्माण फिर शुरू करेगी. कंपनी ने सोमवार को इसकी जानकारी दी. कंपनी ने एक बयान में कहा कि देश भर में लॉकडाउन के कई सप्ताह के बाद अब पाबंदियों में आंशिक ढील दी जाने लगी है. इसलिए कंपनी राज्य और केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार 26 मई से चरणबद्ध तरीके से परिचालन शुरू करेगी. उसने कहा कि कंपनी के अधिकारी बारीकी से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और स्थिति का मूल्यांकन कर रहे हैं.

कंपनी ने कहा कि देश भर में उसके 290 से अधिक डीलरशिप और 230 सर्विस आउटलेट ने भी परिचालन फिर से शुरू कर दिया है. कंपनी के डिप्टी प्रबंध निदेशक राजू बी केतकले ने कहा कि संचालन शुरू करने के दौरान हम जानबूझकर बहुत अधिक चौकस रहे हैं. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य कंपनी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. कंपनी उन्हें किसी भी कीमत पर खतरे में नहीं डालना चाहती है. (prabhatkhabar.com)

 


26-May-2020

WHO ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का कोरोना-ट्रायल रोका

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सुरक्षा चिंताओं की वजह से मलेरिया की दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का कोरोनावायरस के इलाज के लिए ट्रायल रोक दिया है. न्यूज एजेंसी AFP ने इस बारे में खबर दी है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सोमवार को कहा कि इसने एहतियात के तौर पर हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का कोरोना वायरस के इलाज के लिए 
 क्लिनिकल ट्रायल अस्थायी रूप से बंद कर दिया है.

संगठन ने पिछले हफ्ते लैंसेंट में छपी एक अध्ययन की रिपोर्ट के बाद यह फैसला किया है. रिपोर्ट में कहा गया था कि इस दवा के इस्तेमाल से कोरोना के मरीजों की मौत की संभावना बढ़ जाती है. WHO के प्रमुख ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी.

भारत की शीर्ष स्वास्थ्य अनुसंधान संस्था आईसीएमआर भी कोरोना वायरस संक्रमित रोगियों के उपचार में हाइड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) के प्रयोग की अपनी सिफारिशों की समीक्षा करने पर विचार कर रहा है. ऐसा दवा की प्रभावी क्षमता को लेकर उठ रहे संदेहों के बाद किया जा रहा है. यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार चिकित्सा योजना से एचसीक्यू को एक एहतियाती दवा के रूप में निकालने की योजना बना रही है (khabar.ndtv.com).
 


26-May-2020

योगी का वो बयान जिस पर मचा है घमासान

कोरोना संक्रमण के मामलों को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने एक बयान की वजह से घिरते नज़र आ रहे हैं.

24 मई को एक वेबिनॉर में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में अब तक 23 लाख प्रवासी कामगार और श्रमिकों को दूसरे राज्यों से लाया गया है. इनमें बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों से आने वाले लोग भी शामिल हैं.

योगी आदित्यनाथ ने कहा, ''मुंबई से आने वाले जो भी कामगार हैं उनमें से 75 फ़ीसदी ऐसे हैं जिनमें संक्रमण है. दिल्ली से आने वाले कामगारों में 50 फ़ीसदी ऐसे हैं जिनमें संक्रमण है. अन्य राज्यों से आने वालों में 20 से 30 फीसदी लोग व्यापक संक्रमण की चपेट में हैं. हमारे लिए एक चुनौती बनी हुई है लेकिन मज़बूती के साथ हमारी टीमें पूरी तरह जुटी हुई हैं.'' उन्होंने कहा कि 75 हज़ार से अधिक मेडिकल टीमें काम कर रही हैं. जो केवल स्क्रीनिंग का काम कर रही हैं. मेडिकल स्क्रीनिंग, टेस्टिंग और उसके साथ-साथ उपचार की जो कार्रवाई चल रही है अलग-अलग अस्पतालों में उसी का परिणाम है कि हम इस महामारी को काफ़ी हद तक रोक पाए हैं और आगे भी करेंगे.
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ''मुख्यमंत्रीजी के बयान के आधार पर इनमें से महाराष्ट्र से लौटे हुए 75%, दिल्ली से लौटे हुए 50% और अन्य प्रदेशों से लौटे 25% लोग कोरोना से संक्रमित हैं. क्या मुख्यमंत्री जी का मतलब है कि उप्र में 10 लाख से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हैं? मगर उनकी सरकार के आँकड़े तो संक्रमण की संख्या 6228 बता रहे हैं.''

                                क्लिक करें और यह भी पढ़े : प्रियंका ने योगी का Video शेयर कर पूछा- क्या यूपी में कोरोना के 10 लाख से ज्यादा मरीज हैं ?

प्रियंका गांधी ने ये सवाल भी उठाए-

संक्रमण के आंकड़े का आधार क्या है? लौटे हुए प्रवासियों में संक्रमण का ये प्रतिशत आया कहां से?
और यदि ऐसा है तो इतने कम टेस्ट क्यों हो रहे हैं?

ये आंकड़े उप्र सरकार के अन्य आंकड़ों की तरह ही अप्रमाणित और गैरज़िम्मेदार हैं ?

अगर मुख्यमंत्री जी के बयान में सच्चाई है तो सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ टेस्टिंग, संक्रमण के डेटा और अन्य तैयारियों को जनता से साझा करे
और यह भी बताए कि संक्रमण पर क़ाबू पाने की क्या तैयारी है?

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कुल मामले 6268 हैं. और अब तक 161 लोगों की मौत हो चुकी है. अब तक 3538 लोग इलाज से ठीक हो चुके हैं.

सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान पर राजनीतिक गलियारे और सोशल मीडिया पर भी घमासान जारी है. प्रियंका गांधी ने योगी के बयान पर सवाल उठाए तो बहुत से लोगों ने ट्विटर पर उन्हें आड़े हाथों लिया तो वहीं कुछ लोग उनके समर्थन में भी दिखे.

ट्विटर पर सुजीत सिंह नाम के एक यूजर ने लिखा कि योगी के कहने के आधार पर प्रदेश में संक्रमण के मामले ढाई लाख के पार होने चाहिए. लेकिन आधिकारिक आंकड़ा 6000 के करीब है. ऐसे में क्या मुख्यमंत्री आंकड़े छुपा रहे हैं?

नीरज शर्मा नाम के एक यूजर ने महाराष्ट्र में संक्रमण के मामलों पर सवाल उठाते हुए लिखा कि ''तीन पार्टियां मिलकर एक राज्य नहीं संभाल पा रही हैं. कहीं यूपी में चुनाव तो नहीं आ रहा?''

राम चौधरी नाम के एक यूज़र ने प्रियंका गांधी के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा कि उन्हें राजस्थान सरकार से भी अपील करनी चाहिए कि वो रोज़गार दे. कांग्रेस 'खुद के घर में भी देख ले.' (bbc.com/hindi)