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Posted Date : 04-Apr-2019
  • चेन्नई, 4 अप्रैल । मद्रास हाई कोर्ट ने मोबाइल वीडियो एप टिकटॉक की डाउनलोडिंग पर प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्र सरकार को अंतरिम निर्देश जारी किया है। हाई कोर्ट की मदुरै पीठ ने इस मोबाइल एप के जरिये बढ़ रही अश्लील व आपत्तिजनक सामग्री के मद्देनजर बुधवार को यह निर्देश दिया। कोर्ट ने तमाम टिकटॉक वीडियो को मीडिया में दिखाने पर भी प्रतिबंध लगाने की बात कही है।
    करीब दो महीने पहले तमिलनाडु के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री एम मणिकंदन ने कहा था कि इस एप पर प्रतिबंधन लगाने के लिए राज्य सरकार केंद्र की मदद लेगी। वहीं, बुधवार एप के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की डिविजन बेंच ने भी इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया। याचिका में कहा गया है कि टिकटॉक पर आपत्तिजनक सामग्री डाली जाती है और यह भारतीय संस्कृति को खराब करता है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के लिए कहा उसने एक ‘खतरनाक’ मुद्दे को उठाया है।
    चीन में बने टिकटॉक पर इंडोनेशिया और बांग्लादेश जैसे देश प्रतिबंध लगा चुके हैं। वहीं, अमेरिका में बच्चों को इस तरह के एप से बचाने और साइबर पीडि़त बनने से रोकने के लिए ‘चिल्ड्रेन ऑनलाइन प्राइवेसी एक्ट’ पारित किया गया है। मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि भारत में भी इस तरह के कानून की जरूरत है। उसने कहा, ‘हर दिन आर्थिक अपराध के साथ साइबर अपराध में बढ़ोतरी हो रही है। देश की सुरक्षा भी खतरे में है।’(इंडियन एक्सपे्रस)

     

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Posted Date : 02-Apr-2019
  • नई दिल्ली, 2 अप्रैल । साउथ कोरियन टेक कंपनी सैमसंग दुनिया का पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन सैमसंग ग्लैक्सी4 एस10 लाने के बाद 5जी ऐंड्रॉयड फोन लाने जा रही है। सैमसंग ने अपने एस सीरीज के 5जी स्मार्टफोन सैमसंग ग्लैक्सी4 एस10 5जी का लॉन्च कंफर्म कर दिया है। सैमसंग का यह फोन कंपनी की होम कंट्री में 5 अप्रैल को लॉन्च हो रहा है। सैमसंग ऑफिशल डीजे कोह ने कहा कि भारत में भी सैमसंग टेलिकॉम ऑपरेटर्स के साथ मिलकर 5जी डिवेलपमेंट का काम कर रहा है।
    दुनिया के पहले 5जी स्मार्टफोन की कीमत की बात करें तो सैमसंग ग्लैक्सी4 एस10 5जी की कीमत 256जीबी वेरियंट के लिए 1,397,000 साउथ कोरियन वॉन (करीब 85,240 रुपये) और 512जीबी स्टोरेज वेरियंट के लिए 1,556,500 साउथ कोरियन वॉन (करीब 94,970 रुपये) हो सकती है। यह 5जी डिवाइस तीन कलर ऑप्शंस मजेस्टिक ब्लैक, रॉयल गोल्ड और क्राउन सिल्वर में अवेलेबल होगा। इसके बाकी फीचर्स एस10 लाइनअप वाले फोन्स जैसे ही होंगे।
    सैमसंग अप्रैल में ही यूएस में भी ग्लैक्सी4 एस10 5जी लॉन्च कर सकता है। सैमसंग का यह स्मार्टफोन फिलहाल वेरीजोन के साथ ही अवेलेबल होगा और टेलिकॉम कंपनी ने अनाउंस किया है कि उसकी 5त्र सर्विस 11 अप्रैल को रोलआउट होगी। माना जा रहा है कि यूएस में उसी दिन ग्लैक्सी4 एस10 5जी लॉन्च हो सकता है। भारत में सैमसंग के 5त्र फोन लॉन्च को लेकर कोई अनाउंसमेंट नहीं हुआ है। हालांकि हुवावे इसी साल अपना मैट एक्स भारत में लॉन्च कर सकता है।
    साउथ कोरिया और यूनाइटेड स्टेट्स दुनिया के पहले दो देश हैं जिन्हें 5त्र नेटवर्क और कनेक्टिविटी मिलेगी। भारत की बात करें तो फिलहाल 5त्र नेटवर्क रोलआउट को लेकर कोई ऑफिशल अनाउंसमेंट नहीं हुआ है। भारत में 2021 तक 5जी सर्विस आने की उम्मीद जताई जा रही है क्योंकि फिलहाल 4जी सर्विसेज भी भारत के सभी शहरों तक नहीं पहुंच सकी है। हालांकि, स्मार्टफोन ब्रैंड्स इस साल से ही भारत में 5त्र फोन्स लॉन्च करने की शुरुआत कर सकते हैं। (नवभारत टाईम्स)

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Posted Date : 07-Feb-2019
  • नई दिल्ली, 7 फरवरी  । भारत में कारोबार कर रहीं सोशल मीडिया कंपनियों के लिए सरकार द्वारा प्रस्तावित कुछ नियम अगर लागू हो जाते हैं तो इससे वाट्सऐप के वर्तमान रूप के अस्तित्व पर भारत में खतरा आ जाएगा। कंपनी के एक शीर्ष कार्यकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

    भारत में वाट्स एप के 20 करोड़ मासिक यूजर्स हैं और यह कंपनी के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। कंपनी के दुनिया भर में कुल 1.5 अरब यूजर्स हैं।

    वाट्सएप के कम्यूनिकेशन प्रमुख कार्ल वूग ने बताया, प्रस्तावित नियमों में से जो सबसे ज्यादा चिंता का विषय है, वह मैसेजेज का पता लगाने पर जोर देना है।

    फेसबुक के स्वामित्व वाली वाट्सएप डिफाल्ट रूप से एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन की पेशकश करता है, जिसका मतलब यह है कि केवल भेजनेवाला और प्राप्त करनेवाला ही संदेश को पढ़ सकता है और यहां तक कि वाट्सएप भी अगर चाहे तो भेजे गए संदेशों को पढ़ नहीं सकता है। वूग का कहना है कि इस फीचर के बिना वाट्सएप बिल्कुल नया उत्पाद बन जाएगा।

    वूग अमेरिका में बराक ओबामा के राष्ट्रपति कार्यकाल में उनके प्रवक्ता के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने कहा, प्रस्तावित बदलाव जो लागू होने जा रहे हैं, वह मजबूत गोपनीयता सुरक्षा के अनुरूप नहीं हैं, जिसे दुनिया भर के लोग चाहते हैं।

    उन्होंने कहा, हम एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन मुहैया कराते हैं, लेकिन नए नियमों के तहत हमें हमारे उत्पाद को दोबारा से गढऩे की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी स्थिति में मैसेजिंग सेवा अपने मौजूदा स्वरूप में मौजूद नहीं रहेगी।

    वूग ने नए नियम लागू होने के बाद भारतीय बाजार से बाहर निकल जाने की संभावना को खारिज नहीं करते हुए कहा, इस पर अनुमान लगाने से कोई मदद नहीं मिलेगी कि आगे क्या होगा। इस मुद्दे पर भारत में चर्चा करने के लिए एक प्रक्रिया पहले से ही है।

    एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन फीचर से कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए अफवाह फैलानेवाले अभियुक्तों तक पहुंचना मुश्किल होता है। लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित नियमों के तहत उनके अपनी सेवाओं के दुरुपयोग और हिंसा फैलाने से रोकने के लिए एक उचित प्रक्रिया का पालन करना होगा। (आईएएनएस)

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Posted Date : 22-Jan-2019
  • इंस्टेंट मैसेजिंग एप्लिकेशन व्हाट्सऐप ने फेक न्यूज से लडऩे के लिए कमर कस ली है। व्हाट्सऐप ने दुनियाभर के यूजर्स के लिए मैसेज फॉरवर्ड करने की सीमा तय कर दी है। अब एक यूजर एक मैसेज को अधिकतम पांच बार ही शेयर कर सकेंगे।
    फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी व्हाट्सऐप ने ये फीचर भारत में छह महीने पहले उतारा था। साल 2017 में कई मॉब लिंचिंग की घटनाएं एप पर फेक मैसेज के फैलने से हुई थीं। इसके बाद व्हाट्सऐप ने ये कदम उठाया था। अब तक दुनियाभर में यूजर 20 बार मैसेज फॉरवर्ड कर सकते थे।
    बीबीसी से बात करत हुए कंपनी ने कहा कि लगभग आधे साल तक इस नियम के नतीजों का अध्ययन करके हमने इसे दुनिया भर में लागू करने का फैसला लिया है। फॉरवर्ड लिमिट फीचर में यूजर कितने मैसेज अपने जानने वालों को फॉरवर्ड कर सकता है इसकी संख्या घटा दी गई है।
    ऐसा करके हम व्हाट्सऐप को प्राइवेट मैसेज भेजने का प्लेटफॉर्म बेहतर तरीके से बना पाएंगे। हम लोगों से उनके फीडबैक लेते रहेंगे। आने वाले वक्त में वायरल कंटेंट को काबू में करन के लिए नए विकल्प भी लाएंगे।
    व्हाट्सएप ग्रुप की सीमा 256 यूजर्स की है। नए फीचर के साथ अब एक यूजर ग्रुप के माध्यम से 1280 लोगों तक एक मैसेज पहुंचा सकता है। वहीं, पहले एक मैसेज को एक यूजर्स 5120 लोगों तक पहुंचा सकता था। ये कदम तब उठाया गया है जब फेसबुक और व्हाट्सऐप को फेक खबरें फैलाने वाले बड़े प्लेटफॉर्म के तौर पर देखा जाने लगा।
    पिछले हफ्ते फेसबुक ने बताया था कि लगभग 500 फेसबुक पेज को हटाया गया है। इन पेजों पर मध्य यूरोप, यूक्रेन और पूर्वी यूरोपीय देशों में फेक खबर फैलाने का आरोप था। साल 2018 के आखिर में भारत में सरकार ने व्हाट्सऐप के साथ कई बैटक की थी। भारत सरकार ने कहा था कि फेक न्यूज को रोकने के लिए व्हाट्सऐप को कड़े कदम उठाने होंगे। (बीबीसी)
     

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